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Wednesday, January 31, 2018

हाथरस : प्रत्येक ब्लॉक में शिक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले प्राथमिक/उच्च प्राथमिक विद्यालयों के 5-5 अध्यापकों का समूह तैयार कर सूचना उपलब्ध कराने के सम्बंध में

हाथरस : प्रत्येक ब्लॉक में शिक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले  प्राथमिक/उच्च प्राथमिक विद्यालयों के 5-5 अध्यापकों का समूह तैयार कर सूचना उपलब्ध कराने के सम्बंध में।

Saturday, December 30, 2017

छात्र छाप रहे अखबार, बन रहे संपादक, निदेशक बेसिक शिक्षा ने कहा उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को राष्ट्रपति एवं राज्यपाल पुरस्कार में मिलेगा वरीयता


छात्र छाप रहे अखबार, बन रहे संपादक, निदेशक बेसिक शिक्षा ने कहा उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को राष्ट्रपति एवं राज्यपाल पुरस्कार में मिलेगा वरीयता

Friday, December 29, 2017

एक ‘दीवार’ जिस पर छोटे बच्चे लिखते हैं बड़ी बात, उत्तराखंड, यूपी सहित हिमाचल, पश्चिम बंगाल और राजस्थान में "दीवार पत्रिका" के जरिये जन-सरोकारों और देश-दुनिया के विभिन्न मुद्दों पर बेबाकी से लिख रहे हैं बच्चे

■ अब उत्तराखंड सहित हिमाचल, पश्चिम बंगाल और राजस्थान में भी निकल रही इसी तरह की पत्रिका


हल्द्वानी : परिवर्तन के लिए नजरिया चाहिए और अगर यह परिवर्तन शिक्षा के क्षेत्र में करना हो तो फिर सोच पूरी तरह व्यावहारिक होनी चाहिये। शिक्षा पर हर साल करोड़ों रुपये का बजट होने के बावजूद उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या लगातार घट रही है। प्राथमिक विद्यालय तेजी से बंद हो रहे हैं। इसके पीछे एक अहम कारण है शिक्षा का व्यावहारिक न होना। शिक्षा का व्यावहारिक स्वरूप कैसा हो, इस बड़े सवाल का छोटा सा लेकिन सटीक जवाब देती है ‘दीवार’।



बच्चों को किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उनकी रचनात्मकता को और प्रोत्साहन देना भी बहुत जरूरी है। इसी सोच के साथ करीब 12 साल पहले पिथौरागढ़ जिले के एक प्राथमिक विद्यालय में दीवार पत्रिका की शुरुआत की गई। मकसद यही था कि बच्चों की सोच को रचनात्मक दी जाए, ताकि शिक्षा के प्रति उनका रुझान बढ़े। शुरुआत बेहतर थी, नजरिया अलग था और कामयाबी भी उम्मीद से बढ़कर मिली। आज उत्तराखंड के लगभग एक हजार स्कूलों से यह पत्रिका निकल रही है। बच्चे विभिन्न मुद्दों पर लिखते हैं, चित्र बनाते हैं और जब इस पत्रिका में उनकी रचना का प्रकाशन होता है तो आत्मविश्वास बढ़ता जाता है। किसी विद्यालय में यह पत्रिका पाक्षिक है तो किसी में मासिक। सोशल मीडिया के माध्यम से हुए प्रचार के बाद इस तरह की पत्रिका को विद्यालयों में निकालने की शुरुआत हिमाचल, राजस्थान और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों ने भी की है। 




■ कुछ ऐसी है दीवार : दीवार पत्रिका चार्ट पेपर पर तैयार होने वाली ऐसी गतिविधि है, जिसमें बच्चों द्वारा तैयार की गई पेंटिंग्स, काटरून, कविता, लेख, कहानी, समाचार आदि हर को स्थान दिया जाता है। देश-दुनिया के बड़े मुद्दों व जनहित से जुड़ी समस्याओं पर भी बच्चों का फोकस रहता है। इसके लिए उन्हें प्रोत्साहित किया जाता है। विषय वस्तु के संकलन, संपादन का जिम्मा भी बच्चों पर ही होता है। उनका मार्गदर्शन करने के लिए विद्यालयों में संपादक मंडल गठित हैं। हर बच्चा चार्ट पर अपनी रचना उकेरता है और उसके बाद सभी चार्ट आपस में जोड़कर पत्रिका में परिवर्तित कर दिए जाते हैं। बड़ी बात यह है कि यह पत्रिका बच्चों के लिए अतिरिक्त क्रियाकलाप न होकर पाठ्यसामग्री बन रही है।चार्ट पेपर पर बच्चे अपनी रचनाओं को उकेरेते हैं और इन्हें स्कूल की दीवार पर एक साथ जोड़ देते हैं।



■ इस तरह हुई शुरुआत  : पिथौरागढ़ जिले की गंगोलीहाट तहसील के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय कुंजनपुर में कार्यरत शिक्षक महेश पुनेठा ने वर्ष 2000 में सहभागी क्रियाकलाप के उद्देश्य से दीवार पत्रिका शुरू की थी। इसमें बहुत अधिक खर्च नहीं है। आज उत्तराखंड के एक हजार से अधिक सरकारी स्कूलों ने दीवार मॉडल को अपनाया है। इसके अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं। जीआइसी देवलथल में पत्रिका के संपादक मंडल में शामिल बच्चे पिछले साल इंटरमीडिएट में फस्र्ट डिवीजन पास हुए। एक बच्चे ने हाईस्कूल परीक्षा में सामाजिक विज्ञान में 99 अंक हासिल किए। महेश पुनेठा बताते हैं कि अन्य स्कूलों से भी इस तरह का रिजल्ट मिल रहा है।


Tuesday, December 26, 2017

रामपुर : कपिलवस्तु महोत्सव में भाग लेंगे नवाचारी शिक्षक, निमंत्रण मिलने शिक्षक गदगद

जनपद के तीन नवाचारी शिक्षकों को कपिलवस्तु महोत्सव में भाग लेने का निमंत्रण मिला है। निमंत्रण मिलने से एक तरफ जहां शिक्षक गदगद हैं, तो वहीं अन्य शिक्षकों के लिए गौरव की बात है।

शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़े जनपद में बेसिक शिक्षा में गुणात्मक सुधारने के लिए कई शिक्षक काम कर रहे हैं। अब ऐसे शिक्षकों को राज्य स्तर पर होने वाले कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर मिला।

बेसिक शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसमें शैक्षिक संवर्धन एवं नवाचार कार्यक्रम भी है। इस कार्यक्रम के तहत शिक्षक व्यक्तिगत और सामुदयायिक सहयोग से विद्यालयों को सजा और संवार रहे हैं। इससे एक तरफ जहां विद्यालय के भौतिक परिवेश में अपेक्षा से अधिक सुधार हो रहा तो वहीं शिक्षा की गुणवत्ता के साथ साथ बच्चों की उपस्थिति बढ़ रही है, जो बेसिक शिक्षा के लिए शुभ संकेत हैं।

जिले के ऐसे ही तीन नवाचारी शिक्षक शिक्षा के क्षेत्र में किए गए प्रयासों का मुख्यमंत्री के समक्ष प्रदर्शन करेंगे। इन्हें नवाचारों के प्रदर्शन हेतु महोत्सव में बुलाया गया है। सैदनगर ब्लाक के ढक्का हाजीनगर के विद्यालय में तैनात शिक्षक दीपक पुंडीर व प्राथमिक विद्यालय इमरता की शिक्षिका चेतना सिंह, और स्वार ब्लाक के जूनियर हाई स्कूल नरायनपुर की शिक्षिका वर्षा गर्ग को राज्य स्तर पर होने वाले महोत्सव में शामिल होने का अवसर मिला है। मिशन शिक्षण संवाद के यह तीनों नवाचारी शिक्षक अपने विद्यालयों में अपनाए नवाचार एक शैक्षिक प्रयासों को अन्य शिक्षकों से साझा करेंगे, जिससे बेसिक शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाने के लिए इनके प्रयासों को साझा किया जा सके। 29 व 30 दिसंबर को सिद्धार्थनगर जनपद के कपिलवस्तु में होने वाले दो दिवसीय महोत्सव का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उद्घाटन करेंगे।

महोत्सव में मुख्यमंत्री के समक्ष ही जिले के तीन नवाचारी शिक्षकों को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने का मौका मिला है, जो शिक्षकों के साथ ही जनपद के लिए गौरव की बात है

Monday, December 25, 2017

29 एवं 30 दिसबंर को मिशन शिक्षण संवाद शैक्षिक सेमिनार का आयोजन, कपिलवस्तु महोत्सव शैक्षिक गुणवत्ता सेमिनार में जुटेंगे नवाचारी शिक्षक

29 एवं 30 दिसबंर को मिशन शिक्षण संवाद शैक्षिक सेमिनार का आयोजन, कपिलवस्तु महोत्सव शैक्षिक गुणवत्ता सेमिनार में जुटेंगे नवाचारी शिक्षक


Friday, December 8, 2017

शिक्षकों ने लगाई शून्य निवेश नवाचार पर प्रदर्शनी, 150 से ज्यादा नवाचारों का किया गया प्रदर्शन

इलाहाबाद : शून्य निवेश नवाचार कार्यक्रम पर आधारित प्रदर्शनी गुरुवार को राजकीय इंटर कालेज में आयोजित की गई। इसमें प्राथमिक शिक्षा में नए प्रयोग विशेषकर पठन पाठन के क्षेत्र में बिना किसी खर्च के प्रयोग करने पर चर्चा की गई। इसमें प्रत्येक विकास खंड के दस शिक्षकों को नवाचार प्रदर्शन के लिए आमंत्रित किया। इसमें 150 नवाचार को प्रदर्शित किया गया।

कार्यकम का उद्घाटन मंडलायुक्त आशीष गोयल ने किया। उन्होंने शिक्षा के गुणात्मकता व प्रसार का उल्लेख किया। अरविंद सोसाइटी के ऑपरेशन हेड मयंक अग्रवाल ने कहा कि सोसाइटी शिक्षकों को मंच एवं सम्मान देने के लिए इस प्रकार के प्रयोग करती रहती है। इस अवसर पर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर का वीडियो संदेश सुनाया गया।

केंद्रीय मंत्री ने अपने संदेश में ऐसे शिक्षकों की सराहना की जिन्होंने वित्त रूप से शून्य परंतु बौद्धिक लागत के नवाचारों से नई पीढ़ी को अवगत कराने लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुशवाहा, मिड डे मील समन्वयक राजीव त्रिपाठी सहित प्राथमिक शिक्षा से जुड़े शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

Tuesday, December 5, 2017

फतेहपुर : श्री अरविन्दो सोसाइटी द्वारा शिक्षा में शून्य निवेश नवाचार ZIIEI के संबंध में राजकीय इंटर कालेज, इलाहाबाद में 07 दिसम्बर को आयोजित प्रदर्शनी में प्रतिभाग हेतु निर्देश

फतेहपुर : श्री अरविन्दो सोसाइटी द्वारा शिक्षा में शून्य निवेश नवाचार ZIIEI के संबंध में राजकीय इंटर कालेज, इलाहाबाद में 07 दिसम्बर को आयोजित प्रदर्शनी में प्रतिभाग हेतु निर्देश।









Sunday, November 26, 2017

गोरखपुर के आराजी बसडीला का प्राथमिक विद्यालय हुआ 'स्मार्ट', एक पहल ने बदल दी स्कूल की सूरत, वाई-फाई और साउंड सिस्टम भी

...और बढ़ गए छात्र 

बच्चों को प्रॉजेक्टर के जरिए पढ़ाया जा रहा है। वहीं यहां पर हर महीने टेस्ट और बच्चों के विकास के लिए विशेष आयोजन किए जाते हैं।
स्कूल में पहले 57 बच्चों के नाम लिखे थे और 10 से 12 बच्चे ही स्कूल आते थे। लेकिन अब सूरत बदलने के बाद आसपास के लोगों में शिक्षा का रुझान बढ़ा है। वर्तमान में स्कूल में बच्चों की संख्या 150 है। रोजाना 110 से 120 बच्चें स्कूल आ रहे है।

हर माह टेस्ट, सम्मान : हर महीने स्कूल में बच्चों का टेस्ट लिया जाता है। बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को शिक्षकों की ओर से सम्मानित किया जाता है। साथ ही कला प्रतिायोगिता, निबंध प्रतिायोगिताएं भी आयोजित की जाती हैं।

स्कूल में छात्र-छात्राओं की शिक्षा के लिए स्मार्ट क्लास की व्यवस्था की गई है। स्मार्ट क्लास के तहत प्रॉजेक्टर, वाई-फाई, साउंड सिस्टम, व लैपटॉप की व्यवस्था की गई है। आशुतोष कुमार सिंह ने बताया कि एक दिन में तीन क्लासों में एनसीईआरटी की ऑनलाइन वेबसाइट का इस्तेमाल कर छात्र-छात्राओं को पढ़ाया जाता है। हिंदी व अग्रेंजी की कविताएं भी याद करवाई जाती हैं।

आशुतोष कुमार सिंह
सैलरी से सहयोग कर टीचरों ने स्कूल में लगवाए प्रॉजेक्टर

गोरखपुर के पिपरौली ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय कॉन्वेंट स्कूलों को टक्कर दे रहा है। आईजी मोहित अग्रवाल की पहल ने प्राथमिक विद्यायल का नक्शा बदल डाला था। लेकिन यह सिर्फ अकेली पहल नहीं बल्कि गोरखपुर के ही पिपराइच के आराजी बसडीला के प्राथमिक विद्यालय में भी ऐसी पहल की गई है। 

 वहां शिक्षकों ने अपनी सैलरी से पूरे विद्यालय को बदल दिया है। स्कूल में प्रॉजेक्टर और वाई-फाई की व्यवस्था कर स्मार्ट क्लास बनाई गई हैं। हेडमास्टर आशुतोष कुमार सिंह ने बताया कि इन सब कामों में सब मिलाकर डेढ़ लाख रुपये खर्च हुए हैं। सभी शिक्षकों ने अपनी सैलरी से इस काम में योगदान दिया है। युवा शिक्षकों की इस लगन को देखकर उनके दोस्तों ने भी इस काम में योगदान दिया।

 आशुतोष कुमार सिंह ने बताया कि 2 जुलाई 2016 को उन्होंने इस विद्यालय में बतौर हेडमास्टर जॉइन किया था। उस समय यहां की स्थिति काफी खराब थी। विद्यालय में लिखित में 57 बच्चों का एडमिशन था। जिसमें से 10 से 12 बच्चे ही आते थे। इसके बाद स्कूल की सूरत बदलने के लिए शिक्षकों से बात की। उन्होंने बताया कि अन्य चार शिक्षकों अर्चना सिंह, श्यामा रानी गुप्ता, संयोगिता सिंह और मोनिका श्रीवास्तव सभी ने इस पहल के लिए हामी भरी। सभी शिक्षक बिना किसी सहारे के अपने पैसों से स्कूल की सूरत बदलने में लग गए। स्कूल के कायाकल्प में खर्च हुये डेढ़ लाख रुपये में 70 हजार रुपये का योगदान हेडमास्टर आशुतोष कुमार सिंह ने किया है। वहीं अन्य चार शिक्षकों अर्चना सिंह, श्यामा रानी गुप्ता, संयोगिता सिंह और मोनिका श्रीवास्तव ने दस-दस हजार रुपये की आर्थिक मदद की है। 

 इन शिक्षकों की पहल के बाद से स्कूल में छात्र-छात्राओं के बैठकर पढ़ने के लिये बेंच, हरी कालीन की व्यवस्था है। दीवारों का रंग-रोगन करवाया गया है। वाइट बोर्ड की व्यवस्था की गई है। दीवारों पर छात्र-छात्राओं के लिए दीवारों पर स्लोगन व टेबल लिखे हैं।

अध्यापन की नायाब विधा बच्चों को खूब आ रही रास, यहां बोलती हैं दीवारें, नाचती है किताब

मूलरूप से गाजियाबाद की रहने वाली मीनाक्षी शर्मा ने शिक्षा में नवाचार से बेसिक विद्यालय की तस्वीर बदल दी। विषयवार पूरे पाठ्यक्रम को कलाकृति से दीवारों पर उकेर कर उन्होंने शिक्षा का म्यूजियम सरीखा बना दिया। कठपुतलियों से नौनिहालों को पाठ पढ़ाने की विधा भी अद्भुत है। अंगुलियों के इशारे पर कठपुतलियां नचाकर बच्चों को उसी समय पाठ याद करा देना उनकी शैली का अनोखा अंदाज है।

मीनाक्षी की कक्षा के बाद बच्चों में बिना किताब देखे ही फटाफट उत्तर देने की होड़ शुरू हो जाती है। उन्हें क्लास में बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाते देख ऐसा लगता है मानो दीवारें बोल रही हों और किताबें नाच उठ रही हों। उप्र के शाहजहांपुर स्थित भावलखेड़ा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय नियामतपुर की शिक्षक मीनाक्षी कठपुतलियां भी खुद बनाती हैं। बच्चों से घर के खराब कपड़े व बेकार वस्तुओं को मंगाकर कठपुतलियां बनाकर पढ़ाना, फिर उन्हें बांट देने की प्रवृत्ति ने उन्हें शिक्षकों में भी प्रिय बना दिया है। इसी तरह दीवारों पर विषय अनुरूप कलाकृति बनाने में भी बच्चों को शामिल करती हैं। इससे बच्चों की आर्ट भी अच्छी हो गई और वे पढ़ाई में भी कमाल कर रहे हैं।

अध्यापन की नायाब विधा बच्चों को खूब रास आ रही है। कोई भी विद्यार्थी मीनाक्षी की कक्षा को छोड़ना नहीं चाहता। इससे दो साल भीतर ही विद्यालय में उपस्थिति का आंकड़ा 70 फीसद से 95 फीसद के करीब हो गया है।

Saturday, November 18, 2017

प्रयोगों से पढ़ाना सीखेंगे गुरूजी, इलाहाबाद मण्डल में नवाचार कार्यक्रम के तहत प्रदर्शनी की तैयारियों को लेकर हुई समीक्षा

प्रयोगों से पढ़ाना सीखेंगे गुरूजी, इलाहाबाद मण्डल में नवाचार कार्यक्रम के तहत प्रदर्शनी की तैयारियों को लेकर हुई समीक्षा।



Sunday, October 29, 2017

अलीगढ़/हाथरस/कासगंज/एटा : ZIIEI कार्यक्रम के अंतर्गत 14 नवम्बर को आगरा में आयोजित होने वाली प्रदर्शनी के सम्बन्ध में एडी बेसिक का आदेश जारी, देखें

अलीगढ़/हाथरस/कासगंज/एटा : ZIIEI कार्यक्रम के अंतर्गत 14 नवम्बर को आगरा में आयोजित होने वाली प्रदर्शनी के सम्बन्ध में एडी बेसिक का आदेश जारी, देखें

Thursday, October 26, 2017

अलीगढ़ : कहानी सुनाने की प्रतियोगिता हेतु इच्छुक शिक्षकों के नाम प्रस्तावित कर उपलब्ध कराने हेतु बीएसए का आदेश जारी, देखें

अलीगढ़ : कहानी सुनाने की प्रतियोगिता हेतु इच्छुक शिक्षकों के नाम प्रस्तावित कर उपलब्ध कराने हेतु बीएसए का आदेश जारी, देखें

Monday, October 9, 2017

गोण्डा : शिक्षकों ने लगाई नवाचार की पाठशाला, खगोलीय नजारा देख बच्चों ने सीखीं विज्ञान की बारीकियां

गोण्डा : शिक्षकों ने लगाई नवाचार की पाठशाला, खगोलीय नजारा देख बच्चों ने सीखीं विज्ञान की बारीकियां।

Thursday, September 28, 2017

आयोग भी इन स्कूलों में अपनी तरफ से दे रहा 10 लाख की मदद, स्मार्ट शहरों के स्कूल भी अब बनेंगे स्मार्ट

 शहरों के स्कूलों को भी सरकार अब स्मार्ट बनाएगी। छात्रों को नवाचार (इनोवेशन) से जुड़ी सारी सुविधाएं मिलेंगी। इसकी मदद से वह अपने सपनों को आसानी से साकार कर सकेंगे। इसके तहत स्कूलों में अत्याधुनिक प्रयोगशाला (लैब) स्थापित की जाएगी, जहां रोबोट से लेकर थ्रीडी प्रिंटर, सेंसर, इलेक्ट्रानिक्स उपकरण सहित प्रयोगों में इस्तेमाल होने वाले सभी तरह के उपकरण मौजूद होंगे। फिलहाल इसके पहले चरण में स्मार्ट शहरों के सभी केंद्रीय और नवोदय विद्यालयों को लैस किया जाएगा।


स्कूलों को टिंकरिंग लैब से लैस करने की नीति के तहत स्मार्ट शहरों में स्थापित सभी स्कूलों में इस लैब को स्थापित करने में मदद करेगा। इसके लिए मंत्रलय ने पहले चरण में करीब 50 केंद्रीय विद्यालयों और करीब 15 नवोदय विद्यालयों की सूची भी आयोग को दे दी है। मंत्रलय ने आयोग के प्रस्ताव को मानते हुए इसकी शुरुआत स्मार्ट शहरों से करने का सुझाव दिया। इस पर आयोग भी राजी हो गया। बताया जा रहा है कि इसको लेकर नीति आयोग और मानव संसाधन विकास मंत्रलय के बीच जल्द ही एक एमओयू भी साइन होगा। इसमें इन सारे विषयों को शामिल किया जाएगा। खास बात यह है कि नीति आयोग इस योजना पर पहले से ही काम कर रहा है। इसके तहत वह देश के करीब एक सैकड़ा से ज्यादा स्कूलों में लैब स्थापित भी कर चुका है। आयोग भी इन स्कूलों से अपनी तरफ से 10 लाख की मदद दे रहा है। लेकिन आयोग की योजना के तहत वर्ष 2017 के अंत तक उसे देश के करीब दो हजार स्कूलों को इस तरह की लैब से लैस करना है। जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली : स्मार्ट श

Sunday, September 24, 2017

लखनऊ : परिषदीय विद्यालय के बच्चों को बॉक्सिंग/मार्शल आर्ट्स एवं अन्य खेलों का निःशुल्क प्रशिक्षण अध्यापकों की देख रेख में देने हेतु संयोजक बाल चौपाल को बीएसए ने जारी किया अनुमति पत्र

लखनऊ : परिषदीय विद्यालय के बच्चों को बॉक्सिंग/मार्शल आर्ट्स एवं अन्य खेलों का निःशुल्क प्रशिक्षण अध्यापकों की देख रेख में देने हेतु संयोजक बाल चौपाल को बीएसए ने जारी किया अनुमति पत्र

Thursday, September 21, 2017

रामपुर : ब्लॉक में मॉडल बना प्राथमिक विद्यालय सींगन खेड़ा, एसडीएम एवं बीएसए ने शिक्षकों की थपथपाई पीठ

जागरण संवाददाता, रामपुर : सफाई और बच्चों की पढ़ाई के मामले में सींगनखेड़ा का प्राथमिक विद्यालय ब्लाक में मॉडल स्कूल बन गया है। वर्तमान सत्र में भी विद्यालय में ढाई सौ से ज्यादा छात्र-छात्रएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। विद्यालय का साफ-सुथरा वातावरण बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है। 1 प्रधानमंत्री देश को नीट एंड क्लीन बनाना चाहते हैं। इसके लिए वह स्वयं सफाई कर देशवासियों को सफाई के प्रति न सिर्फ जागरूक और प्रेरित कर रहे हैं, बल्कि सफाई की अहमियत भी बता रहे हैं। प्रधानमंत्री के स्वच्छ अभियान का असर परिषदीय विद्यालयों में साफ तौर पर नजर आने लगा है। जिन विद्यालयों के आसपास कूड़े के ढेर लगे देखे जाते थे, वह आज चमचमा रहे हैं। विद्यालय के आकर्षक, सुसज्जित भवन और हरा-भरा वातावरण बच्चों को खूब भा रहा है। इसी का नतीजा है कि इस विद्यालय में दो वर्ष पहले 177 बच्चे थे, जो अगले साल बढ़कर इनकी संख्या 201 हो गई, जबकि वर्तमान में यहां बच्चों की संख्या 255 को पार कर गई है। इसका श्रेय यहां के शिक्षक और शिक्षिकाओं को जाता है। अपनी अथक प्रयास और मेहनत के बल पर यहां तक पहुंचाया। इस विद्यालय के शिक्षक दूसरों के लिए मिसाल हैं। यहां अध्ययनरत बच्चे खेल के साथ ही विभिन्न प्रतियोगिताओं में जिले, मंडल और राज्य स्तर पर विद्यालय का नाम रोशन कर चुके हैं। विद्यालयों में शैक्षिक संवर्धन एवं नवाचार कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है। आज हम बात कर रहे हैं सैदनगर ब्लाक के सींगनखेड़ा प्राथमिक विद्यालय की। यहां तैनात शिक्षक मोहम्मद अजहर और उनके स्टाफ की, जिन्होंने अपनी मेहनत और लगन के बल पर विद्यालय को आकर्षक और सुन्दर बनाया। आज यह विदयालय ब्लाक का मॉडल विद्यालय बन गया है। एक सप्ताह पूर्व उपजिला अधिकारी गजेंद्र कुमार एवं जिला बेसिक शिक्षाधिकारी सर्वदानंद विद्यालय पहुंचकर न सिर्फ शिक्षकों की पीठ थपथपाई, बल्कि उनको सम्मानित भी किया। खंड शिक्षाधिकारी प्रेम सिंह का कहना कि विद्यालय के शिक्षक मेहनती हैं। मेहनत, लगन से ही शिक्षकों ने विद्यालयों को आदर्श विद्यालय बनाया है।जागरण संवाददाता, रामपुर : सफाई और बच्चों की पढ़ाई के मामले में सींगनखेड़ा का प्राथमिक विद्यालय ब्लाक में मॉडल स्कूल बन गया है। वर्तमान सत्र में भी विद्यालय में ढाई सौ से ज्यादा छात्र-छात्रएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। विद्यालय का साफ-सुथरा वातावरण बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है। 1 प्रधानमंत्री देश को नीट एंड क्लीन बनाना चाहते हैं। इसके लिए वह स्वयं सफाई कर देशवासियों को सफाई के प्रति न सिर्फ जागरूक और प्रेरित कर रहे हैं, बल्कि सफाई की अहमियत भी बता रहे हैं। प्रधानमंत्री के स्वच्छ अभियान का असर परिषदीय विद्यालयों में साफ तौर पर नजर आने लगा है। जिन विद्यालयों के आसपास कूड़े के ढेर लगे देखे जाते थे, वह आज चमचमा रहे हैं। विद्यालय के आकर्षक, सुसज्जित भवन और हरा-भरा वातावरण बच्चों को खूब भा रहा है। इसी का नतीजा है कि इस विद्यालय में दो वर्ष पहले 177 बच्चे थे, जो अगले साल बढ़कर इनकी संख्या 201 हो गई, जबकि वर्तमान में यहां बच्चों की संख्या 255 को पार कर गई है। इसका श्रेय यहां के शिक्षक और शिक्षिकाओं को जाता है। अपनी अथक प्रयास और मेहनत के बल पर यहां तक पहुंचाया। इस विद्यालय के शिक्षक दूसरों के लिए मिसाल हैं। यहां अध्ययनरत बच्चे खेल के साथ ही विभिन्न प्रतियोगिताओं में जिले, मंडल और राज्य स्तर पर विद्यालय का नाम रोशन कर चुके हैं। विद्यालयों में शैक्षिक संवर्धन एवं नवाचार कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है। आज हम बात कर रहे हैं सैदनगर ब्लाक के सींगनखेड़ा प्राथमिक विद्यालय की। यहां तैनात शिक्षक मोहम्मद अजहर और उनके स्टाफ की, जिन्होंने अपनी मेहनत और लगन के बल पर विद्यालय को आकर्षक और सुन्दर बनाया। आज यह विदयालय ब्लाक का मॉडल विद्यालय बन गया है। एक सप्ताह पूर्व उपजिला अधिकारी गजेंद्र कुमार एवं जिला बेसिक शिक्षाधिकारी सर्वदानंद विद्यालय पहुंचकर न सिर्फ शिक्षकों की पीठ थपथपाई, बल्कि उनको सम्मानित भी किया। खंड शिक्षाधिकारी प्रेम सिंह का कहना कि विद्यालय के शिक्षक मेहनती हैं। मेहनत, लगन से ही शिक्षकों ने विद्यालयों को आदर्श विद्यालय बनाया है।मॉडल बना सिंगनखेड़ा का प्राथमिक विद्यालय ’ जागरणस्वच्छ1स्वस्थशिक्षक मोहम्मद अजहर।


Sunday, September 17, 2017

बरेली : सुपर 50 से होगा बेसिक स्कूलों का कायाकल्प, 50 शिक्षकों के समूह को मिली गुणवत्ता सुधार की ज़िम्मेदारी

बरेली : सुपर 50 से होगा बेसिक स्कूलों का कायाकल्प, 50 शिक्षकों के समूह को मिली गुणवत्ता सुधार की ज़िम्मेदारी

बरेली वरिष्ठ संवाददाताबीएसए ने बेसिक स्कूलों के कायाकल्प के लिए सुपर-50 लर्निंग कम्युनिटी ग्रुप की स्थापना की है। इस ग्रुप में जिले के ऐसे 50 शिक्षकों को शामिल किया गया है, जो अपने दम पर अपने स्कूलों का कायाकल्प करने में जुटे हुए हैं।शनिवार को बीएसए दफ्तर में सुपर-50 की पहली बैठक हुई। इसमें सभी ब्लॉक से 3-3 शिक्षक शामिल हुए। शिक्षकों से बात करते हुए बीएसए चंदना राम इकबाल यादव ने कहा कि स्कूलों का विकास हम लोगों की प्राथमिकता में शामिल होना चाहिए। अगर शिक्षक पूरी जिम्मेदारी से काम करें तो शैक्षिक गुणवत्ता हर हाल में बेहतर की जा सकती है। उन्होंने हर ब्लॉक से 10 स्कूलों का चयन कर 160 स्कूलों की सूची शिक्षकों को दी है। बीएसए ने बताया कि पहले चरण में इन 160 स्कूलों का कायाकल्प करना हमारा लक्ष्य है। उसके बाद दूसरे 160 स्कूलों का चयन किया जाएगा। बीएसए ने स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता, बच्चों की उपस्थिति, मिड डे मील की गुणवत्ता, सफाई आदि को दुरस्त करने का निर्देश दिया। इस दौरान सर्व शिक्षा अभियान के जिला समन्वयक राकेश माथुर और अर¨वद पाल भी मौजूद रहे।

Friday, September 15, 2017

फतेहपुर : बच्चों में चुना जाएगा स्टार ऑफ द मन्थ, बीईओ की बैठक में शिक्षामित्रों की हाजिरी पर निगाह के निर्देश

फतेहपुर : बच्चों में चुना जाएगा स्टार ऑफ द मन्थ, बीईओ की बैठक में शिक्षामित्रों की हाजिरी पर निगाह के निर्देश।


Monday, August 21, 2017

इनोवेशन करने वाले प्राइमरी और जूनियर स्कूल के शिक्षक होंगे सम्मानित

लखनऊ : बेसिक शिक्षा विभाग के प्राइमरी व जूनियर स्कूलों के शिक्षकों की तरफ से किए गए इनोवेशन को डायट की वेबसाइट अपलोड किया जाएगा। डायट प्राचार्य पवन कुमार सचान ने बताया कि इनोवेशन करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा।



जिले के सभी ब्लॉकों में ऐसे जितने भी शिक्षक है उनके कार्यों साहित ब्योरा मांगा गया है। शिक्षा विभाग के प्राइमरी और जूनियर स्कूल शहर के आठ ब्लॉक और नगर क्षेत्र के 4 जोन में विभाजित हैं। इसमें कुल 1840 स्कूल हैं जिसमें पढ़ाने वाले शिक्षकों की संख्या 5700 है। इन्हीं में उन शिक्षकों का चयन किया जाएगा जो पढ़ाई इनोवेशन कर रहे हैं। इसका जिम्मा ब्लॉक और जोन के एबीएसए को सौंपा गया है।

Saturday, August 12, 2017

हाथरस : राजकीय हाईस्कूलों में उपचारात्मक शिक्षण हेतु परिषदीय शिक्षकों को नामित किये जाने के सम्बन्ध में बीएसए का आदेश जारी, नामित किये गए 38 शिक्षकों की सूची सह आदेश देखें

हाथरस : राजकीय हाईस्कूलों में उपचारात्मक शिक्षण हेतु परिषदीय शिक्षकों को नामित किये जाने के सम्बन्ध में बीएसए का आदेश जारी, नामित किये गए 38 शिक्षकों की सूची सह आदेश देखें