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Monday, October 19, 2020

बहराइच : समग्र शिक्षा की वार्षिक कार्ययोजना के अन्तर्गत शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम (NISHTHA) के संचालन के सम्बन्ध में दिशा-निर्देश

बहराइच : समग्र शिक्षा की वार्षिक कार्ययोजना के अन्तर्गत शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम (NISHTHA) के संचालन के सम्बन्ध में दिशा-निर्देश


Wednesday, September 23, 2020

डीएलएड 2018 चतुर्थ सेमेस्टर व डीएलएड 2019 द्वितीय सेमेस्टर के डायट एवं निजी संस्थानों के प्रशिक्षुओं की ऑनलाइन इंटर्नशिप संचालित किये जाने के सम्बन्ध में

लखनऊ : डीएलएड 2018 चतुर्थ सेमेस्टर व डीएलएड 2019 द्वितीय सेमेस्टर के डायट एवं निजी संस्थानों के प्रशिक्षुओं की ऑनलाइन इंटर्नशिप संचालित किये जाने के सम्बन्ध में

डीएलएड प्रशिक्षुओं की ऑनलाइन इंटर्नशिप

 
प्रयागराज : कोरोना संक्रमण के दौर में डीएलएड के प्रशिक्षुओं की इंटर्नशिप भी ऑनलाइन कराने के आदेश हुए हैं। प्रदेश के डीएलएड 2018 चतुर्थ सेमेस्टर व 2019 के द्वितीय सेमेस्टर के वे प्रशिक्षु जो डायट व निजी कालेजों में प्रशिक्षण ले रहे हैं प्रतिभाग करेंगे। यह इंटर्नशिप प्रथम एजूकेशन फाउंडेशन के सहयोग से कराई जाएगी। सभी संस्थानों को प्रशिक्षुओं की सूचनाएं तैयार कराने के निर्देश भी दिए जा चुके हैं। 


उप शिक्षा निदेशक डा. पवन कुमार की ओर से जारी आदेश में कहा है कि इंटर्नशिप की अवधि पांच सप्ताह रहेगी और सभी प्रशिक्षुओं को प्रतिभाग करना अनिवार्य है। इसे प्रथम एजूकेशन फाउंडेशन के सहयोग से डायट की ओर से संचालित किया जाएगा। हर प्रशिक्षु का नाम, दूरभाष नंबर व संख्या की सूचना विद्यालय के प्रधानाध्यापक को उपलब्ध कराई जाएगी। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों का आवंटन बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से होगा। इसके लिए वे खंड शिक्षा अधिकारियों से प्रस्ताव लें। 


इंटर्नशिप ऑनलाइन कक्षा शिक्षण से जुड़े कक्षा एक, दो, छह, सात व आठ के छात्र-छात्राओं से संबंधित होगा। प्रशिक्षुओं के लिए यह प्रशिक्षण करके सीखना के नाम से संचालित होगा। इसमें उन्हें भौतिक रूप से संस्थान या फिर विद्यालय में उपस्थित नहीं होना है। उप शिक्षा निदेशक ने सभी विवरण व अगली कार्यवाही के लिए रिपोर्ट 25 सितंबर तक मांगी है।

Tuesday, September 8, 2020

फतेहपुर : अब एंड्राएड फोन चलाना सीख रहे मास्साब, शिक्षकों के गले की फांस बना ऑनलाइन प्रशिक्षण

फतेहपुर : अब एंड्राएड फोन चलाना सीख रहे मास्साब, शिक्षकों के गले की फांस बना ऑनलाइन प्रशिक्षण।

फतेहपुर : कोरोना संक्रमण काल में भले ही बच्चों के लिए विद्यालय बंद चल रहे हों लेकिन शिक्षकों के लिए काम बढ़ता ही जा रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित परिषदीय विद्यालयों में इनदिनों सबकुछ आनलाइन कार्य सम्पादित करने में जोर दिया जा रहा है। जिससे खासकर बुजुर्ग शिक्षकों की परेशानी बढ़ रही है। इस उम्र में शिक्षक स्मार्ट एंड्रायड मोबाइल फोन चलाना सीखरहे हैं।

परिषदीय स्कूलों में ऑनलाइन प्रशिक्षण के लिए दीक्षा एप और मानव सम्पदा पोर्टल को लिंक करने के निर्देश दिए गए हैं। कुछ शिक्षक शिक्षकों ऐसे हैं जो एंड्रायड मोबाइल चलाने में सक्षम नहीं हैं। उन्हें प्रशिक्षण लेने में दिक्कत आ रही है। परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों को आनलाइन प्रशिक्षित करने का शासन का फरमान उनके गले की फांस बन गया है। पहले तो चुनिंदा शिक्षकों को शासन के बताए ऐप डाउनलोड कराने के निर्देश थे। जैसे तैसे उनको डाउनलोड कर ही पाए थे कि शासन ने दीक्षा ऐप और मानव सम्पदा को लिंक करने के निर्देश जारी हो गए। लिंक करने के आदेश आते ही मोबाइल चलाने में अक्षम शिक्षक शिक्षकों का सिर दर्द बढ़ गया है।

कोरोना के चलते एक जगह पर भीड़ इकट्ठा करने पर मनाही है। इसके चलते आनलाइन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जनपद में लगभग 25 से 30 फीसद शिक्षकों की उम्र पचास से पचपन वर्ष के आसपास है। यह शिक्षक न तो तकनीकी रूप से दक्ष हैं और न ही मोबाइल पर प्रशिक्षण में सक्षम हैं। खासकर अधिकतर महिला शिक्षक ऐसी हैं जिनके लिए प्रशिक्षण में शामिल होना चुनौती है। कुछ दिनों पहले ही शासन ने शिक्षकों को ऑनलाइन प्रशिक्षित करने के लिए दीक्षा ऐप को मानव संपदा पोर्टल से लिंक का आदेश जारी कर दिया है। शिक्षकों को अब प्रशिक्षण प्राप्त करना होगा।



मोबाइल खरीदना आसान चलाना मुश्किल : बुजुर्ग शिक्षक

स्मार्ट फोन खरीदने में तो सक्षम हैं लेकिन उसे चलाने में उन्हें तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 50 से 55 वर्ष पेन कागज के तहत काम निपटाने वाले बुजुर्ग शिक्षकों के लिए ऑनलाइन व्यवस्थाएं सिर दर्द बन रही हैं। ऐसे में ये मास्साब घर के बच्चों या फिर विद्यालय के युवा शिक्षकों से मदद ले रहे हैं।



शिक्षक संकुलों का गठन : न्याय पंचायत स्तर पर शिक्षक संकुलों का गठन किया गया है। ऑनलाइन प्रशिक्षण के लिए शिक्षकों को दीक्षा ऐप से मानव संपदा से लिंक करने समेत मोबाइल चलाने में आ रही दिक्कतों का निदान कर रहे हैं।विद्यालयों में जाकर शिक्षकों को बता रहे है।-राकेश सचान, बीईओ मुख्यालय


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Monday, September 7, 2020

फर्रुखाबाद : शिक्षकों के गले की फांस बना ऑनलाइन प्रशिक्षण

फर्रुखाबाद : शिक्षकों के गले की फांस बना ऑनलाइन प्रशिक्षण।

फर्रुखाबाद : परिषदीय स्कूलों में ऑनलाइन प्रशिक्षण के लिए दीक्षा एप और मानव सम्पदा पोर्टल का लिंक करने के निर्देश दिए है। कुछ शिक्षक-शिक्षिकाएं ऐसे हैं जो एंड्रइड मोबाइल चलाने में सक्षम नही हैं। उन्हें प्रशिक्षण लेने में दिक्कत आ रही है।






परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों को आनलाइन प्रशिक्षित करने का शासन का फरमान उनके गले की फांस बन गया है। पहले तो चुनिंदा शिक्षकों को शासन के बताए एप डाउन लोड कराने के निर्देश थे। जैसे तैसे उनको डाउनलोड करही पाए थे कि शासन ने दीक्षा एप और मानव सम्पदा को लिंक करने के निर्देश जारी हो गए। लिंक करने के आदेश आते ही मोबाइल चलाने में अक्षम शिक्षक शिक्षकों का सिर दर्द बढ़ गया है। कोरोना के चलते एक जगह पर भीड़ इकट्ठा करने परमनाही है। इसके चलते आनलाइन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जनपद में लगभग 25 से 30 फीसद शिक्षकों की उम्र पचास से पचपन वर्ष के आसपास है। यह शिक्षक न तो तकनीकी रूप से दक्ष है और न ही मोबाइल पर प्रशिक्षण में सक्षम हैं। खासकर अधिकतर महिला शिक्षक ऐसी हैं जिनके लिए प्रशिक्षण में शामिल होना चुनौती है। कुछ दिनों पहले ही शासन ने शिक्षकों को ऑनलाइन प्रशिक्षित करने के लिए दीक्षा एप को मानव संपदा पोर्टल से लिंक का आदेश जारी कर दिया है।

अनलाइन प्रशिक्षण के लिए  शिक्षकों को दीक्षा एप से मानव संपदा से लिक करना अनिवार्य। इसके लिए एआरपी एकेडमिक रिसोर्स पर्सन) विद्यालयों में जाकर शिक्षकों को बता रहे हैं। यदि किसी को समस्या आ रही है तो उसका निदान किया जा रहा है। - लालजी यादव, बीएसए

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Friday, August 21, 2020

किशोरी बालिकाओं को प्रशिक्षण दिलाकर आत्मनिर्भर बनाएगी सरकार

किशोरी बालिकाओं को प्रशिक्षण दिलाकर आत्मनिर्भर बनाएगी सरकार


राज्य मुख्यालय : प्रदेश सरकार स्कूली शिक्षा से दूर किशोरी बालिकाओं के वीरांगना समूहों को प्रशिक्षण दिला कर आत्म निर्भर बनाएगी। प्रशिक्षण की गाइड लाइन जारी कर जिलाधिकारियों को इसी माह प्रशिक्षण शुरू करने का निर्देश दिया गया है। प्रशिक्षण की गुणवत्ता और निगरानी के लिए ब्लाक स्तर पर कमेटी भी गठित की गई है। 


बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की निदेशक डा. सारिका मोहन ने इस बारे में आदेश जारी कर कहा है कि 11 से 14 साल की स्कूल न जाने वाली किशोरी बालिका की बहुआयामी आवश्यकता को समझने एवं इनको औपचारिक शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए किशोरी बालिकाओं के लिए योजना चलाई जा रही है। योजना के तहत सखी-सहेली प्रशिक्षण का कार्यक्रम आयोजित किया जाना है। इसके लिए 25 से 30 लक्षित किशोरी बालिकाओं के 10151 वीरांगना समूह का प्रदेश में गठन किया गया है।



उन्होंने कहा है कि प्रत्येक परियोजना में चयनित सखी-सहेलियों के अधिकतम 10 समूह को 25-30 किशोरियों के बैच में प्रशिक्षण दिया जाएगा। तीन दिवसीय प्रशिक्षण कोविड -19 के संक्रमण को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग बैच में बांट कर दिया जाएगा। सामाजिक दूरी का पालन किया जाएगा।आयुष मंत्रालय द्वारा नियुक्त योग प्रशिक्षक योग की उपयोगिता सिखाएंगे। इसके अलावा पोषण, व्यक्तिगत स्वच्छता, सामान्य स्वास्थ्य, हक एवं अधिकार, सार्वजनिक सेवाओं तक पहुंच से लेकर शिक्षा का महत्व तक इसमें शामिल है। किशोरी बालिकाओं को किचन गार्डनिंग सिखाने के साथ बीज और पौधा उपलब्ध कराया जाएगा। पोषण वाटिका बनाने की जानकारी दी जाएगी।

Sunday, August 9, 2020

पीलीभीत : ऑनलाइन ट्रेनिंग पर शिक्षक और जिला समन्वयक आमने-सामने, शिक्षकों ने सूचना न देने का लगाया आरोप, 34 शिक्षकों का वेतन रोकने पर मचा बवाल

पीलीभीत : ऑनलाइन ट्रेनिंग पर शिक्षक और जिला समन्वयक आमने-सामने, शिक्षकों ने सूचना न देने का लगाया आरोप, 34 शिक्षकों का वेतन रोकने पर मचा बवाल।

पीलीभीत :: ऑनलाइन ट्रेनिंग में शामिल न होने पर शिक्षक और जिला समन्वयक आमने-सामने आ गए हैं। दोनों एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि उन्हें लिंग की सूचना नहीं दी गई जबकि जिला समन्वयक ने सूचना देने के बाद भी ट्रेनिंग में शामिल न होने की बात कही। समन्वयक और खंड शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट पर बीएसए ने 34 शिक्षकों का वेतन ट्रेनिंग में शामिल न होने पर रोक लगा दी है। इसे लेकर शिक्षकों में रोष है। शिक्षकों ने बीएसए से भी इस मामले की शिकायत की है।

कोरोना काल में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों की ऑनलाइन ट्रेनिंग कराई जा रही है। इसका मकसद ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देना है। शिक्षकों को ट्रेनिंग की सूचना के लिए कई ग्रुप भी बनाए गए हैं। बेसिक शिक्षा विभाग का दावा है कि फोन से भी शिक्षकों को सूचना दी जाती है। ऑनलाइन ट्रेनिंग कराने की जिम्मेदारी जिला समन्वयक दीपक जायसवाल को सौंपी गई है। बरखेड़ा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक, अनुदेशक और शिक्षामित्रों की 20 से 24 जुलाई तक ऑनलाइन ट्रेनिंग कराई जानी थी।




जिला समन्वयक के मुताबिक शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशकों ने ऑनलाइन क्लास ज्वाइन नहीं की। बरखेड़ा खंड शिक्षा अधिकारी और जिला समन्वयक ने ऐसे 34 शिक्षकों की सूची बनाकर बीएसए देवेंद्र स्वरूप को सौंप दी। बीएसए ने इनके वेतन पर रोक लगा दी। शिक्षकों का कहना है कि उन्हें जिला समन्वयक द्वारा ट्रेनिंग की सूचना नहीं दी गई। न ही ग्रुप में जोड़ा गया है। गलत तरीके से रिपोर्ट देकर उनके वेतन पर रोक लगाई गई है।

इधर, जिला समन्वयक का कहना है कि सभी को ऑनलाइन ट्रेनिंग की सूचना दी गई थी। इसके बाद भी शिक्षकों ने बिना कारण बताए ही ट्रेनिंग को ज्वाइन नहीं किया था। बीएसए ने बताया कि ऑनलाइन ट्रेनिंग ग्रुप में जोड़े होने की जानकारी उन्हें नहीं है। इस मामले में जिला समन्वयक से जानकारी की जाएगी।

शिक्षकों ने सूचना न देने का लगाया आरोप, तो जिला समन्वयक ने सूचना देने की कही बात

बरखेड़ा ब्लॉक के विद्यालयों में 34 शिक्षकों का वेतन रोकने पर मचा बवाल


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