DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़
Showing posts with label परीक्षा. Show all posts
Showing posts with label परीक्षा. Show all posts

Thursday, June 25, 2020

विश्वविद्यालय परीक्षाएं कराएं या प्रमोशन दें, फैसला जल्द- उपमुख्यमंत्री

विश्वविद्यालय परीक्षाएं कराएं या प्रमोशन दें, फैसला जल्द- उपमुख्यमंत्री।


विश्वविद्यालय परीक्षाएं कराएं या प्रमोशन दें, फैसला जल्द- उपमुख्यमंत्री।


लखनऊ : प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा है कि कोविड-19 संक्रमण का सकारात्मक पक्ष यह है कि ऑनलाइन शिक्षा का दायरा बढ़ा है। उन्होंने कहा कि सर्वश्रेष्ठ शिक्षण संस्थानों के चुनाव में गुरुजनों की विद्धता को सबसे ऊपर रखा जाना चाहिए। विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं पर सरकार का रुख साफ करते हुए उन्होंने कहा कि जल्द ही इस पर फैसला लिया जाएगा कि परीक्षाएं ली जाएं या बिना परीक्षा विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रोन्नत कर दिया जाए। डॉ. शर्मा बुधवार को 'हिन्दुस्तान शिक्षा शिखर सम्मान समारोह' में विजेता शैक्षिक संस्थानों को सम्मानित कर रहे थे। वेबिनार के जरिए हुआ ऑनलाइन सम्मान समारोह में 20 शैक्षिक संस्थानों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया।







समारोह का उद्घाटन करते हुए उप मुख्यमंत्री ने गुरु के सम्मान पर कहा कि भले ही आज गुरुकुल पद्धति नहीं है लेकिन गुरु का सम्मान आज भी है। संस्थानों को चुनते समय फैकल्टी देखी जाती है। बिल्डिंग भले अच्छी हो लेकिन गुरु अच्छा नहीं तो कोई फायदा नहीं है। 'हिन्दुस्तान' के प्रधान संपादक शशि शेखर ने कार्यक्रम की जानकारी दी और स्वागत किया। एचटी मीडिया लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक राजीव मित्रा ने समारोह के अंत में धन्यवाद ज्ञापित किया।


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Wednesday, June 24, 2020

उच्च शिक्षा : अंतिम वर्ष के छात्रों को नहीं देनी होगी परीक्षा, इंटरनल असेसमेंट और पूर्व सेमेस्टर के प्रदर्शन के आधार पर रिजल्ट जारी करने की तैयारी

उच्च शिक्षा : अंतिम वर्ष के छात्रोंको नहीं देनी होगी परीक्षा, इंटरनल असेसमेंट और पूर्व सेमेस्टर के प्रदर्शन के आधार पर रिजल्ट जारी करने की तैयारी।


नई दिल्ली। देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों और विश्वविद्यालयों में अंतिम वर्ष के लाखों छात्रों के लिए राहत की खबर है। कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए जुलाई में आयोजित होने वाली वार्षिक परीक्षा के बजाय इंटरनल असेसमेंट और पूर्व सेमेस्टर के प्रदर्शन के आधार पर उनका रिजल्ट जारी करने की तैयारी हो रही है। सरकार ने इसके लिए हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आरसी कुहाड़ की अध्यक्षता में कमेटी बनाई है। यूजीसी इसी हफ्ते अंतिम वर्ष के छात्रों और 2020 सत्र में दाखिले के लिए संशोधित गाइडलाइन जारी करेगा। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, हरियाणा और ओडिशा सरकार ने कोरोना के बढ़ते आंकड़ों को देखते हुए अंतिम वर्ष की जुलाई में होने वाली परीक्षा न लेने का फैसला लिया है। इसी के चलते कई अन्य राज्यों ने भी सरकार से परीक्षा न करवाने की मांग रखी है। कमेटी बना दी गई है, ताकि विभिन्न विश्वविद्यालयों व हितधारकों से बात करके नई गाइडलाइन तैयार की जा सके।





बाद में रिजल्ट सुधारने का विकल्प

अंतिम वर्ष के छात्रों को अगर लगेगा कि इंटरनल असेसमेंट और पूर्व सेमेस्टर के आधार पर तैयार नतीजे में उनके अंक या ग्रेड कम हैं तो उन्हें रिजल्ट सुधारने का विकल्प मिलेगा। इसके लिए कोरोना के हालात ठीक होने के बाद छात्र विवि में लिखित परीक्षा के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके बाद उनकी डिग्री व अंक तालिका में संशोधन किया जाएगा।


अभी अगस्त या सितंबर से नया सत्र नहीं

देश में कोरोना मामलों को देखते हुए अभी अगस्त या सितंबर में नया सत्र शुरू नहीं होगा। यूजीसी ने अप्रैल में जारी गाइडलाइन में अगस्त में पुराने और सितंबर से नए छात्रों का सत्र शुरू करने के निर्देश दिए थे लेकिन अब इसमें बदलाव होगा। अब अगस्त में कोरोना के हालात को देखते हुए नए सत्र को लेकर फैसला लिया जाएगा।


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Tuesday, June 23, 2020

परीक्षाओं को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट के पाले में पहुंची गेंद, CBSE ने शीर्ष अदालत को भेजा जवाब


परीक्षाओं को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट के पाले में पहुंची गेंद, CBSE ने शीर्ष अदालत को भेजा जवाब



सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की लंबित परीक्षाओं को लेकर मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने अब गेंद सुप्रीम कोर्ट के पाले में डाल दी है। इस मामले में मंगलवार को सुनवाई होनी है। ...


नई दिल्ली । सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की लंबित परीक्षाओं को लेकर मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने अब गेंद सुप्रीम कोर्ट के पाले में डाल दी है... जहां मंगलवार को इसे लेकर सुनवाई होनी है। हालांकि, मंत्रालय के रूख से साफ है कि वह कोरोना संक्रमण की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए परीक्षाएं कराने के बिल्कुल पक्ष में नहीं है। बावजूद इसके वह परीक्षाओं को लेकर की गई तैयारियों से भी कोर्ट को अवगत कराना चाहता है। यही वजह है कि कोर्ट को भेजे जवाब में परीक्षाएं स्थगित करने सहित उसे कराने से जुड़ी तैयारियों का पूरा ब्यौरा भी शीर्ष अदालत को दिया है।


ट्वीटर पर नो एक्जाम ने किया ट्रेंड

इस ब्‍यौरे में सुरक्षा मानकों के तहत सेल्फ सेंटर सहित ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाने जैसी तैयारियां शामिल हैं। इस बीच पूरे दिन भर ट्वीटर पर नो एक्जाम इन कोविड हैसटैग पहले नंबर पर ट्रेंड करता रहा जिसमें बड़ी संख्या में लोग परीक्षाओं को न कराने की मांग कर रहे थे। हालांकि इस बीच मंत्रालय ने साफ किया है कि जो भी फैसला होगा वह छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही होगा। वहीं मंत्रालय से जुड़े सूत्रों की मानें तो परीक्षाएं अब नहीं होगी। सभी बच्चों को प्री-बोर्ड या फिर आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर अंक देकर प्रमोट कर दिया जाएगा।


सुप्रीम कोर्ट के पाले में डाली गेंद

हालांकि जो छात्र परीक्षाओं के होने पर इससे ज्यादा नंबर लाने की उम्मीद में है उन्हें बाद में अंक सुधार के तहत परीक्षा का मौका दिया जाएगा जिनकी तारीखों का ऐलान संक्रमण की स्थिति के सामान्य होने के बाद किया जाएगा। हालांकि मंत्रालय या सीबीएसई इस पर अपनी ओर से कोई निर्णय लेने के बजाय इस फैसले का ऐलान सुप्रीम कोर्ट के हवाले के कराना चाहती है। ताकि बाद में विवाद की कोई स्थिति ना बननी पाए। मालूम हो कि सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की बची परीक्षाएं एक से 15 जुलाई के बीच प्रस्तावित होनी है। इनमें 10वीं की परीक्षाएं केवल दिल्ली के इलाकों में होनी हैं।


नीट और जेईई मेंस जैसी परीक्षाओं को लेकर अभी इंतजार

दंगे के चलते दिल्‍ली के कुछ इलाकों में 10वीं की परीक्षाएं नहीं हो पायी थीं। मंत्रालय इस बीच नीट और जेईई मेंस जैसी परीक्षाओं को लेकर थोड़ा और इंतजार करने के पक्ष में है। यही वजह है कि परीक्षाओं को लेकर 30 जून के आसपास एक बार फिर से समीक्षा की जाएगी। जिसके बाद उस समय की स्थिति को देखते हुए निर्णय लिया जाएगा। वैसे भी जेईई मेंस की परीक्षाएं 18 से 23 जुलाई और नीट की परीक्षाएं 26 जुलाई को होनी है। ऐसे में इन परीक्षाओं को लेकर अभी समय है। 

Friday, June 19, 2020

यूपी में 30 जून के बाद शुरू होंगी यूनिवर्सिटी और कॉलेज की सेमेस्टर परीक्षाएं, यहां पढ़ें पूरी डिटेल

जुलाई में होंगी विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं, बढ़ाये जाएंगे परीक्षा केंद्र

यूपी में 30 जून के बाद शुरू होंगी यूनिवर्सिटी और कॉलेज की सेमेस्टर परीक्षाएं, यहां पढ़ें पूरी डिटेल


 उत्तर प्रदेश राज्य के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में 30 जून 2020 के बाद सेमेस्टर व वार्षिक परीक्षाएं शुरू करने की तैयारी की जा रही है। ...

के 


UP University, College Exam 2020: उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों व कॉलेजों के छात्रों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विश्वविद्यालयों व कॉलेजों की परीक्षा को लेकर बड़ा निर्णय लिया गया है। राज्य के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में 30 जून 2020 के बाद सेमेस्टर व वार्षिक परीक्षाएं शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इस संबंध में उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने एक बयान जारी किया है।

मुख्य सचिव ने अपने बयान के जरिए बताया है कि राज्य के विश्वविद्यालयों परीक्षाएं 30 जून 2020 के बाद आयोजित की जाएंगी। साथ ही निर्देश दिया है कि उच्च शिक्षण संस्थानों की परीक्षाएं और बीएड 2020 की परीक्षा सफलता पूर्वक आयोजित करने के लिए सभी संस्थान महत्वपूर्ण व आवश्यक इंतजामों की तैयारियों पर ध्यान दें। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को अलकोहल बेस्ड सैनिटाइजर की पर्याप्त व्यवस्था करने का निर्देश दिया है, ताकि कार्यक्रम स्थल में प्रवेश से पहले उनके हाथों को कीटाणुरहित किया जा सके।


बता दें कि इसी बीच उत्तर प्रदेश बीएड 2020 परीक्षा की तिथियों की घोषणा जल्द ही की जाएगी। पूर्व में बीएड 2020 परीक्षा 6 अप्रैल 2020 को आयोजित होने वाली थी। लेकिन कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए देशव्यापी लॉकडाउन लगा दिया गया। इस कारण यह परीक्षा स्थगित करनी पड़ी थी। बता दें कि इस परीक्षा के माध्यम से लगभग 2 लाख उम्मीदवारों को प्रवेश दिया जाना है।


इससे पूर्व उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग की ओर से सभी विश्वविद्यालयों से परीक्षा कार्यक्रम मांगा जा चुका है। बता दें कि कई विश्वविद्यालयों में कुछ ही परीक्षाएं शेष रह गई हैं। ऐसे में वहां जिन विषयों की परीक्षाएं हो चुकी हैं, उनकी उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य शुरू करने को कहा गया है। फिलहाल छह जुलाई से विश्वविद्यालयों में नया सत्र शुरू होगा।


 लखनऊ : मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने उच्च शिक्षण संस्थानों में सेमेस्टर व वार्षिक परीक्षाएं अगले महीने से करवाने के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को सभी राज्य विवि के कुलपतियों, उच्च शिक्षा निदेशक, मंडलायुक्तों व जिलाधिकारियों को भेजे निर्देश में उन्होंने 30 जून के बाद परीक्षाएं करने को कहा है। 


परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त सैनिटाइजेशन करें। शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और छात्रों के प्रवेश के समय इन्फ्रारेड थर्मामीटर से तापमान लेने के साथ ही मास्क, फेसकवर का पालन सुनिश्चित करवाया जाएगा। छात्रों की अधिक संख्या में उपस्थिति होने पर भी एक ही स्थान पर भीड़भाड़ न होने पाए, इसकी व्यवस्था बनाएं। 

Wednesday, June 17, 2020

कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं हो सकती हैं स्थगित


कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं हो सकती हैं स्थगित


यदि सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं स्थगित होती है तो फिर इन परीक्षाओं को भी कुछ समय के लिए टाला जा सकता है।...


 नई दिल्ली। कोरोना के बढ़ते संक्रमण और परिजनों के दबाव को देखते सीबीएसई की जुलाई में प्रस्तावित दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएं फिलहाल स्थगित की जा सकती हैं। साथ ही जिन विषयों की परीक्षाएं अभी होनी है, उस विषयों में छात्रों को प्री-बोर्ड या आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर औसत अंक प्रदान कर प्रमोट किया जा सकता है। इसके अलावा छात्रों को एक और भी विकल्प दिया जा सकता है, जिसमें उन्हें संबंधित विषयों में अंक सुधार के लिए बाद में परीक्षा का विकल्प भी शामिल है।


सीबीएसई की दसवीं और बारहवीं के बाकी बचे विषयों की परीक्षाएं एक जुलाई से प्रस्तावित

फिलहाल सीबीएसई की दसवीं और बारहवीं के बाकी बचे विषयों की परीक्षाएं एक जुलाई से प्रस्तावित है। इनमें दसवीं की परीक्षाएं सिर्फ उत्तर-पूर्वी दिल्ली में होनी है। जबकि बारहवीं की बची परीक्षाएं पूरे देश भर में होनी है।

Wednesday, June 3, 2020

विश्वविद्यालय अब एक जुलाई से पहले भी करा सकेंगे परीक्षा

विश्वविद्यालय अब एक जुलाई से पहले भी करा सकेंगे परीक्षा।




नई दिल्ली : अनलॉक-1 के बाद विश्वविद्यालयों में अब एक जुलाई से पहले ही परीक्षाएं कराने को लेकर हलचल तेज हो गई है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ( यूजीसी ) ने फिलहाल इसे लेकर विश्वविद्यालयों को फ्री-हैंड दे दिया है। यानी अब वह कोविड-19 के संक्रमण की स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए अपने स्तर पर परीक्षाएं कराने का प्लान तैयार कर सकेंगे। यह एक जुलाई से पहले भी हो सकता है और जुलाई के बाद भी हो सकता है। इससे पहले यूजीसी ने विश्वविद्यालयों को लेकर जारी किए गए एकेडमिक कैलेंडर में जुलाई में परीक्षाएं कराने का सुझाव दिया था। इसमें सबसे पहले अंतिम वर्ष के छात्रों की परीक्षाएं कराने को कहा था, जो एक से 15 जुलाई के बीच होनी थी। इसके बाद पहले और दूसरे वर्ष के छात्रों की परीक्षाएं कराने को कहा था। इन्हें 15-30 जुलाई के बीच कराना था। उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में विश्वविद्यालयों ने जून से ही परीक्षाएं शुरू करने का प्लान यूजीसी और राज्य सरकार को दिया है। हालांकि यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों से इस मुद्दे पर राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के परामर्श से ही कोई भी निर्णय करने को कहा है।


यूजीसी का सुझाव

कई राज्यों में विश्वविद्यालयों ने जून में ही परीक्षाएं कराने का बनाया प्लान

यूजीसी ने इससे पहले जुलाई में परीक्षाएं कराने के दिए सुझाव





 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।