DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कासगंज कुशीनगर कौशांबी गाजियाबाद गाजीपुर गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्धनगर चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Saturday, September 1, 2018

फतेहपुर : अंतिम दिन एकजुटता का कराया अहसास, कर्मचारियों के सैलाब ने घेरा कलेक्ट्रेट

कर्मचारियों के सैलाब ने कलेक्ट्रेट घेरा

शिक्षक, कर्मचारी, अधिकारी पेंशन बचाओ मंच ने दिखाई ताकत, नहर कॉलोनी में की सभा

जागरण संवाददाता, फतेहपुर : पुरानी पेंशन की मांग को लेकर शिक्षक, कर्मचारी, अधिकारी-पुरानी पेंशन बचाओ मंच के बैनर तले उमड़े सैलाब ने सरकार और राजनीतिज्ञों पर जमकर हमला बोला। कर्मचारी संगठनों द्वारा उठाई गई आवाज में महिला कर्मचारियों ने पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों से कलेक्ट्रेट ठसाठस भर गया। मंच ने पीएम और सीएम के नाम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा

हमें चाहिए पुरानी पेंशन व केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ नारे नहर कॉलोनी से कलेक्ट्रेट तक जमकर गूंजे। हजारों की तादाद में पहुंचे कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली को जबरदस्त समर्थन दिया। राजनेताओं को पेंशन दिए जाने और सरकारी मुलाजिमों को वंचित किए जाने पर सरकार की दोहरी नीति न चलने देने का ऐलान किया। कार्यक्रम के कार्यवाहक संयोजक विनोद कुमार श्रीवास्तव, मंच के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह के संयोजकत्व कर्मचारियों ने ताकत दिखाई। मंच ने कहाकि 8 अक्टूबर को प्रदेश में ताकत दिखाई जाएगी। सरकार नहीं मानी तो अनिश्चितकालीन हड़ताल कर देंगे। इस मौके पर प्रधानाचार्य प्रभुदत्त दीक्षित, अनुराग मिश्र, निधान सिंह, देवा शुक्ला, अरुण मिश्र, गोली सिंह, श्वेता त्रिपाठी, शांती सिंह, डॉ. आद्या प्रसाद मिश्र, शिवराम, हरिशंकर शुक्ल, वीरेंद्र सिंह, जीतेंद्र वर्मा, विजय त्रिपाठी, भीमसेन आदि शामिल रहे।

मरने के बाद भी अटल को नहीं छोड़ा : कलेक्ट्रेट में जोरशोर से नारेबाजी चल रही थी। तभी राजनेताओं के नाम लेकर पेंशन खाने के नारे लगाए जा रहे थे। तभी नारा लगवा रहे शिक्षक नेता ने स्व. अटल बिहारी बाजपेयी को भी शामिल कर दिया। साथियों ने नारेबाजी की लेकिन बाद में यह चर्चा का विषय बना रहा।

बरसात की नहीं की परवाह, दूरदराज से आए कर्मचारी : सुबह पहर से मौसम खराब था तो कर्मचारी नेताओं के दिलों में धकधक मची हुई थी कि प्रदर्शन फुस्स न हो जाए। समय बीतता गया तो वाहनों की कतारें नहर कॉलोनी मैदान में लग गईं। रूट मार्च एवं कलेक्ट्रेट में हुए प्रदर्शन से नेताओं की बांछे खिली रहीं।

भीड़ के बावजूद, पुलिस प्रशासन रहा नाकाफी : बड़े प्रदर्शन कार्यक्रमों में अक्सर कलेक्ट्रेट में भारी पुलिस और पीएसी के जवान तैनात कर दिए जाते हैं लेकिन इस बार ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला। सरकारी कर्मचारियों के प्रदर्शन को लेकर प्रशासन भी बवाल आदि होने से बेफिक्र रहा है।

रूट मार्च ने यातायात व्यवस्था बिगाड़ी : कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन को लेकर कर्मचारियों ने रूट मार्च किया तो पटेल नगर से पत्थर कटा, गणोश शंकर विद्यार्थी चौराहा में जाम की स्थित पैदा हो गई। कलक्टर खुद जाम में फंस गए। यातायात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस पसीना बहाती रही

No comments:
Write comments