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Thursday, October 18, 2018

उच्च शिक्षा : एमफिल-पीएचडी में दाखिले का नियम बदलेगी सरकार, लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के अंकों को मिलाकर बनेगी पात्रता सूची


एमफिल और पीएचडी के दाखिले से जुड़े नियमों में सरकार अब एक और बदलाव की में है। इसके तहत इनमें प्रवेश के लिए अकेले इंटरव्यू ही चयन का आधार नहीं बनेगा। इसके साथ लिखित परीक्षा के भी अंकों को जोड़कर योग्यता सूची (मेरिट लिस्ट) तैयार होगी। इसके आधार पर छात्रों को इन कोर्सो में प्रवेश देने की योजना है। नई व्यवस्था में लिखित परीक्षा के लिए 70 फीसद अंक नियत रहेंगे। इंटरव्यू के लिए 30 फीसद अंक रहेंगे। 

खास बात यह है कि इस समय भी इन कोर्सो में प्रवेश के लिए लिखित परीक्षा और इंटरव्यू आयोजित की जाती है। लेकिन, मौजूदा नियमों के मुताबिक, लिखित परीक्षा पास करने के बाद छात्र सिर्फ इंटरव्यू तक ही पहुंच सकते हैं। दाखिले के लिए इंटरव्यू में अच्छे नंबर पाना जरूरी है। इस व्यवस्था को लेकर छात्रों के एक बड़े वर्ग में असंतोष है, जिसकी शिकायत भी उन्होंने दर्ज कराई थी। इसके बाद ही सरकार की ओर से इसे लेकर मंथन शुरू किया गया। छात्रों की शिकायत थी कि मौजूदा व्यवस्था में लिखित परीक्षा में अच्छे अंक मिलने के बाद भी उन्हें प्रवेश नहीं मिल पा रहा है। छात्रों ने इंटरव्यू टीम पर भी भेदभाव करने के आरोप लगाए थे। 


सूत्रों की मानें तो सरकार ने छात्रों की शिकायतों को देखते हुए पूरी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठाया है। इसके तहत लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के अंकों को जोड़कर मेरिट लिस्ट के आधार पर प्रवेश देने की योजना बनाई गई है। 1मंत्रलय से जुड़े सूत्रों की मानें तो इस पूरी योजना को लेकर मंत्रलय और यूजीसी के बीच चर्चा हो चुकी है। दोनों ने ही इस बदलाव को लेकर अपनी सहमति दे दी है। ऐसे में इसे लेकर जल्द ही नया नोटीफिकेशन जारी होने की उम्मीद है। 1दो महीने के भीतर ही सरकार एमफिल और पीएचडी के लिए न्यूनतम मानदंड और प्रक्रिया नियमों में दूसरा बदलाव करने की में है। इससे पहले 27 अगस्त 2018 को भी एससी, एसटी और ओबीसी के लिए प्रवेश नियमों में बदलाव को लेकर आदेश जारी किए गए थे।’



>करीब दो महीने के भीतर नियमों में होगा यह दूसरा बदलाव

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