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Monday, May 3, 2021

यूपी : राजकीय महाविद्यालयों में टैबलेट के जरिये अब ई लर्निंग

यूपी : राजकीय महाविद्यालयों में टैबलेट के जरिये अब ई लर्निंग


उत्तर प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों में अध्ययनरत छात्र- छात्राएं अब टैबलेट से पढ़ाई करेंगे। प्रदेश में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने राजकीय महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं को टैबलेट उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।


 मौजूदा सत्र में 100 छात्र- छात्राओं को टैबलेट उपलब्ध करा दिए गए है, जबकि अगले सत्र में इससे अधिक संख्या में छात्र- छात्राओं को टैबलेट दिए जाएंगे। छात्र-छात्राओं को टैबलेट मिलने से प्रदेश में डिजिटल शिक्षा के प्रति विद्यार्थियों की रुचि बढ़ेगी और इससे पढ़ाई भी आसान होगी।


 इसी के तहत प्रदेश के सात महत्वाकांक्षी जिलों में संचालित 18 राजकीय महाविद्यालयों में अध्ययनरत 100 छात्र-छात्राओं को ई.लर्निंग के माध्यम से ज्ञानार्जन करने के उद्देश्य से उच्च शिक्षा विभाग ने प्री-लोडेड टैबलेट्स उपलब्ध कराए हैं। डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार अगले शैक्षिक सत्र 2021-22 में प्रदेश के 120 राजकीय महाविद्यालयों के छात्र छात्राओं को प्री-लोडेड टैबलेट उपलब्ध कराने की योजना बना चुकी है।


 उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमित भारद्वाज के अनुसार इन प्री लोडेड टैबलेट में उपलब्ध कराए गए. ई-कंटेंट प्रदेश के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्वान एवं प्रबुद्ध शिक्षकों ने तैयार किए हैं।

Friday, March 26, 2021

डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 120 राजकीय महाविद्यालयों में दिए जाएंगे टैबलेट

डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 120 राजकीय महाविद्यालयों में दिए जाएंगे टैबलेट

सात महत्वाकांक्षी जिलों के 18 राजकीय  महाविद्यालयों में उपलब्ध कराए प्री-लोडेड टैब

लखनऊ। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के सात महत्वाकांक्षी जिलों के 18 राजकीय महाविद्यालयों में 160 प्री-लोडेड टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं। विभाग के सात महत्वाकांक्षी निदेशक डॉ. अमित भारद्वाज  ने बताया कि आगामी शैक्षिक सत्र 2021- 22 में 120 राजकीय महाविद्यालयों में प्री-लोडेड टैबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे। 


उन्होंने बताया कि टैबलेट में विभिन्न विषयों के शिक्षकों की ओर से तैयार पाठ्यसामग्री अपलोड की गई है। आप यह खबर प्राइमरी का मास्टर डॉट इन पर पढ़ रहे हैं।  प्री-लोडेड टैब के जरिये विद्यार्थी ऑनलाइन पढ़ाई के साथ विभिन्न एप, ऑनलाइन बुक्स, ई लाइब्रेरी, वीडियो, फोटोग्राफ, वाइस रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रख सकते हैं।

Saturday, January 9, 2021

गोरखपुर : परिषदीय विद्यालयों में जल्द आएंगे टैबलेट, तैयारी शुरू

गोरखपुर : परिषदीय विद्यालयों में जल्द आएंगे टैबलेट, तैयारी शुरू


गोरखपुर। बेसिक शिक्षा परिषद के 2504 विद्यालयों को जल्द ही टैबलेट दिया जाएगा। इस संबंध में शासन ने प्रदेश के सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। इसमें विभाग से जिले में कार्यरत शिक्षकों की सूची को तलब किया गया है। शिक्षा विभाग ने इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया है।


आने वाले दिनों में टैबलेट का इस्तेमाल न सिर्फ बच्चों की ई- लर्निंग, बल्कि शिक्षकों की बायोमीट्रिक प्रणाली से उपस्थिति दर्ज कराने में किया जाएगा। महानिदेशक (स्कूल शिक्षा) के निर्देश पर प्रथम चरण में परीक्षण  चल रहा है। इसके लिए लखनऊ के 15 विद्यालय पहले ही चयनित किए जा चुके हैं। धीरे-धीरे प्रदेश के अन्य जनपदों में भी परीक्षण कर इसका वितरण सुनिश्चित कराया जाएगा। 


बीएसए बीएन सिंह ने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन और बच्चों तक उच्चीकृत शिक्षा पहुंचाने के नजरिए से शासन ने शिक्षकों को टैबलेट वितरित करने का मन बनाया है। शासन स्तर से शिक्षकों की दोबारा सूची मांगी गई है। उसे जल्द ही भेज दिया जाएगा।

Thursday, December 31, 2020

नए शैक्षिक सत्र में अनिवार्य रूप से शतप्रतिशत परिषदीय स्कूलों में प्रेरणा एप होगा प्रभावी, नए साल में टेबलेट देने की तैयारी

नए शैक्षिक सत्र में अनिवार्य रूप से शतप्रतिशत परिषदीय स्कूलों में प्रेरणा एप होगा प्रभावी, नए साल में टेबलेट देने की तैयारी


फतेहपुर : शिक्षकों को विद्यालय में खड़े होकर दो बार सेल्फी के साथ अपनी हाजिरी इस एप पर लगानी होगी। एप व्यवस्था लागू करने के लिए विभाग ने बाधा भी दूर कर ली है। जल्द ही सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को टेबलेट देने के लिए शासन ने मंजूरी दे दी है। बेसिक शिक्षा विभाग ने पिछले सत्र में प्रेरणा एप लागू किया था। लेकिन  शिक्षक संघ ने अपने मोबाइल में एप अपलोड करने से साफ मना कर दिया था।


इस एप के माध्यम से सभी शिक्षकों को स्कूल पहुंचने और बंद करते समय स्कूल भवन और बच्चों के साथ अपनी फोटो भेजना था। इसके साथ ही एमडीएम पकाते और खाते समय का फोटो भी भेजना है। प्रेरणा एप व्यवस्था लागू होने से शिक्षकों को समय से स्कूल पहुंच कर पूरे समय स्कूल में उपस्थिति अनिवार्य थी। 


शिक्षकों ने विभाग से मोबाइल उपलब्ध कराने पर एप के माध्यम से काम करने को कहा था। ऐसे में विभाग ने सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को मोबाइल के बजाय टेबलेट उपलब्ध कराने को हरी झंडी दे दी है। 


इसके लिए शासन पहले चरण में फतेहपुर समेत 18 बीएसए को पत्र भेजा है। जिसमें जल्द ही प्रशिक्षण कराने को भी कहा गया है।  एप लागू होने के पहले जिले को 2123 टेबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे। इनमें 480 कंपोजिट विद्यालय, 266 उच्च प्राथमिक स्कूल और 1384 प्राथमिक स्कूलों के प्रधानाध्यापक शामिल हैं। 


बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि नए शैक्षिक सत्र में शत प्रतिशत स्कूलों को टेबलेट उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
इसके बाद दिन मेें दो बार शिक्षकों को उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य होगा। हाजिरी न दे पाने वाले शिक्षकों को अनुपस्थित मानते हुए कार्रवाई की जाएगी।

Sunday, December 27, 2020

परिषदीय विद्यालयों में टेबलेट वितरण हेतु कार्यवाही तेज़, निर्धारित विद्यालयों में डेमो/परीक्षण हेतु महानिदेशक स्कूल शिक्षा का आदेश जारी

परिषदीय विद्यालयों में टेबलेट वितरण हेतु कार्यवाही तेज़, निर्धारित विद्यालयों में डेमो/परीक्षण हेतु महानिदेशक स्कूल शिक्षा का आदेश जारी।

उपस्थिति पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू, चुनिन्दा विद्यालयों में 15 दिनों तक टेबलेट का परीक्षण शुरू।


 नए साल में परिषदीय विद्यालयों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू हो गई है। विभाग द्वारा विद्यालयों को टेबलेट देने की घोषणा अब मूर्त रूप लेने जा रही है। प्रायोगिक तौर पर राजधानी लखनऊ के चुनिन्दा विद्यालयों में 31 दिसम्बर से 15 दिनों तक टेबलेट का परीक्षण किया जाएगा। परीक्षण सफल रहा तो नए साल पर प्रदेश के अन्य जनपदों में भी टेबलेट वितरित किया जाएगा।


परिषदीय विद्यालयों के कार्यो को डिजिटल करने एवं शिक्षकों पर ऩजर रखने के लिए विभाग ने पहले स्मार्ट फोन को हथियार बनाने की रणनीति तैयार की थी। प्रेरणा पोर्टल पर सभी सूचनाएं उपलब्ध कराने एवं सेल्फि के माध्यम से शिक्षकों की उपस्थिति की सुगबुगाहट हुई तो शिक्षकों ने कड़ा विरोध शुरू कर दिया। शिक्षकों के मुखर विरोध से बेसिक शिक्षा विभाग बैकफुट पर आ गया। शिक्षकों का तर्क था कि सभी शिक्षकों के पास स्मार्ट फोन नहीं है और न ही वे इण्टरनेट का उपयोग करते है। इसके बाद विभाग ने समस्त विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को टेबलेट देने की महत्वाकांक्षी योजना पर अमल शुरू किया। 


कोरोना काल में टेबलेट के लिए टेण्डर आमन्त्रित किए गए थे, किन्तु कोरोना वायरस के कारण उत्पन्न स्थिति में अधिकांश कम्पनि ने टेण्डर ही नहीं डाले। इसके बाद दोबारा टेण्डर निकाले गए। इस बार कई कंपनियों ने टेबलेट की आपूर्ति करने में रुचि दिखाई। महानिदेशक (स्कूल शिक्षा) विजय किरण आनन्द द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि 3 कंपनियों द्वारा लखनऊ के 15 परिषदीय विद्यालयों में 31 दिसम्बर से टेबलेट का डेमो/परीक्षण प्रारम्भ किया जा रहा है। 


यह परीक्षण 16 जनवरी 2021 तक होगा। गौरतलब है कि परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों के बारे में सबसे बड़ी शिकायत यही है कि वे समय से विद्यालयों में उपस्थित नहीं होते है। अधिकारियों के निरीक्षण में भी कई बार शिक्षक बिना किसी सूचना के विद्यालय से गायब मिलते है। सूत्रों का कहना है कि टेबलेट आने से शिक्षक विद्यालयों में समय से एवं नियमित उपस्थित रहेगे। विभाग द्वारा ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से परिषदीय विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए भी अभियान चलाया जा रहा है, जिससे परिषदीय विद्यालयों की सूरत निखर रही है।





Tuesday, December 22, 2020

राजकीय डिग्री कॉलेजों में अब टैबलेट से पढ़ेंगे विद्यार्थी, माध्यमिक स्कूलों के लिए भी हो रहे प्रयास

यूपी के पिछड़े जिलों के 160 महाविद्यालयों में मिलेंगे टैबलेट, बिना इंटरनेट के भी उपयोग कर सकेंगे विद्यार्थी

राजकीय डिग्री कॉलेजों में अब टैबलेट से पढ़ेंगे विद्यार्थी, माध्यमिक स्कूलों के लिए भी हो रहे प्रयास


लखनऊ : राजकीय डिग्री कॉलेजों में विद्यार्थियों को अब टैबलेट के माध्यम से पढ़ने का मौका मिलेगा। दूर-दराज ग्रामीण क्षेत्रों में जहां इंटरनेट की सुविधा नहीं है, वहां विद्यार्थी इसकी मदद से आसानी से पढ़ाई कर सकेंगे। टैबलेट में पहले से ही ई-कंटेंट मौजूद रहेगा। किताब की तरह इसे पढ़ने के लिए विद्यार्थी अपने घर भी ले जा सकेंगे। इससे विद्यार्थियों को बेहतर ई-कंटेंट उपलब्ध होगा।


उच्च शिक्षा विभाग इसे पहले आकांक्षी जिलों के विद्यार्थियों को उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है। इसमें श्रवस्ती, चंदौली, सोनभद्र, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, फतेहपुर व चित्रकूट के कॉलेज शामिल हैं। इन जिलों के 18 डिग्री कॉलेजों के लिए 160 टैबलेट खरीदे गए हैं।


माध्यमिक स्कूलों में भी टैबलेट से पढ़ेंगे छात्र : माध्यमिक स्कूलों में भी विद्यार्थियों को टैबलेट की मदद से पढ़ाने की तैयारी की जा रही है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया है। इसके जरिये सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी आसानी से टैबलेट की मदद से विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए गए ई-कंटेंट को पढ़ सकेंगे।


प्रदेश के सात महत्वाकांक्षी जिलों के 18 राजकीय महाविद्यालयों के पुस्तकालयों में टैबलेट वितरित किए जाएंगे। विद्यार्थियों को पुस्तकालय से पुस्तकों की तरह टैबलेट भी निर्धारित समय अवधि के लिए आवंटित किए जाएंगे। विद्यार्थी बिना इंटरनेट सुविधा के भी इन टैबलेट का उपयोग कर सकेंगे।


उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि बहराइच, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, चित्रकूट, फतेहपुर, सोनभद्र और चंदौली जिले के राजकीय महाविद्यालयों में 8 से 9 टैबलेट  दिए जाएंगे। उच्च शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव मोनिका एस गर्ग ने बताया कि टैबलेट में उत्तर प्रदेश डिजिटल लाइब्रेरी की पाठ्य सामग्री के साथ अन्य आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध रहेगी। कोरोना संक्रमण के कारण इस वर्ष ऑनलाइन पढ़ाई पर ही जोर दिया गया है। इन सात जिलों में इंटरनेट सुविधाओं और विद्यार्थियों के पास संसाधनों का अभाव होने के कारण टैबलेट  उपलब्ध कराए गए हैं।