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Thursday, January 14, 2021

प्रयागराज : नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) पर अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति हेतु ऑनलाइन आवेदनों के सत्यापन के सम्बन्ध में

प्रयागराज : नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) पर अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति हेतु ऑनलाइन आवेदनों के सत्यापन के सम्बन्ध में








 

Sunday, December 27, 2020

कड़ाके की ठण्ड के बाद भी 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण की मांग पर अड़े दिव्यांग अभ्यर्थी, शासन ने साधी चुप्पी

69000 भर्ती के दिव्यांग अभ्यर्थियों का धरना जारी

प्रयागराज। 69 हजार शिक्षक भर्ती के तहत आरक्षण के मसले पर दिव्यांग अभ्यर्थियों का बेसिक शिक्षा परिषद में धरना रविवार को भी जारी रहा। अभ्यर्थियों ने कहा कि 69 हजार सीटों के सापेक्ष चार फीसदी आरक्षण के तहत दिव्यांग अभ्यर्थियों की 2760 सीटें होनी चाहिए, जबकि 1673 सीटें ही दिव्यांग अभ्यर्थियों को दी गईं। सरकार ने दिव्यांगों को उनके अधिकार से वंचित किया। धरने में उपेंद्र मिश्र, धनराज यादव, राघवेंद्र सिंह, नाज खान, मनोज, अजय, महेंद्र, मोती, विनोद, अखिलेश झा, सुशी मौर्य, दीपक, श्याम पाल आदि मौजुद रहे।


प्रयागराज। 69000 सहायक अध्यापक भर्ती में आरक्षण के मानकों का पालन नहीं किए जाने के विरोध में दिव्यांग अभ्यर्थियों का धरना 13वें दिन भी शनिवार को जारी रहा। अभ्यर्थियों की मांग है कि सरकार शिक्षक भर्ती में चार फीसदी आरक्षण लागू करने के साथ पूर्व की भर्तो में बैकलाग के जरिये खाली पदों को भरे। दिव्यांग अभ्यर्थियों का कहना है कि बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से दिव्यांग आरक्षण ( आरपीडब्लूडी ऐक्ट ) 2016 का पालन नहीं किया गया है। 


दिव्यांग अभ्यर्थी 69000 शिक्षक भर्ती में पिछली भर्तियों की बैकलाग सीटों को जोड़ने की मांग कर रहे हैं। इन अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती में दिव्यांगों को चार फीसदी आरक्षण दिया जाए। अपनी मांगों को लेकर दिव्यांग अभ्यर्थी कड़ाके की ठंड में 14 दिसंबर से लगातार धरना दे रहे हैं। अभी तक उनसे वार्ता करने कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। धरना देने वालों में उपेन्द्र कुमार मिश्रा, धनराज यादव, राघवेन्द्र सिंह, दीपेन्द्र कुमार वर्मा, अंकित सिंह, दिनेश आदि मौजूद रहे।

प्रयागराज : साल भर में नहीं पूरा हो सका एआरपी का चयन

प्रयागराज : साल भर में नहीं पूरा हो सका एआरपी का चयन


प्रयागराज। जिले में परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई का स्तर बढ़ाने और स्कूलों की निगरानी के लिए सोमवार को हुई अकादमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) चयन परीक्षा में मात्र छह अभ्यर्थियों ने भागीदारी की।

एआरपी चयन के लिए तीन चरण की परीक्षा के बाद 105 एआरपी के सापेक्ष मात्र 93 शिक्षकों का चयन किया जा सका। डायट में चौथे चरण के लिए सोमवार को हुई परीक्षा में मात्र छह शिक्षक ही एआरपी की परीक्षा में शामिल हुए। जिला समन्वयक प्रशिक्षण डॉ. विनोद मिश्र ने बताया कि चौथे चरण में नौ आवेदन आए थे, इसमें छह ही परीक्षा देने पहुंचे। कॉपियों का मूल्यांकन करने के बाद जो अभ्यर्थी 60 फीसदी अंक पाएंगे, उनकी माइक्रो टीचिंग कराई जाएगी।


कुल 105 एआरपी चुनकर एकेडमिक रिसोर्स ग्रुप का होना था गठन, अब तक सिर्फ 93 एआरपी का हो सका है गठन

प्रयागराज : परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई का स्तर बढ़ाने (लर्निंग आउटकम) व स्कूलों की निगरानी की कमान एआरपी (एकेडमिक रिसोर्स पर्सन) को देने का निर्णय एक साल पहले लिया जा चुका है। योजना के तहत प्रत्येक विकासखंड में पांच एआरपी तैनात होने हैं। जनपद में कुल 105 एआरपी चुनकर एकेडमिक रिसोर्स ग्रुप का गठन किया जाना था। अब तक यह संख्या पूरी नहीं हो सकी है। खास बात यह कि तीन चरण की चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। चौथे चरण में भी मात्र नौ आवेदन आए है।

जिला समन्वयक प्रशिक्षण डॉ. विनोद मिश्र ने बताया कि 105 एआरपी के सापेक्ष मात्र 93 का चयन हो सका है। ऐसा शिक्षकों की उदासीनता के कारण हो रहा है। स्कूलों के शिक्षक एआरपी के चयन के लिए रुचि नहीं ले रहे हैं। वर्तमान में चौथे चरण की चयन प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए 16 दिसंबर तक आवेदन का अवसर था। अब 28 दिसंबर को सभी शिक्षकों की लिखित परीक्षा कराई जाएगी। माइक्रो टीचिंग व, साक्षात्कार भी होगा। जो शिक्षक उपयुक्त होंगे उन्हीं का चयन किया जाएगा फिलहाल अभी सिर्फ नौ आवेदन आए हैं और 12 पद रिक्त हैं। इससे साफ है कि चौथे चरण के बाद भी जिले में एआरपी की संख्या पूरी नहीं होगी।


प्रत्येक स्तर पर चाहिए 60 फीसद अंक

डॉ. विनोद मिश्र ने बताया कि एआरपी के लिए जिन शिक्षकों ने आवेदन किया है उन्हें लिखित परीक्षा देनी होगी। प्रत्येक अभ्यर्थी को 60 फीसद अंक हासिल करना होगा।माइक्रो टीचिंग व साक्षात्कार होगा। दोनों स्तरों पर भी अभ्यर्थी को 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करना होगा। ऐसा न होने पर अभ्यर्थियों का चयन नहीं हो सकेगा।

Friday, September 11, 2020

ऑनलाइन शिक्षा: जागरूकता के अभाव में नहीं हो रहा प्रभाव, न अभिभावक ले रहे रुचि न बच्चे

ऑनलाइन शिक्षा: जागरूकता के अभाव में नहीं हो रहा प्रभाव, न अभिभावक ले रहे रुचि न बच्चे


 
प्रयागराज : कोरोना संक्रमण फैलने के साथ ही स्कूली शिक्षा ऑनलाइन कर दी गई। तमाम विद्यार्थियों के पास संसाधन की कमी आड़े आ रही है तो कुछ के पास संसाधन हैं भी तो वे उदासीन हैं। अभिभावक भी सजग नहीं हैं। वाट्सएप ग्रुप पर शिक्षक जब सवाल पूछते हैं तो उन्हें पखवारे बाद भी उत्तर नहीं मिलता है। इससे बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है।



प्राथमिक विद्यालय गड़रा के इंचार्ज प्रधानाध्यापक शिवभान सिंह ने बताया कि स्कूल में कुल 136 विद्यार्थी हैं जब कि वाट्सएप ग्रुप पर 20 विद्यार्थी जुड़े हैं। नियमित रूप से विषयवार वीडियो बनाकर ग्रुप में भेज रहे हैं। कई बार टेक्स मैसेज व वाइस मैसेज भी भेजते हैं लेकिन न तो अभिभावक रुचि लेते हैं और न बच्चे। 


प्राथमिक विद्यालय गौहानी की इंचार्ज प्रधानाध्यापक सुचिता सिंह ने बताया कि 73 विद्यार्थी स्कूल में हैं, सिर्फ 10 वाट्सएप ग्रुप पर हैं। शुरू में तो तीन-चार बच्चों ने रिस्पांस दिया लेकिन अब कोई भी रिप्लाई नहीं करता। यहां तक कि ग्रुप में भेजे गए संदेश भी नहीं देखते। 


प्राथमिक विद्यालय बघोलवा आदिवासी बस्ती के प्रधानाध्यापक डॉ. सुरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि 60 बच्चे विद्यालय में है। वाट्सएप से 18 विद्यार्थी जुड़े हैं लेकिन एक भी पठन पाठन को लेकर सक्रिय नहीं हैं। जितनी भी पाठ्य सामग्री भेजी जाती है उसे कभी न तो अभिभावक देखते हैं और न बच्चे। हां कुछ बच्चों के घर जाकर गृह कार्य दे आते हैं तो वे उसे कर लेते हैं। इस संबंध में अभिभावक भी जागरूक नहीं हो रहे हैं। ऐसे में ऑनलाइन शिक्षा देने में शिक्षकों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

Thursday, September 3, 2020

कस्तूरबा विद्यालय में अब रह सकेंगी 12वीं तक की छात्राएं, अगले सत्र से प्रवेश के आसार

कस्तूरबा विद्यालय में अब रह सकेंगी 12वीं तक की छात्राएं, अगले सत्र से प्रवेश के आसार


प्रयागराज : जिले के छह कस्तूरबा विद्यालय उच्चीकृत किए गए हैं। अब इनमें कक्षा नौ से 12वीं तक की छात्रएं भी रह सकेंगी। वर्तमान सत्र में दो विद्यालयों में ही प्रवेश शुरू हो पाया है। शेष चार में दाखिले के लिए इंतजार करना होगा।


जिला समन्वयक ताज अंसारी ने बताया कि प्रयागराज में कुल 20 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित हैं। इनमें कक्षा आठ तक की छात्रएं ही रहकर पढ़ती हैं। अब 12वीं तक की छात्रओं को सिर्फ रहने की अनुमति रहेगी। वह छात्रवास परिसर के तीन किलोमीटर परिक्षेत्र में किसी भी विद्यालय में प्रवेश ले सकती हैं। लॉकडाउन के बाद छात्रएं परिसर में रह सकेंगी। उन्हें भोजन, आवास, यूनीफार्म, पुस्तक आदि की सुविधाएं दी जाएंगी। बीपीएल श्रेणी की कोई भी छात्र पात्र हैं। पहले आओ पहले पाओ के आधार पर दाखिला दिया जा रहा है।


अगले सत्र से प्रवेश के आसार

सोरांव, शंकरगढ़, धनुपुर, मेजा के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय भी शासन की तरफ से उच्चीकृत किए गए हैं। संसाधनों के विकास के लिए धन भी जारी कर दिया गया है। छात्रवास को विकसित करने के लिए कार्य चल रहा है। संभव है अगले सत्र से प्रवेश शुरू हो जाए।


अंग्रेजी की शिक्षिका भी रहेंगी

कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में छात्रओं की देखभाल के लिए शिक्षिका भी रहेंगी। वह अंग्रेजी विषय की होंगी। ऐसा इसलिए कि छात्रओं को पठन पाठन में भी सहयोग मिल सके। एक सफाईकर्मी, एक चपरासी, एक चौकीदार, दो रसोइयों की भी व्यवस्था की गई है।

Sunday, August 23, 2020

प्रयागराज में होगी राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की स्थापना, विधानसभा में पास हुआ विधेयक

प्रयागराज में होगी राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की स्थापना, विधानसभा में पास हुआ विधेयक

 
उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन ‘उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय प्रयागराज विधेयक--2020’ को मंजूरी मिल गई। इससे प्रदेश में दूसरे राज्य विधि विश्वविद्यालय की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। बता दें कि विश्वविद्यालय के भवन निर्माण के लिए प्रदेश सरकार चालू वित्तीय वर्ष 2020-21 में 10 करोड़ रुपये का प्रावधान पहले ही कर चुकी है।


सरकार की ओर से प्रयागराज के झलवा क्षेत्र में 25 एकड़ जमीन पर विधि विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। लखनऊ के राममनोहर लोहिया विधि विवि जो 40 एकड़ में बना है, उसके बाद यह विवि सबसे बड़े परिसर में होगा। इस विवि की स्थापना नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी बंगलुरु के तर्ज पर की जाएगी।


विधि विवि खोलने से छात्रों के लिए अवसर बढ़ेंगे विधि विवि खोले जाने से प्रयागराज एवं उसके आसपास के छात्रों के लिए कानून की पढ़ाई के रास्ते खुलेंगे। इसमें डिप्लोमा और डिग्री पाठ्यक्रम चलाए जाएंगे। इसके साथ न्यायिक व अन्य विधि सेवाएं, विधि निर्माण, विधि सुधार के क्षेत्र में छात्रों को शोध की सुविधा होगी। व्यावसायिक शिक्षा और न्यायिक पदाधिकारियों व अन्य व्यक्तियों को विधि क्षेत्र में प्रशिक्षण देने की व्यवस्था भी होगी।


कानून के जानकार होंगे पदाधिकारी 
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश इस विश्वविद्यालय के कुलाध्यक्ष होंगे, जबकि इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश विश्वविद्यालय के कुलाधिपति होंगे। कुलाधिपति ही विश्वविद्यालय में कुलपति की नियुक्ति करेंगे। 


विश्वविद्यालय में महापरिषद, कार्य परिषद, शैक्षिक परिषद और वित्तीय समिति का गठन होगा। महापरिषद को विश्वविद्यालय के बारे में फैसला लेने का सर्वोच्च अधिकार होगा।

Sunday, August 9, 2020

शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों की जांच की प्रक्रिया मामले में बोर्ड व विश्वविद्यालयों की आख्या का इंतजार

शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों की जांच की प्रक्रिया मामले में बोर्ड व विश्वविद्यालयों की आख्या का इंतजार

 
प्रयागराज : शासन की तरफ से सभी माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों की जांच की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को अध्यापकों ने अपने अंकपत्र व प्रमाणपत्र जैसे सभी अभिलेख उपलब्ध भी करा दिए हैं। इनका मूल प्रमाणपत्रों से मिलान भी किया जा चुका है। सभी शैक्षिक अभिलेखों को संबंधित बोर्ड और विश्वविद्यालयों को भेजा जा चुका है। विभाग को उनकी आख्या का इंतजार है। उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।


जिला विद्यालय निरीक्षक आरएन विश्वकर्मा ने बताया कि सभी विद्यालयों के अध्यापकों ने 25 जुलाई तक अपने शैक्षिक अभिलेख कार्यालय को उपलब्ध करा दिए हैं। उनका मूल प्रमाण पत्रों से मिलान भी किया जा चुका है। प्रथम दृष्टया सभी ठीक पाए गए, लेकिन इसकी पुष्टि संबंधित बोर्ड और विश्वविद्यालय ही करेंगे। सभी बोर्डो व विश्वविद्यालयों को अभिलेख पंजीकृत डाक से भेजे जा चुके हैं अब उनकी आख्या का इंतजार है।


इसी क्रम में कक्षा एक से आठवीं तक के विद्यालयों में तैनात ऐसे शिक्षक जिनकी नियुक्ति 2010 के बाद हुई है, उनके भी प्रपत्र जांचे जाने हैं। एडीआइओएस प्रदीप कुमार पांडेय ने बताया कि अध्यापकों ने खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालयों को अपने प्रपत्र भेज दिए हैं। उनका कम्प्यूटराइज्ड डाटा तैयार किया जा रहा है। जनपद में कुल 3137 विद्यालय हैं। अध्यापकों का डाटा कम्प्यूटर पर आने के बाद जिलास्तरीय कमेटी उसकी जांच करेगी।


शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों की जांच होनी है जिले में माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों ने ही कराए उपलब्ध जैसा कि जिला विद्यालय निरीक्षक आरएन विश्वकर्मा ने बताया।

 

 

Sunday, July 26, 2020

यूनीफार्म वितरण : चुनिंदा फर्म को टेंडर दिलाने का ‘खेल’ शुरू, दबी जुबान से शिक्षक कर रहे असंतोष व्यक्त

यूनीफार्म वितरण : चुनिंदा फर्म को टेंडर दिलाने का ‘खेल’ शुरू, दबी जुबान से शिक्षक कर रहे असंतोष व्यक्त
 

 प्रयागराज : परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को स्कूल यूनीफार्म वितरित करने के लिए सभी विद्यालय प्रबंध समिति के बैंक खातों में राशि भेजने के साथ चुनिंदा फर्म को टेंडर दिलाने का ‘खेल’ भी शुरू हो गया है।


शासन की तरफ से भेजी रकम से प्रत्येक बच्चे को दो सेट (शर्ट-पैंट) यूनीफार्म उपलब्ध कराना है। एक बच्चे पर 600 रुपये खर्च किये जाने की व्यवस्था है। पिछले दिनों वैचारिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से बेसिक शिक्षाधिकारी को भेजे पत्र में आरोप लगाया गया कि यूनीफार्म वितरण का केंद्रीयकरण कर एक निश्चित फर्म से यूनीफार्म वितरण के लिए दबाव बनाया जा रहा है। कौंधियारा, चाका, उरुवा, करछना, जसरा, मांडा आदि के शिक्षकों का कहना है कि मीटिंग बुलाकर एक निश्चित फर्म का कपड़ा लेने को कोटेशन दिलाकर बांटने का दबाव है। हालांकि कोई भी शिक्षक खुलकर सामने नहीं आ रहा है। कुछ यूनीफार्म विक्रेताओं ने शहर उत्तरी के विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी से भी मुलाकात की थी। वैचारिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. ज्ञान प्रकाश सिंह ने भी बताया कि उनके पास कई शिकायतें मिली हैं। उन्होंने पत्र लिखकर महानिदेशक स्कूल शिक्षा उत्तर प्रदेश व शिक्षा निदेशक बेसिक से अनुरोध किया है कि स्वेटर, जूता, मोजा, किताबों की तरह यूनीफार्म भी सरकारी टेंडर के जरिए वितरित कराई जाएं।


अभी मेरे पास कोई शिकायत नहीं आई है। यह जरूर है कि कोरोना संकट के चलते शासन की मंशा के अनुरूप स्थानीय स्तर पर महिला समूहों से यूनीफार्म की सिलाई करवाने का निर्देश है। उसके अनुसार कदम भी उठाए जा रहे हैं।
संजय कुशवाहा, बेसिक शिक्षाधिकारी।

Sunday, June 21, 2020

फर्जी अनामिका शुक्ला बनकर नौकरी करने वाली महिला घर छोड़कर फरार

फर्जी अनामिका शुक्ला बनकर नौकरी करने वाली महिला घर छोड़कर फरार 


प्रयागराज : कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में फर्जी अनामिका शुक्ला बनकर नौकरी करने वाली महिला घर छोड़कर फरार हो गई है


सोरांव के गोहरी स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में फर्जी अनामिका शुक्ला बनकर नौकरी करने वाली महिला घर छोड़कर फरार हो गई है। कर्नलगंज पुलिस भी जल्द ही कानपुर जाकर फर्जी अनामिका के बारे में जांच-पड़ताल करेगी।



प्रयागराज की तरह अलीगढ़ पुलिस भी फर्जी अनामिका की जांच कर रही है। स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) की लखनऊ टीम ने जौनपुर के एक शख्स को पकड़ा तो कई जानकारी मिली। अलीगढ़ पुलिस ने जांच करते हुए कानपुर देहात की रहने वाली बबली यादव को गिरफ्तार किया। बताया कि उसकी ननद सरिता यादव प्रयागराज के कस्तूरबा गांधी स्कूल में अनामिका शुक्ला के नाम से नौकरी कर रही थी। उसके रिश्तेदार ने जौनपुर के पुष्पेंद्र की मदद से पैसा लेकर फर्जी नियुक्ति कराई थी। 


बबली के बयान के आधार पर कर्नलगंज पुलिस मान रही है कि वह सरिता यादव हो सकती है। मगर बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुशवाहा ने अपनी एफआइआर में रीना नाम से निवास प्रमाण पत्र लगाने की बात कही है। ऐसे में पुलिस अब रीना के साथ सरिता के मामले भी जानकारी जुटा रही है। इंस्पेक्टर कर्नलगंज अरुण त्यागी का कहना है कि शनिवार को कानपुर देहात की पुलिस फर्जी अनामिका के घर गई थी, लेकिन वह नहीं मिली। विवेचक को कानपुर भेजा जाएगा और अलीगढ़ से पूछताछ में दिए गए बयान की कॉपी ली जाएगी।

Thursday, June 18, 2020

चयन के बाद भी नहीं हुई शिक्षकों की नियुक्ति, परिषदीय अंग्रेजी स्कूलों में पूरे वर्ष ठप रही पढ़ाई

चयन के बाद भी नहीं हुई शिक्षकों की नियुक्ति, परिषदीय अंग्रेजी स्कूलों में पूरे वर्ष ठप रही पढ़ाई


प्रयागराज। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना परिषदीय अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होने से सत्र 2019-20 में पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी। प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिला चयन समिति को ओर से अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों के लिए शिक्षक चयन प्रक्रिया एक सितंबर तक पूरी कर लेने के बाद भी किसी को नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया गया। चयनित शिक्षक जिलधिकारी और बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय का चक्कर लगाते रहे परंतु उन्हें नियुक्ति नहीं दी गई।  अंग्रेजी माध्यम के लिए चयनित परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए 20 मार्च 2019 को विज्ञापन जारी किया गया। 


परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों ने इसके लिए आगे बढ़कर आवेदन किया। विभाग की ओर से 16 मई 2019 को परीक्षा कराई गई। 26 जून से एक जुलाई तक इंटरव्यू कराया गया। इंटरव्यू के बाद 30 अगस्त से एक सितंबर तक नियुक्ति के लिए काउंसलिंग कराई गई।  चयन और नियुक्ति संबंधी प्रक्रिया पूरी करने के बाद भी प्रयागराज जिले में अंग्रेजी माध्यम के लिए चयनित विद्यालयों में शिक्षकों कौ नियुक्ति नहीं की गई। शिक्षकों कौ काउंसलिंग पूरी करने के बाद भी नियुक्ति पत्र नहीं दिया गया । चयनित अभ्यर्थी डीएम और बीएसए के साथ बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय का चक्कर लगाते-लगाते थक गए परंतु नियुक्ति पत्र नहीं मिला।

Friday, May 22, 2020

प्रयागराज : ARP चयन हेतु आवेदन की अंतिम तिथि 10 जून तक बढ़ाये जाने की विज्ञप्ति प्रकाशित

प्रयागराज : ARP चयन हेतु आवेदन की अंतिम तिथि 10 जून तक बढ़ाये जाने की विज्ञप्ति प्रकाशित

Tuesday, August 13, 2019

प्रयागराज : खातों से लेनदेन कर रहे अवैध न्याय पंचायत समन्वयक, शासनादेशों का उल्लंघन कर नियुक्त अवैध समन्वयकों को हटाने के लिए शिक्षक संगठन ने लिखा पत्र



प्रयागराज : खातों से लेनदेन कर रहे अवैध न्याय पंचायत समन्वयक, शासनादेशों का उल्लंघन कर नियुक्त अवैध समन्वयकों को हटाने के लिए शिक्षक संगठन ने लिखा पत्र


■  पूर्व बीएसए द्वारा जारी आदेश के अनुपालन की मांग। 

■  प्राथमिक प्रशिक्षित स्नातक एसोशिएशन ने रखी मांग।











Sunday, August 4, 2019

शतप्रतिशत यूनिफार्म व किताबें वितरण न होने पर करें कार्रवाई, समीक्षा बैठक में एडी बेसिक, प्रयागराज ने दिए निर्देश



शतप्रतिशत यूनिफार्म व किताबें वितरण न होने पर करें कार्रवाई, समीक्षा बैठक में एडी बेसिक, प्रयागराज ने दिए निर्देश




Tuesday, July 30, 2019

प्रयागराज : हल्ला मचने के बाद प्राथमिक विद्यालयों की समायोजन सूची संशोधित, जूनियर की सूची बुधवार को होगी संशोधित


प्रयागराज : हल्ला मचने के बाद प्राथमिक विद्यालयों की समायोजन सूची संशोधित, जूनियर की सूची बुधवार को होगी संशोधित।  



Sunday, July 28, 2019

प्रयागराज : शिक्षकों के पदस्थापन/समायोजन हेतु काउंसलिंग 29 जुलाई 2019 को, आदेश संग सूची देखें

प्रयागराज : शिक्षकों के पदस्थापन/समायोजन हेतु काउंसलिंग 29 जुलाई 2019 को, आदेश संग सूची देखें।




Sunday, July 21, 2019

शिकायतों के निस्तारण में बीएसए प्रयागराज को पड़ी भारी, प्रतिकूल प्रविष्टि के साथ वेतन रोकने का भी आदेश


शिकायतों के निस्तारण में बीएसए प्रयागराज को पड़ी भारी, प्रतिकूल प्रविष्टि के साथ वेतन रोकने का भी आदेश










Monday, July 15, 2019

प्रयागराज : शासन स्तर से हो रही सप्लाई पर अधिकारियों ने साधी चुप्पी, यूनिफॉर्म पर गुणवत्ता के लिए बढ़ाया शिक्षकों पर दबाव, खराबी पर दी जेब से पैसे भरने की चेतावनी


प्रयागराज : शासन स्तर से हो रही सप्लाई पर अधिकारियों ने साधी चुप्पी, यूनिफॉर्म पर गुणवत्ता के लिए बढ़ाया शिक्षकों पर दबाव, खराबी पर दी जेब से पैसे भरने की चेतावनी। 




Sunday, July 14, 2019

प्रयागराज : तीन दिन में फट गए सरकारी मोजे, वितरण हेतु आये जूतों की क्वालिटी भी खराब, शासन स्तर से हुआ था टेंडर



प्रयागराज : तीन दिन में फट गए सरकारी मोजे, वितरण हेतु आये जूतों  की क्वालिटी भी खराब, शासन स्तर से हुआ था टेंडर। 



Tuesday, June 25, 2019

प्रयागराज : अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में चयन हेतु लिखित परीक्षा उपरांत साक्षात्कार में प्रतिभाग हेतु दिनाँक 26 जून से 01 जुलाई के मध्य कार्यक्रम जारी, देखें अधिकृत विज्ञप्ति


प्रयागराज : अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में चयन हेतु लिखित परीक्षा उपरांत साक्षात्कार में प्रतिभाग हेतु दिनाँक 26 जून से 01 जुलाई के मध्य कार्यक्रम जारी, देखें अधिकृत विज्ञप्ति। 



Saturday, June 22, 2019

प्रयागराज : बच्चों के यूनिफॉर्म के लिए जिले को 17 करोड़ जारी, एक जुलाई को बच्चों को अनिवार्य रूप से शत- प्रतिशत पाठ्य पुस्तकें, जूते मोजे का वितरण सम्पन्न कराने का निर्देश


प्रयागराज : बच्चों के यूनिफॉर्म के लिए जिले को 17 करोड़ जारी, एक जुलाई को बच्चों को अनिवार्य रूप से शत- प्रतिशत पाठ्य पुस्तकें, जूते मोजे का वितरण सम्पन्न कराने का निर्देश।