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Tuesday, August 18, 2020

देवरिया में दो फर्जी शिक्षिकाएं बर्खास्त, अमेठी में पांच परिषदीय शिक्षकों की खतरे में नौकरी

देवरिया में दो फर्जी शिक्षिकाएं बर्खास्त, अमेठी में पांच परिषदीय शिक्षकों की खतरे में नौकरी।

देवरिया : :  दूसरे के नाम पर नौकरी कर रहीं दो शिक्षकों को बीएसए ने सोमवार को बर्खास्त कर दिया। महानिदेशक स्कूल शिक्षा की जांच में मामला पकड़ में आने पर हुई जांच के बाद दोनों शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई हुई। दोनों शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर वेतन रिकवरी के निर्देश बीएसए ने दिए हैं।

महानिदेशक स्कूल शिक्षा कार्यालय की जांच में जून में प्रदेशभर में एक ही पैन पर दो लोगों के नौकरी करने के 192 मामले मिले थे इनमें से सात मामले देवरिया के थे। इसकी जांच के दौरान प्राथमिक विद्यालय मुसैला खुर्द की प्रधानाध्यापक रेनूबाला और प्राथमिक विद्यालय नदावर घाट की प्रधानाध्यापक सीमा सिंह मोबाइल बंद कर गायब हो गई। सलेमपुर के खंड शिक्षा अधिकारी लक्ष्मीनारायण ने एक जुलाई को दोनों शिक्षकों को जरूरी कागज के साथ उपस्थित होने के लिए फोन करना चाहा तो दोनों का मोबाइल बंद मिला। इसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी ने एक जुलाई को ही दोनों विद्यालयों का दौरा किया। इसमें सीमा सिंह अपने तैनातीस्थल प्राथमिक विद्यालय नदावर घाट में नहीं मिलीं। विद्यालय बंद मिला। वहीं मुसैला खुर्द प्राथमिक विद्यालय से प्रधानाध्यापिका रेनूबाला बिना सूचना के गायब मिलीं। इसकी सूचना खंड शिक्षा अधिकारी ने बीएसए को दी। बीएसए ने वेतन बाधित करते हुए दोनों शिक्षकों के पते पर नोटिस भेजकर जरूरी दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने को कहा था।




अमेठी में पांच परिषदीय शिक्षकों की नौकरी खतरे में

अमेठी : अनामिका शुक्ला प्रकरण के बाद जिले के बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़े का एक और मामला प्रकाश में आया है। जहां विभिन्न ब्लॉकों में तैनात पांच शिक्षकों के अभिलेख पर जनपद फिरोजाबाद में भी पांच शिक्षकों द्वारा नौकरी पाए जाने का आरोप है। मामले में बीएसए ने इन सभी शिक्षकों का वेतन रोकते हुए उन्हें अपना पक्ष रखने को कहा है। साथ ही फिरोजाबाद बीएसए को पत्र लिखकर वहां तैनात शिक्षकों का वेरिफिकेशन कर उनकी अभिलेखों की छाया प्रति मांगी है। बेसिक शिक्षा विभाग में अलग-अलग ब्लॉकों के परिषदीय विद्यालय में कार्यरत 5 शिक्षकों के अभिलेखों पर किसी व्यक्ति ने बीएसए से फोन पर शिकायत की थी।


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Monday, August 10, 2020

देवरिया : दो फर्जी शिक्षक जल्द होंगे बर्खास्त, बीएसए के नोटिस का नहीं दिया जवाब

देवरिया : दो फर्जी शिक्षक जल्द होंगे बर्खास्त, बीएसए के नोटिस का नहीं दिया जवाब।

देवरिया :: परिषदीय विद्यालय में फर्जी मिले दो शिक्षक, शीघ्र ही बर्खास्त होंगे। यह शिक्षक जांच शुरू होने के बाद से ही फरार चल रहे हैं। इन शिक्षकों ने बीएसए की नोटिसों का जवाब नहीं दिया है। परिषदीय विद्यालयों में फर्जी शिक्षकों की जांच तेजी से चल रही है। अब तक 41 शिक्षकों के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई हो चुकी है। इनमें से एक दर्जन से अधिक के खिलाफ केस दर्ज कराया जा चुका है। इसमें पुलिस जांच कर रही है।




दूसरी तरफ अन्य फर्जी शिक्षक भी सामने आ रहे हैं। ताजा मामला एक समान पैन कार्ड पर कार्यरत मिले शिक्षकों से जुड़ा है। बीएसए ने समान पैन कार्ड पर कार्यरत मिले सभी सभी शिक्षकों को नोटिस देकर पक्ष रखने को कहा था। इसमें से दो शिक्षकों ने नोटिस का जवाबनहीं दिया। बीएसएफ की तरफ से दूसरी और तीसरी नोटिस भेजी गयी पर दोनों शिक्षकों ने जवाब नहीं दिया। अब प्रेस विज्ञप्ति प्रकाशित कर सूचना दी गयी है। सूत्रों का कहना है कि दोनो शिक्षक जांच में फर्जी पाए गए हैं। इसके चलते नोटिस पर उपस्थित नहीं हो रहे हैं।

● जांच शुरू होने के बाद से विद्यालय से हैं फरार

• बीएसए के नोटिस का भी नहीं दिया जवाब

जिले में अब तक हो चुकी है 41 शिक्षकों की बर्खास्तगी।

कस्तूरबा के शिक्षकों के खिलाफ हो रही है जांच : फर्जी शिक्षकों के मामले में जिले के कस्तूरबा आवासीय विद्यालय प्रदेश में अव्वल हैं। राज्य परियोजना में हुई जांच में 14 शिक्षक फर्जी मिले। इन्हें बीएसए ने बर्खास्त कर दिया है। 11 शिक्षकों के खिलाफ जांच चल रही है। प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराया जा रहा है। फर्जी मिलने पर इनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। एक वार्डेन को किसी व्यक्ति की शिकायत पर बर्खास्त किया जा चुका था।


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Wednesday, August 5, 2020

आजमगढ़ : पैनकार्ड फर्जीवाड़े में दो शिक्षकों की सेवा समाप्त, एसआईटी की जांच में 28 शिक्षक हुए थे चिन्हित, पांच शिक्षकों की 27 जुलाई को हो चुकी है बर्खास्तगी

आजमगढ़ : पैनकार्ड फर्जीवाड़े में दो शिक्षकों की सेवा समाप्त, एसआईटी की जांच में 28 शिक्षक हुए थे चिन्हित, पांच शिक्षकों की 27 जुलाई को हो चुकी है बर्खास्तगी।


आजमगढ़ :  एक पैन कार्ड का इस्तेमाल अलग-अलग जनपदों । में दो-दो शिक्षकों द्वारा अलग अलग खाता नंबरों के साथ प्रयोग किए जाने का प्रकरण सामने आया था। एसआईटी व एसटीएफ की जांच में इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था। जिसमें जिले के ऐसे 28 शिक्षक चिन्हित हुए थे। जिसमें पांच शिक्षकों के फर्जी होने की पुष्टि होने पर पहले ही बर्खास्तगी हो चुकी है वहीं दो और फर्जी शिक्षक चिन्हित होने पर प्रभारी बीएसए ने मंगलवार को नियुक्ति तिथि से इनकी सेवा समाप्त कर दी और खंड शिक्षाधिकारियों को रिकवरी का आदेश भी जारी कर दिया।


बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों की नियुक्ति में लगातार फर्जीवाड़ा सामने आ रहे है। बेसिक शिक्षा विभाग के फर्जीवाड़े की जांच सरकार एसआईटी व एसटीएफ से करा रही है। इसी जांच के दौरान आईआईटी व एसटीएफ ने वेतन भुगतान के फाइलों की जांच के दौरान एक नया फर्जीवाड़ा पकड़ा। जिसमें एक ही पैन कार्ड पर दो शिक्षकों द्वारा अगल-अलग जनपदों व खाता नंबरों पर वेतन आहरित कोरोना पकड़ा गया। पूरे प्रदेश में ऐसे 192 शिक्षक चिन्हित हुए थे जिसमें 28 शिक्षक जिले के भी शामिल थे। एसआईटी ने बकायदा सूची तैयार कर बेसिक शिक्षा निदेशालय को उपलब्ध कराया और फिर निदेशालय से सूचना जिलों को उपलब्ध करा दी गई। जिले के 28 शिक्षक इस फर्जीवाड़े में चिन्हित हुए थे। जिन्हें बेसिक शिक्षा विभाग ने नोटिस जारी कर सत्यापन के लिए बुलाया था। 28 में से कुल सात शिक्षकों ने अपना सत्यापन नहीं कराया।

इन्हें दो बार अलग-अलग तिथियों में नोटिस भेजी गई। अंतिम नोटिस 17 जुलाई को भेजी गई थी। जिसमें सात दिनों के अंदर मूल अभिलेखों के साथ कार्यालय पहुंच कर सत्यापन का निर्देश दिया गया था। इसके बाद भी इन सात शिक्षकों ने सत्यापन नहीं कराया। जिस पर बीएसए ने 27 जुलाई को इन पांच शिक्षकों की नियुक्ति तिथि से सेवा समाप्त करने का आदेश निर्गत करने के साथ ही संबंधित खंड शिक्षाधिकारियों को रिकवरी का आदेश भी जारी कर दिया।

शेष बचे दो अन्य शिक्षकों पर मंगलवार को प्रभारी बीएसए ने कार्रवाई किया और दोनों की नियुक्ति तिथि से सेवा समाप्त करते हुए रिकवरी का आदेश निर्देश किया। सेवा समाप्त किए गए शिक्षकों में जय शिव प्रताप चंद हरैया ब्लाक के प्रावि शानूपुर पर तैनात थे और सर्विस बुक में अपना पता सल्लाहपुर देवरिया बताया था। वहीं दूसरे बस्ती शिक्षक अनिल कुमार अतरौलिया ब्लाक के प्रावि सिकरौरा पर तैनात थे।




पूर्व में इन शिक्षकों पर हुई है कार्रवाई

आजमगढ़ : प्रभारी बीएसए अमरनाथ राय ने बताया कि प्रावि शोधनपट्टी बिलरियागंज पर तैनात रेखा पुत्री अवधेश कुमार सिंह निवासी सिविल लाइंस आजमगढ़, प्रावि भीलमपुर महराजगंज पर तैनात राजेश कुमार पुत्र राम दुलारे निवासी ग्राम मैलानी पोस्ट खलीलाबाद जिला संत कबीर नगर, प्रावि धनसिंहपुर कोयलसा पर तैनात आवेश कुमार पुत्र सतीश चंद्र वर्मा निवासी चांदमारी, इमिलिया जिला मऊ, प्रावि सीही सठियांव पर तैनात नेहा शुक्ला पुत्री ब्रह्मानंद शुक्ला निवासी ग्राम इमली पोस्ट रामपुर जिला गोरखपुर व प्रावि पिचरी अतरौलिया पर तैनात बांके बिहारी पुत्र किशोर प्रसाद निवासी सलेमपुर, सलेमपुर देवरिया ने अपना सत्यापन नहीं कराया। ऐसी स्थिति में इन सभी को नियुक्ति तिथि से 27 जुलाई को ही बर्खास्त कर दिया गया है।

फर्जी डॉक्यूमेंट पर पाई थी परिवार की नौकरी, बर्खास्त

आजमगढ़ : जूनियर हाई स्कूल मुबारकपुर बालक पर 2018 में पुष्पा देवी पत्नी मन्नू कुमार निवासी कोपागंज जिला मऊ की बतौर परिचर मृतक आश्रित पद पर तैनाती हुई थी। पुष्पा के डॉक्युमेंटों का भी सत्यापन कराया गया तो वह फर्जी पाया गया। जिस पर प्रभारी बीएसए ने मंगलवार को पुष्पा देवी की नियुक्ति भी नियुक्ति तिथि से समाप्त करते हुए रिकवरी का आदेश जारी किया है। पुष्पा देवी के कई डॉक्यूमेंट सत्यापन में फेल पाए गए है।


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Tuesday, July 28, 2020

आजमगढ़ : बेसिक शिक्षा विभाग के पांच शिक्षकों की सेवा समाप्त, फर्जी अभिलेख पर पाई थी नौकरी

आजमगढ़ : बेसिक शिक्षा विभाग के पांच शिक्षकों की सेवा समाप्त, फर्जी अभिलेख पर पाई थी नौकरी।

आजमगढ़ :  बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी अभिलेखों पर नौकरी कर रहे पांच सहायक अध्यापकों की सेवा समाप्त कर दी गई है। महानिदेशक स्कूल एवं राज्य परियोजना के आदेश पर बर्खास्त शिक्षकों से नियुक्ति से लेकर अब तक आहरित धनराशि की रिकवरी के लिए वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा और संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।




जिन सहायक अध्यापकों की सेवा समाप्त की गई है, उसमें शिक्षा क्षेत्र कोयलसा के प्राथमिक विद्यालय धनसिंहपुर में तैनात रहे मऊ जनपद के चांदमारी इमिलिया गांव निवासी आवेश कुमार पुत्र सतीश चंद्र शर्मा, शिक्षा क्षेत्र सठियांव के प्राथमिक विद्यालय सींहीं, निवासी इमलीडीह पोस्ट बारीपुर जनपद गोरखपुर की नेहा शुक्ला पुत्री ब्रह्मानंद शुक्ला, शिक्षा क्षेत्र बिलरियागंज के प्राथमिक विद्यालय शोधनपट्टी पर तैनात सहयक अध्यापक निवासी भुवनेश्वर प्रताप सिंह, 443, सिविल लाइन आजमगढ़, शिक्षा क्षेत्र महराजगंज के प्राथमिक विद्यालय पर तैनात रहे राजेश कुमार पुत्र रामदुलारे निवासी खलीलाबाद, जनपद संतकबीरनगर एवं शिक्षा क्षेत्र अतरौलिया के प्राथमिक विद्यालय पचरी पर तैनात बांकेबिहारी लाल पुत्र किशोर प्रसाद निवासी सल्लहपुर, तहसील सलेमपुर जनपद देवरिया शामिल हैं।


जांच प्रक्रिया के दौरान संबंधित शिक्षकों के अभिलेख फर्जी मिले थे

शासन के निर्देश पर जांच प्रक्रिया के दौरान संबंधित शिक्षकों के अभिलेख फर्जी मिले थे। कारण बताओ नोटिस जारी की गई थी। निर्धारित मूल प्रमाणपत्रों के साथ संबंधित सहायक अध्यापक कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए और ना ही अपना कोई प्रत्यावेदन ही दिया।इसलिए महानिदेशक के निर्देश पर इनकी सेवा समाप्त कर दी गई है।

-अमरनाथ राय, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।

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Wednesday, July 22, 2020

एटा : KGBV की वार्डन और चार शिक्षिकाओं की सेवा समाप्त, फर्जी प्रमाणपत्र के सहारे कई वर्षों से कर रही थीं नौकरी, रिपोर्ट दर्ज

एटा : KGBV की वार्डन और चार शिक्षिकाओं की सेवा समाप्त, फर्जी प्रमाणपत्र के सहारे कई वर्षों से कर रही थीं नौकरी, रिपोर्ट दर्ज।

एटा :: बीएसए ने मंगलवार को कस्तूरबा स्कूलों में फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी पाने वाली वार्डन और चार शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी है साथ ही उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं, उन्होंने लेखा विभाग को इनके द्वारा अर्जित वेतन की रिकवरी करने के भी निर्देश दिए हैं।




शासन की सख्ती के बाद जनपद में टीईटी एवं अन्य फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी पाने वालों की पोल खुलने लगी है। जिले में संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में ऐसे ही पांच मामले सामने आए हैं। विभाग द्वारा कराई गई जांच में दो शिक्षकों के टीईटी प्रमाणपत्र फर्जी मिले हैं। वहीं वार्डन और दो अन्य शिक्षकों के हाईस्कूल, इंटर एवं स्नातक प्रमाणपत्रों में हेराफेरी की पुष्टि हुई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय सिंह ने पांचों का मानदेय रोकते हुए नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। संतोष जनक जवाब न मिलने एवं विभागीय जांच में हुई पुष्टि के बाद तत्काल प्रभाव से सेवा समाप्त करते हुए इनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। बीएसए संजय सिंह का कहना है कि विभागीय जांच में फर्जी प्रमाण पत्रों की पुष्टि होने के बाद इनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।


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Thursday, July 16, 2020

देवरिया : फर्जी और कूटरचित प्रमाण पत्रों पर नौकरी कर रहे KGBV के 14 शिक्षक बर्खास्त

देवरिया : फर्जी और कूटरचित प्रमाण पत्रों पर नौकरी कर रहे KGBV के 14 शिक्षक बर्खास्त।

देवरिया : फर्जी और कूटरचित प्रमाण पत्रों पर नौकरी कर रहे कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की 14 शिक्षक बुधवार को बर्खास्त कर दिए गए। इनमें एक वार्डेन, आठ पूर्णकालिक, चार अंशकालिक और एक उर्दू शिक्षक शामिल हैं। यह कार्रवाई पांच सदस्यीय कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर हुई है। जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में फर्जी प्रमाण पत्रों पर बड़ी संख्या में नियुक्ति की शिकायत किसी ने शासन से की थी। इसी बीच  अनामिका प्रकरण सामने आने के बाद इसमें तेजी आ गई।





राज्य परियोजना कार्यालय के निर्देश पर मामले की जांच शुरूहुई। पांच सदस्यीय कमेटी गठित गई थी। जांच कमेटी में रामपुर कारखाना के बीईओ विनोद तिवारी, पथरदेवा के बीईओ डीएन चंद, सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी डॉ.उपेंद्र मणि त्रिपाठी, डीसी प्रशिक्षण स्वप्निल कुमार मंगलम व डीसी बालिका त्रिभुवन नाथ पाण्डेय शामिल थे। 16 व 17 जून को शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की मूल प्रति, आधार नंबर को बीएसए कार्यालय में जमा करा कर उनका सत्यापन शुरू किया गया।


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