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Friday, September 21, 2018

यूपी बोर्ड : विभागीय कामकाज को लेकर अफसर आमने-सामने, गुस्साए कर्मचारियों ने किया कार्य बहिष्कार

सख्ती
अमान्य परीक्षा संस्थाओं पर कार्रवाई करें अफसर

यूपी बोर्ड मुख्यालय में गुरुवार को विभागीय कामकाज को लेकर दो अफसर आमने-सामने हो गए। दोनों ने एक-दूसरे पर अभद्रता करने का आरोप लगाया है। कर्मचारियों ने प्रशासनिक अधिकारी के पक्ष में कार्य बहिष्कार करके धरना प्रदर्शन किया। साथ ही शासन, शिक्षा निदेशक व सचिव को ज्ञापन सौंपा है।

बोर्ड मुख्यालय में उप सचिव प्रशासन सुधीर कुमार का निर्देश है कि देर से आने वाले कर्मचारियों के हाजिरी रजिस्टर में क्रॉस का चिह्न् कर दिया जाए। गुरुवार को पाठ्य पुस्तक के प्रशासनिक अधिकारी उमाशंकर श्रीवास्तव ने इसका अनुपालन नहीं किया तो दोनों अफसर भिड़ गए। दोनों ने एक-दूसरे पर अभद्रता का आरोप लगाया। यह जानकारी अन्य कर्मचारियों को होने पर प्रशासनिक अधिकारी के पक्ष में सभी आंदोलित हो गए। कार्यालय परिसर में देर शाम तक धरना देकर उप सचिव पर कार्रवाई की मांग की। कर्मचारियों ने शासन, शिक्षा निदेशक माध्यमिक व यूपी बोर्ड सचिव को भी ज्ञापन सौंपा है। सचिव ने दोनों पक्षों को समझाया और शांतिपूर्ण माहौल में यूपी बोर्ड परीक्षा की तैयारियों में जुटने का निर्देश दिया है।

उनका कहना है कि रोजमर्रा के कार्य को तूल देना उचित नहीं है, सभी को समय पर आना है और संस्था के महत्वपूर्ण कार्य समय पर पूरा करना है। इसके बाद भी कर्मचारी अड़े हैं, कहा जा रहा है कि सोमवार को भी प्रदर्शन होगा। असल में बोर्ड मुख्यालय में कर्णिक संघ का चुनाव होना है इससे राजनीति पूरे उफान पर है।राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : प्रदेश के कई जिलों में फर्जी परीक्षा संस्थाएं हाईस्कूल व इंटर जैसी परीक्षाओं का अवैध रूप से संचालन कर रही हैं। फर्जी संस्थाएं छात्रों को गुमराह करके अंक व प्रमाणपत्र तक वितरित कर रही हैं। ऐसी संस्थाओं से निकले कई परीक्षार्थी उच्च शैक्षिक संस्थानों में पढ़ रहे हैं या फिर राजकीय सेवा तक कार्यरत हैं। ऐसी संस्थाओं के विरुद्ध विधिक कार्यवाही करने का निर्देश यूपी बोर्ड की सचिव नीना श्रीवास्तव ने जिला विद्यालय निरीक्षक व मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों को दिया है। 1सचिव ने यह भी स्पष्ट किया है कि सेवायोजक जब शैक्षिक प्रमाणपत्रों का सत्यापन करने के लिए अभिलेख यूपी बोर्ड भेजते हैं तब संस्था को अमान्य बताया जा रहा है, ऐसे में कई प्रकरण कोर्ट तक पहुंचे हैं। जबकि इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम 1921 के अधीन विनियमों के तहत यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा के समकक्ष कौन से इम्तिहान हैं इसकी सूची बोर्ड की वेबसाइट पर है, बाकी संस्थाओं को अमान्य मानकर कार्यवाही की जाए। ज्ञात हो कि कुछ माह पहले राजधानी लखनऊ में ही फर्जी शिक्षा बोर्ड सामने आया था। सचिव ने अफसरों को निर्देश दिया है कि अमान्य शिक्षा संस्थाओं प्रबंधकों के विरुद्ध विधिक कार्यवाही करें, ताकि छात्र व अभिभावक गुमराह न हो।प्रवक्ता 2011 चार विषयों का साक्षात्कार 12 अक्टूबर से

राब्यू, इलाहाबाद : माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड उप्र ने प्रवक्ता 2011 के चार और विषयों का साक्षात्कार कार्यक्रम घोषित किया है। इसमें प्रवक्ता भूगोल, गणित व संस्कृत विषय का इंटरव्यू 12 अक्टूबर को होगा। जबकि संस्कृत के शेष और कला विषय की लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का साक्षात्कार 15 अक्टूबर को होगा। अभ्यर्थी चयन बोर्ड की वेबसाइट देख सकते हैं।तीन वर्ष की सजा व जुर्माने का प्रावधान इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम 1921 में प्रावधान है कि यदि कोई व्यक्ति फर्जी संस्था चलाता मिलता है उसे तीन वर्ष तक की सजा और जुर्माना लगाकर दंडित किया जा सकता है। यदि ऐसा कार्य कोई सोसाइटी या फिर व्यक्तियों का समूह करता है तो उस समुदाय के प्रत्येक सदस्य को दंडित किए जाने का भी प्रावधान है।’>>यूपी बोर्ड सचिव ने डीआइओएस व जेडी को जारी किया कड़ा पत्र
’>>फर्जी संस्थाएं हाईस्कूल व इंटर की परीक्षाओं का कर रहीं आयोजन


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