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Friday, November 1, 2019

यूपी बोर्ड : सुरक्षित स्कूल ही बनेंगे परीक्षा केंद्र, बोर्ड ने परीक्षा केंद्र निर्धारण करने के लिए पहली बार लागू की शर्तें

यूपी बोर्ड : सुरक्षित स्कूल ही बनेंगे परीक्षा केंद्र, बोर्ड ने परीक्षा केंद्र निर्धारण करने के लिए पहली बार लागू की शर्तें।


जिन स्कूलों के ऊपर एचटी तार, वहां नहीं बनेंगे केंद्र
प्रयागराज | वरिष्ठ संवाददाता**07 Nov 2019

यूपी बोर्ड से मान्यता प्राप्त प्रदेशभर के जिन स्कूलों के ऊपर से हाईटेंशन तार गुजरते हैं वो इस बार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए केंद्र नहीं बनाए जाएंगे। इनमें प्रयागराज के 7 वित्तविहीन स्कूल भी शामिल हैं। 15 जुलाई को बलरामपुर के उतरौला में विष्णुपुर परिषदीय प्राइमरी स्कूल में 11 हजार केवि की हाईटेंशन लाइन गिरने के कारण 55 छात्रों के घायल होने की घटना को गंभीरता से लेते हुए, यूपी बोर्ड ने पहली बार केंद्र निर्धारण में यह शर्त लागू की है।

बोर्ड की ओर से निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार केंद्रों का परीक्षण करते समय परीक्षा केंद्र निर्धारण समिति कुछ खास बातों का ख्याल रखेगी। जिन स्कूलों के ऊपर से कोई हाईटेंशन बिजली का तार गुजरा हो या स्कूल के बीच से कोई सड़क और संपर्क मार्ग बना हो तथा स्कूल दो भागों में बंटा हो तो उन्हें असुरक्षित एवं पर्यवेक्षण के दृष्टिगत केंद्र न बनाया जाए। इस बीच यूपी बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों को अंतिम रूप देने की तैयारी शुरू कर दी है। नौ नवंबर को ऑनलाइन केंद्रों की लिस्ट वेबसाइट पर जारी कर दी जाएगी।







यूपी बोर्ड : परीक्षा केंद्र : ऑनलाइन व्यवस्था में स्कूल फेल, स्कूल में संसाधनों के आधार पर बनाया जाना है परीक्षा केंद्र





यूपी बोर्ड : जीआईसी व कॉलेजों में ब्रॉडबैंड लगाने के निर्देश, सचिव यूपी बोर्ड ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को भेजा पत्र।



अधिकांश कॉलेजों में राउटर व हाईस्पीड ब्राडबैंड कनेक्शन नहीं

  • November 01, 2019




राज्य ब्यूरो, प्रयागराज : तमाम निर्देशों के बाद भी प्रदेश के अधिकांश माध्यमिक कॉलेजों में राउटर व हाईस्पीड ब्राडबैंड कनेक्शन नहीं हो सका है। यह राजफाश खुद यूपी बोर्ड ने किया है, इससे परीक्षा केंद्र निर्धारण कार्य प्रभावित हो सकता है। बोर्ड ने ऐसे कालेजों को तीसरी बार सूचनाएं अपडेट करने की फिर मोहलत है। इसके जरिये वह यह सुविधाएं हर हाल में शुरू कराना चाहता है।


यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा 2020 के लिए नीति शासन ने 13 सितंबर को जारी किया था। इसके तहत 27 हजार से अधिक से माध्यमिक कालेजों को आधारभूत सूचनाएं वेबसाइट पर देनी थी। 26 अक्टूबर तक दी गई सूचनाएं देखकर बोर्ड के अफसर पशोपेश में हैं, वजह अधिकांश कॉलेजों में राउटर व हाईस्पीड ब्राडबैंड कनेक्शन न होने की सूचना दी है। राजकीय व अशासकीय सहायताप्राप्त कालेजों को प्राथमिकता के आधार पर परीक्षा केंद्र बनाया जाना है। इसलिए इन कालेजों से यह सुविधा जल्द शुरू कराने का निर्देश दिया गया है। कालेजों ने अग्निशमन यंत्रों के संबंध में भी जो सूचना दी है वह भ्रामक है। मसलन, जिन कालेजों में यह यंत्र लगा है उसके नवीनीकरण की तारीख अंकित नहीं है, वहीं कुछ ने नवीनीकरण की तारीख की सूचना दी है लेकिन, लिखा है कि यंत्र नहीं लगा है। शिक्षणकक्षों के मापन मीटर में होना है, यह सूचना देने में भी तमाम विसंगतियां हैं। कालेजों को केवल उन शिक्षण कक्षों की सूचना देनी थी, जिनकी छत लिंटर्ड है, तमाम कालेजों ने इसके साथ प्रयोगशाला, प्रधानाचार्य कक्ष, पुस्तकालय व वैकल्पिक कक्ष तक की सूचना अपलोड की है। बोर्ड प्रशासन ने निर्देश दिया था कि जियोलोकेशन एप के जरिये दूसरे कालेज से दूरी का मापन करना है, कई कालेजों की दूरियां काफी अधिक लिखी गई है इसमें सुधार करने व फिर से एप का प्रयोग करने को कहा गया है। परीक्षा केंद्र निर्धारण में अनिवार्य शर्त में शामिल प्रबंधकीय विवाद न होने, बाउंड्रीवाल होने, आवासीय विद्यालय न होने, कालेज के ऊपर से हाईटेंशन लाइन न जाने की जांच फिर से की जाए, गड़बड़ी होने पर कालेज को केंद्र नहीं बनाया जाएगा, इसकी जिम्मेदारी कालेज प्रशासन की होगी। बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव ने जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश दिया है कि वे इन ¨बदुओं में सुधार करते हुए अपडेट सूचना वेबसाइट पर जल्द अपलोड करा दें।

’>>माध्यमिक कॉलेजों को आधारभूत सूचनाएं अपडेट करने का मौका
’>> ¨बदुओं में सुधार कर अपडेट सूचना वेबसाइट पर जल्द करा दें अपलोड








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