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Wednesday, May 12, 2021

CBSE : परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद छात्र नहीं दे पाएंगे चुनौती

CBSE : परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद छात्र नहीं दे पाएंगे चुनौती


इस बार केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा कंक्षा 10 का परिणाम जारी करने के बाद छात्र उसको चुनौती नहीं दे पाएंगे। छात्र न तो पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर पाएंगे न ही अंको के सत्यापन की मांग कर सकेंगे। कोरोना की वजह से 10वीं बोर्ड परीक्षा रद्द होने के बाद जो नई मूल्यांकन नीति जारी की गई उसमे इस बार यह व्यवस्था खत्म कर दी गयी है।


कोरोना संक्रमण को देखते हुए बोर्ड ने 10वीं की परीक्षा रद्द करती है। ऐसे में बोर्ड ने परीक्षा परिणाम जारी करने को लेकर नई मूल्यांकन नीति तैयार की है। जिसे सभी स्कूलों को भेज दिया गया है। वहीं परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने स्कूलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर मूल्यांकन नीति के मुख्य बिंदुओं पर चर्चा भी की है। नई मूल्यांकन नीति के अनुसार छात्रों का परिणाम यूनिट टेस्ट, अर्धवार्षिक परीक्षा और प्री बोर्ड परीक्षा में मिले अंकों के आधार पर तैयार किया जाएगा। 10 अंक यूनिट टेस्ट, 30 अंक अर्धवार्षिक परीक्षा और 40 अंक प्री बोर्ड परीक्षा के लिए निर्धारित किए गए हैं। वहीं शेष 20 अंक आंतरिक मूल्यांकन के हैं। बोर्ड द्वारा परीक्षा परिणाम जारी करने की प्रस्तावित तिथि 20 जून है। 


परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद इस बार छात्र उसे चुनौती नहीं दे पाएंगे। ना तो अंको का सत्यापन करा पाएंगे और ना ही पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकेंगे नई मूल्यांकन नीति में छात्रों को यह सुविधा नहीं दी गई है। इसको लेकर बोर्ड ने अपना तर्क भी स्पष्ट किया है। बोर्ड ने साफ किया है कि इस बार परीक्षा परिणाम स्कूलों के टेस्ट व प्री बोर्ड परीक्षा के आधार पर तैयार किया जा रहा है। ऐसे में छात्रों को पहले ही स्कूलों में उसकी कॉपियां दिखाई जा चुकी होंगी। छात्रों ने पहले ही अंकों का सत्यापन कर लिया होगा। ऐसे में परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद दोबारा सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन की जरूरत नहीं होगी।


बोर्ड कर सकता है अंकों का सत्यापन
हालांकि छात्रों के पास अंकों के सत्यापन पुनर्मूल्यांकन की सुविधा नहीं होगी लेकिन वह जब चाहे अपने स्तर से इसका सत्यापन कर सकेगा। बोर्ड ने स्कूलों को परीक्षा परिणाम से संबंधित सभी प्रपत्र सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है। बोर्ड ने साफ किया है कि वह कभी भी स्कूलों में टीम भेजकर परीक्षा परिणाम का सत्यापन करा सकता है।


कम्पार्टमेंट की मिलेगी सुविधा 
बोर्ड छात्रों को कंपार्टमेंट में बैठने की सुविधा जरूर देगा। परीक्षा परिणाम में यदि कोई छात्र उतीर्ण नहीं हुआ तो वह कंपार्टमेंट परीक्षा में बैठ सकता है। परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने इसको लेकर भी स्कूलों से चर्चा की। बोर्ड द्वारा स्कूलों को सैंपल पेपर भेजा जाएगा जिसके आधार पर स्कूल प्रश्न पत्र तैयार करेंगे और ऑनलाइन या ऑफलाइन परीक्षा आयोजित करेंगे। परीक्षा ऑब्जेक्टिव टाइप होगी, छात्रों पर ज्यादा बोझ नहीं होगा।

Saturday, May 8, 2021

CBSE : कोरोना संक्रमित 10वीं के छात्रों का रिजल्ट 9वीं के अंक के आधार पर

CBSE : कोरोना संक्रमित 10वीं के छात्रों का रिजल्ट 9वीं के अंक के आधार पर



केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने देश भर के स्कूलों के प्रधानाचार्यों के साथ बातचीत के बाद 10वों के छात्रों के प्रमोशन के नियम तय कर दिए हैं। बोर्ड की ओर से कहा गया है कि 10वों कक्षा में एक भी परीक्षा नहीं लेने वाले स्कूलों को अपने बच्चों की ऑनलाइन परीक्षा लेनी होगी। 


बोर्ड का कहना है कि 10वीं का छात्र कोरोना संक्रमित है अथवा किसी कारण से स्कूल ऑनलाइन परीक्षा लेने की स्थिति में नहीं हैं तो ऐसे छात्रों का रिजल्ट नौवीं के वार्षिक परिणाम के आधार पर जारी किया जायेगा। बोर्ड ने रिजल्ट तैयार करने के लिए स्कूलों को 15 मई तक का समय दिया है। सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने देश भर के स्कूलों के साथ बेबिनार में कहा कि जिन छात्रों ने यूनिट टेस्ट, प्री-बोर्ड, अर्डवार्षिक परीक्षा नहीं दिया है, ऐसे सभी छात्रों का ऑनलाइन मूल्यांकन किया जाए। यह ऑनलाइन मूल्यांकन स्कूल की परीक्षा समिति करे। मूल्यांकन के बाद परीक्षा समिति 15 मई रिजल्ट तैयार कर ले।


 बैठक में शामिल प्रधानाचार्यों ने बताया कि बोर्ड की ओर से आयोजित वेबिनार में मिले निर्देशों के आधार पर जल्द छात्रों का असेसमेंट करके रिजल्ट तैयार कर लिया जाएगा।


 इंटरनल असेसमेंट में पास नहीं हुए तो देनी होगी कंपार्टमेंट परीक्षा
भारद्वाज ने कहा कि बच्चे स्कूल की ओर से इंटनरल असेसमेंट में पास नहीं होंगे। ऐसे छात्रों के लिए स्कूल स्तर पर कंपार्टमेंट परीक्षा कराई जाएगी। सीबीएसई की ओर से ऑनलाइन असेसमेंट के लिए सैंपल पेपर भेजा जाएगा। स्कूल सैंपल पेपर के आधार पर अपने प्रश्नपत्र तैयार करेंगे। स्कूल स्तर पर तैयार होने वाले रिजल्ट से यदि कोई छात्र असंतुष्ट है तो वह बोर्ड की ओर से होने बाली परीक्षा में शामिल हो सकता है। यह परीक्षा कोरोना संकट थमने के बाद कराई जा सकतो है।


सभी स्कूलों को 80 नंबर का असेसमेंट कराना जरुरी 
ऑनलाइन परीक्षा पूरी कराने अथवा नहीं कराने वाले दोनों तरह के स्कूलों के लिए 80 नंबर का असेसमेंट कराना अनिवार्य है। स्कूलों को 25 मई तक असेसमेंट का काम पूरा करके पूरा रिजल्ट तैयार कर लेना है। बोर्ड ने निर्देश दिया है कि स्कूल के बीते तीन साल के रिजल्ट के औसत के आधार पर 10वीं का रिजल्ट तैयार किया जाएगा।

Tuesday, May 4, 2021

CBSE : 10 वीं के छात्रों को नहीं दे सकेंगे मनमाना अंक , मूल्यांकन में नहीं बरती ईमानदारी तो कार्यवाही

CBSE : 10 वीं के छात्रों को नहीं दे सकेंगे मनमाना अंक


कोरोना महामारी को देखते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 10वीं की परीक्षाएं निरस्त कर दी हैं। इंटरनल असेसमेंट (आंतरिक मूल्यांकन) के आधार पर दसवीं के विद्यार्थियों को अंक देने की तैयारी है।


सीबीएसई ने सभी स्कूलों से 11 जून तक बोर्ड की वेबसाइट पर मूल्यांकन को अपलोड करने का निर्देश दिया है, ताकि बीस जून तक हाईस्कूल का रिजल्ट घोषित किया जा सके। स्कूल विद्यार्थियों को दसवीं में मनमाना अंक नहीं दे सकते। सीबीएसई ने इसके लिए गाइडलाइन जारी की है।


संबंधित विषयों के अध्यापक देंगे बीस अंक : गाइडलाइन के अनुसार मूल्यांकन के लिए विद्यालयों को प्रधानाचार्यों की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय समिति का गठन भी करना है। दो अध्यापक दूसरे स्कूल, पांच शिक्षक संबंधित स्कूलों के सदस्य होंगे। समिति को दसवीं के छात्रों को 80 अंक देना होगा। बीस अंक अांतरिक मूल्यांकन के आधार पर संबंधित विषयों के अध्यापक देंगे।

दसवीं के परीक्षार्थियों को प्रत्येक विषय में प्री-बोर्ड एग्जाम के 40 फीसद अंक ही दिए जाएंगे। 30 फीसद अंक अर्धवार्षिक परीक्षा तथा दस फीसद अंक यूनिट टेस्ट के परफार्मेंस के आधार पर दिया जाएगा। इस प्रकार समिति प्री-बोर्ड, अर्धवार्षिक परीक्षा व यूनिट टेस्ट के आधार पर हर विषय में अधिकतम अंक का औसत अंक देगी।

■ प्रधानाचार्यों की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय समिति के गठन का निर्देश

■ 11 जून तक विद्यालयों को करना होगा बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड

सीबीएसई ने दसवीं के विद्यार्थियों को मुख्य बोर्ड परीक्षा का अंक देने के लिए सभी विद्यालयों को एक फार्मेट भेजा है। इसके साथ ही गाइडलाइन भी दी है। इसी के आधार से ही दसवीं के विद्यार्थियों को अंक देना है। इसके लिए सभी विद्यालयों में प्रधानाचार्यों की अध्यक्षता में समिति गठित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। - गुरमीत कौर, सीबीएसई की सिटी कोआर्डिनेटर व प्रधानाचार्य सनबीम इंग्लिश स्कूल (भगवानपुर)

तीन साल के रिजल्ट का औसत अंक
सीबीएसई की गाइडलाइन के अनुसार समिति को स्कूल के तीन वर्ष के दसवीं के रिजल्ट के आधार पर इस बार अंक देना है। जैसे किसी विद्यालय में वर्ष 2020 में पास परीक्षार्थियों की संख्या 99 फीसद रही है और 90 प्रतिशत से अधिक अंक वाले 25 फीसद, 80 फीसद से अधिक अंक वाले 25, 70 फीसद अंक पाने वाले 35, 60 फीसद अंक पाने वाले 25 और 60 फीसद से कम अंक पाने वाले 15 फीसद छात्र हैं तो इसी तरह तीन वर्ष के रिजल्ट आधार पर 2021 में संबंधित स्कूलों के 10वीं के परीक्षार्थियों को औसत अंक देगी। तीन वर्ष के आधार पर स्कूल के ओवर ऑल रिजल्ट का औसत निर्धारित होगा।


गोरखपुर : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद (सीबीएसई) ने दसवीं का परिणाम घोषित करने के लिए मूल्यांकन नीति जारी करते हुए स्कूलों को छात्रों के मूल्यांकन की कमान सौंप दी है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि मूल्यांकन में ईमानदारी नहीं बरतने वाले स्कूल कार्रवाई की जद में आएंगे।


परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद बोर्ड कभी भी गड़बड़ी की आशंका या शिकायत मिलने पर मूल्यांकन प्रक्रिया की अपने स्तर से जांच कर सकता है। इस दौरान छात्र के साथ अनुचित या पक्षपातपूर्ण व्यवहार करने पर बोर्ड स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। मूल्यांकन में निष्पक्षता व परिणाम को अंतिम रूप देने के लिए स्कूल द्वारा प्रधानाचार्य की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय कमेटी गठित की जाएगी, जो अंतिम फैसला लेगी।


● दसवीं के मूल्यांकन की कमान देने के साथ दी चेतावनी

● परीक्षा परिणाम के लिए स्कूलों को निष्पक्षता बरतने के निर्देश


बोर्ड ने दसवीं के परीक्षा परिणाम घोषित करने को लेकर मूल्यांकन नीति जारी कर दी है। स्कूलों को मूल्यांकन में विशेष सतर्कता बरतने के साथ ही ईमानदारी के साथ ही नंबर देने को कहा है। ताकि किसी भी छात्र के साथ अन्याय न हो सके। बोर्ड जल्द ही वेबिनार आयोजित करेगा, जिसमें प्रधानाचार्यों के साथ सीबीएसई के जिला समन्वयक भी शामिल होंगे। वेबिनार में बोर्ड के विशेषज्ञ इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी देंगे। साथ ही बोर्ड एक पोर्टल ओपेन करेगा जिस पर स्कूल छात्रों के नंबर अपलोड करेंगे। जिसके आधार पर बोर्ड द्वारा परिणाम घोषित किया जाएगा।


समिति में ये होंगे शामिल

दसवीं का परीक्षा परिणाम जारी करने के लिए सभी स्कूल आंतरिक परीक्षा समिति का गठन करेंगे। यह समिति प्रधानाचार्य के नेतृत्व में बनेगी, जिसमें प्रधानाचार्य के अलावा विभिन्न विषयों (गणित, सामाजिक विज्ञान, विज्ञान व दो भाषाओं) के तथा दो शिक्षक पास के स्कूल से होंगे।

Sunday, May 2, 2021

CBSE 20 जून को जारी करेगा 10वीं का परिणाम, घोषणा : सीबीएसई ने 10वीं के छात्रों के लिए मूल्यांकन नीति जारी की

CBSE 20 जून को जारी करेगा 10वीं का परिणाम


यूनिट टेस्ट, अर्धवार्षिक परीक्षा और प्री-बोर्ड परीक्षा में मिले अंक के आधार पर स्कूल करेंगे मूल्यांकन

घोषणा : सीबीएसई ने 10वीं के छात्रों के लिए मूल्यांकन नीति जारी की


केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने दसवीं के छात्रों के परीक्षा परिणाम घोषित करने के लिए मूल्यांकन नीति शनिवार को जारी कर दी। इसके तहत स्कूल छात्रों को यूनिट टेस्ट, अर्ध वार्षिक परीक्षा, प्रीबोर्ड परीक्षा और आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर अंक दे सकेंगे।

कोरोना संक्रमण के मद्देनजर सीबीएसई ने अकादमिक सत्र 2020-21 की दसवीं की बोर्ड परीक्षा बीते दिनों रद्द कर दी थी। अब बोर्ड ने सालभर हुईं परीक्षाओं में छात्रों के प्रदर्शन के आधार पर उन्हें अंक देने का फैसला किया है। मूल्यांकन नीति के तहत स्कूल छात्रों को यूनिट टेस्ट के आधार पर अधिकतम 10 अंक, अर्ध वार्षिक परीक्षा के आधार पर अधिकतम 30 अंक और प्रीबोर्ड परीक्षा के आधार पर अधिकतम 40 अंक प्रदान कर सकेंगे। बाकी 20 अंक स्कूलों की ओर से किए गए आंतरिक मूल्यांकन पर आधारित होंगे।


आंतरिक समिति बनाएंगे स्कूल
-परीक्षा परिणाम जारी करने के लिए सभी स्कूलों को आंतरिक परीक्षा समिति बनानी होगी। इस समिति में प्रधानाध्यापक के साथ सात शिक्षक शामिल होंगे। अगर किसी स्कूल ने परिणाम के लिए तय तीनों श्रेणियों में किसी एक ही श्रेणी की परीक्षा आयोजित की है तो समिति शेष परीक्षाओं के लिए अंक तय करेगी।

20 जून को आएंगे रिजल्ट
-स्कूलों को 25 मई तक रिजल्ट तैयार कर पांच जून तक सीबीएसई के पास जमा कराना होगा। आंतरिक परीक्षा के अंक बोर्ड को 11 जून तक उपलब्ध कराने होंगे। इसके बाद सीबीएसई परीक्षा परिणाम 20 जून को घोषित कर देगा। इस सत्र में दसवीं कक्षा के लिए 22 लाख से अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया है। 


नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) 10वीं के छात्रों का परिणाम 20 जून को जारी करेगा। बोर्ड ने इस संबंध में शनिवार को एक आधिकारिक पत्र जारी कर दिया है। 10वीं में इस बार 21.5 लाख बच्चे हैं।


गौरतलब है कि कोरोना महामारी के चलते 10वीं की परीक्षा रद कर दी गई थी। ऐसे में बोर्ड ने परीक्षा परिणाम को लेकर मूल्यांकन नीति तैयार की है। इसके मुताबिक छात्रों का परिणाम यूनिट टेस्ट, अर्धवार्षिक परीक्षा और प्री-बोर्ड परीक्षा में मिले अंक के आधार पर तैयार किया जाएगा। 


10वीं के प्रत्येक विषय की परीक्षा 100 अंक की होती है। इसमें 20 अंक स्कूल आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर देता है, जबकि 80 अंकों की मुख्य परीक्षा होती है। इसमें आंतरिक मूल्यांकन के अंक ज्यादातर स्कूलों ने सीबीएसई की वेबसाइट पर अपलोड भी कर दिए हैं। जिन स्कूलों ने अब तक ये अंक अपलोड नहीं किए उन्हें 11 जून तक हर हाल में अपलोड करना होगा।


बोर्ड के मुताबिक अब परीक्षाएं रद होने के बाद बचे हुए 80 अंकों का मूल्यांकन भी स्कूलों को ही करना है। इसके लिए स्कूलों द्वारा शैक्षणिक वर्ष 2020-21 में कराई गई परीक्षाओं को आधार बनाया जाएगा। इसमें 10 अंक यूनिट टेस्ट, 30 अंक अर्धवार्षिक परीक्षा और 40 अंक प्री-बोर्ड परीक्षा के होंगे।

Tuesday, April 20, 2021

CBSE Board 10th Exam : स्कूलों ने दिए 10वीं के 18 लाख छात्रों को ऐसे पास करने के सुझाव

CBSE Board 10th Exam : स्कूलों ने दिए 10वीं के 18 लाख छात्रों को ऐसे पास करने के सुझाव



CBSE Board 10th Exam : सीबीएसई बोर्ड ने 10वीं के छात्रों को अगली कक्षा में प्रमोशन के लिए मूल्यांकन के तरीके पर स्कूलों से सुझाव मांगे हैं. ज्यादातर स्कूलों ने अपने सुझाव भेज भी दिए हैं. स्कूल अंतरिक मूल्यांकन और सालाना परफॉर्मेंस के आधार पर पास करने पर सहमत हैं.


नई दिल्ली. सीबीएसई ने कोरोना के कारण परीक्षा रद्द करने के बाद 10वीं के करीब 18 लाख छात्रों को पास करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. छात्रों के मूल्यांकन के लिए सीबीएसई ने सभी स्कूलों से सुझाव मांगे हैं. ज्यादातर स्कूल संचालकों ने अपने सुझाव बोर्ड को भेज दिए हैं. अपने सुझावों में स्कूलों ने आंतरिक परीक्षा और सालाना परफॉर्मेंस को महत्व दिया है. अधिकांश स्कूल इस तरह से छात्रों को प्रमोट करने पर सहमत हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि 10वीं के छात्रों को अंतरिक मूल्यांकन और सालाना परफॉर्मेंस के आधार पर 11वीं में प्रमोट किया जाए सकता है.


इससे पहले 10वीं की परीक्षाएं रद्द करने को लेकर 14 अप्रैल को हुई बैठक के बाद शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने छात्रों को प्रमोट करने के तरीके के बारे में जानकारी दी थी. उन्होंने बताया था कि 10वीं के रिजल्ट इंटरनल असेसमेंट के आधार पर तैयार किए जाएंगे. अगर कोई विद्यार्थी अपने रिजल्ट से संतुष्ट नहीं होता है, तो परीक्षा कराने की अनुकूल स्थिति में उसे परीक्षा में बैठने का मौका दिया जाएगा.


पिछले साल इस तरह हुए थे पास
पिछले भी कोरोना की वजह से 10वीं और 12वीं के कई पेपर नहीं हो सकते थे. 10वीं और 12वीं के कुल 83 विषयों के पेपरों में से 29 मुख्य विषयों की ही परीक्षाएं ली गई थीं. शेष 54 विषयों का मूल्यांकन ग्रेडिंग के जरिए किया गया था. इसमें इंटरनल असेसमेंट, प्रोजेक्ट वर्क और असाइनमेंट वर्क के आधार पर छात्रों को अंक दिए गए थे.

Sunday, April 18, 2021

सीबीएसई : 2020 की तर्ज पर 2021 में भी 10 वीं का परिणाम जारी करने की तैयारी, ऐसे छात्र होंगे प्रोन्नत

सीबीएसई : 2020 की तर्ज पर 2021 में भी 10 वीं का परिणाम जारी करने की तैयारी, ऐसे छात्र होंगे प्रोन्नत


प्रयागराज। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई ) 10वीं की निरस्त परीक्षा का रिजल्ट इंटरनल असेसमेंट, प्रोजेक्ट वर्क और असाइनमेंट वर्क के आधार पर जारी कर सकता है। पिछले वर्ष भी सीबीएसई ने 10वीं की छाटी परीक्षाओं का परिणाम इंटरनल असेसमेंट, प्रोजेक्ट वर्क और असाइनमेंट के आधार पर जारी किया था। सीबीएसई की ओर से चार मई से प्रस्तावित 10वीं की परीक्षा निरस्त करने के साथ बारहवीं की परीक्षा बाद में कराने का फैसला लिया गया


है। सीबीएसई की ओर से 10वीं की परीक्षा का रिजल्ट तैयार करने के लिए जल्द ही बैकल्पिक पद्धति के बारे में जानकारी दी जाएगी। बोर्ड के वैकल्पिक फार्मूले से यदि परीक्षार्थी असंतुष्ट होंगे तो उन्हें बाद में मौका दिया जाएगा। कोरोना संक्रमण की स्थिति में सुधार के बाद परीक्षार्थी अपने अंक सुधार के लिए परीक्षा दे सकते हैं। 


2020 में भी सीबीएसई को 10वीं और 12वों की परीक्षा बीच में रोकनी पड़ी थी। दसवीं और बारहवीं के कई विषयों की परीक्षा नहीं हो सकी थी। सीबीएसई की जो परीक्षा शेष थी, वह मुख्य विषयों की नहीं थी। इसी कारण बोर्ड ने बची परीक्षाएं नहीं कराईं। 10वों और 12वीं के बचे कुल 83 बिषयों के प्रश्नपत्रों में से 29 मुख्य विषयों की परीक्षाएं कराई गईं। बचे 54 विषयों का मूल्यांकन ग्रेडिंग के जरिए किया गया। इंटरनल असेसमेंट, प्रोजेक्ट बर्क और असाइनमेंट बर्क के आधार पर इन प्रश्नपत्रों का परिणाम जारी किया गया था। 


उम्मीद है कि सीबीएसई 2021 में भी 10वीं का परिणाम इंटरनल असेसमेंट, प्रोजेक्ट वर्क और असाइनमेंट बर्क के आधार पर जारी करेगा। ऐसे में 10 वीं में एक बार फिर से मेरिट लिस्ट जारी नहीं की जाएगी।