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Saturday, October 3, 2020

आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषाहार की गुणवत्ता जांचेगी अंतर विभागीय समिति

आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषाहार की गुणवत्ता जांचेगी अंतर विभागीय समिति

 
 लखनऊ : सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषाहार आपूर्ति व उसकी गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए अंतर विभागीय समिति गठित करने जा रही है। समिति पोषाहार वितरण का कैलेंडर तय करेगी। साथ ही योजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया (एसओपी) का भी निर्धारण करेगी। उच्चस्तरीय समिति में विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव व सचिव नामित किए जाएंगे।


सरकार ने पहली बार सभी 75 जिलों के आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषाहार वितरण का काम राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा संचालित महिला स्वयं सहायता समूहों को सौंप दिया है। पहले यह काम टेंडर के जरिए दिया जाता था। इसमें बड़े-बड़े पंजीरी सिंडीकेट आ जाते थे। अब स्थानीय स्तर पर रोजगार मुहैया कराने के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों को यह काम दिया गया है। पूरे प्रदेश में पोषाहार उत्पादन व वितरण के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने में दो वर्ष का समय लग सकता है। तब तक आंगनबाड़ी केंद्रों की लाभार्थियों को कच्चा राशन दिया जाएगा।


बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग से जारी आदेश में कहा गया है कि राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन विकास खंड स्तर पर पुष्टाहार उत्पादन की अवस्थापना विकास होने तक महिला स्वयं सहायता समूहों को मुख्य सामग्री गेहूं व चावल आदि भारतीय खाद्य निगम के माध्यम से तथा प्रादेशिक कोआपरेटिव डेयरी फेडरेशन के जरिये देसी घी व मिल्क पाउडर उपलब्ध कराया जाएगा। दाल की खरीद महिलाएं स्थानीय स्तर पर करेंगी। इसके बाद निर्धारित मात्र में वजन व पैकेजिंग भी करेंगी। सरकार ने इन सब पर नजर रखने को उच्चस्तरीय अंतर विभागीय समिति गठित करने का निर्णय लिया।

Wednesday, September 30, 2020

कैबिनेट ने लिया फैसला, आंगनबाड़ी केंद्रों में महिला स्वयं सहायता समूह करेंगे पोषाहार की सप्लाई

कैबिनेट ने लिया फैसला, आंगनबाड़ी केंद्रों में महिला स्वयं सहायता समूह करेंगे पोषाहार की सप्लाई

 
लखनऊ : प्रदेश सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों में वितरित होने वाले पोषाहार पर बड़ा फैसला लिया है। अब सभी 75 जिलों में पोषाहार का उत्पादन व वितरण स्वयं सहायता समूह की महिलाएं करेंगी। स्थानीय स्तर पर रोजगार को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार ने पोषाहार उत्पादन व वितरण के लिए टेंडर न करने का फैसला लिया है।


आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए हर साल पोषाहार की करीब चार हजार करोड़ रुपये की खरीद होती है। अब यह काम उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से 23 हजार स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को दिया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर मुहर लग गई। 


प्रदेश सरकार ने पहले केवल 18 जिलों में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को पुष्टाहार उत्पादन व वितरण का काम दिया था। बाकी जिलों के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए थे। टेंडर में बहुत कम कंपनियों ने हिस्सा लिया। सरकार ने पोषाहार की दरों को देखते हुए अब यह काम सभी जिलों में प्रदेश की स्थानीय स्तर की महिलाओं के समूहों को सौंप दिया है। सरकार के इस फैसले से उन बड़े कारोबारियों को धक्का लगा है, जो हजारों करोड़ रुपये के पोषाहार उत्पादन व वितरण में वर्षों से लगे थे। सरकार के नए फैसले से स्थानीय स्तर पर महिलाएं उद्यमी बनेंगी।

Saturday, August 22, 2020

आकांक्षात्मक जिलों में बनेंगे मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र, 5 करोड़ से तैयार होगा डिजिटल पोर्टल

आकांक्षात्मक जिलों में बनेंगे मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र, 5 करोड़ से तैयार होगा डिजिटल पोर्टल
 

लखनऊ। आकांक्षात्मक जिलों में पोषण कार्यक्रम को और प्रभावी बनाया जाएगा। सभी 8 जिलों में दो- दो आंगनबाड़ी केंद्रों को मॉडल के रूप में विकसित किया जायेगा। इन केंद्रों में लाभार्थियों को एनीमिया मुक्त करने के लिए जहां विशेष अभियान चलाया जाएगा, वहीं उनका बजन व लंबाई आदि की मॉनीटरिंग के लिए आधुनिक तकनीक आधारित डिवाइस भी लगाए जाएंगी। इसके अलावा मॉडल आंगनबाड़ी केन्द्रों में पोषण वाटिका भी बनायी जाएगी। दरअसल, आकांक्षात्मक जिलों में शामिल चंदौली, सोनभद्र, मिर्जापुर श्रावस्ती, बहराइच, बलरामपुर सिद्धार्थगर व चित्रकूट में पोषण कार्यक्रमों की स्थिति काफी खराब पाई गई है। इसके मद्देनजर ही राज्य पोषण मिशन ने इन सभी 8 जिलों के उन आंगनबाड़ी केंद्रों को मॉडल के रूप में विकसित करने का फैसला किया है जिन क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर अधिक काम करने की जरूरत हैं। इसी कड़ी में फिर पोषण का विशेष अभियान भी चलाया जाएगा। जिसके सभी आकांक्षात्मक जिलों चलाये जाने वाले पोषण अभियान के अंतर्गत पोषण सेवाओं के लिए 5.3 करोड़ रुपये की लागत से एकीकृत तहत गर्भवती ब धात्री महिलाओं, 6 साल तक के बच्चों, 14 से 19 साल तक की किशोरियों और 10 से 49 वर्ष तक महिलाओं को एनिमिया मुक्त करने व उनके स्वास्थ्य एवं पोषण के उपाय किये जाएंगे।


5 करोड़ से तैयार होगा एकीकृत डिजिटल पोर्टल 
डिजिटल पोर्टल भी तैयार किया जाएगा। इसके अलाव प्रदेश के सभी 21005 एएनएम सेंटरों पर सुपोषण स्वास्थ्य मेलों का भी आयोजन किया जाएगा। इसके लिए भी 6.30 करोड़ रुपये खर्च किया जाएगा। प्रस्ताव को भी अनुमोदन प्रदान किया।

Wednesday, January 22, 2020

फतेहपुर : बेसिक शिक्षा में प्री-प्राइमरी कक्षाओं की तैयारी, नई शिक्षा नीति में आंगनबाड़ी केंद्रों में नहीं चलेंगी कक्षाएं

फतेहपुर : बेसिक शिक्षा में प्री-प्राइमरी कक्षाओं की तैयारी, नई शिक्षा नीति में आंगनबाड़ी केंद्रों में नहीं चलेंगी कक्षाएं।






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Saturday, November 16, 2019

77 हजार आंगनबाड़ी केंद्र सौर ऊर्जा से होंगे जगमग, सभी केंद्रों का प्री-प्राइमरी केंद्र के रूप में किया जाना है विकास

77 हजार आंगनबाड़ी केंद्र सौर ऊर्जा से होंगे जगमग, सभी केंद्रों का प्री-प्राइमरी केंद्र के रूप में किया जाना है विकास।







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Thursday, October 17, 2019

बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग : सीएम के आदेश के 15 दिन बाद भी नहीं हुई दोषियों पर कार्रवाई, विभाग ने निदेशक से मांगी रिपोर्ट

बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग : सीएम के आदेश के 15 दिन बाद भी नहीं हुई दोषियों पर कार्रवाई, विभाग ने निदेशक से मांगी रिपोर्ट।





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