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Saturday, June 27, 2020

फर्रुखाबाद : फर्जी अभिलेख से नौकरी कर रही संध्या व निधि की सेवा समाप्त, कस्तूरबा की दोनों वार्डनों के खिलाफ दर्ज करवाई जाएगी रिपोर्ट

फर्रुखाबाद : फर्जी अभिलेख से नौकरी कर रही संध्या व निधि की सेवा समाप्त, कस्तूरबा की दोनों वार्डनों के खिलाफ दर्ज करवाई जाएगी रिपोर्ट।


फर्रुखाबाद : फर्जी अभिलेखों से नौकरी करने में कस्तूरबा गांधी विद्यालय कमालगंज की वार्डन संध्या द्विवेदी और कस्तूरबा गांधी विद्यालय कायमगंज की वार्डन निधि गुप्ता की सेवा समाप्त कर दी गई है। विभाग की ओर से इनके खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई जाएगी। अनामिका शुक्ला प्रकरण के खुलासे के बाद अभिलेखों की जांच शुरू होने पर जिले के बा विद्यालयों में भी फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय कमालगंज में वार्ड संध्या द्विवेदी फिरोजाबाद, अलीगढ़ भी नौकरी कर रही थी। इन्होंने नौकरी के दौरान जो पते दिए थे वह जांच में फर्जी पाए गए। कायमगंज बा विद्यालय की वार्डन निधि गुप्ता ने भी फर्जी अभिलेखों से नौकरी पाई थी।






इन्होंने भी जो निवास संबंधी पते दिए थे वह भी फर्जी पाए गए थे। वार्ड निधि गुप्ता ने जो टीईटी प्रमाण पत्र लगाया गया था वह जांच में अनामिका शुक्ला का निकला था। जांच पूरी होने पर बीएसए लालजी यादव ने वार्डन संध्या द्विवेदी और वार्डन निधि गुप्ता की संविदा समाप्त करने के लिए डीएम के पास पत्रावली भेजी थी। डीएम के मंजूरी मिलने के बाद बीएसएफ ने दोनों की संविदा समाप्त कर दी है। बीएसएफ लालजी यादव ने बताया कि इन दोनों वार्डनों की नियुक्ति अक्टूबर 2019 में हुई थी। अभिलेख सत्यापन न होने से मानदेय नहीं दिया गया था। दोनों वार्डनों के अभिलेख फर्जी होने से इनकी सेवा समाप्त कर दी गई है। इन दोनों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई जाएगी।


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Thursday, June 25, 2020

फर्जीवाड़ा : तीन जिलों में नौकरी कर रही एक ही संध्या, KGBV भर्ती घोटाले की जांच आगे बढ़ने के साथ नए पर्दाफाश

फर्जीवाड़ा : तीन जिलों में नौकरी कर रही एक ही संध्या।


लखनऊ : उप्र के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में फर्जी दस्तावेजों से अनामिका शुक्ला नाम से भर्ती घोटाला की जांच आगे बढ़ने के साथ ही नए पर्दाफाश भी हो रहे हैं। अनामिका के बाद संध्या द्विवेदी का नाम सामने आ रहा है, जो तीन स्कूलों में नौकरी कर रही है। अनामिका शुक्ला कांड के बाद हुई जांच में यह मामला सामने आया। वह शिक्षिका गायब है। फिलहाल उसे बर्खास्त कर मुकदमा दर्ज कराया गया है। फिरोजाबाद के एका स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में शिक्षिका की नौकरी करने वाली मैनपुरी के भैंसरोली गांव निवासी संध्या द्विवेदी फर्रुखाबाद और अलीगढ़ में भी नौकरी कर रही थी।





कासगंज में अनामिका शुक्ला के फर्जी दस्तावेजों से नौकरी पाने वाली सुप्रिया के मामले में सोरों पुलिस ने मंगलवार को चयन कमेटी में रहे तत्कालीन जिला समन्वयक (डीसी) के बयान दर्ज किए। गोंडा में असली अनामिका शुक्ला के सामने आने के बाद उसकी तलाश समाप्त हो गई है। आरोपितों की गिरफ्तारी भी कर ली गई है। लेकिन अब तक यहां आवेदन करने वाली अनामिका की गुत्था नहीं सुलझी है। विभाग अब भी उस आवेदन की तलाश कर रहा है।






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देवरिया : फर्जी प्रमाणपत्र से नौकरी कर रही वार्डन बर्खास्त

देवरिया : फर्जी प्रमाणपत्र से नौकरी कर रही वार्डन बर्खास्त।

फर्जी प्रमाण से नौकरी कर रही वार्डन बर्खास्त

देवरिया। फर्जी प्रमाण पत्र पर नौकरी कर रही एक कस्तूरबा आवासीय विद्यालय की वार्डन को बुधवार को बर्खास्त कर दिया गया। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के साथ अब तक प्राप्त वेतन की वसूली की कार्रवाई भी की जाएगी। एक व्यक्ति की शिकायत पर हुई जांच में यह मामला सामने आया था।






 कस्तूरबा आवासीय विद्यालय लार की वार्डन रिचा वर्मा के फर्जी प्रमाण पर नौकरी करने की शिकायत एक व्यक्ति ने पिछले वर्ष राज्य परियोजना निदेशक (एसपीडी) सर्व शिक्षा अभियान से की थी। एसपी के निर्देश पर बीएसए ने तीन खंड शिक्षा अधिकारियों की समिति गठित कर जांच सौंपी थी।


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Saturday, June 20, 2020

खुलासा : ननद-भौजाई, दोनों फर्जी अनामिका

खुलासा : ननद-भौजाई, दोनों फर्जी अनामिका।


ननद-भौजाई, दोनों फर्जी अनामिका।



प्रयागराज : कस्तूरबा बालिका विद्यालय में अनामिका शुक्ला के नाम से नौकरी करने वाली एक ननद-भौजाई का पुलिस ने खुलासा किया है। इस फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड उसका जीजा है। जिसने दोनों महिलाओं को फर्जी अनामिका बनाकर नियुक्ति कराई थी। अलीगढ़ पुलिस ने फर्जी अनामिका बनी भाभी को गिरफ्तार कर लिया। अब कर्नलगंज पुलिस उसकी ननद की तलाश में लगी है।



कस्तूरबा विद्यालय में अनामिका शुक्ला के नाम पर नौकरी करने वाली शिक्षिका का खुलासा होने के बाद प्रयागराज के बीएसए ने कर्नलगंज थाने में भी फर्जी अनामिका के खिलाफ एफआईआर कराई थी। पुलिस को शुरुआती जांच से पता चला कि जिले में रीना नामक महिला अनामिका के नाम पर नौकरी कर रही थी। लेकिन जब जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि रीना की जगह कानपुर देहात की सरिता यादव अनामिका बनकर नौकरी कर रही थी। खुलासा होने के बाद से वह फरार है। बताया जा रहा है कि इस फर्जीवाड़े का खुलासा अलीगढ़ पुलिस ने किया। अलीगढ़ पुलिस ने वहां पर तैनात फर्जी अनामिका की जांच करते हुए कानपुर देहात की बबली यादव को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि बबली यादव की ननद सरिता यादव प्रयागराज में नौकरी कर रही थी। इन्हें उनके जीजा बल्लू यादव ने अपने मित्र पुष्पेंद्र की मदद से तीन तीन लाख रुपये लेकर फर्जी नियुक्ति कराई थी। कर्नलगंज इंस्पेक्टर अरुण त्यागी ने बताया कि फर्जी अनामिका यानि सरिता यादव की तलाश में प्रयागराज पुलिस की एक टीम कानपुर देहात में छापेमारी करेगी। उसके खिलाफ साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं।


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Friday, June 19, 2020

मैनपुरी : कस्तूरबा में दो और फर्जी शिक्षिकाएं कर रहीं नौकरी!, ऑनलाइन सत्यापन के दौरान दो के अभिलेख संदिग्ध

मैनपुरी : कस्तूरबा में दो और फर्जी शिक्षिकाएं कर रहीं नौकरी!, ऑनलाइन सत्यापन के दौरान दो के अभिलेख संदिग्ध।

मैनपुरी :  आवासीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक-शिक्षिकाओं के अभिलेखों की जांच गुरुवार को पूरी कर ली गई। जांच के दौरान दो फर्जी शिक्षिकाएं और सामने आई हैं। फर्जी शिक्षकों के अभिलेखों का ऑनलाइन सत्यापन पूरा कर लिया गया है। इनके ऑफलाइन सत्यापन के लिए अभिलेख संबंधित बोर्ड को भेज दिए गए हैं।



जांच के दौरान एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। पता चला है कि इन फर्जी शिक्षकों की तैनाती के पीछे मैनपुरी में विभागीय कर्मियों का एक बड़ा रैकेट है जो इन्हें अब तक बचाता रहा। इसी रैकेट की बदौलत यह फर्जी शिक्षकों मैनपुरी में नौकरी कर रही थीं। अनामिका शुक्ला सांप सामने आने के बाद मैनपुरी के कस्तूरबा में दीप्ति कांड का खुलासा हुआ तो सरकार ने मैनपुरी सहित प्रदेश के सभी कस्तूरबा विद्यालयों के स्टाफ के अभिलेखों की जांच कराने का फैसला किया। मैनपुरी के घिरोर, भोगांव और करहल में संचालित कस्तूरबा बालिका विद्यालय की 42 शिक्षकों और वार्ड के अभिलेखों की पड़ताल कराई गई। सूत्रों का कहना है कि बीएसएफ के निर्देश पर हुई इस पड़ताल में दो फर्जी शिक्षिकाएं और सामने आई हैं।

अभिलेखों की जांच ऑनलाइन

सत्यापन के दौरान दो के अभिलेख संदिग्ध

बीएसए ने सभी 42 कर्मियों का ऑनलाइन सत्यापन कराया।




अनामिका प्रकरण : पुष्पेंद्र 7 साल से हर काउंसलिंग में शामिल हो रहा था

मैनपुरी : अनामिका शुक्ला फर्जी शिक्षिका मामले के मास्टरमाइंड की जड़ें बहुत गहरी हैं। बीएसए कार्यालय के सूत्रों के अनुसार उसे पिछले सात वर्ष में हुई शिक्षक भर्ती, अनुदेशक आदि की प्रत्येक काउंसलिंग में किसी न किसी के साथ आते-जाते देखा गया है। वह भर्ती के दौरान महिला अभ्यर्थियों के साथ ही आया है। अनामिका शुक्ला फर्जी शिक्षिका मामले के मास्टरमाइंड की फोटो अखबारों में छपी तो चर्चाएं और बढ़ गई। बीएसए कार्यालय के सूत्र कहते हैं, पुष्पेंद्र जिन महिलाओं को काउंसलिंग में साथ लाता था उन्हें अपनी बुआ, भतीजी या बहन बताता था। अब जब शासन ने सभी शिक्षक भर्तियों की जांच के आदेश दिए हैं तो बड़ा खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि कई शिक्षिकाओं को भी पुष्पेंद्र ने नौकरी दिलवाई है। उनके अभिलेखों की सत्यता अब जांच के बाद ही पता लग सकेगी। फिलहाल अब लोगों की नजर शासन के निर्देश पर गठित टीम पर है जिसका प्रभारी एसडीएम को नियुक्त किया गया है। व्यूरो शिक्षिका का मांगा रिकॉर्ड : कासगंज। कस्तूरबा विद्यालयों के सभी कर्मचारियों के मूल दस्तावेजों की जांच के दौरान संदेह घेरे में आई शिक्षिका लक्ष्मी का रिकॉर्ड मांगा गया है।


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Wednesday, June 17, 2020

फतेहपुर : KGB स्कूलों के स्टाफ के सत्यापन में जुटे अफसर

‘अनामिका' की तलाश को सत्यापन।


फतेहपुर : बेसिक शिक्षा विभाग ने शासन के निर्देश पर जिले के सभी कस्तूरबा विद्यालयों के कर्मियों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों एवं अभिलेखांे के सत्यापन का कार्य पूरा कर लिया। प्रथम चरण मंे सत्यापन का कार्य मूल अभिलेखों से मिलान के जरिए किया गया है। अब अभिलेखों से मिले इनपुट की गहनता से जांच कर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को प्रेषित की जाएगी।

शासन के आदेश के बाद कस्तूरबा विद्यालयों के स्टाफ के अभिलेख किए गए तलब
जनपद मंे इस समय कुल दस कस्तूरबा आवासीय विद्यालय हैं जिनमें 136 संविदा कार्मिकांे की तैनाती की गई है। एक संविदा कर्मी ने पहले ही नौकरी छोड़ दी थी। इसके चलते विभाग के बुलावे पर अन्य सभी 135 संविदा कर्मियों ने विभाग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना भौतिक सत्यापन कराया एवं मूल अभिलेख व प्रमाण पत्र जांच टीम को सौंपे। विभाग ने बीईओ मुख्यालय के नेतृत्व मंे गठित की गई जांच टीम को सत्यापन का जिम्मा सौंपा था। टीम ने सभी कस्तूरबा विद्यालयों के संविदाकर्मियों को बुलावा भेजा था। इनमें वार्डेन, पार्ट टाइम टीचर समेत अन्य स्टाफ शामिल है। जांच टीम ने बा स्कूलों में तैनात कर्मियों का भौतिक सत्यापन कर उनके द्वारा लाए गए मूल अभिलेखों से नौकरी की शुरूआत मंे उपलब्ध कराए गए प्रपत्रों व शैक्षिक अभिलेखों से मिलान किया। इस दौरान प्रत्येक संविदा कर्मी की फाइलों से मिले इनपुट को डायरी में नोट किया गया। अनामिका नाम से कई जिलों के कस्तूरबा स्कूलों में नौकरी करने का मामला सामने आने के बाद शासन द्वारा दिए गए निर्देश के क्रम मंे यह जांच कराई जा रही है। शासन अब पूरी तरह मुतमईन होना चाहता है कि हर जिले मंे ऐसे प्रकरण सामने न आएं।


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फतेहपुर : KGB स्कूलों के स्टाफ के सत्यापन में जुटे अफसर।


फतेहपुर : कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों (केजीबी) में कार्यरत शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के शैक्षिक अभिलेखों की जांच कराने का निर्णय लिया था। जिले में शैक्षिक सत्यापन की जांच का काम जिले में रफ्तार पकड़ चुका है। मंगलवार को भिटौरा, तेलंगाना और हथगाम ब्लाकों में खुले विद्यालयों की जांच का काम हुआ। जिसमें ब्लाक के मुखिया खंड शिक्षा अधिकारियों को जांच अधिकारी बनाया गया। बीएसए के निर्देश पर खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय राकेश सचान जांच कार्य पर पैनी नजर रखे रहे। केजीबी विद्यालय में हुए फर्जीवाड़े के बाद भले ही जिले में ऐसा कोई मामला नहीं पकड़ा गया है लेकिन जांच के आदेश का पालन हो रहा है। एक विद्यालय में कार्यरत 14 शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के द्वारा लगाए गए शैक्षिक अभिलेखों की जांच हो रही है। सर्व शिक्षा अभियान बालिका शिक्षा के दफ्तर में मंगलवार को खंड शिक्षा अधिकारी तेलंगाना विश्वनाथ पाठक, भिटौरा अनिल रावत, प्रदीप वर्मा और सुश्री मोनिका सिंह तथा जिला समन्वयक डॉ. विवेक शुक्ला की टीम नियुक्ति के समय प्रस्तुत की गई पत्रावलियों की जांच की। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि राज्य परियोजना कार्यालय के निर्देश पर जांच कराई जा रही है। जिले में 10 कस्तूरबा स्कूल संचालित हो रहे हैं जिनमें अब तक 7 स्कूलों की जांच हो गई है। शेष तीन ब्लाकों के स्कूलों की जांच बुधवार को पूरी करा दी जाएगी।


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फतेहपुर : अब डेडीकेटेड टीम KGBV शिक्षकों के दस्तावेजों की करेगी जांच।


फतेहपुर कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में संविदा के शिक्षकों की नौकरी का फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद सीएम ने सभी शिक्षकों की जांच कराने का फैसला लिया है। सालों साल से नौकरी कर रहे शिक्षकों के दिलों की धड़कन बढ़ गई हैं। असल में जिले में दिव्यांगता के आधार पर नौकरी पाने वालों और सेवा शर्तों का लाभ उठाने वाले शिक्षकों को लेकर चार साल पहले जांच कराने का निर्णय गया था। यह मामला सेटिंग-गेटिंग के चलते ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। भर्तियों में फर्जीवाड़े में वर्ष 2017 में तत्कालीन बीएसए विनय कुमार ने कार्रवाई करते हुए दो शिक्षकों की सेवाएं समाप्त की थी। ऐसे में इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि जिले में फर्जी अभिलेखों के आधार पर नौकरी और लाभ पाने वालों की संख्या नहीं है। दिव्यांगता को नौकरी के बीच में दर्शाकर नौकरी करने वालों की संख्या 48 है। इसमें तमाम शिक्षक नेता भी शामिल हैं। इसको लेकर करीब चाल साल पहले एक आदेश हुआ था कि दिव्यांगता कोटे के शिक्षक शिक्षकों की जांच प्रदेश स्तरीय टीम करेगी। वहीं फर्जी अभिलेख लगाने वालों की जांच प्रदेश स्तर से एसटीएफ भी कर रही है। हालांकि इस सबके बीच अभी तक जिले का कोई मामला पकड़ में नहीं आया है। सीएम के द्वारा डेडीकेटेड जांच टीम के गठन के बाद जिले में हलचल तेज हो गई हैं। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि डेडीकेटेड जांच दल का गठन किया गया है। जिले में जांच होगी तो उसका पूरा सहयोग किया जाएगा।





शैक्षिक अभिलेखों की विभाग ने जांच शुरू की

फतेहपुर : कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों में फर्जीवाड़ा का मामला पकड़े जाने पर जांच कराए जाने का निर्णय गया गया था। इसके क्रम में बीएसए ने जिला समन्वयक बालिका शिक्षा के जिला समन्वयक डॉ. विवेक शुक्ला को निर्देशित किया था। जिले में 10 ब्लाकों में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय स्कूल संचालित हो रहे हैं। उनकी जांच कर ली जाए। पहले दिन बहुआ, ऐराया, असोथर और हसवा के शिक्षक-शिक्षिकाओं के शैक्षिक अभिलेखों की स्थानीय स्तर पर जांच प्रारंभ की गई। देरशाम तक जांच चलती रही लेकिन चारों ब्लाकों का काम पूरा नहीं हो पाया था। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सभी 10 स्कूलों के पूरे स्टाफ की जांच महानिदेशक के निर्देश के बाद कराई जा रही है।


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