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Monday, November 16, 2020

आगरा : RTE के तहत प्रवेश हुआ या नहीं, विभाग कर रहा तस्दीक

आगरा : RTE के तहत प्रवेश हुआ या नहीं, विभाग कर रहा तस्दीक।

आगराः शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसमें पात्र विद्यार्थियों को स्कूलों ने प्रवेश दिया कि नहीं, इसकी तस्दीक करने के लिए कवायद शुरू हो चुकी है। बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों को पत्र लिखकर प्रवेश पाने वाले इन विद्यार्थियों की जानकारी मांगी है।


बेसिक शिक्षाधिकारी (बीएसए) राजीव कुमार यादव ने बताया कि जिले में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत पहले चरण में 1585, दूसरे चरण में 494 और तीसरे चरण में 119 बच्चों के नाम लाटरी में निकल चुके हैं। इस वर्ष तीन चरण में 2198 विद्यार्थियों को प्रवेश के लिए पत्र जारी कर दिए गए हैं। स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी के प्रवेश कराना सुनिश्चित करें और इसकी जानकारी विद्यार्थियों को भी उपलब्ध कराएं।

कई स्कूल नहीं दे रहे हैं प्रवेशः विभाग को शिकायत मिल रही है कि कई स्कूल लाटरी में आरटीई के तहत चयनित बच्चों को प्रवेश नहीं दे रहे हैं। इसके लिए स्कूलों से जानकारी मांग कर स्थिति स्पष्ट की जा रही है।


वह मांगी है जानकारी

शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत प्रवेश पाने वाले करीब 300 स्कूलों से बच्चों का बैंक खाता संख्या मांग जा रहा है, जिसमें फीस प्रतिपूर्ति भेजी जाएगी। इसके साथ प्रवेश पाने वाले विद्यार्थियों की संख्या और आवंटित विद्यार्थियों की संख्या भी मांगी गई है। अभी तक सिर्फ 25 फीसद स्कूलों ने ही सूचना उपलब्ध कराई है।

Sunday, November 15, 2020

राजधानी लखनऊ में RTE अंतर्गत हज़ार से अधिक बच्चों की पढ़ाई दांव पर, नहीं म‍िल सका प्रवेश, निजी स्कूलों के खिलाफ कार्यवाई हेतु हिम्मत नहीं जुटा पा रहा विभाग।

राजधानी लखनऊ में RTE अंतर्गत हज़ार से अधिक बच्चों की पढ़ाई दांव पर, नहीं म‍िल सका प्रवेश, निजी स्कूलों के खिलाफ कार्यवाई हेतु हिम्मत नहीं जुटा पा रहा विभाग।


 कई साल से शिक्षा के अधिकार के तहत दुर्बल आय वर्ग के बच्चों को दाखिला देने में आनाकानी करने वाले निजी स्कूलों पर बेसिक शिक्षा विभाग इस बार भी कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा सका। हर बार की तरह इस बार भी दाखिले की समय सीमा समाप्त हो गई और करीब एक हज़ार से अधिक बच्चे दाखिले से वंचित रह गए। मगर जिम्मेदारों की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ा। जिम्मेदार हर बार की तरह इस बार भी नोटिस जारी करने तक सीमित रह गए। ऐसे में सवाल इस बात का है की दाखिला न पाने वाले एक हज़ार बच्चों का भविष्य क्या होगा? स्वाभाविक है कि उन्हें इस बार क्या बिना दाखिले व पढ़ाई के ही रहना होगा।


दरअसल, राजधानी में शिक्षा के अधिकार के तहत निजी स्कूलों में दाखिले के लिए इस बार तीसरे चरण में 17 जुलाई से 10 अगस्त तक आवेदन करना था। 11 से 12 अगस्त के बीच जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा आवेदन पत्र का सत्यापन कर उन्हें लॉक करना था। विभाग की ओर से 14 अगस्त को लॉटरी निकाली गई और 30 अगस्त तक पात्र बच्चों का निजी स्कूलों में दाखिला सुनिश्चित कराया जाना था। मगर हर साल की तरह इस बार भी जिम्मेदार तमाम बच्चों को दाखिला दिलाने में नाकाम साबित हुए। इससे भी अधिक गंभीर बात यह रहेगी जिम्मेदारों ने इन निरंकुश निजी स्कूलों पर कोई ठोस कार्रवाई करने की इस बार भी हिम्मत नहीं दिखाई। शायद यही कारण है कि निजी स्कूल शिक्षा के अधिकार के तहत दुर्बल आय वर्ग के बच्चों को दाखिला देने में दिलचस्पी नहीं दिखाते।


राजधानी में ऑनलाइन माध्यम से 11729 और ऑफलाइन माध्यम से करीब 900 पात्र बच्चों को शिक्षा के अधिकार के तहत दाखिला दिलाया जाना था। मगर दाखिले को लेकर विभाग द्वारा निर्धारित तारीख बीतने के बाद भी महज करीब 10000 बच्चों को ही निजी स्कूलों में दाखिला मिल सका। जबकि करीब एक हजार से अधिक बच्चे इस बार अभी दाखिले से वंचित रह गए हैं। आरटीई को लेकर बच्चों को निशुल्क शिक्षा मुहैया कराने को लेकर अधिकारियों की ओर से बड़े-बड़े दावे भी किए जाते हैं, मगर  राजधानी के हाल को देखकर  प्रदेश के अन्य जिलों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।


'इस सत्र अभी तक करीब 10000 बच्चों को आरटीई के तहत दाखिला दिलाया गया है। व्यवहारिक रूप से अभी भी दाखिले हो रहे हैं। जिन स्कूलों ने बच्चों को दाखिला नहीं दिया हैं, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई भी होगी।'  -दिनेश कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, लखनऊ

Saturday, September 19, 2020

Right to Education : तमाम जतन बाद भी निजी स्कूल नहीं रहे सुधर, स्कूलों को नोटिस जारी, बीएसए ने दी चेतावनी

Right to Education : तमाम जतन बाद भी निजी स्कूल नहीं रहे सुधर, स्कूलों को नोटिस जारी, बीएसए ने दी चेतावनी



Right to Education दाखिला न देने पर बेसिक शिक्षा विभाग ने जारी की सूची। बीएसए बोले नोटिस के बाद भी दाखिला न लेने वाले स्कूलों पर होगी कड़ी कार्रवाई। ...


लखनऊ । तमाम जतन बाद भी निजी स्कूल सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। बीते वर्षो की तरह इस बार भी तमाम निजी स्कूलों ने शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत दुर्बल आय वर्ग के बच्चों का दाखिला लेने में आनाकानी शुरू कर दी है। अभी तक दाखिला न लेने वाले करीब 21 स्कूलों को चिन्हित कर बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय नोटिस जारी की गई है। बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉक्टर दिनेश कुमार का कहना है कि ऐसे स्कूलों को चिन्हित कर लिया गया है अगर वह दाखिला नहीं देते हैं तो उनके खिलाफ सख्ती से पेश आया जाएगा।बहरहाल अब यह देखना है कि विभाग इन स्कूलों में बच्चों को दाखिला दिला पाता है या नहीं?


 इन स्कूलों को जारी हुई नोटिस
एग्जान मोंटेसरी स्कूल कैंपवेल रोड,एविज कान्वेंट स्कूल गढ़ी पीर खां, बीएसडी एकेडमी बरौरा, सेंट्रल अकैडमी सेक्टर 4 विकास नगर, टाउन हॉल पब्लिक स्कूल ठाकुरगंज, लखनऊ पब्लिक स्कूल राजाजीपुरम, सिटी इंटरनेशनल स्कूल ठाकुरगंज, न्यू पब्लिक स्कूल देवपुर पारा, राजकुमार एकेडमी मेहंदीगंज, ग्रीनलैंड स्कूल गोमती नगर, दिल्ली पब्लिक स्कूल जानकीपुरम विस्तार, संस्कार पब्लिक स्कूल इंदिरा नगर, टिनी टॉय स्कूल अलीगंज, टाउन हॉल स्कूल सेक्टर के अलीगंज, कैरियर कान्वेंट स्कूल सेक्टर 5 विकास नगर।

Sunday, September 13, 2020

लखनऊ : बड़े स्कूल नहीं ले रहे हैं गरीब बच्चों के दाखिले, अधिकारी बेबस

लखनऊ : बड़े स्कूल नहीं ले रहे हैं गरीब बच्चों के दाखिले, अधिकारी बेबस।

लखनऊ : प्रमुख संवाददाताबड़े स्कूलों में गरीब बच्चों के दाखिले कराने में बेसिक शिक्षा के जिले के अधिकारी बेबस नजर आ रहे हैं। वह स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय अभिभावकों को अदालत जाने की सलाह दे रहे हैं। इसकी वजह से अभिभावक अपने बच्चों को दाखिले के लिए भटक रहे हैं। राजधानी के तमाम बड़े स्कूलों ने आरटीई के तहत गरीब बच्चों को एडमिशन देने से मना कर दिया है।




बीएसए कार्यालय ने इस वर्ष आरटीई के तहत करीब 10,947 बच्चों को विभिन्न स्कूलों में दाखिले के लिए चयनित किया है। इसमें छोटे बड़े सभी कॉलेजों को शामिल हैं। सूची जारी होने के बाद अब बच्चों के अभिभावक जब दाखिले के लिए स्कूलों में जा रहे हैं तो वहां उन्हें ठेंगा दिखाया जा रहा। स्कूल संचालक दाखिले से साफ मना कर दे रहे हैं। वह कह रहे हैं कि एडमिशन नहीं लेंगे जिससे शिकायत करना हो करो।

------------------------इन स्कूलों में नहीं ले रहे हैं दाखिलेशहर के कई बड़े स्कूल ऐसे हैं जो एक भी गरीब बच्चे का एडमिशन नहीं ले रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक सिटी इंटरनेशनल स्कूल, सेंट्रल एकैडमी, पायनियर मांटेसरी स्कूल तथा सिटी मांटेसरी स्कूल जैसे कई अन्य कॉलेज भी हैं जिन्होंने एडमिशन नहीं लिया है।-------------------सीएमएस ने 48 बच्चों की खुद जांच करा कर बताया अयोग्य सिटी मांटेसरी स्कूल ने 48 बच्चों को यह कहकर वापस कर दिया है कि यह बच्चे दूसरी जगह पढ़ रहे थे। इसलिए एडमिशन के लिए अर्ह नहीं हैं। अब सवाल यह उठता है कि बीएसए कार्यालय की रिपोर्ट सही मानी जाय या सीएमएस की। अगर बीएसए कार्यालय ने परीक्षण के बाद इन्हें स्कूल आवंटित किया तो सीएमएस यह कैसे लिख रहा है कि यह बच्चे दूसरी जगह पढ़ रहे हैं। ----------------------मेरे दोनों बेटे चैतन्य व लक्ष्यदीप का नाम सेंट्रल एकेडमी के लिए आया।

मैं वहां गया तो स्कूल ने एडमिशन से मना कर दिया। कहा जिससे शिकायत करना हो करो एडमिशन नहीं लेंगे। अधिकारी अदालत जाने की सलाह दे रहे हैं।महेंद्र यादव, अभिभावक, विकास नगर----------मेरी बच्ची विदुषी दीक्षित को आर्मी पब्लिक स्कूल एलाट किया गया। वहां एडमिशन कराने पहुंचा तो बता दिया कि वहां नर्सरी की क्लास नहीं चलती। अब कहां जाएं।जितेश दीक्षित, नरही-----


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Tuesday, August 11, 2020

फतेहपुर : अनिवार्य शिक्षा अधिनियम के लाभ से 218 बच्चे वंचित, स्कूलों में सीटें न खाली होने से आवेदकों को मिली निराशा

फतेहपुर : अनिवार्य शिक्षा अधिनियम के लाभ से 218 बच्चे वंचित, स्कूलों में सीटें न खाली होने से आवेदकों को मिली निराशा।

फतेहपुर : ऑनलाइन आवेदन के बाद गरीब परिवार के बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला मिलना कठिन हो रहा है। लाटरी सिस्टम से स्कूलों का आवंटन होने से 218 गरीब बच्चों को निजी स्कूलों दाखिला नहीं मिल सका। दो चरण की ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के सत्यापन में 370 आवेदन फार्म रिजेक्ट भी हुए हैं। अंतिम चरण की आवेदन प्रक्रिया सोमवार की रात को समाप्त हो जाएगी।



अनिवार्य शिक्षा अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में पहली कक्षा से गरीब परिवार के बच्चों का 25 प्रतिशत सीटों पर दाखिला लेना जरूरी होता है। इन बच्चों की पांच सौ रुपये मासिक फीस स्कूल के खाते में शासन से भेजा जाता है। इसके अलावा 5000 रुपये अभिभावक के खाते में सालाना दिए जाते हैं। पहले चरण में 525 और दूसरे चरण में 174 बच्चों को निजी स्कूलों में अनिवार्य शिक्षा अधिनियम में दाखिला मिला है। पहले चरण में 165 और दूसरे चरण में 53 गरीब परिवार के बच्चों का नाम लाटरी सिस्टम में नहीं आया। अभी तीसरे एवं अंतिम चरण की आवेदन प्रक्रिया चल रही है। सोमवार रात 12 बजे तक ही अभिभावक बच्चे के प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि आवेदन लेने के बाद फार्मों का सत्यापन किया जाता है। जो आवेदन सही पाए जाते हैं, उनमें लाटरी सिस्टम से स्कूल आवंटित होते हैं। अगर किसी की सीटें स्कूल भर गई हैं, तो उसमें प्रवेश के लिए आए आवेदन रद्द कर दिए जाते हैं। क्योंकि कोई भी स्कूल अपने तय कोटे से अधिक प्रवेश नहीं ले सकता है।

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Saturday, August 1, 2020

फतेहपुर : शैक्षिक सत्र 2020-21 में निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिनियम 2009 की धारा 12(1)(ग) के अंतर्गत प्रवासी मजदूरों के बच्चों के प्रवेश के सम्बन्ध में

फतेहपुर : शैक्षिक सत्र 2020-21 में  निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिनियम 2009 की धारा 12(1)(ग) के अंतर्गत प्रवासी मजदूरों के बच्चों के प्रवेश के सम्बन्ध में।











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Tuesday, July 21, 2020

लखनऊ : शिक्षा का अधिकार के तहत बच्चों के दाखिले की दूसरे चरण की लॉटरी में 2642 छात्रों का चयन

लखनऊ : शिक्षा का अधिकार के तहत बच्चों के दाखिले की दूसरे चरण की लॉटरी में 2642 छात्रों का चयन



शिक्षा का अधिकार अधिनियम ‘आरटीई के तहत निजी स्कूलों में दुर्बल वर्ग के बच्चों के दाखिले की दूसरे चरण की लॉटरी में 2642 छात्रों का चयन किया गया। दूसरे चरण में चयनित छात्रों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 25 जून से इन छात्रों की दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। वहीं, पहले चरण में चयनित छात्रों के दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब तक सौ से अधिक छात्रों के दाखिले स्कूलों में हो चुके हैं।

 आरटीई के जिला समन्वयक एके अवस्थी ने बताया कि पहले चरण में करीब 11 हजार आवेदन आए थे। इनमें से 8874 छात्रों का चयन दाखिले के लिए किया गया था। वहीं, आवेदन के दूसरे चरण में करीब 4500 आवेदन आए थे। लॉटरी के बाद 2642 छात्रों का चयन दाखिले के लिए किया गया है। इसमें बड़ी संख्या में आवेदन गलत जानकारी अपलोड करने की वजह से निरस्त कर दिए गए। 


चयनित छात्रों के अभिभावकों ने आवेदन के समय जो दस्तावेज लगाए थे। उनके प्रपत्रों का स्थलीय सत्यापन किया जा रहा है। जिन प्रपत्रों में गड़बड़ियां मिलेंगी तो अभिभावकों को उसे ठीक कराने का समय दिया जाएगा। 

Wednesday, July 15, 2020

आरटीई प्रवेश : दूसरे चरण की लॉटरी आज, तीसरे चरण के लिए 17 जुलाई से करें आवेदन

आरटीई: दूसरे चरण की लॉटरी आज, तीसरे चरण के लिए 17 जुलाई से करें आवेदन


लखनऊ |  शिक्षा का अधिकार अधिनियम 'आरटीई के तहत निजी स्कूलों में होने वाले दाखिलों के लिए दूसरे चरण की लॉटरी बुधवार को निकाली जाएगी। दूसरे चरण में दाखिले के लिए 4200 अभिभावकों ने आवेदन किया है। लॉटरी में चयन के बाद बेसिक शिक्षा विभाग चयनित अभिभावकों के दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन कराया इसके बाद दाखिले की प्रकिया शुरू की जाएगी। 


वहीं, पहले चरण में चयनित छात्रों के दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शिक्षा के अधिकार अधिनियम 'आरटीई' के तहत शहर के निजी स्कूलों की 25 प्रतिशत सीटों पर गरीब और दुर्बल वर्ग के अभिभावकों के बच्चों के दाखिले किए जाते हैं। शहर के 750 स्कूलों की 12040 सीटों पर दाखिले के लिए इस साल पहले चरण में 8874 बच्चों का चयन के मुताबिक बुधवार को लॉटरी प्रक्रिया किया गया था जबकि दूसरे चरण की होने के बाद इन आवेदनों का सत्यापन आवेदन प्रक्रिया में 4200 आवेदन किया जाएगा।अधिकारियों ने बताया कि इसके बाद चयनित छात्रों की सूची जारी की जाएगी। आए हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों


तीसरे चरण के लिए 17 जुलाई से करें आवेदन

आरटीई के तहत वार्षिक एक लाख या उससे कम आमदनी वाले दुर्बल और गरीब वर्ग के अभिभावकों के बच्चों का दाखिला आरटीई के तहत शहर के निजी स्कूलों में कराया जाता है। 17 जुलाई से आवेदन का तीसरा चरण शुरू हो रहा है। अभिभावक rte25.upsdc.gov.in पर लॉगिन करें ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। स्कूल में दाखिले के लिए बच्चे की 450 रु. मासिक फीस स्कूलों को और 5 हजार रु.कॉपी किताबों के लिए सरकार की ओर से अभिभावकों को दिए जाते हैं।


पहले चरण के आवेदनों के सत्यापन में रोड़ा

बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार शहर में 100 से अधिक हॉटस्पॉट होने की वजह से सत्यापन कार्य पूरा नहीं हो पाया था करीब 30 प्रतिशत आवेदनों के सत्यापन अभी नहीं हो पाए हैं। सत्यापन में लगे कर्मचारी हॉटस्पॉट होने की वजह उन क्षेत्रों में जाने से गुरेज कर रहे हैं। हालांकि जितने छात्रों के दस्तावेज और भौतिक सत्यापन हो गए हैं, उनके दाखिले की प्रक्रिया विभाग ने शुरू कर दी है।

फतेहपुर : आरटीई के दाखिले को 17 जुलाई से करें ऑनलाइन आवेदन, गरीब बच्चों के निजी स्कूलों में प्रवेश का मामला

फतेहपुर : आरटीई के दाखिले को 17 जुलाई से करें ऑनलाइन आवेदन, गरीब बच्चों के निजी स्कूलों में प्रवेश का मामला।

फतेहपुर : बेसिक शिक्षा विभाग आरटीई (राइट टू एजुकेशन) के तहत आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के निजी स्कूलों में निशुल्क दाखिले के लिए तीसरे चरण की प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है। 17 जुलाई से 10 अगस्त तक अभिभावक ऑनलाइन आवेदन कर पसंदीदा स्कूल में बच्चे का दाखिला करा सकते हैं। तीसरे चरण की प्रक्रिया में आवेदन के बाद 11 और 12 अगस्त को आवेदन पत्रों का सत्यापन किया जाएगा। 14 अगस्त को लाटरी सिस्टम से स्कूलों का आवंटन किया जाएगा।






 30 अगस्त तक विभाग पात्र बच्चों का स्कूलों में दाखिला कराएगा। इससे पहले दो चरणों में 1057 अभिभावकों ने आवेदन किया था। इनमें 382 आवेदन रद्द हो गए थे। पहले चरण के 525 बच्चों का स्कूलों में प्रवेश कराया जा चुका है। दूसरे चरण के आवेदकों को भी स्कूलों का आवंटन हो चुका है। स्कूलों में प्रवेश दिलाने की प्रक्रिया चल रही है। बीएसए देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि प्रवेश प्रक्रिया का अंतिम चरण है। इसके बाद फिर मौका नहीं मिलेगा।



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Thursday, June 18, 2020

लखनऊ : RTE में दूसरे चरण के आवेदन 10 जुलाई तक

आरटीई में दूसरे चरण के आवेदन 10 जुलाई तक।

लखनऊ: शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में दाखिले के दूसरे चरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जो अभिभावक पहले चरण में अपने बच्चों को दाखिला नहीं दिला पाए हैं, वह 10 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के अभिभावक ऑफलाइन आवेदन भी कर सकते हैं। 11 से 13 जुलाई तक आवेदनों का सत्यापन होगा और 15 जुलाई को लॉटरी के जरिए दाखिले के लिए बच्चों का चयन किया जाएगा।




चयनित बच्चों का 30 जुलाई तक निजी स्कूलों में दाखिला करवाना होगा। दूसरे चरण में बच्चों को उन्हीं सीटों पर आवंटित किया जाएगा जो सीटें पहले चरण में खाली रह गई हैं।





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Thursday, June 11, 2020

फतेहपुर : पसंदीदा स्कूलों में सीटें फुल, निःशुल्क शिक्षा प्रवेश में 117 बच्चे प्रवेश से वंचित

फतेहपुर : पसंदीदा स्कूलों में सीटें फुल, निःशुल्क शिक्षा प्रवेश में 117 बच्चे प्रवेश से वंचित।




फतेहपुर : पसंदीदा स्कूलों में सीटें फुल, निःशुल्क शिक्षा प्रवेश में 117 बच्चे प्रवेश से वंचित।


फतेहपुर :

अलाभित समूह के बच्चों की प्रथम चरण की प्रवेश प्रक्रिया को बेसिक शिक्षा विभाग ने पूरा कर दिया है। इस प्रक्रिया में गरीब तबके के लोगों को खासी निराशा हाथ लगी है। नि शुल्क आवेदन के लिए गरीब तबके के माता-पिता और अभिभावकों ने 1057 आवेदन किए थे। विभागीय पड़ताल की प्रक्रिया में महज 642 को ही प्रवेश मिल पाया है। आवेदन करने वालों में 532 आवेदन बाहर हो गए हैं। शासन निजी स्कूलों में गरीब ब्च्चों को प्राथमिक और पूर्व प्राथमिक कक्षाओं में दाखिला कराकर निशुल्क प्रवेश की योजना बीते कई सालों से चला रहा है। इन प्रकाशित बच्चों की फीस का खर्चा शासन संबंधित स्कूल को देता आया है। कोरोना जैसी बीमारी और लॉकडाउन जैसे झंझावतों को झेल कर जिले भर से 1057 आवेदन भरे गए थे।

विभाग इन आवेदनों में लगे कागजातों की पड़ताल करके प्रवेश की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया है। खत्म हुई प्रक्रिया में विभाग के आंकड़ों में गौर करें तो 642 आवेदन की सफल हुए हैं। इन्हें लाटरी पद्धति अपनाकर निजी स्कूलों में प्रवेश मिल पाया है। आवेदन की जांच में 415 निरस्त कर दिए गए हैं तो 117 सफल बच्चों को स्कूलों ने दिक्कत दर्ज कराते हुए प्रवेश से मना कर दिया है। । इसलिए कुल आवेदनों में 532 गरीब बच्चों को प्रवेश नहीं मिल पाया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि प्रथम चरण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। 642 को स्कूलों ने प्रवेश दिए हैं। 17 बच्चों के प्रवेश कोटा खत्म होने का कारण लगाकर वापस किया है। इनकी जांच करवाई जाएगी। चयनित बच्चों से विकल्प लेकर दूसरे स्कूलों में प्रवेश दिलाया जाएगा। निरस्त आवेदन पात्रता सूची में नहीं आते रहे हैं।


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Thursday, May 28, 2020

फतेहपुर : आरटीई 2009 के अंतर्गत अलाभित समूह एवं दुर्बल वर्ग के बच्चों का कक्षा-1/पूर्व प्राथमिक कक्षा में प्रवेश हेतु ऑनलाइन/ ऑफलाइन आवेदन करने का संशोधित कार्यक्रम जारी

फतेहपुर : आरटीई प्रवेश प्रक्रिया की बढ़ी तिथि।




फतेहपुर : नि शुल्क और बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 (आरटीई) के तहत गरीब तबके के बच्चों को निजी शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश दिए जाने के लिए कार्यक्रम चल रहा है। कोरोना वायरस और लॉकडाउन के चलते दो चरणों में पूरी होने वाली प्रक्रिया की तिथियों में बेसिक शिक्षा के महानिदेशक विजय किरण आनंद ने बदलाव कर दिया है। बीएसए को निर्देशित किया है कि प्रक्रिया को नई तिथियों के अनुसार संचालित करके बच्चों को निजी शिक्षण संस्थानों में प्रवेश कराया जाए। निःशुल्क प्रवेश प्रक्रिया के तहत बच्चों को प्रवेश दिलाने के लिए शासन हर साल आर्थिक रूप से कमजोर लोगों से आवेदन मांगता है। आवेदन की जांच पड़ताल करके निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाए जाते हैं। जिसका सारा खर्च शासन उठाता है। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि प्रथम चरण में आवेदन करने की तिथि को 2 जून, कार्यालय द्वारा सत्यापन 5 जून तक और लाटरी निकालने की तिथि 6 जून तथा स्कूल आवेदन 10 जुलाई को होगा इसी तह द्वितीय चरण में 10 जून से 10 जुलाई तक आवेदन किए जा सकेंगे। सत्यापन 13 जुलाई और स्कूल आवेदन 30 जुलाई को होगा।

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फतेहपुर : कोरोना के संकट को देखते हुए देश में लॉकडाउन लगा दिया है। इसी समय में शासन ने आरटीई (अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009) के तहत अलाभित समूह के बच्चों को निजी कॉलेज में प्रवेश की प्रक्रिया की तिथियों की घोषणा की थी। लॉकडाउन के चलते अभिभावकों को अधिक से अधिक लाभ देने के लिए तिथियों में परिवर्तन कर दिया है। शैक्षिक सत्र 2020-21 के तहत कक्षा एक और पूर्व प्राथमिक कक्षाओं में प्रवेश हेतु ऑनलाइन/ऑफलाइन प्रवेश के लिए आवेदन मांगे गए थे। इन आवेदनों का विभागीय सत्यापन तथा लाटरी की प्रक्रिया के बाद आवेदक के पाल्यों को निश्शुल्क प्रवेश निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों में होते हैं। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शासन ने राहत देते हुए इसमें बदलाव किया है। जिसमें पूर्व में प्रथम चरण में ऑनलाइन-ऑफलाइन आवेदन करने की तिथि 2 से 24 मई रखी गई थी इसमें बदलाव करते हुए इसे 25 से 27 मई तो 10 जुलाई को संबंधित स्कूल में चयन की सूची जारी होगी। द्वितीय चरण में 30 मई से 25 जून के आवेदन को बढ़ाकर 26 से 28 जून कर दिया गया है। 20 जुलाई को संबंधित स्कूल में चयन की सूची जारी होगी।







फतेहपुर : आरटीई 2009 के अंतर्गत अलाभित समूह एवं दुर्बल वर्ग के बच्चों का कक्षा-1/पूर्व प्राथमिक कक्षा में प्रवेश हेतु ऑनलाइन/ ऑफलाइन आवेदन करने का कार्यक्रम जारी।



गरीब बच्चों के निशुल्क शुल्क प्रवेश का कार्यक्रम जारी

पहले चरण के लिए 24 मई तक कर सकते हैं आवेदन

फतेहपुर। बेसिक शिक्षा विभाग ने पूर्व लाभ परिवारों को निजी स्कूलों में निशुल्क पढ़ाई के लिए प्रवेश दिलाने का संशोधित कार्यक्रम जारी किया है। प्रवेश प्रक्रिया दो चरणों में होगी पहले चरण में प्रवेश को 24 मई तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकते हैं। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पहले चरण की प्रवेश प्रक्रिया शुरू है। 24 मई तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकते हैं। 25 से 27 मई तक आवेदन पत्रों की जांच कर सूचीबद्ध किया जाएगा। 28 मई को लाटरी सिस्टम से स्कूलों का आवंटन होगा। इस चरण के आवेदक 10 जुलाई तक प्रवेश ले सकेंगे। दूसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया में 30 मई से 25 जून तक ऑनलाइन आवेदन किए जाएंगे। 26 से 28 जून तक आवेदनों की जांच कर उन्हें सूचीबद्ध किया जाएगा।










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Thursday, March 5, 2020

कानपुर देहात : आरटीई 2009 के अंतर्गत अलाभित समूह एवं दुर्बल वर्ग के बच्चों का कक्षा-1/पूर्व प्राथमिक कक्षा में प्रवेश लेने हेतु विज्ञप्ति जारी

कानपुर देहात : आरटीई 2009 के अंतर्गत अलाभित समूह एवं दुर्बल वर्ग के बच्चों का कक्षा-1/पूर्व प्राथमिक कक्षा में प्रवेश लेने हेतु विज्ञप्ति जारी।





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Wednesday, November 6, 2019

लखनऊ : बीएसए कार्यालय और स्कूल प्रबंधन के बीच फंसा 37 बच्चों कस भविष्य, शिक्षक भवन पहुंचे बच्चों और अभिभावकों ने किया हंगामा, आरटीई प्रभारी को दिया शिकायती पत्र

लखनऊ : बीएसए कार्यालय और  स्कूल प्रबंधन के बीच फंसा 37 बच्चों कस भविष्य, शिक्षक भवन पहुंचे बच्चों और अभिभावकों ने किया हंगामा, आरटीई प्रभारी को दिया शिकायती पत्र।







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Tuesday, September 24, 2019

लखनऊ : दाखिला न देने पर 27 स्कूलों को नोटिस जारी, 10 हजार बच्चों का आरटीई के तहत निजी स्कूलों में होना था दाखिला

लखनऊ : दाखिला न देने पर 27 स्कूलों को नोटिस जारी, 10 हजार बच्चों का आरटीई के तहत निजी स्कूलों में होना था दाखिला।




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Monday, September 16, 2019

प्रयागराज : आधा सत्र बीतने को, अब होगा 235 बच्चों का प्रवेश, कैसे पूरी होगी पढ़ाई, आरटीई के तहत निशुल्क प्रवेश का प्रकरण

प्रयागराज : आधा सत्र बीतने को, अब होगा 235 बच्चों का प्रवेश, कैसे पूरी होगी पढ़ाई, आरटीई के तहत निशुल्क प्रवेश का प्रकरण।





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Wednesday, September 4, 2019

फतेहपुर : गरीब 188 बच्चों को मुफ्त पढ़ाई का मिलेगा मौका, आज बीएसए कार्यालय में बांटे जाएंगे प्रवेश आदेश

फतेहपुर : गरीब 188 बच्चों को मुफ्त पढ़ाई का मिलेगा मौका, आज बीएसए कार्यालय में बांटे जाएंगे प्रवेश आदेश।







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Wednesday, August 14, 2019

लखनऊ : आरटीई में गड़बड़झाला : बन्द स्कूलों में बच्चों को दाखिले के लिए भेजा, अभिभावकों की शिकायत के बाद जागा बेसिक शिक्षा विभाग

लखनऊ : आरटीई में गड़बड़झाला : बन्द स्कूलों में बच्चों को दाखिले के लिए भेजा, अभिभावकों की शिकायत के बाद जागा बेसिक शिक्षा विभाग।





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Saturday, August 10, 2019

लखनऊ : दाखिला न लेने वाले स्कूलों को एक बार फिर नोटिस, तीन दिन के अंदर दाखिला न लेने पर मान्यता खत्म करने का अल्टीमेटम



लखनऊ : दाखिला न लेने वाले स्कूलों को एक बार फिर नोटिस, तीन दिन के अंदर दाखिला न लेने पर मान्यता खत्म करने का अल्टीमेटम



लखनऊ: शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत दाखिला न लेने वाले 18 स्कूलों को एक बार फिर नोटिस जारी किया गया है। तीन दिन के अंदर दाखिला न लेने पर स्कूलों की मान्यता समाप्त कर दी जाएगी। 


बीएसए डॉ. अमरकांत सिंह ने बताया कि बीते दिनों कलेक्ट्रेट में आरटीई के दाखिलों को लेकर सीडीओ मनीष बंसल की अध्यक्षता में कॉलेज प्रबंधकों के साथ बैठक हुई थी। इसमें 18 स्कूल ऐसे थे, जिन्होंने एक भी बच्चे का दाखिला नहीं लिया। इस पर सीडीओ ने इन स्कूलों को दाखिला लेने के लिए एक सप्ताह का समय दिया था। इसके बाद भी स्कूलों ने बच्चों के दाखिले नहीं लिए। इस पर स्कूलों को नोटिस जारी किया है।


इन स्कूलों ने नहीं दिया दाखिला

टेंडर हार्ट स्कूल, लोयला इंटरनैशनल, नवयुग रेडियंस स्कूल, बाल विद्या मंदिर, ब्लूमिंग फ्लावर, लखनऊ पब्लिक स्कूल, राजकुमार अकैडमी, शिशु विद्यापीठ, लखनऊ मॉडल पब्लिक स्कूल, एग्जान मॉन्टेसरी स्कूल,  हैमिलटन एकेडमी, सिद्धार्थ पब्लिक स्कूल, ग्रीन वे पब्लिक स्कूल, ब्राइटलैंड इंटर कॉलेज, सेंट जोजफ स्कूल, न्यू पब्लिक स्कूल, ब्राइट वे स्कूल डालीगंज।




Thursday, August 8, 2019

शिक्षा का मिला अधिकार, मिटा नहीं तिरस्कार, RTE कानून के तहत कान्वेंट और निजी स्कूल नहीं कर रहे प्रवेश



शिक्षा का मिला अधिकार, मिटा नहीं तिरस्कार, RTE कानून के तहत कान्वेंट और निजी स्कूल नहीं कर रहे प्रवेश।