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Friday, March 15, 2019

कक्षा-6 से परास्नातक तक की शिक्षा देने वाले प्राइवेट संस्थानों को उनके कार्य प्रकृति के कारण इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना संविधान के अनुच्छेद-226 की न्यायिक पुनरावलोकन शक्तियों के अधीन, प्राइवेट स्कूल-कॉलेजों के खिलाफ भी याचिका संभव 


•एनबीटी ब्यूरो, प्रयागराज : इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कक्षा-6 से परास्नातक तक की शिक्षा देने वाले प्राइवेट संस्थानों को उनके कार्य प्रकृति के कारण संविधान के अनुच्छेद-226 की न्यायिक पुनरावलोकन शक्तियों के अधीन माना है। कोर्ट ने कहा है कि अनुच्छेद-12 के तहत प्राइवेट स्कूल-कॉलेजों के खिलाफ भी हाई कोर्ट में याचिका दाखिल हो सकती है। यह फैसला तीन सदस्यीय पूर्णपीठ ने दिया है। अब तक प्राइवेट स्कूल-कॉलेजों के खिलाफ याचिका पोषणीय नहीं मानी जाती थी।

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