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Monday, November 9, 2020

फतेहपुर : चार ब्लॉक के स्कूलों का होगा कायाकल्प, खनन विभाग के बजट से बदलेगी सूरत, तैयार हो रहा एस्टीमेट।

फतेहपुर : चार ब्लॉक के स्कूलों का होगा कायाकल्प, खनन विभाग के बजट से बदलेगी सूरत, तैयार हो रहा एस्टीमेट।

फतेहपुर : जिले के चार ब्लॉकों के परिषदीय स्कूलों का खनन विभाग के बजट से कायाकल्प कराया जाएगा। धाता, विजयीपुर, असोथर, अमौली ब्लॉक के करीब 800 स्कूलों को इसका लाभ मिलेगा। बेसिक शिक्षा विभाग इन स्कूलों में सुंदरीकरण कराने में आने वाले खर्च का एस्टीमेट तैयार कर रहा है।


जिले में नगर समेत 14 ब्लॉकों में 2650 परिषदीय स्कूल संचालित हैं इनमें धाता, विजयीपुर, असोथर, अमौली ब्लॉक यमुना तटवर्ती क्षेत्र में आते हैं। इन्हीं ब्लॉकों के विभिन्न यमुना घाटों में भारी तादाद में मौरंग खनन होता है। साल में अरबों रुपये मौरंग खनन से शासन को राजस्व मिलता है। मौरंग खनन होने के कारण इन चारों ब्लॉक क्षेत्र की अधिकांश सड़कें सालभर में नष्ट हो जाती हैं। साल में अरबों रुपये राजस्व की अदायगी करने वाले यह चारों ब्लॉक मौरंग खनन से मिलने वाले राजस्व के उपयोग से पूरी तरह से वंचित हैं। इन चारों ब्लाक क्षेत्र में करीब 800 परिषदीय स्कूल हैं। इनमें कुछ स्कूलों का ग्राम पंचायतों ने कायाकल्प कराया दिया है, लेकिन अभी तक बड़ी तादाद में स्कूलों की हालत दयनीय है। ऐसे में बेसिक शिक्षा विभाग ने यमुना तटवर्ती ब्लाकों के परिषदीय स्कूलों का सुंदरीकरण कराने के लिए खनन विभाग का सहारा लेने का निर्णय लिया है।


खनन विभाग के बजट से जरूरत के हिसाब से स्कूलों की रंगाई पुताई, टूटी फूटी मरम्मत, दरवाजे, खिड़की, टाइल्स, पेयजल की व्यवस्था, विद्युतीकरण का काम कराया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग ने इन चारों ब्लाकों के स्कूलों की स्थिति की रिपोर्ट सूचीबद्ध किया है। इसके बाद काम के हिसाब से आने वाले खर्च का एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शासन के निर्देश पर यमुना तटवर्ती चार ब्लाकों के स्कूलों का सुंदरीकरण कराने के लिए अनुमानित खर्च का व्योरा तैयार कराया जा रहा है। एस्टीमेट बनाकर खनन विभाग को भेजा जाएगा।

Thursday, October 29, 2020

फतेहपुर : नीति आयोग के पांच करोड़ से होगा 54 विद्यालयों का कायाकल्प, जिलाधिकारी के प्रस्ताव को राज्य सरकार से मिली मंजूरी

फतेहपुर : नीति आयोग के पांच करोड़ से होगा 54 विद्यालयों का कायाकल्प, जिलाधिकारी के प्रस्ताव को राज्य सरकार से मिली मंजूरी।

फतेहपुर :  जिला प्रशासन नगर पालिका क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों की सूरत बदलकर शैक्षिक व्यवस्था की सीरत बदलने की तैयारी में है। सूबे के पिछड़े हुए जनपदों में तेजी विकास कर चैंपियन ऑफ चेंज का खिताब पा चुके फतेहपुर जनपद को नीति आयोग से पांच करोड़ की धनराशि मिलनी है। इसी रकम से जिलाधिकारी संजीव सिंह ने नगर पालिका क्षेत्र के समस्त 54 परिषदीय विद्यालयों का कायाकल्प कराने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। जिसे शासन ने मंजूरी दे दी है। टाइल्स लगी हुई फर्श, रनिंग वॉटर सप्लाई के साथ चमचमाते हुए शौचालय, हैंडवॉश की व्यवस्था, चारों ओर बाउंड्रीवाल, किचन, पेयजल की व्यवस्था, निःशक्त बच्चों के लिए रैंप और रेलिंग से लेकर ई-एजूकेशन के साथ हर वह सुविधा जो आपको बड़े बजट वाले प्राइवेट विद्यालयों में देखने को मिलेंगी, वह सारी सुविधाएं शहर क्षेत्र में आने वाले प्रत्येक परिषदीय विद्यालय में मिलेंगी। गरीब घर के बच्चों को स्कूल में वह सुविधाएं मिल सकें। जो सामान्य घर के बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में मुहैया कराई जाती हैं। जिलाधिकारी संजीव सिंह ने बताया कि शहरी क्षेत्र के स्कूलों का बजट के अभाव में कायाकल्प नहीं हो पाता है।

इस कारण से नीति आयोग को शहर क्षेत्र के विद्यालयों का कायाकल्प कराने का प्रस्ताव भेजा गया है। उन्होंने बताया कि प्रस्ताव को प्रदेश शासन से स्वीकृति मिल गई है और राज्य सरकार से प्रस्ताव केंद्र सरकार में नीति आयोग को भेजा गया है।


ग्रामीण क्षेत्र आने वाले परिषदीय विद्यालयों में ग्राम पंचायतों के राज वित्त और चौदहवें वित्त से कायाकल्प हो जाता है।

नगर क्षेत्र के विद्यालयों में बजट के अभाव में काम नहीं हो पाता। इसलिए नीति आयोग के फंड से शहरी क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों का कायाकल्प कराए जाने का निर्णय लिया। इससे शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा। संजीव सिंह, जिलाधिकारी

Wednesday, October 21, 2020

फतेहपुर : विभाग नहीं ला पाया स्कूलों के "अच्छे दिन", सभी स्कूलों में नहीं हो सके कायाकल्प के कार्य

फतेहपुर : विभाग नहीं ला पाया स्कूलों के "अच्छे दिन", सभी स्कूलों में नहीं हो सके कायाकल्प के कार्य।

फतेहपुर : शासन ने भले ही परिषदीय स्कूलों को बुनियादी सुविधाओं के मोर्चे भी ऐसे तमाम स्कूल हैं जहां पर 'अमीर' करने का फैसला किया हो लेकिन उसकी मंशा धरातल पर पूरी तरह हकीकत का रूप नहीं ले सकी। जिले में अब ऑपरेशन कायाकल्प के तहत सभी बिन्दुओं को संतृप्त नहीं हो सके। ऑपरेशन कायाकल्प में प्रमुख भूमिका निभाने वाले पंचायत राज विभाग की अब प्राथमिकताएं बदल गई हैं।


डेढ़ वर्ष पूर्व मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने सभी डीएम को जारी भेजे गए पत्र में कहा था कि पंचायतीराज विभाग अब प्राथमिकता के तौर पर परिषदीय स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की स्थापना करेगा। 14वें वित्त, राज्य वित्त, ग्राम विकास निधि एवं अन्य निधियों के द्वारा प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों को बुनियादी सुविधाओं के स्तर से संतृप्त किया जाएगा। कार्यों की वरीयता सूची भी जारी की गई थी। कोरोना की में भी शासन ने निर्धारित बिन्दुओं की सूची जारी कर तय समय में संतृप्त करने का आदेश दिया था। बेसिक शिक्षा विभाग भी आईवीआरएस कॉल के जरिए ऑपरेशन कायाकल्प की ग्राउन्ड शासन की मंशा के मुताबिक जीरो पर वस्तुस्थिति की समीक्षा कर रहा था। अब तक स्कूलों का कायाकल्प नहीं हो सका।


शुरुआती तेजी के बाद सुस्त पड़े जिम्मेदार :  शासन ने दो वर्ष पूर्व 14वें वित्त की धनराशि स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की स्थापना में खर्च करने का आदेश दिया था तो जागरूक ग्राम प्रधानों ने अनेक परिषदीय स्कूलों में फ्लोर टाइलिंग व दूसरे काम कराए थे लेकिन जब इसे ऑपरेशन कायाकल्प के रूप में अभियान का रूप दे दिया गया तो सभी बिन्दुओं को संतृप्त करने में जिम्मेदारों ने गंभीरता नहीं दिखाई।

कई आदेशों में फंस गया कायाकल्प : जानकार बताते हैं कि शासन ने परिषदीय स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं एवं अन्य विकास कार्य कराने का आदेश दिया तो लगा कि जल्द ही सरकारी स्कूलों की दशा व दिशा बदल जाएगी लेकिन एक के बाद एक आए आदेशों से ऑपरेशन कायाकल्प को लेकर भ्रम की स्थिति हो गई। अब पंचायत राज विभाग अपने निदेशक के आदेश का हवाला दे रहा है। निर्देश के आदेश में कहा गया है कि ऑपरेशन कायाकल्प की बजाए गांवों में सामुदायिक शौचालय व पंचायत भवनों का निर्माण प्राथमिकता से कराया जाए। इस समय विभाग सामुदायिक शौचालयों व पंचायत भवनों के निर्माण पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

अजय आनन्द सरोज, डीपीआरओ फतेहपुर

Friday, October 16, 2020

फतेहपुर : शासन ने नगरीय क्षेत्रों के स्कूलों में अवस्थापना सुविधा को निर्देश, बजट के आभाव में नहीं हो रहा कायाकल्प

फतेहपुर : शासन ने नगरीय क्षेत्रों के स्कूलों में अवस्थापना सुविधा को निर्देश, बजट के आभाव में नहीं हो रहा कायाकल्प।

शासन ने बीती जुलाई में भले ही नगरीय निकायों में स्थित परिषदीय स्कूलों के कायाकल्प के लिए ग्रीन सिग्नल दिया हो लेकिन बजट के अभाव में यह रेड सिग्नल में बदल गया है। नगर पंचायत समेत अन्य नगरीय निकायों में पर्याप्त बजट के अभाव में अब तक ऑपरेशन कायाकल्प के अन्तर्गत कार्य शुरू नहीं हो सके हैं।


पंचायतीराज विभाग ने राज्य वित्त आयोग व 14वें वित्त आयोग की संस्तुतियों के क्रम में ग्रामीण क्षेत्र के परिषदीय स्कूलों में आवश्यक सुविधाओं की स्थापना की तो शहरी स्कूलों के लिए भी ऑपरेशन कायाकल्प के दरवाजे खोल दिए गए। प्रमुख सचिव ने नगर निकाय निदेशालय के निदेशक व नगरपालिका तथा नगर पंचायत के अधिशाषी अधिकारियों को पत्र लिखकर निर्देश दिए थे कि ऑपरेशन कायाकल्प अबनिकायों में भी संचालित किया जाए। अवस्थापा सुविधाओं के विकास के लिए केन्द्रीय वित्त आयोग, स्मार्ट सिटी फंड, निकाय निधि तथा अवस्थापना निधि का उपयोग गाइडलाइन्स के अन्तर्गत अनुमन्य पर भी किया जा सकता है।

बजट में कटौती से मंशा अधूरी : खागा नगर पंचायत में राज्य वित्त आयोग के अंतर्गत मिलने वाली राशि पर नजर डाले तो 16 लाख व 10 लाख की कटौती की गई है।


इस वरीयता क्रम से होने से विकास कार्य

छात्र छात्राओं की संख्या के अनुसार शौचालय एवं मूत्रालय की अलग अलग व्यवस्था= स्वच्छ पेयजल तथा मल्टीपल हैंडवाशिंग सिस्टम की सुविधा एवं जल निकासी का कार्य स्कूल की फर्श, दीवारों, छत, खिड़कियों तथा दरवाजों की मरम्मत - टाइल्स का कार्य - विद्युतीकरण किचन शेड का जीर्णोद्धार एवं सुसज्जीकरण = फर्नीचर

इसके बाद होंगे यह कार्य : 

चहारदीवारी एवं गेट का निर्माण इंटरलॉकिंग एवं गेट का निर्माण - परिसर में इंटरलॉकिंग टाइल्स - अतिरिक्त कक्षा कक्ष का निर्माण - अन्य कार्य

"बजट के अभाव में फिलहाल नगर पंचायत की परिधि में स्थिति परिषदीय स्कूलों में ऑपरेशन कायाकल्प संचालित नहीं हो पा रहा है। बजट की उपलब्धता होते ही शासन की मंशा के अनुरूप कार्य शुरू कराए जाएंगे। लालचन्द्र मौर्य, अधिशासी अधिकारी खागा

Sunday, October 4, 2020

फतेहपुर : ऑपरेशन कायाकल्प भी नहीं सुधार सकी विद्यालयों की सेहत, ब्लॉक की निगरानी में ग्राम पंचायत स्तर से विद्यालयों को दुरुस्त कराने की जिम्मेदारी

फतेहपुर : ऑपरेशन कायाकल्प भी नहीं सुधार सकी विद्यालयों की सेहत, ब्लॉक की निगरानी में ग्राम पंचायत स्तर से विद्यालयों को दुरुस्त कराने की जिम्मेदारी।

अव्यवस्था

▪️जिले के कई ब्लॉकों के विभिन्न स्कूलों में फैली अव्यवस्था दे रही गवाही

▪️ब्लॉक की निगरानी में ग्राम पंचायत स्तर से विद्यालयों को दुरुस्त कराने की जिम्मेदारी

फतेहपुर : ग्राम पंचायत स्तर पर स्थित सरकारी स्कूलों की अव्यवस्थाओं को दूर करने के लिए शासन द्वारा ऑपरेशन कायाकल्प चलाया जा रहा है। कई माह बीत जाने के बाद भीअव्यवस्थाओं से घिरे ऐसे विद्यालयों की सेहत में कोई सुधार होता नहीं दिख रहा है। ऑपरेशन कायाकल्प महज कागजों तक की सीमित नजर आ रहा है। जबकि कायाकल्प के लिए शासन द्वारा धनराशि की भी व्यवस्था की जा ऑपरेशन चुकी है।


बेसिक शिक्षा के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों की दशा सुधारने के लिए शासन ने ऑपरेशन कायाकल्प शुरू किया था। जिसमें बेसिक शिक्षा और बीडीओ कार्यालय को संयुक्त रूप से इसकी जिम्मेदारी दी गई है। ग्राम निधि से काम कराए जाने थे, लेकिन कायाकल्प के नाम पर महज औपचारिकता कर धनराशि खर्च कर लिया गया और स्कूलों की दशा में कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है। ऑपरेशन कायाकल्प अभियान को ग्राम पंचायत के हाथों में दिए जाने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग और खंड विकास कार्यालय सही तरीके से निगरानी भी नहीं कर सका और स्कूलों की दशा जस की तस बनी हुई है। सभी स्कूलों का कायाकल्प तो नहीं हो सका बल्कि ग्राम प्रधानों का कायाकल्प जरूर होता दिखाई दे रहा है।



क्या बोले जिम्मेदार

कम्पोजिट विद्यालय शिव कंठ का डेरा के प्रधानाध्यापक प्रेमचंद्र सोनकर ने बताया कि विद्यालय में हैंडपंप खराब है। बाउंड्री अधूरी है, फर्श टूटी है। विद्यालय पहुंचने का रास्ता नहीं है।दो-तीन वर्षों से कोई भी कार्य नहीं किया गया है। जिसकी शिकायत प्रधान सचिव समेत उच्चाधिकारियों से की गई है।

शासन की पहली प्राथमिकता पर गांव में पंचायत भवन का निर्माण हो रहा है। निर्माण के बाद बचे धन से विद्यालयों का कायाकल्प किया जाएगा। इसके लिए संबंधित सचिवों से रिपोर्ट मांगी गई है। -गोपीनाथ पाठक, बीडीओ विजयपुर

विद्यालय खंडहर में तब्दील

विजईपुर :  क्षेत्र के गढ़ा और रायपुर भसरौल में आज भी दर्जनों ऐसे विद्यालय हैं जहां पर बाउंड्री, टाइल्स, शौचालय में समुचित व्यवस्थाएं उपलब्ध नहीं हैं। रायपुर भसरौल स्थित शिवकंठ का डेरा का कम्पोजिट विद्यालय एवं चंदवाइन डेरा के प्राथमिक विद्यालय में आज भी बदहाली छाई है। जहां पर ना तो बच्चों के पीने के लिए पानी है और न ही व्यवस्थित शौचालय। टूटे-फूटे शौचालय बाउंड्री एवं कमरों की फर्श जिसमें बड़े-बड़े गड्ढे एवं धूल जमा है। बरसों से विद्यालय में पेंटिंग नहीं हुई। टूटी पड़े जंगले लड़कियां ऑपरेशन कायाकल्प की हकीकत बयां कर रही हैं।

Tuesday, September 8, 2020

हाथरस : ऑपेरशन कायाकल्प की सूचना अ, ब, स प्रारूप पर विद्यालयवार उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में

हाथरस : ऑपेरशन कायाकल्प की सूचना अ, ब, स प्रारूप पर विद्यालयवार उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में