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Tuesday, February 23, 2021

दिल्ली विवि में दाखिले सेंट्रल यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेस टेस्ट से करने की तैयारी

दिल्ली विवि में दाखिले सेंट्रल यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेस टेस्ट से करने की तैयारी


नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में अब अंडर ग्रेजुएट स्तर के सभी विषयों में दाखिले प्रवेश परीक्षा से करने की तैयारी की जा रही है। प्रवेश परीक्षा के लिए सेंट्रल यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेस टेस्ट (सीयूसेट) होगा। टेस्ट के अंक और बारहवीं के अंकों के आधार पर मेरिट तैयार होगी।


अभी तक यूजी के दस कोर्सेज के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाती है। इस प्रवेश परीक्षा को वर्ष 2020 में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने आयोजित किया था। नई शिक्षा नीति में देशभर में सभी विश्वविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रम में 2021 से एक ही संयुक्त प्रवेश परीक्षा से दाखिले करने के लिए कहा गया है। यह टेस्ट भी एनटीए ही आयोजित करेगी।


डीयू अधिकारियों के अनुसार दाखिले नई शिक्षा नीति के अनुसार ही होंगे। प्रशासन ने प्रवेश परीक्षा के लिए विस्तृत रूपरेखा तैयार करनी शुरू की है। सीयूसेट के लिए डीयू का प्रस्ताव है कि इसमें बारहवीं के अंकों की वेटेज 50 फीसदी और बाकी 50 फीसदी वेटेज टेस्ट की होगी। विभिन्न बोर्ड से छात्र आने के कारण बारहवीं के अंकों को पर्सेटाइल के हिसाब से तय किया जा सकता है।

प्रशासन का मानना है कि अलग बोर्ड होने से छात्रों के अंकों में समरूपता नहीं होती है। इस टेस्ट के होने से छात्र को अलग अलग विश्वविद्यालय में दाखिला के लिए अलग-अलग प्रवेश परीक्षा नहीं देनी पड़ेगी। दाखिले का आधार विश्वविद्यालय अपने अनुसार तय कर सकेंगे।

Monday, February 22, 2021

यूपी के हर मंडल को एक राज्य विश्वविद्यालय की सौगात, उच्च शिक्षा की सूरत बदलने की कोशिश

यूपी के हर मंडल को एक राज्य विश्वविद्यालय की सौगात, उच्च शिक्षा की सूरत बदलने की कोशिश


उच्च शिक्षा के स्तर को नई बुलंदी देने के लिए प्रदेश की योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर यूपी के हर मंडल में एक राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। इससे ग्रामीण परिवेश के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए एक जिले से दूसरे जिलों व राज्यों में पढ़ाई करने के लिए दौड़ नहीं लगाना पड़ेगी। वहीं, 200 करोड़ रुपये की लागत से प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों की सूरत भी बदलने का काम योगी सरकार करने जा रही है। प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सोमवार को प्रदेश सरकार के पांचवे बजट भाषण के दौरान हर मंडल में एक राज्य विश्वविद्यालय खोले जाने की बात कही। 


यूपी में अभी 16 राज्य विश्वविद्यालय संचालित हो रहे हैं। इनमें भी कई मंडलों में अभी राज्य विश्वविद्यालय नहीं है। ऐसे में ग्रामीण परिवेश के छात्रों को उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए दूसरे जिलों में जाना पड़ता है। इससे छात्रों पर हॉस्टल व मेस फीस को बोझ बढ़ जाता है। अपने ही मंडल में विश्वविद्यालय खुल जाने के बाद छात्रों को पढ़ाई करने के लिए दूर दराज नहीं जाना पड़ेगा। इसके अलावा प्रदेश के 170 शासकीय डिग्री कॉलेजा की सूरत भी योगी सरकार ने बदलने की तैयारी कर ली है। 

UGC Dual Degree Rules: यूजीसी ने दोहरी डिग्री के नियम लेकर तैयार मसौदे को दिया अंतिम रूप

 UGC Dual Degree Rules: यूजीसी ने दोहरी डिग्री के नियम लेकर तैयार मसौदे को दिया अंतिम रूप


UGC New Rules on Dual Degree: भारतीय एवं विदेशी उच्च शिक्षण संस्थान जल्द ही संयुक्त या दोहरी डिग्री की पेशकश कर सकेंगे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने इन शिक्षा कार्यक्रमों के नियमों से संबंधित मसौदे को अंतिम रूप दिया है। हालांकि, इस बारे में अंतिम निर्णय मसौदे को लेकर मिलने वाली प्रतिक्रिया के बाद लिया जाएगा जिसे सार्वजनिक किया गया है।


इस मसौदे के मुताबिक, भारत के उच्च शिक्षण संस्थान क्रेडिट पहचान और हस्तांतरण के साथ-साथ दोहरी डिग्री प्रदान करने को लेकर समकक्ष विदेशी शिक्षण संस्थानों के साथ समझौता कर सकेंगे।


इसके मुताबिक, यह नियम ऑनलाइन, ओपन और दूरस्थ शिक्षा प्रणाली के शिक्षा कार्यक्रमों में लागू नहीं होंगे। नियमों के अनुसार, दोहरी डिग्री कार्यक्रम के अंतर्गत दोनों संस्थानों की डिग्री संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के बाद भारतीय एवं विदेशी उच्च शिक्षण संस्थान अलग-अलग या संयुक्त डिग्री दे पाएंगे।

अब राजकीय कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर की भी होगी आउटसोर्सिंग से नियुक्ति

अब राजकीय कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर की भी होगी आउटसोर्सिंग से नियुक्ति

स्कूल-कॉलेजों में आउटसोर्सिंग से चपरासी रखने से आगे बढ़कर सरकार अब राजकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर ग्रेड के समकक्ष प्रवक्ता की नियुक्ति आउटसोर्सिंग से करेगी। शासन ने राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के निर्मित 49 राजकीय महाविद्यालयों में परास्नातक स्तर पर कला, विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय के विषयों के लिए प्रवक्ता के 98 पदों तथा 12 राजकीय महाविद्यालयों में स्नातक स्तर पर वाणिज्य संकाय के विषयों के लिए प्रवक्ता के 24 पदों को पहली बार आउटसोर्सिंग से भरे जाने की मंजूरी दी है।


विशेष सचिव उच्च शिक्षा योगेश दत्त त्रिपाठी ने 12 फरवरी को उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमित भारद्वाज को इस संबंध में आदेश भेजे हैं। ये पद तभी भरे जाएंगे जब राजकीय महाविद्यालय संचालित होने की स्थिति में होंगे। आउटसोर्सिंग से भरे जाने वाले पदों के लिए सेवा प्रदाता एजेंसी का चयन पारदर्शी तरीके से किया जाएगा। इन पदों को अस्थायी रूप से 28 फरवरी 2022 तक के लिए सृजित किया गया है।

क्या कहते हैं नेता?
शिक्षक विधायक और नेता शिक्षक दल विधान परिषद सुरेश कुमार त्रिपाठी ने कहा, 'आउटसोर्सिंग पर प्रवक्ता को रखना दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय है। शिक्षा के लिए ये व्यवस्था ठीक नहीं है। शिक्षा को एक प्रकाश से निजी हाथों में सौंपने का उपक्रम शुरू हो गया है।'


चतुर्थ से तृतीय श्रेणी में प्रमोशन के लिए परीक्षा 14 मार्च को
राजकीय महाविद्यालय, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी कार्यालय, पुस्तकालयाध्यक्ष, राजकीय पब्लिक लाइब्रेरी में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की तृतीय श्रेणी में पदोन्नति के लिए परीक्षा 14 मार्च को होगी। परीक्षा हेमवती नंदन बहुगुणा राजकीय पीजी कॉलेज नैनी में होगी।


Thursday, February 18, 2021

उच्च शिक्षा : एडेड कॉलेजों में शिक्षकों की प्रोन्नति शीघ्र, कॅरियर एडवांसमेंट योजना के तहत होनी है प्रोन्नतियां

उच्च शिक्षा : एडेड कॉलेजों में शिक्षकों की प्रोन्नति शीघ्र, कॅरियर एडवांसमेंट योजना के तहत होनी है प्रोन्नतियां

❇️ उच्च शिक्षा निदेशक ने मूल्यांकन समिति के लिए नाम तय किया


प्रदेश के सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की कॅरियर एडवांसमेंट योजना के तहत होने वाली प्रोन्नतियों को शासन ने हरी झंडी दे दी है। शासन के निर्देश पर उच्च शिक्षा निदेशक ने मूल्यांकन समिति के लिए जिलावार अपने नामिनी का नाम तय कर दिया है। मूल्यांकन समिति की संस्तुति पर ही शिक्षकों की प्रोन्नतियां होती हैं।


सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफसरों को स्टेज- 1 से स्टेज- 4 तक एवं सातवें वेतनमान वेतनमान के मैट्रिक लेवल तक प्रोन्नतियां होनी हैं। इसके तहत उन्हें वेतनमान में वृद्धि का लाभ मिलता है। इन्हीं चरणों की प्रोन्नति प्रक्रिया के बाद उन्हें एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर भी प्रोन्नति दी जाती है। यह प्रक्रिया समय से न हो पाने पर उनकी प्रोन्नति लटक जाती है। स्क्रीनिंग कम मूल्यांकन समिति विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी ) की गाइड लाइन के तहत एकेडमिक परफार्मेस इंडीकेटर्स (एपीआई) के आधार पर शिक्षक के कार्यों का मूल्यांकन करती है। यूजीसी ने प्रोन्नति के लिए एपीआई के अंक तय कर रखे हैं, जो अलग-अलग कार्यों के आधार पर मिलते हैं। इसमें शोध कार्यों, सेमिनारों में सहभागिता और प्रशासनिक दायित्वों पर भी अंक मिलते हैं।

उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमित भारद्वाज ने वर्ष 2019 में जारी की गई सूची में संशोधित करते हुए मूल्यांकन समिति के लिए अपने नामिनी का नाम घोषित किया है । यह सूची विवि के कार्यक्षेत्र में आने वाले जिलों के आधार पर बनाई गई है।

Wednesday, February 17, 2021

अल्पसंख्यक अशासकीय महाविद्यालयों और माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक भर्ती अटकी

अल्पसंख्यक अशासकीय महाविद्यालयों और माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक भर्ती अटकी



प्रयागराज। प्रदेश में अल्पसंख्यक अशासकीय महाविद्यालयों और अल्पसंख्यक माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक भर्ती अटकी हुई है। शासन ने भर्ती पर रोक लगा रखी है। हालांकि कुछ कॉलेजों ने शासन से विशेष अनुमति लेकर अपने यहां भर्तियां की हैं, लेकिन ज्यादातर कॉलेजों में भर्तियां नहीं हुईं हैं। अब नए शिक्षा सेवा आयोग के गठन के बाद अल्पसंख्यक अशासकीय महाविद्यालयों एवं विद्यालयों में भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।


दरअसल, अल्पसंख्यक अशासकीय महाविद्यालयों और अल्पसंख्यक अशासकीय विद्यालयों में भर्ती की प्रक्रिया प्रबंधन के जिम्मे होती थी। भर्ती में मनमानी और गड़बड़ी के अक्सर आरोप लगते रहते थे। ऐसे में शासन को भर्ती पर रोक लगानी पड़ी। तैयारी थी कि भर्ती संस्थाओं के माध्यम से ऐसे महाविद्यालयों एवं विद्यालयों में भर्ती कराई जाएगी। फिलहाल, उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग अशासकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के 2003 पदों पर प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए नोटिफिकेशन भी जारी किया जा चुका है, लेकिन इसमें अल्पसंख्यक अशासकीय महाविद्यालय शामिल नहीं हैं। वहीं, माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड भी अशासकीय विद्यालयों में टीजीटी-पीजीटी भर्ती शुरू करने वाला हैं, लेकिन इसमें भी अल्पसंख्यक अशासकीय विद्यालय शामिल नहीं हैं।


प्रदेश में अल्पसंख्यक अशासकीय महाविद्यालयों की संख्या 21 है। इनमें से कुछ महाविद्यालयों की ओर से शासन में प्रार्थनापत्र देकर भर्ती की अनुमति मांगी गई थी। इन महाविद्यालयों में भर्ती भी हुई, लेकिन ज्यादातर अल्पसंख्यक अशासकीय महाविद्यालयों में अब भी असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती पर रोक लगी हुई है। सूत्रों का कहना है कि प्रदेश में नए शिक्षा सेवा आयोग का गठन होने वाला है। आयोग के गठन के बाद अल्पसंख्यक अशासकीय महाविद्यालयों और अल्पसंख्यक माध्यमिक विद्यालयों में भर्ती शुरू होने के पूरे आसार हैं।