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Tuesday, September 15, 2020

फतेहपुर : नीति आयोग की पूंजी से संवरेंगे "कस्तूरबा स्कूल", छह विद्यालय चयनित, प्रत्येक में 50 लाख होंगे खर्च

फतेहपुर : नीति आयोग की पूंजी से संवरेंगे "कस्तूरबा स्कूल", छह विद्यालय चयनित, प्रत्येक में 50 लाख होंगे खर्च।

पहल

▪️ पुरस्कार राशि की तीन करोड़ रुपये हावनिंग हालवने में होगी खर्च।
▪️ प्रशासन के प्रस्ताव को नीति आयोग ने दी हरी झंडी, अफसर खुश।


▪️ 2019 में तेजी से सुधार के लिए अपना जिला देश में पहुंचा दूसरे स्थान पर।
▪️ 50 लाख होंगे खर्च प्रत्येक विद्यालय पर।


फतेहपुर : यूं तो देश के 115 जिलों को भारत सरकार ने आकांक्षात्मक जनपद घोषित किया था, लेकिन तेजी से सुधार के लिए वर्ष 2019 में अपना जिला देश में दूसरे स्थान पर पहुंचा था। इसके लिए भारत सरकार ने पांच करोड़ की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की थी। अब नीति आयोग इस पूंजी को दो चरणों में देगा। पहले चरण में तीन करोड़ जल्द ही जिले को मिलेगी। भारत सरकार ने प्रशासन के खर्च प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है।



भारत सरकार से मिलने वाली पुरस्कार राशि से शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम होने हैं। जिला प्रशासन ने पहले चरण की राशि शिक्षा के क्षेत्र में खर्च करने के प्रस्ताव बनाए हैं। प्रस्ताव में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों को प्रशासन ने डायनिंग हाल कम सांस्कृतिक कक्ष की सुविधा देने का सुझाव दिया था। आशय यह था कि ऐसे हाल का निर्माण कर न सिर्फ कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में सौ छात्राओं को एक साथ बैठककर भोजन खिलाने की सुविधा मिलेगी। इस प्रस्ताव को नीति आयोग ने हरी झंडी दे दी है।

छह विद्यालय चयनित, हर में 50 लाख होंगे खर्च

नीति आयोग की पूंजी से जिन कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों को संवारने की पहल हुई है। उनमें कस्तूरबा गांधी तेलंगाना, असोथर, विजयपुर, भिटौरा, हसवा और मलवां हैं। प्रत्येक विद्यालय में पचास लाख रुपये ख्व्च किए जाएंगे। तय माडल के अनुसार डायनिंग हाल सुविधाओं से लैस रहेगा, इसका उपयोग आडिटोरियम के रूप में भी किया जा सके इसे ध्यान में रखकर निर्माण होगा।

बालिका शिक्षा को लगेंगे पंख : सीडीओ

सीडीओ सत्य प्रकाश ने बताया कि नीति आयोग से पांच करोड़ के प्रस्ताव मांगे गये थे। हमने स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के कामों के लिए प्रस्ताव दिए थे। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में डायनिंग डाल के प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गयी है।इसमे करीब तीन करोड़ की पूंजी खर्च होगी।


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Tuesday, September 8, 2020

वाराणसी : कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों की नियुक्ति में अनियमितता, चयन समिति पर गिरेगी गाज

वाराणसी : कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों की नियुक्ति में अनियमितता, चयन समिति पर गिरेगी गाज।

कार्रवाई : उप निदेशक स्तर के अधिकारी सहित छह से मांगा गया है जवाब, पशु चिकित्सा अधिकारी और एनजीओ के चार सदस्य शामिल।

वाराणसी : कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों के चयन में की गई अनियमितता के मामले में अब चयन समिति के सदस्यों पर गाज गिरेगी। इस मामले में सोमवार को जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने छह लोगों को नोटिस जारी की है। इसमें उपनिदेशक स्तर के अधिकारी हैं। एक पशु चिकित्सा अधिकारी और एनजीओ के चार प्रतिनिधि शामिल हैं। सभी को अपना पक्ष रखने के लिए एक हफ्ते का समय दिया गया है। उनका जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। संबंधित उचाधिकारियों को भी जानकारी दी गई है। एनजीओ को काली सूची में डालने की चेतावनी दी है।



कस्तूरबा आवासीय विद्यालय शिवपुर में 2008-09 के सत्र में वार्डन सह शिक्षिका के पद पर यादवेश कुमारी सिंह और अंशकालिक शिक्षक के पद पर रामचरित्र यादव की नियुक्ति हुई थी। अनामिका शुक्ला प्रकरण के बाद जब सभी नियुक्तियों की जांच हुई तोयहां भी जांच कराई गई। जांचसमिति ने पाया कि शिक्षिका कम वार्डेन का पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित था। मगर चयन समिति ने यहां पर ओबीसी वर्ग की अभ्यर्थी यादवेश कुमारी सिंह का चयन किया, जो आरक्षण के नियमों का उल्लंघन है। इसके अलावा रामचरित्र यादव की नियुक्ति में मेरिट की उपेक्षा की गई। उनसे अधिक मेरिट वाले अभ्यर्थी को प्रतीक्षा सूची में रख दिया गया। इस मामले उपनिदेशक एनसीईआरटी विष्णु श्याम द्विवेदी को नोटिस जारी की गई है। वह उस समय चयन समिति के सदस्य सचिव थे। इसके अलावा सिंधोरा में कार्यरत पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. नसीम अंसारी को नोटिस दी गई है। वह भी चयन समिति के सदस्य थे। एनजीओ के प्रतिनिधि के रूप में चयन समिति में शामिल जिला महिला समाख्या की विनीता, मुख्य कार्यकारी शिक्षा प्रचारिणी समिति, सीखड़ी गाजीपुर के आशुतोष राय को भी नोटिस जारी की गई है।

कस्तूरबा आवासीय विद्यालय, आराजीलाइन में भी नियुक्तियों की अनियमितता में चयन समिति के सदस्यों को नोटिस दी गई है। यहां सरिता आर्य नामक एक शिक्षिका नियुक्त की गई। चयन समिति ने उसका मेरिट 249.9 बताया, जबकि अभिलेखों से मेरिट 192.32 बन रही है। अंजनी राय नामक शिक्षिका की मेरिट 287.47 बताई गई, जबकि यह 214.52 है।


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Monday, September 7, 2020

फतेहपुर : कस्तूरबा विद्यालय के एक चौथाई बालिकाएं ही कर पा रहीं पढ़ाई

फतेहपुर : कस्तूरबा विद्यालय के एक चौथाई बालिकाएं ही कर पा रहीं पढ़ाई।

कस्तूरबा विद्यालय के एक चौथाई बालिकाएं ही कर पा रहीं पढ़ाई।

फतेहपुर : कोरोना संक्रमण काल में बच्चों की शिक्षा अनवरत जारी रखने के लिए तमाम तरह की कवायदे तो की जा रही हैं लेकिन इनकी जमीनी हकीकत कुछ और बयां कर रही है। खासकर बेसिक विभाग द्वारा संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों की छात्राओं से आनलाइन पढ़ाई पहुंच से दूर दिख रही है। इसका कारण है कि गरीब छात्राओं के अभिभावकों के पास न ही स्मार्ट मोबाइल हैं और न ही उन्हें रीचार्ज कराने की व्यवस्था। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि बीते मार्च माह से पढ़ाई पूरी तरह से बाधित है।




कोरोना काल में स्कूलों की बंदी के बाद सरकार की ओर से ऑनलाइन क्लॉसेज को बढ़ावा देने की मुहिम में कस्तूरबा विद्यालय की छात्राएं पिछड़ गईं हैं। सरकार करोड़ों रुपए खर्च कर कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय खोलकर गांवों की गरीब बच्चियों को शिक्षित कर रही है। लेकिन बीते मार्च से कोरोना संक्रमण शुरू हो जाने के बाद से इन विद्यालयों के बच्चे घर भेज दिए गए। अब इन विद्यालयों पर स्टाफ तो है, बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है। लेकिन आनलाइन कक्षाएं छात्राओं तक बिना संसाधन के नहीं पहुंच पा रही हैं। कहने को तो स्टाफ इन बच्चियों को भी शिक्षित करने की सरकारी मुहिम में जुटा हुआ है। लेकिन अभिभावकों के पास एंड्रायड मोबाइल न होने से करीब एक चौथाई छात्राएं पढ़ाई से दूर हैं। डीसी विवेक कुमार बताते हैं कि जिले के सभी 10 बॉ विद्यालयों में छात्राओं के पढ़ाई के लिए आनलाइन व्यवस्था की गई है। इसके लिए स्टाफ विद्यालय पहुंच कर स्टडी मैटेरियल उपलब्ध करा रहे हैं।

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Tuesday, September 1, 2020

संत कबीरनगर : कस्तूरबा के 11 शिक्षकों की नौकरी पर संकट

संत कबीरनगर : कस्तूरबा के 11 शिक्षकों की नौकरी पर संकट।

संत कबीरनगर : कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर शासन ने नए मानक तय कर दिए हैं। इस क्रम में कई पूर्णकालिक व अंशकालिक शिक्षक विषय विसंगति को लेकर सेवा से बाहर किए जाएंगे। जिले के सात विद्यालयों में कार्यरत 47 शिक्षकों में से 11 इसकी चपेट में आ सकते हैं। मुख्य विषय पढ़ाएंगी महिला शिक्षक कक्षा छह से आठवीं तक के सात कस्तूरबा विद्यालयों में सात वार्डेन को लेकर कुल 27 महिला शिक्षक हैं। नौ पुरुष व 11 महिला शिक्षक अंशकालिक हैं। अब हिदी, अंग्रेजी, विज्ञान, गणित, सामाजिक विषय को पूर्णकालिक विषय बना दिया गया है, जबकि कला, क्राफ्ट, स्काउट व गाइड, कंप्यूटर अंशकालिक विषय हैं। शासन के निर्देश पर मुख्य विषयों का शिक्षण अंशकालिक शिक्षकों द्वारा नहीं किया जाएगा।



एडीएम ने दिया निर्देश कस्तूरबा विद्यालय में 47 शिक्षक व 41 शिक्षणेत्तर कर्मी हैं। राज्य परियोजना लखनऊ निदेशक के निर्देश पर नवीनीकरण/ समायोजन होना है। दर्जनभर शिक्षक आठ वर्ष से अधिक समय से पढ़ा रहे हैं। अब इनका विषय वार समायोजन होना है। इसके लिए अपर जिलाधिकारी संजय कुमार पांडेय ने बैठक करके जिम्मेदारों को निर्देश दिया है। नियमानुसार चल रही प्रक्रिया कस्तूरबा विद्यालयों में शिक्षकों के समायोजन की प्रक्रिया नियमानुसार की जा रही है। मुख्य विषय पूर्णकालिक शिक्षक ही पढ़ाएंगे। इसे लेकर गंभीरता से कार्य किया जा रहा है।

सत्येंद्र कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी

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Thursday, August 13, 2020

केजीबीवी में अब तक मिले 56 फर्जी शिक्षक, 70 संदिग्ध, अब और शिकंजा कसने की तैयारी

केजीबीवी में अब तक 56 शिक्षक फर्जी, 70 संदिग्ध, अब और शिकंजा कसने की तैयारी।

कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों (केजीबीवी) में अब तक 56 शिक्षक फर्जी पाए गए हैं। इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। वहीं लगभग 70 शिक्षकों को संदिग्ध की श्रेणी में रखते हुए प्रमाणपत्र सत्यापन के लिए भेजे गए हैं। वहीं अब शासन ने लम्बे समय तक अनुपस्थित रहने वाले  और समय पर स्कूल न पहुंचने वाले शिक्षकों भी शिकंजा कसने के निर्देश दिए हैं।



महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने प्रेरणा पोर्टल पर मौजूद ब्यौरे के आकलन के बाद कहा है कि केजीबीवी में शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारी लगातार अनुपस्थित चल रहे हैं तो उनकी संविदा खत्म कर दी जाए। ऐसे शिक्षकों की संविदा खत्म न करना बेसिक शिक्षा अधिकारियों की काम के प्रति लापरवाही सिद्ध होती है। वहीं उन्होंने स्कूल में समयबद्ध उपस्थित पर बल दिया है और कहा है कि यदि शिक्षक समय पर स्कूल नहीं आएंगे तो इसके लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी व जिला समन्वयक जिम्मेदार होंगे।

महानिदेशक ने 16 जुलाई का डैशबोर्ड के आधार पर समीक्षा की है। 16 जुलाई को प्रदेश के 746 केजीबीवी में कार्यरत 9369 शिक्षकों व कर्मचारियों में से केवल 7377 उपस्थित थे। इसमें से 6353 कर्मचारी तयशुदा समय के बाद स्कूल पहुंचे और 881 स्कूल खत्म होने से पहले ही स्कूल से निकल गए। उन्होंने कहा कि ये स्थिति असंतोषजनक है। इसमें सुधार न होने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


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Wednesday, July 22, 2020

एटा : KGBV की वार्डन और चार शिक्षिकाओं की सेवा समाप्त, फर्जी प्रमाणपत्र के सहारे कई वर्षों से कर रही थीं नौकरी, रिपोर्ट दर्ज

एटा : KGBV की वार्डन और चार शिक्षिकाओं की सेवा समाप्त, फर्जी प्रमाणपत्र के सहारे कई वर्षों से कर रही थीं नौकरी, रिपोर्ट दर्ज।

एटा :: बीएसए ने मंगलवार को कस्तूरबा स्कूलों में फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी पाने वाली वार्डन और चार शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी है साथ ही उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं, उन्होंने लेखा विभाग को इनके द्वारा अर्जित वेतन की रिकवरी करने के भी निर्देश दिए हैं।




शासन की सख्ती के बाद जनपद में टीईटी एवं अन्य फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी पाने वालों की पोल खुलने लगी है। जिले में संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में ऐसे ही पांच मामले सामने आए हैं। विभाग द्वारा कराई गई जांच में दो शिक्षकों के टीईटी प्रमाणपत्र फर्जी मिले हैं। वहीं वार्डन और दो अन्य शिक्षकों के हाईस्कूल, इंटर एवं स्नातक प्रमाणपत्रों में हेराफेरी की पुष्टि हुई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय सिंह ने पांचों का मानदेय रोकते हुए नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। संतोष जनक जवाब न मिलने एवं विभागीय जांच में हुई पुष्टि के बाद तत्काल प्रभाव से सेवा समाप्त करते हुए इनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। बीएसए संजय सिंह का कहना है कि विभागीय जांच में फर्जी प्रमाण पत्रों की पुष्टि होने के बाद इनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।


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