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Monday, September 24, 2018

अंग्रेजी माध्यम के छात्र पढ़ रहे हिंदी पाठ्यक्रम, माध्यमिक स्कूलों में भी शुरू होने जा रही अर्धवार्षिक परीक्षाएं, किताबें नहीं

दिक्कत

जागरण संवाददाता, लखनऊ : माध्यमिक स्कूलों की अर्धवार्षिक परीक्षाएं 24 सितंबर से शुरू होने को हैं। वहीं छात्र दुकानों की खाक छान रहे हैं। बावजूद, उन्हें एनसीईआरटी की पुस्तकें नहीं मिल पा रही हैं। ऐसे में वह निजी पब्लिशर्स की महंगी पुस्तकें व गाइड खरीदने का मजबूर हैं।

सरकार ने माध्यमिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में एक समान पाठ्यक्रम लागू किया है। इसके लिए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की पुस्तकें मुहैया की जानी थीं। अफसरों ने शुरुआत में कुछ स्कूलों में स्टॉल लगवाकर पाठ्यक्रम उपलब्ध कराने की पहल की। मगर छात्रों की संख्या के लिहाज से व्यवस्था ध्वस्त हो गई। ऐसे में नवीं व 11वीं कक्षा के तमाम छात्र-छात्रओं को अभी तक संपूर्ण पाठ्यक्रम उपलब्ध नहीं हो सका है। ऐसे में परेशान छात्र रविवार को अमीनाबाद, आलमबाग में एनसीईआरटी की पुस्तकें तलाशते नजर आए।

इतिहास, विज्ञान सब गायब : पुस्तक विक्रेता रमेश चंद्र वर्मा के मुताबिक 11वीं की इतिहास, जीवविज्ञान, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र व नागरिक शास्त्र की एनसीईआरटी की पुस्तकें ढाई माह से नहीं हैं। यही हाल कक्षा नौ की विज्ञान की पुस्तक का भी है। कई बार पब्लिशर्स से संपर्क किया गया, मगर आपूर्ति नहीं की गईं। वहीं छात्र निजी पब्लिशर्स की महंगी किताबें खरीदने को मजबूर हैं।

अंग्रेजी माध्यम के छात्र पढ़ रहे हंिदूी पाठ्यक्रम : उधर, बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में समाप्त होने वाली हैं। राजधानी के आठ ब्लॉकों में 45 अंग्रेजी माध्यम के प्राथमिक स्कूल हैं। यहां 17 सितंबर से सत्र परीक्षाएं चल रही हैं। मगर कक्षा चार व पांच के बच्चों को अंग्रेजी माध्यम की पुस्तकें नहीं मिल सकी हैं। ऐसे में शिक्षकों ने उन्हें हंिदूी पाठ्यक्रम की पुस्तकें थमा दी हैं। यही पुस्तकें पढ़कर बच्चे परीक्षा दे रहे हैं। यह हाल शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों तक है। अंग्रेजी मीडियम के निरालानगर प्राथमिक स्कूल में कक्षा चार व पांच के बच्चों को अंग्रेजी की सिर्फ रैनबो पुस्तक तीन दिन पहले ही मिली है। वहीं गणित की गिनतारा, सामाजिक विज्ञान की हमारा परिवेश व अन्य किताबें हंिदूी पाठ्यक्रम की दी गई हैं।

उर्दू की नहीं पहुंची किताबें : विभाग अभी उर्दू की पुस्तकें भी नहीं छपवा सकता है। ऐसे में मान्यता प्राप्त मदरसा व अन्य प्राथमिक विद्यालयों में बच्चे परेशान हैं।’

इतने दिनों बाद भी एनसीईआरटी की पुस्तकें बाजार से नदारद विज्ञान व कला वर्ग की नहीं मिल पा रही किताबें, तनाव में छात्रसभी कक्षाओं की पुस्तकें छप गई हैं। स्टोर से रिसीव भी करा दी गई हैं। बच्चों को अभी तक क्यों नहीं मिलीं, इसकी जानकारी लेंगे। हां, उर्दू की किताबों में थोड़ी समस्या है। वह भी जल्द भेज दी जाएंगी। डॉ. अमरकांत, बीएसए

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