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Saturday, March 6, 2021

12वीं कक्षा के इतिहास की किताब में मुगलों के महिमामंडन पर NCERT को लीगल नोटिस जारी

12वीं कक्षा के इतिहास की किताब में मुगलों के महिमामंडन  पर NCERT को लीगल नोटिस जारी


NCERT की 12वीं कक्षा की इतिहास की किताबों (Book) में मुगलों की तारीफ को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. एक समाजसेवी ने लीगल नोटिस(Legal notice) भेजकर इन कथित तथ्यहीन बातों को हटाने की मांग की है.


एनसीआरटीई की 12वीं की इतिहास के किताब में औरंगजेब का महिमा मंडन करने पर बवाल हो रहा है.


जयपुर. एनसीईआरटी (NCERT) की 12वीं कक्षा की इतिहास की किताब में मुगल शासकों का महिमामंडन करने पर बवाल शुरू हो गया है. राजस्थान के एक समाजसेवी दपिंदर सिंह ने एनसीईआरटी (NCERT) को लीगल नोटिस भेजा है. इस नोटिस में मुगलों की तारीफ में लिखी गईं भ्रामक बातों को हटाने की मांग की गई है. दपिंदर ने इस संबंध में NCERT को एक RTI भी भेजी थी जिस पर संस्था की तरफ से संतुष्ट करने वाला जवाब नहीं दिया गया.


दपिंदर के मुताबिक NCERT की 12वीं की इतिहास की पुस्तक 'थीम्स इन इंडियन हिस्ट्री पार्टी- 2' के पेज नंबर 234 में पर लिखा है मुगल बादशाहों ने युद्ध के दौरान हिंदू मंदिरों को ढहा दिया था. इसमें आगे लिखा है कि युद्ध खत्म होने के बाद मुगल बादशाहों, शाहजहां और औरंगजेब ने मंदिरों को फिर से बनाने के लिए ग्रांट जारी की थी. दपिंदर ने इन तथ्यों को वेरीफाई करने के लिए एक RTI डालकर NCERT से जवाब मांगा था. हालांकि इस RTI के जवाब में हेड ऑफ डिपार्टमेंट प्रो. गौरी श्रीवास्तव और पब्लिक इन्फोर्मेंशन डिपार्टमेंट ने फाइलों में इससे संबंधित कोई भी सूचना न होने का जवाब भेज दिया है.


एनसीईआरटी को भेजा लीगल नोटिस
इसके बाद समाजसेवी दपिंदर सिंह और उनके साथी संजीव विकल ने दिल्ली हाईकोर्ट के वकील कनक चौधरी के जरिए NCERT को लीगल नोटिस भेजकर किताब से ये भ्रामक तथ्य हटाने की मांग की है. दपिंदर सिंह का कहना है कि ऐसा लग रहा है कि बिना किसी आधार पर मुगल शासकों शाहजहां और औरंगजेब के महिमा मंडन के लिए पैरा जोड़ा गया है. इतिहास में वही बाते लिखी जाती है, जिसके तथ्य आपके पास रिकॉर्ड में हो, जबकि यह अविश्वसनीय रूप से घातक साक्ष्य प्रतीत हो रहे हैं.


संजीव विकल ने कहा कि कल्पना के आधार पर छात्रों को इतिहास पढ़ाया जा रहा है, एनसीईआरटी की पुस्तकों को विद्यालयी शिक्षा के लिए बेंचमार्क माना जाता है, सिविल सेवा जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी इन पुस्तकों से तैयारी करने की सलाह एक्पर्ट्स द्वारा दी जाती रही है. हमारी भविष्य की पीढ़ी को गलत दिशा में धकेलने की कोशिश की जा रही है जिसके घातक परिणाम हो सकते हैं।

Tuesday, February 23, 2021

स्कूल खुलने के बाद भी चलती रहेगी मिशन प्रेरणा की ई-पाठशाला

स्कूल खुलने के बाद भी चलती रहेगी मिशन प्रेरणा की ई-पाठशाला


प्रयागराज : कक्षा एक से आठ तक के स्कूल खोलने के निर्देश शासन की ओर से जारी किए जा चुके हैं। बावजूद इसके मिशन प्रेरणा की ई-पाठशाला चलती रहेगी। अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने निर्देश दिया है कि कक्षा एवं विषयवार शैक्षिक सामग्री सप्ताह के प्रत्येक सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को वाट्सएप ग्रुप से साझा कर बच्चों को अभ्यास करने व प्रश्नों का उत्तर देने के लिए प्रेरित किया जाए। दूरदर्शन के जरिए भी प्रसारण जारी रहेगा। विद्यार्थियों को जुड़े रहने के लिए भी कहा जाए।




बेसिक शिक्षाधिकारी संजय कुमार कुशवाहा ने बताया कि शासन की मंशा है कि बच्चों की पढ़ाई में कोई अवरोध न आए। हम सब भी इसके लिए प्रयासरत हैं। राज्य स्तर से प्रेषित शैक्षिक सामग्री के अतिरिक्त शिक्षक भी मासिक पंचांग के अनुसार शैक्षणिक सामग्री बच्चों को उपलब्ध कराएंगे। उसके अध्ययन के बाद बच्चों को उस अध्ययन सामग्री में पूछे गए प्रश्नों का भी उत्तर देना होगा। इसके लिए शिक्षक अपने स्तर से भी सवाल पूछ सकेंगे।

क्यूआर कोड स्कैन कर दीक्षा एप की पाठ्य सामग्री देख सकेंगे

दीक्षा एप डाउनलोड कर बच्चों को पढ़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। एप पर उपलब्ध करीब 4000 आडियो विजुअल शिक्षण सामग्री को पाठ्य पुस्तक में दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर पढ़ सकेंगे।

सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को वाट्सएप ग्रुप से साझा की जाएगी कक्षा एक से आठ तक की शैक्षिक सामग्री

बच्चों को दी गई निश्शुल्क पुस्तक

पठन पाठन व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए निश्शुल्क पुस्तक व अभ्यास पुस्तिका बच्चों को बांटी जा चुकी है। उसके आधार पर ही दूरदर्शन से वीडियो प्रसारित हो रहे हैं। अभिभावकों से कहा है कि बच्चों को अनिवार्य रूप से शैक्षणिक कार्यक्रम दिखाएं। शैक्षणिक सामग्री और वीडियो वाट्सएप ग्रुप पर पहले की तरह भेजते रहेंगे। शिक्षकों और अभिभावकों के बीच संवाद भी जारी रखना है। बच्चों की प्रगति के बारे में भी समय समय पर रिपोर्ट देने की प्रक्रिया भी चलती रहेगी।

Thursday, February 18, 2021

सभी शिक्षकों को अंग्रेजी में पढ़ाने का प्रशिक्षण देने का निर्देश, आंग्ल भाषा शिक्षण संस्थान फिर शुरू करेगा डिप्लोमा कोर्स

सभी शिक्षकों को अंग्रेजी में पढ़ाने का प्रशिक्षण देने का निर्देश, आंग्ल भाषा शिक्षण संस्थान फिर शुरू करेगा डिप्लोमा कोर्स


अब सरकारी प्राइमरी और जूनियर स्कूलों के सभी शिक्षकों को अंग्रेजी में पढ़ाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। ये प्रशिक्षण आंग्लभाषा शिक्षण संस्थान प्रयागराज देगा । वहीं संस्थान का अंग्रेजी डिप्लोमा कोर्स भी फिर से शुरू होगा।ये निर्देश बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार ) डा सतीश द्विवेदी ने बुधवार को आयोजित बैठक में दिए।


उन्होंने कहा कि अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में जो प्रशिक्षण शिक्षकों को दिया जाता है उसे सभी शिक्षकों को दिया जाए । बुधवार को हिन्दी संस्थान की बैठक में उन्होंने सभी संस्थाओं के कामों का प्रस्तुतिकरण देखा । डा द्विवेदी निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी बीआरसी व एआरपी को अपने कामों से परिचित करवाएं और यू ट्यूब से कार्यक्रम करें उन्होंने कहा कि पाठ्यपुस्तकों से पुरानी व आप्रांसगिक जानकारी को हटाया जाए और नई पाठ्य सामग्री जोड़ी जाए।

Saturday, February 13, 2021

मुख्यमंत्री योगी ने परिषदीय स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शिक्षण व्यवस्था में सुधार और निरीक्षण के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री योगी ने परिषदीय स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शिक्षण व्यवस्था में सुधार और निरीक्षण के दिए निर्देश


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शिक्षण व्यवस्था में सुधार और एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने पाठ्यक्रमों में भारतीय परिवेश और संस्कृति, प्रदेश की जानकारी तथा प्रेरक कहानियों और महापुरुषों के जीवन प्रसंगों को भी शामिल करने के लिए कहा है। अपने आवास पर शुक्रवार शाम आयोजित बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि बेसिक शिक्षा का स्तर उत्कृष्ट होने से माध्यमिक व उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी व्यापक सुधार होंगे।



मुख्यमंत्री ने बेसिक शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार तथा बच्चों में आधारभूत लर्निंग कौशल पर केंद्रित  कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों का संचालन कोविड-19 प्रोटोकॉल व एसओपी के अनुसार किया जाए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी समय समय पर बेसिक शिक्षा कार्यालयों का निरीक्षण करें। कार्यालयों में स्वच्छता सहित कार्य संस्कृति को बेहतर किए जाने के उपाय करें। उन्होंने बेसिक शिक्षा के विद्यालयों में निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों, स्कूल बैग, यूनिफार्म, स्वेटर, जूते-मोजे का वितरण गुणवत्ता के साथ समयबद्ध करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं में वृद्धि के साथ फर्नीचर की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।

Thursday, February 4, 2021

यूपी बोर्ड के पाठ्यक्रम में शामिल होगा चौरी चौरा कांड

यूपी बोर्ड के पाठ्यक्रम में शामिल होगा चौरी चौरा कांड


यूपी के माध्‍यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र अब चौरी-चौरा जनआक्रोश के शहीदों की वीरगाथाएं किताबों में पढ़ सकेंगे। मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के निर्देश पर माध्‍यमिक शिक्षा विभाग चौरी चौरा की घटना को यूपी बोर्ड के पाठयक्रम में शामिल करने जा रहा है।  मुख्‍यमंत्री ने चौरी चौरा जनआक्रोश को शताब्‍दी समारोह के रूप में मनाए जाने के निर्देश दिए हैं।


इसी क्रम में पहले चरण में गोरखपुर मंडल के 400 से अधिक राजकीय व एडेड माध्‍यमिक विद्यालय के छात्रों को चौरी चौरा स्‍थल का भ्रमण कराया जाएगा। इससे छात्र वहां के शहीदों की गाथाओं से रूबरू हो सकेंगे। 

गोरखपुर के चौरी चौरा में 4 फरवरी 1922 में आजादी के वीर जवानों ने अंग्रेजी हुकूमत से भिड़ंत के बाद पुलिस चौकी में आग लगा दी थी। इसमें 23 पुलिस कर्मियों की मौत हो गई थी। इस घटना को चौरी चौरा जनआक्रोश के रूप में जाना जाता है। शहीदों के इसी शौर्य की कहानी को अब पाठयक्रम का हिस्‍सा बनाया जाएगा। इससे प्रदेश के माध्‍यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले लाखों छात्र चौरी चौरा जनक्रांति में शहीद अपने वीरों के इतिहास से रूबरू हो सकेंगे।

गोरखपुर मंडल के छात्र करेंगे चौरी चौरा का भ्रमण

मुख्‍यमंत्री के निर्देश पर माध्‍यमिक शिक्षा विभाग छात्रों को न सिर्फ वीरों के इतिहास को पाठयक्रम के रूप में पढ़ाएगा बल्कि छात्रों को शहीदों के स्‍थल चौरी चौरा का भ्रमण भी कराएगा। 

पहले चरण में गोरखपुर मंडल के देवरिया, महाराजगंज, कुशीनगर व गोरखपुर के 87 राजकीय विद्यालयों, 333 अशासकीय सहायता प्राप्‍त विद्यालय के छात्रों को चौरी चौरा शहीद स्‍थल का भ्रमण कराया जाएगा। इसमें मंडल के निजी स्‍कूलों को भी शामिल किया जाएगा। 

छात्रों के बीच होंगी प्रतियोगिताएं

चौरी चौरा शताब्‍दी समारोह के दौरान प्रदेश के सभी माध्‍यमिक विद्यालयों में चार फरवरी 2021 से आगामी एक साल तक छात्र-छात्राओं के बीच निबंध, चित्रकला व पोस्टर, क्विज, स्लोगन, कविता लेखन व भाषण प्रतियोगिताएं भी कराई जाएंगी। इसके लिए पहले विद्यालय स्तर से शुरुआत होगी। फिर यह क्रम राज्य स्तर तक जारी रहेगा। तीन फरवरी 2022 को गोरखपुर में मंडल स्तरीय प्रतियोगिता कराई जाएगी।

Sunday, January 31, 2021

व्यावसायिक रूप से दक्ष बनेंगे माध्यमिक के छात्र, पाठ्यक्रम होगा लागू, कक्षा नौ से शुरुआत


व्यावसायिक रूप से दक्ष बनेंगे माध्यमिक के छात्र, पाठ्यक्रम होगा लागू, कक्षा नौ से शुरुआत


राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों के बच्चों को व्यवसाय और स्वरोजगार में दक्ष बनाने के लिए व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम लागू किया जाएगा। शैक्षिक सत्र 2022-23 से कक्षा 9 से इसकी शुरुआत कर चरणबद्ध तरीके से कक्षा 12 तक लागू किया जाएगा। वर्ष 2024-25 तक माध्यमिक के 50 प्रतिशत विद्यार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा पाठ्यक्रम से जोड़ा जाएगा।


व्यावसायिक शिक्षा में सेवा, निर्माण और कृषि सेक्टर पर फोकस करते हुए बच्चों को प्रशिक्षण के लिए आईटीआई, पॉलीटेकिभनक सहित अन्य संस्थानों के प्रशिक्षक तैनात किए जाएंगे। वहीं, बच्चों के लिए इंटर्नशिप और साल में दो से तीन बार कॅरिअर काउंसिलिंग की भी व्यवस्था की जाएगी। पहले चरण में राजकीय विद्यालयों के साथ उन माध्यमिक विद्यालयों को शामिल किया जाएगा, जहां पहले से व्यावसायिक शिक्षा संचालित है और संसाधन उपलब्ध हैं।


जिला स्तर पर विद्यार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ने के लिए सत्र 2021-22 से सर्वे किया जाएगा। स्थानीय मांग और आवश्यकता के अनुसार विद्यालयों में ट्रेड्स का निर्धारण किया जाएगा। ट्रेड्स का चयन सर्वे, रोजगार कार्यालय और स्थानीय इंडस्ट्री से प्राप्त सूचना का विश्लेषण करने के बाद किया जाएगा। व्यावसायिक शिक्षा को व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थानों में सामान्य शिक्षा और सामान्य शैक्षिक संस्थानों में व्यावसायिक प्रशिक्षण का विकल्प उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि बच्चों में रोजगार के लिए आवश्यक न्यूनतम दक्षता विकसित हो।


सेवाए निर्माण और कृषि सेक्टर पर होगा फोकस
विद्यालयों में ट्रेड्स के निर्धारण में सेवा, निर्माण और कृषि सेक्टर पर फोकस किया जाएगा। जिन ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योग नहीं हैं, वहां कृषि से संबंधित ट्रेड्स को प्रमुखता से लागू किया जाएगा। व्यावसायिक शिक्षा के लिए स्थानीय पॉलीटेकिभनक, आईटीआई, इंजीनियरिंग कॉलेज, किसान सेवा केंद्र, खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग, स्किल इंडिया मिशन, यूपी स्किल डेवलपमेंट मिशन के साथ चिकित्सा, पशुपालन, कृषि और फलोत्पादन विभाग का भी सहयोग लिया जाएगा।


व्यावसायिक शिक्षा को नए रूप में लागू करने के लिए विद्यार्थियों को भाषा की दक्षता, उद्यमिता का ज्ञान और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता की जानकारी भी दी जाएगी। विद्यार्थियों को हिंदी और अंग्रेजी भाषा के प्रयोग में दक्ष बनाया जाएगा। कक्षा 6 से 8 तक में व्यावसायिक शिक्षा में समाजोपयोगी उत्पादन कार्य, कार्यानुभव के प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को हस्तकौशल और कार्यानुभव के प्रति जागरूक किया जाएगा।