DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़
Showing posts with label उच्च न्यायालय. Show all posts
Showing posts with label उच्च न्यायालय. Show all posts

Saturday, November 21, 2020

69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी के आवेदन की त्रुटि सुधारने का कोर्ट का निर्देश

69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी के आवेदन की त्रुटि सुधारने का कोर्ट का निर्देश


इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती की अभ्यर्थी डिंपल देवी के ऑनलाइन आवेदन में हुई त्रुटि सुधारने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि याची यदि काउंसिलिंग में शामिल होती है तो मूल प्रमाणपत्रों के मुताबिक उसके आवेदन की त्रुटि सुधारने की अनुमति दी जाए। ‌‌यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज भाटिया ने दिया है।


याचिका में कहा गया था कि याची ने ऑनलाइन आवेदन करते समय भूलवश गलत प्रविष्टियां कर दी थीं। इन त्रुटियों को सुधारने के लिए संबंधित अधिकारियों को प्रत्यावेदन दिया गया लेकिन इसकी अनुमति नहीं मिली। याचिका में सत्येंद्र कुमार शुक्ल के केस में हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देकर कहा गया कि इसी प्रकार के इस मामले में कोर्ट ने त्रुटि सुधारने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने इस केस के आलोक में याची को भी राहत दी है।
--------------------------------------------------------------------------

आवेदन की त्रुटि सुधारने की अनुमति देने का निर्देश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 69000 सहायक अध्यापक भर्ती की अभ्यर्थी के आनलाइन आवेदन में हुई त्रुटि सुधारने की अनुमति देने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि याची यदि काउंसिलिंग में शामिल होती है तो उसके आवेदन की त्रुटि मूल प्रमाणपत्रों के अनुसार सुधारने की अनुमति दी जाए। डिंपल देवी की याचिका पर न्यायमूíत पंकज भाटिया ने सुनवाई की।


 याचिका में कहा गया कि याची ने आनलाइन आवेदन करते समय भूलवश गलत प्रविष्टियां कर दी थी। इसमें संशोधन के लिए संबंधित अधिकारियों को प्रत्यावेदन दिया था। लेकिन, उसकी अनुमति नहीं मिली। हाईकोर्ट द्वारा पारित सत्येंद्र कुमार शुक्ल केस का हवाला देकर कहा गया कि इस केस में ठीक इसी प्रकार के मामले में हाईकोर्ट ने त्रुटि सुधारने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने उक्त केस के आलोक में याची को भी राहत दी है।

स्कूलों की फीस माफी के मामले में राज्य सरकार से जवाब तलब

ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों को कितना हो रहा नुकसान, बेसिक शिक्षा विभाग से माँगा जवाब

स्कूलों की फीस माफी के मामले में राज्य सरकार से जवाब तलब


प्रयागराज। ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों को रहे नुकसान तथा कक्षा आठ तक के बच्चों को बिना परीक्षा लिए अगली कक्षा में प्रोन्नत करने सहित कई मांगों को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा से जवाब मांगा है। याचिका में यह भी मांग की गई है कि प्राइवेट स्कूल लॉकडाउन की अवधि की फीस अभिभावकों से न बसूलें।


मेरठ की संस्था मासूम बचपन फाउंडेशन की जनहित याचिका पर मुख्य न्यायाधीश गोबिंद माथुर तथा न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा की खंडपीठ सुनवाई कर रही है। - याचिका की अगली सुनवाई चार दिसंबर को होगी। संस्था ने याचिका में एक शोध का हवाला देते हुए कहा है कि ऑनलाइन कक्षा से मासूम छात्रों को शारीरिक और मानसिक नुकसान हो रहा है। ऑनलाइन पढ़ाई उनकी क्षमताओं को प्रभावित कर रही है।


ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों को कितना हो रहा नुकसान, हाईकोर्ट ने अपर मुख्य सचिव बेसिक से मांगा जवाब

ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों को रहे नुकसान तथा कक्षा आठ तक के बच्चों को बिना परीक्षा लिए अगली कक्षा में प्रोन्नत करने सहित कई मांगों को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा से जवाब मांगा है। याचिका में यह भी मांग की गई है कि प्राइवेट स्कूल लॉकडाउन की अवधि की फीस अभिभावकों से न वसूलें। 


मेरठ की संस्था मासूम बचपन फाउंडेशन की जनहित याचिका पर मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर तथा न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा की खंडपीठ सुनवाई कर रही है। याचिका की अगली सुनवाई चार दिसंबर को होगी। संस्था ने याचिका में एक शोध का हवाला देते हुए कहा है कि ऑनलाइन कक्षा से मासूम छात्रों को शारीरिक और मानसिक नुकसान हो रहा है। ऑनलाइन पढ़ाई उनकी क्षमताओं को प्रभावित कर रही है। संस्था का कहना है कि वह एक ट्रस्ट है, जो बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा, विकास व कल्याण के लिए काम करता है।


संस्था का कहना है कि जब लॉकडाउन में स्कूल बंद थे तो प्राइवेट स्कूलों को फीस नहीं लेनी चाहिए और स्कूलों की फीस व अध्यापकों के वेतन को रेगुलेट किया जाए। साथ ही बिना परीक्षा लिए अगली कक्षा में प्रोन्नति दी जाए। कोर्ट ने अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा से याचिका में उठाए गए मुद्दों पर हलफनामा मांगा है। याचिका पर राज्य सरकार के अधिवक्ता राजीव सिंह ने प्रतिवाद किया।


इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कक्षा आठ तक के बच्चों को परीक्षा के बगैर प्रोन्नत करने और लॉकडाउन के दौरान गैर वित्त पोषित प्राइवेट स्कूलों द्वारा फीस मांगने पर रोक लगाने की मांग में दाखिल जनहित याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है। यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति गोविंद माथुर एवं न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा की खंडपीठ ने मेरठ की संस्था मासूम बचपन फाउंडेशन की याचिका पर दिया है।


कोर्ट ने अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा से याचिका में उठाए गए मुद्दों पर हलफनामा मांगा है। याचिका पर राज्य सरकार के स्थायी अधिवक्ता राजीव सिंह ने प्रतिवाद किया। बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा, विकास व कल्याण के कार्य कर रही संस्था का कहना है कि जब लाकडाउन में स्कूल बंद थे तो प्राइवेट स्कूलों को फीस नहीं लेनी चाहिए। स्कूलों की फीस व अध्यापकों का वेतन रेगुलेट किया जाए। साथ ही कक्षा आठ तक के बच्चों को बिना परीक्षा लिए अगली कक्षा में प्रोन्नति दी जाए।


याची का यह भी कहना है कि आन लाइन कक्षा से मासूम छात्रों को शारीरिक व मानसिक नुकसान हो रहा है। उनकी क्षमता पर असर पड़ रहा है। इसके लिए शोध का भी हवाला दिया गया।

Friday, November 20, 2020

अनुदेशक का नवीनीकरण न करने पर हाइकोर्ट ने किया जवाब तलब

अनुदेशक का नवीनीकरण न करने पर हाइकोर्ट ने किया जवाब तलब


प्रयागराज : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अंशकालिक अनुदेशक (कला शिक्षा) का नवीनीकरण न करने पर दाखिल याचिका पर राज्य सरकार व अन्य विपक्षियों से जवाब मांगा है। कहा कि याची का नवीनीकरण न करने के कारण का दस्तावेज हलफनामे के बाद दाखिल किया जाए। याचिका की सुनवाई दो दिसंबर को होगी। 


यह आदेश न्यायमूíत जेजे मुनीर ने नीतू की याचिका पर दिया है। याची का कहना है कि अन्य का नवीनीकरण कर दिया गया है और उसका नहीं किया गया। नवीनीकरण न करने की कोई वजह भी नहीं बतायी गयी है। याची का कहना है कि 31 जनवरी 2013 को संविदा पर कला शिक्षा के अनुदेशकों की नियुक्ति का फैसला लिया गया।

Monday, November 9, 2020

इंग्लिश मीडियम परिषदीय स्कूल में तैनाती के लिए हाईकोर्ट पहुंचे बेसिक शिक्षक

इंग्लिश मीडियम परिषदीय स्कूल में तैनाती के लिए हाईकोर्ट पहुंचे बेसिक शिक्षक 


प्रयागराज : बेसिक शिक्षा परिषद के अंग्रेजी मीडियम स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। जिले में सवा साल से तैनाती के लिए भटक रहीं प्रतिभा सिंह और 43 अन्य शिक्षकों ने शासनादेश के अनुरूप अंग्रेजी स्कूलों में तैनाती की गुहारलगाई है। मामले की अगली सुनवाई नौ नवंबर को होनी है। चयनत शिक्षकों का तर्क है कि 29 मई को शासन ने अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में तैनाती पर रोक हटा ली थी। लेकिन इसके पांच महीने बाद भी प्रयागराज में तैनाती नहीं की गई है। 


जिले में सत्र 2019-20 में 110 प्राथमिक 24 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों के चयन के लिए 25 मार्च 2019 तक आवेदन लिए गए थे। साक्षात्कार हुआ। 31 अगस्त और 1 सितंबर 2019 को चयनित शिक्षकों से स्कूलों के विकल्प भराए गए। लेकिन इसके बाद तैनाती नहीं की गई। चयनित शिक्षकों ने कई बार बीएसए और सचिव बेसिक शिक्षा परिषद से वार्ता की तो हर बार अफसरों ने एक-दूसरे पर टाल दिया। सवा साल बाद भी तैनाती नहीं होने सेदुःखी शिक्षकों ने कोर्ट में याचिका कर दी।इससे पहले रामनाथपुरके ग्राम प्रधान और अन्य 5 प्रधान भी अपने गांव में इंग्लिश मीडियम स्कूल बनने के बावजूदशिक्षकों की नियुक्ति न होने को लेकर याचिकाएं कर चुके हैं।

Tuesday, November 3, 2020

जम्मू-कश्मीर की डिग्री यूपी में शिक्षक नियुक्ति के लिए मान्य, बेसिक शिक्षा परिषद को हाईकोर्ट का निर्देश

जम्मू-कश्मीर की डिग्री यूपी में शिक्षक नियुक्ति के लिए मान्य, बेसिक शिक्षा परिषद को हाईकोर्ट का निर्देश

 
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है। इसलिए इस राज्य की डिग्री या डिप्लोमा धारक को नियुक्ति देने से इस आधार पर मना नहीं किया जा सकता है कि यह एक अलग और विशेष दर्जा प्राप्त राज्य की डिग्री है और एनसीटोई के निर्देश इस पर लागू नहीं. होते हैं। 


कोर्ट ने 68,500 सहायक अध्यापक भर्ती के मामले में जम्मू-कश्मीर से शिक्षक प्रशिक्षण की डिग्री लेने वाली याची सोनिया की नियुक्ति पर पुनः विचार करने का बेसिक शिक्षा परिषद को निर्देश दिया है। याचिका पर न्यायमूर्ति अजीत कुमार ने सुनवाई की। याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि याची ने जम्मू एंड कश्मीर बोर्ड ऑफ स्कूल एजूकेशन से एलीमेंट्री टीचर्स ट्रेनिंग का कोर्स किया था। 


उसे 68,500 सहायक अध्यापक भर्ती में 18 अप्रैल 2019 को बागपत में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति भी दे दी गई। मगर बाद में 23 मार्च 2020 को उसकी नियुक्ति यह कहते हुए रदूद कर दी गई कि याची ने जम्मू एंड कश्मीर राज्य से टीचर्स ट्रेनिंग का डिप्लोमा लिया है, जो एक विशेष दर्जा प्राप्त राज्य है और वहां पर एनसीटीई एक्ट लागू नहीं होता है। अधिवक्ता ने पूर्व में भूपेंद्र नाथ त्रिपाठी व अन्य के मामले में इसी हाईकोर्ट द्वारा पारित निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर के नागरिकों को इस आधार पर नहीं रोका जा सकता है कि एनसीटीई एक्ट उस राज्य में लागू नहीं होता है।

Sunday, October 4, 2020

शिक्षिका के ट्रांसफर में हीलाहवाली पर तीन शिक्षाधिकारी कोर्ट में तलब

शिक्षिका के ट्रांसफर में हीलाहवाली पर तीन अधिकारी कोर्ट में तलब


एक शिक्षिका के ट्रांसफर में हीलाहवाली करने पर माध्यमिक शिक्षा विभाग के तीन अफसरों को हाईकोर्ट ने 7 अक्तूबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया है। डीपी गर्ल्स इंटर कॉलेज कटरा में 13 जुलाई 2018 को प्रवक्ता जीव विज्ञान का पद रिक्त हुआ था। प्रबंधतंत्र ने सीधी भर्ती के इस पद को भरने के लिए श्री आरके इंटर कॉलेज कोटला फिरोजाबाद की प्रवक्ता नीरजा सिंह को 15 जुलाई 2018 को एनओसी दे दी।


नीरजा सिंह के स्थानांतरण की फाइल को डीआईओएस फिरोजाबाद ने 27 अप्रैल 2019 को मंजूरी दी जिसे संयुक्त शिक्षा निदेशक प्रयागराज ने 14 मई 2019 को डीआईओएस -2 देवी सहाय तिवारी को भेज दी। ट्रांसफर की अंतिम तिथि 30 जून 2019 होने के कारण नीरजा सिंह ने याचिका की जिस पर हाईकोर्ट ने 7 जून 2019 को अपर निदेशक माध्यमिक को निस्तारण का आदेश दिया। डीआईओएस-2 ने बिना हस्ताक्षर या संस्तुति किए फाइल 45 दिन बाद 28 जून को जेडी को भेजी और जेडी ने एक जुलाई 2019 को निदेशालय भेजा।


अपर निदेशक ने नौ महीने बाद 28 मार्च को निर्णय दिया कि फाइल 30 जून के बाद मिली जिसके कारण उन्होंने विचार नहीं किया। इस निर्णय को नीरजा सिंह ने फिर चुनौती दी जिस पर हाईकोर्ट ने 28 अगस्त को अफसरों से कार्रवाई रिपोर्ट तलब कर ली। अधिकारियों की विरोधाभासी रिपोर्ट से सख्त कोर्ट ने तलब कर लिया है।

इनका कहना है

सिफारिश वालों का ट्रांसफर सारे नियम-कानून दरकिनार करके किए जा रहे हैं जबकि आम शिक्षक ठोकरें खा रहा है। अधिकारियों ने जानबूझकर नीरजा सिंह की ट्रांसफर फाइल एक दिन देर करके शिक्षा निदेशालय भेजी और इसी आधार पर उनका ट्रांसफर नहीं हुआ। - लालमणि द्विवेदी, प्रदेश महामंत्री माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट