DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़
Showing posts with label परीक्षा. Show all posts
Showing posts with label परीक्षा. Show all posts

Thursday, February 25, 2021

दिल्ली: नर्सरी से 8वीं तक के बच्चों की नहीं होगी परीक्षा, इस आधार पर किए जाएंगे प्रमोट

दिल्ली: नर्सरी से 8वीं तक के बच्चों की नहीं होगी परीक्षा, इस आधार पर किए जाएंगे प्रमोट


दिल्ली के सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के बच्चे नो डिटेंशन पॉलिसी के तहत अगली कक्षाओं में प्रमोट होंगे। वार्षिक परीक्षा की बजाय उनका मूल्यांकन असाइनमेंट व वर्कशीट के आधार पर किया जाएगा। कोरोना महामारी के कारण बीते एक साल से स्कूल बंद हैं। वर्ष 2020 में भी इसी आधार पर बच्चों को प्रमोट किया गया था। शिक्षा निदेशालय ने इसके लिए गाइडलाइंस भी जारी कर दी हैं।

कोरोना महामारी के कारण मार्च 2020 से स्कूल बंद हैं। अप्रैल से स्कूलों में नया सत्र शुरू होता है, ऐसे में एक बार फिर छात्रों को असाइनमेंट के आधार पर प्रमोट किया जा रहा है। बच्चों का मूल्यांकन 100 अंकों के आधार पर ही होगा। इसके लिए अंकों की वेटेज भी तय की गई है।


तीसरी से पांचवीं तक के बच्चों की वर्कशीट का मूल्यांकन 30 अंकों, शीतकालीन अवकाश के दौरान दिए गए असाइनमेंट का मूल्यांकन 30 अंकों के आधार पर होगा। एक मार्च से 15 मार्च के बीच शिक्षक बच्चों को असाइनमेंट व प्रोजेक्ट देंगे। इनका मूल्यांकन 40 अंकों के आधार पर होगा। छठी से आठवीं तक के बच्चों का मूल्यांकन भी 100 अंकों के आधार पर होगा। इसमें वर्कशीट के 20 अंक, शीतकालीन अवकाश के दौरान दिए गए असाइनमेंट के लिए 30 अंक, व एक मार्च से 15 मार्च के बीच दिए जाने वाले असाइनमेंट और प्रोजेक्ट का मूल्यांकन 50 अंकों के आधार पर होगा।


कोरोना महामारी के कारण उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए अपनाई गई वैकल्पिक लर्निंग एप्रोच का प्रभाव जानने के लिए ही यह मूल्यांकन किया जा रहा है। इस मूल्यांकन के आधार पर निदेशालय को अगले सत्र के लिए सीखने की रणनीति बनाने में भी मदद मिलेगी। सरकारी स्कूल के बच्चों के अंक लिंक पर अपलोड करने के लिए 15 से 25 मार्च तक का समय दिया गया है। सह-शैक्षिक गतिविधियों के लिए स्कूल बच्चों को ग्रेड देंगे। मूल्यांकन के बाद रिजल्ट 31 मार्च को घोषित किए जाएंगे। रिजल्ट जारी करने के लिए बच्चों को स्कूल नहीं बुलाया जाएगा।


केजी से दूसरी तक के बच्चे भी होंगे प्रमोट
सरकारी स्कूलों में केजी से दूसरी कक्षा तक केबच्चों को भी अगली कक्षाओं में प्रमोट किया जाएगा। शिक्षा निदेशालय ने इन कक्षाओं के बच्चों के मूल्यांकन के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन कक्षाओं का मूल्यांकन शीतकालीन अवकाश में दिए गए असाइनमेंट, कोविड-19 केदौरान दी गई वर्कशीट (ऑफलाइन-ऑनलाइन) के आधार पर किया जाएगा। कोविड-19 के कारण स्कूल बंद होने से टीचिंग लर्निंग एक्टिविटी भी बंद है। इन कक्षाओं के बच्चों को वर्कशीट दी जा रही हैं। अब मार्च में बच्चों को वर्कशीट का अंतिम सेट दिया जाएगा। उसके बाद केजी से दूसरी तक के छात्रों को ग्रेड-मार्क्स दिए जाएंगे।

पालीटेक्निक प्रवेश के लिए 26 फरवरी से होंगे आवेदन

पालीटेक्निक प्रवेश के लिए 26 फरवरी से होंगे आवेदन

एडेड और निजी पालीटेक्निक संस्थानों में वर्ष 2021-22 में डिप्लोमा एवं पोस्ट ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 26 फरवरी से शुरू होगी। बुधवार को इसकी तिथि तय कर दी गई। इस बार सभी प्रवेश परीक्षाएं आनलाइन होनी हैं, इसलिए 75 की जगह करीब 60 जिलों में ही केंद्र बनाने की योजना है। सिर्फ उन्हीं कालेजों को सेंटर बनाया जाएगा, जहां आनलाइन परीक्षा के सारे इंतजाम होंगे।


हर साल संयुक्त प्रवेश परीक्षा के माध्यम से प्रदेश के 1,372 पालीटेक्निक संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया आयोजित की जाती है। पिछले साल कोविड की वजह से प्रवेश प्रक्रिया काफी देर से शुरू हुई थी। इस बार समय से आवेदन शुरू कराने की तैयारी है। प्रवेश के लिए आनलाइन आवेदन के विस्तृत निर्देश jeecup.nic. in और jeecup.org पर जल्द जारी होंगे। प्रवेश परीक्षाएं 15 से 20 जून तक आनलाइन होंगी। इसका समय सुबह नौ से 12 बजे और दोपहर में 2.30 से 5.30 बजे तक होगा।


JEECUP 2021: 15 से 20 जून तक होगी यूपी पॉलीटेक्निक संयुक्त प्रवेश परीक्षा

JEECUP 2021: प्रदेश भर के पॉलीटेक्निक संस्थानों में सत्र 2021-22 में दाखिले के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा 15 से 20 जून तक आयोजित होगी। प्रवेश परीक्षा ऑनलाइन होगी। परीक्षा का विस्तृत कार्यक्रम जल्द ही वेबसाइट jeecup.nic.in पर जारी कर दिया जाएगा। अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह जानकारी सम्बद्ध अधिकारी संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद राम रतन ने दी।

उन्होंने बताया कि अभ्यर्थी संयुक्त प्रवेश परीक्षा के माध्यम से राजकीय, अनुदानित व निजी क्षेत्र की पॉलीटेक्निक संस्थाओ में प्रवेश ले सकते हैं। परीक्षा का प्रवेश पत्र परीक्षा के 10 दिन पहले प्राविधिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर जारी कर दिया जाएगा। प्रदेश के पॉलीटेक्निक कॉलेजों में प्रवेश के लिए होने वाली परीक्षा में 10 वीं पास से लेकर स्नातक उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा अलग-अलग जिलों में बने केंद्रों पर ऑनलाइन होगी। हिन्दी या अंग्रेजी दोनों में से किसी भी भाषा में अभ्यर्थी परीक्षा दे सकते हैं।

UPJEE (POLYTECHNIC) के ग्रुप A, E1 और E2 की परीक्षा ऑफलाइन मोड से होगी। वहीं शेष B, C, D, F, G, H, I, K1, K2, K3, K4, K5, K6, K7 व K8 ग्रुप की परीक्षा ऑनलाइन मोड से होगी। 


आवेदन शुल्क :

प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए सामान्य और ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थी को फॉर्म भरने की फीस 350 रुपए व एससी, एसटी अभ्यर्थी को आवेदन के लिए 250 रुपए का भुगतान करना होगा।

15 अप्रैल तक कर सकते हैं आवेदन :

सम्बद्ध अधिकारी संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद राम रतन ने बताया कि संयुक्त प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 15 अप्रैल है।

इन डायरेक्ट लिंक से करें आवेदन



Tuesday, February 23, 2021

दिल्ली : ऑफलाइन परीक्षा के लिए बच्चों को बाध्य नहीं कर सकते स्कूल : शिक्षा निदेशालय


दिल्ली : ऑफलाइन परीक्षा के लिए बच्चों को बाध्य नहीं कर सकते स्कूल : शिक्षा निदेशालय


बच्चों के पास ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों ही विकल्प हैं।
मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के पास भी बड़ी संख्या में अभिभावकों ने निजी स्कूलों की मनमानी को लेकर शिकायतें की हैं।मौजूदा समय में बच्चों का स्कूल आना कतई उचित नहीं है। हाल ही में दिल्ली में दक्षिण अफ्रीकी स्ट्रेन के मामलों की भी पुष्टि हुई है।


नई दिल्ली  । राजधानी में कोरोना के मामले घटने के बाद दिल्ली सरकार द्वारा शैक्षिक गतिविधियों में थोड़ी ढील देने के बाद निजी स्कूलों ने ऑफलाइन परीक्षा के लिए विद्यालय आने के लिए बच्चों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। इससे अभिभावक और बच्चे दोनों परेशान हैं। वहीं, गृह मंत्रालय की ओर से जारी दिशा निर्देशों में कहा गया है कि कोई भी स्कूल बिना अभिभावकों की सहमति के बच्चों को ऑफलाइन परीक्षा के लिए जबरन नहीं बुला सकता।


फिलहाल बच्चों के पास ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों ही विकल्प हैं। लेकिन, इसके बावजूद भी स्कूल अभिभावकों की सहमति के बिना 9वीं और 11वीं कक्षा के बच्चों को स्कूल भेजने के लिए बाध्य कर रहे हैं। इसको लेकर अभिभावकों की ओर से दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) से भी शिकायतें की गई हैं। इस पर आयोग ने संबंधित स्कूल से जवाब भी मांगा है।


वहीं, इस मामले पर शिक्षा निदेशालय का कहना है कि स्कूल अभिभावकों पर बच्चों को स्कूल भेजने के लिए किसी प्रकार का दबाव नहीं बना सकते हैं। ये कतई सहीं नहीं है। जब तक सरकार पूरी तरह से अनलॉक नहीं घोषित कर देती तब तक तो बच्चे का स्कूल आना पूरी तरह वैकल्पिक है। कोई भी स्कूल बच्चे को स्कूल बुलाने के लिए अभिभावकों को बाध्य नहीं कर सकता है।


स्कूल बुलाने पर अगर कोई बच्चा बीमार हो गया तो फिर इसकी पूरी जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन को लेनी होगी। जिन अभिभावकों को स्कूल की तरफ से बच्चे को भेजने के लिए बाध्य किया जा रहा है वो शिक्षा निदेशालय को लिखित में शिकायत कर सकते हैं । निदेशालय इन स्कूलों पर कार्रवाई करेगा। वहीं, इस मामले पर दिल्ली अभिभावक संघ की अध्यक्ष अपराजिता गौतम का कहना है कि बच्चों को आफलाइन परीक्षा के लिए जबरन स्कूल बुलाने से बड़ी संख्या में बच्चे और अभिभावक चिंतित हैं। इसके लिए मेरे पास भी कई सारे बच्चों की शिकायतें आई हैं।


वहीं, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के पास भी बड़ी संख्या में अभिभावकों ने निजी स्कूलों की मनमानी को लेकर शिकायतें की हैं।मौजूदा समय में बच्चों का स्कूल आना कतई उचित नहीं है। हाल ही में दिल्ली में दक्षिण अफ्रीकी स्ट्रेन के मामलों की भी पुष्टि हुई है। ऐसे में बच्चों को स्कूल बुलाना खतरे से खाली नहीं है। इसलिए दिल्ली सरकार अतिशीघ्र निजी स्कूलों को आदेश जारी कर 9वीं और 11वीं के बच्चों की परीक्षाएं ऑनलाइन कराने का आदेश जारी करे, जिससे बच्चों और अभिभावकों को राहत मिल सके।

Monday, February 22, 2021

बिहार सरकार का बड़ा फैसला, पहली से 8वीं तक के बच्चों को इस साल भी बिना परीक्षा किया जाएगा पास

बिहार सरकार का बड़ा फैसला, पहली से 8वीं तक के बच्चों को इस साल भी बिना परीक्षा किया जाएगा पास


बिहार के सरकारी प्रारंभिक स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 1.66 करोड़ बच्चे इस साल भी बिना वार्षिक परीक्षा अगली कक्षा में प्रमोट किए जाएंगे। राज्य शिक्षा विभाग ने कोरोना संकट की वजह से लम्बे समय तक स्कूल बंदी और बच्चों के कॅरियर को देखते हुए यह फैसला लिया है। 


मुख्य सचिव संजय कुमार ने कहा, 'पढ़ाई में हुए नुकसान की भरपाई के लिए अपने तीन माह की कैच-अप क्लास आयोजित करने का फैसला किया है। इन कक्षाओं में स्टूडेंट्स को बेसिक व जरूरी टॉपिक्स पढाए जाएंगे ताकि अगली कक्षा के कोर्स की पढ़ाई के दौरान उन्हें कोई दिक्कत न आए। इन कक्षाओं से उन स्डूडेंट्स को खासा लाभ होगा जो टीवी, इंटरनेट, स्मार्टफोन के अभाव के चलते ऑनलाइन क्लास में हिस्सा नहीं ले सके थे। मार्च मध्य में इन कक्षाओं के शुरू होने की उम्मीद है।'


इस बीच शिक्षा विभाग ने 9वीं कक्षा में पंजीकृत 13.17 लाख बच्चों की परीक्षा 26 फरवरी से 3 मार्च के बीच कराने की तैयारी शुरू कर दी है। 


बिहार बोर्ड ने अधिकारियों ने कहा, 'हमने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से कहा है कि वह 24 फरवरी तक सभी ओएमआर शीट प्राप्त कर लें। 4 मार्च से विद्यार्थियों की प्रैक्टिकल परीक्षाएं होंगी।'

राज्य में कक्षा 6 से 8 तक की कक्षाओं के लिए विद्यालय साढ़े 10 माह बाद 8 फरवरी से खुले हैं। राज्यभर के प्राथमिक स्कूल (कक्षा 1 से पांच) अब भी बंद हैं।


गौरतलब हो कि कोरोना संकट की वजह से शैक्षिक सत्र 2019-20 में भी वार्षिक परीक्षा नहीं ली जा सकी थी और दसवीं, 12वीं को छोड़कर अन्य सभी कक्षाओं के बच्चों को अगली कक्षा में प्रोन्नत करने का निर्देश दिया था। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए राज्य सरकार ने 13 मार्च 2020 को ही राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने का आदेश दे दिया था। बच्चे अगली कक्षा में प्रोन्नत तो हो गए लेकिन उनकी पढ़ाई आरंभ नहीं हो सकी। कई महीने बाद किताबें पाठ्य पुस्तक निगम की साइट पर अपलोड की जा सकीं। अलबत्ता दूरदर्शन पर कक्षाएं चलाकर शिक्षा विभाग और बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने बच्चों को शिक्षण से जोड़े रखने की कोशिश जरूर की। 


पिछले साल 1.94 करोड़ छात्र-छात्राएं अगली कक्षा में प्रोन्नत हुए थे  
शैक्षिक सत्र 2019-20 में कोरोना संकट के चलते जारी स्कूलबंदी के कारण दसवीं छोड़ पहली से 11वीं तक के सरकारी स्कूलों में नामांकित सभी बच्चों को बिना वार्षिक परीक्षा लिए ही अगली कक्षाओं में प्रोन्नति दे दी गयी थी। इस बाबत 8 अप्रैल 2020 को विभाग ने आदेश जारी किया था। इस निर्णय से 1.94 करोड़ छात्र-छात्राएं अगली कक्षा में प्रोन्नत हो गए थे। इनमें पहली से आठवीं तक के 1.66 करोड़, 9वीं के 16 लाख और 11वीं के करीब 12 लाख विद्यार्थी शामिल थे।

Sunday, February 21, 2021

UPMSP UP Board Class 10, 12 Exam : छात्राओं के परीक्षा केंद्र भी 10 से 12 किमी दूर हो गए प्रस्तावित

UPMSP UP Board Class 10, 12 Exam : छात्राओं के परीक्षा केंद्र भी 10 से 12 किमी दूर हो गए प्रस्तावित

UPMSP UP Board Class 10, 12 Exam : माध्यमिक शिक्षा परिषद की 2021 की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण को लेकर शिकायतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। ज्यादातर जिलों से ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि छात्राओं के परीक्षा केंद्र 10 से 12 किलोमीटर दूर बनाने के प्रस्ताव भेज दिए गए हैं, जबकि शासन ने इसके लिए पांच किलोमीटर का मानक तय कर रखा है। जिले स्तर के बाद अब बोर्ड स्तर पर भी ऐसी शिकायतें पहुंची हैं। परीक्षा केंद्रों की सूची 22 फरवरी को जारी होने वाली है।


शासन स्तर पर पहुंची शिकायतों को देखते हुए ही अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा आराधना शुक्ला ने पिछले दिनों सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया था कि बोर्ड को परीक्षा केंद्रों की अंतिम सूची भेजने से पहले केंद्र निर्धारण के संबंध में मिल रही सभी शिकायतों की जांच करा ली जाए। शासन को ऐसी शिकायतें मिली थीं कि परीक्षा केंद्रों का निर्धारण मानकों के विपरीत किया गया है और मानक पूर्ण करने वाले विद्यालयों को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया गया है। इसके अलावा ऐसी शिकायतें भी मिली थीं कि परीक्षा केंद्रों की धारण क्षमता से अधिक परीक्षार्थियों का आवंटन किया गया है और शासनादेश द्वारा निर्धारित दूरी से अधिक दूरी पर परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र आवंटित किया गया है। शासन के इस आदेश के बाद जब जिलों ने बोर्ड को सूची भेजी तो वहां भी शिकायतें पहुंचने लगीं।

बोर्ड ने केंद्रों के बारे में आपत्तियां देने के लिए 18 फरवरी तक का समय दिया था। सूत्रों के अनुसार बोर्ड के पास सभी जिलों से 500 से ज्यादा आपत्तियां पहुंची हैं। अब बोर्ड स्तर पर गठित केंद्र निर्धारण समिति द्वारा इन आपत्तियों का परीक्षण कर लिए जाने के बाद 22 फरवरी को अंतिम तौर पर परीक्षा केंद्रों की सूची जारी होने वाली है। आपत्ति करने वाले विद्यालयों का कहना है कि बोर्ड के अधिकारी जिलों से भेजी गई सूची में फेरबदल करने को तैयार नहीं हैं, जबकि ज्यादातर आपत्तियां परीक्षा केंद्रों की दूरी को लेकर है। ग्रामीण इलाकों के इन विद्यालयों का कहना है कि उनके यहां पढ़ने वाली छात्राओं का परीक्षा केंद्र 10 से 12 किलोमीटर दूर प्रस्तावित कर दिया गया है, जबकि उनके इलाकों में आवागमन का साधन भी नहीं है। कई विद्यालयों ने तो छात्राओं के लिए स्वकेंद्र की मांग भी की है। उनका कहना है कि जिले स्तर पर उनकी आपत्तियों का संज्ञान नहीं लिया गया।

Saturday, February 13, 2021

क्या नई शिक्षा नीति में खत्म हो जाएगी 10वीं की बोर्ड परीक्षा, जानें क्या है सच

क्या नई शिक्षा नीति में खत्म हो जाएगी 10वीं की बोर्ड परीक्षा, जानें क्या है सच



इन दिनों सोशल मीडिया व लोगों के मोबाइल पर एक मैसेज वायरल हो रहा है जिसमें यह दावा किया गया है कि सरकार ने नई शिक्षा के तहत 10वीं बोर्ड परीक्षा खत्म कर दी है, अब सिर्फ 12वीं में ही बोर्ड परीक्षा देनी होगी। लेकिन यह दावा फर्जी है। इसमें कोई सच्चाई नहीं है।  भारत सरकार के प्रेस सूचना कार्यालय ने इस खबर का खंडन किया है। सरकार की फैक्ट चैक ऑर्गेनाइजेशन पीआईबी फैक्ट चैक ( PIB Fact Check ) ने इस मैसेज को पूरी तरह फेक करार दिया है। 


पीआईबी फैक्ट चैक ने ट्वीट कर रहा, 'एक मैसेज में दावा किया गया है कि नई शिक्षा नीति के अनुसार अब केवल 12वी कक्षा में बोर्ड की परीक्षाएं होंगी और 10वी कक्षा में बोर्ड परीक्षा का कोई प्रावधान नहीं होगा।

#PIBFactCheck: यह दावा फर्जी है। शिक्षा मंत्रालय ने ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया है।'



वास्तविकता यह है कि नई शिक्षा नीति में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा आसान करने की बात कही गई है। नई शिक्षा नीति के तहत दसवीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में बड़े बदलाव किए जाएंगे। बोर्ड परीक्षाओं के महत्व को कम किया जाएगा। कई अहम सुझाव हैं। जैसे साल में दो बार परीक्षाएं कराना, दो हिस्सों वस्तुनिष्ठ (ऑब्जेक्टिव) और व्याख्त्मक श्रेणियों में इन्हें विभाजित करना आदि। बोर्ड परीक्षा में मुख्य जोर ज्ञान के परीक्षण पर होगा ताकि छात्रों में रटने की प्रवृत्ति खत्म हो। बोर्ड परीक्षाओं को लेकर छात्र हमेशा दबाव में रहते हैं और ज्यादा अंक लाने के चक्कर में कोचिंग पर निर्भर हो जाते हैं। लेकिन भविष्य में उन्हें इससे मुक्ति मिल सकती है। शिक्षा नीति में कहा गया है कि विभिन्न बोर्ड आने वाले समय में बोर्ड परीक्षाओं के प्रैक्टिकल मॉडल को तैयार करेंगे। जैसे वार्षिक, सेमिस्टर और मोड्यूलर बोर्ड परीक्षाएं। नई नीति के तहत कक्षा तीन, पांच एवं आठवीं में भी परीक्षाएं होगीं। जबकि 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं बदले स्वरूप में जारी रहेंगी।


ऐसी किसी भ्रामक खबर की यहां करें शिकायत
बता दें कि सरकार से जुड़ी कोई खबर सच है या फर्जी, यह जानने के लिए PIB Fact Check की मदद ली जा सकती है। कोई भी व्यक्ति PIB Fact Check को संदेहात्मक खबर का स्क्रीनशॉट, ट्वीट, फेसबुक पोस्ट या यूआरएल वॉट्सऐप नंबर 8799711259 पर भेज सकता है या फिर pibfactcheck@gmail.com पर मेल कर सकता है।

Wednesday, February 10, 2021

UP Board Date Sheet 2021 : यूपी बोर्ड हाईस्कूल व इंटर परीक्षा की डेटशीट जारी, यहां देखें पूरा टाइम टेबल

यूपी बोर्ड की परीक्षा 24 अप्रैल से होगी शुरू, शिक्षा मंत्री दिनेश शर्मा ने घोषित किया कार्यक्रम

यूपी बोर्ड की परीक्षाओं 24 अप्रैल से शुरू होगी। शिक्षा मंत्री दिनेश शर्मा ने लखनऊ में बोर्ड परीक्षा का कार्यक्रम घोषित किया। यूपी बोर्ड हाईस्कूल बोर्ड 10 मई और इंटरमीडिएट बोर्ड की परीक्षा 12 मई तक चलेगी। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की हाई स्कूल इंटरमीडिएट परीक्षा 2021 की समय सारणी घोषित कर दी गई है। अप्रैल से शुरू होगी हाई स्कूल इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा। यूपी बोर्ड हाई स्कूल की परीक्षा में 29 लाख 94312 और इंटरमीडिएट की परीक्षा में 26 लाख 5901 कुल 56 लाख 3813 परीक्षार्थी बोर्ड परीक्षा में भाग लेंगे।


शिक्षा मंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने लखनऊ में बताया की की हाई स्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं के संयुक्त रूप से एक साथ संयुक्त रूप से 24 अप्रैल 2021 से शुरू होगी। हाई स्कूल की परीक्षा 12 दिनों में संपन्न होकर 10 मई को खत्म होगी। इसी प्रकार इंटरमीडिएट की परीक्षा 15 दिनों में संपन्न 12 मई को संपन्न पिछले वर्ष भी 2020 में हाई स्कूल की परीक्षा 10 दिनों में और इंटर की परीक्षा 12 दिनों में कुशलतापूर्वक संपन्न हुई थी।
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष-2021 की हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट की परीक्षाएं एक साथ दिनांक 24 अप्रैल, 2021 से प्रारम्भ होंगी। हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षा 12 कार्य दिवसों में सम्पन्न होकर दिनांक 10 मई को समाप्त होगी। वहीं, इण्टरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा 15 दिवसों में सम्पन्न होकर दिनांक 12 मई 2021 को समाप्त होंगी। 

इसके साथ ही उन्होंने  बताया कि विगत वर्ष 2020 में भी हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षा 12 कार्य दिवसों में तथा इण्टरमीडिएट की परीक्षा 15 कार्य दिवसों में सम्पन्न हुई थी।

उप मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी की वर्ष 2021 की हाईस्कूल परीक्षा में 16,74,022 बालक तथा 13,20,290 बालिकाएं कुल 29,94,312 परीक्षार्थी एवं इण्टरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में 14,73,771 बालक तथा 11,35,730 बालिकाएं कुल 26,09,501 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए हैं।


UP Board Date Sheet 2021 : यूपी बोर्ड हाईस्कूल व इंटर परीक्षा की डेटशीट जारी, यहां देखें पूरा टाइम टेबल

UP Board Date Sheet 2021 : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने बुधवार को हाईस्कूल (10वीं) व इंटरमीडिएट (12वीं) की परीक्षा की डेटशीट जारी कर दी। यूपी बोर्ड हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 24 अप्रैल से शुरू होंगी। हाईस्कूल की परीक्षाएं 12 कार्यदिवसों में संपन्न होकर 10 मई को समाप्त होंगी, वहीं इंटरमीडिएट की परीक्षा 15 कार्यदिवसों में संपन्न होकर 12 मई को खत्म होंगी।

 

उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने बताया कि इस बार हाईस्कूल की परीक्षा में 29,94,312 और इंटरमीडिएट की परीक्षा में 26,9,501 परीक्षार्थी बैठेंगे। परीक्षा में कुल 56,03,813 विद्यार्थी शामिल होंगे।

यहां देखें पूरी डेटशीट


परीक्षा कार्यक्रम की घोषणा करते समय डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा, 'परीक्षा तिथियों का ऐलान समय से कर दिया गया है। छात्र-छात्राओं को परीक्षा की तैयारी के लिए काफी समय मिला है। परीक्षा को एक पर्व मानते हुए प्रसन्नचित होकर पूर्ण मनोयोग व उत्साह के साथ परीक्षा में शामिल हों।'

UP Board Exam Date Sheet 2021: यूपी बोर्ड का परीक्षा कार्यक्रम घोषित, 24 अप्रैल से शुरू होंगे 10वीं व 12वीं के एग्जाम

UP Board Exam Date Sheet 2021: यूपी बोर्ड का परीक्षा कार्यक्रम घोषित, 24 अप्रैल से शुरू होंगे 10वीं व 12वीं के एग्जाम

यूपी बोर्ड ने बुधवार को हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा का कार्यक्रम घोषित कर दिया है।

UP Board Exam Date Sheet 2021 उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने बुधवार को हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 24 अप्रैल से शुरू होकर 12 मई तो खत्म होंगी।


UP Board Exam Date Sheet 2021: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने बुधवार को वर्ष 2021 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 24 अप्रैल से शुरू होकर 12 मई को खत्म होंगी। हाईस्कूल की परीक्षाएं 12 कार्य दिवसों में संपन्न होकर 10 मई को समाप्त होंगी, वहीं इंटरमीडिएट की परीक्षा 15 कार्य दिवसों में संपन्न होकर 12 मई को खत्म होंगी। परीक्षा में कुल 56,03,813 विद्यार्थी शामिल होंगे। 

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने बुधवार को वर्ष 2021 की यूपी बोर्ड परीक्षा का टाइम टेबल घोषित कर दिया है। उन्होंने बताया कि हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा एक साथ 24 अप्रैल को शुरू होंगी। ये परीक्षाएं 12 कार्यदिवसों पूरी कराकर 10 मई को खत्म हो जाएंगी। परीक्षा में कुल 56,03,813 विद्यार्थी शामिल होंगे। इसमें हाइस्कूल के 29,94,312 और इंटरमीडिएट के 26,09,501 परीक्षार्थी सम्मिलित होंगे। दोनों परीक्षाओं में कुल 31,47,793 बालक और 24,56,020 बालिकाएं पंजीकृत हैं। 

उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि परीक्षा की तारिखों की घोषणा समय से कर दी गई हैं। छात्र-छात्राओं को परीक्षा की तैयारी के लिए काफी समय है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को संदेश दिया कि परीक्षा को एक पर्व मानते हुए पूरे मनोयोग और उत्साह के साथ इसमें शामिल हों। 

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षा 12 कार्य दिवसों में पूरी होकर होकर दिनांक 10 मई को समाप्त होगी। इसी प्रकार इंरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा 15 दिवसों में सम्पन्न होकर दिनांक 12 मई 2021 को समाप्त होंगी। उन्होंने बताया कि विगत वर्ष 2020 में भी हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षा 12 कार्य दिवसों में तथा इंटरमीडिएट की परीक्षा 15 कार्य दिवसों में सम्पन्न हुई थी।

उप मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी की वर्ष 2021 की हाईस्कूल परीक्षा में 16,74,022 बालक तथा 13,20,290 बालिकायें कुल 29,94,312 परीक्षार्थी एवं इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में 14,73,771 बालक तथा 11,35,730 बालिकायें कुल 26,09,501 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए हैं। दोनों परीक्षाओं में समग्र रूप से 31,47,793 बालक तथा 24,56,020 बालिकाएं कुल 56,03,813 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। वर्ष 2020 की हाईस्कूल परीक्षा में 30,24,480 तथा इण्टरमीडिएट परीक्षा में 25,86,339 कुल 56,10,819 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए थे।

डॉ दिनेश शर्मा ने परीक्षा में सम्मिलित होने वाले छात्र-छात्राओं को संदेश दिया कि परीक्षा तिथियों की घोषणा समय से कर दी गई है। छात्र-छात्राओं को परीक्षा की तैयारी के लिए काफी समय मिला है। परीक्षा को एक पर्व मानते हुए प्रसन्नचित होकर पूर्ण मनोयोग एवं उत्साह के साथ परीक्षा में सम्मिलित हों।


UP Board Time Table 2021 : डेटशीट जारी, चार रंग की होंगी कॉपियां, संवेदनशील 10 जिलों में सिली हुई कॉपियां दी जाएंगी

यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 24 अप्रैल से शुरू होंगी। हाईस्कूल की परीक्षा 10 मई और इंटरमीडिएट की परीक्षा 12 मई को समाप्त होंगी। परीक्षा की तारीखों का ऐलान उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने बुधवार को किया। इसके साथ ही समय सारिणी भी जारी कर दी गई है। उन्होंने बताया कि इस बार भी पिछले वर्ष की तरह हाईस्कूल की परीक्षाएं 12 दिनों में और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 15 दिनों में सम्पन्न होंगी। डॉ. शर्मा ने परीक्षार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि परीक्षा तिथियों की घोषणा समय से कर दी गई है। छात्र-छात्राओं को परीक्षा की तैयारी के लिए काफी समय मिला है। विद्यार्थी प्रसन्नचित्त होकर तैयारी करें।  


लगभग सात हजार परीक्षार्थी घटे
इस वर्ष पिछली बार से लगभग सात हजार परीक्षार्थी कम पंजीकृत हुए हैं। इस बार  56,03,813 परीक्षार्थियों ने पंजीकरण करवाया है। दोनों परीक्षाओं में समग्र रूप से 31,47,793 छात्र और 24,56,020  छात्राएं शामिल होंगे। पिछले वर्ष 56,10,819 परीक्षार्थियों ने पंजीकरण करवाया था। इस वर्ष हाईस्कूल के परीक्षार्थियों की संख्या घटी है। पिछले वर्ष 30,24,480 परीक्षार्थी हाईस्कूल में पंजीकृत हुए थे। वहीं इण्टरमीडिएट परीक्षा में 25,86,339 परीक्षार्थी थे, इसके मुकाबले इस वर्ष परीक्षार्थियों की संख्या बढ़ी है। 

इस बार शामिल होंगे 56,03,813 परीक्षार्थी
परीक्षा         कुल परीक्षार्थी      छात्र/छात्राएं
हाईस्कूल-  29,94,312        16,74,022/13,20,290 
इंटरमीडिएट-26,09,501       14,73,771/11,35,730 

इस बार भी कड़ी होगी निगरानी
- सीसीटीवी व वायस रिकार्डरयुक्त कैमरे से लैस होंगे परीक्षा कक्ष
- लाइव फीडिंग यानी लखनऊ से देखा जा सकेगा किसी भी जिले का परीक्षा कक्ष 
- चार रंग की क्रमांकयुक्त कॉपियां भेजी जाएंगी
- संवेदनशील 10 जिलों में सिली हुई कॉपियां दी जाएंगी 
- हर जिले व राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम
- एसटीएफ व एलआईयू की ली जाएगी मदद 


परीक्षा के दौरान कोरोना प्रोटोकॉल का पालन होगा
उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा, 'बोर्ड परीक्षा के दौरान कोविड प्रोटोकॉल का ध्यान रखा जाएगा। स्कूलों को सैनिटाइज कराने से लेकर आवागमन तक प्रोटोकॉल के मुताबिक होगा। परीक्षा केन्द्र निर्धारण नीति में हमने दो विद्यार्थियों के बीच छह फुट की दूरी का मानक बनाया है। इसके कारण परीक्षा केन्द्रों की संख्या में 10 फीसदी की बढ़ोतरी भी इस वर्ष होगी।'

Monday, February 8, 2021

यूपी बोर्ड के बड़े कदम, परिणाम में बेहतरी के लिए दोबारा परीक्षा का प्रावधान

यूपी बोर्ड के बड़े कदम, परिणाम में बेहतरी के लिए दोबारा परीक्षा का प्रावधान


प्रयागराज : यूपी बोर्ड हाईस्कूल व इंटर में समान शिक्षा, परीक्षा व परिणाम की त्रिवेणी बहा रहा है। बोर्ड प्रबंधन का मकसद सिर्फ यहीं तक नहीं है कि परीक्षा नकलविहीन हो, बल्कि अन्य बोर्ड की तरह यहां छात्र-छात्रएं पढ़ें और आगे बढ़ें इसीलिए एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू किया गया है। परिणाम में भी यदि किसी छात्र-छात्र में यह कसक रह गई है कि वह और बेहतर कर सकता है तो उसे भी दोबारा परीक्षा का अवसर देने का खाका खींचा जा चुका है।

माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) तकनीक का साथ लेकर सतत सुधारों की ओर अग्रसर है। एक समय था जब सीबीएसई व यूपी बोर्ड के सफलता प्रतिशत में बड़ा अंतर रहा। सीबीएसई के परीक्षार्थी 90 फीसद या और अधिक अंकों से उत्तीर्ण होते थे, वहीं यूपी बोर्ड में 75 प्रतिशत अंक पाना ही टेढ़ी खीर थी। हाईस्कूल व इंटर के ओवरऑल परिणाम में भी फासला साफ दिखता था। इसे खत्म करने के लिए 2011 में मॉडरेशन प्रणाली लागू की गई, इससे परीक्षार्थियों के साथ ही समूचे परिणाम में उछाल आया। अब यूपी बोर्ड में भी 90 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वालों की लंबी सूची है।

मोदी सरकार की सबका विकास सबका विश्वास की नीति को अमल में लाने के लिए 2018 में समान शिक्षा की दिशा में कदम बढ़ाया गया। बोर्ड में कक्षा नौ से 12वीं तक चरणबद्ध तरह से एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू किया गया। अधिकांश विषयों में यह लागू हो चुका है तो कामर्स व अंग्रेजी में नए सत्र से लागू होने जा रहा है। इसी के साथ देश में एनसीईआरटी की सबसे सस्ती किताबों से यूपी बोर्ड से संबद्ध स्कूलों में पढ़ाई हो रही है। अब नई शिक्षा नीति के साथ बोर्ड कई नव प्रयोग करने जा रहा है।


बोर्ड में अंक सुधार व कंपार्टमेंट परीक्षा का चलन रहा है। इसमें सीमित विषय में ही छात्र-छात्रएं परीक्षा देकर अंक बढ़ा सकते थे या फिर अनुत्तीर्ण परीक्षा उत्तीर्ण कर सकते हैं। पिछले साल पहली बार इंटर में कंपार्टमेंट परीक्षा का प्रविधान हुआ। अब इससे भी आगे बढ़कर सभी छात्र-छात्रएं पूरी परीक्षा ही दोबारा दे सकते हैं यानी विषयों का कोई बंधन नहीं है, यदि उन्हें लगता है कि वे दोबारा परीक्षा देकर और बेहतर अंक अर्जित कर सकते हैं तो उनके लिए दरवाजे अगले साल से खोले जाने की तैयारी है। बोर्ड सचिव दिव्यकांत शुक्ल कहते हैं कि यह शुरुआत भर है, आगे और भी बहुत कुछ बेहतर किया जाएगा।

Saturday, February 6, 2021

परीक्षा नियामक प्राधिकारी का दावा - डीएलएड परीक्षा में पेपर लीक की फैलाई जा रही अफवाहें, करेंगे कार्यवाही

परीक्षा नियामक प्राधिकारी का दावा - डीएलएड परीक्षा में पेपर लीक की फैलाई जा रही अफवाहें, करेंगे कार्यवाही


लखनऊ। दो वर्षीय प्रशिक्षण पाठ्यक्रम यूपी डीएलएड डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजूकेशन की परीक्षा पेपर लीक से बच गई । जांच में सामने आया कि पेपर परीक्षा शुरू होने के बाद वायरल हुआ, जिसे पेपर लीक नहीं माना जा सकता। -  परीक्षा नियामक प्राधिकारी


सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी चार माह के अंतराल पर दूसरी बार पेपर लीक होने की अफवाह फैलने पर खासे खफा हैं। उन्होंने ऐसे तत्वों को चिन्हित करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने इससे इनकार नहीं किया कि पेपर लीक में संबंधित परीक्षा केंद्र के स्टाफकी भी भूमिका हो सकती है। चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा गुरुवार को पूरी हो गई है । 


परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय प्रयागराज की ओर से डीएलएड 2017 व 2018 और बीटीसी 2013, 2014 व 2015 चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा उत्तर प्रदेश के 200 से अधिक केंद्रों पर तीन दिनों तक कराई गई। पहले दिन मुरादाबाद व लखनऊ में कुछ प्रशिक्षु कॉपी लेकर केंद्र से चले गए थे । बुधवार को परीक्षा तीन पालियों में हुई। इसमें फीरोजाबाद, प्रतापगढ़, आजमगढ़ व प्रयागराज में पेपर लीक होने के आरोप लगे।


 सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी ने बताया कि आजमगढ़ के डायट प्राचार्य ने इसे खारिज किया है. वहीं फीरोजाबाद में जिस केंद्र के बाहर की फोटो वायरल हुई, वह फर्जी निकली है। सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी ने बताया कि प्रतापगढ़ के डायट प्राचार्य ने दो रिपोर्ट भेजी है पहली रिपोर्ट के मुताबिक परीक्षा के पहले जिसे लीक पर्चा बताया गया, वह परीक्षा के पेपर से बिल्कुल अलग था। दूसरा पेपर परीक्षा शुरू होने के बाद वायरल किया गया जिसे पेपर लीक नहीं माना जा सकता। 


सचिव ने कहा कि सेमेस्टर परीक्षाओं में हर बार इस तरह की बातें प्रचारित की जा रही हैं। इसलिए अब ऐसे लोगों को चिन्हित किया जा रहा हैए जो अफवाहें फैला रहे हैं । उन पर कठोर कार्रवाई कार्रवाई की तैयारी है। सचिव ने बताया कि परीक्षा गुरुवार को पूरी हो गई है। अब जल्द ही मूल्यांकन शुरू कराया जाएगा और परिणाम भी जल्द आएगा।


परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने नवंबर 2020 में बीटीसी बैच 2013, सेवारत मृतक आश्रितद्ध एवं 2014, 2015, डीएलएड प्रशिक्षण 2017 एवं 2018 अवशेष अनुत्तीर्णद्ध और डीएलएड 2019 द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा कराई थी । उसमें गणित व सामाजिक विज्ञान का पेपर लीक हुआ था। इससे दोबारा परीक्षा करानी पड़ी थी । इसके पहले 2016 व 2018 में भी पेपर लीक हो चुका है।

डीएलएड पर्चा लीक मामला : गिरफ्तार अभ्यर्थी को भेजा गया जेल, कई नाम आए सामने

डीएलएड पर्चा लीक मामला : गिरफ्तार अभ्यर्थी को भेजा गया जेल, कई नाम आए सामने


प्रयागराज : डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजूकेशन) 2018 के चतुर्थ सेमेस्टर की द्वितीय पाली की परीक्षा में गुरुवार को मोबाइल के साथ लीक प्रश्नपत्र संग पकड़े गए अभ्यर्थी को शुक्रवार को कर्नलगंज पुलिस ने जेल भेज दिया। इसके पहले उससे पूछताछ और उसके पास से बरामद मोबाइल से पुलिस को अहम जानकारियां मिली हैं। कई नाम सामने आए हैं, लेकिन पूरे रैकेट को पकड़ने के प्रयास में पुलिस ने किसी का नाम नहीं खोला। रैकेट को पकड़ने के लिए कड़ी से कड़ी जोड़ रही है। शुक्रवार को पुलिसने कई स्थानों पर दबिश भी दी।


राजकीय बालिका इंटर कालेज कटरा में द्वितीय पाली की परीक्षा शुरू होने से करीब आधे घंटे पहले केंद्र व्यवस्थापक ने परीक्षार्थी विवेक कुमार जायसवाल निवासी मिश्रपुर, थाना मेजा को पकड़ा था। उसके पास से बरामद मोबाइल में अंग्रेजी और हंिदूी का प्रश्नपत्र मिला था। प्रधानाचार्य ज्योत्सना सिंह ने उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। गुरुवार देर रात पुलिस ने उससे पूछताछ की कि उसे प्रश्नपत्र किसने भेजा था। किसे-किसे प्रश्नपत्र भेजा गया था। कितने रुपये उसने दिए थे। इस पूछताछ में उसने कई के नाम पुलिस को बताए। हालांकि, वह यह नहीं बता सका कि प्रश्नपत्र और किन-किन को भेजे गए हैं।


 पुलिस ने उसके मोबाइल को खंगाला और जिस नंबर से वाट्सएप के माध्यम से अंग्रेजी और हंिदूी का प्रश्नपत्र भेजा गया था, उस पर फोन लगाया तो वह स्विच्ड ऑफ था। इंस्पेक्टर कर्नलगंज विनीत सिंह ने बताया कि आरोपित विवेक को जेल भेज दिया गया है। जिस नंबर से प्रश्नपत्र वाट्सएप के माध्यम से भेजा गया था, उसके बारे में भी जानकारी हासिल की जा रही है। विवेक ने जो नाम बताए हैं, उनकी तलाश में टीमें लगी हैं।

■  नकल माफिया के रैकेट तक पहुंचने के लिए कड़ी से कड़ी जोड़ रही पुलिस

■ बरामद मोबाइल भी खंगाला गया, कई स्थानों पर दी गई दबिश


■ क्राइम ब्रांच भी लगी, सर्विलांस की भी मदद

मामले में क्राइम ब्रांच को भी राजफाश के लिए लगाया गया है। सर्विलांस की भी मदद ली जा रही है, ताकि उन नंबर को खंगाला जा सके, जिससे वाट्सएप के माध्यम से प्रश्न पत्र को भेजा गया था।

Thursday, February 4, 2021

डीएलएड परीक्षा पर पेपर लीक का साया, जांच शुरू, शुचिता पर उठ रहे सवाल

डीएलएड परीक्षा पर पेपर लीक का साया, जांच शुरू, शुचिता पर उठ रहे सवाल

अब डीएलएड हिंदी, अंग्रेजी का पर्चा लीक

प्रयागराज: डीएलएड 2018 की चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा के दौरान हंिदूी और अंग्रेजी का पर्चा भी लीक हो गया। द्वितीय पाली की परीक्षा में गुरुवार को एक अभ्यर्थी के मोबाइल में दोनों पर्चे मिले। पुलिस ने परीक्षार्थी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।


कटरा स्थित केंद्र में द्वितीय पाली की परीक्षा शुरू होने से करीब आधे घंटे पहले केंद्र व्यवस्थापक तलाशी ले रहे थे। परीक्षार्थी विवेक जायसवाल की जामा तलाशी में मोबाइल मिला। केंद्र व्यवस्थापक ने उसके वाट्सएप पर द्वितीय पाली के अंग्रेजी और प्रथम पाली के हंिदूी विषय का प्रश्नपत्र देखा तो चौंक गए। पूछताछ में वह हीलाहवाली करने लगा।



प्रयागराज: दो वर्षीय प्रशिक्षण पाठ्यक्रम यूपी डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजूकेशन) की परीक्षा के दूसरे दिन बुधवार को पेपर लीक हो गया। अहम बात यह है कि प्रदेश के कई जिलों से अलग-अलग प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना है। फीरोजाबाद में गणित तो प्रतापगढ़ व प्रयागराज व आजमगढ़ जिलों में सामाजिक अध्ययन का पेपर समय से पहले वाट्सएप पर वायरल होने की सूचना है। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय व संबंधित जिलों में इस मामले की जांच चल रही है।


परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय प्रयागराज की ओर से डीएलएड 2017 व 2018 और बीटीसी 2013, 2014 व 2015 चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा प्रदेश के 200 से अधिक केंद्रों पर चल रही हैं, इम्तिहान गुरुवार तक होना है। पहले दिन मुरादाबाद व लखनऊ में कुछ प्रशिक्षु कापी लेकर केंद्र से चले गए थे। बुधवार को परीक्षा तीन पालियों में होनी थी। इसमें फीरोजाबाद जिले में गणित का पेपर समय से पहले वायरल होने की सूचना है। कहा गया कि परीक्षार्थी केंद्र के बाहर पेपर हल कर रहे थे। वहीं, प्रतापगढ़ में तीसरी पाली में सामाजिक अध्ययन का पेपर वायरल हुआ है। साथ ही तीन परीक्षार्थी भी पकड़े गए हैं।


 इसके अलावा प्रयागराज के जगत तारन कालेज के आसपास और आजमगढ़ जिले में भी पेपर वायरल होने की सूचना है। परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी ने बताया कि फीरोजाबाद में पेपर वायरल नहीं है और प्रयागराज व आजमगढ़ में भी अफवाह फैलाई गई है। उन्होंने बताया कि सिर्फ प्रतापगढ़ की रिपोर्ट मिलने का इंतजार है, इसके बाद परीक्षा पर निर्णय लिया जाएगा। बोले, इन जिलों में ऐसा क्यों हुआ इसकी भी जांच करा रहे हैं।

CTET : जानें कब जारी हो सकती है ANSWER KEY?

CTET  : जानें कब जारी हो सकती है ANSWER KEY?


135 शहरों में सीबीएसई सीटीईटी परीक्षा आयोजित हुई। अब परीक्षा के बाद अभ्यार्थियों को आंसर की का इंतजार है। सीबीएसई की मानें तो फरवरी के दूसरे सप्ताह में सीटीईटी परीक्षा की आंसर की जारी हो सकती है। 


आंसर की के माध्यम से परीक्षार्थी अपनी आपत्ति बोर्ड के पास दर्ज करा सकते हैं। आंसर की तीन दिनों के लिए ही जारी की जाएगी। सीटीईटी रिजल्ट मार्च में जारी किया जा सकता है। 

आपको बता दें कि जुलाई 2020 में सीटीईटी परीक्षा आयोजित होनी थी लेकिन कोविड के कारण स्धगित होते-होते अब 31 जनवरी 2021 को परीक्षा आयोजित की गई है।


■ कुल पंजीकृत अभ्यर्थी: 1844170
● प्रश्नपत्र-1 के लिए अभ्यर्थी
( कक्षा 1 से 5 तक)- 1611423
● प्रश्नपत्र-2 के लिए अभ्यर्थी 
(कक्षा 6  से 8 तक) - 1447551
● दोनों प्रश्नपत्रों के लिए अभ्यर्थी (प्रश्नपत्र- 1 और प्रश्नपत्र -2) - 3058974


■ उपस्थित अभ्यर्थी: करीब 23 लाख
● प्रश्नपत्र-1 के लिए अभ्यर्थी - 1219220
● प्रश्नपत्र-2 के लिए अभ्यर्थी - 1077842
● दोनों प्रश्नपत्रों के लिए अभ्यर्थी - 2297062

Wednesday, February 3, 2021

मई में होगी उच्च शिक्षण संस्थाओं में वार्षिक व सम सेमेस्टर परीक्षा

मई में होगी उच्च शिक्षण संस्थाओं में वार्षिक व सम सेमेस्टर परीक्षा

लखनऊ : प्रदेश में सभी उच्च शिक्षण संस्थानों और विश्वविद्यालयों की वार्षिक एवं सम सेमेस्टर परीक्षाएं मई में होंगी। वार्षिक परीक्षाओं का परिणाम 30 जून तक जारी किया जाएगा। इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव मोनिका एस.गर्ग ने विभाग के निदेशक और निजी विवि के कुलपतियों को निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि शैक्षिक सत्र 2021 22 का संचालन 10 जुलाई से शुरू किया जाएगा।


परीक्षा की समय सारिणी

विषम सेमेस्टर प्रयोगात्मक परीक्षा फरवरी में होगी।

विषम सेमेस्टर की लिखित परीक्षा फरवरी-मार्च में।

सम सेमेस्टर कक्षाओं में शिक्षण कार्य की शुरुआत मार्च से होगी।

वार्षिक एवं सम सेमेस्टर परीक्षाओं की प्रयोगात्मक परीक्षा अप्रैल में।

वार्षिक एवं सम सेमेस्टर परीक्षाओं की लिखित परीक्षा मई में।



विश्वविद्यालयों में 10 जुलाई से शुरू होगा नया सत्र, उच्च शिक्षा विभाग ने जारी किया शैक्षिक कैलेंडर


लखनऊ : विश्वविद्यालय व डिग्री कॉलेजों में नए शैक्षिक सत्र 2021-22 की शुरुआत 10 जुलाई से होगी। उच्च शिक्षा विभाग ने मंगलवार को शैक्षिक कैलेंडर जारी कर दिया। अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा मोनिका एस गर्ग की ओर से जारी इस शैक्षिक कैंलेंडर के साथ वर्तमान सत्र की प्रस्तावित परीक्षा का कार्यक्रम भी जारी कर दिया गया है।

वर्तमान शैक्षिक सत्र में मई 2021 में स्नातक की वार्षिक परीक्षाएं और इसके साथ जहां सेमेस्टर प्रणाली लागू है, उन संस्थानों में सम सेमेस्टर की परीक्षाएं शुरू होंगी। 30 जून, 2021 तक परिणाम हर हाल में घोषित किया जाएगा।

यही नहीं इससे पहले वर्तमान शैक्षिक सत्र में स्नातक व परास्नातक की विषम सेमेस्टर की प्रयोगात्मक परीक्षाएं इस महीने फरवरी में होंगी, जबकि लिखित परीक्षा फरवरी-मार्च 2021 में शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

आगरा: सीटीईटी पेपर लीक मामले में दो और गए पकड़े

CTET पेपर लीक को बनाए थे वाट्सएप पर ग्रुप, आरोपितों को जेल

CTET : पेपर गाजीपुर से लीक होने की आशंका

आगरा: सीटीईटी पेपर लीक मामले में दो और गए पकड़े


आगरा। केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) का पेपर वाट्सएप पर लीक करने के मामले में पुलिस ने शनिवार को दो और आरोपियों को पकड़ लिया। दोनों ने व्हाट्सएप के कई ग्रुपों पर पेपर भेजा था। इससे यह वायरल हो गया था। दोनों ने परीक्षा भी दी थी। हालांकि पेपर कहां से और किसने भेजा? यह पांच दिन बाद भी पता नहीं चल सका है। इसके लिए एक टीम पड़ताल में लगी है। सीटीईटी का हल प्रश्न पत्र लीक करने के मामले में पुलिस ने मंगलवार को एपेक्स कोचिंग के संचालक विकास शर्मा, शिक्षक प्रभात, छात्र कुलदीप 
फौजदार, थान सिंह और मोहित यादव को गिरफ्तार किया था।


 प्रयागराज : केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) का पेपर वाट्सएप पर लीक करने के मामले में सरगना विकास यादव के साथी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) और आगरा पुलिस ने गुरुवार को भदोही में दबिश देकर अभियुक्त को दबोच लिया।

पता चला है कि उसने ही विकास को सीटीईटी का पर्चा वाट्सएप पर उपलब्ध कराया था। आगरा पुलिस उसे साथ लेकर चली गई है। मामले में कुछ और संदिग्धों के नाम प्रकाश में आए हैं, उनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

पेपर गाजीपुर के सेंटर से लीक होने की आशंका

आगरा : सीटीईटी का पेपर वाट्सएप पर लीक करने के मामले में प्रतापगढ़ और भदोही के दो छात्रों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को अहम जानकारी मिली है। आशंका है कि पेपर गाजीपुर जनपद के किसी सेंटर से मोबाइल से फोटो खींचकर वाट्सएप पर भेजा गया है। पुलिस की एक टीम गाजीपुर रवाना हो गई है।




आगरा के एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि विकास यादव द्वारा क्रिएट किए गए दो ग्रुपों में से एक से आगरा का मोहित भी जुड़ा था। मोहित ने ये पेपर कुलदीप को वाट्सएप पर फारवर्ड किया था। फिर कुलदीप ने कोचिंग संचालक विकास शर्मा को इसी तरीके से पेपर उपलब्ध कराया था। आरोपितों से मिली जानकारी के मुताबिक, सीटीईटी का लीक हुआ पेपर आगरा में वाट्सएप के छह ग्रुपों पर प्रसारित किया गया था। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि इन ग्रुपों से कितने लोग जुड़े थे। आरोपितों के मोबाइल फोन से डिलीट किए गए डाटा को रिकवर करने का प्रयास किया जा रहा है।

कोचिंग संचालक समेत पांचों आरोपितों को जेल भेजा : सीटीईटी पेपर लीक मामले में पुलिस ने लोहामंडी थाने में कोचिंग संचालक विकास शर्मा निवासी लता कुंज थाना हरीपर्वत, मोहित यादव निवासी वीर नगर दयालबाग, कुलदीप फौजदार निवासी सिकरौता फतेहपुर सीकरी, प्रभात शर्मा निवासी ककुआ मलपुरा और थान सिंह निवासी गांव सहारा मलपुरा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।

परीक्षा से दो घंटे पहले ही  CTET पेपर हुआ था लीक, पांच गिरफ्तार


आगरा : केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) का पेपर रविवार को यहां परीक्षा से दो घंटे पहले ही लीक हो गया था। प्रयागराज के रहने वाले सरगना ने साल्व पेपर आगरा के एक परीक्षार्थी को वाट्सएप पर उपलब्ध कराया था। कई कड़ी से गुजरता हुआ यह कोचिंग संचालक तक पहुंचा, जिसने इसे कोचिंग के वाट्सएप ग्रुपों में भेजा। पुलिस ने कोचिंग संचालक, शिक्षक और तीन परीक्षार्थियों को गिरफ्तार कर गैंग का पर्दाफाश कर दिया। सरगना की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की एक टीम प्रयागराज गई है।


एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि आगरा में 96 केंद्रों पर दो पाली में 50 हजार परीक्षार्थियों ने हिस्सा लिया था। पुलिस को परीक्षा से पहले ही पेपर लीक होने के सुराग मिले थे। मंगलवार को राजामंडी से एपेक्स करियर क्लासेज के संचालक विकास शर्मा, शिक्षक प्रभात और परीक्षार्थी थान सिंह, कुलदीप फौजदार और मोहित यादव को गिरफ्तार कर लिया। प्रशांत यादव और मनोज यादव फरार हो गए। 


आरोपितों से पूछताछ में पता चला कि सुबह की पाली की परीक्षा शुरू होने से दो घंटे पहले प्रयागराज से सरगना विकास यादव ने परीक्षार्थी मोहित यादव के वाट्सएप पर पेपर भेजा था। मोहित ने अपने साथी कुलदीप फौजदार को फारवर्ड कर दिया। कुलदीप ने शिक्षक प्रभात को और उसने कोचिंग संचालक विकास शर्मा को वाट्सएप कर दिया। विकास ने इसे अपनी कोचिंग के पांच-छह ग्रुप पर शेयर कर दिया। 


एसएसपी ने बताया कि कोचिंग संचालक ने इसके एवज में प्रत्येक परीक्षार्थी से 50 हजार रुपये तय किए थे। गिरफ्तार आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूट रचित दस्तावेज तैयार करना और अपराधिक साजिश के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपितों के मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। इनकी जांच कर नेटवर्क का पता किया जाएगा।

Tuesday, February 2, 2021

UGC NET 2021 Exam Date: मई में होगी यूजीसी नेट की परीक्षा, जानिए कैसे करें आवेदन और एग्जाम पैटर्न

UGC NET 2021 Exam Date: मई में होगी यूजीसी नेट की परीक्षा, जानिए कैसे करें आवेदन और एग्जाम पैटर्न


UGC NET 2021 Exam Date announced: यूजीसी नेट 2021 के लिए ऑनलाइन आवेदन nta.ac.in या ugcnet.nta.nic.in पर शुरू हो गए हैं। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 2 मार्च तक ऑनलाइन एप्लीकेशन फॉर्म भर सकते हैं।

UGC NET Exam 2021: यूजीसी नेट की परीक्षा में दो पेपर (पेपर- 1और 2) होते हैं।


UGC NET 2021 Exam Date:  केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने UGC-NET परीक्षा 2021 तारीखों का ऐलान कर दिया है। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) मई में एक जूनियर रिसर्च फेलोशिप और सहायक प्रोफेसर के लिए UGC-NET परीक्षा आयोजित करेगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ने बताया कि जूनियर रिसर्च फेलोशिप और सहायक प्रोफेसर के लिए राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) 2 से 7 मई और 10 मई से 12 मई, 14 और 17, 2021 तक आयोजित की जाएगी। यूजीसी एनईटी परीक्षा 2021 के लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।


शिक्षा मंत्री ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर एनटीए द्वारा जारी नोटिफिकेशन शेयर करते हुए कहा कि, ‘नेशनल टेस्टिंग एजेंसी, असिस्टेंट प्रोफेसर और जूनियर रिसर्च फेलोशिप की पात्रता के लिए 2, 3, 4, 5, 6, 7, 10, 11, 12, 14 और 17 मई, 2021 को यूजीसी-नेट की परीक्षा आयोजित करेगी।’

संबंधित खबरें
CBSE Class 10, 12 Date Sheet: सीबीएसई बोर्ड 10वीं 12वीं की डेटशीट, केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने दी  ये सूचना


NTA UGC NET 2021 Online Application: यूजीसी नेट एक कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट है, जिसके लिए ऑनलाइन आवेदन nta.ac.in या ugcnet.nta.nic.in पर शुरू हो गए हैं। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 2 मार्च तक या उससे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन एप्लीकेशन फॉर्म भरक जमा कर सकते हैं। आवेदन शुल्क भुगतान के लिए विंडो 3 मार्च तक खुली रहेगी।


UGC NET Exam Pattern 2021: यूजीसी नेट की परीक्षा में दो पेपर (पेपर- 1और 2) होते हैं जिसमें बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) होते हैं। उम्मीदवारों को तीन घंटे की एक ही अवधि में दोनों पेपर करने होते हैं। पेपर 1 में 100 अंक होंगे जबकि पेपर 2 में 200 अंक होंगे। जो उम्मीदवार, यूजीसी नेट परीक्षा 2021 के लिए उपस्थित होना चाहते हैं, वे यूजीसी नेट दिसंबर 2020 के सूचना बुलेटिन में दी गई डीटेल्ट देख सकते हैं जो 2 फरवरी 2021 से आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड होगा।


बता दें कि, परीक्षा में बैठने वालों को योग्यता के आधार पर भारतीय विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के लिए सहायक प्रोफेसर, जूनियर रिसर्च फेलोशिप या दोनों के पद के लिए पात्र होंगे। UGC-NET हर साल दो बार आयोजित किया जाता है, हालांकि 2020 में कोरोना वायरस महामारी के कारण, जून 2020 की परीक्षा में देरी से हुई। सभी विषयों को कवर करने के लिए सितंबर 2020 तक और नवंबर 2020 तक के लिए टाल दिया गया था। दिसंबर 2020 शेड्यूल को भी स्थगित करना पड़ा और अब मई 2021 में आयोजित किया जा रहा है।

सीबीएसई कक्षा 10, 12 परीक्षा की डेटशीट शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने की जारी, देखें पूरा परीक्षा कार्यक्रम

सीबीएसई कक्षा 10, 12 परीक्षा की डेटशीट शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने की जारी, देखें पूरा परीक्षा कार्यक्रम


नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री डा. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने मंगलवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की तरफ से आयोजित की जाने वाली 10वीं और 12वीं की वार्षिक परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी कर दिया है। कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं चार मई से शुरू होंगी। 10वीं कक्षा की परीक्षाएं सात जून को खत्म हो जाएंगी, जबकि 12वीं की परीक्षाओं का समापन 11 जून को होगा।


CBSE  Class 10, 12 Exam 2021 Date Sheet : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं, 12वीं परीक्षा की डेटशीट आज जारी कर दी गई। सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2021 की डेटशीट केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक की ओर से पहले से घोषित कार्यक्रम के अनुसार जारी की गई। इस मौके पर शिक्षा मंत्री ने देशभर के सीबीएसई छात्रों को शुभकामनाएं दी।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने 28 जनवरी 2021 को सीबीएसई स्कूल प्रिंसिपल्स के साथ संवाद में बताया था कि बोर्ड 2 फरवरी 2021 को कक्षा 10वीं और 12वीं का पूरा शेड्यूल जारी करेगा। आपको बता कि सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाएं 4 मई 2021 से शुरू हो रही हैं।

CBSE Class  X Final Date Sheet 2021


CBSE Class  Xll Final Date Sheet 2021

मदरसों की वार्षिक परीक्षा के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी

मदरसों की वार्षिक परीक्षा के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी


उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद द्वारा संचालित सेकेण्ड्री, सीनियर सेकेण्ड्री, कामिल एवं फाजिल आदि पाठ्यक्रमों की इस साल होने वाली वार्षिक परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी गयी है। परिषद के रजिस्ट्रार आरपीसिंह ने यह जानकारी दी है।


उन्होंने बताया कि परीक्षा शुल्क चालान के माध्यम से राजकोष में जमा करने की आखिरी तारीख नौ फरवरी तय की गयी है।  ऑनलाइन आवेदन फार्म मदरसा पोर्टल http://madarsaboard.upsdc.gov.in पर भरने की आखिरी तारीख 10 फरवरी निर्धारित की गयी है। पहले आनलाइन आवेदन पत्र भरने की आखिरी तारीख 31 जनवरी तय की गयी थी।


उन्होंने बताया कि आवेदन पत्र केवल आनलाइन ही स्वीकार होंगे, किसी भी सूरत में आफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किये जाएंगे। परीक्षा शुल्क का विवरण और विस्तृत दिशा निर्देश परिषद की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।

Monday, February 1, 2021

NCERT NTSE 2020 : राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा स्टेज-2 परीक्षा के एडमिट कार्ड जारी

NCERT NTSE 2020 : राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा स्टेज-2 परीक्षा के एडमिट कार्ड जारी


नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) की ओर से आयोजित होनेवाली राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा (एनटीएसई) 2019-20 सत्र के स्टेज-दो की परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए गए हैं। आप यह खबर प्राइमरी का मास्टर डॉट इन पर पढ़ रहे हैं। जिन उम्मीदवारों ने पहले स्टेज की परीक्षा पास कर ली है उनके एडमिट कार्ड जारी कर दिए गए हैं। नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके एडमिट कार्ड डाउनलोड किए जा सकते हैं।




आपको बता दें कि  एनटीएसई की परीक्षा अब 14 फरवरी को आयोजित की जाएगी। पहले यह परीक्षा 7 फरवरी को आयोजित की जानी थी। आपको बता दें कि एनटीएसई के स्टेज-दो की परीक्षा एनसीईआरटी द्वारा ली जाती है। वहीं स्टेज-एक की परीक्षा संबंधित राज्य के एससीईआरटी द्वारा ली जाती है।


पिछले साल कोविड-19 के कारण स्टेज-दो की परीक्षा स्थगित कर दी गई थी। यह परीक्षा 10 मई को होने वाली थी।  आपको बता दें कि दसवीं में पढ़ने वाले छात्र एनटीएसई में शामिल होते है। स्टेज-2 की परीक्षा में सफल विद्यार्थी को 11वीं और 12वीं में सालाना 12 हजार छात्रवृत्ति दी जाती है। इसके बाद स्नातक से पीएचडी तक यूजीसी नियमानुसार छात्रवृत्ति दी जाती है।

CTET 2021 : बाल विकास और गणित के सवालों ने उलझाया

CTET 2021 : बाल विकास और गणित के सवालों ने उलझाया


केंद्रीय शिक्षा माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की राष्ट्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) में प्रथमिक स्तर पर बालक विकास और गणित के सवालों ने अभ्यर्थियों को थोड़ा बहुत उलझाया। वहीं, उच्च प्राथमिक स्तर पर हुई परीक्षा में साइंस वर्ग का पेपर संतुलित रहा। पहली पाली में हुई प्राथमिक स्तर की परीक्षा में 92 और दूसरी पाली में हुई उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा में 95 फीसदी अभ्यर्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।



सुबह 9.30 से दोपहर 12.30 बजे की पहली पाली की परीक्षा के लिए 63 हजार अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें तकरीबन 58 हजार अभ्यर्थी उपस्थित रहे। वहीं, अपराह्न 2.30 से 4.30 बजे की पाली की परीक्षा के लिए पंजीकृत 57 हजार अभ्यर्थियों में से 54 हजार अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। वाईएमसीए केंद्र से दूसरी  परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थी मुकेश कुमार प्रसाद ने बताया कि प्राथमिक स्तर पर बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र से जुड़े कुछ सवाल उलझाऊ थे, लेकिन कुल मिलाकर पेपर संतुलित रहा। हिंदी, संस्कृत, पर्यावरण एवं गणित के सवाल सामान्य थे। 


वहीं, अभ्यर्थी आकाश कुमार मिश्र को दूसरी पाली में उच्च प्राथमिक स्तर पर हुई परीक्षा में साइंस वर्ग का पेपर आसान एवं संतुलित लगा। आकाश ने प्राथमिक पहली पाली में प्राथमिक स्तर की परीक्षा भी दी और उन्हें सभी विषयों से पूछे गए सवाल स्तरीय लगे। अभ्यर्थी रेखा सरोज को प्रथमिक स्तर की परीक्षा में गणित और संस्कृत के कुछ सवाल कठिन लगे। वाईएमसीए केंद्र में परीक्षा देने पहुंचीं प्रियंका यादव को भी गणित के कुछ सवालों ने उलझया, लेकिन अन्य विषयों से पूछे गए सवाल संतुलित और आसान लगे। 


कोरोना के कारण छह माह विलंब से हुई परीक्षा
सीटीईटी का आयोजन इस बार छह माह विलंब से हुआ। यह परीक्षा जुलाई में प्रस्तावित थी, लेकिन इस बार कोरोना के कारण परीक्षा का आयोजन समय से नहीं कराया जा सका। जिले के 114 केंद्रों में हुई परीक्षा कोविड प्रोटोकॉल के तहत कराई गई। सभी परीक्षा केंद्रों में अभ्यर्थियों की थर्मन स्क्रीनिंग हुई। साथ ही केंद्रों की वीडियोग्राफी कराई गई। एक कमरे में अधिकतम 12 परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई थी।

यूपी बोर्ड : वर्ष 2021 की इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षाओं का कार्यक्रम घोषित

यूपी बोर्ड : वर्ष 2021 की इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षाओं का कार्यक्रम घोषित


UPMSP UP Board Exam 2021 : यूपी बोर्ड इंटर की प्रायोगिक परीक्षाएं 3 फरवरी से, 50-50 प्रतिशत अंक आंतरिक व बाह्य परीक्षक देंगे



 प्रयागराज : यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की प्रायोगिक परीक्षा का पहला चरण बुधवार से शुरू हो रहा है। परीक्षा प्रदेश के 10 मंडलों में सीसीटीवी कैमरे की निगरानी कराई जाएगी। पहले चरण की परीक्षा में 7505 परीक्षक लगाए गए हैं, जो 12 फरवरी तक इम्तिहान लेंगे। वहीं, हाईस्कूल में आंतरिक मूल्यांकन प्रधानाचार्य के माध्यम से होगा।

यूपी बोर्ड के सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने बताया कि इंटर के प्रयोगात्मक विषयों में 50 प्रतिशत अंक आंतरिक परीक्षक व इतने ही अंक वाह्य परीक्षक देंगे। वहीं, व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के लिए जो कालेज प्रयोगात्मक परीक्षा केंद्र बना है, वहां संबंधित विषयों के शिक्षक 50 प्रतिशत अंक आंतरिक मूल्यांकन के तहत देंगे और वाह्य परीक्षक भी इतने ही अंक दे सकेंगे। इंटर परीक्षा में पंजीकृत संस्थागत व व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के अनिवार्य विषय खेल व शारीरिक शिक्षा की प्रयोगात्मक परीक्षा विद्यालय स्तर पर प्रधानाचार्य कराएंगे।

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की वर्ष 2021 की इंटरमीडिएट प्रयोगात्मक परीक्षाएं दो चरणों में होंगी। पहले चरण में 3 से 12 फरवरी और दूसरे चरण की प्रयोगात्मक परीक्षा 13 से 22 फरवरी तक होगी।

माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव दिव्यकांत शुक्ला ने बताया कि पहले चरण में आगरा, सहारनपुर, बरेली, लखनऊ, झांसी, चित्रकूट, अयोध्या, आजमगढ़, देवीपाटन तथा बस्ती मंडल के जिलों में 10,58,617 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। दूसरे चरण में शेष मंडलों के जिलों में परीक्षा होगी। इसके लिए परीक्षक नियुक्त कर दिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि परीक्षकों के नियुक्ति पत्र परिषद की वेबसाइट पर विद्यालयों को ऑनलाइन उपलब्ध करा दिए गए हैं। नियुक्ति पत्र क्षेत्रीय कार्यालयों के जरिए भी जिलों में भेजे गए हैं।


यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट की प्रायोगिक परीक्षाएं 3 से 22 फरवरी तक दो चरणों में कराई जाएंगी। सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने बताया कि पहले चरण में 3 से 12 फरवरी तक आगरा, सहारनपुर, बरेली, लखनऊ, झांसी, चित्रकूट, फैजाबाद, आजमगढ़, देवीपाटन तथा बस्ती मंडल में प्रैक्टिकल कराए जाएंगे। 

दूसरे चरण में 13 से 22 फरवरी अलीगढ़, मेरठ, मुरादाबाद, कानपुर, प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी तथा गोरखपुर मंडलों में प्रयोगात्मक परीक्षाएं होगी। प्रायोगिक परीक्षा के संबंध में अन्य आवश्यक जानकारी तथा परीक्षकों की नियुक्ति आदि की सूचना परिषद के संबंधित क्षेत्रीय कार्यालयों से प्राप्त होगी। 

इंटरमीडिएट के प्रयोगात्मक विषयों में निर्धारित पूर्णांक में से पचास प्रतिशत अंक आंतरिक परीक्षक तथा पचास प्रतिशत अंक बाह्य परीक्षक देंगे। इसी प्रकार व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के लिए जो विद्यालय प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए केन्द्र निर्धारित किए जाएंगे उनके अध्यापक पचास प्रतिशत अंक आन्तरिक मूल्यांकन व्यवस्था के तहत देंगे और शेष पचास प्रतिशत अंक बाह्य परीक्षक देंगे। 

इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए पंजीकृत सभी रेगुलर व प्राइवेट परीक्षार्थियों की अनिवार्य विषय नैतिक योग, खेल एवं शारीरिक शिक्षा की प्रयोगात्मक परीक्षाएं विद्यालय स्तर पर प्रधानाचार्य कराएंगे। कोविड -19 से बचाव की गाइडलाइन्स को अपनाते हुए सोशल डिस्टेंसिंग के साथ प्रयोगात्मक परीक्षा कराई जाएगी।

सीसीटीवी की निगरानी में कराएंगे प्रैक्टिकल
शुचिता बनाए रखने के उददेश्य से प्रधानाचार्य प्रयोगात्मक परीक्षाएं सीसीटीवी की निगरानी में परीक्षा कराएंगे। परीक्षाओं से संबंधित रिकार्डिंग प्रधानाचार्य सुरक्षित रखी जाएगी और उन्हें अपने क्षेत्रीय कार्यालय को उपलब्ध कराएंगे। हाईस्कूल की प्रयोगात्मक परीक्षाएं पिछले साल की तरह विद्यालय स्तर पर आन्तरिक मूल्यांकन (प्रोजेक्ट कार्य) के आधार पर कराई जाएगी। हाईस्कूल के व्यक्तिगत परीक्षार्थी अपने अग्रसारण केन्द्र के प्रधानाचार्य से सम्पर्क कर प्रयोगात्मक परीक्षा में सम्मिलित होंगे। हाईस्कूल की प्रयोगात्मक परीक्षा (आंतरिक मूल्यांकन नैतिक खेल एवं शारीरिक शिक्षा तथा इंटरमीडिएट की खेल एवं शारीरिक शिक्षा के प्रांप्ताक विद्यालयों के प्रधानाचार्य के माध्यम से बोर्ड की वेबसाइट www.upmsp.edu.in पर ऑनलाइन अपलोड किए जाएंगे। इसके लिए 25 जनवरी  से वेबसाइट खुलेगी।