DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्धनगर चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Wednesday, October 3, 2018

यूपी बोर्ड के 26 हजार से अधिक माध्यमिक स्कूलों में अब हेल्थ केयर की भी होगी पढ़ाई, कक्षा 9 से लेकर 12 तक सभी कक्षाओं में अगले सत्र से होगा लागू

यूपी बोर्ड में हेल्थ केयर की भी पढ़ाई

कक्षा 9 से लेकर 12 तक सभी कक्षाओं में अगले सत्र से होगा लागू
सौगात
परीक्षाओं की फुटेज क्षेत्रीय कार्यालयों में होगी जमा

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : मेडिकल क्षेत्र की पढ़ाई करके करियर बनाने के इच्छुक छात्र-छात्रओं को यूपी बोर्ड बड़ी देने जा रहा है। प्रदेश के 26 हजार से अधिक माध्यमिक स्कूलों में अब हेल्थ केयर की भी पढ़ाई होने का रास्ता साफ हो गया है। बोर्ड ने इसका पाठ्यक्रम तैयार करा लिया है, जिसे अगले शैक्षिक सत्र से सभी स्कूलों में लागू किया जाएगा।

माध्यमिक शिक्षा परिषद यानि यूपी बोर्ड के कालेजों में केंद्र सरकार की रिवाइज्ड व्यावसायिक शिक्षा योजना के तहत पांच नए विषयों की पढ़ाई कराने की संस्तुति प्रदेश सरकार ने दी थी। आटोमोबाइल, आइटी/आइटीईएस, रिटेल ट्रेडिंग व सुरक्षा कोड की पढ़ाई तो चुनिंदा कालेजों में शुरू हुई थी लेकिन, हेल्थ केयर को लेकर असमंजस बना रहा। सरकार की मंशा पर अब इसका पाठ्यक्रम तैयार कराया गया है, जिसमें फस्र्ट एड, नर्सिग स्टॉफ के कार्य, बीमारियों, आग से बचाव जैसे विषयों को समाहित किया गया है। इसे कक्षा 9 से लेकर 12 तक में चरणवार लागू किया जाएगा। फिलहाल ये विषय भी वैकल्पिक विषय के रूप में रहेगा।

यूपी बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव ने बताया कि पाठ्यक्रम का कार्य पूरा हो गया है, अब इसे पढ़ाने वालों की योग्यता तय करने पर विमर्श चल रही है। यह कार्य इसी सप्ताह पूरा होगा और फिर शासन को पूरा प्रस्ताव भेजा जाएगा। शासन के अनुमोदन के बाद इसे अगले सत्र से लागू किया जाएगा।

कई विषयों में भी हो रहा बदलाव : यूपी बोर्ड ने इसी सत्र से हाईस्कूल व इंटरमीडिएट में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू किया है। पहले चरण में दोनों अहम परीक्षाओं के कुछ विषयों में ही बदलाव हो सका है, जो शेष रह गए हैं, उनका भी पाठ्यक्रम बदलने की प्रक्रिया चल रही है। इसे भी अगले सत्र से लागू करने की योजना है।

वैदिक गणित को लागू किया : यूपी बोर्ड ने प्रदेश सरकार की मंशा पर इसी सत्र से वैदिक गणित को लागू किया है। इसके लिए अलग से किताब तैयार कराई गई है। इसमें आंतरिक मूल्यांकन के जरिये अंक दिए जाएंगे। फिलहाल इसे कक्षा नौ व दस में लागू किया गया है।

सड़क सुरक्षा व सैन्य विज्ञान भी पढ़ें : यूपी बोर्ड ने 19 दिसंबर, 2017 को जारी नए पाठ्यक्रम में सड़क सुरक्षा जैसे विषयों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। ये विषय पहले से था लेकिन, इस बार उसे कक्षा 9 से लेकर 12 तक विस्तार दिया गया है। इसी तरह से सैन्य विज्ञान, नई-नई बीमारियों के लक्षण व बचाव आदि को भी जगह दी जा चुकी है।

राज्य ब्यूरो, इलाहाबाद : यूपी बोर्ड में हाईस्कूल व इंटर परीक्षा 2019 की तैयारियां तेज हो गई हैं। यूपी बोर्ड प्रायोगिक परीक्षाएं दिसंबर में ही करा रहा है। बोर्ड की तरफ से सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को जल्द दिशा निर्देश जारी होंगे, जिसमें प्रायोगिक परीक्षा सीसीटीवी के सामने कराने का निर्देश दिया है। बोर्ड की सचिव नीना श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया है कि सीसीटीवी या फिर प्रायोगिक परीक्षाओं की वीडियो रिकार्डिग कराई जाए, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो सके। बोर्ड की प्रायोगिक परीक्षाओं के दौरान तैयार होने वाली सीसीटीवी या फिर वीडियो रिकार्डिग संबंधित जिले के क्षेत्रीय कार्यालय में जमा करानी होगी, जिससे बाद में बोर्ड के रिकॉर्ड में शामिल किया जाएगा। इस बारे में पांचों क्षेत्रीय कार्यालय समेत सभी जिलों के डीआईओएस को निर्देश भेजा जाएगा, ताकि सारी तैयारियां पहले पूरी हो जाएं। सचिव ने बताया कि लगातार प्रायोगिक परीक्षाओं के दौरान गड़बड़ी की शिकायतें दर्ज होती थी, कई बार परीक्षक के नहीं जाने की शिकायत भी आती थी, जिसे देखते हुए बोर्ड की तरफ से कदम उठाया जाएगा। पिछले वर्ष भी बोर्ड की तरफ से वीडियोग्राफी कराने का निर्देश दिया गया था लेकिन, बड़ी संख्या में वीडियोग्राफी नहीं कराएं जाने से इस बार बोर्ड के अधिकारी व्यवस्था को कड़ाई से लागू कराने की तैयारी में जुटे हैं।

No comments:
Write comments