DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्धनगर चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Tuesday, September 24, 2019

भारत की पढ़ाई में विदेशियों को रुचि नहीं, महज पांच हजार का इजाफा हुआ


भारत की पढ़ाई में विदेशियों को रुचि नहीं, महज पांच हजार का इजाफा हुआ
24 Sep 2019

देश में विदेशी छात्र

देश को उच्च शिक्षा का वैश्विक केंद्र बनाने की भारत सरकार की मंशा फिलहाल पूरी होती नहीं दिख रही है। सरकार की ओर से किए गए प्रयासों के बावजूद विदेशी छात्र भारत में बहुत ज्यादा रुचि नहीं दिखा रहे हैं।




पिछले पांच साल में देश में विदेशी छात्रों की संख्या में महज पांच हजार का इजाफा हुआ है। विदेशी छात्रों को दाखिला देने के लिए शुरू हुई महत्वाकांक्षी योजना ‘स्टडी इन इंडिया' भी कछुआ गति से आगे बढ़ रही है। पिछले पांच साल के अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण के आंकड़े बताते हैं कि विदेशी छात्रों की संख्या में मात्र 5134 का इजाफा हुआ है। वर्ष 2014-15 में देश में कुल 42293 विदेशी छात्र थे। 2018-19 में यह आंकड़ा 47427 पहुंच गया। इस वर्ष देश में कुल विदेशी छात्रों की संख्या रिकॉर्ड 47517 पहुंच गई थी। 2017-18 में इसमें बड़ी गिरावट आई और विदेशी छात्रों की संख्या घटकर 46144 पर आ गई। 


2018-19 में संख्या फिर बढ़कर 47427 पर पहुंच गई है। इसमें से 12747 छात्र यानी कुछ छात्रों के एक चौथाई नेपाल से हैं। 4657 अफगानिस्तान और 2075 छात्र बांग्लादेश से हैं। खास बात यह है कि वर्ष 2017-18 में ही केंद्र सरकार ने देश में स्टडी इन इंडिया कार्यक्रम शुरू किया था। इसके तहत पांच साल में दो लाख विदेशी छात्रों को देश में लाने का लक्ष्य था। योजना के सुस्त होने का अंदाजा इससे लगा सकते है कि इसके जरिये दो साल में करीब पांच हजार विदेशी छात्रों ने ही भारत में दाखिला लिया है।




No comments:
Write comments