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Monday, August 19, 2019

भारी पड़ेगी उच्च शिक्षण संस्थानों में दिव्यांगों की उपेक्षा, उच्च शिक्षा निदेशालय हर राज्य विश्वविद्यालय व डिग्री कॉलेजों में दिव्यांगों को मिलने वाली सुविधाओं की करेगा जांच

भारी पड़ेगी उच्च शिक्षण संस्थानों में दिव्यांगों की उपेक्षा
August 19, 2019 


राज्य ब्यूरो, प्रयागराज : शारीरिक रूप से अक्षम दिव्यांगों को पठन-पाठन में दिक्कत न हो उसके मद्देनजर राज्य विश्वविद्यालयों व डिग्री कॉलेजों में उचित प्रबंध करने का निर्देश है। छात्र-छात्रओं की तरह दिव्यांग पढ़कर आगे बढ़ें उसके मद्देनजर उच्च शिक्षण संस्थानों में उन्हें पांच प्रतिशत आरक्षण देने के साथ व्यक्तित्व विकास के लिए उचित कार्यक्रम कराने का निर्देश दिया गया है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने हर राज्य विश्वविद्यालय व डिग्री कॉलेजों में दिव्यांगों को मिलने वाली सुविधा की पड़ताल करेगा। सबसे उनके द्वारा दी जा रही सुविधाओं का ब्योरा मांगा गया है। निदेशालय की टीम स्थलीय निरीक्षण करके व्यवस्था देखेगी। अगर कहीं गड़बड़ी मिली तो संबंधित संस्थान के िखलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
दिव्यांगों को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियिम 2016 लागू किया है। राज्य सरकार उस व्यवस्था को हर क्षेत्र में कड़ाई से लागू करवाना चाहती है। इसके मद्देनजर उच्च शिक्षा निदेशालय ने 11 जुलाई को उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए आने वाले दिव्यांग छात्र-छात्रओं को पांच प्रतिशत आरक्षण व आयुसीमा में पांच साल तक की छूट देने का निर्देश दिया है।

हर संस्थान में दिव्यांगों की सहूलियत के लिए रैंप, महिला-पुरुषों का अलग शौचालय का प्रबंध करने को कहा है। दिव्यांगों का व्यक्तित्व विकास करने के लिए उनकी सुविधा के अनुरूप खेल, सांस्कृतिक व रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. वंदना शर्मा का कहना है कि दिव्यांग छात्र-छात्रओं को शासन की मंशा के अनुरूप बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। निर्देश के अनुरूप उन्हें सुविधा मिल रही है या नहीं, उसकी पड़ताल की जाएगी। गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।





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