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Saturday, September 19, 2020

Right to Education : तमाम जतन बाद भी निजी स्कूल नहीं रहे सुधर, स्कूलों को नोटिस जारी, बीएसए ने दी चेतावनी

Right to Education : तमाम जतन बाद भी निजी स्कूल नहीं रहे सुधर, स्कूलों को नोटिस जारी, बीएसए ने दी चेतावनी



Right to Education दाखिला न देने पर बेसिक शिक्षा विभाग ने जारी की सूची। बीएसए बोले नोटिस के बाद भी दाखिला न लेने वाले स्कूलों पर होगी कड़ी कार्रवाई। ...


लखनऊ । तमाम जतन बाद भी निजी स्कूल सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। बीते वर्षो की तरह इस बार भी तमाम निजी स्कूलों ने शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत दुर्बल आय वर्ग के बच्चों का दाखिला लेने में आनाकानी शुरू कर दी है। अभी तक दाखिला न लेने वाले करीब 21 स्कूलों को चिन्हित कर बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय नोटिस जारी की गई है। बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉक्टर दिनेश कुमार का कहना है कि ऐसे स्कूलों को चिन्हित कर लिया गया है अगर वह दाखिला नहीं देते हैं तो उनके खिलाफ सख्ती से पेश आया जाएगा।बहरहाल अब यह देखना है कि विभाग इन स्कूलों में बच्चों को दाखिला दिला पाता है या नहीं?


 इन स्कूलों को जारी हुई नोटिस
एग्जान मोंटेसरी स्कूल कैंपवेल रोड,एविज कान्वेंट स्कूल गढ़ी पीर खां, बीएसडी एकेडमी बरौरा, सेंट्रल अकैडमी सेक्टर 4 विकास नगर, टाउन हॉल पब्लिक स्कूल ठाकुरगंज, लखनऊ पब्लिक स्कूल राजाजीपुरम, सिटी इंटरनेशनल स्कूल ठाकुरगंज, न्यू पब्लिक स्कूल देवपुर पारा, राजकुमार एकेडमी मेहंदीगंज, ग्रीनलैंड स्कूल गोमती नगर, दिल्ली पब्लिक स्कूल जानकीपुरम विस्तार, संस्कार पब्लिक स्कूल इंदिरा नगर, टिनी टॉय स्कूल अलीगंज, टाउन हॉल स्कूल सेक्टर के अलीगंज, कैरियर कान्वेंट स्कूल सेक्टर 5 विकास नगर।

Sunday, September 13, 2020

लखनऊ : बड़े स्कूल नहीं ले रहे हैं गरीब बच्चों के दाखिले, अधिकारी बेबस

लखनऊ : बड़े स्कूल नहीं ले रहे हैं गरीब बच्चों के दाखिले, अधिकारी बेबस।

लखनऊ : प्रमुख संवाददाताबड़े स्कूलों में गरीब बच्चों के दाखिले कराने में बेसिक शिक्षा के जिले के अधिकारी बेबस नजर आ रहे हैं। वह स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय अभिभावकों को अदालत जाने की सलाह दे रहे हैं। इसकी वजह से अभिभावक अपने बच्चों को दाखिले के लिए भटक रहे हैं। राजधानी के तमाम बड़े स्कूलों ने आरटीई के तहत गरीब बच्चों को एडमिशन देने से मना कर दिया है।




बीएसए कार्यालय ने इस वर्ष आरटीई के तहत करीब 10,947 बच्चों को विभिन्न स्कूलों में दाखिले के लिए चयनित किया है। इसमें छोटे बड़े सभी कॉलेजों को शामिल हैं। सूची जारी होने के बाद अब बच्चों के अभिभावक जब दाखिले के लिए स्कूलों में जा रहे हैं तो वहां उन्हें ठेंगा दिखाया जा रहा। स्कूल संचालक दाखिले से साफ मना कर दे रहे हैं। वह कह रहे हैं कि एडमिशन नहीं लेंगे जिससे शिकायत करना हो करो।

------------------------इन स्कूलों में नहीं ले रहे हैं दाखिलेशहर के कई बड़े स्कूल ऐसे हैं जो एक भी गरीब बच्चे का एडमिशन नहीं ले रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक सिटी इंटरनेशनल स्कूल, सेंट्रल एकैडमी, पायनियर मांटेसरी स्कूल तथा सिटी मांटेसरी स्कूल जैसे कई अन्य कॉलेज भी हैं जिन्होंने एडमिशन नहीं लिया है।-------------------सीएमएस ने 48 बच्चों की खुद जांच करा कर बताया अयोग्य सिटी मांटेसरी स्कूल ने 48 बच्चों को यह कहकर वापस कर दिया है कि यह बच्चे दूसरी जगह पढ़ रहे थे। इसलिए एडमिशन के लिए अर्ह नहीं हैं। अब सवाल यह उठता है कि बीएसए कार्यालय की रिपोर्ट सही मानी जाय या सीएमएस की। अगर बीएसए कार्यालय ने परीक्षण के बाद इन्हें स्कूल आवंटित किया तो सीएमएस यह कैसे लिख रहा है कि यह बच्चे दूसरी जगह पढ़ रहे हैं। ----------------------मेरे दोनों बेटे चैतन्य व लक्ष्यदीप का नाम सेंट्रल एकेडमी के लिए आया।

मैं वहां गया तो स्कूल ने एडमिशन से मना कर दिया। कहा जिससे शिकायत करना हो करो एडमिशन नहीं लेंगे। अधिकारी अदालत जाने की सलाह दे रहे हैं।महेंद्र यादव, अभिभावक, विकास नगर----------मेरी बच्ची विदुषी दीक्षित को आर्मी पब्लिक स्कूल एलाट किया गया। वहां एडमिशन कराने पहुंचा तो बता दिया कि वहां नर्सरी की क्लास नहीं चलती। अब कहां जाएं।जितेश दीक्षित, नरही-----


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Tuesday, August 11, 2020

फतेहपुर : अनिवार्य शिक्षा अधिनियम के लाभ से 218 बच्चे वंचित, स्कूलों में सीटें न खाली होने से आवेदकों को मिली निराशा

फतेहपुर : अनिवार्य शिक्षा अधिनियम के लाभ से 218 बच्चे वंचित, स्कूलों में सीटें न खाली होने से आवेदकों को मिली निराशा।

फतेहपुर : ऑनलाइन आवेदन के बाद गरीब परिवार के बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला मिलना कठिन हो रहा है। लाटरी सिस्टम से स्कूलों का आवंटन होने से 218 गरीब बच्चों को निजी स्कूलों दाखिला नहीं मिल सका। दो चरण की ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के सत्यापन में 370 आवेदन फार्म रिजेक्ट भी हुए हैं। अंतिम चरण की आवेदन प्रक्रिया सोमवार की रात को समाप्त हो जाएगी।



अनिवार्य शिक्षा अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में पहली कक्षा से गरीब परिवार के बच्चों का 25 प्रतिशत सीटों पर दाखिला लेना जरूरी होता है। इन बच्चों की पांच सौ रुपये मासिक फीस स्कूल के खाते में शासन से भेजा जाता है। इसके अलावा 5000 रुपये अभिभावक के खाते में सालाना दिए जाते हैं। पहले चरण में 525 और दूसरे चरण में 174 बच्चों को निजी स्कूलों में अनिवार्य शिक्षा अधिनियम में दाखिला मिला है। पहले चरण में 165 और दूसरे चरण में 53 गरीब परिवार के बच्चों का नाम लाटरी सिस्टम में नहीं आया। अभी तीसरे एवं अंतिम चरण की आवेदन प्रक्रिया चल रही है। सोमवार रात 12 बजे तक ही अभिभावक बच्चे के प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि आवेदन लेने के बाद फार्मों का सत्यापन किया जाता है। जो आवेदन सही पाए जाते हैं, उनमें लाटरी सिस्टम से स्कूल आवंटित होते हैं। अगर किसी की सीटें स्कूल भर गई हैं, तो उसमें प्रवेश के लिए आए आवेदन रद्द कर दिए जाते हैं। क्योंकि कोई भी स्कूल अपने तय कोटे से अधिक प्रवेश नहीं ले सकता है।

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Saturday, August 1, 2020

फतेहपुर : शैक्षिक सत्र 2020-21 में निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिनियम 2009 की धारा 12(1)(ग) के अंतर्गत प्रवासी मजदूरों के बच्चों के प्रवेश के सम्बन्ध में

फतेहपुर : शैक्षिक सत्र 2020-21 में  निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिनियम 2009 की धारा 12(1)(ग) के अंतर्गत प्रवासी मजदूरों के बच्चों के प्रवेश के सम्बन्ध में।











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Tuesday, July 21, 2020

लखनऊ : शिक्षा का अधिकार के तहत बच्चों के दाखिले की दूसरे चरण की लॉटरी में 2642 छात्रों का चयन

लखनऊ : शिक्षा का अधिकार के तहत बच्चों के दाखिले की दूसरे चरण की लॉटरी में 2642 छात्रों का चयन



शिक्षा का अधिकार अधिनियम ‘आरटीई के तहत निजी स्कूलों में दुर्बल वर्ग के बच्चों के दाखिले की दूसरे चरण की लॉटरी में 2642 छात्रों का चयन किया गया। दूसरे चरण में चयनित छात्रों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 25 जून से इन छात्रों की दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। वहीं, पहले चरण में चयनित छात्रों के दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब तक सौ से अधिक छात्रों के दाखिले स्कूलों में हो चुके हैं।

 आरटीई के जिला समन्वयक एके अवस्थी ने बताया कि पहले चरण में करीब 11 हजार आवेदन आए थे। इनमें से 8874 छात्रों का चयन दाखिले के लिए किया गया था। वहीं, आवेदन के दूसरे चरण में करीब 4500 आवेदन आए थे। लॉटरी के बाद 2642 छात्रों का चयन दाखिले के लिए किया गया है। इसमें बड़ी संख्या में आवेदन गलत जानकारी अपलोड करने की वजह से निरस्त कर दिए गए। 


चयनित छात्रों के अभिभावकों ने आवेदन के समय जो दस्तावेज लगाए थे। उनके प्रपत्रों का स्थलीय सत्यापन किया जा रहा है। जिन प्रपत्रों में गड़बड़ियां मिलेंगी तो अभिभावकों को उसे ठीक कराने का समय दिया जाएगा। 

Wednesday, July 15, 2020

आरटीई प्रवेश : दूसरे चरण की लॉटरी आज, तीसरे चरण के लिए 17 जुलाई से करें आवेदन

आरटीई: दूसरे चरण की लॉटरी आज, तीसरे चरण के लिए 17 जुलाई से करें आवेदन


लखनऊ |  शिक्षा का अधिकार अधिनियम 'आरटीई के तहत निजी स्कूलों में होने वाले दाखिलों के लिए दूसरे चरण की लॉटरी बुधवार को निकाली जाएगी। दूसरे चरण में दाखिले के लिए 4200 अभिभावकों ने आवेदन किया है। लॉटरी में चयन के बाद बेसिक शिक्षा विभाग चयनित अभिभावकों के दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन कराया इसके बाद दाखिले की प्रकिया शुरू की जाएगी। 


वहीं, पहले चरण में चयनित छात्रों के दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शिक्षा के अधिकार अधिनियम 'आरटीई' के तहत शहर के निजी स्कूलों की 25 प्रतिशत सीटों पर गरीब और दुर्बल वर्ग के अभिभावकों के बच्चों के दाखिले किए जाते हैं। शहर के 750 स्कूलों की 12040 सीटों पर दाखिले के लिए इस साल पहले चरण में 8874 बच्चों का चयन के मुताबिक बुधवार को लॉटरी प्रक्रिया किया गया था जबकि दूसरे चरण की होने के बाद इन आवेदनों का सत्यापन आवेदन प्रक्रिया में 4200 आवेदन किया जाएगा।अधिकारियों ने बताया कि इसके बाद चयनित छात्रों की सूची जारी की जाएगी। आए हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों


तीसरे चरण के लिए 17 जुलाई से करें आवेदन

आरटीई के तहत वार्षिक एक लाख या उससे कम आमदनी वाले दुर्बल और गरीब वर्ग के अभिभावकों के बच्चों का दाखिला आरटीई के तहत शहर के निजी स्कूलों में कराया जाता है। 17 जुलाई से आवेदन का तीसरा चरण शुरू हो रहा है। अभिभावक rte25.upsdc.gov.in पर लॉगिन करें ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। स्कूल में दाखिले के लिए बच्चे की 450 रु. मासिक फीस स्कूलों को और 5 हजार रु.कॉपी किताबों के लिए सरकार की ओर से अभिभावकों को दिए जाते हैं।


पहले चरण के आवेदनों के सत्यापन में रोड़ा

बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार शहर में 100 से अधिक हॉटस्पॉट होने की वजह से सत्यापन कार्य पूरा नहीं हो पाया था करीब 30 प्रतिशत आवेदनों के सत्यापन अभी नहीं हो पाए हैं। सत्यापन में लगे कर्मचारी हॉटस्पॉट होने की वजह उन क्षेत्रों में जाने से गुरेज कर रहे हैं। हालांकि जितने छात्रों के दस्तावेज और भौतिक सत्यापन हो गए हैं, उनके दाखिले की प्रक्रिया विभाग ने शुरू कर दी है।