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Monday, September 16, 2019

माध्यमिक : कंप्यूटर की पढ़ाई के लिए विद्यालयों में नहीं हैं शिक्षक, 10 साल पहले शुरू हुई योजना अब भी लक्ष्य से दूर, ज्यादातर विद्यालयों में कंप्यूटर फांक रहे धूल

माध्यमिक : कंप्यूटर की पढ़ाई के लिए विद्यालयों में नहीं हैं शिक्षक, 10 साल पहले शुरू हुई योजना अब भी लक्ष्य से दूर, ज्यादातर विद्यालयों में कंप्यूटर फांक रहे धूल।





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Saturday, June 22, 2019

सूबे के 130 राजकीय कॉलेजों में होगी कम्प्यूटर साइंस की पढ़ाई, राजकीय इंटर कॉलेजों में रखे जाएंगे कम्प्यूटर शिक्षक

सूबे के 130 राजकीय कॉलेजों में होगी कम्प्यूटर साइंस की पढ़ाई, राजकीय इंटर कॉलेजों में रखे जाएंगे कम्प्यूटर शिक्षक।





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Thursday, August 23, 2018

परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को मिलेगी स्मार्ट क्लास, प्रत्येक विद्यालय को दिया जाएगा कंप्यूटर, शिक्षकों को दी जाएगी कंप्यूटर चलाने की ट्रेनिंग

परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को मिलेगी स्मार्ट क्लास, प्रत्येक विद्यालय को दिया जाएगा कंप्यूटर, शिक्षकों को दी जाएगी कंप्यूटर चलाने की ट्रेनिंग।

Wednesday, July 11, 2018

आखिरकार प्रवक्ताओं की नियुक्ति का रास्ता हुआ साफ, 12 साल बाद राजकीय कालेजों में पढ़ाई, 18वें वर्ष पद सृजन

■ आखिरकार प्रवक्ताओं की नियुक्ति का रास्ता हुआ साफ, 12 साल बाद राजकीय कालेजों में पढ़ाई, 18वें वर्ष पद सृजन


■ कैबिनेट के फैसले के बाद 20 हजार मानदेय पर रखे जाएंगे कम्प्यूटर प्रवक्ता



इलाहाबाद : प्रदेश के चुनिंदा राजकीय इंटर कालेजों में कंप्यूटर शिक्षा देने के लिए आखिरकार प्रवक्ताओं की नियुक्ति होने का रास्ता साफ हो गया है। खास बात यह है कि इन कालेजों में कंप्यूटर शिक्षा की पढ़ाई 12 वर्ष बाद शुरू हुई, जबकि पद सृजन 18 वर्ष बाद होने जा रहा है। यही नहीं पहले इन कालेजों में संविदा पर शिक्षक रखे जाते थे और अब मानदेय पर प्रवक्ता तैनात होंगे। 



सूबे में 2001 में कंप्यूटर शिक्षा की शुरुआत हुई। उस समय कुछ राजकीय विद्यालयों में यह पढ़ाई शुरू हुई। 2012 में आइसीटी योजना के तहत सभी राजकीय विद्यालयों में कंप्यूटर विषय को लागू किया गया और वहां कंप्यूटर लैब भी तैयार कराए गए। सभी कालेजों को 10-10 कंप्यूटर इस योजना के तहत दिए गए और संविदा पर शिक्षकों की नियुक्ति करके अब तक कक्षाएं संचालित करायी जा रही थीं। अप्रैल में राजकीय विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग के अफसरों से प्रस्ताव मांगा गया। उसी के तहत राजकीय इंटर कालेजों में कंप्यूटर प्रवक्ताओं की नियुक्ति का प्रस्ताव भेजा गया। 



अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक डा. मंजू शर्मा ने कंप्यूटर शिक्षा आज के समय की मांग है। इसी को ध्यान में रखकर कंप्यूटर प्रवक्ता रखने का प्रस्ताव भेजा था। अब 61 बालक राजकीय इंटर कॉलेजों व 69 राजकीय बालिका इंटर कालेजों में प्रवक्ताओं की तैनाती होगी।


Saturday, April 21, 2018

राजकीय कालेजों में कंप्यूटर प्रवक्ता होंगे तैनात, कंप्यूटर शिक्षा की पढ़ाई पर योगी सरकार का विशेष जोर


इलाहाबाद : प्रदेश के राजकीय माध्यमिक कालेजों में कंप्यूटर शिक्षा की पढ़ाई पर योगी सरकार विशेष जोर दे रही है। एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के बाद अब राजकीय इंटर कालेजों में कंप्यूटर विषय के प्रवक्ताओं के पदों पर भी भर्तियां शुरू कराने की तैयारी है। अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा ने कंप्यूटर विषय पढ़ाने को प्रवक्ताओं की भर्ती के लिए पद सृजित करने और भर्ती की प्रक्रिया शुरू कराने को प्रस्ताव शासन को भेजा है। मंजूरी मिलते ही राजकीय इंटर कालेजों में कंप्यूटर विषय के प्रवक्ताओं की नियुक्ति का विज्ञापन जारी होगा।

माध्यमिक कालेजों में पढ़ाई का स्तर सुधारने के लिए विभागीय अफसर जुटे हैं। इन कालेजों में एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती का विज्ञापन जारी हो चुका है, जिसमें पहली बार कंप्यूटर शिक्षकों के पद बड़ी संख्या में घोषित हुए हैं। उसी को आगे बढ़ाते हुए 11वीं, 12वीं के छात्र-छात्रओं को कंप्यूटर की अच्छी शिक्षा दिलाने की तैयारी है। राजकीय इंटर कालेजों में कंप्यूटर विषय की पढ़ाई के लिए अभी तक संविदा पर शिक्षक रखे जाते थे, उन्हें कई बार पढ़ाई के दौरान नियमित शिक्षक नहीं होने से समस्याओं का सामना करना पड़ता रहा है। इसी को देखते हुए विभाग की तरफ से कंप्यूटर प्रवक्ताओं के पदों पर भर्ती करने की प्रक्रिया शुरू हुई है।

अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मंजू शर्मा ने बताया कि कंप्यूटर शिक्षा आज के समय की डिमांड है, बच्चों को कंप्यूटर की सही व वृहद जानकारी देने के लिए विषय के रूप में स्कूलों में इसे शामिल किया गया था, संविदा पर शिक्षक अभी तक पढ़ाई कराते रहे हैं। अब नियमित शिक्षकों की नियुक्ति करने की मांग लगातार उठ रही है, इसे देखते हुए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। राजकीय इंटर कालेजों में कुल 61 और राजकीय बालिका इंटर कालेजों में 69 कंप्यूटर प्रवक्ताओं के पद सृजित कराने की तैयारी है।

2001 में हुई थी पढ़ाई की शुरुआत : सूबे के राजकीय कालेजों में कंप्यूटर शिक्षा देने की शुरुआत 2001 में हुई।

Sunday, March 11, 2018

कंप्यूटर शिक्षकों की होगी पहली बार भर्ती, एलटी ग्रेड भर्ती के जरिये लोक सेवा आयोग करेगा 10786 पदों पर शिक्षकों की भर्ती

कंप्यूटर शिक्षकों की होगी पहली बार भर्ती, एलटी ग्रेड भर्ती के जरिये लोक सेवा आयोग करेगा 10786 पदों पर शिक्षकों की भर्ती।


Friday, March 9, 2018

फतेहपुर : बेसिक स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा औंधे मुंह गिरी, बच्चे नहीं सीख पाए तो निपटाया गया प्रशासनिक काम 20 विद्यालयों फिर हुए कम्प्यूटर शिक्षा के लिए चयनित


नौ विद्यालयों का सामान हो गया चोरी
जिले भर में लगे कंप्यूटरों में नौ विद्यालयों में चोरों की निगाह टिक गई। स्कूलों का ताला तोड़कर कंप्यूटर सहित स्कूल का सामान चोर चुरा ले गए। असुरक्षित स्कूलों में रखे कंप्यूटरों की चोरी के चलते इन्हें बाक्स में ताले के अंदर रख दिया गया। संबंधित स्कूलों के प्रधानाध्यापकों ने अपनी गर्दन बचाने के लिए पुलिस में एफआइआर भी कराते हुए विभाग को कॉपी भेज कर इतिश्री कर ली।

■ 2010-11 से शुरू हुई थी कंप्यूटरीकरण की योजना

■ शिक्षकों के कंप्यूटर ज्ञान न होने से योजना खटाई में



20 उच्च प्राथमिक स्कूल फिर हुए चयनित :
चालू सत्र में 20 उच्च प्राथमिक स्कूलों को कंप्यूटरीकृत किए जाने की योजना के लिए चयनित किया गया है। योजना के तहत शासन ने प्रत्येक विद्यालय को सवा लाख रुपए के हिसाब से धन आवंटित किया है। जिले के अच्छे स्कूलों का चयन करके शासन को भेज दिया गया है। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि नई योजना का अभी क्रियान्वयन बाकी है। टेंडर के माध्यम से स्कूलों में कंप्यूटर और उसके सहायक उपकरणों की सामान की खरीद की जाएगी।



फतेहपुर : बेसिक शिक्षा के नौनिहालों को कंप्यूटर शिक्षा से लैश कराने के लिए शासन ने बारी-बारी से खेप भेजी। कंप्यूटरों की यह खेप झंझावतों में ऐसी उलझी कि बच्चे इसके ज्ञान से लाभान्वित नहीं हो पाए। वर्ष 2010-11 से कंप्यूटरीकरण के क्रम में 84 स्कूलों को लाभान्वित किया गया था। शासन की योजना धरातल पर फलीभूत नहीं हुई है कहना अतिशयोक्ति न होगी। 1बेसिक शिक्षा के कंप्यूटर का ज्ञान देने की योजना धरातल पर कभी दिखाई नहीं दे पाई तो यह क्रम अभी भी जारी है।


जिन 84 विद्यालयों को कंप्यूटर दिए गए थे उनका अता पता नहीं है। बच्चों को लाभ देने के लिए विभाग संजीदा नहीं रहा है। यही वजह है कि विभाग को सही मायने में यह पता नहीं है कि शासन से आए हुए कंप्यूटर किस दशा में और कहां पर हैं। मामला शासन से जुड़ा होने के चलते विभाग पर्दा डालने की कोशिश करने लगता है। शासन ने भी योजना के लागू कर देने के बाद सुधि नहीं ली है।



बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि नए लक्ष्य में 20 उच्च प्राथमिक स्कूल चयनित हुए हैं। इन स्कूलों में कंप्यूटरीकृत शिक्षा देने से पूर्व के विद्यालयों की दशा की पड़ताल की जाएगी। अगर कंप्यूटर स्कूल के सिवा कहीं दूसरी जगह लगे हैं तो उन्हें विद्यालय को वापस कराया जाएगा।


बच्चे नहीं सीख पाए निपटाया गया प्रशासनिक काम
बेसिक शिक्षा के स्कूलों में भेजे गए कंप्यूटर बच्चों के ज्ञान बढ़ाने में सहायक नहीं हो सके हैं। यह कंप्यूटर तमाम अड़चनों के चलते क्रियाशील नहीं हो पाए अलबत्ता चुनाव के समय इन कंप्यूटरों से चुनावी काम जमकर लिया गया। वर्ष 2010 में आपूर्ति के बाद यह अड़चनों में घिरे तो उनके उपयोग की बात याद आ गई। प्रशासन ने आनन फानन में बेसिक शिक्षा विभाग से इन कंप्यूटरों की खेप को मंगवा लिया। इसके बाद यह ज्यादातर समय प्रशासनिक काम ही निपटाते रहे हैं।

Monday, August 21, 2017

देवरिया : सहायक लेखाकार एवं कंप्यूटर ऑपरेटर (मैन पावर) की सूची जारी , समस्त बीआरसी केन्द्रों पर होंगे तैनात , यहां देखें सूची

देवरिया : सहायक लेखाकार एवं कंप्यूटर ऑपरेटर (मैन पावर) की सूची जारी , समस्त बीआरसी केन्द्रों पर होंगे तैनात , यहां देखें सूची

Sunday, May 28, 2017

देवरिया : नवीनीकरण न होने पर भड़के कंप्यूटर आपरेटर व लेखाकार , बीएसए कार्यालय में तालाबंदी कर किया प्रदर्शन

देवरिया : नवीनीकरण न होने पर भड़के कंप्यूटर आपरेटर व लेखाकार , बीएसए कार्यालय में तालाबंदी कर किया प्रदर्शन

आक्रोश

खंड शिक्षा अधिकारी ने लिया ज्ञापन, आश्वासन दिया तब माने

जागरण संवाददाता, देवरिया: नवीनीकरण न होने से खफा कंप्यूटर आपरेटर्स व सहायक लेखाकारों ने बीएसए कार्यालय में करीब पौन घंटे तक तालाबंदी कर प्रदर्शन कर धरना दिया। इस दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के कर्मचारी व अन्य लोग अंदर कैद रहे। खंड शिक्षा अधिकारी सीमा पांडेय ने ज्ञापन लेकर धरना समाप्त कराया।दोपहर बाद बीएसए कार्यालय पर कंप्यूटर आपरेटर व सहायक लेखाकार पहुंचे। बीएसए के न मिलने पर नाराज हो गए। इसके बाद मुख्य द्वार पर ताला बंद कर नारेबाजी शुरू कर दी। उनका कहना था कि सर्व शिक्षा अभियान के तहत सभी ब्लाक संसाधन केंद्रों व खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में कंप्यूटर आपरेटर व सहायक लेखाकार तैनात हैं। सेवा प्रदाता संस्था संजरी कार्पोरेट लखनऊ का अनुबंध 10 मई को समाप्त हो गया, जिसका नवीनीकरण 11 मई को होना था। इस संबंध में बीएसए की तरफ से आठ मई को सेवा प्रदाता के माध्यम से ब्लाक संसाधन केंद्रों पर तैनात कंप्यूटर आपरेटर व सहायक लेखाकार के कार्य व दायित्वों के निर्वहन का मूल्यांकन आख्या मांगी गई थी। जिसके अनुपालन में सभी खंड शिक्षा अधिकारियों ने अपनी आख्या बीएसए कार्यालय को भेज दी, लेकिन फर्म का नवीनीकरण न होने की दशा में कंप्यूटर आपरेटरों व सहायक लेखाकारों को कार्य करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि पिछले साल का भी एक से 10 मई तक का मानदेय भुगतान संस्था का नवीनीकरण न होने से अभी तक नहीं किया गया है, जबकि नियमित रूप से उपस्थित रहकर अभिलेखीय साक्ष्य के साथ बीआरसी पर कार्य किया गया। यही नहीं, प्रत्येक माह दो सौ रुपये कम भुगतान किया जा रहा है। फर्म से मानदेय के संबंध में वार्ता करने पर उचित उत्तर नहीं दिया जाता। कंप्यूटर आपरेटर्स व सहायक लेखाकारों ने चेतावनी दी कि यदि 11 मई से नवीनीकरण नहीं हुआ व समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो कार्य बहिष्कार किया जाएगा। कुलनंदन मिश्र, पंकज प्रताप राव, आदित्य बाजपेयी, विकास चंद, रत्नेश कुमार मिश्र, अंकित श्रीवास्तव, मु. नवीउल्लाह, गौरव कुमार श्रीवास्तव, आजाद शाह, इजहार अहमद, सर्वेश प्रताप सिंह, सोनू विश्वकर्मा, दामोदर मिश्र आदि मौजूद रहे।

Tuesday, November 8, 2016

कंप्यूटर अनुदेशकों का अर्धननग्न प्रदर्शन, हक के लिए लक्ष्मण मेला मैदान में जुटे फरियादी


कंप्यूटर अनुदेशकों का अर्धननग्न प्रदर्शन, हक के लिए लक्ष्मण मेला मैदान में जुटे फरियादी

Saturday, October 15, 2016

कुशीनगर : डायट प्राचार्य की देख रेख में नेबुआ नौरंगिया में प्राथमिक शिक्षकों का 5 दिवसीय कंप्यूटर प्रशिक्षण शुरू

कुशीनगर में डायट प्राचार्य की देख रेख में नेबुआ नौरंगिया में प्राथमिक शिक्षकों का 5 दिवसीय कंप्यूटर प्रशिक्षण शुरू।

Wednesday, September 7, 2016

बहराइच (जरवल) : परिषदीय विद्यालय में कंप्यूटर में दक्ष हो रहे बच्चे, राज्य सरकार ने विद्यालय पुरस्कार योजना के तहत किया पुरस्कृत, परसोहर विद्यालय के अध्यापकों ने अन्य विद्यालयों को दिखाया आइना

राज्य सरकार ने विद्यालय पुरस्कार योजना के तहत किया पुरस्कृत

परसोहर विद्यालय के शिक्षकों ने अन्य सरकारी स्कूलों को दिखाया आइना

जरवलरोड (बहराइच) : प्राथमिक विद्यालय परसोहर से शिक्षकों के लिए उम्मीद की एक नई किरण निकली है। इस विद्यालय में पठन-पाठन व शिक्षण व्यवस्था कान्वेंट स्कूल से पीछे नहीं है। कंप्यूटर शिक्षा, सोलर लाइट और आधुनिक शौचालय इस विद्यालय की शोभा को और बढ़ाते हैं। उत्कृष्ट शिक्षण के लिए राज्य सरकार ने विद्यालय को विद्यालय पुरस्कार योजना के तहत पुरस्कृत किया है।विद्यालय में प्रवेश करते ही यहां का परिसर खुद को बाग में होने का खुशनुमा एहसास कराता है। गमले में खिले फूल और परिसर की साफ-सफाई देखते ही बनती है। विद्यालय में 275 बच्चों का पंजीकरण है। इनके पठन-पाठन के लिए एक प्रधान शिक्षक और चार सहायक शिक्षक तैनात हैं। प्रधान शिक्षक आसिफ अली ने बताया कि मंगलवार को 185 बच्चे स्कूल में पढ़ने आए। शिक्षक विनोद वर्मा, शिक्षिका सीमा अस्थाना, नेहा तिवारी व एस करन यहां के बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं। विद्यालय में इनवर्टर, सोनल पैनल व जनरेटर की सुविधा है। यहां के मुख्य कक्ष खासा सुसज्जित है। शौचालय में आधुनिक सुविधा और पानी की आपूर्ति के प्रबंध हैं। बकौल प्रधान शिक्षक वे यहां के पठन-पाठन के स्तर को और ऊंचा करने के लिए संघर्षरत हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने उन्हें एक लाख 20 हजार रुपये की पुरस्कार सहायता राशि दी है। इस राशि से वे पूर्व राष्ट्रपति डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर प्रयोगशाला का निर्माण कराएंगे। बच्चे उसमें वैज्ञानिक हलचलों को जानेंगे। उन्होंने बताया कि जल्द ही विद्यालय का नए सिरे से रंग-रोगन होगा। अमूमन परिषदीय विद्यालयों का नाम सुनते हैं कई अभिभावकों के मन में तरह-तरह के सवाल कौंधने लगते हैं। उनके सवालों का जवाब देने के लिए इस विद्यालय का पठन-पाठन और सुविधा उदाहरण है। बीएसए डॉ.अमरकांत सिंह ने बताया कि विद्यालय के पठन-पाठन के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए शिक्षकों ने जो सहयोग मांगा उसे पूरा किया गया। उनका प्रयास है कि जिले में सिर्फ परसोहर ही नहीं, ऐसे कई विद्यालय ब्लॉकों में हो।

Sunday, August 7, 2016

महराजगंज : अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों के बच्चों से कम्प्यूटर शिक्षा के नाम पर केवल फीस की वसूली, नहीं जानते बच्चे कम्प्यूटर की एबीसीडी

महराजगंज : ग्रामीण क्षेत्र सहित उपनगर के तमाम स्कूलों में कम्प्यूटर शिक्षा कहने भर की चीज बनकर रह गयी है। आलम यह है कि अधिकांश स्कूल के बच्चों को महीने महीने भर कम्प्यूटर छूने को नहीं मिलता। फिर भी बच्चों के अभिभावकों से कम्प्यूटर शिक्षा के नाम पर मोटी रकम विद्यालय अवश्य वसूल लेते हैं, नये खुले कई स्कूलों में कम्प्यूटर नहीं है। तथा अधिकांश कम्प्यूटर होने के बाद वहां प्रशिक्षक ही नहीं। नतीजतन तमाम दावों के बावजूद बच्चे कम्प्यूटर की ए.बी.सी.डी भी नहीं जानते।

Friday, July 8, 2016

हरदोई : खंड शिक्षा अधिकारियों से मांगी जायेगी सूचना, खोजे जाएंगे स्कूलों से गायब कंप्यूटर

परिषदीय विद्यालयों में लगे कंप्यूटर विभिन्न कार्यों के लिए सरकारी कार्यालयों में भेजे गए थे। उनको पुन: विद्यालय में स्थापित कर विद्यार्थियों को कंप्यूटर शिक्षण दिलाने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी इन कंप्यूटरों को तलाश करेंगे। इसके लिए बीएसए की ओर से सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। विद्यालय में कंप्यूटर पहुंचने से विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।  परिषदीय जूनियर विद्यालयों में विद्यार्थियों को कंप्यूटर शिक्षा देने के लिए वर्ष 2003-04 में योजना शुरू की गई थी। इसके तहत विद्यालयों में कंप्यूटर सिस्टम उपलब्ध कराए गए थे। इसके बाद प्रत्येक वर्ष कंप्यूटर शिक्षा के लिए विद्यालयों की संख्या बढ़ती रही। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जनपद के लगभग 143 विद्यालयों में कंप्यूटर स्थापित हैं। विद्यालयों में स्थापित कंप्यूटरों को जनगणना, निर्वाचन आदि कार्यों के लिए प्रशासन की ओर से उनको अधिगृहित कर लिया जाता है। इससे विद्यालयों में लगे कंप्यूटर अधिकतर विभिन्न सरकारी कार्यालयों में कार्य में लगे हैं। इससे विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा का कार्य प्रभावित हो रहा है। विद्यालयों में लगे इन कंप्यूटरों के विषय में खंड शिक्षा अधिकारियों से उनकी यथास्थिति के विषय में जानकारी मांगी गई थी,जिस पर खंड शिक्षा अधिकारियों ने कंप्यूटरों के विषय में ¨बदुवार आख्या दी थी। जिसमें बताया था कि कितने कंप्यूटर, किन-किन सरकारी कार्यालयों में भेजे गए हैं। इस पर बेसिक शिक्षा अधिकारी मसीहुज्जमा सिद्दीकी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वह आवंटित विद्यालयों से कंप्यूटर के विषय में जानकारी करें और जिन कार्यालयों में कंप्यूटर भेजे गए हैं, उन कार्यालयों से संपर्क कर कंप्यूटरों को वापस विद्यालय में स्थापित करने की व्यवस्था करें। इसमें कंप्यूटर, मानीटर, यूपीएस, सीपीयू आदि को वापस लाएं और विद्यालय में स्थापित करें। बीएसए ने निर्देशित किया कि विद्यालय में 10 दिन के अंदर कंप्यूटर पहुंच जाएं। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा का विधिवत संचालन हो रहा है इसकी आख्या 15 दिन के अंदर उपलब्ध कराई जाए। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी

Sunday, July 3, 2016

बिजनौर : संसाधनों का अभाव बन रहा रोडा, धूमिल हो रहा कंप्यूटर का इल्म, परिषदीय बच्चें नही जानते कम्प्यूटर का क-ख-ग

संसाधनों का अभाव बन रहा रोडा, धूमिल हो रहा कंप्यूटर का इल्म, परिषदीय बच्चें नही जानते कम्प्यूटर का क-ख-ग

Friday, July 1, 2016

इलाहाबाद : छात्राओ की दिशा तय करेगी कम्प्यूटर शिक्षा, मुख्यधारा से जुड़ेंगी कस्तूरबा की छात्राएं

छात्राओ की दिशा तय करेगी कम्प्यूटर शिक्षा, मुख्यधारा से जुड़ेंगी कस्तूरबा की बालिकाएं

Tuesday, June 7, 2016

फर्रुखाबाद : की बोर्ड पर थिरकेंगी विद्यार्थियों की अंगुलियां , राज्य परियोजना निदेशक के निर्देश पर कंप्यूटर शिक्षा संचालित करने की कवायद हुई शुरू

फर्रुखाबाद : की बोर्ड पर थिरकेंगी विद्यार्थियों की अंगुलियां , राज्य परियोजना निदेशक के निर्देश पर कंप्यूटर शिक्षा संचालित करने की कवायद हुई शुरू

की-बोर्ड पर थिरकेंगी विद्यार्थियों की अंगुलियां

फरुखाबाद, जागरण संवाददाता : गरीब बच्चों की अंगुलियां भी कंप्यूटर पर सरपट थिरकें। इसके लिए फिर से कवायद शुरू हो गई है। शासन के निर्देश पर कंप्यूटर स्थापना वाले परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कंप्यूटर की वर्तमान स्थिति का सर्वेक्षण कराया जा रहा है।सौ व अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालयों के कंप्यूटर अनुदेशक को कंप्यूटर शिक्षा दिए जाने के लिए जवाबदेही तय होगी। स्कूलों से गायब व खराब कंप्यूटर का भी पता लगाया जा रहा है। परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत गरीब नौनिहालों को भी कंप्यूटर शिक्षा का ज्ञान मिले, इसके लिए 2003-04 में ‘कंप्यूटर सहायतित शिक्षा योजना’ का आगाज हुआ था। 2011-12 तक जिले के 137 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा चली। योजना से आच्छादित विद्यालयों के एक-एक अध्यापक को जिला मुख्यालय पर प्रशिक्षित भी किया गया। धीरे-धीरे यह योजना अव्यवस्था व लापरवाही की भेंट चढ़ गई।1 विद्यालयों के कंप्यूटर या तो खराब हो गये, या फिर सरकारी कार्यालयों एसडीएम, तहसील, ब्लाक, बीआरसी व बीएसए कार्यालय पहुंच गये। इससे बच्चों को कंप्यूटर ज्ञान मिल पाना तो दूर की बात, कंप्यूटर देखना भी दुर्लभ हो गया। कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय मंझना, उच्च प्राथमिक विद्यालय गैसिंगपुर, विचपुरी, हमीरखेड़ा, कतरौली पट्टी व बीबीपुर के कंप्यूटर चोरी हो गये।1वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में खुदागंज, वलीपुर, कन्या बढ़पुर, कन्या लिंजीगंज, पलरा तालाब, कन्या रंगसाजान व कन्या चीनीग्रान आदि स्कूलों के कंप्यूटर सिस्टम चुनाव कार्यालय व पीडी कार्यालय मंगवा लिये गये थे। समाजवादी पेंशन की फी¨डग के लिए अमानाबाद, पसियापुर, बक्सुरी, कन्या कुइयांखेड़ा व मुरैठी के कंप्यूटर ब्लाक संसाधन केंद्र में लगा लिये गये। राज्य परियोजना निदेशक के निर्देश पर कंप्यूटर शिक्षा को फिर से प्रभावी तरीके से संचालित करने की कवायद शुरू कर दी गई है। सरकारी कार्यालयों में लगे स्कूलों के कंप्यूटर पुन: विद्यालय पहुंचाये जायेंगे। अनुदेशक विहीन 73 स्कूलों में कंप्यूटर अनुदेशकों की तैनाती होगी। सर्वशिक्षा के जिला समन्वयक अमित शर्मा का कहना है कि खंड शिक्षा अधिकारियों से विद्यालयवार सूचना मंगाई गई है

Friday, April 8, 2016

लखनऊ : जूनियर विद्यालयों में कम्प्यूटर गायब होने का मामला, बीईओ दोषी मिले तो किया जायेगा सस्पेंड

जूनियर विद्यालयों में कम्प्यूटर गायब होने का मामला, बीईओ दोषी मिले तो किया जायेगा सस्पेंड

Thursday, April 7, 2016

लखनऊ : जूनियर विद्यालयो में बच्चों की कम्प्यूटर शिक्षा ठप , बीईओ अपने-अपने घर ले गए कम्प्यूटर

जूनियर विद्यालयो में बच्चों की कम्प्यूटर शिक्षा ठप , बीईओ अपने-अपने घर ले गए कम्प्यूटर

Friday, January 1, 2016

गोरखपुर : जगायी अलख तो चलने लगे कंप्यूटर

* रंग लायी इंदु बाला और उनकी टीम की मेहनत,पटरी पर आई परिषदीय पढ़ाई