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Saturday, April 3, 2021

फतेहपुर : विद्यालय स्तर पर आवश्यक पंजिकाओं के रखरखाव व अद्यतन करने के सम्बन्ध में विस्तृत निर्देश जारी, देखें

फतेहपुर : विद्यालय स्तर पर आवश्यक पंजिकाओं के रखरखाव व अद्यतन करने के सम्बन्ध में विस्तृत निर्देश जारी, देखें।

Wednesday, March 31, 2021

फतेहपुर : इतनी संख्या में ट्रेनिंग दे दी कि अब सबक याद रखना हुआ मुश्किल!

फतेहपुर : इतनी ट्रेनिंग दे दी कि अब सबक याद रखना मुश्किल!

फतेहपुर : पिछले कई माह के दौरान परिषदीय शिक्षकों को इतनी अधिक ट्रेनिंग दे दी गई हैं कि अब शिक्षण के दौरान इनकों लागू करना एवं इनके सबक को याद रखना काफी मुश्किल होने लगा है। नाम न छापने की शर्त पर शिक्षकों ने बताया कि इतने अधिक आनलाइन व आफलाइन प्रशिक्षण सत्रों का लगातार जारी रखना समझ से परे है। प्रशिक्षण से हासिल किए गए सबक को कक्षा में कैसे लागू किया जाए, अब इसकी चुनौती है।


बेसिक शिक्षा विभाग ने पिछले वर्ष मार्च में निष्ठा नामक पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरूआत की थी। बीआरसी में आयोजित हुए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान ही कोरोना वायरस के प्रसार के चलते प्रशिक्षण कार्यक्रम स्थगित हो गया। इसके बाद विभाग ने इस प्रशिक्षण को आनलाइन मोड में करते हुए 18 माड्यूल पर आधारित कर दिया। प्रत्येक माड्यूृल तीन से चार घंटे का है। निर्धारित समय में इन 18 माड्यूल की आनलाइन ट्रेनिंग करने के बाद शिक्षकों को अन्य 25 आनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रमों को पूरा करने का दायित्व सौंपा गया। प्रत्येक प्रशिक्षण कार्यक्रम को पूरा करने के लिए समय भी नियत किया गया। लगभग हर हफ्ते दो प्रशिक्षण पूरा करने का लक्ष्य दिया गया। कुछ महीनों में ही दर्जनों प्रशिक्षण कार्यक्रम ज्वाइन करने के बाद शिक्षकों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया है कि आखिर इन प्रशिक्षणों से सीखे गए सबक को शिक्षण प्रक्रिया में लागू तो करने दिया जाए।


अन्य प्रशिक्षण व यूट्यूब सत्र भी किए

विभाग ने विद्यालय नेतृत्व व समेकित शिक्षा समेत अन्य आनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए हैं। आगामी 31 मार्च तक इन ट्रेनिंग सत्रों को पूरा करने की अवधि निर्धारित की गई है। विभाग ने आनलाइन ट्रेनिंग के अलावा नियमित अंतराल पर यू ट्यूब सत्रों का भी आयोजन कर शिक्षकों को सेशन पूरे कराए।

आफलाइन ट्रेनिंग भी है जारी

मार्च आते ही आफलाइन ट्रेनिंग का दौर भी जारी है। कई ब्लॉकों में आधारशिला क्रियान्वयन, प्रिंट रिच व समृद्ध माड्यूल तथा एनसीईआरटी आधारित प्रशिक्षण सत्रों का भी दौर जारी था लेकिन होली अवकाश के चलते फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।

फतेहपुर : दोआबा के 73 बेसिक शिक्षक समेत 90 शिक्षक आज हो जाएंगे सेवानिवृत्त

फतेहपुर : दोआबा के 73 बेसिक शिक्षक समेत 90 शिक्षक आज हो जाएंगे सेवानिवृत्त।


फतेहपुर : दोआबा के 90 शिक्षक-शिक्षिकाएं आज हो जाएंगे सेवानिवृत्त।


फतेहपुर : दोआबा के 90 शिक्षक-शिक्षिकाएं 31 मार्च यानि आज सेवानिवृत्त हो जाएंगे। उनकी पेंशन और जीपीएफ की पत्रावलियां संस्तुति कर भेज दी गईं हैं। बेसिक की कुछ फाइलों में आपत्ति मिलने पर ब्लाक मुख्यालयों को वापस भेजी गई हैं। शिक्षक संगठन सेवानिवृत्त शिक्षकों को समय देयक दिलाने के लिए प्रयासरत हैं।

बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित परिषदीय स्कूलों के कुल 73 शिक्षक-शिक्षिकाएं सेवानिवृत्त हो रहे हैं। जिसमें सहायक शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक शामिल हैं। जिनमें वित्त एवं लेखाधिकारी द्वारा 62 पत्रावलियों को संस्तुति के साथ प्रयागराज भेजा जा चुका है। नौ फाइलों में आपत्तियां मिलने के कारण विजयीपुर ब्लाक को वापस किया गया है। इसी तरह से एक फाइल मलवां ब्लाक मुख्यालय को वापस की गई है। वित्त एवं लेखाधिकारी विनय कुमार प्रजापति ने बताया कि 62 फाइलों को पूर्ण कर संस्तुति दे दी गई है। पत्रावलियां तैयार हो चुकी हैं। पेंशन के लिए निदेशालय भेज दिया गया है। शेष फाइलें वापस आने पर आगे की प्रक्रिया कर दी जाएगी। वहीं प्राथमिक शिक्षक संघ के महामंत्री विजय त्रिपाठी ने बताया कि सेवानिवृत्त शिक्षकों को देयक की प्रक्रिया कार्यालय से पूरी हो रहीं हैं। अप्रैल माह के पहले सप्ताह में सभी शिक्षकों को देयक दिला दिया जाएगा। बीएसए का कहना है कि यह 73 शिक्षक-शिक्षिकाएं 31 मार्च तक सेवा में रहेंगे। उसके बाद रिटायर होने के बाद की योजनाओं का लाभ मिलेगा।

माध्यमिक के 17 शिक्षक होंगे सेवानिवृत्त

बेसिक विभाग के साथ साथ माध्यमिक शिक्षा विभाग के भी 17 शिक्षक शिक्षिकाएं 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष आलोक शुक्ला ने बताया कि हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों के 17 शिक्षक-शिक्षिकाएं सेवा से निवृत्त हो रहे हैं। विभाग द्वारा 16 शिक्षकों के देयक की फाइल संस्तुति के साथ प्रयागराज को भेजी जा चुकी है। एक शिक्षक की पत्रावलियों कार्यालय न पहुंचने से देर हो रही है। सेवानिवृत्त शिक्षकों को समय पर देयक दिलाने के लिए संगठन का एक दल प्रयागराज उप शिक्षा निदेशक से मुलाकात भी की जा चुकी है।

कक्षाओं के शुरू होने को लेकर संशय

परिषदीय स्कूलों में होली से पहले ही करीब एक सप्ताह का अवकाश हो गया था। कक्षा एक से आठ तक के छात्र-छात्राओं की छुट्टी कर दी गई थी। आदेश में पहली अप्रैल से नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत होने की बात भी कही गई है। सभी छात्र-छात्राओं को प्रमोट करने का आदेश महानिदेशक ने भेजा था। लेकिन कोरोना वायरस बढ़ रहा है, इसको लेकर कक्षाएं शुरू होने पर संशय की स्थिति है। बीएसए ने बताया कि नया कोई आदेश नहीं आया है। पुराने में ही अप्रैल से शैक्षिक सत्र शुरू होने का जिक्र है।

Wednesday, March 24, 2021

फतेहपुर : आठ माह में खुले, 23 दिन में फिर बंद, कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते 31 मार्च तक के लिए बंद किए गए स्कूल

फतेहपुर : आठ माह में खुले, 23 दिन में फिर बंद, कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते 31 मार्च तक के लिए बंद किए गए स्कूल

फतेहपुर : कोरोना संक्रमण बढ़ने से 23 दिन बाद स्कूल फिर बंद हो गए हैं। हालांकि अभी स्कूल 31 मार्च तक के लिए ही बंद हुए हैं, लेकिन स्कूल अप्रैल में खुलने को लेकर फिर संशय पैदा हो रहा है।


जिले में 2650 परिषदीय स्कूल, 112 एडेड, 254 निजी स्कूलों में तीन लाख 26 हजार बच्चे कक्षा एक से लेकर आठ तक पंजीकृत हैं। इनमें एडेड और परिषदीय स्कूलों में पंजीकृत दो लाख 54 हजार बच्चों को दोपहर का भोजन स्कूलों में देने का व्यवस्था लागू है। यह सभी स्कूल आठ महीने बंद रहने के बाद खुले थे। इनमें कक्षा छह से आठ तक की कक्षाएं 15 फरवरी और कक्षा एक से पांच तक की कक्षाएं पहली मार्च से प्रारंभ हुई थीं। प्राथमिक स्कूल तो मात्र 23 दिन खुलने के बाद कोरोना की दहशत के कारण बंद कर दिए गए हैं कक्षा छह से आठ तक स्कूल 48 दिन ही खुले हैं। शासन ने बुधवार से कक्षा एक से आठ तक के सभी स्कूल 31 मार्च तक के लिए बंद कर दिया है ऐसे में बुधवार से इन सभी स्कूलों में एक बार फिर ताला लग गया है।

फिलहाल स्कूल 31 मार्च तक के लिए बंद किए गए हैं। अगर शासन दूसरा कोई आदेश जारी नहीं करता है, तो तय अवधि के बाद स्कूल खोल दिए जाएंगे। अगर स्कूल बंद रखने का निर्देश होते हैं, आदेश का पालन कराना उनका दायित्व है। -शिवेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए

परीक्षा कराने की छूट अन्य सभी शिक्षण संस्थाएं बंद रहेंगी

शासन से जारी गाइड लाइन में सिर्फ छात्र-छात्राओं की परीक्षा कराने के लिए स्कूल खोलने की छूट मिली है। जिन स्कूलों में कक्षा नौ और 11 की वार्षिक परीक्षाएं चल रही हैं, वह स्कूल कोविड़ 19 के प्रोटोकाल का पालन करते हुए परीक्षाएं कराएंगे। इनके अलावा सभी माध्यमिक और उच्च शिक्षण संस्थाएं, तकनीकी शिक्षण संस्थानों के कार्यालय तो खुलेंगे, लेकिन छात्र-छात्राएं 31 मार्च तक स्कूल नहीं आएंगे। इसके आगे स्कूल खोलने या बंद रखने की गाइड लाइन बाद में जारी होगी। डीआईओएस महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया जिन स्कूलों में परीक्षाएं चल रही हैं, उनको स्कूल खोलने की छूट दी गई है। अन्य सभी शिक्षण और तकनीकी शिक्षण संस्थाएं 31 मार्च तक बंद रहेंगे।

Monday, March 22, 2021

फ़तेहपुर : कक्षा 1 से 8 तक वार्षिक परीक्षाफल मूल्यांकन व्यवस्था के सम्बंध में दिशा निर्देश जारी

फ़तेहपुर : कक्षा 1 से 8 तक वार्षिक परीक्षाफल मूल्यांकन व्यवस्था के सम्बंध में दिशा निर्देश जारी 



फतेहपुर : सैकड़ों शिक्षकों को पगार का इंतजार, पटल प्रभारी को भी दी थी 15 दिन की डेडलाइन, सत्यापन की स्थिति पर सर्वाधिक पेंच

फतेहपुर : सैकड़ों शिक्षकों को पगार का इंतजार, पटल प्रभारी को भी दी थी 15 दिन की डेडलाइन, सत्यापन की स्थिति पर सर्वाधिक पेंच

फतेहपुर : जिले में परिषदीय शिक्षकों को अब भी अपने नियमित एवं अवशेष वेतन का बेसब्री से इंतजार है। हालात यह हैं कि तमाम ऐसे शिक्षक भी हैं जिन्हें करीब सात साल की नौकरी के बाद भी अपना बकाया वेतन नहीं मिल सका है। प्राशिसं ने तमाम ज्ञापन भी सौंपे लेकिन उनका अब तक असर नहीं दिखाई पड़ा है। डीएम के निर्देशपर सत्यापन पटल प्रभारी को दी गई डेडलाइन कल समाप्त हो रही है।


जिले में अन्तर्जनदीय स्थानान्तरण से आए शिक्षकों को पदस्थापित हुए करीब एक माह बीत चुका है लेकिन जिले में उनके वेतन भुगतान के बारे में कोई सटीक सूचना नहीं मिल रही है। जिससे होली बेरंग गुजरने के आसार हैं। 41556 सहायक शिक्षक भर्ती के अन्तर्गत कई शिक्षकों को नियमित एवं एक हजार से अधिक शिक्षकों को अपने अवशेष वेतन का इंतजार है। 15 हजार, 16448 और 12460 के करीब दो सौ शिक्षकों को अवशेष वेतन नहीं मिल सका है।

पटल प्रभारी को दी थी 15 दिन की डेडलाइन

बीते 6 मार्च को मुख्यालय बीईओ ने पटल प्रभारी को निर्देशित किया था कि संघ व बीएसए के मध्य हुई वार्ता को देखते हुए 15 दिनों के भीतर कार्य को शीर्ष प्राथमिकता देते हुए पूरा कराया जाए। कल यह डेडलाइन समाप्त हो रही है। सैकड़ों शिक्षकों की निगाहें बीएसए आफिस को ताक रही हैं। | शिक्षकों की होली में रंग भरने का दारोमदार बीएसए कार्यालय पर है।


सत्यापन की स्थिति पर सर्वाधिक पेंच

सूत्र बताते हैं कि नवनियुक्त शिक्षकों में सत्यापन की स्थिति अस्पष्ट होने से सबसे अधिक रोष है। शिक्षकों को यही नहीं पता है कि उनके अब तक कितने सत्यापन विभाग द्वारा कराए जा चुके हैं। पटल प्रभारी भी शिक्षकों को संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे हैं। संघ ने अपनी तीन सूत्रीय मांगों में सत्यापन की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

बोले जिम्मेदार

यदि किसी टीचर की शिकायत हो जाए कि फर्जी शिक्षक है या अभिलेख में कमी है तो विभाग उसका सत्यापन एक सप्ताह में करा लेता है किन्तु दुर्भाग्य है कि शिक्षकों का हक दिलाने के लिए विभाग कई साल बाद भी सत्यापन नहीं करा सका है।

विजय त्रिपाठी, जिला मंत्री प्राशिसं फतेहपुर


Tuesday, March 9, 2021

फतेहपुर : सात कस्तूरबा विद्यालयों में बनेंगी कंप्यूटर लैब, लैब में होंगे तीन-तीन कंप्यूटर, विद्यालय के लिए जारी की गई धनराशि

फतेहपुर : सात कस्तूरबा विद्यालयों में बनेंगी कंप्यूटर लैब, लैब में होंगे तीन-तीन कंप्यूटर, विद्यालय के लिए जारी की गई धनराशि

फतेहपुर :  जिले के सात कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में कंप्यूटर लैब खोली जाएंगी। 700 बालिकाओं को इसका सीधा लाभ मिलेगा। शासन ने चयनीत इन सातों विद्यालयों में तीन-तीन कंप्यूटर खरीदने के एक-एक लाख रुपये का बजट आवंटित किया है।


महिला शिक्षा में पिछड़े 10 ब्लाकों में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित हैं। इनमें से सात में कंप्यूटर लैब खोलने की स्वीकृति मिली है। इन विद्यालयों में रहने, खाने, कापी, किताब आदि की निःशुल्क व्यवस्था है। इन सभी विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षकों की तैनाती है, जो सिर्फ किताब से कंप्यूटर की पढ़ाई करा रहे हैं। कंप्यूटर न होने के कारण प्रयोगात्मक कक्षाएं नहीं चल पा रही हैं।

शासन ने पहले चरण में जिले के सात कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में कंप्यूटर लैब के लिए एक-एक लाख की धनराशि भेजी है। इन विद्यालयों में असोथर, बहुआ, हथगाम, हसवा, भिटौरा, मलवां, तेलियानी के कस्तूरबा विद्यालय शामिल हैं। दूसरे चरण में धाता, विजयीपुर, ऐरायां में कंप्यूटर लैब स्थापित की जाएंगी। यह कंप्यूटर सिर्फ बालिकाओं की प्रयोगात्मक कक्षाएं चलाने के लिए हैं। आफिस काम के लिए सभी विद्यालयों में पहले से ही एक-एक कंप्यूटर की व्यवस्था है।

कंप्यूटर खरीद के लिए पत्रावली अनुमोदन के लिए डीएम के यहां भेजी गई हैं। अनुमोदन के बाद  जेम पोर्टल से खरीद की जाएगी। चालू महीने के अंत तक खरीद कर ली जाएगी। - शिवेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए।

Monday, March 8, 2021

फतेहपुर : बदहाली से जूझ रहे जिले के परिषदीय विद्यालय, कायाकल्प योजना के तहत नहीं कराए गए काम

फतेहपुर : बदहाली से जूझ रहे जिले के परिषदीय विद्यालय, कायाकल्प योजना के तहत नहीं कराए गए काम

फतेहपुर : कायाकल्प योजना का सच जिले में परिषदीय स्कूलों को देख कर लगाया जा सकता है। हालात ये हैं कि स्कूलों का कायाकल्प कराने में सिर्फ खानापूरी की गई है। लाखों का बजट खर्च होने के बावजूद स्कूलों में पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है। मरम्मत के अभाव में शौचालय खराब पड़े हैं, ऐसे में छात्र-छात्राओं को खुले में शौच जाना मजबूरी है।


देवमई ब्लाक के प्राथमिक स्कूल कपरिया ऊसर में कायाकल्प योजना से कुछ भी काम नहीं कराया गया है। यहाँ शौचालय खुले पड़े हैं, इनमें मिट्टी और ईंट के टुकड़े भरे हैं। स्कूल का हैंडपंप खराब है। स्कूल खुल गए हैं, लेकिन बच्चों को पीने का पानी घरों से लाना पड़ रहा है। एमडीएम बनाने के लिए रसोइया भी दूर स्थित हैंडपंप से पानी भर कर लाती हैं।

असोथर के प्राथमिक विद्यालय सरकंडी का शौचालय कंडम है। शौचालयों में पानी की व्यवस्था भी नहीं है स्कूल के एक भी कमरे में टाइल्स नहीं लगाए गए हैं। किसी भी विद्यालय में हैंडवास यूनिट नहीं है। अतिरिक्त कक्ष की बैठ गई फर्श : प्राथमिक विद्यालय सरकंडी में 2009-10 में बने अतिरिक्त कक्षा भवन की फर्श टूट गई है। दरवाजे खिड़की क्षतिग्रस्त हो गए हैं। रंगाई पुताई न होने के कारण कक्ष खंडहर होता जा रहा है।

अधूरे काम पूरा कराने के लिए खंड विकास अधिकारी को पत्र लिखा गया है। इसके साथ ही स्कूलों की स्थिति की बीईओ से रिपोर्ट मांगी गई है। - शिवेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए

बजट के अभाव से स्कूलों में अपेक्षा के मुताबिक काम नहीं हो पाया है, एक साल से सामुदायिक शौचालय बनवाने पर जोर था। अब ग्राम पंचायतों का कार्यकाल खत्म हो गया है - अजय आनंद सरोज, डीपीआरओ


Sunday, March 7, 2021

फतेहपुर : अंतर्जनपदीय स्थानान्तरण में कार्यरत शिक्षकों के अवशेष वेतन न मिलने पर नौ मार्च को देंगे धरना, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने बीएसए को सौंपा ज्ञापन

फतेहपुर : अंतर्जनपदीय स्थानान्तरण में कार्यरत शिक्षकों के अवशेष वेतन न मिलने पर नौ मार्च को देंगे धरना, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने बीएसए को सौंपा ज्ञापन।।

फतेहपुर : कल खत्म हो रही ‘डेडलाइन', अब संघ व विभाग पर शिक्षकों की निगाहें!, डीएम ने लिया मामले का संज्ञान, हरकत में आया विभाग

फतेहपुर : प्राथमिक शिक्षक संघ की पांच ब्लॉक इकाईयों द्वारा विभिन्न शिक्षक भर्तियों के अधीन सेवा में आए शिक्षकों के अवशेष वेतन भुगतान व सत्यापन को लेकर विभाग को दी गई डेडलाइन कल समाप्त हो रही है। ऐसे में शिक्षकों की निगाहें संघ व विभाग की ओर लगी हुई हैं। उधर मामले का संज्ञान लेते हुए डीएम ने बीएसए को जरूरी कदम उठाने क निर्देश दिए हैं। उधर मुख्यालय बीईओ ने शनिवार को पटल प्रभारी को एक पखवारे का समय देते हुए कार्यों को पूर्ण कराने के निर्देश जारी किए हैं।

मुख्यालय बीईओ ने पटल प्रभारी से कहा कि संघ व बीएसए के मध्य हुई वार्ता को देखते हुए 15 दिनों के भीतर कार्य को शीर्ष प्राथमिकता देते हुए पूरा कराया जाए। 12460, 15000, 16448 व 68500 शिक्षक भर्तियों के अधीन नवनियुक्त शिक्षकों के साथ अन्तर्जनपदीय शिक्षकों के अवशेष वेतन एवं सत्यापन के मामले को तूल पकड़ता देख बेसिक शिक्षा विभाग सक्रिय हुआ है। सत्यापन की स्पष्ट सूची एवं अवशेष वेतन भुगतान की मांग को पूरा करने के लिए असोथर, भिटौरा, खजुहा, हसवा एवं बहुआ ब्लॉक इकाईयों के अध्यक्षों द्वारा बीएसए को ज्ञापन देने के बाद दूसरे कई ब्लॉक अध्यक्षों ने समर्थन देने का ऐलान किया था।


सत्यापन की स्थिति पर सर्वाधिक पेंच

सूत्र बताते हैं कि नवनियुक्त शिक्षकों में सत्यापन की स्थिति अस्पष्ट होने से सबसे अधिक रोष है। शिक्षकों को यही नहीं पता है कि उनके अब तक कितने सत्यापन विभाग द्वारा कराए जा चुके हैं। पटल प्रभारी भी शिक्षकों को संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे हैं। संघ ने अपनी तीन सूत्रीय मांगों में सत्यापन की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

विभाग के साथ संघ की भी परीक्षा

अवशेष वेतन एवं सत्यापन का मामला जहां एक ओर विभाग के लिए सिरदर्द बन गया है तो वहीं संघ के लिए भी किसी परीक्षा से कम नहीं है। जानकार बताते हैं कि इस वक्त संघ के सामने पूरी तरह ‘एकजुट रहने के संदेश देने के साथ शिक्षकों के हित को सर्वोपरि रखने की भी चुनौती है।




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फतेहपुर : अवशेष वेतन को लेकर संघ ने म्यान से निकाली तलवारें, भर्तियों के तहत सेवारत शिक्षकों के वेतन बकाए का मामला

पांच ब्लॉक अध्यक्षों के समर्थन में आए दूसरे ब्लॉक अध्यक्ष

भर्तियों के तहत सेवारत शिक्षकों के वेतन बकाए का मामला


फतेहपुर : विभिन्न शिक्षक भर्तियों के अधीन सेवा में आए सैकड़ों परिषदीय शिक्षकों के वेतन बकाए का भुगतान एवं अभिलेखों के सत्यापन में हो रही देरी को लेकर आखिरकार प्राथमिक शिक्षक संघ की ब्लॉक इकाईयों ने विभाग के खिलाफ म्यान से तलवारें निकाल ली हैं। पांच ब्लॉक अध्यक्षों द्वारा बीएसए को ज्ञापन देने के बाद अब दूसरे ब्लॉक अध्यक्षों ने भी हुंकार भरी है। मांगे पूरी करने के लिए 8 मार्च तक का समय दिया गया है।


12460, 15000, 16448 व 68500 शिक्षक भर्तियों के अधीन नवनियुक्त शिक्षकों के साथ अन्तर्जनपदीय शिक्षकों के अवशेष वेतन एवं सत्यापन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सत्यापन की स्पष्ट सूची एवं अवशेष वेतन भुगतान की मांग को पूरा करने के लिए असोथर, भिटौरा, खजुहा, हसवा एवं बहुआ ब्लॉक इकाईयों के अध्यक्षों द्वारा बीएसए को ज्ञापन देने के बाद दूसरे कई ब्लॉक अध्यक्षों ने समर्थन देने का ऐलान किया है।

गर्मा गई है शिक्षक राजनीति

बीएसए को ज्ञापन देने के मामले में शिक्षक राजनीति गर्मा गई है। सूत्र बताते हैं कि ब्लॉक इकाईयों द्वारा ज्ञापन देना जिला इकाई को रास नहीं आया। सूत्र यह भी बताते हैं कि जिला इकाई का यह कहना है कि जब मामला डीएम के संज्ञान में है तो पहले उनके द्वारा दी गई डेडलाइन पूरी होने दी जाए। यदि फिर भी कार्य न हुआ तो धरना प्रदर्शन किया जाए। सूत्रों ने यह भी बताया कि ब्लॉक इकाईयों द्वारा जिला इकाई को विश्वास में लिए बिना ज्ञापन देने के कदम से संघ में 'अविश्वास' एवं ' श्रेय लेने की होड़' जैसी शब्दावली भी उभर कर सामने आ रही है।







फतेहपुर : अंतरजनपदीय स्थानांतरण में शिक्षकों के अवशेष वेतन आदेश निर्गत न करने के मामले में बुधवार उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने नाराजगी जाहिर की। बीएसए को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी न हुई तो नौ मार्च को धरना दिया जाएगा।


बीएसएस शिवेंद्र प्रताप सिंह को ज्ञापन सौंपते उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारी।

उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ अध्यक्ष अनुराग कुमार मिश्र की अगुवाई में एक प्रतिनिधि मंडल बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह से मिला। अध्यक्ष ने कहा कि जिले में 2000 शिक्षकों के सत्यापन में खेल हो रहा है। कार्यालय को सत्यापन संबंधी प्रपत्र मिल जाने के बावजूद अभी तक इन पर काम नहीं हो रहा है। मंत्री दिनेश कुमार प्रजापति ने बैचवार/भर्तीवार सूची कार्यालय के सूचना पट्ट पर चस्पा करने की मांग की। उन्होंने सत्यापन हासिल करने वालों की सूची निर्गत करने की भी मांग की है।

स्कूलों के अधूरे कामों को 10 दिन में पूरा कराएं

फतेहपुर : कलक्ट्रेट के गांधी सभागार में जिला शिक्षा एवं अनुश्रवण समिति की बैठक हुई। इसमें मिशन कायाकल्प योजना से कराए गए कामों की समीक्षा की गई। जिन स्कूलों के कार्य अधूरे हैं, उनको 10 दिन के अंदर पूरा कराने के निर्देश दिए गए। जिला शिक्षा एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में स्कूल में शौचालय, मूत्रालय, रैंप, पेयजल, विद्युतीकरण, श्यामपट्ट, रंगाई पुताई, विद्युत वायरिंग, टाइल्स लगाने, हैंडवासिंग के कामों की समीक्षा हुई। डीएम अपूर्वा दुबे ने बीईओ को निर्देश दिए कि अधूरे कामों को पूरा करा करके शून्य कराएं। (संवाद)

Wednesday, March 3, 2021

फतेहपुर : स्कूल खुलने के बाद भी चलती रहेगी ई-पाठशाला, हर सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को जारी होगी शैक्षिक सामग्री, दूरदर्शन पर भी प्रसारण रहेगा जारी, अपर मुख्य सचिव का फरमान

फतेहपुर : स्कूल खुलने के बाद भी चलती रहेगी ई-पाठशाला, हर सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को जारी होगी शैक्षिक सामग्री, दूरदर्शन पर भी प्रसारण रहेगा जारी, अपर मुख्य सचिव का फरमान

फतेहपुर : कक्षा एक से आठ तक के स्कूल शासन के निर्देश परखोल दिए गए हैं। बावजूद इसके मिशन प्रेरणा की ई-पाठशाला चलती रहेगी। अपरमुख्य सचिव रेणुका कुमार ने निर्देश दिया है कि कक्षा एवं विषयवार शैक्षिक सामग्री सप्ताह के प्रत्येक सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को व्हाटस ऐप ग्रुप से साझा कर बच्चों को अभ्यास करने व प्रश्नों का उत्तर देने के लिए प्रेरित किया जाए। दूरदर्शन के जरिए भी प्रसारण जारी रहेगा । विद्यार्थियों को जुड़े रहने के लिए भी कहा जाए।


बेसिक शिक्षाधिकारी शिवेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि शासन की मंशा है कि बच्चों की पढ़ाई में कोई अवरोधन आए। हम सब भी इसके लिए प्रयासरत हैं। राज्य स्तर से प्रेषित शैक्षिक सामग्री के अतिरिक्त शिक्षक भी मासिक पंचांग के अनुसार शैक्षणिक सामग्री बच्चों को उपलब्ध कराएंगे। उसके अध्ययन के बाद बच्चों को उस अध्ययन सामग्री में पूछे गए प्रश्नों का भी उत्तर देना होगा। इसके लिए शिक्षक अपने स्तर से भी सवाल पूछ सकेंगे।

इन दिनों में जारी होगी शैक्षिक सामग्री : बच्चों को ई-पाठशाला के तहत पढ़ाई जारी रखने के लिए सम्बंधित ऐप में सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को वाट्सएप ग्रुप से साझा की जाएगी। जिसमें कक्षा एक से आठ तक की शैक्षिक सामग्री शामिल रहेगी। दीक्षा ऐप डाउनलोड कर बच्चों को पढ़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। ऐप पर उपलब्ध करीब 4000 आडियो विजुअल शिक्षण सामग्री को पाठ्य पुस्तक में दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर पढ़ सकेंगे।

बच्चों को दी गई निःशुल्क पुस्तक : पठन पाठन व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए निःशुल्क पुस्तक व अभ्यास पुस्तिका बच्चों को बांटी जा चुकी हैं। उसके आधारपर ही दूरदर्शन से वीडियो प्रसारित हो रहे हैं। अभिभावकों से कहा है कि बच्चों को अनिवार्य रूप से शैक्षणिक कार्यक्रम दिखाएं। शैक्षणिक सामग्री और वीडियो वाट्सएप ग्रुप पर पहले की तरह भेजते रहेंगे। शिक्षकों और अभिभावकों के बीच संवाद भी जारी रखना है । बच्चों की प्रगति के बारे में भी समय समय पर रिपोर्ट देने की प्रक्रिया भी चलती रहेगी।

फतेहपुर : कक्षा दो और चार के बच्चों को न दूध, न फल, कक्षा एक और पांच के ही बच्चों को मिलेंगे फल, कक्षा तीन के बच्चों को मिलेगा सिर्फ दूध

फतेहपुर : समय सारणी ने एमडीएम का बिगाड़ा खेल, सोमवार को फल व बुधवार को होता है दूध का वितरण, छात्र नहीं हो रहे लाभांवित

फतेहपुर : बेसिक शिक्षा के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में कक्षा और दिनवार संचालन से छात्रों के निवाले पर असर पड़ रहा है। एमडीएम के भोजन के साथ ही दूध और फल वितरण से सभी छात्र लाभावित नहीं हो पा रहे हैं।




सप्ताह के छह दिनों में भोजन और दो दिन दूध और फल वितरण की योजना में राजकीय, सवित्त, परिषदीय और  कक्षा आठ तक के छात्र छात्राओं के लिए लागू है। योजना मान्यता प्राप्त मदरसों के छात्रों को सप्ताह के छह दिन विद्यालय में मेन्यू के अनुसार अलग-अलग तरीके का गर्मागर्म भोजन बनाकर रसोइयों के द्वारा परोसा जाता है। रविवार को छोड़कर प्रतिदिन छात्रों को भोजन के साथ ही सोमवार को फल और बुधवार को दूध वितरित किया जाता है। परिषदीय स्कूलों के संचालन का जो कैलेंडर बनाया गया है उससे एमडीएम योजना के उद्देश्यों को झटका लग रहा है। शासन की नीति के अनुसार संचालित हो रहे स्कूलों को समस्या ने जकड़ रखा है। स्थानीय स्तर पर आवाज उठाने के बाद भी कोई रास्ता नहीं निकल पा रहा है।



एमडीएम वितरण का चार्ट : सोमवार को भोजन तथा फल वितरण । कुधवार को भोजन तथा दूध वितरण।मंगलवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार को केवल भोजन वितरण।

स्कूल बंदी में मिला था राशन खाते में भेजा गया था धन

करोना संक्रमण के चलते 11 माह स्कूल में तालाढंदी रही है। ऐसे में शासन ने वितरण योजना का स्वरूप बदल दिया था। प्रति छात्र के लिए निर्धारित मानक के अनुसार राशन कोटेदार के द्वारा बच्चों को दिलाया गया था इसके आलावा कन्वर्जन कास्ट बैंक खातों में भेजी गई थी। अड़ अभिभावकों में नाराजगी है। कि शासन ने बिना सोचे समझे संचालन की योजना बना डाली है। संचालन के साथ ही सभी बच्चों को लाभावित करने का प्लान बनाना चाहिए।

एमडीएम वितरण में दिक्कतें दर्ज कराई गई हैं। इन दिक्कतों को लेकर निस्तारण के लिए  अभी तक कोई निर्देश नहीं आया है। अगर कोई निर्देश आता है तो उसका भी पालन करवाया जाएगा। एमडीएम के भोजन और दूध तथा फल वितरण को लेकर शासन में बात रखी जाएगी।

शिवेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए

लालच में स्कूल पहुंचते छात्र मास्साब होते असहज

एमडीएम के भोजन और फल दूध के वितरण के लालच में जिस दिन स्कूल नहीं जाना है उस दिन भी छात्र पहुंच जाते हैं। ऐसे में मास्साब असहज हो जाते हैं। भोजन और दूध, फल के लालच में आए छोटे से बच्चे को स्कूल से वापस कर दें या फिर वितरण में शामिल करें इसी उधेड़बुन में रहते हैं।








फतेहपुर : कक्षा दो और चार के बच्चों को न दूध, न फल, कक्षा एक और पांच के ही बच्चों को मिलेंगे फल, कक्षा तीन के बच्चों को मिलेगा सिर्फ दूध

फतेहपुर :  प्राथमिक स्कूल खुलने के साथ बड़ी संख्या में बच्चे फल और दूध की व्यवस्था से दूर रहेंगे। बच्चों को बुलाने के लिए कक्षावार जो दिन निर्धारित किए गए हैं उसके हिसाब से कक्षा दो और चार के बच्चों को फल और दूध से वंचित रखना होगा। जबकि कक्षा एक और पांच के बच्चों को फल और कक्षा तीन के बच्चों को दूध मिल सकेगा। जिले में 1.54 लाख बच्चे कक्षा एक से पांच तक की कक्षाओं में पढ़ रहे हैं ।


एडेड और परिषदीय विद्यालय में सोमवार को एक मौसमी फल और बुधवार को 150 मिली लीटर चीनीयुक्त दूध देने का प्रावधान है। पहली मार्च से खुले कक्षा एक से पांच तक के स्कूलों में तय गाइड लाइन के अनुसार ही बच्चों को स्कूल आने की व्यवस्था लागू की गई है। फल वितरण के के लिए सोमवार का दिन निर्धारित है, इस दिन कक्षा एक और पांच के सिर्फ 50 प्रतिशत बच्चे स्कूल बुलाए गए हैं। इसी तरह बुधवार को दूध दिया जाएगा और इस दिन सिर्फ कक्षा तीन में पढ़ने वाले 50 प्रतिशत बच्चे स्कूल आएंगे। अन्य बच्चों को दूध और फल की सुविधा से वंचित होना पड़ेगा। डीसी एमडीएम आशीष दीक्षित का कहना है कि तय गाइड लाइन के अनुसार ही बच्चे स्कूल बुलाए जा रहे हैं। जो बच्चे स्कूल में होंगे उन्हें तो योजना का लाभ मिलेगा फल और दूध वितरण का दिन पूर्व निर्धारित ही लागू रहेगा।

Monday, March 1, 2021

फतेहपुर : पारस्परिक अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के क्रम में कार्यमुक्ति से संबंधित आदेश निर्देश जारी, आवश्यक और अधिकृत प्रपत्र भी करें डाउनलोड

फतेहपुर : पारस्परिक अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के क्रम में कार्यमुक्ति से संबंधित आदेश निर्देश जारी, आवश्यक और अधिकृत प्रपत्र भी करें डाउनलोड

Sunday, February 28, 2021

फतेहपुर : विद्यालयों में शिक्षण कार्य पुनः आरम्भ किए जाने के अवसर पर विद्यालय स्तर पर उत्सव आयोजित करने के सम्बन्ध में

फतेहपुर : विद्यालयों में शिक्षण कार्य पुनः आरम्भ किए जाने के अवसर पर विद्यालय स्तर पर उत्सव आयोजित करने के सम्बन्ध में।

फतेहपुर : बच्चों के स्वागत में सजाए जाएंगे विद्यालय, कुछ इस तरह से चलेंगी कक्षाएं

फतेहपुर : जूनियर स्तर की कक्षाओं के संचालन के बाद अब प्राथमिक स्तर की कक्षाओं का कल यानि सोमवार से संचालन किया जाएगा। जिसमें कक्षा एक से पांच तक के छात्र-छात्राओं की पढ़ाई भी शुरू हो जाएगी। नौनिहाल अपने- अपने स्कूलों में जाएंगे । पहले दिन बच्चों के स्वागत के लिए परिषदीय विद्यालयों को गुब्बारों से सजाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। जनपद में 1381 प्राथमिक स्कूल हैं, जिसमें करीब सवा लाख नौनिहाल पंजीकृत हैं।


शासन ने सूबे के सभी प्राथमिक स्कूलों में कक्षा एक से पांच तक के बच्चों की पढ़ाई शुरू करने के लिए एक मार्च का आदेश जारी किया है। सभी प्राथमिक स्तर के स्कूलों में छात्र-छात्राएं पढ़ाए जाएंगे कक्षाएं शुरू करने से पहले कोविड-19 के सभी नियमों का पालन करने को कहा गया है । साफ - सफाई के निर्देश दिए गए हैं।

सेनेटाइजर व मास्क रखने होंगे। स्कूलों में बच्चों की हाजिरी व सहमति पत्र को लेकर अभिभावकों को जागरूक किया जा रहा है। शिक्षक- शिक्षिकाएं भी गांव-गांव जाकर अभिभावकों को जागरुक करते हुए बच्चों को विद्यालय भेजने के लिए सहमति पत्र भरा रहे हैं।

आंकड़ों पर एक नजर...

1381-  कुल प्राथमिक विद्यालय
 
125094 -  पंजीकृत कुल छा-छात्राएं

कुछ इस तरह से चलेंगी कक्षाएं

कक्षा- 1 और 5  -सोमवार, गुरुवार।

कक्षा- 2 और 4  -मंगलवार, शुक्रवार।

कक्षा 3  -बुधवार, शनिवार।

तैयारी...

रोली टीका के साथ पहले दिन बच्चों का होगा स्वागत

दोआबा के 1381 प्राथमिक स्कूलों में पढ़ाई की तैयारी शुरू

छोटे बच्चों को मास्क लगाने की चुनौती

कक्षा एक, दो व तीन में पढ़ने वाले बच्चों की उम्र छह से नौ साल के बीच होती है। ऐसे में मास्क लगाकर पढ़ाई कराना बड़ा चुनौती होगी। अब लोगों के पास मास्क भी नहीं हैं। इसको लेकर अभिभावक थोड़ा सा चिंतित नजर आ रहे हैं। हालांकि अलग अलग दिनों में कक्षाएं लगने से बच्चे कम ही विद्यालय में उपस्थित रहेंगे।

कोरोना संक्रमण को लेकर बच्चों को दूर -दूर बिठाया जाएगा। साफ - सफाई के निर्देश दे दिए गए हैं। शासनादेश के तहत पहली मार्च से प्राथमिक स्कूलों में कक्षाएं शुरू कर दी जाएंगी। पहले दिन बच्चों के उत्साहवर्धन के लिए विद्यालयों को सजाया जा रहा है। साथ ही बच्चों का रोली टीका लगाया जाएगा।

-शिवेन्द्र प्रताप सिंह, बीएसए



फतेहपुर : प्राइमरी की कक्षाओं से आज गुलजार हो जाएंगे विद्यालय, दिनवार छात्रों के स्कूल आने की बनाई गई व्यवस्था


प्राइमरी कक्षाओं का दिनवार संचालन

दिन एवं कक्षाएं

सोमवार, गुरुवार --- 1 व 5
मंगलवार, शुक्रवार ---- 2 व 4
बुधवार और शनिवार---- 3


जूनियर कक्षाओं का दिनवार संचालन

दिन एवं कक्षाएं

सोमवार, गुरुवार ----- 6
मंगलवार, शुक्रवार----- 7
बुधवार और शनिवार ----- 8

फतेहपुर : कोरोना संक्रमण के चलते बंद हुए परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों का 10 फरवरी को शुरू कराया जा चुका है, जबकि सोमवार से प्राइमरी कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। 11 माह बाद पहुंच रहे प्राइमरी के छात्रों की हौसला अफजाई के लिए गुरुजनों को अपने स्तर से कार्यक्रम करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिले में संचालित 1903 प्राथमिक और 747 उच्च प्राथमिक विद्यालय सोमवार को गुलजार हो जाएंगे। इसके लिए विभाग ने कमर कस ली है। लंबे समय से सीधी कक्षाओं से दूर रहे बच्चो को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निर्देश दिए गए है। बच्चों में तनाव न आए और उनमें विद्यालय के प्रति जुड़ाव पैदा करने के लिए खेल, अंत्याक्षरी, कहानी जैसे आयोजन दिए जाने पर जोर दिया गया है। 

एमडीएम परोसने का निर्देश : बीएसए ने 10 फरवरी के बाद पहली मार्च से खुल रहे स्कूलों में एमडीएम योजना को संचालित करने के लिए खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देशित किया है। उन्होंने कहाकि सभी प्रधानाध्यापकों को पर्याप्त खाद्यान और कन्वर्जन कास्ट तथा रसोइयों को मानदेय भेजा जा चुका है। निर्धारित मेन्यू के अनुसार बच्चों को पका पकाया और पौष्टिकता से भरा भोजन दिया जाए।

लंबी अवधि के बाद बच्चे स्कूल पहुंचेंगे। ऐसे में बच्चों का फूल देकर स्वागत, रोली चंदन आदि कार्यक्रम खुद अपने स्तर से शिक्षक शिक्षिकाएं करेंगे। ऑनलाइन पठन पाठन को आधार बनाकर पढ़ाई करवाई जाए। एमडीएम, जूता, मोजा, बैग आदि पर जोर दिया जाए। 

शिवेंद्र प्रताप सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी

फतेहपुर : आरटीई के तहत प्रवेश के लिए दो मार्च से करें ऑनलाइन आवेदन

फतेहपुर : आरटीई के तहत प्रवेश के लिए दो मार्च से करें ऑनलाइन आवेदन

फतेहपुर : निशुल्क शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत निजी विद्यालयों में दाखिले के लिए आवेदन की प्रक्रिया 2 मार्च से शुरू होगी। पहला चरण में 25 मार्च तक आनलाइन आवेदन लिए जाएंगे। उसके बाद दो चरण और होंगे जिसमें दाखिले की प्रक्रिया होगी। अभिभावक आरटीई पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। किन्हीं कारणों से जो ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकते उनसे ऑफलाइन आवेदन लिए जाएंगे। जिनको फीड करने का जिम्मा खंड शिक्षाधिकारियों को दिया गया है।


सत्र 2021-22 में दाखिले के लिए प्रथम चरण में आवेदन प्रक्रिया 2 से 25 मार्च तक होगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा आवेदनों का सत्यापन 26 से 28 मार्च तक किया जाएगा। लॉटरी 30 मार्च को निकाली जाएगी और 5 मार्च तक चयनित बच्चों को निजी विद्यालयों में दाखिला कराया जाएगा। वहीं, दूसरे चरण की आवेदन प्रक्रिया एक से 23 अप्रैल तक होगी। 24 से 26 अप्रैल तक आवेदनों का सत्यापन, 28 अप्रैल को लॉटरी और 5 मई तक चयनित बच्चों को दाखिला दिलाना होगा। तीसरे और अंतिम चरण में दाखिले के लिए आवेदन प्रक्रिया 29 अप्रैल से 10 जून तक होगी। 11 से 13 जून तक आवेदनों का सत्यापन, 15 जून को लॉटरी और 30 जून तक बच्चों को दाखिला दिलाना होगा। ऑफलाइन आवेदन करने की अंतिम दिन तिथि ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि के पांच दिन पहले की मानी जाएगी।

Sunday, February 21, 2021

फतेहपुर : शिक्षक संगठन तमाम; पर लटके हैं बेसिक शिक्षकों के कई काम

फतेहपुर : शिक्षक संगठन तमाम; पर लटके हैं बेसिक शिक्षकों के कई काम


नहीं हो रहे अब भी यह काम

▪️एक दशक बाद भी प्राथमिक सहायक शिक्षकों का प्रमोशन नहीं

▪️सैकड़ों शिक्षकों का वेतन बकाया अब भी बांकी शैक्षिक अभिलेखों के सत्यापन में नहीं दिखी तेजी। 

▪️प्रत्येक माह शिक्षकों को नहीं दी जाती वेतन पर्ची

▪️पेंशन, जीपीएफ एवं एनपीएस सम्बन्धी समस्याएं भी बरकरार 

▪️संख्या बल अधिक होने के बावजूद माशिसं से कमतर है बेसिक संघ 

▪️परिषदीय शिक्षकों को विधान परिषद में प्रतिनिधित्व की मांग

फतेहपुर : जिले में यूं तो शिक्षकों के कई संगठन हैं लेकिन शिक्षकों की समस्याएं विभिन्न मसलों पर जस की तस बनी हुई हैं। वेतन, एरियर, प्रमोशन जैसे कई मामलों पर संगठन शिक्षकों की मांग को पूरी नहीं करा सकें। सूत्र बताते हैं कि ये संगठन शिक्षकों की समस्याओं को लड़ने की बजाए अपने वर्चस्व की जंग लड़ते हैं।


जिले में इस समय प्राथमिक शिक्षक संघ के अलावा जूनियर संघ, अटेवा संघ, और राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ जैसे शिक्षक संगठन हैं जो बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन सेवारत शिक्षकों की समस्याओं के लिए संघर्ष करने का जिम्मा संभाले हुए हैं। अटेवा ने पुरानी पेंशन के लिए जंग छेड़ी है तो वहीं दूसरे संगठन भी स्थानीय स्तर पर वेतन और एरियर के लिए संघर्ष का दावा कर रहे हैं। पिछली शिक्षक भर्तियों के अधीन सेवारत शिक्षकों का वेतन बकाया न मिलना, ससमय सत्यापन न होना और दशक बीतने के बावजूद प्राथमिक सहायक शिक्षकों का प्रमोशन न होना संगठनों को कटघरे में खड़ा कर रहा है।

ज्ञापनों का नहीं मिल सका अब तक फायदा : बीते समय में शिक्षक संगठनों ने अधिकारियों को कई ज्ञापन सौंपे है लेकिन धरातल पर इसका लाभ होता नहीं दिख रहा है।

Saturday, February 20, 2021

फतेहपुर : 70 कम्पोजिट विद्यालय होंगे हाईटेक, सुधरेगी हालत, बनेंगी विद्यालयों में लैब

फतेहपुर : 70 कम्पोजिट विद्यालय होंगे हाईटेक, सुधरेगी हालत, बनेंगी विद्यालयों में लैब

फतेहपुर :  जिले के 70 कंपोजिट विद्यालय हाईटेक होंगे। कक्षा तीन से आठ तक न्यूनतम 180 छात्र संख्या वाले कंपोजिट विद्यालयों का पायलट प्रोजेक्ट के तहत चयन होगा। इनमें गणित, विज्ञान और भाषा की पढ़ाई के लिए विशेष लैब बनाए जाएंगे। बेसिक शिक्षा विभाग ने विद्यालयों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नीति आयोग ने कक्षा तीन से आठ का शैक्षिक स्तर सुधारने के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत काम शुरू किया है। इसके लिए देशभर में कुल 10 जिलों का चयन हुआ है। इनमें से छह जिले उत्तर प्रदेश के हैं, जिनमें फतेहपुर भी शामिल है। योजना के तहत कक्षा तीन से आठ तक के छात्र-छात्राओं को गणित, विज्ञान और भाषा की विशेष पढ़ाई की व्यवस्था की जानी है। इसके लिए चयनित 70 कंपोजिट विद्यालयों में इन विषयों की लैब स्थापित की जाएगी।


नीति आयोग का पत्र आते ही बेसिक शिक्षा विभाग ने तय मानक के अनुरूप कंपोजिट विद्यालयों का चयन प्रारंभ कर दिया है। इसमें ऐसे स्कूलों का चयन किया जाना है, जिनमें कक्षा तीन से आठ तक की न्यूनतम छात्र संख्या 180 से कम न हो। साथ ही आठ शिक्षकों की तैनाती हो। स्कूलों का चयन कर नीति आयोग को भेजा जाना है। मार्च के बाद चयनित स्कूलों में काम शुरू हो जाएगा।

बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि परिषदीय स्कूलों में गणित, विज्ञान और भाषा की शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए नीति आयोग ने काम प्रारंभ कर दिया है। आयोग की मांग के अनुरूप जिले में 70 कंपोजिट विद्यालयों के चयन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।



क्या हैं कंपोजिट विद्यालय

फतेहपुर : बेसिक शिक्षा विभाग ने एक परिसर में संचालित एक से अधिक विद्यालयों का अलग-अलग अस्तित्व समाप्त करके उनका विलय कर कंपोजिट विद्यालय बना दिया है। इनमें कक्षा एक से लेकर आठ तक की कक्षाएं संचालित होती हैं। सिर्फ एक प्रधानाध्यापक और शेष सभी सहायक अध्यापक होते हैं।

Friday, February 19, 2021

फतेहपुर : सात ब्लाकों में 62 स्कूल कंडम, 33 ढहाए गए, छह ब्लाकों की सत्यापन सूची आना शेष

फतेहपुर : सात ब्लाकों में 62 स्कूल कंडम, 33 ढहाए गए, छह ब्लाकों की सत्यापन सूची आना शेष

फतेहपुर : बेसिक शिक्षा विभाग जर्जर स्कूलों को कंडम घोषित कराने की तैयारियों में जुटा है। चिह्नित 279 स्कूलों का सत्यापन तकनीकी कमेटी से कराने का काम जारी है। अब तक सात ब्लाकों से आई सूची में 62 स्कूल कंडम घोषित किए गए हैं। इनमें 33 भवनों को ढहाया जा चुका हैं।


बेसिक शिक्षा विभाग ने जिलेभर के कुल 2650 परिषदीय स्कूलों में 278 स्कूल भवन जर्जर चिहित किए थे। यह सूची जिला तकनीकी कमेटी को सत्यापन के लिए डीएम के माध्यम से सौंपी गई थी। कमेटी ने अब तक तेलियानी, मलवां, अमौली, देवमई, असोथर, विजयीपुर, धाता ब्लाकों के 62 स्कूल भवनों को कंडम घोषित कर सूची बीएसए को सौंपी है। बेसिक शिक्षा विभाग ने इन भवनों को नीलाम कर दिया है। नीलाम स्कूलों में 33 भवन ढहा दिए गए हैं इनका मलबा उठाया जा रहा है। 29 स्कूल भवन चालू महीने के अंत तक ढहा दिए जाएंगे। खास बात यह है कि कंडम स्कूल भवन ढहाए तो जा रहे हैं, लेकिन यहां पढ़ने वाले बच्चे कहां बैठाकर पढ़ाए जाएंगे, इसके लिए विभाग के पास कोई ठोस जवाब नहीं है।

Tuesday, February 16, 2021

फतेहपुर : प्रेरणा ज्ञानोत्सव मनाएगा बेसिक शिक्षा विभाग

फतेहपुर : प्रेरणा ज्ञानोत्सव मनाएगा बेसिक शिक्षा विभाग

फतेहपुर : एससीईआरटी सहायक निदेशक ने सोमवार को तेलियानी और हसवा ब्लाक संसाधन केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान शिक्षकों को अभिभावकों से सामंजस्य बनाकर बच्चों को स्कूल बुलाने के लिए राजी करने के निर्देश दिए। इसके बाद बीएसए कार्यालय में बीईओ के साथ बैठक कर प्रेरणा ज्ञानोत्सव को मनाने के निर्देश दिए।


सहायक निदेशक राघवेंद्र सिंह बघेल ने तेलियानी ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालय मिश्रामऊ, अलादातपुर, बिलंदा और हसवा ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालय हसवा और ब्लाक संसाधन केंद्र का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान सहायक निदेशक ने कोविड 19 की गाइड लाइन का पालन करते हुए कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए। इस दौरान स्कूलों में सफाई, रखरखाव की व्यवस्था भी देखी।

शिक्षकों को अभिभावकों से समन्वय स्थापित कर बच्चों को शैक्षिक सुविधा मुहैया कराने के निर्देश दिए। इसके बाद सहायक निदेशक ने बीएसए कार्यालय में सभी बीईओ और समन्वयकों के साथ बैठक की।
बैठक में प्रेरणा ज्ञानोत्सव आयोजित करने के संबंध में चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रेरणा लक्ष्य प्राप्त करने के लिए बीईओ को एक टीम लीडर के रूप में अपने आप को विकसित करना होगा।

उन्होंने एआरपी, संकुल के शिक्षक और प्रधानाध्यापकों को कर्तव्य निष्ठा के साथ काम करने को कहा। बैठक में बीईओ मुख्यालय राकेश सचान समेत सभी बीईओ मौजूद रहे।