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Friday, February 5, 2021

शिक्षकों की गोपनीय आख्या के विरोध में आक्रोश, विरोध में उतरे शिक्षक संगठन

शिक्षकों की गोपनीय आख्या के विरोध में आक्रोश, विरोध में उतरे शिक्षक संगठन


गोपनीय आख्या के नाम पर बंद हो शोषण - कई जिलों में ज्ञापन सौंप बोले बेसिक शिक्षक


सीतापुर। प्राथमिक शिक्षक संघ ने अपनी मांगों को लेकर गुरुवार को मुख्यमंत्री व बीएसए को संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी को सौंपा। जिलाध्यक्ष सुरेंद्र गुप्त ने कहा सरकार आए दिन नए-नए आदेश जारी करके अधिकारियों को शिक्षकों का शोषण करने के लिए संरक्षण दे रही है। गोपनीय आख्या के नाम पर अधिकारी शिक्षकों का उत्पीड़न कर रहे हैं। उन्होंने इस मौके पर जिले में महिला शिक्षिकाओं की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया।


जिला मंत्री आराध्य शुक्ल ने कहा पूरे जिले में खंड शिक्षा अधिकारियों का संगठित भ्रष्टाचार चल रहा है। कहा, पिछले दिनों कार्यमुक्त शिक्षकों की रिलीविंग में हुई धन उगाही और रात भर महिलाओं को बीएसए कार्यालय में रोकने की घटना की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए । उन्होंने शिक्षकों की वार्षिक गोपनीय आख्या लेने विषयक आदेश वापस लेने की भी मांग की।


झांसी। शिक्षकों की गोपनीय आख्या को लेकर शिक्षक संगठनों में आक्रोश पनप रहा है। बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने शासन के आदेश को लेकर विरोध किया। इस दौरान शिक्षकों ने शिक्षा भवन से लेकर कलक्ट्रेट तक जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। साथ ही, डीएम को मुख्यमंत्री और बेसिक शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।


शिक्षक नेताओं ने कहा कि कायाकल्प के तहत हो रहे कार्यों को शिक्षकों के अंक निर्धारण से जोड़ना उत्पीड़न करना है। वार्षिक गोपनीय आख्या पठन-पाठन के विपरीत और असमंजस उत्पन्न करने वाली है। इससे शिक्षकों में रोष व्याप्त है। इसके साथ ही, 20 सूत्रीय मांगों को ज्ञापन में सम्मिलित किया गया। 


इस मौके पर शिक्षकों ने अंतर्जनपदीय स्थानांतरण, जनपद के अन्दर स्थानान्तरण एवं पारस्परिक स्थानांतरण प्रक्रिया बहाल करने, संसाधन उपलब्ध कराए बगैर ऑनलाइन कार्य में शिक्षकों पर दंडात्मक कार्रवाई आदेश करने, कैश लेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने, मृतक आश्रितों को चतुर्थ श्रेणी के स्थान पर लिपिक पद पर नियुक्त करने, शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखने, बेसिक शिक्षा परिषद में एनजीओ का दखल बंद करने और नवनियुक्त शिक्षकों के दो प्रमाण पत्रों के सत्यापन पर शीघ्र वेतन भुगतान करने एवं पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग की। 

इस दौरान ज़िलाध्यक्ष जितेंद्र दीक्षित, मंत्री चौधरी धर्मेंद्र सिंह, देवेश शर्मा, मोहम्मद अफ जल, रजनी साहू, राजीव आर्य, पुष्पा सिंह, उमेश बबेले, प्रवक्ता अब्दुल नोमान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र कुशवाहा, संयुक्त मंत्री शिवकुमार पाराशर, कोषाध्यक्ष चरण सिंह पटेल, देवी प्रसाद, अरुण निरंजन, मृत्युञ्जय सिंह, अनिरुद्ध रावत, प्रियवंदा मिश्रा समेत बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।


बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने भी सौंपा ज्ञापन

झांसी। बेसिक शिक्षकों की लंबित मांगों को लेकर बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने जिलाध्यक्ष रसकेंद्र गौतम के नेतृत्व में डीएम को ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष ने कहा कि बेसिक शिक्षकों की न्यायोचित मांगें सरकार व शासन के स्तर पर लंबित हैं। महानिदेशक स्कूली शिक्षा द्वारा जारी किया गया आदेश नियम विरुद्ध है। इस मौके पर महेश साह्रू, प्रदीप कुशवाहा, विपिन त्रिपाठी, राजीव पाठक, सुनील गुप्ता, अजय देवलिया, रंजीत यादव, पवन देव त्रिपाठी, हिमांशु अवस्थी, हरगोविंद यादव, अजय पटेल, अरुण पटेरिया, आशुतोष पांडेय, रामकिशोर यादव, नीरज चाउदा, पवन गुप्ता मौजूद रहे।

गोपनीय आख्या पर पदोन्नति व वेतन वृद्धि अव्यवहारिक

जौनपुर । प्राथमिक शिक्षक संघ के जनपदीय अध्यक्ष व प्रांतीय संगठन मंत्री अमित सिंह के नेतृत्व में परिषदीय शिक्षकों ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को शिक्षकों के मूल्यांकन के (गोपनीय आख्या) आदेश के विरोध सहित 22 सूत्रीय मांगों के संदर्भ में ज्ञापन भेजा । प्रांतीय संगठन मंत्री ने कहा विगत 8 जनवरी को बेसिक शिक्षा परिषद विभाग द्वारा निर्देश दिया गया है कि परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों का मूल्यांकन कर वार्षिक गोपनीय आख्या ब्लाक/जनपद के अधिकारियों द्वारा विभाग को प्रेषित की जायेगी और इस गोपनीय आख्या के आधार पर ही शिक्षकों की वेतन वृद्धि व पदोन्नति की जायेगी। यह आदेश पूर्ण रूप से अव्यवहारिक एवं शिक्षकों का शोषण करने वाला है। विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार विद्यालय में कायाकल्प के तहत होने वाले कार्यों के लिए भी अंक तय कर उनका उल्लेख शिक्षकों की गोपनीय आख्या में करने की व्यवस्था की गई है जो पूरी तरह से नियम विरुद्ध व अनुचित है


उन्नाव। परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों की गोपनीय आख्या मांगे जाने पर उत्तर प्रदेशीय प्राशिसं ने विरोध जताते हुए डीएम कार्यालय में ज्ञापन दिया। महामंत्री धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि सभी शिक्षक अपने कर्तव्य पूरा कर रहे हैं, फिर भी गोपनीय मूल्यांकन के निर्देश दिए गए हैं। इस निर्णय से शिक्षकों का मनोबल गिरेगा। पठन व पाठन के लिए यह आदेश अनुचित नहीं है।


अपनी बात शासन तक पहुंचाने के लिए शिक्षकों ने गुरुवार को बेसिक शिक्षा मंत्री को संबोधित करते हुए ज्ञापन डीएम कार्यालय में दिया। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि गोपनीय मूल्यांकन और आख्या के निर्देश को वापस लिया जाए। इसके अलावा उन्होंने शिक्षकों की लंबित मामलों के भी निस्तारण की मांग उठाई। इसमें नव नियुक्त शिक्षकों का सत्यापन शीघ्र कराने का भी मुद्दा उठाया।

Saturday, January 30, 2021

उन्नाव : पदोन्नति की स्थिति के सम्बन्ध अद्यतन अपडेट जारी

उन्नाव : पदोन्नति की स्थिति  के सम्बन्ध अद्यतन अपडेट जारी।



Sunday, January 24, 2021

उन्नाव : अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के संबंध में पत्रावली तैयार करने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश जारी

उन्नाव : अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के संबंध में पत्रावली तैयार करने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश जारी।

Monday, January 4, 2021

उन्नाव : कोहरे व शीतलहर के चलते विद्यालयों के खुलने का समय परिवर्तित

उन्नाव : कोहरे व शीतलहर के चलते विद्यालयों के खुलने का समय परिवर्तित।



Saturday, December 26, 2020

उन्नाव : स्वेटरों की गुणवत्ता ठीक न होने पर अल्टीमेटम, शासन ने लिया फीड बैक तो अभिभावकों ने खोली पोल

स्वेटरों की गुणवत्ता ठीक न होने पर अल्टीमेटम, शासन ने लिया फीड बैक तो अभिभावकों ने खोली पोल

उन्नाव। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को दिए जा रहे स्वेटर की गुणवत्ता की पोल अभिभावकों ने खोल दी। शासन स्तर से लिए गए फीड बैक में कई शिकायतें आई हैं। बताया गया कि स्वेटर का न तो साइज सही है और न ऊन। इसे पहनने पर भी ठंड से राहत नहीं मिलती। इस फीड बैक के बाद शासन स्तर से अधिकारियों को सुधार का अल्टीमेटम दिया गया है। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावकों के मोबाइल नंबर योजनाओं की हकीकत जानने के लिए मिशन प्रेरणा के तहत फीड कराए गए थे।

इस समय छात्रों को दिए जा रहे स्वेटर वितरण का शासन स्तर से फीड बैक लिया गया इसमें 516 अभिभावकों से गुणवत्ता की जानकारी के लिए फोन पर बात हुई। 394 अभिभावकों ने बताया कि उनके बच्चों को स्वेटर ही नहीं मिला। पांच अभिभावकों ने बताया कि मिले स्वेटर की गुणवत्ता ठीक नहीं है।


ऑनलाइन कक्षाओं की जानकारी ली गई तो उसमें 169 अभिभावकों ने बताया कि कक्षाओं का संचालन किया गया। 347 अभिभावकों ने बताया कि कोरोना काल से उनके छात्रों की पढ़ाई नहीं कराई गई। शासन से डीएम को सुधार की चेतावनी मिलने पर उन्होंने बीएसए प्रदीप कुमार पांडेय को कमियों में सुधार करने को कहा है।

Thursday, November 19, 2020

स्वास्थ्य कारणों से पद छोड़ने के लिए उन्नाव बीएसए ने लिखा पत्र, दिन भर चर्चाओं का चलता रहा दौर

स्वास्थ्य कारणों से पद छोड़ने के लिए उन्नाव बीएसए ने लिखा पत्र, दिन भर चर्चाओं का चलता रहा दौर


उन्नाव : कारण जो भी हो लेकिन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रदीप कुमार पांडेय के एक पत्र ने शासन व प्रशासन दोनों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा को लिखे पत्र में उन्होंने पद छोड़ने की इच्छा जाहिर की है। यहां पर उन्होंने कई कारण बताए हैं, लेकिन उनसे पत्र के बाबत जानकारी ली गई तो उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर ज्यादा कुछ नहीं बोला है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा से लेकर विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों में इस बात की चर्चाएं हैं। 



अगस्त 2013 में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के पद पर बीके शर्मा की तैनाती की गई थी। करीब एक साल में उनके कार्यों पर उठी अंगुलियों व लगे आरोपों के आधार पर अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा रेणुका कुमार ने उन्हें निलंबित किया था। यहां वित्तीय और कार्य अनियमितता के कई आरोप उनपर लगे। इसके बाद कंपोजिट ग्रांट घोटाले के जांच की आंच भारी पड़ी। 


निलंबन के बाद शासन स्तर पर बेसिक व माध्यमिक शिक्षा में कई अधिकारियों को इधर से उधर किया गया। इसमें प्रयागराज में माध्यमिक शिक्षा में एसोसिएट डीआईओएस पद पर कार्यरत प्रदीप कुमार पांडेय को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की कुर्सी दी गई। हालांकि, वहां कुछ समय बाद यह कुर्सी फिर बदल गई और बीके शर्मा को यह पद फिर से दिया गया। लेकिन कुछ दिन बाद फिर से हुई उथल-पुथल में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी पद पर प्रदीप कुमार पांडेय को नियुक्ति दी गई। 


23 नवंबर 2019 को पद संभालते एक साल अभी नहीं हुए हैं। ऐसे में स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए प्रदीप कुमार पांडेय ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद व शिक्षा निदेशक बेसिक डॉ. सर्वंद्र विक्रम बहादुर सिंह से पद छोड़ने की इच्छा जाहिर करते हुए अवकाश मांगा है। फिलहाल, इस पत्र ने शासन व प्रशासन दोनों को सोचने पर मजबूर किया है।

Wednesday, September 16, 2020

उन्नाव : कंपोजिट ग्रांट घोटाला में डीएम समेत अन्य अफसर दोषी सिद्ध, ईओडब्लू ने जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी

उन्नाव : कंपोजिट ग्रांट घोटाला में डीएम समेत अन्य अफसर दोषी सिद्ध, ईओडब्लू ने जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी


लखनऊ : उन्नाव के बहुचर्चित करोड़ों रुपये के कंपोजिट ग्रांट घोटाले की जांच में आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने तत्कालीन डीएम देवेंद्र कुमार पांडेय समेत अन्य अधिकारियों व कर्मियों को दोषी पाया है। ईओडब्ल्यू ने शासन को जांच रिपोर्ट सौंप दी है। तत्कालीन डीएम देवेंद्र कुमार पांडेय के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई और तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी बीके शर्मा व अन्य के खिलाफ मुकदमा चलाने की संस्तुति की गई है। ईओडब्ल्यू ने प्रकरण में उन्नाव की सदर कोतवाली में दर्ज कराई गई एफआइआर की विवेचना भी अपने हाथ में ले ली है। आरोपित तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी बीके शर्मा अनियमितता के अन्य मामले में पूर्व में निलंबित भी हो चुके हैं।


ईओडब्ल्यू की जांच में तत्कालीन डीएम व बीएसए के अलावा जौनपुर की मां वैष्णव एजेंसी के संचालक जितेंद्र सिंह, तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी रामकिशुन यादव, कृष्ण देव यादव, आशीष चौहान, दिनेश सिंह, शैलेंद्र कुमार शर्मा, सुरेंद्र कुमार मौर्य, मृत्युंजय यादव, सुषमा सेंगर, नसरीन फारुकी, अरुण कुमार अवस्थी, अशोक कुमार सिंह, प्रवीण कुमार दीक्षित, मधुलिका वाजपेयी व राजेश कुमार को दोषी पाया गया है। इनमें कई के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है। ईओडब्ल्यू ने मां वैष्णव एजेंसी को ब्लैक लिस्टेड किए जाने की सिफारिश भी की है।

पूर्व में प्रकरण की जांच कमिश्नर ने की थी, जिसमें डीएम समेत अन्य अधिकारी दोषी पाए गए थे। तत्कालीन डीएम को निलंबित कर दिया गया था। शासन ने मामले की जांच ईओडब्ल्यू को सौंपी थी। उन्नाव के स्कूलों में कंपोजिट ग्रांट के तहत सप्लाई किए गए डस्टबिन, दीवार घड़ी, पेंसिल व अन्य सामग्री की सप्लाई में घोटाला किया गया था। खंड शिक्षा अधिकारियों व प्रधानाध्यापकों पर मां वैष्णव एजेंसी से ही सामग्री खरीदने का दबाव भी बनाया गया था।

Friday, August 14, 2020

उन्नाव : निलंबित शिक्षकों की बहाली भूल गए अफसर, आधा दर्जन शिक्षकों की बहाली को लेकर नहीं गम्भीर महकमा

उन्नाव : निलंबित शिक्षकों की बहाली भूल गए अफसर।


लापरवाही में निलंबित किए गए शिक्षकों की बहाली को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग गंभीर नहीं है। महीनों बाद भी जिले के निलंबित आधा दर्जन शिक्षकों की अब तक बहाली नहीं हो सकी है। इनके खिलाफ आरोप पत्र देकर जांच आख्या के आधार पर न तो कार्रवाई हुई और न ही बहाली। बहाली में हो रहे विलंब से स्कूलों की पठन पाठन व्यवस्था प्रभावित है। साथ ही शिक्षा विभाग की लचर कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।




पूर्व बीएसए बीके शर्मा ने साल 2019 में स्कूलों के निरीक्षण में लापरवाह मिले दर्जनों शिक्षकों को निलंबित किया था। इसके अलावा प्रभारी बीएसए राकेश कुमार, सीडीओ व वर्तमान बीएसए प्रदीप पांडेय ने कई निलंबन किए। कुछ समय पहले कई शिक्षक बहाल हुए पर अभी कई की बहाली लटकी है, जबकि नियमानुसार तीन महीने के भीतर इनकी बहाली हो जानी चाहिए। इसके लिए यह जरूरी है कि निलंबित शिक्षक को 15 दिन के भीतर आरोप पत्र देकर उसका पक्ष लिया जाए। इसके बाद जांच आख्या के आधार पर उस पर अनुशासात्मक कारवाई हो या फिर उसकी बहाली की जाए। इसके बाद भी नियम कायदों को ताक पर रखकर तमाम शिक्षकों को कई महीनों बाद भी बहाल नहीं किया गया है।




इस मामले में बीएसए प्रदीप पांडेय का कहना है कि जैसे-जैसे जांच आख्या मिल रही है, उसी आधार पर शिक्षकों को बहाल किया जा रहा है। अभी इन शिक्षकों की आख्या नहीं आई है, इसलिए बहाली या कार्रवाई नहीं की गई है। आख्या मांगी गई है जल्द आगे की कार्रवाई पूरी की जाएगी। किसी शिक्षकों को आसपास का स्कूल नहीं दिया जाएगा। जो जहां है वहीं रहेगा।




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Thursday, August 6, 2020

उन्नाव : बीआरसी से सर्विस बुक खोने के मामले ने पकड़ा तूल, बीईओ की तीन सदस्यीय टीम से जांच कराएंगे बीएसए

उन्नाव : बीआरसी से सर्विस बुक खोने के मामले ने पकड़ा तूल, बीईओ की तीन सदस्यीय टीम से जांच कराएंगे बीएसए।

उन्नाव :  बीआरसी (ब्लॉक संसाधन केंद्र) में सर्विस बुक न होने से शिक्षक का नाम राज्य पुरस्कार के लिए न भेजे जाने के मामले ने तूल पकड़ा है। बीएसए अब बीईओ की तीन सदस्यीय टीम गठित कर इसकी जांच कराएंगे। इसमें जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।





बेसिक स्कूलों में अच्छा काम करने वाले शिक्षकों को हर साल राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। साल 2020-21 में जिले के पांच शिक्षकों में नवाबगंज ब्लॉक से सोहरामऊ अंग्रेजी स्कूल की शिक्षिका स्नेहिल पांडेय, नानाटीकुर उच्च प्राथमिक स्कूल के शिक्षक विनय त्रिपाठी, बिछिया की शिक्षिका रश्मि पांडेय, सिकंदपरपुर सरोसी ब्लॉक से ज्योति नगर क्षेत्र से सुनील गुप्ता ने ऑनलाइन आवेदन किया था। इसमें चार शिक्षकों के नाम तो बीएसए ने भेज दिए थे। जबकि सहायक शिक्षक विनय त्रिपाठी की फाइल में बीईओ (खंड शिक्षाधिकारी) ने बीआरसी पर सर्विस बुक न होने की रिपोर्ट लगाकर बीएसए को फाइल भेजी थी। जिससे उनका आवेदन निरस्त हो गया था। शिक्षक ने बीईओ पर आरोप लगाया था कि उनकी सर्विस बुक वहीं से गायब करा दी गई है। उन्होंने कभी सर्विस बुक ली ही नहीं। उन्होंने बीएसए के साथ डीएम को भी प्रार्थना पत्र देकर इसकी जांच कराने की मांग की थी। जबकि बीईओ का कहना था कि उन्होंने खुद सर्विस बुक बीआरसी से ली है। इसकी हकीकत जानने के लिए अब मामले की जांच होगी। बीएसए प्रदीप कुमार पांडेय ने बताया कि मामले की सच्चाई जानने के लिए इसकी जांच कराई जाएगी। इसमें जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।


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Thursday, July 30, 2020

कंपोजिट ग्रांट घोटाले में उन्नाव के पूर्व डीएम से पूछताछ

कंपोजिट ग्रांट घोटाले में उन्नाव के पूर्व डीएम से पूछताछ


लखनऊ : बहुचर्चित कंपोजिट ग्रांट घोटाले की जांच कर रही आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने उन्नाव के तत्कालीन जिलाधिकारी देवेंद्र कुमार पांडेय से लंबी पूछताछ की है। जांच एजेंसी ने कई बिंदुओं पर सवाल-जवाब के दौरान उनके बयान दर्ज किए हैं। घोटाले में आरोपित आईएएस अधिकारी देवेंद्र कुमार पांडेय को शासन ने निलंबित कर दिया था।


सूत्रों के मुताबिक पांडव से बाजार में सस्ती दर पर उपलब्ध सामान को महंगी दरों पर खरीदे जाने और नियमों को दरकिनार कर जौनपुर की फर्म को कार्य आवंटित किए जाने सहित कई बिंदुओं पर सवाल किए गए। माना जा रहा है कि ईओडब्ल्यू मामले की जांच रिपोर्ट जल्द शासन को सौंपने की तैयारी में है।

Saturday, July 4, 2020

उन्नाव : दागी शिक्षकों से रिकवरी के लिए बैंक खाता होगा फ्रीज, बीएसए ने सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी को लिखा पत्र

उन्नाव : दागी शिक्षकों से रिकवरी के लिए बैंक खाता होगा फ्रीज, बीएसए ने सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी को लिखा पत्र।


उन्नाव : बेसिक शिक्षा विभाग में एक के बाद एक फर्जीवाड़ा खुल रहा है। लेपर्ड व फर्जी डिग्री पर नौकरी कर रहे सात शिक्षकों पर अब तक एफआईआर दर्ज हो चुकी है। आरोपितों से नियुक्ति तिथि से लेकर अब तक विभाग द्वारा किए गए भुगतान की बिक्री होगी। नहीं आख्या के आधार पर शुक्रवार को बीएसए ने सहायक वित्त एवं जिलाधिकारी को पत्र लिखा है। बैंक खाते में डेबिट पर रोक लगाने के लिए खाता फ्रीज किया जाएगा। परिषदीय स्कूलों में बीएड डिग्री धारक शिक्षकों की जांच कर रही आईआईटी व एसटीएफ की जांच में जिले से छह शिक्षक दागी मिले। अभिलेखों में हेराफेरी करके आरोपित जाली अंक प्रमाणपत्र बना सहायक शिक्षक बन गए। फजीवाड़ा पकड़े जाने के बाद इन सभी की गर्दन दबोची गई। एक शिक्षक की डिग्री को एसटीएफ ने जांच में फर्जी पाया। आरापित ने लखनऊ विवि से पढ़ाई की थी। फर्जी अंकपत्र पर नौकरी पा ली। जिस पर एफआईआर दर्ज कराई गई। एक जुलाई को मुख्यालय से मिली रिपोर्ट पर अपर मुख्य सचिव रणुका कुमार ने शिक्षकों से वित्तीय भुगतानों की रिकवरी करने का आदेश किया। बीएसए प्रदीप कुमार पांडेय ने बताया कि वेतन व अन्य वित्तीय भुगतानों की रिकवरी के लिए सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी एके मिश्रा को पत्र लिखा गया है। एडीएम वित्त को भी इस बाबत जानकारी दे दी गई है। बचत खाता फ्रीज कराने के लिए बैंक को पत्र लिखा जाएगा। नोटिस का जवाब नहीं तो संपत्ति की कुर्की : सोमवार तक आरोपितों को रिकवरी के लिए नोटिस जारी हो जाएगी। कोई जवाब न मिलने की सूरत में जिला प्रशासन की मदद से संपत्ति कुर्की होगी। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस शीघ्र ही कार्रवाई शुरू करेगी।






एसडीएम व तहसीलदार जांचेंगे शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्र।

उन्नाव : बेसिक शिक्षा विभाग में दागी शिक्षकों की तलाश जिला स्तरीय कमेटी के साथ तहसीलवार तीन सदस्यीय टीम भी रहेगी । यह साल 2010 के बाद की नियुक्तियों की जांच होनी है। अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार के आदेश पर तहसील स्तर पर गणित हुई टीम में एसडीएम, तहसीलदार व ब्लाक के डीईओ खंड शिक्षा अधिकारी होंगे। अनामिका शुक्ला प्रकरण के बाद सरकार ने सहायक अध्यापक भर्तियों को लेकर गंभीरता दिखाई है। अपर मुख्य सचिव के आदेशानुसार शैक्षिक दस्तावेजों व नियुक्ति पत्रों की जांच का कार्य जिला मुख्यालय स्तर पर एसडीएम, अपर पुलिस अधीक्षक व बीएसएफ की संयुक्त निगरानी में होना है। इसमें शासन ने अब तहसील स्तर पर भी टीम बना दी है। इसमें एसडीएम, तहसीलदार व बीईओ होंगे। फर्जी नियुक्तियों को पकड़ने के लिए जाच के कई बिंदु भी निर्धारित किए गए है। वर्तमान में जो शिक्षक विद्यालय में पढ़ा रहे, वह वही है जिनके नाम का चयन हआ है। इसे प्रकाशित कट ऑफ मेरिट सूची से मिलाया जाएगा। कारागार में वेतन सूची से मिलान जाति-निवास प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराया जाएगा। यही नहीं, ऐसे शिक्षकों की भी जाच होगी, उन्होंने नियुक्ति पत्र रजिस्टर्ड डाक के स्थान पर सीधे प्राप्त किए।


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Saturday, April 25, 2020

उन्नाव : ऑनलाइन पढ़ाई के साथ छात्र- छात्राएं सीख रहे योग, महानिदेशक शिक्षा के निर्देश पर आई तेजी

उन्नाव : ऑनलाइन पढ़ाई के साथ छात्र- छात्राएं सीख रहे योग, महानिदेशक शिक्षा के निर्देश पर आई तेजी।






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Wednesday, April 15, 2020

माध्यमिक : फोन लगाओ और पूछो सवाल, शिक्षक देंगे आपको जवाब

माध्यमिक : फोन लगाओ और पूछो सवाल, शिक्षक देंगे आपको जवाब

Saturday, February 22, 2020

परिषदीय विद्यालयों हेतु प्रेषित कंपोजिट ग्रांट में अनियमितता के चलते डीएम उन्नाव निलम्बित

परिषदीय विद्यालयों हेतु प्रेषित कंपोजिट ग्रांट में अनियमितता के चलते डीएम उन्नाव निलम्बित










Friday, January 3, 2020

बेसिक शिक्षा मंत्री ने रजत पदक प्राप्त प्रधानाध्यापक को किया सम्मानित

बेसिक शिक्षा मंत्री ने रजत पदक प्राप्त प्रधानाध्यापक को किया सम्मानित

Friday, December 27, 2019

उन्नाव : ARP के अवशेष पदों को भरने हेतु विज्ञप्ति जारी, देखें

उन्नाव : ARP के अवशेष पदों को भरने हेतु विज्ञप्ति जारी, देखें।





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Friday, December 20, 2019

उन्नाव : बिना स्वेटर ठिठुर रहे स्कूलों के छात्र, 24,311 को नहीं मिले स्वेटर, एजेंसी ब्लैक लिस्ट करने के लिए शासन को भेजा पत्र

उन्नाव : बिना स्वेटर ठिठुर रहे स्कूलों के छात्र, 24,311 को नहीं मिले स्वेटर, एजेंसी ब्लैक लिस्ट करने के लिए शासन को भेजा पत्र।





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Saturday, December 7, 2019

उन्नाव : मानव सम्पदा पोर्टल पर न होने वाले शिक्षक एसआइटी की रडार पर, बीएसए ने दिया निर्देश- विवरण अपलोड न होने पर दिसम्बर माह का रोक दिया जाएगा वेतन

उन्नाव : मानव सम्पदा पोर्टल पर न होने वाले शिक्षक एसआइटी की रडार पर, बीएसए ने दिया निर्देश- विवरण अपलोड न होने पर दिसम्बर माह का रोक दिया जाएगा वेतन।





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Friday, November 15, 2019

उन्नाव : सिफारिश के बिना नहीं होता शिक्षकों के एरियर का भुगतान, बेसिक शिक्षा विभाग के लेखा कार्यालय में लंबित हैं 500 एरियर बिल आवेदन

उन्नाव : सिफारिश के बिना नहीं होता शिक्षकों के एरियर का भुगतान, बेसिक शिक्षा विभाग के लेखा कार्यालय में लंबित हैं 500 एरियर बिल आवेदन।







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उन्नाव : शासनादेश दरकिनार कर शिक्षकों के खाते में भेज दी गई पूरी रकम, पीपीएफ एकाउंट में रुपए न भेजकर सरकार के मुनाफे को लगाया गया चूना

उन्नाव : शासनादेश दरकिनार कर शिक्षकों के खाते में भेज दी गई पूरी रकम, पीपीएफ एकाउंट में रुपए न भेजकर सरकार के मुनाफे को लगाया गया चूना।

शासनादेश दरकिनार कर शिक्षकों के खाते में भेज दी गई पूरी रकम
15 Nov 2019
बेसिक शिक्षा विभाग के लेखा विभाग की ओर से पीपीएफ एकाउंट में रुपये भेजने को लेकर नियम और कायदे ताख पर रख दिए गए। जो धन पीपीएफ एकाउंट में भेजना था उसे शिक्षकों के खाते में भेज दिया गया। ऐसे में सरकार के हिस्से में आने वाले धन का नुकसान हुआ। मामला सामने आया तो विभागीय अफसर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। उनका कहना है कि लेखा विभाग के पूर्व अफसरों ने यह गड़बड़ी की है।
पीपीएफ एकाउंट में रुपये न भेजकर सरकार के मुनाफे को लगाया गया चूना
साल 2018-19 में ज्यादातर शिक्षकों के सैलरी एकाउंट में 10 फीसदी टीडीएस काटकर पूरा रुपये भेजा गया है। जबकि शासनदेश के अनुसार 80 फीसदी रुपये पीपीएफ एकाउंट में भेजकर अवशेष बची धनराशि में टैक्स काटने के बाद बचा रुपये खाते में भेजना है। इसके बावजूद तत्कालीन वित्त लेखाधिकारी ने मनमाफिक ढंग से इसकी अदायगी की। विभागीय अधिकारियों की इस रवैए से जिन शिक्षकों के खाते में डायरेक्ट रुपये भेजा गया है। वह उसकी भरपाई पीपीएफ एकाउंट में करना जरूरी नहीं समझ रहे हैं। जिले में इन शिक्षकों की संख्या हजारों में है। जो सरकार की इस मंशा पर खरा न उतर के इस खर्चे को अपने निजी जरूरतों पर वहन कर रहे हैं। ऐसे में सरकार को पीपीएफ एकाउंट में लंबे समय तक इससे रुपये न निकल पाने से जो फायदा होता है। उसे नुकसान का भागीदारी बनना पड़ रहा है।
लेखा परीक्षा अरूण का कहना है कि पीपीएफ एकाउंट में रुपये भेजने में काफी दिक्कतें आ रही है। इसलिए शिक्षकों के एकाउंट में रुपये भेजने का काम किया जा रहा है।









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