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Friday, March 5, 2021

आगरा : 168 शिक्षकों की सेवा समाप्त, फर्जी प्रमाणपत्र लगाने में बीएसए ने जारी किया आदेश।

आगरा : 168 शिक्षकों की सेवा समाप्त, फर्जी प्रमाणपत्र लगाने में बीएसए ने जारी किया आदेश।

रजिस्टर्ड डाक से शिक्षकों को सेवा समाप्ति का पत्र भेजा गया।

आगरा : डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के बीएड सत्र 2004-05 का फर्जी प्रमाणपत्र लगाने वाले जिले के 168 और परिषदीय शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी गई है। बुधवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार यादव ने इस संबंध में आदेश जारी किया। शिक्षकों को रजिस्टर्ड डाक से सेवा समाप्ति का पत्र भेज दिया गया है।

जिले में एसआईटी की सूची के आधार पर डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के बीएड सत्र 2004-05 के फर्जी व टेपर्ड प्रमाणपत्र लगाने वाले कुल 249 शिक्षक चिह्नित किए गए थे। इनमें से 195 शिक्षक फर्जी प्रमाणपत्र और 54 टेंपर्ड प्रमाणपत्र वाले थे। 


विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से सात फरवरी, 2020 को 2823 अभ्यर्थियों को फर्जी घोषित किया गया। विश्वविद्यालय की सूची से बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से चिह्नित शिक्षकों के नामों का मिलान किया गया। 24 शिक्षकों के नाम दोनों सूचियों में पाए गए, इनकी 12 मई, 2020 में इनकी सेवा समाप्त कर दी गई। उनके खिलाफ एक जुलाई, 2020 को शाहगंज थाने में एफआईआर भी दर्ज करा दी गई थी। 

जिले के 171 शिक्षक बचे थे, इनका नाम 2823 फर्जी घोषित अभ्यर्थियों की सूची में नहीं था। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपना पक्ष रखने वाले 814 अभ्यर्थियों में से दो को छोड़कर बाकी 812 को 29 जुलाई को फर्जी घोषित कर दिया था। 26 फरवरी, 2021 को जारी हाईकोर्ट के आदेश के साथ विश्वविद्यालय की ओर से दूसरे चरण में फर्जी घोषित किए गए 812 अभ्यर्थियों की सूची भी संलग्न थी। इस सूची से मिलान करने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बुधवार को 168 शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी।


एक हफ्ते के अंदर एफआईआर

168 शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी गई है। इनको रजिस्टर्ड डाक से पत्र भेज दिया गया है। खंड शिक्षा अधिकारी संबंधित शिक्षकों के खिलाफ एक हफ्ते के अंदर एफआईआर दर्ज कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। - राजीव कुमार यादव, बेसिक शिक्षा अधिकारी

Wednesday, February 10, 2021

अंतर्जनपदीय : रिक्त विद्यालय और पदों की सूची न आने के कारण आज विद्यालय आवंटन में संशय

अंतर्जनपदीय :  रिक्त विद्यालय और पदों की सूची न आने के कारण आज विद्यालय आवंटन में संशय


आगरा: बेसिक शिक्षा परिषद की अंतर जनपदीय स्थानांतरण प्रक्रिया का लाभ पाकर जिले में आने वाले परिषदीय शिक्षकों को विद्यालय आवंटन के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा। 10 फरवरी को शुरू होने वाली प्रक्रिया के लिए शासन स्तर से रिक्त विद्यालय और पदों की सूची न आने के कारण इसे कराने पर फैसला मंगलवार को नहीं हो सका।


जिला बेसिक शिक्षाधिकारी (बीएसए) राजीव कुमार यादव ने बताया कि शासन ने 10 से 12 फरवरी के बीच काउंसिलिंग कराकर विद्यालय आवंटित करने के निर्देश दिए हैं। तैयारी पूरी है, लेकिन रिक्त पदों की संख्या और सूची का इंतजार है। संभवतः बुधवार को इसके आने की संभावना है। देरी के कारण विभाग में नोटिस चस्पा कर दिया गया है। इधर शिक्षकों को विद्यालय आवंटन में देरी होने से विद्यालयों के शिक्षण संबंधी कार्य रुक जाएंगे। कक्षा छह से आठवीं तक की कक्षाएं तो विद्यालयों में शुरू भी हो रही हैं। इनके बाद प्राथमिक विद्यालय भी खुलेंगे।

Saturday, February 6, 2021

आगरा जनपद में बेसिक शिक्षा विभाग में सात वर्ष में 12 अधिकारी, शिक्षक और लिपिक घूस लेते पकड़े गए


आगरा : तीन हजार रुपये की रिश्वत लेते एआरपी रंगेहाथ गिरफ्तार, मुकदमा दर्ज


आगरा में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के दल ने शनिवार दोपहर को बरौली अहीर के नगला बिहारी स्थित प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक को तीन हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। वह प्राथमिक विद्यालय झारपुरा की प्रधानाध्यापिका से अनुपस्थिति लगने पर निलंबन से बचाने के लिए रुपये मांग रहा था। प्रधानाध्यापिका की शिकायत पर टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को पकड़ लिया। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। 



आगरा। बेसिक शिक्षा विभाग में गत सात वर्षों में 12 अधिकारी, शिक्षक व लिपिक घूस लेते विजिलेंस और एंटी करप्शन टीम की ओर से रंगे हाथ पकड़े गए। वर्ष 2014 से कोई वर्ष ऐसा नहीं गया, जिसमें शिक्षा विभाग से कोई पकड़ा न गया हो। इस सूची में शिक्षक भी हैं, जिनको विभाग की ओर से एवीआरसी और एआरपी (एकेडमिक रिसोर्स पर्सन) की जिम्मेदारी मिली थी।


पहले पांच, फिर 3 हजार रुपये पर हुआ राजी
एंटी करप्शन टीम के मुताबिक, जितेंद्र कुमार बरौली अहीर ब्लाक के नगला बिहारी स्थित प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक और खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) भी हैं। नीरजा शर्मा ने जितेंद्र से संपर्क किया। आरोप है कि जितेंद्र कुमार ने निलंबन से बचाने के एवज में पांच हजार रुपये रिश्वत मांगी। बाद में वह तीन हजार रुपये लेकर रिपोर्ट उनके पक्ष में देने को तैयार हो गया।


शिक्षिका ने यूटा से संपर्क किया था
आगरा। यूटा के जिला संयोजक दिनेश चाहर ने बताया कि संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान व प्रदेश संयोजक विक्रांत पटेरिया के नेतृत्व में भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। जितेंद्र शर्मा के पकड़े जाने के पीछे भी संगठन ने भूमिका निभाई। शिक्षिका ने जिलाध्यक्ष राज सोलंकी से संपर्क किया था, यूटा की टीम ने एंटी करप्शन से शिकायत करने का सुझाव दिया। कई और अधिकारी व कर्मचारी रडार पर हैं। संगठन के पदाधिकारी शनिवार को ताजगंज थाने भी पहुंचे।


ये रही पकड़े गए अधिकारियों व कर्मचारियों की सूची



थाना ताजगंज के कृपा धाम अपार्टमेंट निवासी नीरजा शर्मा बरौली अहीर स्थित गांव झारपुरा के प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापिका हैं। उन्होंने शुक्रवार को एंटी करप्शन में शिकायत की कि आठ जनवरी को तबीयत खराब होने के कारण वह 30 मिनट पहले प्राथमिक विद्यालय से चली आईं थीं। तभी खंड शिक्षा अधिकारी पहुंच गए। विद्यालय से अनुपस्थित पाकर स्पष्टीकरण मांगा। खंड शिक्षा अधिकारी ने प्रधानाध्यापक जितेंद्र कुमार को स्पष्टीकरण देने के लिए कहा। 


एंटी करप्शन टीम के मुताबिक, जितेंद्र कुमार बरौली अहीर ब्लाक के नगला बिहारी स्थित प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक है। वह खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) भी हैं। नीरजा शर्मा ने जितेंद्र से संपर्क किया। 


उसने 18 जनवरी को उनके वाट्सएप नंबर पर स्पष्टीकरण मांगने से संबंधित रिपोर्ट भेजी। उनसे कहा कि वह निलंबित कर दी जाएगी। आरोप है कि जितेंद्र कुमार ने निलंबन से बचने के एवज में पांच हजार रुपये रिश्वत मांगी। उसने कई बार उन्हें फोन करके रकम देने के लिए कहा। वह तीन हजार रुपये लेकर रिपोर्ट उनके पक्ष में देने को तैयार हो गया।


टीम के पकड़ने पर खिड़की से कूदकर भागने लगा
एंटी करप्शन के निरीक्षक जसपाल पवार के मुताबिक, नीरजा शर्मा की शिकायत पर टीम बनाई गई। नीरजा शर्मा ने जितेंद्र कुमार को शनिवार को अपने फ्लैट पर बुलाया। उसके आने से एक घंटे पहले टीम पहुंच गई। उनके फ्लैट के दूसरे कमरे में बैठ गई। जितेंद्र कुमार फ्लैट पर दोपहर तीन बजे पहुंचा। बातचीत के बाद वह रकम लेकर जाने लगा। तभी एंटी करप्शन के निरीक्षक सूरज सिंह बाहर आ गए। 

उन्होंने आरोपी को पकड़ लिया। उसे जैसे ही पता चला कि एंटी करप्शन की टीम है, वह भागने लगा। फ्लैट की खिड़की से भी कूदने का प्रयास किया। उसे किसी तरक काबू किया गया। फ्लैट से गाड़ी में लाने के दौरान भी हंगामा किया। इस पर लोगों की भीड़ भी लग गई। आरोपी से रिश्वत की रकम बरामद कर ली। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। रविवार को उसे मेरठ की एंटी करप्शन कोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा।

Friday, January 29, 2021

आगरा : अन्तर्जनपदीय स्थानान्तरण कार्यमुक्त किये जाने से पूर्व उसी पद अथवा पदानवत किये जाने के सम्बन्ध में जनपदों में अद्यतन तक की गयी पदोन्नति की दिनांक की जानकारी के सम्बन्ध में

आगरा : अन्तर्जनपदीय स्थानान्तरण कार्यमुक्त किये जाने से पूर्व उसी पद अथवा पदानवत किये जाने के सम्बन्ध में जनपदों में अद्यतन तक की गयी पदोन्नति की दिनांक की जानकारी के सम्बन्ध में


Monday, January 25, 2021

आगरा : अन्तर्जनपदीय स्थानांतरण के अंतर्गत कार्यमुक्ति / कार्यभार ग्रहण करने संबंधी आवश्यक निर्देश जारी

आगरा : अन्तर्जनपदीय स्थानांतरण के अंतर्गत कार्यमुक्ति / कार्यभार ग्रहण करने संबंधी आवश्यक निर्देश जारी




Monday, December 21, 2020

आगरा : बीएसए की बात नहीं सुन रहे खंड शिक्षा अधिकारी, रोकना पड़ रहा वेतन

आगरा : बीएसए की बात नहीं सुन रहे खंड शिक्षा अधिकारी, रोकना पड़ रहा वेतन


ब्लॉक के शिक्षण को बेहतर करने और शिक्षकों की समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी जिनके कंधों पर है, उन्हीं से विभाग के आलाअधिकारी परेशान हो गए हैं। स्थिति यहां तक आ गई है कि अब बेसिक शिक्षा अधिकारी को बैठकों में ना आने, सूचना ना देने जैसे कारणों पर खंड शिक्षा अधिकारी का वेतन तक रोकना पड़ रहा है।


बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार यादव ने खंड शिक्षा अधिकारी का वेतन रोका है। इसमें जो कारण दिए गए है, उससे पूरे विभाग की व्यवस्था ही सवालों के घेरे में आ गई है। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने खंड शिक्षा


शिक्षक संगठन भी खोल चुके हैं मोर्चा ा

परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों और शिक्षामित्रों को समय से वेतन और मानदेय ना मिलने के चलते संगठनों ने मोर्चा तक खोला था। शिक्षक संगठनों ने सीधे खंड शिक्षा अधिकारियों को कटघरे में खड़ा किया था। वेतन सहित कई समस्याओं के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया था।


अधिकारी सैंया का वेतन रोकने से पहले कारण बताओ नोटिस भी दिया था। बेसिक शिक्षा अधिकारी के अनुसार बीईओ लगातार विभागीय बैठकों में अनुपस्थित रहते हैं ।

Sunday, November 22, 2020

आगरा : कार्यालय में बैठकर अवैध वसूली एवं गुंडागर्दी/अभद्रता करने के आरोप में बीईओ निलम्बित, निलम्बन आदेश देखें

आगरा : कार्यालय में बैठकर अवैध वसूली एवं गुंडागर्दी/अभद्रता करने के आरोप में बीईओ निलम्बित, निलम्बन आदेश देखें



Monday, November 16, 2020

आगरा : RTE के तहत प्रवेश हुआ या नहीं, विभाग कर रहा तस्दीक

आगरा : RTE के तहत प्रवेश हुआ या नहीं, विभाग कर रहा तस्दीक।

आगराः शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसमें पात्र विद्यार्थियों को स्कूलों ने प्रवेश दिया कि नहीं, इसकी तस्दीक करने के लिए कवायद शुरू हो चुकी है। बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों को पत्र लिखकर प्रवेश पाने वाले इन विद्यार्थियों की जानकारी मांगी है।


बेसिक शिक्षाधिकारी (बीएसए) राजीव कुमार यादव ने बताया कि जिले में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत पहले चरण में 1585, दूसरे चरण में 494 और तीसरे चरण में 119 बच्चों के नाम लाटरी में निकल चुके हैं। इस वर्ष तीन चरण में 2198 विद्यार्थियों को प्रवेश के लिए पत्र जारी कर दिए गए हैं। स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी के प्रवेश कराना सुनिश्चित करें और इसकी जानकारी विद्यार्थियों को भी उपलब्ध कराएं।

कई स्कूल नहीं दे रहे हैं प्रवेशः विभाग को शिकायत मिल रही है कि कई स्कूल लाटरी में आरटीई के तहत चयनित बच्चों को प्रवेश नहीं दे रहे हैं। इसके लिए स्कूलों से जानकारी मांग कर स्थिति स्पष्ट की जा रही है।


वह मांगी है जानकारी

शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत प्रवेश पाने वाले करीब 300 स्कूलों से बच्चों का बैंक खाता संख्या मांग जा रहा है, जिसमें फीस प्रतिपूर्ति भेजी जाएगी। इसके साथ प्रवेश पाने वाले विद्यार्थियों की संख्या और आवंटित विद्यार्थियों की संख्या भी मांगी गई है। अभी तक सिर्फ 25 फीसद स्कूलों ने ही सूचना उपलब्ध कराई है।

आगरा : तीस अभ्यर्थियों को नहीं मिली राहत, शासन के पाले में फैसला

आगरा : तीस अभ्यर्थियों को नहीं मिली राहत, शासन के पाले में फैसला।

प्रक्रिया : बेसिक शिक्षा परिषद की सहायक अध्यापक भर्ती का मामला, 30 मामलों पर शासन से लिया जा रहा है मार्गदर्शन

आगरा: परिषदीय विद्यालयों में 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती के 31277 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हो चुकी हैं। इसके अंतर्गत जिले में 581 अभ्यर्थियों को विद्यालय आवंटन हो चुका है। चयनित 30 अभ्यर्थियों पर फैसला शासन स्तर से लिया जाना है, इस कारण उन्हें नौकरी फिलहाल मिलते-मिलते रुक गई है।


बेसिक शिक्षाधिकारी (बीएसए) राजीव कुमार यादव ने बताया कि शासन ने जिले में काउंसिलिंग से 674 अभ्यर्थियों को आवंटित किया था, जिनमें से 611 अभ्यर्थी काउंसिलिंग में शामिल हुए और उन्होंने अपने प्रमाण-पत्रों को जमा कराया। उनमें से पहले चरण में 560 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए और 51 अभ्यर्थियों के नियुक्ति पत्र आपत्तियों के कारण रोके गए थे। विद्यालय आवंटन काउंसिलिंग तक 51 में से 21 अभ्यर्थियों की आपत्तियों का निस्तारण स्थानीय स्तर पर साक्ष्य लेकर कर दिया गया, लेकिन अब भी 30 अभ्यर्थियों के नियुक्ति और विद्यालय आवंटन पत्र पर रोक है।


उन पर फैसला शासन स्तर से होगा। यह हैं आपत्तियां: विभाग ने जिन 30 अभ्यर्थियों के नियुक्ति और विद्यालय आवंटन पत्रों पर रोक लगाई हैं, उनमें से 20 अभ्यर्थियों के मूल अंकों और आवेदन पत्रों में लिखे गए अंकों में अंतर हैं। इस पर शासन स्तर से ही फैसला लिया जाना है। साथ ही चार मामले अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों के हैं, जबकि यह भर्ती प्रदेश के स्थानीय निवासियों के लिए ही थी। इसके साथ अन्य मामलों में जाति, जन्म और मूल निवास प्रमाण पत्र में अंतर है।

यह है स्थिति इन 30 मामलों में : से 20 पर बेसिक शिक्षा विभाग ने आपत्ति लगाई थी, जबकि 10 मामले उन 4 मामलों में शामिल थे, जिन पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) प्राचार्य अहिबरन सिंह ने आपत्ति लगाई थी।

बीएसए ने आपत्तियों के आधार पर अभ्यर्थियों से साक्ष्य लेकर उनमें से 24 का तो निस्तारण कर दिया, लेकिन 10 मामलों में वह साक्ष्यों से संतुष्ट नहीं हुए।

आगरा : तीस अभ्यर्थियों को नहीं मिली राहत, शासन के पाले में फैसला

आगरा : तीस अभ्यर्थियों को नहीं मिली राहत, शासन के पाले में फैसला।

प्रक्रिया : बेसिक शिक्षा परिषद की सहायक अध्यापक भर्ती का मामला, 30 मामलों पर शासन से लिया जा रहा है मार्गदर्शन

आगरा: परिषदीय विद्यालयों में 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती के 31277 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हो चुकी हैं। इसके अंतर्गत जिले में 581 अभ्यर्थियों को विद्यालय आवंटन हो चुका है। चयनित 30 अभ्यर्थियों पर फैसला शासन स्तर से लिया जाना है, इस कारण उन्हें नौकरी फिलहाल मिलते-मिलते रुक गई है।


बेसिक शिक्षाधिकारी (बीएसए) राजीव कुमार यादव ने बताया कि शासन ने जिले में काउंसिलिंग से 674 अभ्यर्थियों को आवंटित किया था, जिनमें से 611 अभ्यर्थी काउंसिलिंग में शामिल हुए और उन्होंने अपने प्रमाण-पत्रों को जमा कराया। उनमें से पहले चरण में 560 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए और 51 अभ्यर्थियों के नियुक्ति पत्र आपत्तियों के कारण रोके गए थे। विद्यालय आवंटन काउंसिलिंग तक 51 में से 21 अभ्यर्थियों की आपत्तियों का निस्तारण स्थानीय स्तर पर साक्ष्य लेकर कर दिया गया, लेकिन अब भी 30 अभ्यर्थियों के नियुक्ति और विद्यालय आवंटन पत्र पर रोक है।


उन पर फैसला शासन स्तर से होगा। यह हैं आपत्तियां: विभाग ने जिन 30 अभ्यर्थियों के नियुक्ति और विद्यालय आवंटन पत्रों पर रोक लगाई हैं, उनमें से 20 अभ्यर्थियों के मूल अंकों और आवेदन पत्रों में लिखे गए अंकों में अंतर हैं। इस पर शासन स्तर से ही फैसला लिया जाना है। साथ ही चार मामले अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों के हैं, जबकि यह भर्ती प्रदेश के स्थानीय निवासियों के लिए ही थी। इसके साथ अन्य मामलों में जाति, जन्म और मूल निवास प्रमाण पत्र में अंतर है।

यह है स्थिति इन 30 मामलों में : से 20 पर बेसिक शिक्षा विभाग ने आपत्ति लगाई थी, जबकि 10 मामले उन 4 मामलों में शामिल थे, जिन पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) प्राचार्य अहिबरन सिंह ने आपत्ति लगाई थी।

बीएसए ने आपत्तियों के आधार पर अभ्यर्थियों से साक्ष्य लेकर उनमें से 24 का तो निस्तारण कर दिया, लेकिन 10 मामलों में वह साक्ष्यों से संतुष्ट नहीं हुए।

Monday, October 19, 2020

आगरा : 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में जिले के 51 नामों पर संशय बरकरार, कमेटी करेगी सुनवाई

आगरा :  69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में जिले के 51 नामों पर संशय बरकरार, कमेटी करेगी सुनवाई


आगरा :  बेसिक शिक्षा परिषद की 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में से 31277 पदों की सूची में शामिल जिले के 51 नामों पर संशय अब भी बरकरार है। 
बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) राजीव कुमार यादव ने बताया कि जिले को आवंटित 674 में से उपस्थित 611 में से 560 पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र दिए जा चुके हैं। लेकिन 51 अभ्यर्थियों के नियुक्ति पत्र पत्तियों के कारण रोक दिए गए थे। इन पर कमेटी द्वारा सुनवाई सोमवार से शुरू होगी। 



इनमें छह मामले बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों के हैं. लिहाजा उनका अभ्यर्थन निरस्त किया जाएगा। 23 मामले ऐसे हैं, जिन्होंने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) 2014 में की, पांच साल 2019 में पूरे हो चुके हैं। इन मामलों पर शासन व परिषद के निर्देशों के बाद कार्यवाही की जाएगी।

आज से बीएसए कार्यालय में बनेंगे मेडिकल 
बीएसए ने  बताया कि डीएम के आदेश पर चयनित अभ्यर्थियों के मेडिकल डायट परिसर स्थित बेसिक शिक्षा कार्यालय में ही बनाए जाएंगे। जिला अस्पताल के दो चिकित्सक सोमवार सुबह नौ बजे बीएसए कार्यालय पहुंच जाएंगे।

Sunday, September 20, 2020

आगरा : रिश्वत के आरोप में बेसिक शिक्षा मंत्री ने BEO और 2 शिक्षक सस्पेंड किए

आगरा : रिश्वत के आरोप में बेसिक शिक्षा मंत्री ने BEO समेत 2 शिक्षक सस्पेंड किए


बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री सतीश द्विवेदी ने बीईओ और दो शिक्षकों को सस्पेंड किया.


आगरा. बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री सतीश द्विवेदी ने शनिवार को आगरा मंडल समीक्षा बैठक में बीईओ सहित तीन को सस्पेंड कर दिया. शनिवार को हुई इस मीटिंग में जनप्रतिनिधि और अन्य लोगों की शिकायत करने पर बीईओ और दो शिक्षकों को सस्पेंड कर दिया. बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री ने इस मामले की जांच करने के आदेश दिए.


आगरा के सर्किट हाउस में हुई इस मीटिंग में बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री सतीश द्विवेदी ने आगरा मंडल के सभी जनपदों में यूनिफॉर्म वितरण और दूसरी योजनाओं की समीक्षा की. इस मीटिंग में लोगों की शिकायत करने पर खंड शिक्षाधिकारी अकोला ओमप्रकाश यादव और दो शिक्षकों को संस्पेंड कर दिया. बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि खंड शिक्षा अधिकारी अकोला ओमप्रकाश यादव के खिलाफ जनप्रतिनिधियों ने शिकायत की थी. अकोला ओमप्रकाश यादव पर बरौली अहीर का भी अतिरिक्त आभार था.


सतीश द्विवेदी ने कहा कि बरौली अहीर में तैनात दो शिक्षक उमेश यादव और प्रदीप यादव के खिलाफ भी लोगों ने शिकायत की. इन पर शिक्षकों के साथ अभद्रता करने और काम के लिए पैसे मांगने के आरोप थे. तीनों को तत्काल प्रभाव के साथ सस्पेंड कर दिया गया है और मामले की जांच की भी जाएगी.


इस समीक्षा बैठक में बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी ने ऑपरेशन कायाकल्प को आगे बढ़ाने, रिटायर्ड शिक्षकों को समय पर जीपीएफ और पेंशन का भुगतान करने, फर्जी शिक्षकों के खिलाफ जांच और यूनीफॉर्म-किताब वितरण को समय से पूरा करने के निर्देश दिए. इस मीटिंग में आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी के बेसिक शिक्षा अधिकारी, लेखा अधिकारी, आगरा मंडल के एडी बेसिक और डाइट प्राचार्य भी मौजूद रहे.

Tuesday, August 4, 2020

कोरोना काल में क्लास रुम से महंगी ऑनलाइन पढ़ाई, लैपटॉप और मोबाइल की खरीदी से घरों का बजट बिगड़ने की स्थिति

कोरोना काल में क्लास रुम से महंगी ऑनलाइन पढ़ाई, लैपटॉप और मोबाइल की खरीदी से  घरों का बजट बिगड़ने की स्थिति

 
आगरा: कोरोना काल में काम-धंधे प्रभावित होने से अभिभावक आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और लगातार स्कूलों से फीस माफ कर राहत देने की मांग कर रहे हैं। उनकी यह परेशानी यूं ही नहीं। स्कूल बंद होने से बच्चे घर पर रहकर ऑनलाइन पढ़ जरुर रहे हैं, लेकिन यह पढ़ाई क्लास रूम से भी महंगी पड़ रही है, जिससे अब घरों का बजट बिगड़ने की स्थिति बनने लगी है।


समस्या सबसे ज्यादा उन परिवारों में है, जहां एक से ज्यादा बच्चे हैं, जो अलग कक्षाओं में हैं। लिहाजा ऑनलाइन कक्षाओं का समय एक ही होने से दो स्मार्ट फोन या लैपटॉप परिवार की जरुरत बन गए हैं क्योंकि ऑफिस और बिजनेस की शुरूआत होने से अभिभावक भी अपने कामों में व्यस्त हैं। हालांकि उन घरों में अभी थोड़ी राहत है, जहां मां गृहणी हैं और स्मार्ट फोन भी रखती हैं।


ऐसे बढ़ गया खर्च: कम से कम एक स्मार्ट फोन या लैपटॉप भी लेना पड़े, तो 10 से 30 हजार रुपये का अतिरिक्त करना पड़ रहा है। साथ में इंटरनेट ब्रॉडबैंड डाटा कनेक्शन या पैक लेना भी जरुरी है, जिसकी कीमत 200 से सात सौ रुपये महीना के बीच है। सिर्फ इतना भर होता तो गनीमत थी। स्कूलों फीस और किताबों का खर्च 25 से 40 हजार के बीच चुकाया है या चुकाना बाकि है, लिहाजा 30 से 40 हजार का अतिरिक्त खर्च सिर पर पड़ने से अभिभावक परेशान हैं।


स्कूल नहीं समझ रहे पीड़ा: अभिभावकों का कहना है कि स्कूल खुले थे, तो उन्होंने बच्चों के भविष्य की खातिर मनमानी फीस देने में कभी आनाकानी नहीं की। हर साल ड्रेस, किताबों, बैग आदि का खर्च अलग करते थे। सालभर में 60 से 80 हजार और एक लाख रुपये तक खर्च करते थे, लेकिन अब कोरोना काल में स्कूल बंद होने और आय प्रभावित होने पर स्कूलों को भी हमारी परेशानी समझनी चाहिए।


केस वन
माईथान निवासी मनोज वर्मा के दो बच्चे हैं। बड़ी बेटी 12वीं और बेटा 10वीं है। सिंगल पेरेंट होने के कारण खुद की नौकरी भी देखनी है। स्कूल बंद हुआ, तो ऑनलाइन स्टडी के लिए दोनों बच्चों को लैपटॉप भी दिलाना पड़ा, जिनकी कीमत 60 हजार के करीब थी।


केस टू
दयालबाग निवासी तरुण यादव के दो बेटे हैं, दोनों कॉन्वेंट स्कूल के छात्र हैं, लिहाजा उनकी पढ़ाई के लिए लैपटॉप लेना पड़ा क्योंकि फोन से आंखों पर ज्यादा जोर पड़ता था। साथ ही उन्हें अपने काम पर जाना था। लिहाजा इस तरह 80 हजार खर्चने पड़े, क्योंकि दोनों बेटे की क्लास की टाइमिंग एक ही है।

राज्य अध्यापक और मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार के लिए आवेदन का आज आखिरी दिन, उसके बाद यह होगी प्रक्रिया

राज्य अध्यापक और मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार के लिए आवेदन का आज आखिरी दिन, उसके बाद यह होगी प्रक्रिया

 
आगरा : राज्य अध्यापक और मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार के लिए आवेदन करने की मंगलवार को अंतिम तिथि है, लिहाजा आवेदन के इच्छुक शिक्षक चार अगस्त को रात 12 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। बता दें कि इसकी अंतिम तिथि पहले 30 जुलाई तय की गई थी, लेकिन आवेदन बेहद कम रहने पर शासन ने इसे बढ़ा दिया था।


डीआइओएस रवींद्र सिंह ने बताया कि राज्य अध्यापक पुरस्कार एवं मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार के लिए जिले के प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, शिक्षकों के पास अब भी आखिरी मौका है, वह मंगलवार रात 12 बजे तक सभी प्रपत्रों और औपचारिकताएं पूरी कर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। फिलहाल की बात की जाए, तो जिले में अब तक राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए कुल 30 और मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार के लिए कुल 18 शिक्षकों ने आवेदन किए हैं।

यह होगी प्रक्रिया

अंतिम तिथि पूरी होने के बाद पांच अगस्त को जिला समिति आवेदनों का परीक्षण व स्थलीय सत्यापन कर पात्र अध्यापकों का चयन करेगी और मंडलीय समिति को प्रस्ताव भेजेगी। मंडलीय समिति अध्यापक पुरस्कार के लिए 14 से 20 अगस्त के बीच, जबकि मुख्यमंत्री पुरस्कार के लिए पांच से 17 अगस्त के बीच पात्र अध्यापकों का चयन करेगी और राज्य चयन समिति के सदस्य सचिव व शिक्षा निदेशक को प्रस्ताव उपलब्ध कराएगी। इसके बाद शासन स्तर से उनकी घोषणा की जाएगी।

Monday, August 3, 2020

फंदे पर लटकता मिला शिक्षामित्र का शव, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

फंदे पर लटकता मिला शिक्षामित्र का शव, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच में जुटी पुलिस
 

आगरा : बाह क्षेत्र में चित्राहाट के नगला सुरई गांव में रविवार की सुबह शिक्षामित्र सत्यवान सिंह (42) का शव घर के कमरे में फंदे से लटकता मिला। कमरे का दरवाजा खुला था। साथियों का मानना है कि शिक्षक पद से समायोजन निरस्त होने के अवसाद में यह आत्मघाती कदम उठाया है। हालांकि परिजनों ने हत्या का अंदेशा भी जताया है। शिक्षामित्र संघ से जुड़े लोगों ने सरकार से परिवार की आर्थिक मदद की गुहार लगाई है। 


चित्राहाट के नगला सुरई गांव निवासी सत्यवान पुत्र साहब सिंह पारना गांव के प्राइमरी स्कूल में शिक्षामित्र थे। साथी शिक्षामित्रों और परिजनों ने बताया कि सहायक अध्यापक पद पर समायोजन निरस्त होने के बाद से सत्यवान गुमशुम रहने लगे थे।
शनिवार की रात खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने चले गए थे। रविवार की सुबह फंदे पर शव लटका मिला। कमरे का दरवाजा खुला देख घरवाले हत्या की आशंका जता रहे हैं। सूचना पर पहुंची चित्राहाट पुलिस ने छानबीन करने के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।   


एसओ चित्राहाट ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार कार्रवाई की जाएगी। वहीं शिक्षामित्र संगठन के अजय भदौरिया, शैलेंद्र भदौरिया, अनिल शर्मा, पंकज बौहरे , पीतम गुर्जर, नेवर सिंह आदि ने सरकार से परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की गुहार लगाई है।


पत्नी भी है शिक्षामित्र, मायके गई थी 
मृतक शिक्षामित्र सत्यवान की पत्नी ऊषा देवी भी नगला सुरई के प्राइमरी स्कूल में शिक्षामित्र है। उनके दो बच्चे अभिनव (12), गीतांजलि (7) वर्ष हैं। दो दिन पहले ही सत्यवान ऊषा देवी को रक्षाबंधन पर मायके इटावा गई थी। सत्यवान खुद छोड़ने गए थे। मौत की खबर लगते ही वह रोते-बिलखते घर लौटी।  

Sunday, August 2, 2020

नवोदय में प्रवेश के लिए हुआ फर्जीवाड़ा, जांच में खुला सारा खेल

Fraud in Entrance: नवोदय में प्रवेश के लिए हुआ फर्जीवाड़ा, जांच में खुला सारा खेल


 विद्यालय की जांच में खुली फर्जीवाड़े की पोल। प्रवेश निरस्त करने के लिए मांगी बीएसए से अनुमति। ...


आगरा । जवाहर नवोदय विद्यालय कौलारा कलां में कक्षा छह के लिए हुई प्रवेश परीक्षा में सेंधमारी हुई है। स्कूली शिक्षकों की जांच कमेटी ने ऐसे 10 अभ्यर्थियों को चिन्हित किया है, जो पिछले साल भी इसी कक्षा के लिए परीक्षा में शामिल हुए थे, लेकिन सफल नहीं हो पाए। इस साल सफल होने उन्हें प्रवेश मिल गया, लेकिन डाटा वैरिफाई में रिकॉर्ड पकड़ा गया। स्कूल ने मामले में बीएसए से प्रवेश निरस्त करने की अनुमति मांगी है।


दरअसल 20 जून को सीबीएसई बोर्ड ने 80 चयनीत अभ्यर्थियों की सूची भेजी, विद्यालय प्रबंध कमेटी और एसडीएम फतेहाबाद को भेजी, सभी अभ्यर्थियों को प्रवेश के लिए सूचित किया गया। चयनित अभ्यर्थियों के प्रपत्रों की जांच के लिए विद्यालय स्तर पर एक पांच सदस्यीय कमेटी उप प्राचार्य की अध्यक्षता में गठित हुई। आवेदन पत्रों की जांच हुई, तो पता चला कि 10 अभ्यर्थियों ने दूसरी बार इस प्रवेश परीक्षा में हिस्सा लिया है, जबकि नवोदय विद्यालय समिति के नियमानुसार इसमें एक ही बार शामिल हो सकते हैं। कक्षा पांचवीं में भी उन्होंने फर्जी तरीके से दो बार प्रवेश लेकर पढ़ाई की। लिहाजा सभी दस अभ्यर्थियों को स्कूल कमेटी ने अपात्र घोषित करते हुए बीएसए से मामले में कार्यवाही की अनुमित मांगी है।


कोचिंग माफिया पर शक
मामले के पीछे दबी जुवां में स्कूल में प्रवेश का दम भरने वाली कोङ्क्षचग माफिया का हाथ होने की आशंका लग रही है, क्योंकि अभिभावकों को इसके नियमों की ज्यादा जानकारी नहीं, लिहाजा इस दिशा में भी जांच किए जाने की जरुरत है। इसके लिए पर्याप्त साक्ष्य भी हैं, सिर्फ चिन्हित अभ्यर्थियों ने जहां से दोनों बार पांचवीं की है, उनकी जांच करने की जरुरत है कि उन्होंने बिना जानकारी एक ही कक्षा में दूसरी बार प्रवेश कैसे दे दिया।


यह नाम मिले संदिग्ध
- सुमित सौलंकी
- रौनक
- कृष्णा चौहान
- रोहित गुर्जर
- समीर खान
- सचिन कुमार
- पूजा चरग
- नेहालिका धनगर
- अरुण
- अजय

(उक्त अभ्यर्थी वर्ष 2019 और 2020 दोनों साल अछनेरा, शमसाबाद, बिचपुरी, जगनेर, फतेहपुरसीकरी, बरौली अहीर, फतेहाबाद, जैतपुर कलां और नगर क्षेत्र को ब्लॉक दिखाकर भरे गए। कुछ ने दोनों साल अलग-अलग ब्लॉक भी दिखाए।


बीएसए ने बीईओ को सौंपी जांच
बीएसए राजीव कुमार यादव का कहना है कि मामले की जांच खंड शिक्षाधिकारी को सौंपी गई है। वह जांच कर जल्द ही मामले में अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।


Thursday, July 30, 2020

आगरा : आगरा विवि के फर्जी घोषित करने के बाद फर्जी प्रमाणपत्र वाले 171 शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई का रास्ता साफ

आगरा : आगरा विवि के फर्जी घोषित करने के बाद फर्जी प्रमाणपत्र वाले 171 शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई का रास्ता साफ 


आगरा। जिले के परिषदीय प्राथमिक और उप प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत और एसआईटी की सूची में शामिल 171 और शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की ओर से अपना पक्ष रखने वाले 12 अभ्यर्थियों को फर्जी घोषित किए जाने से बेसिक शिक्षा विभाग का काम आसान हो गया है। अब सूची प्राप्त होने का इंतजार है। बेसिक शिक्षा विभाग ने विवि के बीएड सत्र 2004-05 को एसआईटी की ओर से तैयार फर्जी एवं टेम्पर्ड प्रमाण पत्रों की सूची से जिले में 249 शिक्षकों को चिह्नित किया था।


इसमें से 195 का नाम फर्जी प्रमाणपत्र और फर्जी घोषित किए सूची में शामिल गए 812 अभ्यर्थियों की सूची में नाम प्रशासन ने सात होने की उम्मीद 54 का नाम टेपर्ड प्रमाणपत्रों की फरवरी 2020 को एसआईटी की सूची में शामिल 2823 अभ्यर्थियों को फलों घोषित कर दिया इन अभ्यर्थियों में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से ललित 195 में से 24 शिक्षकों के नाम थे। इनको बर्खास्त कर दिया गया है। का 171 अभ्यर्थियों का वेतन रोका गया है। इनके खिलाफ खस्तगी की कार्रवाई के लिए विवि में अपना पक्ष रखने वाले 814 अभ्यर्थियों पर निर्णय लिए जाने का इंतजार किया जा रहा था। बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार यादव ने सूची के लिए विवि के अधिकारियों से संपर्क भी किया था। इनका कहना है कि सूची मिलने के साथ बाकी चिन्हित शिक्षकों के नाम से मिलान करने के बाद बास्तगी की कार्रवाई की जाएगी।

आगरा : वेतन और अकारण निलंबन के विरोध में शिक्षकों ने बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर किया विरोध प्रदर्शन, सार्वजनिक गिरफ्तारी देने के बाद मिला वेतन

आगरा : वेतन और अकारण निलंबन के विरोध में शिक्षकों ने बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर किया विरोध प्रदर्शन,  सार्वजनिक गिरफ्तारी देने के बाद मिला वेतन।

आगरा : : शिक्षकों के वेतन और अकारण निलंबन के विरोध में बुधवार को शिक्षकों ने बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय पर तालाबंदी कर सामाजिक गिरफ्तारी भी दी। हालांकि गिरफ्तारी के बाद शिक्षकों का वेतन और शिक्षामित्रों का मानदेय जारी कर दिया गया।



राष्ट्रवादी शिक्षक महासंघ के बैनर तले प्रदेश संयोजक मुकेश डागुर व वीरेन्द्र छौंकर के नेतृत्व में बुधवार को दोपहर में ने एसडीएम महेंद्र कुमार व क्षेत्राधिकारी नम्रता श्रीवास्तव का सामाजिक गिरफ्तारी दी। शिक्षकों ने सीएम महेंद्र कुमार को बेसिक शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।


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Friday, July 24, 2020

अध्यापक से घूस लेते गिरफ्तार तत्कालीन वित्त एवं लेखाधिकारी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल, जांच में सही मिले रिश्वत के आरोप


रिश्वत लेते गिरफ्तार तत्कालीन वित्त एवं लेखाधिकारी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

सीबीसीआईडी की जांच में सही मिले रिश्वत के आरोप, सहायक अध्यापक से ली थी घूस

● सीबीसीआईडी कर रही थी जांच
● लखनऊ विजिलेंस ने वर्ष 2017 में रंग हाथ पकड़ा था
 

आगरा में वर्ष 2017 में सहायक अध्यापक से 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किए गए बेसिक शिक्षाधिकारी के तत्कालीन वित्त एवं लेखाधिकारी कन्हैया लाल सारस्वत के खिलाफ सीबीसीआईडी ने चार्जशीट लगा दी है। उन पर लगे आरोप सही पाए गए।  


मूलरूप से हाथरस के चंदपा निवासी तत्कालीन वित्त एवं लेखाधिकारी कन्हैया लाल सारस्वत बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में तैनात थे। दो मई 2017 को लखनऊ की विजिलेंस टीम ने 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। थाना शाहगंज में मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में खेरागढ़ ब्लाक के सरेंडा में तैनात सहायक अध्यापक दिनेश सिंह चाहर ने शिकायत की थी। 


आरोप था कि उनका निलंबन अवधि के जीवन निर्वहन भत्ता का 1.5 लाख रुपये रुके हुए थे। उसका बिल पास करने के बदले कन्हैया ने उससे रिश्वत में 50 हजार रुपये मांगी थी। सहायक अध्यापक के रिश्वत नहीं देने पर वेतन पास नहीं किया था। इस मामले में लखनऊ विजिलेंस ने जांच की। 


इसके बाद अधिकारी को रंगे हाथ पकड़ लिया था। आरोपी ने अपनी गिरफ्तारी के पीछे शिक्षा माफिया और विजिलेंस की मिलीभगत का आरोप लगाया था। जांच सीबीसीआईडी से कराने की मांग की। इस पर दिसंबर 2018 में जांच सीबीसीआईडी को सौंपी गई। जांच में वित्त एवं लेखाधिकारी पर लगे आरोप सही पाए गए।

Wednesday, July 1, 2020

आगरा : दो शिक्षकों की दो-दो जिलों में तैनाती, जांच के आदेश

आगरा : दो शिक्षकों की दो-दो जिलों में तैनाती, जांच के आदेश


आगरा। बेसिक शिक्षा विभाग में आगरा में दो ऐसे शिक्षक तैनात मिले हैं जिनकी तैनाती दूसरे जिलों में भी है। जांच में पता चला है कि इनमें से एक मनोज कुमार की तैनाती कासगंज में भी है। संतोष कुमारी की तैनाती कन्नौज में भी है। अनामिका शुक्ला जैसे इस फर्जीवाड़े का पता चलते ही बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार यादव ने जांच के आदेश दिए हैं। 


वित्त एवं लेखाधिकारी पंकज कुमार सिंह ने इन शिक्षकों के बारे में रिपोर्ट बेसिक शिक्षा अधिकारी को दी है। प्रारंभिक तौर पर की गई जांच पड़ताल में मनोज कुमार की तैनाती सैंया ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय, जाजऊ के सहायक अध्यापक के पद पर होने के साथ कासगंज में भी है। दोनों जगह पर्सनल अकाउंट नंबर (पैन) एक ही दिया गया है हालांकि जन्मतिथि, आधार संख्या, नियुक्ति तिथि और खाता संख्या अलग-अलग हैं।