DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़
Showing posts with label प्रशिक्षण. Show all posts
Showing posts with label प्रशिक्षण. Show all posts

Tuesday, September 8, 2020

फतेहपुर : अब एंड्राएड फोन चलाना सीख रहे मास्साब, शिक्षकों के गले की फांस बना ऑनलाइन प्रशिक्षण

फतेहपुर : अब एंड्राएड फोन चलाना सीख रहे मास्साब, शिक्षकों के गले की फांस बना ऑनलाइन प्रशिक्षण।

फतेहपुर : कोरोना संक्रमण काल में भले ही बच्चों के लिए विद्यालय बंद चल रहे हों लेकिन शिक्षकों के लिए काम बढ़ता ही जा रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित परिषदीय विद्यालयों में इनदिनों सबकुछ आनलाइन कार्य सम्पादित करने में जोर दिया जा रहा है। जिससे खासकर बुजुर्ग शिक्षकों की परेशानी बढ़ रही है। इस उम्र में शिक्षक स्मार्ट एंड्रायड मोबाइल फोन चलाना सीखरहे हैं।

परिषदीय स्कूलों में ऑनलाइन प्रशिक्षण के लिए दीक्षा एप और मानव सम्पदा पोर्टल को लिंक करने के निर्देश दिए गए हैं। कुछ शिक्षक शिक्षकों ऐसे हैं जो एंड्रायड मोबाइल चलाने में सक्षम नहीं हैं। उन्हें प्रशिक्षण लेने में दिक्कत आ रही है। परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों को आनलाइन प्रशिक्षित करने का शासन का फरमान उनके गले की फांस बन गया है। पहले तो चुनिंदा शिक्षकों को शासन के बताए ऐप डाउनलोड कराने के निर्देश थे। जैसे तैसे उनको डाउनलोड कर ही पाए थे कि शासन ने दीक्षा ऐप और मानव सम्पदा को लिंक करने के निर्देश जारी हो गए। लिंक करने के आदेश आते ही मोबाइल चलाने में अक्षम शिक्षक शिक्षकों का सिर दर्द बढ़ गया है।

कोरोना के चलते एक जगह पर भीड़ इकट्ठा करने पर मनाही है। इसके चलते आनलाइन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जनपद में लगभग 25 से 30 फीसद शिक्षकों की उम्र पचास से पचपन वर्ष के आसपास है। यह शिक्षक न तो तकनीकी रूप से दक्ष हैं और न ही मोबाइल पर प्रशिक्षण में सक्षम हैं। खासकर अधिकतर महिला शिक्षक ऐसी हैं जिनके लिए प्रशिक्षण में शामिल होना चुनौती है। कुछ दिनों पहले ही शासन ने शिक्षकों को ऑनलाइन प्रशिक्षित करने के लिए दीक्षा ऐप को मानव संपदा पोर्टल से लिंक का आदेश जारी कर दिया है। शिक्षकों को अब प्रशिक्षण प्राप्त करना होगा।



मोबाइल खरीदना आसान चलाना मुश्किल : बुजुर्ग शिक्षक

स्मार्ट फोन खरीदने में तो सक्षम हैं लेकिन उसे चलाने में उन्हें तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 50 से 55 वर्ष पेन कागज के तहत काम निपटाने वाले बुजुर्ग शिक्षकों के लिए ऑनलाइन व्यवस्थाएं सिर दर्द बन रही हैं। ऐसे में ये मास्साब घर के बच्चों या फिर विद्यालय के युवा शिक्षकों से मदद ले रहे हैं।



शिक्षक संकुलों का गठन : न्याय पंचायत स्तर पर शिक्षक संकुलों का गठन किया गया है। ऑनलाइन प्रशिक्षण के लिए शिक्षकों को दीक्षा ऐप से मानव संपदा से लिंक करने समेत मोबाइल चलाने में आ रही दिक्कतों का निदान कर रहे हैं।विद्यालयों में जाकर शिक्षकों को बता रहे है।-राकेश सचान, बीईओ मुख्यालय


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Monday, September 7, 2020

फर्रुखाबाद : शिक्षकों के गले की फांस बना ऑनलाइन प्रशिक्षण

फर्रुखाबाद : शिक्षकों के गले की फांस बना ऑनलाइन प्रशिक्षण।

फर्रुखाबाद : परिषदीय स्कूलों में ऑनलाइन प्रशिक्षण के लिए दीक्षा एप और मानव सम्पदा पोर्टल का लिंक करने के निर्देश दिए है। कुछ शिक्षक-शिक्षिकाएं ऐसे हैं जो एंड्रइड मोबाइल चलाने में सक्षम नही हैं। उन्हें प्रशिक्षण लेने में दिक्कत आ रही है।






परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों को आनलाइन प्रशिक्षित करने का शासन का फरमान उनके गले की फांस बन गया है। पहले तो चुनिंदा शिक्षकों को शासन के बताए एप डाउन लोड कराने के निर्देश थे। जैसे तैसे उनको डाउनलोड करही पाए थे कि शासन ने दीक्षा एप और मानव सम्पदा को लिंक करने के निर्देश जारी हो गए। लिंक करने के आदेश आते ही मोबाइल चलाने में अक्षम शिक्षक शिक्षकों का सिर दर्द बढ़ गया है। कोरोना के चलते एक जगह पर भीड़ इकट्ठा करने परमनाही है। इसके चलते आनलाइन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जनपद में लगभग 25 से 30 फीसद शिक्षकों की उम्र पचास से पचपन वर्ष के आसपास है। यह शिक्षक न तो तकनीकी रूप से दक्ष है और न ही मोबाइल पर प्रशिक्षण में सक्षम हैं। खासकर अधिकतर महिला शिक्षक ऐसी हैं जिनके लिए प्रशिक्षण में शामिल होना चुनौती है। कुछ दिनों पहले ही शासन ने शिक्षकों को ऑनलाइन प्रशिक्षित करने के लिए दीक्षा एप को मानव संपदा पोर्टल से लिंक का आदेश जारी कर दिया है।

अनलाइन प्रशिक्षण के लिए  शिक्षकों को दीक्षा एप से मानव संपदा से लिक करना अनिवार्य। इसके लिए एआरपी एकेडमिक रिसोर्स पर्सन) विद्यालयों में जाकर शिक्षकों को बता रहे हैं। यदि किसी को समस्या आ रही है तो उसका निदान किया जा रहा है। - लालजी यादव, बीएसए

 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Friday, August 21, 2020

किशोरी बालिकाओं को प्रशिक्षण दिलाकर आत्मनिर्भर बनाएगी सरकार

किशोरी बालिकाओं को प्रशिक्षण दिलाकर आत्मनिर्भर बनाएगी सरकार


राज्य मुख्यालय : प्रदेश सरकार स्कूली शिक्षा से दूर किशोरी बालिकाओं के वीरांगना समूहों को प्रशिक्षण दिला कर आत्म निर्भर बनाएगी। प्रशिक्षण की गाइड लाइन जारी कर जिलाधिकारियों को इसी माह प्रशिक्षण शुरू करने का निर्देश दिया गया है। प्रशिक्षण की गुणवत्ता और निगरानी के लिए ब्लाक स्तर पर कमेटी भी गठित की गई है। 


बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की निदेशक डा. सारिका मोहन ने इस बारे में आदेश जारी कर कहा है कि 11 से 14 साल की स्कूल न जाने वाली किशोरी बालिका की बहुआयामी आवश्यकता को समझने एवं इनको औपचारिक शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए किशोरी बालिकाओं के लिए योजना चलाई जा रही है। योजना के तहत सखी-सहेली प्रशिक्षण का कार्यक्रम आयोजित किया जाना है। इसके लिए 25 से 30 लक्षित किशोरी बालिकाओं के 10151 वीरांगना समूह का प्रदेश में गठन किया गया है।



उन्होंने कहा है कि प्रत्येक परियोजना में चयनित सखी-सहेलियों के अधिकतम 10 समूह को 25-30 किशोरियों के बैच में प्रशिक्षण दिया जाएगा। तीन दिवसीय प्रशिक्षण कोविड -19 के संक्रमण को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग बैच में बांट कर दिया जाएगा। सामाजिक दूरी का पालन किया जाएगा।आयुष मंत्रालय द्वारा नियुक्त योग प्रशिक्षक योग की उपयोगिता सिखाएंगे। इसके अलावा पोषण, व्यक्तिगत स्वच्छता, सामान्य स्वास्थ्य, हक एवं अधिकार, सार्वजनिक सेवाओं तक पहुंच से लेकर शिक्षा का महत्व तक इसमें शामिल है। किशोरी बालिकाओं को किचन गार्डनिंग सिखाने के साथ बीज और पौधा उपलब्ध कराया जाएगा। पोषण वाटिका बनाने की जानकारी दी जाएगी।

Sunday, August 9, 2020

पीलीभीत : ऑनलाइन ट्रेनिंग पर शिक्षक और जिला समन्वयक आमने-सामने, शिक्षकों ने सूचना न देने का लगाया आरोप, 34 शिक्षकों का वेतन रोकने पर मचा बवाल

पीलीभीत : ऑनलाइन ट्रेनिंग पर शिक्षक और जिला समन्वयक आमने-सामने, शिक्षकों ने सूचना न देने का लगाया आरोप, 34 शिक्षकों का वेतन रोकने पर मचा बवाल।

पीलीभीत :: ऑनलाइन ट्रेनिंग में शामिल न होने पर शिक्षक और जिला समन्वयक आमने-सामने आ गए हैं। दोनों एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि उन्हें लिंग की सूचना नहीं दी गई जबकि जिला समन्वयक ने सूचना देने के बाद भी ट्रेनिंग में शामिल न होने की बात कही। समन्वयक और खंड शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट पर बीएसए ने 34 शिक्षकों का वेतन ट्रेनिंग में शामिल न होने पर रोक लगा दी है। इसे लेकर शिक्षकों में रोष है। शिक्षकों ने बीएसए से भी इस मामले की शिकायत की है।

कोरोना काल में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों की ऑनलाइन ट्रेनिंग कराई जा रही है। इसका मकसद ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देना है। शिक्षकों को ट्रेनिंग की सूचना के लिए कई ग्रुप भी बनाए गए हैं। बेसिक शिक्षा विभाग का दावा है कि फोन से भी शिक्षकों को सूचना दी जाती है। ऑनलाइन ट्रेनिंग कराने की जिम्मेदारी जिला समन्वयक दीपक जायसवाल को सौंपी गई है। बरखेड़ा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक, अनुदेशक और शिक्षामित्रों की 20 से 24 जुलाई तक ऑनलाइन ट्रेनिंग कराई जानी थी।




जिला समन्वयक के मुताबिक शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशकों ने ऑनलाइन क्लास ज्वाइन नहीं की। बरखेड़ा खंड शिक्षा अधिकारी और जिला समन्वयक ने ऐसे 34 शिक्षकों की सूची बनाकर बीएसए देवेंद्र स्वरूप को सौंप दी। बीएसए ने इनके वेतन पर रोक लगा दी। शिक्षकों का कहना है कि उन्हें जिला समन्वयक द्वारा ट्रेनिंग की सूचना नहीं दी गई। न ही ग्रुप में जोड़ा गया है। गलत तरीके से रिपोर्ट देकर उनके वेतन पर रोक लगाई गई है।

इधर, जिला समन्वयक का कहना है कि सभी को ऑनलाइन ट्रेनिंग की सूचना दी गई थी। इसके बाद भी शिक्षकों ने बिना कारण बताए ही ट्रेनिंग को ज्वाइन नहीं किया था। बीएसए ने बताया कि ऑनलाइन ट्रेनिंग ग्रुप में जोड़े होने की जानकारी उन्हें नहीं है। इस मामले में जिला समन्वयक से जानकारी की जाएगी।

शिक्षकों ने सूचना न देने का लगाया आरोप, तो जिला समन्वयक ने सूचना देने की कही बात

बरखेड़ा ब्लॉक के विद्यालयों में 34 शिक्षकों का वेतन रोकने पर मचा बवाल


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Saturday, August 8, 2020

अब स्नातक के आखिरी सेमेस्टर में रोजगार की ट्रेनिंग अनिवार्य


अब स्नातक के आखिरी सेमेस्टर में रोजगार की ट्रेनिंग अनिवार्य 


अब सामान्य डिग्री प्रोग्राम (बीए, बीकॉम, बीएससी) के आखिरी वर्ष के छात्रों को आखिरी सेमेस्टर में रोजगार की अनिवार्य ट्रेनिंग मिलेगी। यूजीसी ने सामान्य डिग्री प्रोग्राम के छात्रों के लिए पहली अप्रेंटिसशिप / इंटर्नशिप के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।


फिलहाल शुरुआत में यह ट्रेनिंग 20 क्रेडिट की होगी। हालांकि, विश्वविद्यालय चाहें तो इन क्रेडिट को बढ़ा सकेंगे। अप्रेंटिसशिप / इंटर्नशिप ट्रेनिंग में छात्र बहुविषयक (अपने पाठ्यक्रम से इतर) विषयों को चुन सकेंगे।


बीए, बीकॉम, बीएससी जैसे सामान्य डिग्री प्रोग्राम के छात्र जब स्नातक की डिग्री लेकर कैंपस से निकलते हैं तो उनके पास रोजगार कौशल नहीं होता है। एक अनुमान के मुताबिक, 2030 तक दुनियाभर में सबसे अधिक युवा भारत में होंगे। ऐसे में रोजगार की सबसे अधिक जरूरत होगी। इसी के मद्देनजर पहली अप्रेंटिसशिप / इंटर्नशिप दिशा-निर्देश तैयार किया गया है, ताकि बीए, बीएससी, बीकॉम प्रोग्राम के छात्र कॉलेज से अब बहुविषयक डिग्री लेकर निकल सकें। स्नातक डिग्री प्रोग्राम के आखिरी साल में अंतिम सेमेस्टर अप्रेंटिसशिप / इंटर्नशिप पर आधारित होगा।


इस दौरान उन्हें किसी भी विषय पर आधारित अप्रेंटिसशिप / इंटर्नशिप  करनी होगी। अप्रेंटिसशिप में उन्हें बाकायदा इंडस्ट्री की तरफ से वेतन मिलेगा। इसके अलावा इंटर्नशिप में स्टाइपेंड होगा। छात्र अपने भविष्य के आधार पर दोनों में से किसी एक को चुन सकेगा।


24 क्रेडिट वाले विषय में मॉस्टर डिग्री का मौका
च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) के तहत स्नातक में अप्रेंटिसशिप / इंटर्नशिप के साथ जिस विषय में छात्र ने 24 क्रेडिट लिए होंगे, उसी में उसे स्नातकोत्तर प्रोग्राम (एमए, एमएसी,तकनीकी, व्यावसायिक आदि) की पढ़ाई का मौका भी मिलेगा। उदाहरण के रूप में यदि कोई छात्र अर्थशास्त्र में 24 क्रेडिट के साथ बीबीए ( लॉजिस्टिक्स अप्रेंटिसशिप ) किया हो तो वह अर्थशास्त्र में एमए, एमएससी पाठ्यक्रम में दाखिला ले सकेगा।

पाठ्यक्रम उत्तीर्ण करना जरूरी
अप्रेंटिसशिप या इंटर्नशिप पाठ्यक्रम उत्तीर्ण करना जरूरी होगा। असफल होने या अपूर्ण अप्रेंटिसशिप / इंटर्नशिप प्रशिक्षण के लिए परीक्षा में दोबारा बैठना अनिवार्य होगा। अप्रेंटिसशिप / इंटर्नशिप पाठ्यक्रम में छात्र द्वारा प्राप्त अंकों को सेमेस्टर और अंतिम ग्रेड शीट में दर्शाया जाएगा।


फिक्की, सीआईआई, वाणिज्यिक और गैर-वाणिज्यिक संगठन करेंगे मदद
शिक्षण संस्थानों में अप्रेंटिसशिप या इंटर्नशिप के लिए फिक्की, सीआईआई, वाणिज्यिक और गैर-वाणिज्यिक जैसे संगठन मदद करेंगे। इसके लिए बाकायदा विश्वविद्यालयों और इन संगठनों के बीच समझौता होगा। समझौते के तहत अप्रेंटिसशिप या इंटर्नशिप की सभी जानकारियां सार्वजनिक करनी होगी। उद्योग संगठनों को छात्रों को आखिरी में सर्टिफिकेट भी देना होगा।


स्नातक में 80 फीसदी लिखित पाठ्यक्रम
स्नातक कार्यक्रम में सामान्य डिग्री प्रोग्राम में अब सिर्फ 80 फीसदी पाठ्यक्रम लिखित रहेगा, जबकि 20 फीसदी अप्रेंटिसशिप या इंटर्नशिप पर आधारित क्रेडिट का होगा। इसी के आधार पर मॉर्क्सशीट में ये क्रेडिट भी जुड़ेंगे।

Tuesday, August 4, 2020

परिषदीय स्कूलों को प्रेरक स्कूल बनाने की कवायद शुरू, आधारशिला, ध्यानाकर्षण व शिक्षण संग्रह माड्यूल आधारित प्रशिक्षण जारी

परिषदीय स्कूलों को प्रेरक स्कूल बनाने की कवायद शुरू, आधारशिला, ध्यानाकर्षण व शिक्षण संग्रह माड्यूल आधारित प्रशिक्षण जारी

 
गोरखपुर: परिषदीय स्कूलों को प्रेरक स्कूल बनाने की कवायद शुरू हो गई है। जनपद में भी शिक्षकों को तीन माड्यूल पर आधारित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आधारशिला, ध्यानाकर्षण व शिक्षण संग्रह माड्यूल के अनुसार शिक्षकों को बच्चों को तैयार करना है।


सरकार की मंशा वर्ष-2021 तक प्रेरक प्रदेश बनाना है। जनपद के बीआरसी पर नियमित 25-25 टीचर्स की ऑनलाइन प्रशिक्षण चल रहा है। प्रशिक्षण के बाद शिक्षक को अपने स्कूल के हर बच्चे को उसके अनुसार तैयार करना होगा। यदि कक्षा एक का बच्चा है तो उसे 1 से 99 तक संख्या की पहचान हो, उसकी तुलना और संख्या को सही क्रम में लगाने आना चाहिए। शासन थर्ड पार्टी से स्कूल के बच्चों की परीक्षा लेगा। जब बच्चे मॉडयूल्स के हिसाब से तैयार हो जाएंगे तब ही स्कूल को प्रेरक का दर्जा मिलेगा।


शिक्षक को भरना होगा ब्योरा : शिक्षक को प्रेरक स्कूल बनाने के लिए बच्चों को पढ़ाने के साथ ही नियमित प्रेरणा तालिका भरनी होगी। इसमें प्रेरक हो चुके और इससे वंचित बच्चों की संख्या देनी होगी। कब तक बच्चे प्रेरक बन जाएंगे ये भी शिक्षक को चार्ट में भरना होगा। जब सभी बच्चे प्रेरक हो जाएंगे तो इसकी जानकारी शिक्षक अपने अधिकारी को देंगे, जिसके आधार पर शासन द्वारा थर्ड पार्टी भेजकर स्कूल की जांच कराई जाएगी।


क्या है किस माड्यूल की खासियत

आधारशिला मॉडयूल: पहला मॉडयूल आधारशिला प्राथमिक स्तर के बच्चों के लिए होगा। इसमें कक्षा एक से पांच तक बच्चों की बेसिक जानकारी और आधार को मजबूत करना होगा।

ध्यानकर्षण मॉडयूल: दूसरे मॉडयूल ध्यानाकर्षण में क्लास 6-8 तक के बच्चों पर काम करना होगा। यह वो बच्चे होंगे जो पढ़ाई छोड़ चुके हैं। इनको खोजकर चिह्नित कर दोबारा स्कूल वापस लाया जाएगा। इन बच्चों की छूटी पढ़ाई व पाठ्यक्रम को पूरा कराना होगा।

शिक्षण संग्रह मॉडयूल: तीसरा मॉडयूल शिक्षण संग्रह शिक्षकों के लिए बनाया गया है। इसमें शिक्षक कैसे लेसन प्लान तैयार करता है। साथ ही शिक्षकों को पढ़ाई के रोचक तरीकों पर काम होगा।

परिषदीय स्कूलों के बच्चों को बेहतर शिक्षा देकर प्रेरक प्रदेश बनाने की कवायद चल रही है। बीआरसी पर शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। जिसके बाद शिक्षक विद्यालय में बच्चों को कक्षावार तैयार करेंगे। - भूपेंद्र नारायण सिंह, बीएसए

Thursday, July 30, 2020

फतेहपुर : अंग्रेजी माध्यम शिक्षकों को मिलेगा ऑनलाइन प्रशिक्षण

फतेहपुर : अंग्रेजी माध्यम के समस्त परिषदीय प्राथमिक/उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को सम्पर्क फाउंडेशन बैठक एप डाउनलोड कराने के सम्बंध में।

















फतेहपुर : अंग्रेजी माध्यम शिक्षकों को मिलेगा ऑनलाइन प्रशिक्षण।

फतेहपुर : परिषदीय विद्यालयों में उत्कृष्ट स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम से विभाग संचालित कर रहा है। इन विद्यालयों का शैक्षिक स्तर मजबूत किए जाने के लिए अब समग्र शिक्षा अभियान के तहत संपर्क फाउंडेशन शिक्षक शिक्षकों को प्रशिक्षण देकर दक्ष करेगा।




राज्य शैक्षिक और अनुसंधान परिषद-एससीइआरटी ने अंग्रेजी माध्यम के चयनित प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों की शैक्षिक दशा सुधारने के लिए हाथ मिलाया है। जिले में 139 अंग्रेजी माध्यम के स्कूल संचालित हो रहे हैं। इन विद्यालयों में तैनात शिक्षक-शिक्षिकाओं को एप डाउनलोड किए जाने के निर्देश बीएसए ने दिए हैं। प्ले स्टोर से एप डाउनलोड होने के बाद अक्टूबर माह में अंग्रेजी और गणित की नवाचारी पद्धतियों के प्रशिक्षण से शिक्षकों को लैस किया जाएगा।

बीएसए देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि निदेशक समग्र शिक्षा और एससीईआरटी के निर्देश पर सभी खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों के शिक्षक-शिक्षिकाओं 1. को एप लोड कराने के निर्देश दिए गए हैं। एप डाउनलोड करने वाले सभी अध्यापकों के नाम और स्कूल की सूची बनाकर खंड शिक्षा अधिकारी देंगे। इसकी सूचना फाउंडेशन को भेजी जाएगी। अक्टूबर माह में प्रशिक्षण शुरू होगा और कार्ययोजना के मुताबिक इन सभी शिक्षक शिक्षकों को जुड़ना होगा।


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Wednesday, July 22, 2020

इंटरनेट सुविधा और टैबलेट के बिना ऑनलाइन प्रशिक्षण कारगर नहीं

इंटरनेट सुविधा और टैबलेट के बिना ऑनलाइन प्रशिक्षण कारगर नहीं


प्रयागराज : मिशन प्रेरणा के तहत आधारशिला, ध्यानाकर्षण तथा शिक्षा संग्रह मॉड्यूल का ऑनलाइन प्रशिक्षण इन दिनों सहायक अध्यापकों, शिक्षामित्रों व अनुदेशकों को दिया जा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि बेसिक शिक्षामंत्री ने कहा था कि प्रशिक्षण से पहले इंटरनेट और टैबलेट की सुविधा मुहैया कराई जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दूर दराज के शिक्षकों को नेटवर्क की समस्या से जूझना पड़ रहा है। बीआरसी के ही कंप्यूटर में नेट नहीं चल रहा है।


मोबाइल फोन से प्रशिक्षण किसी भी हाल में उपयुक्त नहीं है। वैचारिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. ज्ञान प्रकाश सिंह का कहना है कि जब तक नेट सुविधा और टैबलेट की व्यवस्था न की जाए तब तक प्रशिक्षण को स्थगित कर दिया जाए। क्योंकि संसाधनों के बिना प्रशिक्षण का लाभ नहीं मिलेगा

Tuesday, July 21, 2020

फतेहपुर : विभाग के आदेश पर गूगल मीट से बैचवार शुरू हुआ शिक्षकों का प्रशिक्षण, नेटवर्क व कनेक्शन की समस्या से जूझते रहे शिक्षक

फतेहपुर : विभाग के आदेश पर गूगल मीट से बैचवार शुरू हुआ शिक्षकों का प्रशिक्षण, नेटवर्क व कनेक्शन की समस्या से जूझते रहे शिक्षक।

फतेहपुर :: हिन्दुस्तान टीम पूर्व निर्धारित योजना के मुताबिक सोमवार से परिषदीय शिक्षकों का ऑनलाइन प्रशिक्षण प्रारम्भ हो गया। पहले दिन तमाम शिक्षक नेटवर्क व कनेक्टिविटी की समस्या से जूझते रहे। उधर संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार को पहले टैबलेट व रिचार्ज मुहैया कराना चाहिए। बेसिक शिक्षा विभाग में सेवारत शिक्षकों का ध्यानाकर्षण, आधार शिला एवं शिक्षण संग्रह जैसे माड्यूलों पर आधारित प्रशिक्षण आपाधापी में शुरू कर दिया गया। पहला दिन होने के कारण शिक्षकों को गूगल मीट के लिंक उसकी कनेक्टिविटी को लेकर खासी दिक्कत हुई। विभाग ने प्रशिक्षण के लिए स्कूलों अनुसार बैच बनाए हैं। अधिकतर ब्लॉक में स्कूल के सभी शिक्षकों के एक साथ प्रशिक्षण की योजना बनाई गई है। इस स्थिति में पहले बैच में प्रशिक्षण लेकर उन शिक्षकों को परेशानियों का सामना करना पड़ाजिनके स्कूल दूरदराज या मोबाइल नेटवर्क की समस्या से ग्रसित हैं। इन व्यवहारिक समस्याओं को लेकर शिक्षकों ने अपना मौखिक विरोध भी दर्ज कराया लेकिन आला अफसरों का हुक्म होने के कारण इस मामले पर उनकी कोई सहायता नहीं हो सकी।




ऑनलाइन :: विभाग के आदेश पर सोमवार से बैचवार शुरू हुआ प्रशिक्षण,  नेटवर्क व कनेक्शन की समस्या से भी जूझते रहे शिक्षक

दूसरे बैच के शिक्षकों को परेशानी :: अधिकांश ब्लॉकों में दूसरे बैच में शामिल शिक्षकों ने अंदरखाने विरोध जताया है। उनका तर्क है कि या तो विभाग प्रशिक्षण वाले दिन उन्हें स्कूल से मुक्त करे या फिर सुबह की पाली में प्रशिक्षण की। वर्तमान व्यवस्था के मुताबिक पहले शिक्षक सुबह 8 बजे से 1 बजे तक अपने स्कूल जाएंगे और फिर इसके बाद दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक प्रशिक्षण में प्रतिभाग करेंगे। इस तरह इस बैच के शिक्षक सुबह 8 बजे से शाम 5 तक व्यस्त रहेंगे। दूसरी बड़ी समस्या यह है कि तमाम शिक्षक 30 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करते हैं इसलिए उनके सामने प्रशिक्षण में सही समय में शामिल होना बड़ी चुनौती बनेगा।

प्रशिक्षण के बाद देना होगा फीडबैक :: प्रशिक्षण सत्र के बाद शिक्षकों को फीडबैक देने के लिए एक लिंक उपलब्ध कराया जाएगा। इस लिंक का प्रयोग करते हुए शिक्षक प्रशिक्षण से सम्बन्धित अपना फीडबैक देंगे।


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Monday, July 20, 2020

शिक्षकों को बिना संसाधन उपलब्ध कराए ऑनलाइन प्रशिक्षण हेतु बाध्य करने के आदेश को स्थगित किये जाने विषयक पत्र यूटा द्वारा जारी

शिक्षकों को बिना संसाधन उपलब्ध कराए ऑनलाइन प्रशिक्षण हेतु बाध्य करने के आदेश को स्थगित किये जाने विषयक पत्र यूटा द्वारा जारी। 


Saturday, July 18, 2020

आश्वासन के बावजूद संसाधनों की उपलब्धता कराये बिना शिक्षकों के ऑनलाइन प्रशिक्षण कराने के विरोध में UPPSS के पाण्डेय गुट ने बेसिक शिक्षा मंत्री को लिखा पत्र



अब ऑनलाइन प्रशिक्षण के विरोध में उतरे बेसिक शिक्षक

टीचर्स को 25-25 के बैज में ट्रेनिंग देने की योजना है। हालांकि टीचर्स असोसिशन ने इसका विरोध किया है। इसके लिए उन्होंने आपातकालीन बैठक भी बुलाई है।


बाराबंकी
बेसिक शिक्षा विभाग ने प्राइमरी व जूनियर हाईस्कूल में तैनात शिक्षकों, शिक्षामित्रों व अनुदेशकों के ऑनलाइन प्रशिक्षण का शेड्यूल जारी कर दिया है। यह प्रशिक्षण 20 जुलाई से प्रस्तावित किया गया है। इसमें प्रत्येक बैच में 25-25 शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। यह प्रशिक्षण गूगल मीट के जरिए करवाने की तैयारी है। इस निर्णय से शिक्षक संघ विरोध में उतर आए हैं।


रविवार को प्राथमिक शिक्षक संघ की जिला इकाई की आपात बैठक बुलाई गई। इसमें संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष सुशील पांडेय शामिल हुए। जिला पंचायत के संगठन भवन में बुलाई गई आपात बैठक में संगठन ने ऑनलाइन प्रशिक्षण के औचित्य पर सवाल खड़े किए। कहा कि यह फैसला सरकार की दोहरी नीति का परिचायक है। संगठन इस प्रशिक्षण में शामिल न होकर हर स्तर पर विरोध करेगा।


प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने पहले प्रेरणा ऐप व अन्य ऑनलाइन व्यवस्था शुरू की थी। इस पर संगठन ने बेसिक शिक्षा मंत्री से मिलकर शिक्षकों के पास एंड्रॉयड फोन या ऑनलाइन व्यवस्था के न होने का मुद्दा उठाया था। उनको बताया गया था कि सभी शिक्षकों के पास स्मार्टफोन फोन नहीं है। नेटवर्क बाधित रहता है। इसके लिए संपूर्ण संसाधन की मांग पूरी होने तक ऑनलाइन व्यवस्था को रोकने का आग्रह किया गया था।
मंत्री ने भी आश्वासन दिया था कि संसाधनों को उपलब्ध कराए जाने तक ऑनलाइन व्यवस्था नहीं शुरु होगी। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इसके विपरीत विभाग ने प्रशिक्षण शुरु कराने का प्रयास किया है। इसके विरोध में मंत्री को पत्र लिखकर संगठन के फैसले से अवगत करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सभी इकाइयों को अपने फैसले से अवगत करा दिया गया है।



आश्वासन के बावजूद संसाधनों की उपलब्धता कराये बिना शिक्षकों के ऑनलाइन प्रशिक्षण कराने के विरोध में UPPSS के पाण्डेय गुट ने बेसिक शिक्षा मंत्री को लिखा पत्र





Wednesday, July 15, 2020

फतेहपुर : मॉड्यूल (ध्यानाकर्षण, आधारशिला एवं शिक्षण संग्रह) पर आधारित ऑनलाइन शिक्षक प्रशिक्षण के सम्बन्ध में विस्तृत निर्देश जारी, देखें

फतेहपुर : मॉड्यूल (ध्यानाकर्षण, आधारशिला एवं शिक्षण संग्रह) पर आधारित ऑनलाइन शिक्षक प्रशिक्षण के सम्बन्ध में विस्तृत निर्देश जारी, देखें।





 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Thursday, July 9, 2020

फतेहपुर : अब बेसिक शिक्षकों को दी जाएगी ऑनलाइन ट्रेनिंग, जिले के शिक्षकों का दो बैच में होगा प्रशिक्षण, प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षक ब्लॉक स्तर पर 25-25 शिक्षकों को देंगे प्रशिक्षण

फतेहपुर : अब बेसिक शिक्षकों को दी जाएगी ऑनलाइन ट्रेनिंग, जिले के शिक्षकों का दो बैच में होगा प्रशिक्षण, प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षक ब्लॉक स्तर पर 25-25 शिक्षकों को देंगे प्रशिक्षण।

फतेहपुर : कोरोना संक्रमण को देखते हुए बेसिक शिक्षकों को प्रेरणा मिशन के तहत कई बिंदुओं पर प्रशिक्षण देने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था की गई है। प्रदेश स्तर पर ऑनलाइन प्रशिक्षण जिला के शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे। उसके बाद प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले शिक्षक ब्लाक स्तर पर 25-25 शिक्षकों के बैच को प्रशिक्षित करेंगे। ऑनलाइन प्रशिक्षण के लिए 20 जुलाई की दिन निर्धारित किया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग के डीसी अखिलेश सिंह ने बताया कि सी-मैट के तहत बेसिक शिक्षकों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाना है।




 जिले में 10 जुलाई को दो बैच में शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। यह शिक्षक ब्लॉक स्तर पर बाद में 25-25 शिक्षकों प्रशिक्षण देकर उन्हें साक्षी करेंगे। प्रेरणा मिशन के तहत कई बिंदुओं पर जिले के सभी शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाना है। सभी शिक्षकों को यह प्रशिक्षण लेना अनिवार्य है। इसके लिए पूरा खाका तैयार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रेरणा मिशन के तहत विभिन्न बिंदुओं पर प्रशिक्षण प्रशिक्षण देंगे।


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Wednesday, July 1, 2020

कोरोनाकाल में बेसिक शिक्षा की अस्त्र बन गयी "दीक्षा"

कोरोना काल में बेसिक शिक्षा की अस्त्र बन गई 'दीक्षा'


फतेहपुर : कोरोना काल में जब बच्चों की स्कूलों में आमद पर सख्त पाबंदी है, ऐसे दौर में बच्चों की शिक्षा के लिए दीक्षा बड़ा अस्त्र बनकर उभरी है। बेसिक शिक्षा विभाग ने अब इस ऐपके जरिए बेसिक शिक्षा को ऑनलाइन प्लेटफार्म पर लगभग लांच ही कर दिया है। 


पिछले कई महीनों से इस मोबाइल ऐप को शिक्षकों के अलावा अभिभावकों के स्मार्टफोन में डाउनलोड कराने पर जोर दिया जा रहा है ताकि बच्चों की इसकी डिजिटल सामग्री का लाभ मिल सके। दीक्षा ऐप का दायरा पिछले कई माह में बढ़ गया है। यह मोबाइल ऐप अपनी लाचिंग के साथ ही बेसिक शिक्षा का अनिवार्य अंग बन गया था। सभी कक्षाओं की किताबों में दिए गए क्यूआर कोड के जरिए पाठ्यक्रम से सम्बन्धित ऑडियो विजुअल सामग्री बच्चों को दिखाई व सुनाई जाती थी। 



कोरोना के प्रकोप के चलते जब स्कूल बंद हो गए तो स्कूली शिक्षा महानिदेशक व अन्य उच्च अधिकारियों ने बच्चों की पढ़ाई घर पर सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों की ऑनलाइन क्लास के अलावा दीक्षा ऐपका प्रयोग करने का फैसला किया। तय किया गया कि अभिभावकों के स्मार्टफोन पर भी इसे डाउनलोड करें जाए जिससे बच्चों को घर बैठे सभी विषयों की पाठ्य सामग्री मिल सके। दीक्षा के माध्यम से ऑनलाइन प्रशिक्षण इन दिनों विभाग बेसिक शिक्षकों की ऑनलाइन ट्रेनिंग दीक्षा ऐप के माध्यम से करा रहा है। 

बच्चों की भाषा, कैलेंडर से गणित व उपचारात्मक शिक्षण जैसे ट्रेनिंग प्रोग्राम दीक्षा ऐप के जरिए ही कराए जा रहे हैं। 20 जुलाई से शिक्षकों की ट्रेनिंग का कार्यक्रम तय किया गया है। इससे विभाग के साथ ही शिक्षकों को भी सहूलियत होगी व कोरोना का खतरा कम होगा।


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Monday, May 11, 2020

फतेहपुर : "प्रवासी राहत मित्र एप" के प्रशिक्षण हेतु आदेश व संबंधित शिक्षकों व कार्मिकों की सूची जारी, क्लिक करके देखें

फतेहपुर : "प्रवासी राहत मित्र एप" के प्रशिक्षण हेतु आदेश व संबंधित शिक्षकों व कार्मिकों की सूची जारी, क्लिक करके देखें।


अपडेट 
 दिनांक 12 मई को प्रातः 11 बजे से होने वाला zoom app वाला  प्रशिक्षण अब अपरान्ह 1बजे से 2.30 तक होगा ।










 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Thursday, March 19, 2020

कुशीनगर : Covid-19 से बचाव एवं रोकथाम हेतु 19 से 25 तक शिक्षकों के प्रशिक्षण संबंधी निर्देश, देखें

कुशीनगर : Covid-19 से बचाव एवं रोकथाम हेतु 19 से 25 तक शिक्षकों के प्रशिक्षण संबंधी निर्देश, देखें।

Wednesday, March 4, 2020

फतेहपुर : हाउस होल्ड सर्वे में चिन्हित आउट ऑफ स्कूल बच्चों की डाटा इन्ट्री हेतु दिनाँक- 04 मार्च 2020 को कम्प्यूटर ऑपरेटरों का होगा साफ्टवेयर प्रशिक्षण, देखे आदेश

फतेहपुर : हाउस होल्ड सर्वे में चिन्हित आउट ऑफ स्कूल बच्चों की डाटा इन्ट्री हेतु दिनाँक- 04 मार्च 2020 को कम्प्यूटर ऑपरेटरों का होगा साफ्टवेयर प्रशिक्षण, देखे आदेश।






 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Tuesday, March 3, 2020

सीतापुर : प्रशिक्षण के पहले ही दिन डोल गयी 'निष्ठा', बहुत से ब्लॉकों में नहीं शुरू हो सका कार्यक्रम

Saturday, February 29, 2020

सीतापुर : विकास खंड स्तर पर NISHTHA प्रशिक्षण सुचारू एवं व्यवस्थित रूप से संचालित किये जाने के संबंध में कार्ययोजना जारी

 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें। PASTE NEWS OVER ME

सीतापुर : अफसरों की 'निष्ठा' पर अविश्वास कैसे होगा शिक्षा का विकास, प्रशिक्षण के लिए शासन ने जारी किया है लगभग 2 करोड़ का बजट