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Sunday, April 4, 2021

सुविधा: पांच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए बनवाएं 'नीला आधार कार्ड', जानें पूरी प्रक्रिया


सुविधा: पांच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए बनवाएं 'नीला आधार कार्ड', जानें पूरी प्रक्रिया

● आधार कार्ड जारी करने वाली संस्था यूआईडीएआई बच्चों के आधार बनवाने की सुविधा भी देती है।

● यदि आपका बच्चा पांच साल से कम उम्र का है तो आप उसके लिए बाल आधार बनवा सकते हैं।

● बच्चों के लिए जारी किया जाने वाला आधार नीले रंग का होता है।


   
आधार कार्ड प्रत्येक भारतीय नागरिक के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज है। आधार कार्ड केवल एक दस्तावेज ही नहीं है, बल्कि पहचान पत्र है। किसी भी वित्तीय लेनदेन और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आधार बेहद जरूरी है। आधार में न सिर्फ आपके पते की जानकारी होती है, बल्कि इसमें व्यक्ति की बायोमेट्रिक जानकारी भी होती है। आधार कार्ड जारी करने वाली संस्था भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) बच्चों के आधार बनवाने की सुविधा भी देती है। जी हां, आपको अपने बच्चों के लिए बाल आधार बनवाना होता है। अगर आप भी अपने बच्चे का आधार कार्ड बनवाना चाहते हैं तो इधर जानें कि आपको किन बातों का ध्यान रखना होगा। 


यदि आपका बच्चा पांच साल से कम उम्र का है तो आप उसके लिए बाल आधार बनवा सकते हैं। लेकिन बच्चे के पांच वर्ष के होने पर यह आधार अमान्य हो जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि उसे अपने पास वाले स्थायी आधार केंद्र पर जाकर उसी आधार संख्या से बायोमेट्रिक विवरण रजिस्ट्रर कराना होता है। मालूम हो कि बच्चों के लिए जारी किया जाने वाला आधार नीले रंग का होता है। बाल आधार के लिए जहां कहीं भी बच्चे की पहचान की जरूरत होती है, वहां उसके माता-पिता को साथ जाना होता है। 


आइए जानते हैं आप बाल आधार कैसे बनवा सकते हैं और बायोमेट्रिक विवरण रजिस्ट्रर कराने के लिए फ्री में अपॉइंटमेंट कैसे ले सकते हैं-


ऐसे बनवाएं बाल आधार

● इसके लिए आपको अपने बच्चे के साथ आधार इनरोलमेंट सेंटर जाना होगा और एक फॉर्म भरना होगा। 
● सेंटर पर बच्चे का और माता पिता में से किसी एक का जीवन प्रमाण पत्र ले जाना जरूरी है। 
● सेंटर पर बच्चे की फोटो खीची जाएगी, जो बाल आधार पर लगेगी। 
● बाल आधार के साथ माता या पिता में से किसी एक के आधार कार्ड से लिंक किया जाता है। 
● आपको अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर भी जमा कराना होगा। वेरिफिकेशन और रजिस्ट्रेशन के बाद कंफर्मेशन मैसेज रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आएगा। 
● कंफर्मेशन मैसेज मिलने के 60 दिनों के भीतर आपके रजिस्टर्ड पते पर बाल आधार आ जाएगा।


बायोमेट्रिक विवरण रजिस्ट्रर कराने के लिए आप फ्री में ऑनलाइन अपॉइंटमेंट ले सकते हैं। ऐसे लें अपॉइंटमेंट -

ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेने के लिए आपको सबसे पहले UIDIA की वेबसाइट https://uidai.gov.in/ पर जाना होगा। 
वेबसाइट पर जाकर आपको 'My Aadhaar' टेब पर क्लिक करना होगा, जिसके बाद आपको बुक एन अपॉइंटमेंट का एक विकल्प मिलेगा।

इस पर जाने के बाद आपको सिटी लोकेशन का एक और विकल्प मिलेगा, जिसमें से आपको शहर का चयन करना होगा। 
शहर चुनने के बाद 'प्रोसेस्ड टू बुक एन अपॉइंटमेंट' पर क्लिक करें।

अब आपके समक्ष एक नया पेज खुलेगा, जिसमें तीन ऑप्शन होंगे- न्यू आधार, आधार अपडेट और मैनेज अपॉइंटमेंट। अपनी आवश्यकता के अनुसार आप इनमें से कोई विकल्प चुन सकते हैं।
उचित विकल्प चुनने के बाद आपको रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, कैप्चा कोड और ओटीपी डालना होगा, जिसके बाद आपकी एप्लीकेशन वेरीफाई होगी। इस दौरान आपको अपॉइंटमेंट के लिए टाइम स्लॉट भी चुनना होगा। ये सब करने के बाद इसे सबमिट कर दें। 

बता दें कि बुकिंग प्रोसेस पूरी तरह ये मुफ्त है।


Saturday, September 5, 2020

सरकारी व सहायताप्राप्त स्कूलों के बच्चों का आधार प्रमाणीकरण जल्द

सरकारी व सहायताप्राप्त स्कूलों के बच्चों का आधार प्रमाणीकरण जल्द


लखनऊ मंडल के सरकारी व सहायताप्राप्त स्कूलों में बच्चों के आधार कार्ड बनाने व प्रमाणीकरण की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी। श्रीटान इण्डिया लिमिटेड को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। लखनऊ मंडल से इसका पायलट प्रोजेक्ट शुरू होगा। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने आदेश जारी कर दिया है।


 श्रीटान इण्डिया को बच्चों का आधार कार्ड बनाने, उसमें संशोधन करने और उसके प्रमाणीकरण का काम करना होगा। इसके लिए प्रति बच्चा 5 रुपए दिया जाएगा। 1,24,47120 बच्चों के पास आधार कार्ड है। इनमें संशोधन और आधार प्रमाणीकरण का काम करना होगा। 4043327 बच्चों के पास आधार कार्ड नहीं है। उनके कार्ड को बनाने का काम भी श्रीटान इण्डिया को करना होगा।

Tuesday, July 28, 2020

छात्रवृत्ति चाहे राज्य दे या केंद्र सरकार, आधार हुआ अनिवार्य

छात्रवृत्ति चाहे राज्य दे या केंद्र सरकार,  आधार हुआ अनिवार्य

 

प्रयागराज। भारत सरकार या राज्य सरकार की ओर से दी जाने वाली छात्रवृत्ति में इस बार आधार अनिवार्य कर दिया गया है। आधार न होने की दशा में छात्र-छात्राएं छात्रवृत्ति के लिए आवेदन ही नहीं कर सकेंगे। 2020- 21 के लिए इसे अनिवार्य किया गया है। समाज कल्याण अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन में इस व्यवस्था को लागू किया जा रहा है। आधार नंबर का वेरिफिकेशन न होने पर फॉर्म सबमिट नहीं होगा।


आधार बेस भुगतान की प्रक्रिया के तहत विद्यार्थियों के आधार नंबर से लिंक बैंक खाते में छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि जाएगी। छात्रों का बैंक खाता जिस बैंक में खुला होगा वह बैंक पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम से मैप होना चाहिए। छात्रवृत्ति को आधार बनवाना होगा, आधार को बैंक से लिंक कराएं। हाईस्कूल अंकपत्र- प्रमाण पत्र में दर्ज नाम ही आधार में होने चाहिए। जन्मतिथि गलत है तो अपडेट कराएं। आधार नंबर, नाम, पिता या पति का नाम, लिंग और जन्मतिथि का सत्यापन होने के के बाद आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगी। इसे भरने के बाद ही फॉर्म सबमिट होगा।

Friday, July 24, 2020

फतेहपुर : शिक्षकों के बाद बच्चों के आधार नामांकन का होगा सत्यापन

फतेहपुर : शिक्षकों के बाद बच्चों के आधार नामांकन का होगा सत्यापन।

फतेहपुर : शिक्षा विभाग में मिल रहे तमाम फर्जीवाड़े को लेकर शासन अब सख्त दिख रही है। सभी बॉ विद्यालयों के स्टाफसमेत परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों एवं शिक्षामित्र, अनुदेशकों आदि के कागजातों का सत्यापन कार्य कराया जा रहा है। अब स्कूलों में बच्चों के फर्जी आंकड़ेबाजी के संदेह पर सभी छात्र छात्राओं के आधार कार्ड का भी सत्यापन कराए जाने कीशासन से संकेत मिलने लगे हैं। जिले के परिषदीय स्कूलों में दो लाख से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं। जिसमें परिषदीय सहायता प्राप्त स्कूलों के बच्चे इसमें शामिल हैं। गैर जिलों में नौकरी हासिल करने में कई शिक्षक शिक्षकों ने खूब फर्जीवाड़ा किया है। शिक्षकों के बाद अब बेसिक शिक्षा विभाग बच्चों की संख्या का सत्यापन करवाने जा रहा है। इसके बाद बच्चों की फर्जी संख्या परलगाम लगने की उम्मीद है। माना जा रहा है अधिकतर स्कूलों में बच्चों के पंजीकरण में फर्जीवाड़ा कर भ्रष्टाचार की शिकायतें शासन तक पहुंचने के बाद बच्चों के पंजीकरण में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए अनुशासन ने पंजीकृत बच्चों के आधार कार्ड सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए तीन स्तरों पर काम किया जाएगा। पहला बच्चों की आधार संख्या की फीडिंग हैं तो उसका सत्यापन होगा और यदि बच्चे का आधार कार्ड नहीं तो उसका कार्ड बनाया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग यूआईडीएआई ने रजिस्ट्रार नामित किया है। इसके लिए हरविकास खंड में आधार नामांकन की व्यवस्था पहले से ही की जा चुकी है। आधार कार्ड इसी से बनाया जाएगा। हालांकि विभाग का कहना है कि अभी तक ऐसा कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। यदि आता है तो आधार सत्यापन कराया जाएगा।




कुछ ऐसे होता है फर्जीवाड़ा ::  स्कूलों में पंजीकृत बच्चों की संख्या को लेकर फर्जीवाड़े की आशंका हमेशा जताई जाती है। कई शहर की सीमाओं से सटे स्कूलों में संख्या बढ़ा कर लिखी जाती है। एक ही बच्चा आसपास के कई स्कूलों में पंजीकृत कर लिया जाता है। क्योंकि पहले इसके आधार पर ही शिक्षकों की संख्या तय की जाती थी। वहीं, पंजीकृत संख्या के आधार पर ही यूनिफार्म, स्वेटर, जूते-मोजे, स्कूल बैग, किताबें आदि खरीदी जाती हैं। मिड डे मील की मानीटरिंग से आईवीआरएस के जरिए होने के बाद मासिक या सालाना औसत निकाला जाता है तो वह पंजीकृत बच्चों की संख्या से काफी कम रहता है।


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Thursday, June 11, 2020

छात्रवृत्ति के लिए समय-सारणी जारी


छात्रवृत्ति के लिए समय-सारणी जारी 

लखनऊ। समाज कल्याण विभाग ने छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के लिए समय सारणी जारी कर दी है। कक्षा 11-12 और इससे ऊपर की कक्षाओं के विद्यार्थी 1 अगस्त से 5 नवंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। रिनुअल श्रेणी के उन छात्रों को जिनका डाटा ठीक होगा, उन्हें 1 अक्टूबर को भुगतान कर दिया जाएगा। शेष छात्रों को 25 जनवरी को भुगतान होगा। इसी तरह से कक्षा 9 व 10 में के छात्र 24 जुलाई से 12 अक्टूबर तक आवेदन कर सकेंगे


छात्रवृत्ति आवेदन के लिए गाइडलाइन जारी, छात्रवृत्ति के लिए आधार से मोबाइल नंबर व बैंक खाता लिंक करना अनिवार्य


छात्रवृत्ति योजना में गड़बड़ी रोकने के लिए छात्रों के आधार का ऑनलाइन सत्यापन कराया जाएगा। चालू वित्तीय वर्ष में छात्रों के आधार नंबर के सत्यापन और ओटीपी के बिना आवेदन सब्मिट नहीं हो सकेगा। इस प्रक्रिया में छात्र- छात्राओं के नाम, पिता-पति के नाम केसत्यापन के बाद आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाएगा। ओटीपी भरने के बाद ही छात्रवृत्ति आवेदन ऑनलाइन अनिवार्य स्वीकार होगा।




सरकारी छात्रवृत्ति अब आधार के बगैर नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल दिया था आदेश


अब आधार कार्ड के बगैर समाज कल्याण विभाग से अनुसूचित जाति व सामान्य वर्ग के गरीब जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति और फीस भरपाई की सुविधा नहीं मिल पाएगी।
बुधवार को इस बाबत प्रमुख सचिव समाज कल्याण मनोज सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में तय हुआ कि आगामी शैक्षिक सत्र से उन्हीं छात्र-छात्राओं के छात्रवृत्ति और फीस भरपाई के आवेदनों पर विचार किया जाएगा जिनके आवेदन के साथ त्रुटिरहित आधार की प्रमाणित प्रति संलग्न होगी।


यही नहीं छात्रवृत्ति और फीस भरपाई की स्वीकृत धनराशि आवेदक के उसी बैंक खाते में भेजी जाएगी जो आधार से लिंक रहेगा।


इस बाबत पिछले साल ही सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था। मगर जब तक सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश पर केंद्र सरकार का गजट नोटिफिकेशन आता तब तक उ.प्र. में छात्रवृत्ति और फीस भरपाई की प्रक्रिया काफी आगे बढ़ चुकी थी, इसलिए इस बार नये शैक्षिक सत्र से इस व्यवस्था को अनिवार्य रूप से लागू करने का निर्णय लिया गया।

Wednesday, May 13, 2020

आधार प्रमाणीकरण के बगैर नहीं हो सकेंगे छात्रवृत्ति के आवेदन, वर्तमान वित्तीय वर्ष से सभी विभागों में लागू होगी व्यवस्था

आधार प्रमाणीकरण के बगैर नहीं हो सकेंगे छात्रवृत्ति के आवेदन, वर्तमान वित्तीय वर्ष से सभी विभागों में लागू होगी व्यवस्था


लखनऊ : प्रदेश सरकार ने छात्रवृत्ति की गड़बड़ी रोकने के लिए आधार नंबर प्रमाणीकरण अनिवार्य कर दिया है। प्रमाणीकरण के बगैर छात्र-छात्राएं छात्रवृत्ति के ऑनलाइन आवेदन पत्र नहीं भर पाएंगे। यानी आवेदन पत्र में दर्ज विवरण का आधार से मिलान होने के बाद ही छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति के आवेदन पत्र आगे बढ़ाये जाएंगे। यह व्यवस्था वर्तमान वित्तीय वर्ष से सभी विभागों की छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति योजना में लागू होगी। समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण, दिव्यांगजन सशक्तिकरण व जनजाति विकास विभाग में संचालित छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति योजना में अब आधार नंबर प्रमाणीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति के ऑनलाइन आवेदन भरने में छात्र-छात्राओं को नाम,पिता का नाम, जन्म तिथि व जेंडर भरना होगा। आधार नंबर डालने के बाद सॉफ्टवेयर यूआइडीएआइ की वेबसाइट से विवरण मिलाएगा। यदि विवरण मेल नहीं खाया तो आधार नंबर प्रमाणीकरण नहीं होगा। ऐसे में आवेदन पत्र आगे नहीं बढ़ेगा। यानी आप जो विवरण ऑनलाइन आवेदन पत्र में भर रहे हैं वह आपके आधार कार्ड में दर्ज विवरण से मिलना चाहिए। आधार नंबर प्रमाणीकरण के बाद छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति के आवेदन पत्रों को पूरा भरकर जमा करना होगा। इस नई व्यवस्था से ऐसे छात्र-छात्राएं भी आवेदन नहीं कर पाएंगे, जिनके आधार कार्ड में दर्ज विकिरण हाईस्कूल से अलग हैं। यानी नाम, पिता का नाम, जन्मतिथि व जेंडर में एक भी चीज आधार से मिसमैच नहीं होनी चाहिए।







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