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Sunday, September 6, 2020

प्रदेश भर में मदरसा शिक्षकों की जांच शुरू, जांच हेतु एक माह का समय

प्रदेश भर में मदरसा शिक्षकों की जांच शुरू, जांच हेतु एक माह का समय

 
लखनऊ : प्रदेश में मदरसा शिक्षकों की जांच शुरू हो गई है। सरकार ने जांच के लिए बोर्ड को एक माह का समय दिया है ।बोर्ड ने जिलों में जांच के लिए प्रभारी अफसर नियुक्त कर दिए हैं। साथ हीबोर्ड के एक-एक कर्मचारी को भी हर जिले में लगाया गया है | जिलों से शिक्षकों की मार्कशीट वअभिलेख मदरसा बोर्ड मंगाए गए हैं।


मार्कशीट व अभिलेख फर्जी मिलने पर संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मदरसा बोर्ड के रजिस्ट्रार राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने क्ताया कि यदि किसी अफसर ने जांच में लापरवाही बरती तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Tuesday, August 18, 2020

नहीं भेजी रिपोर्ट, उच्च शिक्षा निदेशालय ने दोबारा भेजा पत्र, 27 शिक्षकों के संदिग्ध दस्तावेज की मांगी गई थी रिपोर्ट

नहीं भेजी रिपोर्ट,  उच्च शिक्षा निदेशालय ने दोबारा भेजा पत्र,  27 शिक्षकों के संदिग्ध दस्तावेज की मांगी गई थी रिपोर्ट

 
प्रयागराज : नियम विरुद्ध काम करने वालों के खिलाफ शासन लगातार कार्रवाई कर रहा है। इसके तहत शासन ने राज्य विश्वविद्यालय व अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) डिग्री कालेजों में कार्यरत शिक्षकों के दस्तावेजों की पड़ताल करने का निर्देश दिया है। शुरुआती जांच में 27 शिक्षकों के दस्तावेज संदिग्ध मिले हैं, उनकी रिपोर्ट क्षेत्रीय अधिकारियों को सोमवार को उच्च शिक्षा निदेशालय भेजनी थी। लेकिन क्षेत्रीय अधिकारियों ने रिपोर्ट नहीं भेजी। इस पर उच्च शिक्षा निदेशक ने दोबारा पत्र भेजकर शीघ्र से शीघ्र रिपोर्ट मांगी है।


बीते 30 जुलाई तक 11,412 शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच हुई। इसमें 27 शिक्षकों के दस्तावेज संदिग्ध मिले थे। इसमें सबसे अधिक मेरठ परिक्षेत्र के 22 शिक्षक हैं। इनकी मार्कशीट में नाम बदलने, जन्म तारीख में बदलाव, फर्जी प्रमाण पत्र का मामला सामने आया है।


उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. वंदना शर्मा का कहना है कि शासन ने पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच करके रिपोर्ट मांगी थी। इसके तहत क्षेत्रीय अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई थी। लेकिन, सोमवार तक रिपोर्ट नहीं मिली। इस पर दोबारा पत्र भेजकर रिपोर्ट मांगी गई है।

Monday, August 17, 2020

आज आएगी संदिग्ध शिक्षकों की रिपोर्ट, जांच में राज्य विश्वविद्यालय व अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) डिग्री कालेजों में कार्यरत 27 शिक्षकों के दस्तावेज मिले थे संदिग्ध

आज आएगी संदिग्ध शिक्षकों की रिपोर्ट, जांच में राज्य विश्वविद्यालय व अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) डिग्री कालेजों में कार्यरत 27 शिक्षकों के दस्तावेज मिले थे संदिग्ध


 
 प्रयागराज : राज्य विश्वविद्यालय व अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) डिग्री कालेजों में कार्यरत जिन 27 शिक्षकों के दस्तावेज संदिग्ध हैं, उनकी रिपोर्ट सोमवार को उच्च शिक्षा निदेशालय पहुंच जाएगी। क्षेत्रीय अधिकारी मामले की पड़ताल करके अपनी अंतिम रिपोर्ट निदेशालय को भेजेंगे। इसमें जिनके दस्तावेज गड़बड़ मिलेंगे निदेशालय उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करके रिपोर्ट शासन को भेजेगा। 


शासन ने शिक्षकों की नियुक्ति में होने वाली गड़बड़ी को रोकने व सारी प्रक्रिया पारदर्शी बनाने का निर्देश दिया है। इसके तहत समस्त शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच कराई गई है। बीते 30 जुलाई तक 11,412 शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच हुई। इसमें 27 शिक्षकों के दस्तावेज संदिग्ध मिले थे। इसमें सबसे अधिक मेरठ परिक्षेत्र के 22 शिक्षक हैं।


 इनकी मार्कशीट में नाम बदलने, जन्म तारीख में बदलाव, फर्जी प्रमाण पत्र का मामला सामने आया है। शासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निदेशालय से हर पहलु पर पड़ताल कराकर रिपोर्ट मांगी थी।

Friday, August 14, 2020

17 अगस्त तक तैयार होगी राज्य विवि व एडेड डिग्री कालेज के संदिग्ध शिक्षकों की अंतिम रिपोर्ट

17 अगस्त तक तैयार होगी राज्य विवि व एडेड डिग्री कालेज के संदिग्ध शिक्षकों की अंतिम रिपोर्ट

 
प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालय व अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) डिग्री कालेजों में कार्यरत 27 शिक्षकों की नियुक्ति में गड़बड़ी सामने आयी है। इन शिक्षकों के शैक्षिक अंक पत्र व प्रमाण पत्र संदिग्ध मिले हैं। उच्च शिक्षा निदेशालय के निर्देश पर क्षेत्रीय अधिकारी मामले की गहन पड़ताल में जुटे हैं।


क्षेत्रीय. अधिकारियों को 17 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट निदेशालय को भेजनी है। निदेशालय रिपोर्ट की पड़ताल करके उसे शासन को भेजेगा। इसमें जिनके दस्तावेज गड़बड़ होंगे उन्हें निलंबित करके कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शासन ने शिक्षकों की नियुक्ति में होने वाली गड़बड़ी को रोकने व सारी प्रक्रिया पारदर्शी बनाने का निर्देश दिया है। इसके तहत समस्त शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच कराई गई है। 


बीते 30 जुलाई तक 11,412 शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच हुई। इसमें 27 शिक्षकों के दस्तावेज संदिग्ध मिले थे। इसमें सबसे अधिक मेरठ परिक्षेत्र के 22 शिक्षक हैं। इनकी मार्कशीट में नाम बदलने, जन्म तारीख में बदलाव, फर्जी प्रमाण पत्र का मामला सामने आया है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. वंदना शर्मा ने बताया कि जिन शिक्षकों के दस्तावेजों में खामियां मिली हैं, उनकी जांच अंतिम दौर में पहुंच चुकी है। क्षेत्रीय अधिकारियों की रिपोर्ट मिलने पर शिक्षकों का पक्ष सुना जाएगा, फिर अंतिम कार्रवाई की जाएगी।

Tuesday, August 11, 2020

प्रतापगढ़ : प्राइमरी स्‍कूल में जांच के लिए पहुंचा खंड शिक्षाधिकारी निकला फर्जी, ग्रामीणों ने जम कर की धुनाई

प्रतापगढ़ : प्राइमरी स्‍कूल में जांच के लिए पहुंचा खंड शिक्षाधिकारी निकला फर्जी, हुई पिटाई।

ग्रामीण फर्जी बीईओ से परिचय पत्र मांगने लगे तो वह सकपका गया। इतने में ग्रामीणों ने उसे पीटना शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस उसे पकड़कर थाने ले गई।

प्रयागराज :: पडोसी जनपद प्रतापगढ़ में एक प्राथमिक स्‍कूल में जांच के लिए पहुंचे खंड शिक्षाधिकारी ही फर्जी निकले। जब यह राज खुला तो शिक्षिका ने ग्रामीणों को बुला लिया। इसके बाद खंड शिक्षाधिकारी ग्रामीणों ने जमकर धुनाई कर दी। इसके बाद आरोपित को पुलिस के हवाले कर दिया। शिक्षिका ने मामले में संग्रामगढ़ पुलिस को तहरीर दी है।




 यह था मामला

संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के चुभकी गांव निवासी सुशीला यादव अपने ही गांव के प्राइमरी स्कूल में सहायक अध्यापिका पद पर तैनात है। उनके विद्यालय में तीन दिन पहले एक युवक पहुंचा और खुद को खंड शिक्षाधिकारी बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ शिकायत हुई है, उसी की जांच करने आए हैं। अगर दस हजार रुपये दे देंगी तो सब कुछ मैनेज कर लिया जाएगा।  बातचीत के दौरान सुशीला को शक हो गया कि जो युवक खुद को खंड शिक्षाधिकारी बता रहा है, वह जालसाज है। क्योंकि उनके यहां के खंड शिक्षाधिकारी मोहम्मद रिजवान हैं। यह पूछने पर वह कहने लगा कि मैंने जल्द ही चार्ज लिया है। बातचीत करने के बाद शिक्षिका का फोन नंबर लेकर वह युवक स्कूल से चला गया। उसी दिन से वह युवक सुशीला देवी को फोन करके पैसा देने का दबाव बनाने लगा।




घूस की रकम लेने पहुंचे फर्जी खंड शिक्षाधिकारी की ग्रामीणों ने की पिटाई

आजिज आकर शिक्षिका सुशीला देवी ने उसे सोमवार को पैसा देने के लिए स्कूल बुलाया। यही नहीं उन्होंने पूरे प्रकरण की जानकारी ग्रामीणों को भी दे दी। सोमवार को सुबह स्कूल खुलते ही करीब साढ़े नौ बजे वह जालसाज युवक पैसा लेने के लिए पहुंच गया। इतने में स्कूल पर नजर गड़ाए ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उसे घेर लिया। ग्रामीण उससे परिचय पत्र मांगने लगे तो वह सकपका गया। इतने में ग्रामीणों ने उसे पीटना शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस युवक को पकड़कर थाने ले गई।


पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

थाने में पूछताछ में पकड़े गए जालसाज ने अपना नाम राजेंद्र कुमार यादव पुत्र छेदीलाल यादव भिटारी गांव का निवासी बताया। शिक्षिका सुशीला देवी की तहरीर पर पुलिस ने राजेंद्र यादव के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया। संग्रामगढ़ एसओ आशुतोष तिवारी ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करके राजेंद्र यादव को गिरफ्तार कर  लिया गया है।


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Sunday, August 9, 2020

शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों की जांच की प्रक्रिया मामले में बोर्ड व विश्वविद्यालयों की आख्या का इंतजार

शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों की जांच की प्रक्रिया मामले में बोर्ड व विश्वविद्यालयों की आख्या का इंतजार

 
प्रयागराज : शासन की तरफ से सभी माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों की जांच की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को अध्यापकों ने अपने अंकपत्र व प्रमाणपत्र जैसे सभी अभिलेख उपलब्ध भी करा दिए हैं। इनका मूल प्रमाणपत्रों से मिलान भी किया जा चुका है। सभी शैक्षिक अभिलेखों को संबंधित बोर्ड और विश्वविद्यालयों को भेजा जा चुका है। विभाग को उनकी आख्या का इंतजार है। उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।


जिला विद्यालय निरीक्षक आरएन विश्वकर्मा ने बताया कि सभी विद्यालयों के अध्यापकों ने 25 जुलाई तक अपने शैक्षिक अभिलेख कार्यालय को उपलब्ध करा दिए हैं। उनका मूल प्रमाण पत्रों से मिलान भी किया जा चुका है। प्रथम दृष्टया सभी ठीक पाए गए, लेकिन इसकी पुष्टि संबंधित बोर्ड और विश्वविद्यालय ही करेंगे। सभी बोर्डो व विश्वविद्यालयों को अभिलेख पंजीकृत डाक से भेजे जा चुके हैं अब उनकी आख्या का इंतजार है।


इसी क्रम में कक्षा एक से आठवीं तक के विद्यालयों में तैनात ऐसे शिक्षक जिनकी नियुक्ति 2010 के बाद हुई है, उनके भी प्रपत्र जांचे जाने हैं। एडीआइओएस प्रदीप कुमार पांडेय ने बताया कि अध्यापकों ने खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालयों को अपने प्रपत्र भेज दिए हैं। उनका कम्प्यूटराइज्ड डाटा तैयार किया जा रहा है। जनपद में कुल 3137 विद्यालय हैं। अध्यापकों का डाटा कम्प्यूटर पर आने के बाद जिलास्तरीय कमेटी उसकी जांच करेगी।


शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों की जांच होनी है जिले में माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों ने ही कराए उपलब्ध जैसा कि जिला विद्यालय निरीक्षक आरएन विश्वकर्मा ने बताया।