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Wednesday, July 1, 2020

आगरा : एसआईटी जांच में फंसे 24 फर्जी शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज, होगी वेतन रिकवरी

आगरा : एसआईटी जांच में फंसे 24 फर्जी शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज, होगी वेतन रिकवरी।

आगरा : आगरा में 24 फर्जी शिक्षकों के खिलाफ शाहगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। मुकदमे में आठ महिला शिक्षिका भी नामजद हैं। सभी के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य हैं। एसआईटी ने अपनी जांच में खेल पकड़ा था। इन लोगों की नौकरी फर्जी दस्तावेज पर लगी थी। सभी आरोपित डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के वर्ष 2004-05 सत्र के बीएड परीक्षा चार्ट में हेराफेरी करके नौकरी के लिए पात्र बने थे। अब कानूनी शिकंजे में फंसे हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार ने यह मुकदमा शाहगंज थाने में दर्ज कराया है। दर्ज मुकदमे के अनुसार एक्जीक्यूटिव काउंसिल ने 28 जून 2019 को 3637 फर्जी अभ्यर्थी, 1084 टेंपर्ड अभ्यर्थी, 45 डुप्लीकेट अभ्यर्थियों की सूची विवि की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड की थी। अखबारों में नोटिस देते हुए इन अभ्यर्थियों से 15 दिन में ऑनलाइन रजिस्टर्ड डाक से उनका पक्ष मांगा था। इनमे सिर्फ 814 ने ही अपना पक्ष भेजा। बाकी 2823 अभ्यर्थियों ने अपना पक्ष नहीं भेजा था। ऐसे अभ्यर्थियों को जिन्होंने जवाब नहीं दिया, विवि फर्जी घोषित कर दिया था। इनमें 24 अभ्यर्थी आगरा के थे। अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा विभाग की अध्यक्षता में एसआईटी ने बीएड में फर्जीवाड़े की जांच की थी। जनवरी 2020 में एसआईटी की जांच में फर्जी पाए गए शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की कहा गया था। मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) ने विवि द्वारा उपलब्ध कराई गई हार्ड और सॉफ्ट कापी बेसिक शिक्षा अधिकारी को उपलब्ध कराकर आरोपित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई को लिखा था। इन फर्जीवाड़ा करने वाले 24 अभ्यर्थियों की 15 मई 2020 में सेवा समाप्त कर दी गयी थीं।





आरोपित शिक्षकों के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने का मुकदमा दर्ज किया गया है। विवेचना की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर एक-एक करके सभी को गिरफ्तार करके जेल भेजा जाएगा। जो धाराएं हैं उनमें सात साल से अधिक सजा का प्रावधान है। गिरफ्तारी जरूरी है। - बोत्रे रोहन प्रमोद, एसपी सिटी

15 मई को शासन से एफआईआर का आदेश हुआ था। इसके बाद संबंधित ब्लॉक के बीएसए को जिम्मेदारी दी गई थी। किन्हीं कारणवश एफआईआर नहीं हो सकी। जिम्मेदारी बाबुओं को दी, लेकिन फिर भी सभी ब्लॉकों से एफआईआर नहीं हुई। मंगलवार को अपने स्तर से एफआईआर कराई है। जल्द ही रिकवरी की जाएगी। - राजीव कुमार यादव, बेसिक शिक्षा अधिकारी


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Tuesday, June 30, 2020

69000 फर्जीवाड़ा : मोस्टवांटेड चंद्रमा यादव की तलाश में कौशांबी में छापेमारी


UP Shikshak Bharti News : मोस्टवांटेड चंद्रमा यादव की तलाश में कौशांबी में छापेमारी 


UP Shikshak Bharti News शातिर चंद्रमा मोबाइल का इस्तेमाल नहीं कर रहा है। इस कारण उसकी सटीक लोकेशन ट्रेस करने में परेशानी हो रही है। ...


प्रयागराज । सहायक शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा के मोस्टवांटेड चंद्रमा यादव की तलाश में स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) ने कौशांबी में छापेमारी की। पिपरी, करारी और पूरामुफ्ती समेत कई संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी गई, लेकिन चंद्रमा नहीं मिला। इस दौरान उसके कुछ रिश्तेदारों को पूछताछ के लिए उठाया गया है। इसके साथ ही एसटीएफ फरार अभियुक्तों के बैंक खाते समेत दूसरे दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।


कहा जा रहा है कि कुछ दिन पहले स्कूल प्रबंधक चंद्रमा यादव लखनऊ गया था। इसके बाद वहां से लौटकर कौशांबी आया। इसकी जानकारी मिलने पर सोमवार को एसटीएफ की टीम ने ताबड़तोड़ छापेमारी की, पर सफलता नहीं मिल सकी। यह भी कहा जा रहा है कि शातिर चंद्रमा मोबाइल का इस्तेमाल नहीं कर रहा है। इस कारण उसकी सटीक लोकेशन ट्रेस करने में परेशानी हो रही है। अब मुखबिरों की मदद से ही फरार अभियुक्तों को पकडऩे की कवायद की जा रही है।


बैंक खातों की डिटेल खंगाल रही पुलिस
एसटीएफ के अधिकारियों का यह भी कहना है कि फरारी के दौरान आरोपित खर्च चलाने के लिए या कहीं दूर भागने के लिए पैसे निकाल रहे होंगे। इसे देखते हुए उनके बैंक खातों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही दूसरे रिकार्ड भी खंगाले जा रहे हैं। प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा मामले में सरगना डॉ. केएल पटेल समेत 12 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, लेकिन चंद्रमा यादव, मायापति दुबे, दुर्गेश पटेल व संदीप पटेल अभी फरार चल रहे हैं।

बरेली :एक ही नाम और दस्तावेजों पर नौकरी करते मिले दो शिक्षक


बरेली :एक ही नाम और दस्तावेजों पर नौकरी करते मिले दो शिक्षक



 बरेली : परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच शुरू हुई तो बरेली में भी सोमवार को एक बड़ा मामला पकड़ा गया। यहां भोजीपुरा ब्लॉक के प्राइमरी स्कूल में जो शिक्षक तैनात है। उसी के नाम, दस्तावेजों के सहारे मुजफ्फरनगर जिले में भी एक शिक्षक प्राइमरी स्कूल में नौकरी कर रहा है। बीएसए ने शिक्षक का वेतन रोकते हुए जांच बैठा दी है। 


लखनऊ स्थित राज्य परियोजना निदेशालय से 192 संदिग्ध शिक्षकों की सूची जारी कर जांच के लिए कहा गया है। इनमें बरेली के भी चार शिक्षकों के नाम शामिल हैं। बीएसए विनय कुमार ने बताया कि इसमें भोजीपुरा ब्लॉक के प्राइमरी स्कूल मुढ़िया चेतराम के प्रधानाध्यापक प्रदीप कुमार सक्सेना का नाम भी शामिल है। वह वर्ष 2005 से यहां कार्यरत है। 



जांच में पता चला कि उन्हीं के नाम, मार्कशीट, जन्म तिथि से लेकन पैनकार्ड पर दूसरा शिक्षक वर्ष 2011 से मुजफ्फरनगर के एक प्राइमरी स्कूल में तैनात है। दोनों शिक्षकों की जो मार्कशीट है, वह भी एक ही स्कूल और कॉलेज की है। सिर्फ घर का पता बदला हुआ है। शिक्षक से पूछताछ की तो उन्होंने खुद को सही बताया।

Monday, June 29, 2020

चंद्रमा यादव के स्कूल का दस्तावेज खंगाला जा रहा, 69000 सहायक शिक्षक भर्ती में मोस्ट वांटेड है चंद्रमा

चंद्रमा यादव के स्कूल का दस्तावेज खंगाला जा रहा

69000 सहायक शिक्षक भर्ती में मोस्ट वांटेड है चंद्रमा यादव 

स्कूल के रिकॉर्ड को देखकर साक्ष्य एकत्र कर रही एसटीएफ



69000 शिक्षक भर्ती में वांटेड चंद्रमा यादव की तलाश में लगी एसटीएफ उसके खिलाफ साक्ष्य जुटाने में जुट गई है। उसके स्कूल के दस्तावेज भी खंगाल रही है। पता चला है कि सेटिंग से ही स्कूल में प्रतियोगी परीक्षाओं का सेंटर लेता था और खेल करता था। जबकि प्रतियोगी परीक्षा कराने के जरूरी मानक स्कूल में नहीं हैं। टीपी नगर, धूमनगंज के चंद्रमा यादव का पंचम लाल आश्रम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय है। 


स्कूल प्रबंधक चंद्रमा यादव पेपर आउट कराकर खेल करता था। इसका खुलासा खुद एसटीएफ ने टीईटी पेपर के दौरान किया था। उस वक्त 7 लोग पकड़े गए थे  जिनके पास से 180 मोबाइल 220 सिम कार्ड व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बरामद हुआ था। चंद्रमा यादव की तलाश में लगी एसटीएफ ने छापेमारी की। उसके स्कूल में जाकर भी जांच की।


 पता चला कि कुछ ही कमरों का उसका स्कूल है। बाउंड्री वॉल भी पूरा पैक नहीं है। बावजूद इसके विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं का सेंटर पंचम लाल आश्रम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में रहा है। गोपनीय तरीके से जांच कर रही एसटीएफ पता लगा रही है कि कहीं इसमें विभागीय अधिकारियों की सेटिंग तो नहीं है। आखिर कैसे और किसकी सेटिंग से उसके स्कूल में सेंटर मिलता था। स्कूल के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।

वाराणसी: पांच शिक्षकों का बैंक खाता अन्य जनपदों में भी हुआ इस्तेमाल


वाराणसी:  पांच शिक्षकों का बैंक खाता अन्य जनपदों में भी हुआ इस्तेमाल


अनामिका शुक्ला प्रकरण के बाद बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में भी शिक्षकों की नियुक्तियों में ही बड़ी हेराफेरी पकड़ी गई है। अभिलेखों की जांच में प्रदेश में 192 मामले से ऐसे मिले हैं, जिसमें एक नाम और पैन नंबर की दो अलग-अलग एंट्री कई जिलों में दर्ज है, केवल खाता नंबर अलग है। इसमें वाराणसी जिले के भी पांच शिक्षक शामिल हैं।  


शनिवार को अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा ने ऐसे शिक्षकों की सूची बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेजी है। इसके बाद से बीएसए ने इन शिक्षकों को तलब किया है। इस वक्त देशभर में बेसिक शिक्षकों के वेतन संबंधी अभिलेखों की जांच हो रही है। वित्त नियंत्रक बेसिक प्रयागराज ने मई माह के वेतन भुगतान की रिपोर्ट 21 जून को सौंपी थी। इसमें सामने आया है कि 192 प्रकरण ऐसे हैं, जिसमें एक ही नाम व पैन नंबर की दो अलग-अलग एंट्री विभिन्न जिलों की फाइलों में हैं, लेकिन उनका खाता नंबर अलग है।


अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा रेणुका कुमार ने इसे संदिग्ध व आपत्तिजनक करार दिया है। जिले में भी नियम के विरुद्ध पांच ऐसे शिक्षकों का मामला सामने आया है।  इन शिक्षकों का नाम, पैन नंबर, खाता नंबर एवं जन्मतिथि अन्य जनपदों में भी सामान पाए गए हैं। इनकी लिस्ट शासन ने बीएसए को भेजी है। बीएसए ने समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इन अध्यापकों के सभी प्रमाण पत्रों, आधार, पैन, बैंक पासबुक, जाति, निवास समेत 29 जून को बीएसए कार्यालय उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण दें।


इन शिक्षकों को हुई रिपोर्ट तलब
राकेश प्रसाद त्रिपाठी, प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय साईपुर,  रामाश्रय यादव, सहायक अध्यापक प्राथमिक विद्यालय खालिसपुर,  विजय कुमार, सहायक अध्यापक प्राथमिक विद्यालय हीरापुर गंजारी,  महात्मा यादव, सहायक अध्यापक पूर्व माध्यमिक विद्यालय मुरेरी,  प्रवीण कुमार यादव, प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय पिलखीनी,  रेखा सिंह, सहायक अध्यापक प्राथमिक विद्यालय, इमिलिया।

Sunday, June 28, 2020

69000 शिक्षक भर्ती : आरोपी मायापति की तलाश में एसटीएफ ने भदोही में मारा छापा, मिला नहीं

69000 शिक्षक भर्ती : आरोपी मायापति की तलाश में एसटीएफ ने भदोही में मारा छापा, मिला नहीं।


69000 शिक्षक भर्ती : आरोपी मायापति की तलाश में एसटीएफ ने भदोही में मारा छापा, मिला नहीं।

प्रयागराज : 69000 सहायक शिक्षक भर्ती में धांधली के मामले में वांछित मायापति दुबे की तलाश में शनिवार को एसटीएफ ने फिर से उसके भदोही स्थित घर पर स्थानीय पुलिस की मदद से छापेमारी की। पुलिस ने पड़ोसियों से भी जानकारी जुटाई। सबको चेतावनी दी गई है कि अगर किसी ने आरोपी को शरण दी तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। भदोही जिले का कोइरौना थानाक्षेत्र का रामपुर गांव निवासी मायापति दुबे का आलीशान मकान है। 69000 शिक्षक भर्ती में सोरांव पुलिस मायावती दुबे के एक भाई को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।








इस केस में वांछित मायावती की तलाश में एसटीएफ ने शनिवार को भदोही पुलिस की मदद ली। थाने से महिला पुलिस के साथ एसटीएफ रामपुर गांव पहुंची। वहां पर मायावती की पत्नी, उसका भाई और मां बाप मिले। सूत्रों की मानें तो परिजनों ने मायावती को फंसाने की बात कही और उसके बारे में कोई भी जानकारी से इनकार किया। एसटीएफ को ग्रामीणों से पता चला कि मायावती के पिता नौकरी छोड़कर वीआरएस ले चुके हैं। गांव में इनके दो तीन पत्ते चलते हैं। कोई विद्यालय भी बताया जा रहा है। इससे पूर्व भी एसटीएफ ने माया पति दुबे के घर और उसके ससुराल में छापेमारी की थी लेकिन वह पकड़ में नहीं आया था। स्थानीय पुलिस को भी सूचना दे दी गई है कि अगर कहीं मायावती के बारे में सुराग लगे तो एसटीएफ को शेयर करे। मायापति दुबे के खिलाफ कोर्ट खुलते ही वारंट लेकर एसटीएफ उस पर इनाम कराने वाली है।


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