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Sunday, July 12, 2020

कोरोना के कारण नेशनल ओपन स्कूल NIOS की परीक्षाएं रद्द

कोरोना के कारण नेशनल ओपन स्कूल NIOS की परीक्षाएं रद्द  


नई दिल्ली। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने शुक्रवार को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूल (एनआईओएस) की परीक्षाएं रद्द करने की घोषणा की। 


एनआईओएस ने शुक्रवार को जारी एक नोटिस में कहा, मार्च 2020 में होने वाली माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक परीक्षाओं को 17 जुलाई से कराने का फैसला किया गया था, जिसे अंततः रद्द कर दिया गया। इसके परिणाम की घोषणा मूल्यांकन योजना के आधार पर होगी। परीक्षार्थी चाहें तो अपने परिणाम को सुधारने के लिए आगे मांग पर होने वाली परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।

कुछ राज्यों के बदले रुख पर यूजीसी ने कहा, केंद्रीय और राज्य विश्वविद्यालय परीक्षाओं से नहीं कर सकते इनकार


कुछ राज्यों के बदले रुख पर यूजीसी ने कहा, केंद्रीय और राज्य विश्वविद्यालय परीक्षाओं से नहीं कर सकते इनकार


नई दिल्ली। विश्वविद्यालयों की अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को रद्द करने को लेकर छात्रों की ओर से चलाए जा रहे अभियान और कुछ राज्यों के रुख के बाद यूजीसी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कुछ राज्यों के परीक्षा न कराए जाने की एकतरफा घोषणा के बीच विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने भी कहा 'सभी विश्वविद्यालय गाइडलाइन के दायरे में आते हैं। चाहे व केंद्रीय हों अथवा राज्यों के विश्वविद्यालय। कोई भी इसे मानने से इनकार नहीं कर सकता है।'



यूजीसी सचिव रजनीश जैन ने कहा कि उन्हें भी कई राज्यों की ओर से परीक्षाएं न कराने के फैसले की जानकारी मिली है, जल्द ही वह इस संबंध में संबंधित राज्यों और विश्वविद्यालयों से चर्चा करेंगे। साथ ही उन्हें पूरी स्थिति से अवगत कराएंगे। उन्होंने कहा कि जहां तक बात कोरोना संक्रमण के खतरे की है तो मानव संसाधन विकास मंत्रालय और यूजीसी दोनों ही छात्रों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से सतर्क है। यही वजह है कि जुलाई में प्रस्तावित परीक्षाओं को कराने के फैसले को टाल कर अब सितंबर अंत तक का समय दिया गया है। उन्होंने बताया कि ज्यादातर विश्वविद्यालय परीक्षाओं को लेकर तैयार है। उन्होंने तैयारी भी कर ली है। स्थानीय स्थितियों का आंकलन करने के बाद वह जल्द ही परीक्षाओं को लेकर फैसला ले सकेंगे।


यूजीसी ने छह जुलाई को जारी अपनी संशोधित गाइड लाइन में अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को जरूरी बताया। साथ ही इन्हें कराने के लिए विश्वविद्यालयों को सितंबर अंत तक का समय दिया है। बता दें कि यूजीसी देश में विश्वविद्यालयों की सबसे बड़ी नियामक संस्था है।


गृह मंत्रालय की अनुमति के बाद जारी की गई थी संशोधित गाइडलाइन
यूजीसी ने विश्वविद्यालयों की अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को लेकर जारी गई अपनी संशोधित गाइडलाइन गृह मंत्रालय की अनुमति के बाद जारी की थी। इसके तहत अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को अहम बताया गया था। साथ ही विश्वविद्यालयों को इसके लिए 30 सितंबर तक समय दिया था। इसके अलावा यह भी कहा था कि यदि किसी छात्र की परीक्षाएं इस दौरान छूट जाती है, तो उचित कारणों के आधार पर उन्हें चालू सत्र के बीच में ही फिर से परीक्षा का एक मौका दिया जाए।


 कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए यूजीसी विश्वविद्यालयों की पहले और दूसरे वर्ष की परीक्षाओं को पहले ही रद्द चुकी है। इसके तहत इन सभी छात्रों को अब आंतरिक आंकलन के आधार पर प्रमोट किया जाएगा। जबकि अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को एक से पंद्रह जुलाई के बीच कराने को कहा था।

Friday, July 10, 2020

Polytechnic Entrance Exam 2020: पॉलीटेक्निक प्रवेश परीक्षा अब 12 और 15 सितंबर को


Polytechnic Entrance Exam 2020: पॉलीटेक्निक प्रवेश परीक्षा अब 12 और 15 सितंबर को


Polytechnic Entrance Exam 2020 कोरोना के मद्देनजर बढ़ाई गई तिथि पहले 19 और 25 जुलाई को होनी थी परीक्षा ।


लखनऊ || कोरोना संक्रमण के मद्देनजर शासन ने पॉलीटेक्निक प्रवेश परीक्षा की तिथि बढ़ा दी है। अब यह परीक्षा 12 और 15 सितंबर को होगी। पहले इसकी तिथि 19 और 25 जुलाई निर्धारित की गई थी। गुरुवार को यह जानकारी संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद के सचिव एसके वैश्य ने दी। दो पालियों में होगी परीक्षा दोनों तिथियों में दो पालियों में परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। परीक्षा सूबे के 75 जिलों में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से होगी। पूरे प्रदेश से करीब चार लाख विद्यार्थियों ने इसके लिए आवेदन किया है।


लॉकडाउन से बढ़ी प्रवेश परीक्षा की तिथि

गौरतलब हैै क‍ि पहले प्रवेश परीक्षा की तिथि पांच और छह जुलाई थी, लेक‍िन लॉकडाउन और बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण परिषद को यह तिथि बढ़ानी पड़ी थी। 20 मई को जारी हुए आदेश में परिषद ने प्रवेश परीक्षा की नई तिथि 19 और 25 जुलाई निर्धारित की थी, लेक‍िन एक बाद फ‍िर परीक्षा की त‍िथ‍ियोंं में बदलाव क‍िया गया है। 


परीक्षा शेड्यूल 
ग्रुप-ए (तीन वर्षीय डिप्लोमा ऑनलाइन परीक्षा), 12 सितंबर, सुबह नौ से दोपहर 12:00 बजे तक। -
ग्रुप-ई-वन, ई-टू (डिप्लोमा इन फार्मेसी ऑफलाइन परीक्षा), 12 सितंबर, दोपहर 02:30 बजे से शाम 05:30 बजे तक।
ग्रुप-बी, सी, डी, एफ, जी, एच और आई (ऑनलाइन परीक्षा), 15 सितंबर, सुबह नौ बजे से दोपहर 12:00 बजे तक।
ग्रुप-के वन से के-आठ (ऑनलाइन परीक्षा), 15 सितंबर, दोपहर 02:30 बजे से शाम 05:30 बजे तक।  

Thursday, July 9, 2020

फतेहपुर : 47 शिक्षकों ने दी ARP की परीक्षा

फतेहपुर : 47 शिक्षकों ने दी ARP की परीक्षा।

फतेहपुर :  बेसिक शिक्षा विभाग ने बुधवार को एआरपी (अकादमिक रिसोर्स पर्सन) परीक्षा का आयोजन कराया 40 पदों के लिए 47 शिक्षक परीक्षा में बैठे। परीक्षा केंद्र जीआईसी फतेहपुर बनाया गया था। सुबह 11 बजे से शुरू है परीक्षा में सभी को कोरोना संक्रमण को देखते हुए दूर-दूर बैठाया गया। बता दें कुछ समय पहले एनआरसी का पद समाप्त कर दिया गया थाने की जगह एआरपी पद का सृजन किया गया है। इनका काम शिक्षा संवर्धन करना है।




एआरपी का चयन पांच विषयों के लिए होना है, जिसमें पूर्व में कुछ पद भरे गए थे। पद रिक्त होने पर पुनः परीक्षा कराकर चयन किया जाना है। परीक्षा के दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह, राकेश सचान मौजूद रहे। सफल शिक्षकों का साक्षात्कार होगा। चयनितों को विभिन्न ब्लाक में तैनाती दी जाएगी।


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पॉलीटेक्निक : सितम्बर में परीक्षाएं कराने की तैयारी, 5 से 12 सितम्बर तक होंगी परीक्षाएं

पॉलीटेक्निक : सितम्बर में परीक्षाएं कराने की तैयारी, 5 से 12 सितम्बर तक होंगी परीक्षाएं।


लखनऊ निज संवाददाता पॉलीटेक्निक में अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को लेकर अब तक असमंजस है। बुधवार को प्राविधिक शिक्षा परिषद कार्यालय में हुई परीक्षा समिति की बैठक में चारों जोन के संयुक्त निदेशक और एकेटीयू के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में परीक्षा के लिए 5 से 12 सितम्बर की तिथि तय की गई। परीक्षा समिति अधिकारी और निदेशक प्राविधिक शिक्षा मनोज कुमार ने यह भी कहा कि एकेटीयू, एचबीटीयू और एमएमआईटी में जो परीक्षाएं होंगी तभी पॉलीटेक्निक भी परीक्षाएं कराएगा। अन्यथा छात्रों को आंतरिक मूल्यांकन और पिछली परीक्षाओं के परिणाम के आधार पर अंक दे दिए जाएंगे। बैठक में 65 फीसदी कोर्स को पूरा मानते हुए छात्रों से परीक्षा में पांच की जगह चार प्रश्न हल कराने पर सहमति बनी। निदेशक मनोज कुमार के मुताबिक छात्रों को कितना कोर्स पढ़ाया गया है उसके आधार पर ही परीक्षा होगी। इसके लिए विकल्प बढ़ाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही तैयार प्रश्नपत्रों में ही बदलाव के लिए निदेशक की अनुमति ली जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्रों की सम सेमेस्टर परीक्षाएं नहीं होगी। छात्रों को आंतरिक मूल्यांकन और पिछली परीक्षाओं में प्राप्त नम्बरों के आधार पर प्रमोट किया जाएगा।





परीक्षा समिति की बैठक में लिया गया फैसला, 5 से 12 सितंबर तक होंगी पॉलीटेक्निक परीक्षाएं


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Wednesday, July 8, 2020

फतेहपुर : ARP चयन हेतु लिखित परीक्षा 08 जुलाई 2020 को होगी आयोजित, देखें प्रवेशपत्र प्रारूप सह महत्वपूर्ण निर्देश

फतेहपुर : ARP बनने के लिए आज परीक्षा देंगे बेसिक शिक्षक, 40 पदों के लिए 59 शिक्षकों ने किया है आवेदन।

फतेहपुर : बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा आज अकादमिक रिसोर्स पर्सन के रिक्त 40 पदों के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा राजकीय इंटर कॉलेज में पूर्वाह्न 11 बजे से होगी। परीक्षा में कुल 59 आवेदकों के शामिल होने की उम्मीद है। विभाग ने गत वर्ष पहले चरण में अक्टूबर माह में चयन प्रक्रिया शुरू की थी। पिछले दिनों ब्लॉक सह समन्वयकों (एबीआरसीसी) के स्थान पर अकादमिक रिसोर्स पर्सन की तैनाती का फैसला किया था। तय किया गया था कि प्रत्येक ब्लॉक में सह समन्वयकों की भक्ति अकादमिक रिसोर्स पर्सन की तैनाती की जाएगी। पांच विषयों के विशेषज्ञ कहे गए अकादमिक रिसोर्स पर्सन के चयन के लिए शासनादेश में विस्तृत गाइडलाइन दी गई थी। अपर मुख्य सचिव ने कहा था कि एमपी के लिए अलग से कोई पद सृजित नहीं किया जाएगा। इन्हें एनआरसी के लिए पूर्व में सृजित किए गए पदों में ही समायोजित किया जाएगा। विभाग ने अब दूसरे चरण की चयन प्रक्रिया का आगाज कर दिया है। 13 ब्लॉक एवं नगर क्षेत्र के लिए कुल 70 रिक्त पद हैं। जिन 40 पदों पर एआरपी की तैनाती नहीं हो सकी है, उन पदों के लिए आवेदन मांगे थे। रिक्त पदों में हिन्दी के 11, अंग्रेजी के 9, गणित के 2, विज्ञान के 10 एवं सामाजिक विषय के 8 पद शामिल हैं।

सामाजिक विषय में सर्वाधिक है।

कुल रिक्त 40 पदों के सापेक्ष 59 शिक्षकों ने आवेदन किया है। जिनमें सामाजिक विषय के रिक्त 8 पदों के लिए करीब 24 शिक्षकों ने आवेदन किए हैं। जबकि हिन्दी के रिक्त 11 पदों के लिए 19 अध्यापकों ने फार्म डाले हैं। जबकि अन्य विषयों के रिक्त 21 पदों के लिए सिर्फ 16 शिक्षक ही सामने आए हैं। ऐसे में इन विषयों में फिर से पद रिक्त होने की उम्मीद है।



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फतेहपुर : ARP चयन हेतु लिखित परीक्षा 08 जुलाई 2020 को होगी आयोजित, देखें प्रवेशपत्र प्रारूप सह महत्वपूर्ण निर्देश।











फतेहपुर : ARP के 40 पदों के लिए 59 अभ्यर्थी देंगे परीक्षा, देखें सूची।

फतेहपुर : बेसिक शिक्षा विभाग ने एकडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। 40 पदों के चयन के लिए आठ जुलाई को राजकीय इंटर कॉलेज में सुबह 11 बजे से 12.30 बजे तक परीक्षा होगी। एआरपी के रिक्त 40 पदों के लिए कुल 64 शिक्षकों ने आवेदन किया था। इनमें जांच के दौरान पांच आवेदन योग्य पाए गए। इस तरह से 59 आवेदन सही हैं। जिले में एआरपी के कुल 70 पद हैं। इनमें 30 कार्यरत हैं। पूर्व में हुई चयन परीक्षा में 36 अभ्यर्थी पास हुए थे। इनमें छह ने कार्यभार ग्रहण नहीं किया था। इस तरह से 30 एआरपी ही कार्यरत हैं। बीईओ मुख्यालय राकेश सचान ने बताया कि रिक्त एमपी के पद भर जाने के बाद जिले की शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार होगा। बताया कि सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा में बैठने के लिए आधार कार्ड साथ लाना अनिवार्य होगा।



फतेहपुर : अब ARP पदों को भरने के लिए तेज की गई कवायद, 08 जुलाई 2020 को GIC में कराई जाएगी परीक्षा।

फतेहपुर। बेसिक शिक्षा विभाग में एमपी के रिक्त पदों को भरने की विभाग ने कवायद तेज कर दी है। रिक्त पदों के लिए कुल 64 आवेदन प्राप्त किए गए। जिसमें विभिन्न कमियों के कारण पांच आवेदन रिजेक्ट कर दिए गए। अब 59 शिक्षक इन पदों के लिए परीक्षा देकर अपना भाग्य अजमाएंगे। डीसी अखिलेश सिंह ने बताया कि एमपी के 40 रिक्त पदों को भरने के लिए आवेदन मांगे गए थे। जिसमें कुल 64 आवेदन प्राप्त हुए। अधिकारियों द्वारा पांच आवेदनों में त्रुटियां पाए जाने पर रिजेक्ट किया गया है। अब परीक्षा के लिए 59 आवेदक पात्र हैं। बताया कि एमपी परीक्षा आठ जुलाई को राजकीय इंटर कॉलेज में सुबह 11 बजे से आयोजित होगी। विद्यालय के प्रधानाचार्य ही केन्द्र व्यवस्थापक रहेंगे। वहीं नोडल अधिकारी के रूप में डायट प्राचार्य रहेंगे। परीक्षा 11 बजे से साढे बारह बजे तक आयोजित होगी। परीक्षा के लिए आवेदकों को समय पर पहुंचना अनिवार्य होगा। साथ ही जरुरी प्रपत्र भी अपने साथ रखने होंगे।



रिक्त पद : आठ जुलाई को जीआईसी में कराई जाएगी परीक्षा, 40 पदों के सापेक्ष परीक्षा के लिए 59 आए आवेदन



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Tuesday, July 7, 2020

अंतिम वर्ष के छात्रों को देनी होगी परीक्षा, सितंबर में परीक्षा कराने का फैसला, UGC की संशोधित गाइडलाइन जारी

अंतिम वर्ष के छात्रों को देनी होगी परीक्षा, सितंबर में परीक्षा कराने का फैसला, UGC की संशोधित गाइडलाइन जारी


सितंबर में यूजी व पीजी अंतिम साल की परीक्षाएं कराने की तैयारी शुरू

गृह मंत्रालय की अनुमति के बाद यूजीसी ने सोमवार देर रात विश्वविद्यालयों और कालेजों की परीक्षाओं को लेकर संशोधित गाइड लाइन जारी की है।...


नई दिल्ली । विश्वविद्यालय और कालेज अब अपनी अटकी पड़ी अंतिम वर्ष की परीक्षाएं 30 सितंबर तक करा सकेंगे। गृह मंत्रालय की अनुमति के बाद यूजीसी ने सोमवार देर रात विश्वविद्यालयों और कालेजों की परीक्षाओं को लेकर संशोधित गाइड लाइन जारी की है। जिसमें जुलाई में परीक्षाओं को कराने जैसी अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। साथ ही अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को अनिवार्य बताते हुए इन्हें सितंबर के अंत तक कराने की अनुमति दी है। जो ऑनलाइन और ऑफलाइन किसी भी माध्यम से कराई जा सकेंगी। यूजीसी ने इसके साथ ही विश्वविद्यालयों और कालेजों को यह भी छूट दे दी है, वह इन परीक्षाओं की स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए 30 सितंबर तक कभी भी करा सकते हैं। हालांकि यूजीसी को इसकी जानकारी देनी होगी। 


स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेने की छूट

यूजीसी ने इससे पहले 29 अप्रैल को जारी गाइडलाइन में सभी विवि और कालेजों से एक से पंद्रह जुलाई के बीच अंतिम वर्ष की परीक्षाएं कराने को कहा था। जबकि पहले और दूसरे वर्ष की परीक्षाएं कराने के लिए 15 से 30 जुलाई तक का समय तय किया था। इस बीच कोरोना के तेजी से बढ़ते संक्रमण को देखते हुए कई राज्यों और विश्वविद्यालयों ने मौजूदा परिस्थितियों में परीक्षाएं कराने से हाथ खड़े कर दिए थे। जिसके बाद मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने यूजीसी से परीक्षाओं को लेकर जारी गाइडलाइन की नए सिरे से समीक्षा करने के निर्देश दिए थे। 


अंतिम वर्ष की परीक्षा अनिवार्य, ऑनलाइन या ऑफलाइन किसी भी माध्यम से कराई जा सकेंगी

यूजीसी ने इसके बाद हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति की अगुवाई में एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित की थी। जिसकी रिपोर्ट के बाद यूजीसी बोर्ड ने यह फैसला लिया है।यूजीसी ने इसके साथ ही सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को निर्देश दिया है, कि यदि इसके बाद भी कोई छात्र अंतिम वर्ष की परीक्षाएं नहीं दे पाता है तो उचित कारण पाए जाने पर उसे बाद में परीक्षा का मौका दिया जाए। संशोधित गाइडलाइन में यूजीसी का सबसे ज्यादा जोर अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को लेकर है। जबकि पहले और दूसरे वर्ष के लिए यूजीसी ने पहले ही विश्वविद्यालयों से आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर प्रमोट करने के निर्देश दिए हैं।


यूजीसी बोर्ड की बैठक में इस दौरान नए शैक्षणिक सत्र और प्रवेश परीक्षाओं को लेकर बाद में अलग से गाइडलाइन जारी करने को लेकर सहमति बनी है। बाद में गृह मंत्रालय से अनुमति के बाद गाइडलाइन जारी कर दी गई। बता दें कि यूजीसी की संशोधित गाइडलाइन आने से पहले देश के कई राज्य और विश्वविद्यालय जुलाई में परीक्षाएं कराने की योजना को रद कर चुके हैं। 

गृह मंत्रालय ने दी विश्वविद्यालयों को परीक्षांए कराने की अनुमति, यूजीसी जल्द जारी करेगा परीक्षा तिथियां, यूपी में भी जल्द फैसला


गृह मंत्रालय ने दी विश्वविद्यालयों को परीक्षांए कराने की अनुमति, यूजीसी जल्द जारी करेगा परीक्षा तिथियां


विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की नई गाइडलाइन्स के इंतजार के बीच सोमवार को भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने केंद्रीय शिक्षा सचिव को पत्र लिखकर विश्वविद्यालयों और शैक्षिक संस्थाओं को परीक्षाएं कराने की अनुमति दे दी। गृह मंत्रालय ने अपने पत्र में कहा कि विश्वविद्यालयों को यूजीसी की गाइडलाइन्स के अनुसार फाइनल ईयर/सेमेस्टर की परीक्षाएं कराना अनिवार्य है। परीक्षाएं कराने वाली संस्थाओं को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन्स के तहत परीक्षाएं कराना चाहिए।


यूजीसी जल्द जारी करेगा परीक्षा तिथियां-
आपको बता दें कि केंद्रीय एचआरडी मंत्रालय की ओर से यूजीसी को अपनी गाइडलाइन्स पर पुनर्विचार के लिए कहा जा चुका है। ऐसे में यूजीसी को विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं और नए अकादमिक सत्र 2020-21 को लेकर गाइडलाइन्स जारी करनी है। इस बात की जानकारी यूजीसी स्वयं दे चुका है कि बहुत जल्द ही नई गाइडलाइन्स जारी की जाएंगी। लेकिन गृह मंत्रालय की अनुमति से अब उम्मीद है कि यूजीसी गाइडलाइन्स के साथ ही विश्वविद्यालयों की फाइनल ईयर परीक्षाओं की तिथियां भी जारी कर देगा।


परीक्षाएं रद्द होने से बढ़ सकता है कन्फ्यूजन-
चूंकि यूजीसी की गाइडलाइन्स जारी होने और गृह मंत्रालय के पत्र से पहले ही कई राज्यों में विश्वविद्यालय की परीक्षाओं को रद्द किया जा चुका है। यहां तक कि उत्तर प्रदेश में भी पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने फाइनल की परीक्षाएं रद्द कर छात्रों को पिछले सेमेस्टर के अंकों और इंटरनल असेसमेंट के आधार पर मूल्यांकन करने फॉर्मूला जारी किया था। ऐसे में यूजीसी गाइडलाइन्स का इंतजार कर रहे विश्वविद्यालयों और छात्रों में इस बात का कन्फ्जन बढ़ सकता है कि उनकी परीक्षाएं होंगी या नहीं।


उत्तर प्रदेश में जल्द शासनादेश जारी होने के आसार

 लखनऊ। यूपी सरकार केंद्र की गाइड लाइन का इंतजार कर रही थी। राज्य विवि की परीक्षाओं के संबंध में अब जल्द ही शासनादेश जारी होने की संभावना है। माना जा रहा है कि प्रदेश में अब केवल अंतिम वर्ष की ही परीक्षाएं कराई जाएंगी। इससे पहले प्रदेश सरकार ने कुलपति प्रो. तनेजा की अध्यक्षता में चार कुलपतियों की कमेटी बनाई थी। कमेटी ने परीक्षाएं निरस्त कर छात्रों को प्रोन्नत करने की संस्तुति की थी।


प्रदेश सरकार एक-दो दिन में करेगी परीक्षाओं पर फैसला

लखनऊ। प्रदेश में विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की परीक्षाओं पर एक-दो दिन में फैसला हो जाएगा।

निर्णय लेने से पहले देखा  जाएगा सभी विद्यार्थियों का हित

उच्च शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव मोनिका एस. गर्ग का कहना है कि प्रदेश में कुछ विश्वविद्यालयों ने परिणाम जारी कर दिया है तो हैं तो कुछ में आंशिक परीक्षा हुई है और कुछ में बिल्कुल भी नहीं। ऐसे में सभी विश्वविद्यालयों में एक समान निर्णय लागू करना कठिन है। लिहाजा कोई भी निर्णय लेने से पहले

Monday, July 6, 2020

केंद्रीय विद्यालयों में प्रोजेक्ट के माध्यम से छात्रों का मूल्यांकन होगा, 20 जुलाई तक नतीजे

केंद्रीय विद्यालयों में प्रोजेक्ट के माध्यम से छात्रों का मूल्यांकन होगा, 20 जुलाई तक नतीजे


केन्द्रीय विद्यालय संगठन ने अपने छात्रों का मूल्यांकन लिखित परीक्षा कराने के स्थान पर प्रोजेक्ट के माध्यम से करने का फैसला लिया है। केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के 9वीं और 11वीं फेल छात्रों को स्कूल स्तर पर सप्लीमेंट्री परीक्षा के माध्यम से एक और मौका देने के सुझाव पर यह कदम उठाया गया है। इसके तहत, सभी इच्छुक फेल छात्रों को प्रोजेक्ट तैयार करना होगा। शिक्षक उसका मूल्यांकन के अंक देंगे। संगठन ने नतीजे जारी करने के लिए 20 जुलाई तक का समय दिया है। संगठन ने साफ किया है कि इस प्रोजेक्ट के नतीजों के आधार पर ही 9वीं और 11वीं में फेल छात्रों को अगली कक्षा में प्रमोट किया जा सकेगा। संगठन की संयुक्त कमिश्नर पिया ठाकुर ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।


पाठ्यक्रम के आधार पर तय होगा टॉपिक

9वीं व 11वीं कक्षा की सप्लीमेंट्री परीक्षा देने के इच्छुक छात्रों को शिक्षक परिणाम आधारित अच्छा प्रोजेक्ट वर्क देंगे। इनके टॉपिक पाठ्यक्रम में से ही दिए जाएंगे। प्रोजेक्ट वर्क का उद्देश्य छात्रों की कॉन्सेप्ट को समझने का क्षम मूल्यांकन करना है। छात्रों व 9/14 तैयार करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया जाएगा। प्रोजेक्ट ऑनलाइन जमा कराना होगा। संगठन ने साफ किया है कि यह प्रोजेक्ट वर्क छात्रों को स्वतंत्र रूप से पूरा करना होगा। संबंधित शिक्षकों को छात्र से बात करने और उसके बारे में पूछने की छूट दी गई है।

Sunday, July 5, 2020

फैसला : जुलाई में होने वाली पॉलीटेक्निक प्रवेश परीक्षा स्थगित, सितम्बर में होगी प्रवेश परीक्षा

फैसला : जुलाई मेहोने वाली पॉलीटेक्निक प्रवेश परीक्षा स्थगित, सितम्बर में होगी प्रवेश परीक्षा।

लखनऊ : पॉलिटेक्निक में दाखिले की प्रवेश परीक्षा एक बार फिर स्थगित हो गयी है। 19 और 25 जुलाई को ये परीक्षा होनी थीं। पॉलिटेक्निक संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद के अधिकारियों की मानें तो अब परीक्षाएं सितंबर में होंगी। प्राविधिक शिक्षा मंत्री और विशेष सचिव के निर्देश के बाद अब परीक्षाएं सितंबर में जेईई मेन्स की परीक्षा के आस पास कराने की तैयारी है। वहीं, प्रवेश परीक्षा के लिए बनने वाले सभी केंद्र अब राजकीय और सहायता प्राप्त विद्यालय ही होंगे। कोरोना संक्रमण के चलते अभ्यर्थियों को सुरक्षित माहौल देने के लिए परीक्षा को आगे बढ़ाया जा रहा है। बता दें कि पहले ऑफलाइन लिखित परीक्षा के लिए 19 जुलाई और ऑनलाइन परीक्षा के लिए 25 जुलाई की तिथि निर्धारित हुई थी। संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद सचिव एसके वैश्य के मुताबिक अब परीक्षाएं सितंबर में होंगी। शासन के आदेश के बाद परीक्षा केंद्रों में भी बदलाव किया जा रहा है। पहले 705 परीक्षा केंद्रों में 154 परीक्षा केंद्र प्राइवेट थे। अब 154 केंद्र और बनाने के लिए राज्य और सहायता प्राप्त विद्यालय को फिर से पत्र भेजा गया है। उन्होंने बताया कि परीक्षाएं 75 जनपदों में ही कराई जाएंगी। साथ ही अन्य ग्रुप लेटरल एंट्री के लिए होने वाली परीक्षा ऑनलाइन ही होगी। इसके केंद्रों का भी पुनः निर्धारण किया जा रहा है। इसके लिए परीक्षा कराने की तिथि भी जल्द घोषित होगी।

19 और 25 जुलाई को होनी थीं परीक्षाएं

15 जनपदों में कराई जाएंगी ये परीक्षाएं






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Saturday, July 4, 2020

CICSE: बोर्ड ने दसवीं-बारहवीं कक्षा की रद्द परीक्षाओं के लिए मूल्यांकन योजना की घोषणा की


CICSE: बोर्ड ने दसवीं-बारहवीं कक्षा की रद्द परीक्षाओं के लिए मूल्यांकन योजना की घोषणा की


काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेशन एग्जामिनेशन (CISCE) ने शुक्रवार को दसवीं और बारहवीं कक्षा की लंबित परीक्षाओं के लिए मूल्यांकन योजना की घोषणा की। इन परीक्षाओं को कोरोना वायरस से बचाव के लिए लगे लॉकडाउन के दौरान स्थगित कर दिया गया था। सीआईएससीई की योजना के अनुसार, उम्मीदवारों का मूल्यांकन तीन अंकों के सर्वश्रेष्ठ तीन मापदंडों, पर्सेंटेज सब्जेक्ट प्रॉजेक्ट वर्क और प्रैक्टिकल वर्क के आधार पर किया जाएगा। जिन विषयों के लिए बोर्ड परीक्षा आयोजित की गई है, उनमें से छात्रों को औसत तीन प्रतिशत अंक प्राप्त होंगे।


बोर्ड की शेष परीक्षाओं का आयोजन एक से लेकर 14 जुलाई के बीच होना था, लेकिन काउंसिल ने इन्हें रद्द कर दिया था। सीआईएससीई ने हाल ही में उच्चतम न्यायालय को बताया था कि रद्द हुए परीक्षाओं के लिए जल्द ही मूल्यांकन योजन को बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। अब बोर्ड तीन बिंदुओं के आधार पर ही विद्यार्थियों का रिजल्ट तैयार करेगा। बोर्ड परीक्षा में विद्यार्थियों के बेस्ट तीन पेपरों के नंबरों के औसत, विषय का आंतरिक मूल्यांकन और पर्संटेज सब्जेक्ट इंटर्नल असेसमेंट के आधार पर विद्यार्थियों का रिजल्ट तैयार होगा। विषय परियोजना (सब्जेक्ट प्रोजेक्ट) श्रेणी का अर्थ अभ्यर्थियों द्वारा पेपरों के आंतरिक मूल्यांकन में प्राप्त कुल अंकों से है। जबकि, प्रतिशत विषय परियोजना (पर्सेंटेज सब्जेक्ट प्रोजेक्ट) का अर्थ आंतरिक मूल्यांकन में उम्मीदवार द्वारा प्राप्त अंकों के प्रतिशत से है। 

Tuesday, June 30, 2020

उच्च शिक्षा : विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में नहीं होंगी परीक्षाएं, प्रोन्नत होंगे छात्र, 48 लाख विद्यार्थी प्रमोट होंगे!

विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में नहीं होंगी परीक्षाएं, प्रोन्नत होंगे छात्र

नहीं होंगी विवि की परीक्षाएं 48 लाख विद्यार्थी प्रमोट होंगे!

7026 डिग्री कॉलेज हैं सरकारी और प्राइवेट मिलाकर

लखनऊ : प्रदेश के विश्वविद्यालयों व डिग्री कॉलेजों में स्नातक व परास्नातक की परीक्षाएं नहीं होंगी। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के कुलपति प्रो. एनके तनेजा की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने परीक्षाएं न कराने की संस्तुति की है। करीब 48 लाख से अधिक विद्याíथयों को अगली कक्षा में प्रोन्नत किया जाएगा।


उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में सोमवार को हुई महत्वपूर्ण बैठक में कमेटी के प्रस्ताव पर सैद्धांतिक रूप से सहमति बन गई है। हालांकि औपचारिक घोषणा दो जुलाई को की जाएगी।




उच्च शिक्षा विभाग द्वारा गठित कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट लिखा है कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच परीक्षाएं कराना जोखिम भरा हो सकता है। मालूम हो कि मार्च में हुए लॉकडाउन के चलते कई विश्वविद्यालयों में परीक्षाएं शुरू नहीं हो पाईं, कुछ में शुरू हुईं तो आधी परीक्षाएं हो पाईं। जुलाई में परीक्षाएं कराने के लिए परीक्षा कार्यक्रम घोषित किए गए तो विरोध शुरू हो गया। इसके बाद उच्च शिक्षा विभाग ने चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी की रिपोर्ट को देखते हुए अब प्रोन्नति पिछली कक्षा में मिले अंक के आधार पर दी जाए या सभी विषयों में मिले अंक में से जिस विषय में ज्यादा अंक मिले हैं उसे आधार मानकर रिजल्ट तैयार किया जाए, इन सब पर मंथन किया जा रहा है।

’ उच्च शिक्षा विभाग की ओर से गठित कमेटी ने की संस्तुति

’ प्रोन्नति के फार्मूले पर मंथन, दो जुलाई को होगी औपचारिक घोषणा

राज्य विवि, एक मुक्त विवि, एक डीम्ड विवि और 27 निजी विवि हैं प्रदेश में

डॉ. दिनेश शर्मा ’ जागरण आर्काइव

सभी संभावनाओं को टटोला जा रहा है। कमेटी की रिपोर्ट पर भी मंथन किया जा रहा है। दो जुलाई को इस पर अंतिम निर्णय लेकर औपचारिक घोषणा की जाएगी।

डॉ. दिनेश शर्मा, उप मुख्यमंत्री




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Sunday, June 28, 2020

यूपी बोर्ड : इम्प्रूवमेंट परीक्षा देने के लिए 3,27,663 को मिलेगा अवसर

यूपी बोर्ड : इम्प्रूवमेंट परीक्षा देने के लिए 3,27,663 को मिलेगा अवसर।

यूपी बोर्ड : इम्रुवमेंट परीक्षा देने के लिए 3,27,663 को मिलेगा अवसर।


प्रयागराज : यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल व इंटरमीडिएट का परिणाम घोषित करने के साथ ही हाईस्कूल की पूनम और कंपार्टमेंट परीक्षा के लिए अर्ह पाए गए परीक्षार्थियों की संख्या भी जारी कर दी है। इस बार 3,27,663 परीक्षार्थी इंप्रूवमेंट और 711 कंपार्टमेंट परीक्षा देंगे। इस वर्ष इंटर में चार विषयों में उत्तीर्ण अभ्यर्थी भी कंपार्टमेंट की परीक्षा दे सकेंगे, यानी जो एक विषय में फेल हैं वे कंपार्टमेंट परीक्षा दनक हकदार है। इंप्रूवमेंट परीक्षा के लिए वे परीक्षार्थी अहं होते हैं जो हाईस्कूल के छह में से पांच विषय ही उत्तीर्ण कर पाते हैं। हालांकि बोर्ड उन्हें उत्तीर्ण मानते हुए प्रमाणपत्र जारी कर देता है, लेकिन छठवें विषय में भी व उत्तीर्ण होना चाहें तो उसकी परीक्षा दे सकते हैं। जबकि 2019 में इंप्रूवमेंट के लिए परीक्षार्थियों की संख्या 3,69,876 थी। इससे पहले 2018 में ऐसे परीक्षार्थियों की संख्या 357900 और 2017 में 563033 थी। इंप्रूवमेंट देने वालों में प्रयागराज क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत सबसे अधिक परीक्षार्थी हैं। यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय मेरठ के अंतर्गत 63244, बरेली कार्यालय के अंतर्गत 37176, प्रयागराज क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत 101149, वाराणसी कार्यालय के अंतर्गत 84967 तथा गोरखपुर कार्यालय के अंतर्गत 41127 छात्रों को पेमेंट परीक्षा का अवसर मिलेगा। यूपी बोर्ड कार्यालय के अनुसार कंपार्टमेंट परीक्षा के लिए वह अभ्यर्थी अर्ह होते हैं जो छह में चार विषयों में ही पास हो पाते हैं। जिन दो विषयों में अनुत्तीर्ण हो जाते हैं उन्हें किसी एक विषय को पास करने के लिए कंपार्टमेंट परीक्षा में शामिल होने का मौका मिलता है। इस बार 711 परीक्षार्थी कंपार्टमेंट के लिए अर्ह माने गए हैं। इसमें क्षेत्रीय कार्यालय मेरठ के अंतर्गत 86,बरेली कार्यालय के अंतर्गत 38, प्रयागराज क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत 152, वाराणसी कार्यालय के अंतर्गत 327 तथा गोरखपुर कार्यालय के अंतर्गत 108 छात्र हैं। वर्ष 2018 में कंपार्टमेंट परीक्षा के लिए 736 और 2017 में 2490 परीक्षार्थी अर्ह थे। वहीं इस बार क्रेडिट के लिए 421170 परीक्षार्थी अहं पाए गए हैं। इसमें क्षेत्रीय कार्यालय मेरठ के 63640, बरेली के 38189, प्रयागराज के 111695, वाराणसी के 135103 व गोरखपुर के 72543 परीक्षार्थी शामिल हैं। वहीं, वर्ष 2019 में 505544 परीक्षार्थी क्रेडिट परीक्षा के लिए अर्ह थे। जबकि 2018 में ऐसे परीक्षार्थियों की संख्या 525100 और 2017 में 619353 थी।

सहूलियत

• मूवमेंट देने वालों में सबसे अधिक प्रयागराज क्षेत्र के परीक्षार्थी

एक विषय में फेल इंटर के परीक्षार्थी दे सकेगे कंपार्टमेंट परीक्षा

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इंटर के 37017 छात्र-छात्राएं देंगे कम्पार्टमेंट परीक्षा, यूपी बोर्ड ने इस साल से दी है यह सुविधा।


इंटर के 35017 छात्र कम्पार्टमेंट परीक्षा देंगे। यूपी बोर्ड ने इस साल से इंटर के छात्र-छात्राओं के लिए यह सुविधा दी है। ये सभी छात्र एक विषय में फेल हैं और कम्पार्टमेंट देकर पास हो सकते हैं। हालांकि अभी कम्पार्टमेंट परीक्षा की तारीख तय नहीं हो सकी है। इसका प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।




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Saturday, June 27, 2020

विश्वविद्यालय परिक्षाओं के लिए कमेटी गठित

विवि परीक्षाओं के लिए कमेटी गठित

लखनऊ : राज्य सरकार ने विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं के संबंध में चार कुलपतियों की एक कमेटी का गठन किया है। कमेटी के अध्यक्ष चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ के कुलपति होंगे। अवध, आगरा और कानपुर के कुलपति इसके सदस्य होंगे। यह कमेटी सोमवार को अपनी रिपोर्ट देगी। इसी के आधार पर फैसला होगा कि परीक्षाएं कराईं जाएं या छात्रों को बिना परीक्षा प्रोन्नत कर दिया जाए।





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Thursday, June 25, 2020

विश्वविद्यालय परीक्षाएं कराएं या प्रमोशन दें, फैसला जल्द- उपमुख्यमंत्री

विश्वविद्यालय परीक्षाएं कराएं या प्रमोशन दें, फैसला जल्द- उपमुख्यमंत्री।


विश्वविद्यालय परीक्षाएं कराएं या प्रमोशन दें, फैसला जल्द- उपमुख्यमंत्री।


लखनऊ : प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा है कि कोविड-19 संक्रमण का सकारात्मक पक्ष यह है कि ऑनलाइन शिक्षा का दायरा बढ़ा है। उन्होंने कहा कि सर्वश्रेष्ठ शिक्षण संस्थानों के चुनाव में गुरुजनों की विद्धता को सबसे ऊपर रखा जाना चाहिए। विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं पर सरकार का रुख साफ करते हुए उन्होंने कहा कि जल्द ही इस पर फैसला लिया जाएगा कि परीक्षाएं ली जाएं या बिना परीक्षा विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रोन्नत कर दिया जाए। डॉ. शर्मा बुधवार को 'हिन्दुस्तान शिक्षा शिखर सम्मान समारोह' में विजेता शैक्षिक संस्थानों को सम्मानित कर रहे थे। वेबिनार के जरिए हुआ ऑनलाइन सम्मान समारोह में 20 शैक्षिक संस्थानों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया।







समारोह का उद्घाटन करते हुए उप मुख्यमंत्री ने गुरु के सम्मान पर कहा कि भले ही आज गुरुकुल पद्धति नहीं है लेकिन गुरु का सम्मान आज भी है। संस्थानों को चुनते समय फैकल्टी देखी जाती है। बिल्डिंग भले अच्छी हो लेकिन गुरु अच्छा नहीं तो कोई फायदा नहीं है। 'हिन्दुस्तान' के प्रधान संपादक शशि शेखर ने कार्यक्रम की जानकारी दी और स्वागत किया। एचटी मीडिया लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक राजीव मित्रा ने समारोह के अंत में धन्यवाद ज्ञापित किया।


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Wednesday, June 24, 2020

उच्च शिक्षा : अंतिम वर्ष के छात्रों को नहीं देनी होगी परीक्षा, इंटरनल असेसमेंट और पूर्व सेमेस्टर के प्रदर्शन के आधार पर रिजल्ट जारी करने की तैयारी

उच्च शिक्षा : अंतिम वर्ष के छात्रोंको नहीं देनी होगी परीक्षा, इंटरनल असेसमेंट और पूर्व सेमेस्टर के प्रदर्शन के आधार पर रिजल्ट जारी करने की तैयारी।


नई दिल्ली। देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों और विश्वविद्यालयों में अंतिम वर्ष के लाखों छात्रों के लिए राहत की खबर है। कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए जुलाई में आयोजित होने वाली वार्षिक परीक्षा के बजाय इंटरनल असेसमेंट और पूर्व सेमेस्टर के प्रदर्शन के आधार पर उनका रिजल्ट जारी करने की तैयारी हो रही है। सरकार ने इसके लिए हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आरसी कुहाड़ की अध्यक्षता में कमेटी बनाई है। यूजीसी इसी हफ्ते अंतिम वर्ष के छात्रों और 2020 सत्र में दाखिले के लिए संशोधित गाइडलाइन जारी करेगा। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, हरियाणा और ओडिशा सरकार ने कोरोना के बढ़ते आंकड़ों को देखते हुए अंतिम वर्ष की जुलाई में होने वाली परीक्षा न लेने का फैसला लिया है। इसी के चलते कई अन्य राज्यों ने भी सरकार से परीक्षा न करवाने की मांग रखी है। कमेटी बना दी गई है, ताकि विभिन्न विश्वविद्यालयों व हितधारकों से बात करके नई गाइडलाइन तैयार की जा सके।





बाद में रिजल्ट सुधारने का विकल्प

अंतिम वर्ष के छात्रों को अगर लगेगा कि इंटरनल असेसमेंट और पूर्व सेमेस्टर के आधार पर तैयार नतीजे में उनके अंक या ग्रेड कम हैं तो उन्हें रिजल्ट सुधारने का विकल्प मिलेगा। इसके लिए कोरोना के हालात ठीक होने के बाद छात्र विवि में लिखित परीक्षा के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके बाद उनकी डिग्री व अंक तालिका में संशोधन किया जाएगा।


अभी अगस्त या सितंबर से नया सत्र नहीं

देश में कोरोना मामलों को देखते हुए अभी अगस्त या सितंबर में नया सत्र शुरू नहीं होगा। यूजीसी ने अप्रैल में जारी गाइडलाइन में अगस्त में पुराने और सितंबर से नए छात्रों का सत्र शुरू करने के निर्देश दिए थे लेकिन अब इसमें बदलाव होगा। अब अगस्त में कोरोना के हालात को देखते हुए नए सत्र को लेकर फैसला लिया जाएगा।


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Tuesday, June 23, 2020

परीक्षाओं को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट के पाले में पहुंची गेंद, CBSE ने शीर्ष अदालत को भेजा जवाब


परीक्षाओं को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट के पाले में पहुंची गेंद, CBSE ने शीर्ष अदालत को भेजा जवाब



सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की लंबित परीक्षाओं को लेकर मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने अब गेंद सुप्रीम कोर्ट के पाले में डाल दी है। इस मामले में मंगलवार को सुनवाई होनी है। ...


नई दिल्ली । सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की लंबित परीक्षाओं को लेकर मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने अब गेंद सुप्रीम कोर्ट के पाले में डाल दी है... जहां मंगलवार को इसे लेकर सुनवाई होनी है। हालांकि, मंत्रालय के रूख से साफ है कि वह कोरोना संक्रमण की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए परीक्षाएं कराने के बिल्कुल पक्ष में नहीं है। बावजूद इसके वह परीक्षाओं को लेकर की गई तैयारियों से भी कोर्ट को अवगत कराना चाहता है। यही वजह है कि कोर्ट को भेजे जवाब में परीक्षाएं स्थगित करने सहित उसे कराने से जुड़ी तैयारियों का पूरा ब्यौरा भी शीर्ष अदालत को दिया है।


ट्वीटर पर नो एक्जाम ने किया ट्रेंड

इस ब्‍यौरे में सुरक्षा मानकों के तहत सेल्फ सेंटर सहित ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाने जैसी तैयारियां शामिल हैं। इस बीच पूरे दिन भर ट्वीटर पर नो एक्जाम इन कोविड हैसटैग पहले नंबर पर ट्रेंड करता रहा जिसमें बड़ी संख्या में लोग परीक्षाओं को न कराने की मांग कर रहे थे। हालांकि इस बीच मंत्रालय ने साफ किया है कि जो भी फैसला होगा वह छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही होगा। वहीं मंत्रालय से जुड़े सूत्रों की मानें तो परीक्षाएं अब नहीं होगी। सभी बच्चों को प्री-बोर्ड या फिर आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर अंक देकर प्रमोट कर दिया जाएगा।


सुप्रीम कोर्ट के पाले में डाली गेंद

हालांकि जो छात्र परीक्षाओं के होने पर इससे ज्यादा नंबर लाने की उम्मीद में है उन्हें बाद में अंक सुधार के तहत परीक्षा का मौका दिया जाएगा जिनकी तारीखों का ऐलान संक्रमण की स्थिति के सामान्य होने के बाद किया जाएगा। हालांकि मंत्रालय या सीबीएसई इस पर अपनी ओर से कोई निर्णय लेने के बजाय इस फैसले का ऐलान सुप्रीम कोर्ट के हवाले के कराना चाहती है। ताकि बाद में विवाद की कोई स्थिति ना बननी पाए। मालूम हो कि सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की बची परीक्षाएं एक से 15 जुलाई के बीच प्रस्तावित होनी है। इनमें 10वीं की परीक्षाएं केवल दिल्ली के इलाकों में होनी हैं।


नीट और जेईई मेंस जैसी परीक्षाओं को लेकर अभी इंतजार

दंगे के चलते दिल्‍ली के कुछ इलाकों में 10वीं की परीक्षाएं नहीं हो पायी थीं। मंत्रालय इस बीच नीट और जेईई मेंस जैसी परीक्षाओं को लेकर थोड़ा और इंतजार करने के पक्ष में है। यही वजह है कि परीक्षाओं को लेकर 30 जून के आसपास एक बार फिर से समीक्षा की जाएगी। जिसके बाद उस समय की स्थिति को देखते हुए निर्णय लिया जाएगा। वैसे भी जेईई मेंस की परीक्षाएं 18 से 23 जुलाई और नीट की परीक्षाएं 26 जुलाई को होनी है। ऐसे में इन परीक्षाओं को लेकर अभी समय है। 

Friday, June 19, 2020

यूपी में 30 जून के बाद शुरू होंगी यूनिवर्सिटी और कॉलेज की सेमेस्टर परीक्षाएं, यहां पढ़ें पूरी डिटेल

जुलाई में होंगी विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं, बढ़ाये जाएंगे परीक्षा केंद्र

यूपी में 30 जून के बाद शुरू होंगी यूनिवर्सिटी और कॉलेज की सेमेस्टर परीक्षाएं, यहां पढ़ें पूरी डिटेल


 उत्तर प्रदेश राज्य के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में 30 जून 2020 के बाद सेमेस्टर व वार्षिक परीक्षाएं शुरू करने की तैयारी की जा रही है। ...

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UP University, College Exam 2020: उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों व कॉलेजों के छात्रों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विश्वविद्यालयों व कॉलेजों की परीक्षा को लेकर बड़ा निर्णय लिया गया है। राज्य के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में 30 जून 2020 के बाद सेमेस्टर व वार्षिक परीक्षाएं शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इस संबंध में उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने एक बयान जारी किया है।

मुख्य सचिव ने अपने बयान के जरिए बताया है कि राज्य के विश्वविद्यालयों परीक्षाएं 30 जून 2020 के बाद आयोजित की जाएंगी। साथ ही निर्देश दिया है कि उच्च शिक्षण संस्थानों की परीक्षाएं और बीएड 2020 की परीक्षा सफलता पूर्वक आयोजित करने के लिए सभी संस्थान महत्वपूर्ण व आवश्यक इंतजामों की तैयारियों पर ध्यान दें। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को अलकोहल बेस्ड सैनिटाइजर की पर्याप्त व्यवस्था करने का निर्देश दिया है, ताकि कार्यक्रम स्थल में प्रवेश से पहले उनके हाथों को कीटाणुरहित किया जा सके।


बता दें कि इसी बीच उत्तर प्रदेश बीएड 2020 परीक्षा की तिथियों की घोषणा जल्द ही की जाएगी। पूर्व में बीएड 2020 परीक्षा 6 अप्रैल 2020 को आयोजित होने वाली थी। लेकिन कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए देशव्यापी लॉकडाउन लगा दिया गया। इस कारण यह परीक्षा स्थगित करनी पड़ी थी। बता दें कि इस परीक्षा के माध्यम से लगभग 2 लाख उम्मीदवारों को प्रवेश दिया जाना है।


इससे पूर्व उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग की ओर से सभी विश्वविद्यालयों से परीक्षा कार्यक्रम मांगा जा चुका है। बता दें कि कई विश्वविद्यालयों में कुछ ही परीक्षाएं शेष रह गई हैं। ऐसे में वहां जिन विषयों की परीक्षाएं हो चुकी हैं, उनकी उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य शुरू करने को कहा गया है। फिलहाल छह जुलाई से विश्वविद्यालयों में नया सत्र शुरू होगा।


 लखनऊ : मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने उच्च शिक्षण संस्थानों में सेमेस्टर व वार्षिक परीक्षाएं अगले महीने से करवाने के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को सभी राज्य विवि के कुलपतियों, उच्च शिक्षा निदेशक, मंडलायुक्तों व जिलाधिकारियों को भेजे निर्देश में उन्होंने 30 जून के बाद परीक्षाएं करने को कहा है। 


परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त सैनिटाइजेशन करें। शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और छात्रों के प्रवेश के समय इन्फ्रारेड थर्मामीटर से तापमान लेने के साथ ही मास्क, फेसकवर का पालन सुनिश्चित करवाया जाएगा। छात्रों की अधिक संख्या में उपस्थिति होने पर भी एक ही स्थान पर भीड़भाड़ न होने पाए, इसकी व्यवस्था बनाएं। 

Wednesday, June 17, 2020

कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं हो सकती हैं स्थगित


कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं हो सकती हैं स्थगित


यदि सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं स्थगित होती है तो फिर इन परीक्षाओं को भी कुछ समय के लिए टाला जा सकता है।...


 नई दिल्ली। कोरोना के बढ़ते संक्रमण और परिजनों के दबाव को देखते सीबीएसई की जुलाई में प्रस्तावित दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएं फिलहाल स्थगित की जा सकती हैं। साथ ही जिन विषयों की परीक्षाएं अभी होनी है, उस विषयों में छात्रों को प्री-बोर्ड या आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर औसत अंक प्रदान कर प्रमोट किया जा सकता है। इसके अलावा छात्रों को एक और भी विकल्प दिया जा सकता है, जिसमें उन्हें संबंधित विषयों में अंक सुधार के लिए बाद में परीक्षा का विकल्प भी शामिल है।


सीबीएसई की दसवीं और बारहवीं के बाकी बचे विषयों की परीक्षाएं एक जुलाई से प्रस्तावित

फिलहाल सीबीएसई की दसवीं और बारहवीं के बाकी बचे विषयों की परीक्षाएं एक जुलाई से प्रस्तावित है। इनमें दसवीं की परीक्षाएं सिर्फ उत्तर-पूर्वी दिल्ली में होनी है। जबकि बारहवीं की बची परीक्षाएं पूरे देश भर में होनी है।

Wednesday, June 3, 2020

विश्वविद्यालय अब एक जुलाई से पहले भी करा सकेंगे परीक्षा

विश्वविद्यालय अब एक जुलाई से पहले भी करा सकेंगे परीक्षा।




नई दिल्ली : अनलॉक-1 के बाद विश्वविद्यालयों में अब एक जुलाई से पहले ही परीक्षाएं कराने को लेकर हलचल तेज हो गई है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ( यूजीसी ) ने फिलहाल इसे लेकर विश्वविद्यालयों को फ्री-हैंड दे दिया है। यानी अब वह कोविड-19 के संक्रमण की स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए अपने स्तर पर परीक्षाएं कराने का प्लान तैयार कर सकेंगे। यह एक जुलाई से पहले भी हो सकता है और जुलाई के बाद भी हो सकता है। इससे पहले यूजीसी ने विश्वविद्यालयों को लेकर जारी किए गए एकेडमिक कैलेंडर में जुलाई में परीक्षाएं कराने का सुझाव दिया था। इसमें सबसे पहले अंतिम वर्ष के छात्रों की परीक्षाएं कराने को कहा था, जो एक से 15 जुलाई के बीच होनी थी। इसके बाद पहले और दूसरे वर्ष के छात्रों की परीक्षाएं कराने को कहा था। इन्हें 15-30 जुलाई के बीच कराना था। उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में विश्वविद्यालयों ने जून से ही परीक्षाएं शुरू करने का प्लान यूजीसी और राज्य सरकार को दिया है। हालांकि यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों से इस मुद्दे पर राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के परामर्श से ही कोई भी निर्णय करने को कहा है।


यूजीसी का सुझाव

कई राज्यों में विश्वविद्यालयों ने जून में ही परीक्षाएं कराने का बनाया प्लान

यूजीसी ने इससे पहले जुलाई में परीक्षाएं कराने के दिए सुझाव





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