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Wednesday, June 24, 2020

कस्तूरबा फर्जीवाड़ा : तीन जिलों की नौकरी में एक ही संध्या, सही अभिलेखों से फिरोजाबाद तो फर्जी से फर्रुखाबाद व अलीगढ़ में पाई नौकरी


कस्तूरबा फर्जीवाड़ा : तीन जिलों की नौकरी में एक ही संध्या, सही अभिलेखों से फिरोजाबाद तो फर्जी से फर्रुखाबाद व अलीगढ़ में पाई नौकरी


लखनऊ : कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में फर्जी दस्तावेजों से अनामिका शुक्ला के नाम से भर्ती घोटाला की जांच ज्यों ज्यों आगे बढ़ रही है, नए नए राजफाश हो रहे हैं। अनामिका के बाद संध्या द्विवेदी का नाम सामने आ रहा है, जो तीन स्कूलों में नौकरी कर रही है। अनामिका शुक्ला कांड के बाद हुई जांच में यह मामला सामने आया। तब से वह शिक्षिका गायब है। फिलहाल उसे बर्खास्त कर एका थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।


फीरोजाबाद के एका स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में शिक्षिका नौकरी करने वाली मैनपुरी के भैंसरोली गांव निवासी संध्या द्विवेदी फरुखाबाद और अलीगढ़ में भी नौकरी कर रही थी। अब पुलिस और शिक्षा विभाग मामले की तहकीकात में जुटा हुआ है। दूसरी ओर, कासगंज में अनामिका शुक्ला के फर्जी दस्तावेजों से नौकरी पाने वाली सुप्रिया के मामले में सोरों पुलिस ने मंगलवार को चयन कमेटी में रहे तत्कालीन जिला समन्वयक (डीसी) के बयान दर्ज किए। पुलिस ने कमेटी के अन्य सदस्यों को भी बयान देने के लिए पत्र भेजे हैं। उधर गोंडा में असली अनामिका शुक्ला के सामने आने के बाद उसकी तलाश समाप्त हो गई है। आरोपितों की गिरफ्तारी भी कर ली गई है।

कस्तूरबा फर्जीवाड़ा : सरिता ही अनामिका बन कर रही थी नौकरी

कस्तूरबा फर्जीवाड़ा : सरिता ही अनामिका बन कर रही थी नौकरी


प्रयागराज : कथित शिक्षिका अनामिका शुक्ला प्रकरण की जांच कर रही कर्नलगंज पुलिस ने मंगलवार शाम कानपुर देहात के चंदनपुर गांव में छापेमारी की। यहां रहने वाली सरिता यादव के मकान में ताला लटकता मिला। इस पर पुलिस ने ग्रामीणों से सरिता और उसके परिजनों के बारे में पूछताछ की। 


पुलिस ने कथित अनामिका और सरिता यादव की फोटो का मिलान कराया तो दोनों तस्वीर एक ही युवती निकली। इस आधार पर कर्नलगंज पुलिस ने दावा किया है कि प्रयागराज में अनामिका शुक्ला बनकर सरिता ही नौकरी कर रही थी। अब उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं। दरअसल, अलीगढ़ पुलिस ने कुछ दिन पहले फर्जी अनामिका मामले की जांच करते हुए कानपुर देहात की बबली यादव को गिरफ्तार किया था। उसने पूछताछ में बताया कि उसकी ननद सरिता यादव प्रयागराज के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में अनामिका शुक्ला बनकर नौकरी कर रही थी। 


इसकी जानकारी होने पर कर्नलगंज पुलिस ने सरिता के बारे में छानबीन की। मंगलवार को प्रकरण की विवेचना कर रहे दारोगा रवींद्रनाथ यादव कानपुर देहात पहुंचे। इसके बाद रसूलाबाद थाने की पुलिस की मदद लेकर सरिता के गांव चंदनपुर पहुंचकर छापेमारी की। कई लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन कोई भी सरिता अथवा उसके घरवालों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दे सका। मगर तस्वीर से सच्चाई का पता चल गया। 


पिछले सात जून को बीएसए संजय कुशवाहा ने कर्नलगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि सोरांव के गोहरी स्थित कस्तूरबा गांधी विद्यालय में अनामिका शुक्ला ने फर्जी दस्तावेज लगाकर नौकरी प्राप्त की। इंस्पेक्टर कर्नलगंज अरुण त्यागी का कहना है कि फोटो के मिलान से साफ हो गया है कि सरिता ही अनामिका बनकर नौकरी कर रही थी।

Monday, June 22, 2020

कस्तूरबा फर्जीवाड़ा : अनामिका, रीना और सरिता में उलझी पुलिस

कस्तूरबा फर्जीवाड़ा : अनामिका, रीना और सरिता में उलझी पुलिस 


प्रयागराज। अनामिका शुक्ला के नाम पर सोरांव स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में नौकरी करने वाली फर्जी शिक्षिका की लोकेशन कानपुर में मिली है। जिसके बाद कर्नलगंज थाने की एक टीम उसकी तलाश में जुट गई है। जल्द ही वह कानपुर के लिए रवाना होगी।


प्रयागराज : कथित शिक्षिका अनामिका शुक्ला प्रकरण की जांच कर रही कर्नलगंज पुलिस अब अनामिका, रीना और सरिता को लेकर उलझ गई है। सोरांव के गोहरी स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में आखिर किस नाम की महिला बतौर शिक्षिका नौकरी कर रही थी। इसको लेकर अब पेच फंस गया है।


पहले रीना और अब सरिता का नाम सामने आने से पुलिस की विवेचना की दिशा भी बदल जा रही है। अनामिका के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर) भी अब तक नहीं आ सकी है और दूसरे कागजातों को भी तस्दीक नहीं किया जा सका है। माना जा रहा है कि सीडीआर मिलने और मोबाइल कंपनी को दिए गए दस्तावेज से अनामिका व रीना को लेकर उलझी गुत्थी सुलझ सकती है, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हो सका। 


उधर, अलीगढ़ पुलिस की गिरफ्त में आई बबली यादव ने अपने बयान में कहा है कि प्रयागराज स्थित कस्तूरबा गांधी विद्यालय में अनामिका के नाम से उसकी ननद सरिता यादव नौकरी करती थी। उसके बयान की कॉपी भी मंगाने की तैयारी चल रही है, ताकि विवचेना में शामिल किया जा सके। कुछ दिन पहले बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुशवाहा ने थाना कर्नलगंज में एफआइआर दर्ज कराई थी। 


उनका आरोप है कि कस्तूरबा गांधी विद्यालय में अनामिका शुक्ला ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर नौकरी प्राप्त की। इस मामले की जांच चल ही रही थी कि अलीगढ़ पुलिस ने कानपुर देहात की रहने वाली बबली यादव को गिरफ्तार किया। बबली ने पूछताछ में बताया कि ननद सरिता प्रयागराज में नौकरी करती थी। इंस्पेक्टर कर्नलगंज अरुण त्यागी का कहना है सभी ¨बदुओं पर जांच की जा रही है।



17 शिक्षिकाओं-कर्मियों ने नहीं जमा किए दस्तावेज

जासं,प्रयागराज : जिले के सभी 20 ब्लॉकों के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) की 225 शिक्षिकाओं और कर्मचारियों ने सत्यापन के लिए अपने दस्तावेज (डॉक्यूमेंट) शनिवार तक जमा कर दिए। लेकिन 17 शिक्षिकाओं और कर्मियों ने दस्तावेज नहीं जमा किए। दस्तावेज जमा करने के लिए सोमवार को इन्हें अंतिम अवसर दिया गया है। सोरांव के गोहरी कस्तूरबा विद्यालय में विज्ञान विषय की कथित शिक्षिका अनामिका शुक्ला के फर्जी दस्तावेज का मामला सामने आने के बाद 16 जून से सभी शिक्षिकाओं और कर्मियों के मूल प्रमाण पत्रों की जांच की जा रही है। बीएसए संजय कुमार कुशवाहा ने जांच कमेटी को 19 जून तक जांच पूरा करने का निर्देश दिया था। लेकिन शुक्रवार तक 18 ब्लॉकों के विद्यालयों की शिक्षिकाओं और कर्मचारियों ने ही दस्तावेज जमा किए थे।

Sunday, June 21, 2020

अनामिका फर्जीवाड़े का मास्टर माइंड पुष्पेन्द्र भी निकला फर्जी शिक्षक


शिक्षक फर्जीवाड़े का मास्टर माइंड पुष्पेन्द्र भी निकला फर्जी शिक्षक

सुशील कुमार कौशल के अभिलेखों से कर रहा था नौकरी 


मैनपुरी । पूरे प्रदेश में चर्चित अनामिका शुक्ला फर्जी शिक्षका मामला। इस मामले में फर्जीवाड़ा करने वाला मास्टरमाइंड पुष्पेंद्र भी फर्जी शिक्षक निकला है। जो कुरावली में तैनात शिक्षक सुशील कुमार कौशल के अभिलेखों से जनपद फर्रुखावाद में नौकरी कर रहा है। इसकी पुष्टि कुरावली के शिक्षक की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद हुई है। 


सुशील कुमार कौशल ने शनिवार को बीएसए कार्यालय में उपस्थित होकर अपने सभी अभिलेख दिखाए। तब इस बात का खुलासा हो सका। बताते चलें कि जालसाज पुष्पेंद्र थाना भोगांव क्षेत्र के गांव नगला खरा का रहने वाला है। जिसने बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़ा कर सुशील कुमार कौशल के नाम से नौकरी हासिल की। वर्तमान में उसकी तैनाती जिला फर्रुखाबाद के उच्च प्राथमिक विद्यालय में हैं। 


छह दिन पहले जब पुष्पेंद्र उर्फ राज एसटीएफ की हिरासत में आया तब उसने अपना नाम पुष्पेंद्र उर्फ सुशील कुमार कौशल बताया था। पुष्पेंद्र के सुशील कुमार कौशल नाम से नौकरी करने की जानकारी ने कुरावली विकास खंड के उच्च प्राथमिक विद्यालय में तैनात कानपुर निवासी सुशील कुमार कौशल की दिक्कतें बढ़ा दीं। 


सुशील कुमार कौशल की जांच पिछले पांच दिनों से चल रही थी। इस दौरान न केवल विभागीय जांच की गई। बल्कि एसटीएफ ने भी सुशील कुमार कौशल से पूछताछ की। यहां तक कि बीएसए विजय प्रताप सिंह के निर्देश पर सुशील के सभी अभिलेखों की ऑनलाइन जांच कराई गई। यही नहीं एक टीम को फिरोजाबाद भेजा गया। जहां सुशील कुमार कौशल वर्तमान में अस्थायी रूप से निवास कर रहे हैं। दूसरी टीम को कानपुर भी भेजा गया। जहां सुशील का स्थायी पता है। सभी जगह सुशील कुमार कौशल के दस्तावेज सही होने की पुष्टि हुई।


 शनिवार को सुशील कुमार कौशल अपने मूल अभिलेखों के साथ बीएसए कार्यालय में उपस्थित हुए। उनसे यहां बीएसए और उनकी टीम ने पूछताछ भी की। बीएसए ने बताया कि कुरावली में तैनात सुशील कुमार कौशल के अभिलेख सही पाए गए हैं। आरोपी ने इनके नाम से फर्जीवाड़ा कर जनपद फर्रुखावाद में नौकरी हासिल की है।

फर्जी अनामिका शुक्ला बनकर नौकरी करने वाली महिला घर छोड़कर फरार

फर्जी अनामिका शुक्ला बनकर नौकरी करने वाली महिला घर छोड़कर फरार 


प्रयागराज : कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में फर्जी अनामिका शुक्ला बनकर नौकरी करने वाली महिला घर छोड़कर फरार हो गई है


सोरांव के गोहरी स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में फर्जी अनामिका शुक्ला बनकर नौकरी करने वाली महिला घर छोड़कर फरार हो गई है। कर्नलगंज पुलिस भी जल्द ही कानपुर जाकर फर्जी अनामिका के बारे में जांच-पड़ताल करेगी।



प्रयागराज की तरह अलीगढ़ पुलिस भी फर्जी अनामिका की जांच कर रही है। स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) की लखनऊ टीम ने जौनपुर के एक शख्स को पकड़ा तो कई जानकारी मिली। अलीगढ़ पुलिस ने जांच करते हुए कानपुर देहात की रहने वाली बबली यादव को गिरफ्तार किया। बताया कि उसकी ननद सरिता यादव प्रयागराज के कस्तूरबा गांधी स्कूल में अनामिका शुक्ला के नाम से नौकरी कर रही थी। उसके रिश्तेदार ने जौनपुर के पुष्पेंद्र की मदद से पैसा लेकर फर्जी नियुक्ति कराई थी। 


बबली के बयान के आधार पर कर्नलगंज पुलिस मान रही है कि वह सरिता यादव हो सकती है। मगर बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुशवाहा ने अपनी एफआइआर में रीना नाम से निवास प्रमाण पत्र लगाने की बात कही है। ऐसे में पुलिस अब रीना के साथ सरिता के मामले भी जानकारी जुटा रही है। इंस्पेक्टर कर्नलगंज अरुण त्यागी का कहना है कि शनिवार को कानपुर देहात की पुलिस फर्जी अनामिका के घर गई थी, लेकिन वह नहीं मिली। विवेचक को कानपुर भेजा जाएगा और अलीगढ़ से पूछताछ में दिए गए बयान की कॉपी ली जाएगी।

कासगंज में कस्तूरबा की फर्जी वार्डन और शिक्षिका पर मुकदमा


कासगंज में कस्तूरबा की फर्जी वार्डन और शिक्षिका पर मुकदमा


अनामिका शुक्ला के नाम पर फर्जी नियुक्ति के बाद कस्तूबा विद्यालयों में दो और फर्जी नियुक्तियों के मामले मिलने से हड़कंप मचा हुआ है। जांच में परत दर परत विभागीय लापरवाही उजागर हो रही है। बीएसए की ओर से मैनपुरी की महिला शिक्षिका लक्ष्मी के नाम से फर्जी नौकरी करने वाली शिक्षिका और फर्जी बीएड डिग्री से वार्डन पद पर नियुक्ति पाने वाली शिक्षिका के खिलाफ सोरों और अमांपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराने को रिपोर्ट भेजी गई है। पुलिस ने देर शाम दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। इस प्रकार अब तक दो फर्जी टीचरों व एक वार्डन पर मकदमा दर्ज हो चुका है। मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने मामले की जांच प्रारंभ कर दी है।


बीएसए अंजली अग्रवाल ले बताया कि अनामिका शुक्ला के नाम पर फर्जी नियुक्ति का मामले में जांच रही है। उसी दौरान मैनपुरी की लक्ष्मी के नाम पर फर्जी रूप से महिला नियुक्ति पाकर नौकरी पाने का मामला सामने आया है। यह मामला तत्कालीन बीएसए गीता वर्मा के समय वर्ष 2016 का है। फर्जी नौकरी करने वाली शिक्षिका लॉकडाउन होने के बाद से ही गायब है। बीएसए ने बताया कि उसके खिलाफ अमांपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराने के लिए रिपोर्ट भेजी दी गई है। बीएसए के मुताबिक कस्तूरबा आवासीय विद्यालय फरीदपुर में ही एक वार्डन की नियुक्ति हुई थी। एसआईटी की जांच में उसकी बीएड की डिग्री फर्जी पाये जाने के बाद वार्डन चित्रा शर्मा के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराने के लिए सोरों कोतवाली में तहरीर भेजी गई थी।


जांच समिति से हटाये गये डीसी बालिका शिक्षा :कासगंज। कस्तूबा आवासीय विद्यालय की जांच समिति में सदस्य डीसी(जिला समन्वयक) बालिका शिक्षा गौरव सक्सैना पर ही एक फाइल को लेकर तत्कालीन डीसी बालिका शिक्षा जीएस राजपूत ने मौखिक आरोप लगा दिया। इसके बाद बीएसए ने तत्काल जांच समिति से गौरव सक्सैना को हटाते हुए उनकी जगह हाल ही में ज्वाइन करने वाले डीसी महेश कुमार सिंह को जांच समिति में सदस्य बतौर रखा है।


बीएसए अंजली अग्रवाल ले बताया कि, जांच में घेरे में आए तत्कालीन जिला समान्वयक जीएस राजपूत ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि अनामिका शुक्ला की नियुक्त आवेदन फाइल में अनामिका का फोटो लगा हुआ था। उसकी फाइल गौरव सक्सैना को चार्ज में दी गई हैं। ऐसे में सदस्य पर ही सवाल उठने पर बीएएस ने जांच को निष्पक्ष रखने के लिए सदस्य गौरव सक्सैना को जांच से अलग कर दिया।


लक्ष्मी के नाम पर नियुक्ति की भी जांच शुरू :कस्तूरबा विद्यालयों से संबंधित जांच करने वाली समिति ने मैनपुरी की लक्ष्मी के नाम पर फर्जी नियुक्ति प्रकरण में भी शनिवार से जांच शुरू हो गई। बीएसए ने बताया कि इस प्रकरण में दो सदस्यीय जांच समिति जांच कर रही है। इसमें जांच समिति संबंधित लोगों को नोटिस देकर जांच की कार्यवाही आगे बढ़ा रहे हैं। जांच रिपोर्ट आने पर आगे की कार्यक्रम की जाएगी।

Saturday, June 20, 2020

कासगंज : फर्जीवाड़े में विभागीय जांच में बालिका शिक्षा के तत्कालीन डीसी दोषी, सौंपी रिपोर्ट

कासगंज : फर्जीवाड़े में विभागीय जांच में बालिका शिक्षा के तत्कालीन डीसी दोषी, सौंपी रिपोर्ट

तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने कहा आवेदन पर फोटो का मिलान ठीक से नहीं हुआ, दस्तावेज भी सही नहीं


अनामिका शुक्ला प्रकरण के फर्जीवाड़े की जांच से मामले में नया मोड़ आया है। इस पूरे प्रकरण में बालिका शिक्षा के तत्कालीन डीसी (जिला समन्वयक) प्रथम दृष्टया पूरी तरह लापरवाह पाए गए हैं। उन्हें दोषी मानते हुए तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने रिपोर्ट बीएसए को सौंप दी है। बीएसए अब राज्य परियोजना कार्यालय और जिलाधिकारी को जांच आख्या सहित पत्रावली भेजेंगी।


फर्जीवाड़े के दायरे में आई सुप्रिया जेल में है। मास्टरमाइंड पुष्पेंद्र उर्फ राज से पूछताछ की तैयारी हो रही है। इस बीच बेसिक शिक्षा विभाग ने विभागीय जांच पूरी की है। बीएसए ने इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम बनाई। जिसमें कासगंज के खंड शिक्षाधिकारी राजेंद्र सिंह बोरा, गंजडुंडवारा के खंडशिक्षाधिकारी श्रीकांत पटेल और बालिका शिक्षा के मौजूदा डीसी गौरव सक्सेना को शामिल किया गया।


तीन सदस्यीय जांच टीम ने बिंदुवार जांच की। इसमें प्रथम दृष्टया बालिका शिक्षा के तत्कालीन डीसी जीएस राजपूत को दोषी पाया गया है। जांच कमेटी ने रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि तत्कालीन डीसी ने आवेदन पर फोटो का मिलान ठीक से नहीं किया और उसके मूल दस्तावेजों के अलावा पहचानपत्रों की सही से जांच नहीं की।

इसी लापरवाही के कारण इस फर्जीवाड़े को जन्म मिला। बीएसए ने इस जांच आख्या का अवलोकन करने के बाद पत्रावली तैयार की है। नोटशीट सहित पूरी पत्रावली अब राज्य परियोजना कार्यालय और जिलाधिकारी कार्यालय भेजी जा रही है।


मिल चुकी है रिपोर्ट
तीन सदस्यीय टीम ने इस फर्जीवाड़े के प्रकरण की रिपोर्ट सौंप दी है। प्रथम दृष्टया बालिका शिक्षा के तत्कालीन डीसी दोषी पाए गए हैं। फाइल परियोजना कार्यालय भेजी जा रही है- अंजली अग्रवाल, बीएसए


जितना काम दिया, मैंने किया
शिक्षिका की नियुक्ति को लेकर जांच कमेटी ने निर्णय लिया। मेरा कहीं कोई हस्तक्षेप नहीं था। सत्यापन भी मैंने नहीं कराए। जितना भी काम अधिकारियों ने दिया, मैंने किया। -जीएस राजपूत , तत्कालीन डीसी, बालिका शिक्षा

फर्रुखाबाद की दीप्ति के अभिलेखों से मैनपुरी में दो ने पाई नौकरी


फर्रुखाबाद की दीप्ति के अभिलेखों से मैनपुरी में दो ने पाई नौकरी


कायमगंज की दीप्ति के अभिलेखों से दो ने पाई नौकरी
कायमगंज (फर्रुखाबाद)। कासगंज में अनामिका के बाद अब मैनपुरी में कायमगंज की दीप्ति के दस्तावेजों से दो युवतियां नौकरी करते पाई गईं हैं। इनके तार भी कहीं न कहीं मास्टरमाइंड पुष्पेंद्र से जुड़े है। बेवर के खंड शिक्षा अधिकारी असली दीप्ति के परिजनों से पूछताछ कर चुके हैं। दीप्ति कौशांबी ढहैया के राजकीय कालेज में सहायक अध्यापिका है।


अनामिका शुक्ला प्रकरण के बाद मैनपुरी के करहल बा विद्यालय में तैनात दीप्ति व बेवर के जमौरा प्राथमिक विद्यालय में तैनात अनुदेशिका दीप्ति की जांच शुरू हुई तो नया भंडाभोड़ हुआ। दोनों का पता कायमगंज नगर के मोहल्ला बगिया सोहनलाल निवासी दीप्ति पुत्री सुरेश चंद लिखा था। दोनों युवतियां कायमगंज की दीप्ति के दस्तावेजों पर नौकरी कर रहीं थीं।


बेवर के खंड शिक्षा अधिकारी जांच को आए तो परिजनों ने बताया असली दीप्ति की तीन साल पहले हरदोई जनपद के हरपालपुर में शादी हो चुकी है और उनके पति आर्मी में हैं। इस समय वह कौशांबी के मिश्रपुर ढहैया के राजकीय विद्यालय में सहायक अध्यापिका हैं।


दीप्ति के भाई अंबुज ने बताया उनकी बहन के असली दस्तावेज यहां रखे थे। शिक्षा विभाग के कुछ अधिकारी यहां आये थे। उन्हें फोटोकॉपी उपलब्ध कराकर लिखित में दे दिया है। उनकी बहन से लखनऊ एसटीएफ ने भी दस्तावेज मंगाए थे। वहां भी भेज दिए गए हैं।


मैनपुरी में उनकी बहन के नाम से नौकरी करने वाली युवतियों को वे नहीं जानते। उन्होंने बताया दीप्ति ने सिटी गर्ल्स कॉलेज से इंटर व कायमगंज के एसडी कालेज से बीए किया था। बीएड करने के बाद हरदोई जनपद के एक बा विद्यालय में नौकरी की थी। इसके बाद कौशांबी में उनकी नौकरी लग गई। इसके बाद उनकी शादी हो गई।


कहीं हरदोई से तो नहीं निकाले गए दीप्ति के दस्तावेज
कायमगंज। प्रदेश भर में अनामिका की डिग्री पर बा विद्यालयों में नौकरी दिलाने वाले मास्टरमाइंड पुष्पेंद्र के तार हरदोई से भी जुड़े रहे हैं। पिछले दिनों लखनऊ एसटीएफ ने पुष्पेंद्र उर्फ राज उर्फ सुशील कौशल के साथ हरदोई में शिक्षा विभाग में तैनात लिपिक रामनाथ व जौनपुर के समन्वयक आनंद को गिरफ्तार किया था। फर्जी तरीके से नौकरी दिलाने में मास्टरमाइंड के साथ यह दोनों भी शामिल बताए गए थे।


कायमगंज की दीप्ति ने भी एक वर्ष तक हरदोई के बा विद्यालय में नौकरी की है। इससे जाहिर है, कहीं न कहीं मैनपुरी में दीप्ति के नाम से नौकरी दिलाने में इसी गैंग का हाथ है। जब दीप्ति ने बा विद्यालय से नौकरी छोड़ दी तो इन लोगों ने असली दीप्ति की डिग्री की फोटोकॉपी हासिल कर ली और मैनपुरी में दो युवतियों को नौकरी दिला दी।


इससे साफ है मैनपुरी में दीप्ति नाम से नौकरी करने वाली युवतियां मास्टरमाइंड से जुड़ी हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मैनपुरी में फर्जी दीप्ति के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस दीप्ति नाम की दोनों युवतियों की तलाश कर रही है।

अनामिका शुक्‍ला प्रकरण के बाद मऊ में फर्जी ममता राय, एफआइआर के आदेश पर आरोपित शिक्षिका फरार


अनामिका शुक्‍ला प्रकरण के बाद मऊ में फर्जी ममता राय, एफआइआर के आदेश पर आरोपित शिक्षिका फरार


पूरे प्रदेश में चर्चित अनामिका शुक्ला प्रकरण के बाद मऊ में अब फर्जी ममता राय नामक शिक्षिका का मामला पकड़ में आया है।...


मऊ  ।   पूरे प्रदेश में चर्चित अनामिका शुक्ला प्रकरण के बाद मऊ जिले में अब फर्जी ममता राय नामक शिक्षिका का मामला पकड़ में आया है। ममता राय के नाम पर अन्य कई शिक्षिकाओं के नौकरी करने की शिकायत सामने आते ही विभाग द्वारा कराई गई जांच में रंभा पांडेय नामक एक महिला पकड़ में आई। जांच शुरू होने के बाद से आरोपित महिला फरार हो गई है। उसके मायके से उसके फर्जी नाम की पुष्टि हुई है।


जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि उसकी सेवा समाप्त करते हुए उसके विरुद्ध एफआइआर दर्ज करने का आदेश दे दिया गया है। वह वर्ष 2000 में महाराजगंज जिले से ट्रांसफर लेकर आई थी। बेसिक शिक्षा विभाग को शिकायत मिली कि जनपद में ममता राय नामक किसी महिला के अभिलेख पर एक फर्जी शिक्षिका नौकरी कर रही है। शिकायत मिलते ही जांच शुरू हो गई। जांच में पता चला कि रतनपुरा ब्लाक के मुबारकपुर उच्च प्राथमिक विद्यालय में ममता राय नामक शिक्षिका का असली नाम रंभा पांडेय है, वह ममता के नाम के अभिलेखों के आधार पर फर्जी तरीके से नौकरी कर रही है। विभाग द्वारा जांच शुरू होने की खबर मिलते ही कथित ममता राय यानी रंभा पांडेय फरार हो गई।


महाराजगंज जनपद से स्थानांतरण पत्र लेकर आई थी

मालूम हुआ कि वह मूल रूप से बलिया जनपद के पांडेयपुर ताखा गांव की निवासी है। वर्ष 2000 में वह महाराजगंज जनपद से स्थानांतरण पत्र लेकर आई थी। किंतु आश्चर्यजनक यह कि उसके सर्विस बुक में पहली प्रविष्टि वर्ष 2011 में दर्ज की गई है। रंभा के गांव के प्रधान द्वारा उसके नाम-पता की पुष्टि होने पर रंभा को विभाग द्वारा नोटिस जारी कर जवाब देने के लिए शुक्रवार की तिथि निर्धारित थी किंतु वह उपस्थित नहीं हुई। जिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि उसकी सेवा समाप्त कर दी गई है। उसके विरुद्ध हलधरपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। जिस ममता राय के नाम पर वह नौकरी कर रही थी, अभिलेखों में उसका नाम व पता बाछाबार बलिया अंकित है। उसका पता लगाया जा रहा है। संभावना है कि इस महिला के अभिलेख पर और भी लोग नौकरी कर रही हों।

Friday, June 19, 2020

Anamika Shukla Case: अलीगढ़ में पकड़ी गई एक और नकली अनामिका, जानिए विस्‍तार से


Anamika Shukla Case: अलीगढ़ में पकड़ी गई एक और नकली अनामिका, जानिए विस्‍तार से


बिजौली ब्लॉक के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में फर्जी दस्तावेजों से नौकरी पाने वाली अनामिका के पकड़े जाने के बाद एक और नकली अनामिका अफसरों ने पकड़ी है। ...


अलीगढ़ : उत्‍तर प्रदेश के जनपद अलीगढ़ में  बिजौली ब्लॉक के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में फर्जी दस्तावेजों से नौकरी पाने वाली अनामिका के पकड़े जाने के बाद एक और नकली अनामिका अफसरों के हाथ चढ़ी है। अनामिका मामले के बाद जिले में सभी कस्तूरबा विद्यालयों के संविदा कर्मियों के शैक्षिक दस्तावेजों का सत्यापन कराने का काम शुरू किया गया था। इसमें अकराबाद की एक शिक्षिका के कागजात संदिग्ध मिलने पर जांच की गई तो उसका पता फर्जी अनामिका वाला पता ही निकला।



 बीएसए डॉ लक्ष्मीकांत पांडे ने बताया की शिक्षिका की संविदा समाप्त कर विजयगढ़ थाने में एफआइआर कराने की तहरीर दे दी है। ये भी अनामिका की तैनाती के समय ही अक्टूबर 2019 से तैनात हुई थी। इनका नाम है संध्या द्विवेदी। अभी ये प्रकरण अनामिका वाले गैंग का ही मानकर अफसर चल रहे हैं।



अकाउंटेंट की संविदा समाप्त
जिले के बिजौली ब्लॉक के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में अनामिका के दस्तावेजों से नौकरी पाने वाली बबली अभी तक पुलिस के हाथ नहीं आई। उसकी कानपुर और औरैया के लोगों से लंबी बातें होतीं थीं। ऐसे तीन नंबरों की लोकेशन के आधार पर बबली की तलाश की जा रही है। इसके लिए एक टीम कानपुर में हैं। एक और टीम कानपुर जा रही है। वहीं, अनुबंध पत्र विभाग को न पहुंचाने के चलते अकाउंटेंट हरिशंकर की संविदा समाप्त कर दी गई है।


अकाउंटेंट की संविदा समाप्ति के आदेश जारी
बीएसए डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय ने बताया कि गुरुवार को अकाउंटेंट हरिशंकर की संविदा समाप्त करने व डीसी बालिका शिक्षा गजेंद्र ङ्क्षसह की प्रतिनियुक्ति समाप्त करने की संस्तुति की थी। डीएम चंद्रभूषण ङ्क्षसह के पास फाइल अप्रूवल के लिए भेजी गई थी। इस पर शुक्रवार को मुहर लग गई। अकाउंटेंट की संविदा समाप्ति के आदेश जारी कर दिए गए हैं। डीसी बालिका शिक्षा की प्रतिनियुक्ति खत्म करने का पत्र शासन को भेजा जा रहा है।


चंदनपुरवा में की पूछताछ
बैंक खाते में पता चंदनपुरवा, रसूलपुर (कानपुर देहात) दिया गया है। मैनपुरी वाले पते पर अनामिका को कोई जानता ही नहीं था। लेकिन चंदनपुरवा में फोटो से बबली की पहचान की गई। यहां उसकी ससुराल है। मकान आज भी बंद था। पूछताछ में क्षेत्र के लोगों ने एसआइ सहवीर को बताया कि बबली अपनी नौकरी के बारे में किसी को ज्यादा बताती नहीं थी। लॉकडाउन में बबली यहीं रही थी, मगर किसी को शक नहीं हुआ। छह जून के बाद उसे नहीं देखा।


पति हरिओम का नाम राहुल भी
पड़ोसियों ने बबली के पति हरिओम का नाम राहुल भी बताया। हरिओम बिजली विभाग में ही गाड़ी चलाता है। ऐसे में पुलिस बिजली विभाग के लोगों से संपर्क कर हरिओम का पता लगाने में जुटी है। अतरौली के सीओ प्रशांत सिंह का कहना है कि शिक्षिका जिन लोगों से बात करती थी, वह कानपुर व औरैया के आसपास के ही हैं। इसके लिए एक टीम और कानपुर भेजी जा रही है। जल्द ही बबली को पकड़ लिया जाएगा।


 केजीबीवी स्टाफ के दस्तावेजों का होगा सत्यापन
अलीगढ़ : कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय (केजीबीवी) बिजौली में फर्जी दस्तावेज से अनामिका के नौकरी पाने के प्रकरण के बाद अब अफसरों ने सात दिन में सभी केजीबीवी स्टाफ के दस्तावेजों का सत्यापन सात दिन में करने का आदेश दिया है। इसके लिए तीन सदस्यीय टीम भी बनाई गई है।  यह टीम ब्लॉकवार हर स्टाफ का आधार कार्ड वाट््सएप ग्रुप पर मंगाएगी। साथ ही तीन दिनों में सभी के शैक्षिक दस्तावेज बीएसए दफ्तर पर मंगाए जाएंगे। सात दिन में रिपोर्ट बीएसए को सौंपी जाएगी।

काम की जिम्मेदारी सौंपी
बीएसए डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय ने बताया कि जिले में नगर क्षेत्र मिलाकर कुल 13 ब्लॉक में केजीबीवी हैं। इनमेें शिक्षिकाओं, वॉर्डन व अन्य कर्मचारियों समेत करीब 160 लोगों का स्टाफ है। ब्लॉकवार प्रपत्र मंगाने की तिथि निर्धारित कर दी है। खंड शिक्षाधिकारी अकराबाद हेमलता, जिला समन्वयक निर्माण ज्ञानेंद्र गौतम और जिला समन्वयक समेकित शिक्षा ऋषि कुमार ङ्क्षसह को इस काम की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

Wednesday, June 17, 2020

सहारनपुर में फर्जीवाड़े में मैनपुरी निवासी कस्तूरबा की एक और अध्यापिका के खिलाफ तहरीर

भावना के बाद सामने आई एक और फर्जी शिक्षिका वेद कुमारी 

Anamika Shukla Case: सहारनपुर में फर्जीवाड़े में कस्तूरबा की एक और अध्यापिका के खिलाफ तहरीर


सहारनपुर। भावना के बाद जिले में अब वेदकुमारी नाम की फर्जी शिक्षिका सामने आई है। यह शिक्षिका जनपद के तोताटांडा स्थित कस्तूरबा विद्यालय में 2018 से तैनात है। खास बात यह है कि वेद कुमारी ने भी अपने पिता का नाम और पता वही दिया हुआ है, जो अनामिका शुक्ला के नाम पर भावना ने भरा था।


सहारनुपर के कस्तूरबा स्कूल मुजफ्फराबाद में फर्जी कागजात के आधार पर अनामिका शुक्ला के नाम से नौकरी कर रही भावना की गिरफ्तारी के बाद फर्जीवाड़े का एक और मामला सामने आया है।...


सहारनपुर  । सहारनुपर के कस्तूरबा स्कूल मुजफ्फराबाद में फर्जी कागजात के आधार पर अनामिका शुक्ला के नाम से नौकरी कर रही भावना की गिरफ्तारी के बाद फर्जीवाड़े का एक और मामला सामने आया है। वन ग्राम तोता टांडा के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में शारीरिक शिक्षक पद पर कार्यरत वेद कुमारी के प्रमाण-पत्र जांच में संदिग्ध पाए गए। विभाग ने अध्यापिका के खिलाफ थाना जनकपुरी में तहरीर दी है।


बीएसए रमेंद्र कुमार सिंह ने प्रमाण-पत्र संदिग्ध होने की पुष्टि करते हुए बताया कि वेद कुमारी करीब एक वर्ष से स्कूल में अध्यापिका थी। प्रमाण-पत्रों की जांच कराने के लिए कई बार उसे बुलाया गया लेकिन वह टालती रही। उन्होंने बताया कि वेद कुमारी भी मैनपुरी जिले की है। बीएसए के मुताबिक डीसी बालिका आदित्य नारायण शर्मा द्वारा थाने में दी तहरीर दी गई है। दूसरी ओर सूत्रों का कहना है कि अध्यापिका के जो प्रमाण-पत्र विभाग में जमा हैं, वह उसके नाम से नहीं हैं।

अनामिका प्रकरण : मास्टर माइंड समेत तीनों आरोपी जेल गए

अनामिका प्रकरण : मास्टर माइंड समेत तीनों आरोपी जेल गए

दो शैक्षिक दस्तावेजों पर 11 जिलों में पुष्पेंद्र गैंग ने कराई फर्जी नियुक्तियां


लखनऊ/गोण्डा | 17 Jun 2020

गोंडा। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में फर्जी नियुक्ति कराने वाले मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपियों को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से तीनों को जेल भेज दिया गया। एसटीएफ ने सोमवार को मास्टरमाइंड पुष्पेंद्र उर्फ राज समेत फर्जीवाड़े में शामिल बेसिक शिक्षा विभाग के जौनपुर के जिला समन्वयक आनंद सिंह व हरदोई में बीएसए के प्रधान लिपिक रामनाथ को गिरफ्तार कर गोंडा पुलिस के हवाले किया था।


 गैंग ने दो शैक्षिक दस्तावेजों पर 11 जिलों में फर्जी नियुक्ति कराई थी। गोंडा की अनामिका शुक्ला के नाम से प्रदेश के नौ जनपदों में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका स्कूलों में दूसरी महिलाओं को नौकरी दिलाई गई थी। इसके बाद अनामिका शुक्ला चर्चा में आई और अमर उजाला की छानबीन से असली अनामिका शुक्ला का पता चला। खबर पढ़कर नौ जून को अनामिका शुक्ला ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को अपने दस्तावेज सौंपे। अनामिका ने बताया था कि उन्होंने पांच जिलों में वर्ष 2017 में आवेदन तो किया था लेकिन काउंसलिंग नहीं कराई। 11 जून को अनामिका ने इस मामले में नगर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई।


कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में अनामिका नियुक्ति प्रकरण को लेकर हुए फर्जीवाड़े में गिरफ्तार मास्टरमाइंड पुष्पेन्द्र सिंह, आनन्द और रामनाथ को गोण्डा में कोर्ट में पेश किया गया। यहां से तीनों को जेल भेज दिया गया। इन्हें सोमवार को एसटीएफ ने लखनऊ में गिरफ्तार किया था। वहीं गोण्डा पुलिस इन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।



नेटवर्क खंगाल रही एसटीएफ: गिरफ्तार कर्मचारियों रामनाथ और आनन्द का बेसिक शिक्षा विभाग के अंदर नेटवर्क के बारे में एसटीएफ पता कर रही है। ये दोनों ही अभ्यर्थियों के आवेदन में लगे दस्तावेजों को पुष्पेन्द्र तक पहुंचाते थे। पुष्पेन्द्र से पूछताछ के दौरान ही इन दोनों के बारे में कई जानकारियां पता चली थी। एसटीएफ का दावा है कि इन जानकारियों की तह तक पहुंचने के बाद कुछ और धांधलियां सामने आ सकती हैं। एसटीएफ के अफसरों का कहना है कि जहां फर्जी दस्तावेजों से शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी, वहां कई लोगों से पूछताछ होनी है।

Monday, June 15, 2020

कस्तूरबा फर्जीवाड़ा : अलीगढ़ से एक और 'अनामिका' बनी बबली यादव गिरफ्तार

Fake Teacher Anamika Shukla Case Update Babli Yadav Arrested From Aligarh

अलीगढ़ से एक और 'अनामिका' बनी बबली यादव गिरफ्तार


अलीगढ़ के बिजौली ब्लॉक के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में अनामिका शुक्ला नाम से टीचर की फर्जी नौकरी कर रही बबली यादव को रविवार दोपहर गिरफ्तार कर लिया गया। बबली कानपुर देहात के रसूलाबाद इलाके की रहने वाली है। 


महिला ने मैनपुरी के अपने रिश्तेदारों पर फर्जीवाड़ा कर नौकरी के रैकेट चलाने का आरोप लगाया है। महिला के अनुसार मैनपुरी के लोगों ने उससे तीन लाख रुपये लेकर नौकरी लगवाई थी। उन्होंने ही उसके फर्जी दस्तावेज तैयार कराने से लेकर बैंक में खाता खुलवाने तक का काम कराया था।


उसने बताया कि उसकी परिचित दो अन्य महिला भी अनामिका शुक्ला नाम से प्रयागराज जिले के सोरांव ब्लॉक और मैनपुरी के बेवर ब्लॉक में नौकरी कर रही हैं। उन्हें भी उक्त गैंग ने ही भर्ती कराया था।


एसपी देहात ने बताया कि जिस गैंग के नाम सामने आए हैं उन्हें और जांच में जो भी नाम सामने आएंगे, उन सभी को गिरफ्तार किया जाएगा। महिला को सोमवार को रिमांड पर लिया जाएगा, जिसके बाद आगे पूछताछ की जाएगी।


बबली रसूलाबाद की सेंट्रल बैंक में खाता खुलवा कर अनामिका शुक्ला के नाम से वेतन ले रही थी। अलीगढ़ पुलिस ने 11 जून को रसूलाबाद की सेंट्रल बैंक जाकर छानबीन की थी। अलीगढ़ से आए दरोगा शहवीर सिंह ने बताया कि रसूलाबाद के चंदनपुरवा निवासी राहुल उर्फ हरिओम की पत्नी बबली का फोटो बैंक खाता में लगा मिला।


खाते में लगे कागजात बैंक से लेकर दरोगा ने चंदनपुरवा गांव में मशक्कत कर ग्रामीणों से उसकी पहचान कराई थी। इधर पुलिस के आने से पहले ही बबली परिवार समेत फरार हो गई थी। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों दबिश दे रही थी।

बबली भी पुलिस को चकमा देने में कामयाब हो रही थी। वहीं चर्चा रही कि अलीगढ़ पुलिस ने अनामिका उर्फ बबली को कन्नौज से गिरफ्तार किया है और उसे लेकर अलीगढ़ चली गई। दरोगा शहवीर सिंह ने बताया कि बबली को गिरफ्तार कर फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह के सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। पूरे घटनाक्रम का खुलासा अलीगढ़ में ही किया गया है।

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फर्जीवाड़ा : कासगंज में 'अनामिका के बाद अब 'प्रीती' की तलाश

कासगंज में 'अनामिका के बाद अब 'प्रीती' की तलाश 


कासगंज। प्रदेश में अब फर्जी प्रीती यादव की खोज शुरू हो गई है। दो जिलों में मैनपुरी की प्रीती यादव के नाम से फर्जी शिक्षकों मिलने के बाद खलबली मच गई है। बीएसएफ अंजलि अग्रवाल ने कस्तूरबा गांधी विद्यालय के डीसी को पत्र जारी कर तलाश शुरू करने को कहा है। 


अनामिका शुक्ला के दस्तावेजों के आधार पर प्रदेश के कई जिलों में फर्जी शिक्षकों नौकरी करती रहीं। अब मैनपुरी जनपद की प्रीती यादव के दस्तावेजों पर आजमगढ़ व जौनपुर जिले के कस्तूरबा विद्यालयों में दो फर्जी शिक्षकों मिली हैं। ऐसे में अब प्रीती को लेकर भी कासगंज शिक्षा विभाग बेहद संवेदनशील है।



फर्जीवाड़ा : प्रीति यादव को बर्खास्त कर दर्ज कराया मुकदमा, कसा पुलिस जांच का शिकंजा


जौनपुर। जौनपुर व आजमगढ़ के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय मुफ्तीगंज में प्रीति यादव के नाम से फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे पूर्णकालिक शिक्षक और आजमगढ़ जनपद के पवई विकासखंड में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में वार्डेन के रूप में नौकरी करने वाली प्रीति यादव पुत्री लाल बहादुर सिंह यादव के खिलाफ शनिवार की रात जौनपुर नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। 


बेसिक शिक्षा अधिकारी बीएसए प्रवीण कुमार त्रिपाठी ने आनन-फानन में रविवार को ही उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया। इसके अलावा जौनपुर में वेतन के रूप में एक लाख 40 हजार रुपए और आजमगढ़ जनपद में डेढ़ लाख रुपए वेतन के रूप में लिए जाने के मामले में रिकवरी के लिए पुलिस की मदद से कागजी प्रपत्र तैयार कर शिकंजा कसा जा रहा है। प्रदेशस्तर पर फर्जी शिक्षकों के बड़े खुलासे के बाद जौनपुर में भी प्रीति यादव के नाम से हुए खुलासा हुआ था। इसे लेकर बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा है।

कस्तूरबा में फर्जीवाड़ा : शिक्षिका और अनुदेशक बनी दीप्ति की संविदा समाप्त


शिक्षिका और अनुदेशक बनी दीप्ति की संविदा समाप्त 


मैनपुरी। अनामिका प्रकरण से जिले में सामने आया दीप्ति प्रकरण का मंगलवार को पर्दाफाश हो गया। जांच समिति और चयन समिति की रिपोर्ट के बाद शिक्षिका और अनुदेशिका की संविदा समाप्ति के साथ डीएम ने एफआईआर कराने के निर्देश दिए हैं। कस्तूरबा की शिविका टी शिक्षिका और जूनियर हाईस्कूल की अनुदेशक दोनों ने कौशांबी के मिर्जापुर ढहाया के राजकीय हाई स्कूल में तैनात दीप्ति के अभिलेखों से नौकरी हासिल की थी। कस्तूरबा विद्यालय करहल की शिक्षिका दीप्ति व प्राथमिक विद्यालय जौरा में तैनात अनुदेशिका दीप्ति की जांच शुरू हुई थी।



कस्तूरबा में फर्जीवाड़ा : असली दीप्ति का भी नाम और पता निकला फर्जी, इस्तीफा देकर अचानक हुई गोल। 


मैनपुरी। अनामिका शुक्ला की तरह सामने आए दीप्ति कांड में रविवार को एक और बड़ा खुलासा हुआ। जिस दीप्ति को विभाग असली मानकर चल रहा था उस दीप्ति का नाम और पता दोनों ही फर्जी निकले हैं। बीएसए के निर्देश पर डीसी बालिका शिक्षा ने रविवार को बेवर के परौंखा जाकर दीप्ति सिंह के नाम और पते की पड़ताल की थी लेकिन जांच के दौरान पता चला कि जमौरा स्थित विद्यालय में जो दीप्ति अनुदेशिका है उसका नाम और पता पूरी तरह फर्जी निकला है।


 जांच में यह खुलासा होने के बाद विभाग हैरान रह गया है। डीसी बालिका जांच रिपोर्ट अधिकारियों को दे रहे हैं। अनामिका शुक्ला कांड का खुलासा होने के बाद कस्बा करहल स्थित कस्तूरबा विद्यालय में दीप्ति सिंह नाम की एक शिक्षिका पांच जून को इस्तीफा देकर गायब हो गई है। इसके अभिलेख फर्जी हैं। इसकी शिकायत जमौरा की अनुदेशिका दीप्ति सिंह द्वारा की गई।

Sunday, June 14, 2020

मास्टरमाइंड की तलाश में एसटीएफ ने मैनपुरी में डाला डेरा, शातिर के भाई की निशानदेही पर छापे मार रही एसटीएफ

अनामिका प्रकरण...मास्टरमाइंड की तलाश में एसटीएफ ने मैनपुरी में डाला डेरा शातिर के भाई की निशानदेही पर पुष्पेंद्र की तलाश में छापे मार रही एसटीएफ


मैनपुरी। चर्चित शिक्षिका अनामिका शुक्ला मामले के मास्टरमाइंड पुष्पेंद्र की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ आगरा ने जिले में डेरा डाल लिया है। पुलिस हिरासत में शातिर के भाई जसवंत की निशानदेही पर एसटीएफ पुष्पेंद्र की तलाश में छापे मार रही है। चर्चित शिक्षिका अनामिका शुक्ला मामले में कासगंज पुलिस की हिरासत में आई सुप्रिया ने मैनपुरी निवासी पुष्पेंद्र उर्फ राज से अनामिका शुक्ला के नाम के अभिलेख हासिल करने की बात कही थी। 


कासगंज पुलिस ने शातिर पुष्पेंद्र उर्फ राज उर्फ गुरु के भाई जसवंत को तीन दिन पहले हिरासत में ले लिया था। अब मामले की जांच एसटीएफ आगरा कर रही है। एसटीएफ आगरा ने भोगांव क्षेत्र गांव नगला खरा निवासी पुष्पेंद्र की तलाश में मैनपुरी में डेरा डाल लिया । शनिवार को पुष्पेंद्र की तलाश में एसटीएफ ने भोगांव और मैनपुरी नगर में अलग-अलग स्थानों पर दबिश, लेकिन शातिर पुष्पेंद्र पकड़ में नहीं आया।

Saturday, June 13, 2020

सहारनपुर में अनामिका शुक्ला बनकर काम कर रही थी कोई और महिला, वॉर्डन बर्खास्त, नियुक्त करने वालों को बचाने का आरोप

सहारनपुर में अनामिका शुक्ला बनकर काम कर रही थी कोई और महिला, वॉर्डन बर्खास्त, नियुक्त करने वालों को बचाने का आरोप


सहारनपुर : अनामिका शुक्ला के नाम पर हुए फर्जी नियुक्ति कांड में सहारनपुर के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की वॉर्डन को बर्खास्त कर दिया गया है। सहारनपुर के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रमेन्द्र कुमार सिंह ने बालिका शिक्षा के जिला समन्वयक और विद्यालय की वॉर्डन को नोटिस भेजकर जबाव मांगा था। जवाब मिलने पर पहली नजर में दोनों की ही लापरवाही सामने आई थी।


 इस पर वार्डन ललिता देवी को राजकीय कार्यों के प्रति लापरवाही और अनामिका शुक्ला के कार्यभार ग्रहण करने के समय नियुक्ति पत्र में अंकित निर्देशों का अनुपालन न करने और उच्चाधिकारियों के बिना मानदेय जारी करने को लेकर वार्डन की लापरवाही पर उसकी संविदा समाप्त कर दी गई। इसी तरह जिला समन्वयक के खिलाफ कार्यवाही को भी शासन को लिखा गया है। 


इस प्रकरण में वार्डन ललिता शर्मा का कहना है कि विभागीय अधिकारियों ने उसे बली का बकरा बनाया है। गलती केवल उसी की नहीं, बल्कि चयन समिति की भी है। जो नियुक्ति पत्र विद्यालय में आया था, उसमें जिन अधिकारियों के हस्ताक्षर हैं, उनके विरुद्ध भी कार्रवाई होनी चाहिए।

Thursday, June 11, 2020

शिक्षक भर्ती व कस्तूरबा मामले में राज्यपाल आनंदी बेन ने विभाग को किया तलब और मांगी रिपोर्ट

शिक्षक भर्ती व कस्तूरबा मामले में राज्यपाल आनंदी बेन ने  विभाग को किया तलब और मांगी रिपोर्ट 


राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 69000 सहायक अध्यापक भर्ती  परीक्षा में नकल गिरोह और  कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में अनामिका शुक्ला के नाम से फर्जी शिक्षिकाओं के नौकरी करने के मामले में रिपोर्ट ली। राज्यपाल ने बुधवार को बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री सतीश चंद्र द्विवेदी और विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार को राजभवन बुलाया। 


उन्होंने अध्यापक भर्ती परीक्षा में प्रयागराज में पकड़े गए नकल गिरोह, उत्तर कुंजी को लेकर उच्च न्यायालय में विचाराधीन मामले और शिक्षामित्रों की याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय के मंगलवार को दिए गए आदेश पर बात की सतीश चंद्र द्विवेदी और रेणुका कुमार ने राज्यपाल को बताया कि सहायक अध्यापक भर्ती में से जानकारी एक परीक्षा केंद्र पर नकल के मामले की जांच एसटीएफ को सांपी गई है।


 वहीं, उत्तर कुंजी मामले में सरकार ने उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में अपील की है। सर्वोच्च न्यायालय में भी विभाग अपील करेगा। उन्होंने बताया कि नौ कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में फर्जी अनामिका शुक्ला के कार्यरत होने का खुलासा विभाग की ओर से लगा मानव संपदा पोर्टल से ही हुआ है। सभी नौ जिलों में फर्जी अनामिकाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। असली अनामिका शुक्ला गोंडा की रहने वाली है, जो गृहिणी है।

Wednesday, June 10, 2020

कस्तूरबा फर्जीवाड़ा : फोटोकॉपी पर नियुक्ति देने वाले अफसर कार्रवाई से दूर

कस्तूरबा फर्जीवाड़ा : फोटोकॉपी पर नियुक्ति देने वाले अफसर कार्रवाई से दूर


प्रयागराज : कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में नियुक्ति पाने वाली अनामिकाओं, उनके शैक्षिक रिकार्ड आदि को बेसिक शिक्षा विभाग खंगाल रहा है। जिलों में इस संबंध में एफआईआर कराई जा चुकी है, वहाँ के अफसरों ने मूल रिकार्ड की जगह फोटो कॉपी पर ही तैनाती दे डाली। मंडलीय सहायक शिक्षा बेसिक ने जांच रिपोर्ट में इसका उल्लेख भी किया है। जबकि शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी पद पर चयनित को भुगतान भी किया जाएगा, जब उसके शैक्षिक अभिलेखों की जांच कर ली जाए। आखिर नियुक्ति करने के जिम्मेदार लोगों ने नियम की अनदेखी क्यों की? 


चर्चा है कि एक अभ्यर्थी इतने जिलों में नियुक्ति नहीं पा सकता, इसके पीछे रैकेट का हाथ है। शिक्षकों के डाटा फीडिंग में मामला खुला। रायबरेली जिले ने अनामिका को नोटिस जारी की। अहम बात यह है कि पूर्व बेसिक शिक्षा अधिकारी को पदोन्नति मिल चुकी है और वह लखनऊ मंडल में ही अहम ओहदे पर हैं। 


2010 के बाद नियुक्त पाने वालों की जांच के आदेश: बेसिक शिक्षा के पूर्व अपर मुख्य सचिव और इस समय उप्र लोकसेवा आयोग के अध्यक्ष डा. प्रभात कुमार ने आदेश दिया था कि 2010 के बाद विभाग में नियुक्ति पाने वालों की जांच की जाए। इसमें बड़े पैमाने पर कार्यरत शिक्षकों को हटाया गया और कई के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज है। जिम्मेदार अफसर अनामिका आदि के मामले में इस आदेश पर गंभीर नहीं हुए।

देवरिया के कस्तूरबा विद्यालयों में नियुक्ति का रेकॉर्ड ही गायब

देवरिया के कस्तूरबा विद्यालयों में नियुक्ति का रेकॉर्ड ही गायब

विभाग के पास सिर्फ मेरिट लिस्ट, पूर्व कर्मचारियों पर फोड़ा जा रहा ठीकरा


करतूरबा विद्यालयों में हुई नियुक्तियों के रेकॉर्ड गायब हैं। सिर्फ शिक्षकों-कर्मचारियों की मेरिट लिस्ट ही मौजूद है। -प्रकाश नारायण श्रीवास्तव, बीएसए

 देवरिया : एक नाम पर प्रदेश के कई कस्तूरबा विद्यालयों में नौकरी के मामले में तमाम जिलों में जांच के डर से हड़कंप मचा है। इस बीच देवरिया जिले में तो कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों में हुई नियुक्तियों के सारे रेकॉर्ड ही गायब हो गए हैं। बीएसए दफ्तर में शिक्षकों व कर्मचारियों के रेकॉर्ड के नाम पर सिर्फ मेरिट लिस्ट भर मौजूद है। रेकॉर्ड संभालने की जिम्मेदारी जिन कर्मचारियों पर है, अब वे पूर्व में तैनात रहे कर्मचारियों के सिर ठीकरा फोड़ने में जुट गए हैं। मामला सामने आने के बाद बीएसए ने जांच की बात कही है।

देवरिया में 13 कस्तूरबा आवासीय विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में कक्षा एक से आठवीं तक गरीब बच्चों की मुफ्त पढ़ाई होती है। यहां वॉर्डन के 13 पदों के सापेक्ष 11, पूर्णकालिक शिक्षक के 52 पदों के सापेक्ष 45 और अंशकालिक शिक्षक के 39 पदों के सापेक्ष 32 तैनातियां हैं। इसके अलावा 13 अकाउंटेंट, 39 रसोइये, और 13-13 चपरासी और चौकीदारों की नियुक्ति है। हैरत की बात यह है कि इन कर्मचारियों की नियुक्ति का कोई रेकॉर्ड जिला बेसिक शिक्षा विभाग के पास नहीं है। इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब फरवरी में सलेमपुर क्षेत्र के एक कस्तूरबा विद्यालय में वॉर्डन की नियुक्ति से संबंधित शिकायत एसटीएफ से की गई थी।


एसटीएफ को भी नहीं मिली थी पूरी पत्रावली: फरवरी में नियुक्ति को लेकर हुई शिकायत के बाद एडी बेसिक ऑफिस ने कस्तूरबा विद्यालयों में नियुक्ति का ब्योरा मांगा गया था, लेकिन रेकॉर्ड नहीं मिला। वहीं, एसटीएफ को भी पूरे कागजात नहीं मिल पाए थे।