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Sunday, September 13, 2020

फतेहपुर : यूनीफार्म का 40 फीसदी ही हो पाया वितरण, परिषदीय स्कूलों में बच्चों को समय से स्वेटर दिए जाने का फरमान

फतेहपुर : यूनीफार्म का 40 फीसदी ही हो पाया वितरण, परिषदीय स्कूलों में बच्चों को समय से स्वेटर दिए जाने का फरमान।

फतेहपुट : संकट काल में भले ही परिषदीय स्कूलों के बच्चों के लिए विद्यालय बंद चल रहे हों लेकिन इनको निशुल्क उपलब्ध कराई जाने वाली अभी जिले में 40 प्रतिशत ही शुरू हो गई है। इस बार भी प्रशासन सामग्री समय से देने के लिए शासन प्रशासन स्तर पर तैयारियां तेजी पर हैं।

यूनिफार्म का वितरण हो पाया है कि अब स्वेटर वितरण की कवायद भी स्तर से जेम पोर्टल के माध्यम से स्वेटर की खरीद की जाएगी।

बच्चों को इस साल समय से निदेशालय और समग्र शिक्षा अभियान शैक्षिक सत्र में सभी बच्चों को 31 अक्टूबर तक स्वेटर बांटने का निर्देश दिया है। परिषदीय स्कूलों के बच्चों को हर साल निःशुल्क एक स्वेटर देने का प्रावधान है। पिछले सत्रों में स्कूलों में स्वेटर देने के लिए बीएसए को स्वेटर की खरीद, आपूर्ति और वितरण की कार्यवाही रिपोर्ट रोजाना बेसिक शिक्षा के राज्य परियोजना कार्यालय को भेजने के निर्देश है। शासन ने चालू विद्यार्थियों को दिसंबर के अंत तक मुश्किल स्वेटर मिल पाए थे। इस पर विभाग की खूब किरकिरी हुई थी। इस प्रशासन ने समय से बच्चों को स्वेटर मुहैया कराने को नियत समय में कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।




ई-टेंडरिंग के साथ जैम पोर्टल से होगी खरीद :  इस साल भी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों के दो लाख से अधिक बच्चों को स्वेटर दिए जाने हैं। जिसकी खरीद और आपूर्ति जिला स्तर पर जेम पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। स्वेटर की खरीद, आपूर्ति और वितरण के लिए शासन ने समय सारणी भी तय की है। बेसिक शिक्षा निदेशालय से जारी निर्देशो में सभी बीएसए को स्वेटर खरीद के सिलसिले में जिला स्तरीय समिति की बैठक की तिथि, जेम पोर्टल पर स्वेटर खरीदने के लिए ई टेंडर के प्रकाशन और बिड अपलोड करने और खोलने की तारीख की जानकारी देनी होगी।




समूह की महिलाओं ने दिखाई तेजी : परिषदीय विद्यालयों में पंजीकृत करीब 2 लाख 32 हजार 909 छात्र-छात्राओं को यूनीफार्म दिया जाना है। जिसमें स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार देने के लिए इस बार करीब 65 हजार यूनीफार्म सिलने का काम सौंपा गया है।  जिन्होंने अब तक करीब 25 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया है। जिसका भुगतान एसएमसी द्वारा यूनीफार्म वितरण के बाद किया जाता है। हो रही लेट लतीफी को लेकर विभागीय हस्ताक्षेप के बाद समूह की महिलाओं ने यूनीफार्म तैयार करने में अब तेजी दिखाई है, जिसके चलते समय से ड्रेस वितरण कार्य पूरा हो सके।

बोले जिम्मेदार : परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र छात्राओं को यूनीफार्म वितरण कार्य तेजी | पर है। करीब 40 फीसदी बच्चों को वितरण किया जा चुका है। प्रशासनिक कमेटी |द्वारा जेम पोर्टल से स्वेटर खरीद की जाएगी। इसके पूर्व ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया कराई जा रही है।

-शिवेंद्र प्रताप सिंह




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Monday, September 7, 2020

हरदोई : 15 सितम्बर तक ड्रेस वितरण का काम पूरा होने के नहीं आसार, स्वयं सहायता समूहों को चार लाख से ज्यादा सिलनी हैं ड्रेस पर सिलीं 50 हजार, तो क्या कमीशनखोरी के चक्कर में हो रहा विलंब?

हरदोई : 15 सितम्बर तक ड्रेस वितरण का काम पूरा होने के नहीं आसार, स्वयं सहायता समूहों को चार लाख से अधिक ड्रेस सिलकर करनी है तैयार।

हरदोई : जिले के बेसिक शिक्षा विभाग के करीब चार हजार स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं को मुफ्त ड्रेस वितरण में कोरोना, बजट आवंटन में देरी के बाद अब जिम्मेदारों की लापरवाही बाधक बन गई है। यही वजह है कि जिले में 15 सितंबर तक शत प्रतिशत बच्चों को ड्रेस मिल जाने का लक्ष्य पूरा होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। अभिभावकों ने सांसदों, विधायकों से इस मामले में दखल देने की मांग की है ताकि गुणवत्तायुक्त ड्रेस समय से विद्यार्थियों तक पहुंच सके।

जिले में करीब पौने पांच लाख बच्चों को ड्रेस वितरित की जानी है। एक बच्चे को दो सेट ड्रेस मिलेगी, जिसकी कीमत शासन से 600 रुपये निर्धारित की गई है।




मांग के सापेक्ष 75 फीसदी बजट शासन ने जारी करदिया है। शेष धनराशि सत्यापन के बाद भेजी जाएगी। जो धनराशि आई है उसे पीएफएमएस के जरिए स्कूल प्रबंधन समिति के खातों में भेज दिया गया है।

जिन स्कूलों में 167 या इससे ज्यादा बच्चे अध्ययनरत हैं वहां पर टेंडर प्रक्रिया के जरिए ड्रेस बंटवाई जानी हैं। वहीं जिन स्कूलों में 166 या इससे कम बच्चे हैं वहां पर स्वयं सहायता समूहों से सिलवाकर ड्रेस बांटनी हैं। इसके लिए प्रबंध समिति कपड़ा खरीदकर समूहों को उपलब्ध कराएगी। विभागीय जानकारों के मुताबिक पहले 31 अगस्त तक की समयसीमा ड्रेस वितरण के लिए निर्धारित की गई थी।

शासन-प्रशासन ने दावा किया था कि समय से ड्रेस बंट जाएगी लेकिन ऐसा नहीं हो सका है। इसलिए 15 सितंबर तक की समय सीमा और बढ़ा दी गई है।

इसके बावजूद शत प्रतिशत बच्चों को ड्रेस वितरण मिलने की उम्मीदें टूटने लगी हैं क्योंकि ड्रेस वितरण की प्रगति बेहद धीमी है।

मानीटरिंग में भी केवल कागजी घोड़े दौड़ाए जा रहे हैं। अब तक कितनी ड्रेस बंट चुकी हैं इसकी जानकारी तक जिम्मेदार नहीं दे पा रहे हैं।

चार से ज्यादा ड्रेस सिलनी हैं पर सिलीं 50 हजार : स्वयं सहायता समूहों को 4 लाख से ज्यादा ड्रेस सिलकर तैयार करनी हैं, लेकिन अब तक 70 हजार ड्रेस तैयार करने का ही आर्डर मिला है। वहीं 50 हजार ड्रेस ही अब तक सिल सकी हैं। इसका भुगतान अभी शून्य है। समितियों को ड्रेस सिलने की जिम्मेदारी मिले दो महीने से भी ज्यादा समय बीत चुका है। अब शेष एक सप्ताह में साढ़े तीन लाख से ज्यादा ड्रेस तैयार कराने की राह भी काफी मुश्किल है।

तो क्या कमीशनखोरी के चक्कर में हो रहा विलंब :  ड्रेस वितरण में राजनीतिक दलों के नेताओं से जुड़े ठेकेदार भी सक्रिय हो गए हैं। चर्चा है कि सियासी पहुंच के कारण वे मनमानी पर उतारू हैं। वहीं ब्लाकों के अधिकारी भी खुश हुए बगैर उन्हें हरी झंडी देने में आनाकानी कर रहे हैं। कमीशनखोरी के इस खेल में सेटिंग के चक्कर में भी विलंब होने की बातें जानकार बता रहे हैं। बीते दिनों बीएसए को भी निरीक्षण के दौरान स्कूल में कपड़ा विभागीय नियमानुसार नहीं मिला था।

95 फीसदी से ज्यादा स्कूल प्रबंधन समितियों के खाते में बजट भेज दिया गया है। कुछ जगहों पर तकनीकी फाल्ट सामने आई है। इसे भी जल्द दूर कर खाते में धनराशि पहुंचा दी जाएगी। हेडटीचरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जल्द से जल्द धनराशि का आहरण कर बच्चों को ड्रेस वितरित करा दें।
-अमित वर्मा, जिला समन्वयक

कपड़ा खोलने में कोई दिक्कत नहीं है। तेजी से ड्रेस सिलने में समूह की महिलाएं जुटी हुई हैं। ड्रेस सिलाई का रेट भी निर्धारित हो गया है। 140 रुपये एक पैंट-शर्ट सिलने पर मिलेंगे। आपूर्ति होने के बाद भुगतान कराया मिलेगा। समय से समस्त ड्रेस सिलकर तैयार हो जाएंगी। किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं हैं। कोरोना के चक्कर में थोड़ा विलम्ब जरुर हुआ लेकिन अब कोई समस्या नहीं है। समय के साथ ड्रेस तैयार है।
-विपिन चौधरी, डीसी एनआरएलएम


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Saturday, September 5, 2020

फतेहपुर : ड्रेस वितरण में फंसा सिलाई व कपड़े का पेंच

फतेहपुर : ड्रेस वितरण में फंसा सिलाई व कपड़े का पेंच


धाता : परिषदीय विद्यालयों में ड्रेस वितरण में स्वयं सहायता समूह को विद्यालय नामित कर दें।


धाता: परिषदीय विद्यालयों में ड्रेस वितरण में स्वयं सहायता समूह को विद्यालय नामित कर देने के बाद वितरण के नियम स्पष्ट न होने से शिक्षक और विभागीय अधिकारी असमंजस में हैं। वितरण का मानक प्रत्येक जिले में अलग-अलग है। स्वयं सहायता समूह की महिलाएं विद्यालय के अध्यापकों से सिलाई की रकम को लेकर पूछताछ कर वापस लौट रही हैं। ड्रेस के एक सेट की कीमत 300 रुपये तय की गई है।




समूह की महिलाएं तय कीमत में 140 रुपये सिलाई बताती हैं। जबकि हाथरस के बीएसए ने अपने जनपद में जारी एक आदेश में स्पष्ट किया है कि 80 रूपये प्रति सेट सिलाई का निकालने के बाद 220 रुपये का कपड़ा खरीदा जाएगा। बताते चलें कि इससे पहले शिक्षकों द्वारा ड्रेस का वितरण किया जाता था। इसमे प्रबंध समिति की बैठक बुलाकर तीन दुकानों से कपड़े का कोटेशन लिया जाता था। उचित मूल्य व उचित गुणवत्ता के कपड़े को स्थानीय टेलर से सिलाई करा कर ड्रेस का वितरण होता था। इस वर्ष ब्लाक क्षेत्र के 110 परिषदीय विद्यालयों में महिला समूह द्वारा अनिवार्य रूप से ड्रेस वितरण का आदेश दिया गया है। समूह से जुड़ी महिलाएं स्कूल पहुंचकर बच्चों की संख्या का एक प्रपत्र भरवाती हैं। जिसमें लिखा हुआ है कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सिर्फ कपड़े सिलने का कार्य दिया गया है। जबकि महिलाएं साथ में एक कपड़ा लगा हुआ ऐरायां ब्लॉक के नाम की रसीद प्रस्तुत करती हैं। उक्त रसीद में 160 रुपये कपड़े की कीमत दी गई है, 140 रुपये एक सेट की सिलाई निकाली गई है। 22 जून से पहले महिला समूहों को ड्रेस सिलाई आर्डर की रकम को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी है। अध्यापकों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। इस संबंध में बीईओ, धाता सुनील कुमार सिंह का कहना था सभी विद्यालयों में महिला समूह द्वारा ही ड्रेस का वितरण किया जाएगा। एक सेट ड्रेस की सिलाई कितनी निर्धारित की गई है, इसके बारे में जानकारी नहीं है।



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Friday, August 28, 2020

कपड़ा दिखाया न नाप ली, तैयार कर दी ड्रेस, कागजों पर चल रहीं स्वयं सेवी संस्थाएं


लखनऊ। जिले के परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को दी जाने वाली निशुल्क यूनिफार्म वितरण में स्वयं सेवी संस्थाओं ने फिर खेल शुरू कर दिया है। मोहनलालगंज, माल व अन्य ग्रामीण ब्लाकों में स्वयं सेवी संस्थाओं ने विद्यालय में बच्चों की न नाप ली और नहीं विद्यालय प्रबंध समिति को कपड़े प्रबंध समिति का गठन की गुणवत्ता दिखाई पर यूनिफार्म तैयार करवा दी। खंड विकास अधिकारी की ओर से पत्र जारी करा कर स्वयं सेवी संस्था विद्यालय पर आपूर्ति का दबाव बना रही है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को निशुल्क यूनिफार्म का वितरण किया जाता है। इसके लिए विद्यालय स्तर पर प्रबंध समिति का गठन किया जाता है। इसमें शिक्षकों के साथ अभिभावक भी रहते हैं। जो कपड़े की गुणवत्ताजांच के बादयूनिफार्म सिलाई का आर्डरस्थानीय दर्जी, स्वयं सेवी संस्था या फिर ग्रामीण इलाकों के महिला समूह को दे सकते हैं। हालांकि हर ब्लाक में कुछ काम स्वयं सेवी संस्थाओं के जरिए कराने के निर्देश हैं। इसमें मोहनलालगंज में करीब 15 हजार यूनिफॉर्म सिलने की जिम्मेदारी स्वयं सेवी संस्थाओं को दी गई है।
शासनादेश के मुताबिक संस्थाओं से सिर्फ यूनिफॉर्म सिलाई का काम लिया जाएगा लेकिन संस्थाएं विद्यालय प्रबंध समिति को बिना कपड़े की जांच कराए और बच्चों की नाप लिए बिना ही यूनिफॉर्म तैयार कर रहे हैं। 



कागजों पर चल रहीं स्वयं सेवी संस्थाएं : यूनिफार्म तैयार करने वाली बहुत सी संस्थाएं सिर्फ कागजों पर ही चल रही हैं। जानकारों के अनुसार ये संस्थाएं खुद ड्रेस सिलने के बजाए उन्नाव मौरावां रोड स्थित एक दुकान से सस्ती ड्रेस खरीदकर विद्यालय में सप्लाई का दबाव प्रबंध समिति पर बना रहीं हैं। बीएसए दिनेश कुमार के मुताबिक उनको भी कई स्वयं सेवी संस्थाओं के बारे में पता किया गया कि मौके पर जाकर वहां जांच की जाए लेकिन उनके पते की जानकारी नहीं हो पा रही है।

शासन के उच्च शिक्षा अधिकारियों ने अपने आदेश में कहा है कि विद्यालय प्रबंध समिति प्रत्येक बच्चे का नाप करवाकर निःशुल्क यूनिफार्म स्वयं सहायता समूह/महिला समूह/स्थानीय दर्जी से सिलाई के लिए सेवा ले सकती है,परंतु 
ब्लाकों में ये समूह बिना नाप लिए यूनिफार्म स्कूलों में देने के लिए दबाव बना रहे,जो उचित नहीं है।
 - विनय कुमार सिंह, प्रान्तीय अध्यक्ष, 
प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन

सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कपड़े की गुणवत्ता की जांच और बच्चों की नाप कराए बिना यूनिफार्म न लें। 
- दिनेश कुमार, बीएसए

Thursday, August 6, 2020

हरदोई : त्रुटिपूर्ण टेंडर में पांच प्रधानाध्यापकों को बीएसए ने दी प्रतिकूल प्रविष्टि

हरदोई : त्रुटिपूर्ण टेंडर में पांच प्रधानाध्यापकों को बीएसए ने दी प्रतिकूल प्रविष्टि।

हरदोई : परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को यूनिफार्म उपलब्ध कराने के लिए कराए गए टेंडर त्रुटिपूर्ण होने पर बीएसए ने पांच प्रधानाध्यापकों को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी कर दी है। जिलाधिकारी ने भी प्रकरण को संज्ञान में 1. लेकर कड़े दिशा निर्देश दिए हैं। बीएसए हेमंत राव ने बताया कि अहिरोरी ब्लाक में पांच विद्यालयों ने यूनिफार्म के लिए टेंडर कराया था।



इसका प्रकाशन उसी दिन हो गया जब टेंडर डालने की अंतिम तिथि थी। इसलिए जिलाधिकारी पुलकित खरे के निर्देश पर इन पांचों प्रधानाध्यापकों के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि जारी कर दी गई है। इनमें बर्राडाल सिंह की नीलम वर्मा, गोपार की आशा देवी, मदारा के चंद्रशेखर यादव, चौसार के राम नरायन व नयागांव के प्रधानाध्यापक विनय कुमार यादव शामिल हैं। इन्हें पुनः टेंडर प्रकाशित करवाने के भी निर्देश दिए गए हैं।


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Sunday, July 26, 2020

यूनीफार्म वितरण : चुनिंदा फर्म को टेंडर दिलाने का ‘खेल’ शुरू, दबी जुबान से शिक्षक कर रहे असंतोष व्यक्त

यूनीफार्म वितरण : चुनिंदा फर्म को टेंडर दिलाने का ‘खेल’ शुरू, दबी जुबान से शिक्षक कर रहे असंतोष व्यक्त
 

 प्रयागराज : परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को स्कूल यूनीफार्म वितरित करने के लिए सभी विद्यालय प्रबंध समिति के बैंक खातों में राशि भेजने के साथ चुनिंदा फर्म को टेंडर दिलाने का ‘खेल’ भी शुरू हो गया है।


शासन की तरफ से भेजी रकम से प्रत्येक बच्चे को दो सेट (शर्ट-पैंट) यूनीफार्म उपलब्ध कराना है। एक बच्चे पर 600 रुपये खर्च किये जाने की व्यवस्था है। पिछले दिनों वैचारिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से बेसिक शिक्षाधिकारी को भेजे पत्र में आरोप लगाया गया कि यूनीफार्म वितरण का केंद्रीयकरण कर एक निश्चित फर्म से यूनीफार्म वितरण के लिए दबाव बनाया जा रहा है। कौंधियारा, चाका, उरुवा, करछना, जसरा, मांडा आदि के शिक्षकों का कहना है कि मीटिंग बुलाकर एक निश्चित फर्म का कपड़ा लेने को कोटेशन दिलाकर बांटने का दबाव है। हालांकि कोई भी शिक्षक खुलकर सामने नहीं आ रहा है। कुछ यूनीफार्म विक्रेताओं ने शहर उत्तरी के विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी से भी मुलाकात की थी। वैचारिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. ज्ञान प्रकाश सिंह ने भी बताया कि उनके पास कई शिकायतें मिली हैं। उन्होंने पत्र लिखकर महानिदेशक स्कूल शिक्षा उत्तर प्रदेश व शिक्षा निदेशक बेसिक से अनुरोध किया है कि स्वेटर, जूता, मोजा, किताबों की तरह यूनीफार्म भी सरकारी टेंडर के जरिए वितरित कराई जाएं।


अभी मेरे पास कोई शिकायत नहीं आई है। यह जरूर है कि कोरोना संकट के चलते शासन की मंशा के अनुरूप स्थानीय स्तर पर महिला समूहों से यूनीफार्म की सिलाई करवाने का निर्देश है। उसके अनुसार कदम भी उठाए जा रहे हैं।
संजय कुशवाहा, बेसिक शिक्षाधिकारी।

Tuesday, July 7, 2020

फतेहपुर : सत्र 2020-21 में छात्र-छात्राओं को निःशुल्क यूनीफॉर्म वितरण हेतु विद्यालयवार छात्र संख्या उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में

फतेहपुर : सत्र 2020-21 में छात्र-छात्राओं को निःशुल्क यूनीफॉर्म वितरण हेतु विद्यालयवार छात्र संख्या उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में।






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Tuesday, June 9, 2020

फतेहपुर : निःशुल्क यूनीफॉर्म वितरण हेतु गठित जनपद स्तरीय समिति की दिनांक- 29 मई 2020 को आयोजित बैठक का कार्यवृत्त जारी

फतेहपुर : निःशुल्क यूनीफॉर्म वितरण हेतु गठित जनपद स्तरीय समिति की  दिनांक- 29 मई 2020 को आयोजित बैठक का कार्यवृत्त जारी।

















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Monday, June 1, 2020

फतेहपुर : यूनीफॉर्म वितरण के क्रियान्वयन पर जोर, 2,66,276 बच्चों को यूनीफॉर्म वितरण का लक्ष्य

फतेहपुर : यूनीफॉर्म वितरण के क्रियान्वयन पर जोर, 2,66,276 बच्चों को यूनीफॉर्म वितरण का लक्ष्य।



फतेहपुर : यूनीफॉर्म वितरण के क्रियान्वयन पर जोर, 2,66,276 बच्चों को यूनीफॉर्म वितरण का लक्ष्य।

फतेहपुर : कोरोना और डाउन के चलते भले ही विद्यालयों में तालाबंदी है, लेकिन योजनाओं के क्रियान्वयन का खाका शासन से लेकर जिलों तक में खींचा गया है। स्कूल खुलने पर हर बच्चे को एकसाथ यूनीफार्म मिल सके इसके लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। यूनीफार्म वितरण का काम करा रहे बेसिक शिक्षा विभाग को चालू सत्र में 2,66,276 बच्चों को लाभान्वित करना है। बेसिक शिक्षा के साथ माध्यमिक के वित्त और राजकीय तथा अनुदानित मदरसा में संचालित कक्षा 8 तक की कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चों को यूनीफार्म वितरण किए जाने की योजना शासन ने तैयार की है। सर्व शिक्षा अभियान के तहत परिषदीय स्कूलों, कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों में तो यूपी सरकार ने वित्त और मदरसा में यूनिफार्म वितरण का खर्च उठाया जाएगा। कक्षा 8 तक के बच्चों में दो यूनीफार्म के लिए 600 रुपये का भुगतान भी किया जाएगा। बीएसएफ शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि बीते दिनों डीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक में सरकार के एजेंडे में जिले में काम करने की कार्ययोजना तैयार की गई है। यूनीफार्म के वितरण को प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए मॉनीटरिंग सेल भी गठित किए जा हे हैं। इससे कि यूनीफार्म की गुणवत्ता प्रभावित न हो। यूपी सरकार वित्त विद्यालयों का उठाएगी खर्चा शिक्षा सत्र 2019-20 में इंटर कॉलेजों में धनाभाव के चलते यूनीफार्म का वितरण नहीं हो पाया था। वितरण न होने और अभिभावकों की शिकायतों को लेकर इंटर कॉलेजों के प्रधानाचायॅ संगठन के जिलाध्यक्ष प्रभुदत्त दीक्षित के माध्यम से उठाते हुए जिला प्रशासन और शासन को भेजी थी। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार इंटर कॉलेजों में यूनीफार्म वितरण के लिए तैयार है। धन भी उपलब्ध कराने को मंजूरी दे दी है।





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Saturday, May 30, 2020

फतेहपुर : समय से कराएं यूनिफॉर्म वितरण, डीएम ने बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश

फतेहपुर : समय से कराएं यूनिफॉर्म वितरण, डीएम ने बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश।


फतेहपुर : समय से कराएं यूनिफॉर्म वितरण, डीएम ने बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश।

फतेहपुर। डीएम संजीव सिंह ने शुक्रवार को विकास भवन सभागार में गर्मी के अवकाश के बाद स्कूल खुलते ही बच्चों को यूनिफार्म उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि पूरा ध्यान कायाकल्प योजना और यूनिफार्म वितरण पर केंद्रित रखा जाय। यूनिफॉर्म बजट आने से उपलब्धता और वितरण से संबंधित तैयारियां पूरी कर ली जाएं। यूनिफार्म तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपने में महिला सहायता समूहों को वरीयता दी जाए। कहा कि स्कूलों में कायाकल्प योजना लागू है। प्रयास किया जाए कि गर्मी के अवकाश के दिनों में सुंदरीकरण, मरम्मत और रंगाई पुताई आदि कार्य पूरे करा लिए जाएं। बैठक एसडीएम सत्यप्रकाश ने बच्चों को ऑनलाइन पढाई जारी रखने पर जोर दिया। बैठक में बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह, सभी बीईओ, सभी डीसी मौजूद थे।





प्रवासी श्रमिकों के बच्चों का स्कूल में प्रवेश कराकर लक्ष्य करें पूरा, डीएम ने दिए निर्देशबच्चों की यूनिफॉर्म सिलेंगी स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं
30 May 2020

फतेहपुर 
यूनिफार्म वितरण, आपरेशन कायाकल्प, शारदा कार्यक्रम समेत स्कूल चलो अभियान को गति देने के लिए शुक्रवार को डीएम संजीव कुमार सिंह ने बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। जिसमें यूनिफार्म स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से बनवाने एवं प्रवासी श्रमिकों के बच्चों को स्कूल में प्रवेश दिलाकर नामांकन के लक्ष्य को पूरे करने समेत अन्य कई बिंदुओं पर दिशा निर्देश जारी किए गए।


विकास भवन के सभागार में आयोजित बैठक में निशुल्क यूनिफॉर्म वितरण के लिए सभी बीईओ को निर्देश दिया कि उच्च गुणवत्ता की यूनिफार्म का वितरण धनराशि प्राप्त होते ही कराया जाए। ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूहों/ महिला समूहों से यूनिफॉर्म की सिलाई कराई जाए। शारदा कार्यक्रम के अंतर्गत आउट ऑफ स्कूल बच्चों तथा प्रवासी श्रमिकों के बच्चों का प्रवेश कराकर लक्ष्य को प्राप्त किया जाए। उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित कराई जाए। वहीं ऑपरेशन कायाकल्प के तहत हुए कार्यो की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि पेयजल, शौचालय, रंगाई पुताई, विद्युतीकरण, रैंप निर्माण, श्यामपट्ट आदि बिंदुओं पर जिला पंचायत राज अधिकारी को तथा समस्त एडीओ पंचायत एवं खंड शिक्षा अधिकारी एक दूसरे से समन्वय स्थापित कर सभी बिंदुओं से विद्यालयों को संतृप्त किया जाए। मनरेगा से विद्यालयों में कार्य कराए जाएं, आवश्यकता पड़ने पर डिस्ट्रिक मिनिंग फंड से भी धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। प्रत्येक विद्यालय को संतृप्त कर ए ग्रेड में लाने के लिए सीडीओ द्वारा एडीओ पंचायत एवं खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए। इस मौके पर सीडीओ, बीएसए, प्राचार्य जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, डीआईओएस जिला पंचायत राज अधिकारी आदि उपस्थित रहे।


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Friday, April 24, 2020

फतेहपुर : सत्र 2020-21 में छात्र-छात्राओं को निःशुल्क यूनीफार्म वितरण हेतु विद्यालयवार छात्र संख्या निर्धारित प्रारूप पर उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में

फतेहपुर : सत्र 2020-21 में छात्र-छात्राओं को निःशुल्क यूनीफार्म वितरण हेतु विद्यालयवार छात्र संख्या निर्धारित प्रारूप पर उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में।






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Friday, December 20, 2019

फतेहपुर : नहीं मिला 54 हजार बच्चों को स्वेटर, 14 हजार को अभी तक नहीं मिल सकी है यूनीफॉर्म

फतेहपुर : नहीं मिला 54 हजार बच्चों को स्वेटर, 14 हजार को अभी तक नहीं मिल सकी है यूनीफॉर्म




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Saturday, October 5, 2019

KVS : खादी की यूनिफॉर्म में दिखेंगे केंद्रीय विद्यालयों के बच्चे, केंद्रीय विद्यालय संगठन ने मौजूदा ड्रेस में बदलाव की बनाई योजना, जल्द दिया जाएगा अंतिम रूप

KVS : खादी की यूनिफॉर्म में दिखेंगे केंद्रीय विद्यालयों के बच्चे, केंद्रीय विद्यालय संगठन ने मौजूदा ड्रेस में बदलाव की बनाई योजना, जल्द दिया जाएगा अंतिम रूप।






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Tuesday, September 3, 2019

फतेहपुर : तीन सौ रुपए में चाहिए "यूनीफॉर्म की गुणवत्ता", शुरू हुआ कमीशनखोरी का खेल, विक्रेताओं को सेट करके न्याय पंचायतवार वितरण का ठेका

फतेहपुर : तीन सौ रुपए में चाहिए "यूनीफॉर्म की गुणवत्ता", शुरू हुआ कमीशनखोरी का खेल, विक्रेताओं को सेट करके न्याय पंचायतवार वितरण का ठेका।





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Saturday, August 31, 2019

फतेहपुर : निःशुल्क यूनीफॉर्म वितरण हेतु प्रगति रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप पर उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में

फतेहपुर : निःशुल्क यूनीफॉर्म वितरण हेतु प्रगति रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप पर उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में।






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Tuesday, August 13, 2019

कुशीनगर : 15 अगस्त 2019 तक अनिवार्य रूप से निःशुल्क यूनिफॉर्म, पाठ्य-पुस्तकों/कार्यपुस्तिकाओं, जूता-मोजा, स्कूल बैग वितरित किये जाने संबंधी आदेश सभी बीईओ को जारी, देखें

कुशीनगर : 15 अगस्त 2019 तक अनिवार्य रूप से निःशुल्क यूनिफॉर्म, पाठ्य-पुस्तकों/कार्यपुस्तिकाओं, जूता-मोजा, स्कूल बैग वितरित किये जाने संबंधी आदेश सभी बीईओ को जारी, देखें।

कुशीनगर : सत्र 2019-20 में निःशुल्क यूनिफॉर्म मद में छात्र संख्या के सापेक्ष अतिरिक्त वृद्धि का मांग-पत्र निर्धारित प्रारूप पर उपलब्ध कराने का अनुस्मारक जारी, देखें

कुशीनगर : सत्र 2019-20 में निःशुल्क यूनिफॉर्म मद में छात्र संख्या के सापेक्ष अतिरिक्त वृद्धि का मांग-पत्र निर्धारित प्रारूप पर उपलब्ध कराने का अनुस्मारक जारी, देखें


कुशीनगर : निःशुल्क यूनिफॉर्म मद में धनराशि आहरण पर रोक को हटाने और वितरण सुनिश्चित किये जाने हेतु बिंदुवार निर्देश जारी, देखें

कुशीनगर : निःशुल्क यूनिफॉर्म मद में धनराशि आहरण पर रोक को हटाने और वितरण सुनिश्चित किये जाने हेतु बिंदुवार निर्देश जारी, देखें।



कुशीनगर : क्रय समिति द्वारा गुणवत्ता परीक्षण कराने के उपरांत स्वयं सहायता समूह के माध्यम से ड्रेस की सिलाई कराने संबंधी निर्देश जिलाधिकारी द्वारा जारी, देखें

कुशीनगर : क्रय समिति द्वारा गुणवत्ता परीक्षण कराने के उपरांत स्वयं सहायता समूह के माध्यम से ड्रेस की सिलाई कराने संबंधी निर्देश जिलाधिकारी द्वारा जारी, देखें।



Sunday, August 4, 2019

शतप्रतिशत यूनिफार्म व किताबें वितरण न होने पर करें कार्रवाई, समीक्षा बैठक में एडी बेसिक, प्रयागराज ने दिए निर्देश



शतप्रतिशत यूनिफार्म व किताबें वितरण न होने पर करें कार्रवाई, समीक्षा बैठक में एडी बेसिक, प्रयागराज ने दिए निर्देश