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Tuesday, November 24, 2020

10वीं और 12वीं के यूपी बोर्ड परीक्षार्थियों हेतु नवीन दिशा-निर्देश जारी, कैसे करें तैयारी?

10वीं और 12वीं के यूपी बोर्ड परीक्षार्थियों हेतु नवीन दिशा-निर्देश जारी, कैसे करें तैयारी?


यूपी बोर्ड की 2021 हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा में मंडल के कुल 419883 छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। इन बच्चों की बोर्ड परीक्षा तैयारी में कोई बाधा न हो और वह तैयारी पर पूरा फोकस कर सकें, इसके इसके लिए यूपी बोर्ड के सचिव मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक दिव्यकांत शुक्ल ने स्टडी, रिवीजन, हेल्थ एंड हेल्प नामक कार्ययोजना तैयार की है। सचिव का कहना कि कोविड -19 के कारण छात्र-छात्राओं की पढ़ाई में कोई कमी न हो, इसके लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने व्हाट्सएप, वर्चुअल क्लासेज, ई-ज्ञान गंगा, दीक्षा पोर्टल, स्वयंप्रभा चैनल जैसी कई योजनाएं चालू की गयी हैं। आवश्यकता पड़ने पर बच्चों की काउंसिलिंग के लिए भी आवश्यक उपाय किए जाएंगे। 




स्टडी प्लान 
  • सभी विद्यार्थी सर्वप्रथम एक समयसारिणी तैयार करें जिसमें पढ़ाई के साथ-साथ विराम का भी समय निश्चित करें और उसका पालन करने का प्रयास करें। 
  • जिस भी संसाधन से पढ़ाई करें, उनके नोट्स अवश्य बनाएं
  • जिस विषय में कोई बाधा हो, उस संबंध में अपने शिक्षकों, अभिभावक, मित्रों के साथ वार्ता करें
  • पाठ्यक्रम को छोटे टुकड़ों में बांटकर उन्हें एक-एक करके पढ़ें 

रिवीजन प्लान 
  • बोर्ड परीक्षा के लिए बचे हुए समय के दृष्टिगत समस्त विषयों का कम से कम दो बार रिवाइज करें
  • पिछले साल के प्रश्नपत्रों अथवा बाजार में उपलब्ध सैम्पल पेपर को हल करें
  • नियमित तौर पर अपना स्वमूल्यांकन करें
  • दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों के लिए स्वतः अलग रणनीति विकसित करें तथा उसपर विशेष ध्यान केन्द्रित करें
  • हेल्थ एंड हेल्प प्लानः
  • परीक्षाओं के डर को मन से निकाल कर सकारात्मक सोच के साथ तैयारी करें
  • कम से कम 8-9 घंटे की नींद अवश्य लें जिससे शरीर को आराम करने का समय मिले
  • कोरोना से बचाव के लिए भारत सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन्स का अनुपालन सुनिश्चित करें
  • नियमित तौर पर पढ़ाई के बीच-बीच में कुछ खाते रहें जिससे शरीर में उर्जा बनी रहे
  • जंक फूड से बचने का प्रयास करें
  • अपने सहपाठियों से पढ़ाई में सहयोग लें तथा उनका भी यथासंभव सहायोग करें
  • शिक्षकों, अभिभावकों, मित्रों से नियमित रूप से जुड़े रहें तथा अपने मन की किसी भी परेशानी को उनके साथ साझा करें

यूपी : हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा कार्यक्रम दिसबंर में होगा घोषित

यूपी : हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा कार्यक्रम दिसबंर में होगा घोषित

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाई स्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा का कार्यक्रम दिसंबर में घोषित किया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा विभाग प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति का आंकलन करने के आधार पर कार्यक्रम तय करेगा। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की हाई स्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा - 2021 के लिए 45 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने आवेदन किया है। प्रदेश में कोरोना संक्रमण के कारण स्कूलों में नियमित पठन-पाठन सामान्य दिनों की तरह नहीं हो रहा है।


इधर, दीपावली के बाद प्रदेश में कोरोना संक्रमण बढ़ता जा रहा है। खासतौर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर के कुछ जिलों में संक्रमण बढ़ रहा है। लाखों विद्यार्थियों के लिए सोशल डिस्टेंसिंग के साथ परीक्षा कराने के लिए परीक्षा केंद्रों की संख्या अधिक रखनी होगी और परीक्षा के दिन भी बढ़ाने होंगे। विभाग के अधिकारी ने बताया कि विभाग दिसंबर में संक्रमण की स्थिति का आंकलन करने के बाद उसके आधार  परीक्षा का कार्यक्रम तय करेगा।


उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि दिसंबर में बोर्ड परीक्षा का कार्यक्रम दिसंबर में घोषित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि मौजूदा सरकार के समय में जुलाई-अगस्त में ही परीक्षा का कार्यक्रम घोषित कर दिया जाता है। इसके चलते विद्यार्थियों और अभिभावकों को भी परीक्षा कार्यक्रम का इंतजार है।

Sunday, November 22, 2020

यूपी बोर्ड : एक से डेढ़ महीने की देरी से होंगी बोर्ड परीक्षाएं।

यूपी बोर्ड : एक से डेढ़ महीने की देरी से होंगी बोर्ड परीक्षाएं।

प्रयागराज : कोरोना काल में पढ़ाई पिछड़ने के कारण इस बार यूपी बोर्ड परीक्षाओं के साथ प्रयोगात्मक परीक्षाएं भी देरी से होंगी। केंद्र निर्धारण नीति जारी नहीं होने, केंद्रों के निर्धारण का काम पिछड़ने और प्रयोगात्मक परीक्षाएं फरवरी में कराए जाने के निर्णय के बाद अबकी बार यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा 2021 मार्च के अंतिम सप्ताह अथवा अप्रैल के पहले सप्ताह में शुरू होने के आसार हैं। नवंबर खत्म होने को है और अभी तक केंद्र निर्धारण नीति जारी नहीं की जा सकी है। ऐसे में केंद्र निर्धारण किए बिना बोर्ड परीक्षा का कार्यक्रम तय करना कठिन होगा। बोर्ड की ओर से हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के पाठ्यक्रम 30 फीसदी कम किए जाने के बाद बोर्ड ने प्रयोगात्मक परीक्षा का कोर्स भी कम कर दिया है। इसके बाद भी समय से कोर्स पूरा नहीं होने और परीक्षा तैयारी पूरी नहीं होने से परीक्षा कार्यक्रम में देरी तय है। यूपी बोर्ड की ओर से प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया गया है कि वह 31 जनवरी 2021 तक हर हाल में विद्यालयों में प्रयोगात्मक कार्य पूरा कर लें। 


विद्यालयों में अभ्यास प्रैक्टिकल पूरा करने के बाद फरवरी के पहले और दूसरे सप्ताह में प्रयोगात्मक परीक्षाएं कराने का निर्देश दिया गया है। यूपी बोर्ड के सूत्रों की माने तो इस बार 1. परीक्षा मार्च के अंतिम सप्ताह अथवा अप्रैल के पहले सप्ताह से शुरू होगी। केंद्रों के निर्धारण का काम प्रयोगात्मक परीक्षा इस बार दिसंबर की बजाय फरवरी में और बोर्ड परीक्षा फरवरी की जगह मार्च में शुरू हो सकती है।


Saturday, November 21, 2020

फतेहपुर : रिक्त 19 पदों के लिए 23 नवम्बर को होगी ARP चयन परीक्षा

फतेहपुर : रिक्त 19 पदों के लिए  23 नवम्बर को होगी ARP चयन परीक्षा।

फतेहपुर : ARP चयन हेतु लिखित परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की सूची एवं प्रवेश पत्र जारी, देखें।

फतेहपुर : बेसिक शिक्षा विभाग ने अकादमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) के रिक्त 19 पदों को भरने के लिए 23 नवंबर को परीक्षा का आयोजन किया है। राजकीय इंटर कालेज में सुबह 11.30 बजे से दोपहर एक बजे तक चयन परीक्षा होगी। परीक्षा में कुल 22 आवेदक शामिल होंगे।




जिले के परिषदीय स्कूलों की पठन पाठन व्यवस्था में सुधार के लिए बेसिक शिक्षा विभाग में 70 एआरपी के पद सृजित हैं इनमें 51 कार्यरत हैं। पहले हुई चयन परीक्षा में कुल 54 आवेदकों का चयन किया गया था, लेकिन चयन के बावजूद तीन ने ज्वाइन नहीं किया था। इस तरह से रिक्त 19 पदों को भरने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने दोबारा प्रक्रिया शुरू की है। इन पदों के लिए कुल 22 शिक्षकों ने आवेदन किया है। परीक्षा सुबह 11.30 बजे से दोपहर एक बजे तक होगी। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि परीक्षा की तैयारी पूरी हो गई है। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान ने प्रश्नपत्र तैयार कर लिया है। प्रश्नपत्र जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के डबल लॉक में सुरक्षित हैं। परीक्षा के आधा घंटे पहले प्रश्नपत्र परीक्षा केंद्र भेजे जाएंगे।


हर हाल में होंगी सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाएं, जल्द जारी होगा कार्यक्रम

हर हाल में होंगी सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाएं, जल्द जारी होगा कार्यक्रम


केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के सचिव अनुराग त्रिपाठी ने शुक्रवार को कहा कि कक्षा 10 और कक्षा 12 के लिये होने वाली बोर्ड परीक्षाएं जरूर होंगी और इनके लिये शेड्यूल जल्द घोषित किये जाने की उम्मीद है। विभिन्न संगठनों द्वारा कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने या स्थगित किये जाने की मांग के बीच त्रिपाठी का यह बयान आया है। 



एसोचैम द्वारा 'नयी शिक्षा नीति: स्कूली शिक्षा के लिये उज्ज्वल भविष्य विषय पर आयोजित एक वेबिनार के दौरान उन्होंने कहा, “बोर्ड परीक्षाएं अवश्य होंगी और इनका कार्यक्रम जल्द ही घोषित किया जाएगा। सीबीएसई इसके लिये योजना बना रहा है और जल्द ही इस बात का खुलासा किया जाएगा कि परीक्षा का मूल्यांकन कैसे किया जाएगा।”
    
    
उन्होंने हालांकि इस पर टिप्पणी नहीं की कि क्या परीक्षा समान प्रारूप में और तय कार्यक्रम के अनुसार फरवरी-मार्च में आयोजित की जाएगी अथवा इसे स्थगित किया जाएगा।
  
      
त्रिपाठी ने कहा, “मार्च-अप्रैल के दौरान हम घबराये हुए थे कि आगे कैसे बढ़ेंगे, लेकिन इस मौके पर हमारे विद्यालयों और शिक्षकों ने शानदार काम किया और शिक्षण कार्य के लिये नई प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल के उद्देश्य से खुद में बदलाव किया और खुद को प्रशिक्षित किया। कुछ ही महीनों में विभिन्न ऐप का इस्तेमाल कर ऑनलाइन कक्षाएं लेना समान्य बात हो गई।”
 
       
कोरोना वायरस संक्रमण का प्रसार रोकने के लिये देश भर में मार्च में विद्यालय बंद कर दिये गए थे और 15 अक्टूबर के बाद कुछ राज्यों में आंशिक रूप से इन्हें खोला गया। कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए हालांकि कुछ राज्यों ने विद्यालयों को फिर से बंद करने का फैसला किया है। 
 
       
आधी परीक्षाओं के बाद बोर्ड परीक्षाओं को स्थगित करना पड़ा था और बाद में उन्हें रद्द किया गया तथा नतीजों की घोषणा वैकल्पिक आकलन योजना के आधार पर की गई। 

यूपी बोर्ड की छमाही परीक्षाएं आज से होंगी शुरू, तैयारियां पूरी

यूपी बोर्ड की छमाही परीक्षाएं आज से होंगी शुरू, तैयारियां पूरी

शैक्षिक सत्र 2020-21 की छमाही परीक्षाएं शनिवार से शुरू हो रही हैं। स्कूलों का दावा है कि उनकी तैयारियां पूरी हैं, मगर विद्यार्थियों की कम उपस्थिति जिम्मेदारों की चिंता बढ़ा रही है। अब देखना यह है कि छमाही परीक्षा के दौरान विद्यार्थी स्कूल का रुख करते हैं य नहीं।

यूपी बोर्ड के तहत संचालित स्कूलों में छमाही परीक्षाएं शनि वार से शुरू हो रही हैं। कोरोना संक्रमण को देखते हुए पहले परीक्षाएं टालने की भी संभावना थी। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने कहाकि परीक्षाएं अपने निर्धारित कैलेंडर के अनुसार ही कराई जाएंगी।


अभी तक ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही थीं, मगर अब 25 फीसद से अधिक विद्यार्थी कॉलेज आने लगे हैं। एक साथ विद्यार्थियों की भीड़ न हो इस बात को ध्यान में रखते हुए, उन्हें शिफ्टवार बुलाया गया है।
धीरेंद्र मिश्रा, प्रिंसिपल. राजकीय जुबली इंटर कॉलेज

दो दिन पहले हुई वर्चुअल बैठक में स्कूलों की ओर से दी गई रिपोर्ट के अनुसार कुछ स्कूलों में शत- प्रतिशत भी बच्चों की हाजिरी पाई गई। स्कूलों को परीक्षा की तैयारी करने को कहा गया है।
डॉ. मुकेश कुमार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक

Wednesday, November 18, 2020

सीबीएसई 10वीं 12वीं परीक्षा में चैप्टर के बॉक्स से पूछे जाएंगे वैल्यू बेस्ड प्रश्न, दिशानिर्देश जारी

CBSE 10th 12th Exam 2021 : सीबीएसई 10वीं 12वीं परीक्षा में चैप्टर के बॉक्स से पूछे जाएंगे वैल्यू बेस्ड प्रश्न, दिशानिर्देश जारी



CBSE 10th 12th Exams 2020 : 10वीं और 12वीं परीक्षा के दौरान आउट ऑफ सिलेबस प्रश्न की अफवाहें ना हों, हर प्रश्न सिलेबस के अंदर के हों, इसके लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने वैल्यू बेस्ड प्रश्न को लेकर दिशा-निर्देश जारी किया है। बोर्ड की मानें तो बोर्ड परीक्षा में प्रश्न कई तरह से पूछे जाएंगे। आप यह खबर प्राइमरी का मास्टर डॉट इन पर पढ़ रहे हैं। हर चैप्टर के बाद जो प्रश्न दिये रहते हैं, उन प्रश्न के अलावा चैप्टर के अंदर से भी प्रश्न पूछे जायेंगे। ये प्रश्न चैप्टर के अंदर बने बॉक्स से रहेंगे।  इसके लिए बोर्ड ने सभी स्कूलों को इसका निर्देश दिया है। स्कूलों को इसकी जानकारी छात्रों को देनी है। अभी चूंकि बोर्ड एग्जाम के कुछ महीने रह गये हैं। ऐसे में सभी शिक्षकों को चैप्टर के बॉक्स को पढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। 


ज्ञात हो कि पिछले कई सालों से कई विषयों की परीक्षा के बाद आउट ऑफ सिलेबस की अफवाहें होती रही हैं, जबकि बाद में बोर्ड को इसके लिए प्रूव देकर सिलेबस के अंदर प्रश्न पूछे जाने की बात बतानी पड़ती है। इससे छात्र और अभिभावक गुमराह होते है। इन तमाम चीजों से बचने के लिए बोर्ड ने इस बार परीक्षा शुरू होने के पहले सभी स्कूलों को दिशा निर्देश जारी किया है। 


सभी प्रश्न एनसीईआरटी बुक्स से ही आएंगे
बोर्ड की मानें तो सारे प्रश्न एनसीईआरटी पाठ्यक्रम से ही रहेंगे। दूसरी पब्लिकेशन से कोई प्रश्न नहीं पूछे जायेंगे। ज्ञात हो हर प्रश्न के लिए इस बार विकल्प रहेगा। हर प्रश्न का उत्तर देना अनिवार्य है। हर एक प्रश्न का विकल्प रहेगा। 


सभी विषयों में पूछे जाएंगे वैल्यू बेस्ड प्रश्न 
बोर्ड की मानें तो दसवीं और 12वीं के सभी विषयों में वैल्यू बेस्ड प्रश्न को रखा गया है। बारहवीं के विज्ञान, कला और वाणिज्य संकाय में सभी विषय में वैल्यू बेस्ड प्रश्न पूछे जायेंगे। वैल्यू बेस्ड प्रश्न आठ से 12 अंक के होंगे। वहीं दसवीं के भी सभी विषय में वैल्यू बेस्ड प्रश्न आठ से दस अंक के पूछे जायेंगे। 


■   बोर्डे के निर्देश

- चैप्टर में दिये गये प्रश्न के  अलावा चैप्टर के अंदर से भी प्रश्न पूछे जायेंगे 

- चैप्टर में दिये गये बाक्स को स्कूल अच्छे से पढ़ाएं, क्योंकि बॉक्स से भी प्रश्न आ सकते हैं 

- वैल्यू बेस्ड प्रश्न भी रहेंगे, ये प्रश्न चैप्टर के अंदर से रहेंगे

- हर प्रश्न का निश्चित अंक और शब्द भी निर्धारित रहेगा, उसी में उत्तर देना है 

संयम भारद्वाज (परीक्षा नियंत्रक, सीबीएसई) ने कहा, बोर्ड परीक्षा में कोई प्रश्न आउट ऑफ सिलेबस नहीं होता है। काफी सावधानी से प्रश्न पत्र तैयार किए जाते हैं। चैप्टर के अंदर या बाहर कहीं से भी प्रश्न पूछे जा सकते हैं। ऐसे में छात्र को अपनी पूरी तैयारी करनी चाहिए। सारे प्रश्न एनसीईआरटी से ही रहेंगे।

Sunday, November 15, 2020

यूपी बोर्ड : नहीं करना कोरोना के खत्म होने का इंतजार, छमाही परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों की व्यवस्था

यूपी बोर्ड : नहीं करना कोरोना के खत्म होने का इंतजार, छमाही परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों की व्यवस्था 


कोरोना संक्रमण से उपजे हालात से निपटने के लिए हर किसी ने एहतियात भरे कदम उठाए हैं। इन्हीं में से एक माध्यमिक शिक्षा विभाग भी है। तकनीकी और संसाधनों के लिए हमेशा से उपेक्षित कहा जाने वाला माध्यमिक शिक्षा विभाग अब हाईटेक बनकर उभरा है। यही कारण है कि माध्यमिक शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन कक्षाएं ही नहीं अब ऑनलाइन परीक्षा कराए जाने का भी निर्णय ले डाला है। 


जिला विद्यालय निरीक्षक, डॉ मुकेश कुमार सिंह के मुताबिक, 20 नवंबर से शुरू हो रहे छमाही परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों की व्यवस्था की गई है। जो छात्र स्कूल आकर परीक्षा देना चाहते हैं वह स्कूल आकर परीक्षा देंगे। और वे जिनके अभिभावक कोरोना संक्रमण के कारण बच्चों को स्कूल भेजने का साहस नहीं जुटा पा रहे हैं, अबे घर से ही ऑनलाइन परीक्षाएं दे सकते हैं।


जिला विद्यालय निरीक्षक के अनुसार बच्चों को गूगल मीट, जूम आदि के माध्यम से प्रश्न पत्र मुहैया कराए जाएंगे बच्चों को उनके उत्तर लिखकर ई-मेल के जरिए भेजना होगा। यदि किसी बच्चे के साथ इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या आ रही है तो उसे व्हाट्सएप के माध्यम से प्रश्न पत्र मुहैया कराया जाएगा। बच्चे परीक्षा ईमानदारी के साथ दें इसकी जिम्मेदारी खुद अभिभावकों को सौंपी जा रही है।


अभिभावकों की भी मिल रही सराहना
यूपी बोर्ड के तहत संचालित स्कूलों में ऑनलाइन और ऑफलाइन पढ़ाई की व्यवस्था को अभिभावकों की भी सराहना मिल रही है। छमाही परीक्षा को भी ऑनलाइन माध्यम से कराए जाने के प्रयास को भी अभिभावक खूब समर्थन दे रहे हैं।

यूपी बोर्ड की प्रायोगिक परीक्षाओं में फंस सकता है पेंच

यूपी बोर्ड की प्रायोगिक परीक्षाओं में फंस सकता है पेंच


कोरोना संक्रमण के चलते शैक्षिक सत्र 2020-21 प्रभावित जरूर हुआ है। नियमित कक्षाएं न चालू रहकर ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। इतना ही नहीं अन्य सुविधाओं के लिए भी विभाग को काफी मशक्कत करनी पड़ी। मगर इन सब के बावजूद माध्यमिक शिक्षा विभाग ने अपना सारा शेड्यूल पटरी पर होने का दावा किया है। यूपी बोर्ड परीक्षाओं को लेकर भी विभाग का दावा है  की परीक्षाएं अपने निर्धारित कैलेंडर के अनुसार ही कराई जाएंगी। ऐसे में सबसे अहम सवाल यह है कि प्रायोगिक परीक्षाओं को विभाग कैसे कराएगा।


अभी तक ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही थी, मगर अब 25% से अधिक विद्यार्थी कॉलेज आने लगे हैं। दीपावली बाद बच्चों की संख्या में इजाफा होगा। प्रैक्टिकल संबंधित सारे उपकरण कॉलेज में उपलब्ध हैं।


क्या कहते हैं के राजकीय जुबली इंटर कॉलेज प्रिंसिपल
राजकीय जुबली इंटर कॉलेज प्रिंसिपल धीरेंद्र मिश्रा के मुताबिक, प्रैक्टिकल कराए जाने के संबंध में शिक्षकों के साथ बैठक भी की गई है। एक साथ विद्यार्थियों की भीड़ न हो इस बात को ध्यान में रखते हुए, उन्हें शिफ्टवार बुलाया जाएगा। बोर्ड से निर्देश के बाद प्रयास किया जाएगा कि अगले एक से डेढ़ महीने के दौरान सिलेबस से जुड़ी प्रायोगिक परीक्षाएं पूरी करा ली जाए।


क्या कहते हैं जिला विद्यालय निरीक्षक
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ मुकेश कुमार सिंह के मुताबिक, स्कूलों में उपस्थिति प्रतिशत बढ़ी है। दो दिन पहले हुई वर्चुअल बैठक में स्कूलों की ओर से दी गई रिपोर्ट के अनुसार कुछ स्कूलों में शत-प्रतिशत भी बच्चों की हाजिरी पाई गई। प्रायोगिक परीक्षाओं को लेकर कॉलेजों को तैयार रहने के लिए भी कह दिया गया है। परिषद से प्रायोगिक परीक्षाओं के संबंध में जैसे दिशा निर्देश मिलते हैं, वैसा किया जाएगा।

Saturday, November 14, 2020

यूपी बोर्ड: स्कूल 31 जनवरी तक पूरी कर लें प्रयोगात्मक कक्षाएं

यूपी बोर्ड: स्कूल 31 जनवरी तक पूरी कर लें प्रयोगात्मक कक्षाएं



प्रयागराज। यूपी बोर्ड सचिव ने प्रदेश के सभी प्रधानाचार्यों से 31 जनवरी तक 12 वीं की प्रयोगात्मक कक्षाएं पूरी कर लेने का निर्देश दिया है। स्कूल में प्रयोगात्मक कार्य पूरा कर लेने के बाद बोर्ड की प्रायोगिक परीक्षाएं फरवरी के पहले और दूसरे सप्ताह में कराई जाएंगी। 


यूपी बोर्ड सचिव दिव्यकांत शुक्ल की ओर से भेजे गए निर्देश में कहा गया है कि12 वीं की प्रयोगात्मक परीक्षा और हाईस्कूल के नैतिक शिक्षा, योग, खेल, शारीरिक शिक्षा के ग्रेड एवं आंतरिक मूल्यांकन के अंक और इंटरमीडिएट में नैतिक शिक्षा, योग, खेल, शारीरिक शिक्षा के लिखित एवं प्रयोगात्मक परीक्षा के अंक 15 फरवरी तक बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। स्कूलों में प्रैक्िटकल संशोधित पाठ्यक्रम के आधार पर होंगे।

Friday, November 13, 2020

एक तैयारी में दे सकेंगे शिक्षक पात्रता की दो परीक्षाएं, UPTET फरवरी माह में संभावित तो CTET 31 जनवरी को

एक तैयारी में दे सकेंगे शिक्षक पात्रता की दो परीक्षाएं,  UPTET फरवरी माह में संभावित तो CTET 31 जनवरी को


प्रतियोगी परीक्षाएं वर्ष भर होती हैं और हजारों प्रतियोगी उनमें शामिल होते आ रहे हैं। नए साल में शिक्षक पात्रता की ऐसी दो परीक्षाएं एक माह के अंतराल में होने की उम्मीद है। खास बात यह है कि प्रतियोगियों को एक ही तैयारी में दोनों परीक्षाएं देने का अवसर मिलेगा। संयोग से दोनों परीक्षाओं में अभ्यर्थियों की तादाद लाखों में होती है। उनमें से एक का कार्यक्रम घोषित है और दूसरे का शासनादेश जारी हो गया है। परीक्षा तारीख इसी माह घोषित होगी।


राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद यानी एनसीटीई का निर्देश है कि वर्ष में दो बार शिक्षक पात्रता परीक्षा कराई जाए। केंद्र सरकार पिछले वर्ष तक छह-छह माह के अंतराल पर दो परीक्षाएं कराती आ रही है, वहीं उत्तर प्रदेश में यह परीक्षा एक बार ही आयोजित हो रही है। सीटीईटी यानी केंद्र की परीक्षा पांच जुलाई को होना प्रस्तावित था लेकिन, कोरोना संक्रमण की वजह से नहीं हो सकी थी। अब यह परीक्षा 31 जनवरी 2021 को कराने की तारीख तय है। देशभर में परीक्षा केंद्र के शहरों की संख्या 112 से बढ़ाकर 135 की गई है। अभ्यर्थियों से केंद्र बदलने के आवेदन इन दिनों लिए जा रहे हैं।


उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) 2020 का गुरुवार को शासनादेश जारी हो गया है। यह परीक्षा अब फरवरी माह के अंत में संभावित है। शासन ने परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव से विस्तृत प्रस्ताव मांगा है। परीक्षा प्रदेश के सभी जिलों में कराई जानी है कड़े निर्देश हैं कि उन्हीं राजकीय व एडेड कालेजों को केंद्र बनाया जाए, जिनकी छवि साफ हो। इस बार भी आवेदकों की संख्या करीब 15 लाख के आसपास हो सकती है। सचिव जल्द ही परीक्षा तारीख और आनलाइन आवेदन लेने का कार्यक्रम जारी करेंगे।


यह परीक्षा अहम क्यों : सभी अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण करना अनिवार्य है, तभी वे प्राथमिक स्तर की शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा में प्रतिभाग कर सकते हैं। इसमें सामान्य व आरक्षित वर्ग के लिए अलग-अलग कटऑफ अंक तय हैं। हालांकि हर बार परीक्षा में उत्तीर्ण होने वालों की तादाद काफी कम रहती है।


दो स्तर की होती है परीक्षा
टीईटी प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर की होती है। दोनों परीक्षाओं का आयोजन एक ही दिन दो पालियों में होता रहा है। अभ्यर्थी दोनों के लिए आवेदन कर सकते हैं। पहले में पाठ्यक्रम इंटर स्तर का ही है।

डीएलएड परीक्षा के दोनों पाली में आउट हुए थे पर्चे, गैंग के पांच सदस्य गिरफ्तार, दो हजार में उपलब्ध कराते थे डीएलएड का पेपर

डीएलएड परीक्षा के दोनों पाली में आउट हुए थे पर्चे,  गैंग के पांच सदस्य गिरफ्तार, दो हजार में उपलब्ध कराते थे डीएलएड का पेपर


इटावा : डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजूकेशन (डीएलएड) -2018 के चौथे सेमेस्टर की परीक्षा में बुधवार को दोनों पाली के प्रश्नपत्र लीक हुए थे। मामले में पुलिस ने सॉल्वर गैंग से जुड़े पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ कॉलेज के प्रधानाचार्य संजय शर्मा ने मुकदमा दर्ज कराया है, वहीं तीन फरार आरोपितों की तलाश में दबिश दी जा रही है।


एसएसपी आकाश तोमर ने बताया कि बुधवार को प्रभारी निरीक्षक कोतवाली बचन सिंह को डीआइओएस राजू राणा और सनातन धर्म इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य व केंद्र व्यवस्थापक संजय शर्मा ने डीएलएड परीक्षा-2018 की द्वितीय पाली के अंग्रेजी के प्रश्नपत्र के आउट होने की जानकारी दी। कुछ अभ्यर्थियों के वाट्सएप पर भी प्रश्नपत्र उपलब्ध होने की बात बताई। 


इस पर प्रभारी निरीक्षक ने इटावा के फ्रेंड्स कालोनी थाना के श्यामनगर भरथना रोड निवासी शिवम यादव, जसवंतनगर के जनकपुर निवासी मनीष कुमार सिंह, बसरेहर के पत्तापुरा निवासी निखिल कुमार, मूल रूप से इटगांव व हाल पता फ्रेंड्स कालोनी थाना के शिवपुरीशाल पचावली निवासी प्रशांत कुमार सिंह और नई मंडी यदुवंश नगर निवासी सचिन कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया। आरोपित सचिन कुमार ने बताया कि दो हजार रुपये प्रति व्यक्ति तय करके वाट्सएप पर पेपर उपलब्ध करा रहे थे।

Wednesday, November 11, 2020

वर्ष 2021 की हाईस्कूल परीक्षा के प्रोजेक्ट कार्य एवं इण्टरमीडिएट परीक्षा के प्रयोगात्मक कार्य को कम किये गये पाठ्यक्रमानुसार सम्पादित कराये जाने के सम्वन्ध में निर्देश जारी

वर्ष 2021 की हाईस्कूल परीक्षा के प्रोजेक्ट कार्य एवं इण्टरमीडिएट परीक्षा के प्रयोगात्मक कार्य को कम किये गये पाठ्यक्रमानुसार सम्पादित कराये जाने के सम्वन्ध में निर्देश जारी




Monday, November 9, 2020

सैनिक स्कूलों में प्रवेश हेतु विज्ञप्ति जारी

सैनिक स्कूलों में एक प्रवेश परीक्षा से दाखिले, NTA को सौंपा गया जिम्मा

सैनिक स्कूलों में प्रवेश हेतु विज्ञप्ति जारी। 



बरेली : अब देश भर के 33 सैनिक स्कूलों में कक्षा छह व नौ में दाखिले के लिए सिर्फ एक परीक्षा होगी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को ऑल इंडिया सैनिक स्कूल एंट्रेंस एग्जाम की जिम्मेदारी सौंपी गई है।


परीक्षा अगले वर्ष 10 जनवरी को होगी। इसके लिए एनटीए ने शनिवार को विस्तृत शेड्यूल जारी किया है। अभी तक सभी सैनिक स्कूल अपनी-अपनी परीक्षा कराते हुए मेरिट बनाकर दाखिला लेते थे।

20 नवंबर से होंगी यूपी बोर्ड की छमाही परीक्षाएं कराने का दावा, ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनो तरीके से होगी परीक्षा

20 नवंबर से होंगी यूपी बोर्ड की छमाही परीक्षाएं कराने का दावा, ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनो तरीके से होगी परीक्षा


कोरोना संक्रमण काल की चुनौतियों का सामना करते हुए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने छमाही परीक्षा की तैयारियां शुरू कर दी हैं। अभी तक किए गए होमवर्क को देखते हुए विभाग के अधिकारियों ने 20 नवंबर से छमाही परीक्षाएं शुरू कराए जाने का दावा किया है। परीक्षाएं ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों में कराई जानी हैं। ऐसे में इस बार बीते वर्षों की तुलना में पहले ही परीक्षाएं शुरू कराई जा रही हैं, जोकि दिसंबर मध्य तक चलेंगी।


राजधानी में कक्षा नौ से 12 तक करीब 600 से अधिक माध्यमिक स्कूलों हैं। इनमें विद्यार्थियों की संख्या दो लाख से अधिक है। जिले स्तर के अधिकारियों का कहना है कि बच्चों की कक्षाएं अभी ऑनलाइन संचालित की जा रही हैं। समय से आधा कोर्स पूरा हो जाए और उसकी परीक्षाएं हो जाएं, इस बात पर अभी फोकस किया जा रहा है। इसी मकसद से दीपावली के बाद 20 नवंबर से छमाही परीक्षाएं शुरू कराए जाने की तैयारी पूरी कर ली गई है।


अभिभावकों पर छोड़े गए दोनों विकल्प: जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि कक्षा नौ से कक्षा 12 तक की छमाही परीक्षाएं ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों में कराए जाने की व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। अभिभावक यदि स्कूल भेजकर अपने बच्चों को परीक्षा में शामिल कराना चाहते हैं या फिर घर से ही परीक्षा दिलाए जाने के पक्ष में हैं तो इस संबंध में स्कूल को अवगत करा दें। स्कूल की ओर से किसी तरह की कोई बाध्यता नहीं रहेगी।

Sunday, November 8, 2020

टीईटी 2019 की तर्ज पर डीएलएड परीक्षा केंद्र पर स्मार्टफोन पर पाबंदी, लगातार पेपर लीक की खबरों के बीच उठाया कदम

टीईटी 2019 की तर्ज पर डीएलएड परीक्षा केंद्र पर स्मार्टफोन नहीं ले जा सकेंगे प्रधानाचार्य व शिक्षक

लगातार पेपर लीक की खबरों के बीच उठाया कदम। 

डीएलएड परीक्षा पर सवाल,  नकल व पेपर आउट सिलसिला नहीं रहा थम

डीएलएड सेमेस्टर परीक्षा के सम्बंध में महत्वपूर्ण नवीन निर्देश जारी।




प्रयागराज : पहले बीटीसी और अब डीएलएड की संमंस्टर परीक्षाओं में नकल व पेपर आउट सिलसिला थम नहीं रहा है। बीटीसी की वार्षिक परीक्षाएं पहले राजकीय व एडेड माध्यमिक कालेजों में ही होती थीं, लेकिन बाद में यह परीक्षा निर्जी कालजों व डायट पर कराई जाने लगी।

इसमें नकल की बहुतायत शिकायतें मिलीं, तब फिर परीक्षा राजकीय और एडेंड माध्यमिक कालेजों को सॉपी गई, ताकि नकल पर प्रभावी अंकुश लगे। असल में, प्रशिश्लु उम्दा अंक पाने की ललक में नकल व पेपर लीक करने का सहारा ले रहे हैं, क्योंकि शिक्षक भर्ती की मेरिंट में प्रशिक्षण के भी अंक जोड़े जाते हैं। संयोग है कि करीब इतनी अवधि पहले ही परीक्षा कंद्रों पर पेपर पहुंचता है। प्रयागराज के राजकीय इंटर कालेज से चार नवंबर को अभ्यर्थी ज्योति और उसके भाई राहुल मौर्य को पकड़ा गया था, क्योंकि उसके मोबाइल पर हल पेपर मिला था। अब पर्रक्षा केंद्र पर स्मार्टफोन ले जाने पर रोक लग गई है।




प्रयागराज : टीईटी 2019 की तर्ज पर डीएलएड की सेमेस्टर परीक्षाओं में स्मार्टफोन पर पूर्ण पाबंदी लगा दी गई है। परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी ने बताया कि अब प्रधानाचार्य, शिक्षक व परीक्षा कार्य में लगे अन्य कर्मचारी भी स्मार्टफोन लेकर केंद्र पर नहीं जा सकेंगे।

बेसिक शिक्षा विभाग की छमाही परीक्षा को लेकर तैयारियां शुरू, जरूरत पड़ने पर होम एक्जाम का भी विकल्प

बेसिक शिक्षा विभाग की छमाही परीक्षा को लेकर तैयारियां शुरू, जरूरत पड़ने पर होम एक्जाम का भी विकल्प


स्कूल के बच्चों की पढ़ाई का रास्ता कोरोना और आर्थिक विपन्नता दोनों ही रोक रहे हैं, फिर भी ब्रेसिक शिक्षा विभाग द्वारा बच्चों में पढ़ने की आदत बरकरार रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में अब घर से ही परीक्षा कराने की तैयारी है। प्रक्रिया कठिन जरूर है, मगर बच्चों ने भी कोरोना जैसी आपद को अवसर में बदलने की ठान ली है।


कोरोना संक्रमण काल के दौरान परिषदीय विद्यालयों में जैसे-तैंस पढ़ाई कराई जा रही है, मगर अब छमाही परीक्षाओं का भी वक्‍त आ गया है। ऐसे में कोरोना के कारण जब बच्चे अभी घर से ही पढ़ाई कर रहे हैं तो पर्ाक्षाएं भी उन्हें घर से ही देनी पड़ सकती हैं। ब्रेसिक शिक्षा विभाग ने छमाही परीक्षाओं को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। कहना है कि फिलहाल तो सरकार के दिशा- निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है, मगर ठंड में कोरोना संक्रमण के खतंर को देखते हुए स्कूल अभी बंद रहने के ही अनुमान हैं। ऐसे में राजधानी लखनऊ स्थित परिषदीय और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के करीब एक लाख 90 हजार से अधिक बच्चों को होम एग्जाम की हीं प्रक्रिया से गुजरना होगा।

सरकार द्वारा जैसा दिशा-निर्देश होगा, वैसा किया जाएगा. होम एग्जाम के लिए भी तैयारी पूरी है।
दिनेश कुमार, वेसिक शिक्षा अधिकारी

डीएलएड पेपर लीक होने के मामले में 21 परीक्षार्थियों पर केस दर्ज

मऊ : डीएलएड पेपर लीक होने के मामले में 21 परीक्षार्थियों पर केस दर्ज, केंद्र की परीक्षा रद्द


मऊ : डीएलएड (डिप्लोमा इन एलमेंट्री एजुकेशन) की हो रही परीक्षा के दौरान शुक्रवार सामाजिक विज्ञान समेस्टर दो का पेपर लीक होने के मामले में शनिवार को 21 परीक्षार्थियों के खिलाफ शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। एफआईआर दर्ज होने के बाद नकल माफियाओं में पूरे दिन अफरा-तफरी रही। डायट प्राचार्य ने चेताया कि नकल माफियाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।


जिले के 17 केन्द्रों पर डीएलएड (डिप्लोमा इन एलमेंट्री एजुकेशन) की हो रही परीक्षा के दौरान शुक्रवार को दूसरे सेमेस्टर की सामाजिक विज्ञान का पेपर लीक हो गया था। दूसरे पाली की परीक्षा से पहले गेट पर चेकिंग के दौरान परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र व हाथ पर प्रश्नों के उत्तर लिखे मिले थे। इसका मिलान करने पर अधिकतर प्रश्नों के उत्तर सही मिले थे।


इसके बाद डायट प्राचार्य ने पूरे मामले से जिलाधिकारी व विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया था। डायट प्राचार्य प्रभुनाथ चौहान ने बताया कि शहर क्षेत्र के सोनीधापा बालिका इण्टर कालेज में पेपर लीक आउट होने के मामले में कुल 21 परीक्षार्थियों के खिलाफ शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है। उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। केस होने के बाद नकल माफियाओं में हड़कंप मचा है। वहीं सूत्रों के अनुसार यदि जांच की जाए तो डीएलएड का पेपर लीक आउट करने के पीछे नकल माफिया के रैकेट का मिल सकता है।


खबर मिल रही कि 
मऊ के एक केंद्र की सामाजिक विज्ञान की परीक्षा भी निरस्त, परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव दीपावली बाद कराएंगे दोबारा इम्तिहान। 

Saturday, November 7, 2020

डीएलएड 2019 द्वितीय सेमेस्टर गणित की परीक्षा निरस्त, 2.5 लाख प्रशिक्षु फिर देंगे परीक्षा

पेपर आउट की आख्या पर डीएलएड द्वितीय सेमेस्टर गणित विषय का प्रश्नपत्र रद्द, पुनः परीक्षा का कार्यक्रम अलग से होगा निर्गत। 


डीएलएड 2019 द्वितीय सेमेस्टर गणित की परीक्षा निरस्त, 2.5 लाख प्रशिक्षु फिर देंगे परीक्षा


प्रयागराज : प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक बनने की प्रशिक्षण परीक्षा डीएलएड भी नकल व पेपर आउट का शिकार हो गई है। परीक्षा नियामक प्राधिकारी के मुख्यालय वाले शहर प्रयागराज से लगातार पेपर आउट के प्रकरण सामने आ रहे हैं। सचिव ने डीएलएड 2019 द्वितीय सेमेस्टर गणित की परीक्षा प्रदेश भर में निरस्त कर दी है। वहीं, इसी सेमेस्टर में मऊ जिले के एक केंद्र की सामाजिक विज्ञान की परीक्षा निरस्त की गई है। दोनों परीक्षाएं दीपावली बाद फिर से कराई जाएंगी।

बीटीसी व डीएलएड की परीक्षाएं प्रदेश भर में 30 अक्टूबर से चल रही हैं, जो 11 नवंबर तक चलेंगी। बीटीसी बैच 2013, सेवारत (मृतक आश्रित) व 2014, 2015, डीएलएड प्रशिक्षण 2017 व 2018 (अवशेष/अनुत्तीर्ण) और डीएलएड 2019 द्वितीय सेमेस्टर की शुक्रवार दोपहर 12 से एक बजे तक गणित और दो से चार बजे तक सामाजिक अध्ययन की परीक्षा हुई। 


इसमें गणित व सामाजिक विज्ञान का पेपर परीक्षा शुरू होने से आधे घंटे पहले वाट्सएप पर वायरल हुआ। प्रयागराज के डायट प्राचार्य संतोष कुमार मिश्र ने शनिवार को परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव को रिपोर्ट सौंपी है। सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी ने बताया कि गणित का पेपर प्रयागराज के अलावा मऊ, हाथरस, एटा आदि कई जिलों में वायरल होने की सूचना है इसलिए गणित विषय का इम्तिहान निरस्त कर दिया है।


मऊ के एक केंद्र की सामाजिक विज्ञान की परीक्षा निरस्त, परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव दीपावली बाद कराएंगे दोबारा इम्तिहान।


डीएलएड प्रशिक्षण-2019 के दूसरे सेमेस्टर का पर्चा भी आउट, गणित और सामाजिक विज्ञान का पर्चा प्रशिक्षुओं तक परीक्षा से पहले पहुंचा

डीएलएड प्रशिक्षण-2019 के दूसरे सेमेस्टर का पर्चा भी आउट,  गणित और सामाजिक विज्ञान का पर्चा प्रशिक्षुओं तक परीक्षा से पहले पहुंचा


डीएलएड (पूर्व में बीटीसी) की सेमेस्टर परीक्षा मजाक बनकर रह गई है। नकल माफिया परीक्षा से आधा घंटा पहले ही पेपर आउट करके व्हाट्सएप पर वायरल कर दे रहे हैं। शुक्रवार को बीटीसी बैच 2013, सेवारत (मृतक आश्रित ), एवं 2014, 2015, डीएलएड प्रशिक्षण 2017 एवं 2018 (अवशेष/अनुत्तीर्ण) और डीएलएड 2019 द्वितीय सेमेस्टरकी दोपहर 12 से एक बजे तक गणित और 2 से 4 बजे तक सामाजिक अध्ययन की परीक्षा थी।


गणित का पेपर 11:28 और सामाजिक अध्ययन का पर्चा के साथ उसका हल 1.28 बजे ही व्हाट्सएप पर वायरल हो गया। पेपर खत्म होने के बाद लीक हुए परचे से लोगों ने सवाल मिलाए तो पता लगा कि जो प्रश्नपत्र व्हाट्सएप पर वायरल था, उसमें और असली परचे में कोई फर्क नहीं। बताया जा रहा है कि प्रश्नपत्र और उत्तरकुंजी 500-500 रुपये में बिक रही थी। प्रशिक्षु परीक्षा केंद्र के बाहर पेपर हल करके अंदर जा रहे थे ।


 बहुविकल्पीय प्रश्नों का उत्तर अपने प्रवेश पत्र पर ही पेंसिल से लिख ले रहे थे। इस मामले की जांच परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने शुरू कर दी है। यह स्थिति जिले में राजकीय इंटर कॉलेज के अलावा अन्य केंद्रों पर भी है । सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी अनिल भूषण चतुर्वेदी ने पेपर लीक से इनकार नहीं किया है । उनका कहना है कि प्रकरण की जांच कराई जा रही है।


इस घटना ने पूरी परीक्षा परप्रश्न खड़ा करदिया है। डीएलएड एवं बीटीसी के तकरीबन 4 लाख प्रशिक्षु पूरे प्रदेश के विभिन्न केंद्रों पर 30 अक्तूबर से 11 नवंबर तक परीक्षा दे रहे हैं। पेपर जब व्हाट्सएप पर वायरल हो रहा है तो क्या प्रयागराज, क्यालखनऊ या कहीं और पहुंचने में कितना समय लगेगा। जीआईसी से ही नकल करने के मामले में 4 नवंबर को एक अभ्यर्थी ज्योति और उसके भाई राहुल मौर्य को पकड़ा गया था।


प्रयागराज/मऊ/एटा/हाथरस। डीएलएड प्रशिक्षण 2019 के दूसरे सेमेस्टर का पर्चा परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे पहले आउट हो गया। गणित एवं सामाजिक विज्ञान के प्रश्नपत्र प्रशिक्षुओं के व्हाट्सएप पर परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे पहले ही पहुंच गए। जो प्रश्नपत्र प्रशिक्षुओं को मिला, वही परीक्षा कक्ष में मिलने के बाद पक्का हो गया कि पर्चा आउट है। इसे लेकर कुछ परीक्षार्थियों ने हंगामा करने की कोशिश की लेकिन उन्हें शांत करा दिया गया। 


मामले में सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी अनिल भूषण चतुर्वेदी ने जांच करने की बात कही है। प्रयागगाज के अलावा मऊ, एटा और हाथरस में भी ऐसे मामले सामने आए हैं। दूसरे सेमेस्टर का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले पहुंच गया। डीएलएड दूसरे सेमेस्टर गणित की परीक्षा 12 से एक बजे के बीच थी, जिसका पर्चा परीक्षार्थियों के पास 11.30 बजे से पहले पहुंच गया। अमर उजाला के पास भी यह पर्चा परीक्षा शुरू होने के पहले आ गया था। एटा के महारानी लक्ष्मीबाई गर्ल्स इंटर कॉलेज, मऊ के सोनीधापा बालिका इंटर कॉलेज और हाथरस में डीआरबी इंटर कॉलेज में भी इसी तरह के मामले सामने आए हैं।


सॉल्व पेपर के साथ पकड़ी गई छात्रा

डीएलएड द्वितीय सेमेस्टर गणित विषय की परीक्षा के दौरान न्यू एंजिल्स स्कूल परीक्षा केंद्र पर एक छात्रा सॉल्व पेपर के साथ पकड़ी गई। कक्ष निरीक्षक के साथ छात्रा ने हाथापाई की और स्कूल परिसर में जमकर हंगामा किया। पर्यवेक्षक ने छात्रा की प्रथम उत्तर पुस्तिका को सॉल्व पेपर के साथ सील कर इसकी सूचना डायट प्राचार्य को भेज दी है।


शहर के कटरा रोड स्थित एंजिल्स इंटर कॉलेज को डीएलएड परीक्षा का केंद्र बनाया गया है। शुक्रवार को दूसरी पाली में द्वितीय सेमेस्टर गणित विषय की परीक्षा चल रही थी। परीक्षा शुरू होने के करीब आधे घंटे बाद कुंती देवी महिला शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान की एक छात्रा सॉल्व पेपर के साथ पकड़ी गई। कक्ष निरीक्षक ने देखा कि मुख्य परीक्षा के प्रवेश पत्र की पिछली तरफ छात्रा ने क्रमवार प्रश्नों के उत्तर लिखे थे। छात्रा साल्व पेपर के जरिए ही परीक्षा दे रही थी। कक्ष निरीक्षक ने उससे साल्व पेपर छीना तो वह हाथापाई पर उतर आई। पेन के जरिए उसने कक्ष निरीक्षक पर हमला बोल दिया। हंगामा व शोर पर आसपास के कक्ष निरीक्षक व स्कूल प्रशासन के लोग दौड़े और किसी तरह कक्ष निरीक्षक को छात्रा से अलग कराया जा सका।


उसने प्रश्नपत्र, उत्तर पुस्तिका और प्रवेश पत्र को फाड़ दिया। सॉल्व पेपर को वह मुंह में चबाने की कोशिश करने लगी। हालांकि पर्यवेक्षक व शिक्षकों ने किसी तरह उससे साल्व पेपर का बचा हुआ हिस्सा छीन लिया। छात्रा का आरोप था कि नकल करने के लिए उसने रुपए दिए हैं। पैसा लेने के बाद उसे नकल करने से क्यों रोका जा रहा है। परीक्षा केंद्र की पर्यवेक्षक नूर फातिमा व सरिता शुक्ला छात्रा से साल्व पेपर के बारे में पूछताछ करने लगी। पर उसने कोई जानकारी नहीं दी। बाद में छात्रा की मूल कापी छीनकर उसे दूसरी कापी लिखने को दी गई। परीक्षा केंद्र की प्रभारी डॉ. शाहिदा ने बताया कि छात्रा नकल करते हुए पकड़े जाने पर हंगामा कर रही थी। उसे दूसरी कापी देकर पहली कापी छीन ली गई है।


चकमा देने के लिए साथ लाई पुराना प्रवेश पत्र : छात्रा कक्ष निरीक्षक व डायट टीम को चकमा देने के लिए डीएलएड मुख्य परीक्षा का प्रवेश पत्र भी अपने साथ लेकर आई थी। मौजूदा समय में बैक पेपर चल रहे हैं। इसके लिए नया प्रवेश पत्र जारी हुआ है। मुख्य परीक्षा का प्रश्नपत्र ए 4 साइज का था। उसी के पिछले हिस्से पर छात्रा प्रश्नपत्र के सभी उत्तर को क्रमवार लिखकर लाई थी।


कहीं पेपर आउट तो नहीं : छात्रा के प्रवेश पत्र पर मिले सभी प्रश्नों के हल से पेपर लीक होने की चर्चा तेजी से उठी है। विभागीय लोग सार्वजनिक तौर पर भले ही कुछ कहने से बच रहे हैं लेकिन छात्रा के पास से मिले सॉल्व पेपर को लेकर वह भी परेशान हैं।