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Saturday, June 13, 2020

सहारनपुर में अनामिका शुक्ला बनकर काम कर रही थी कोई और महिला, वॉर्डन बर्खास्त, नियुक्त करने वालों को बचाने का आरोप

सहारनपुर में अनामिका शुक्ला बनकर काम कर रही थी कोई और महिला, वॉर्डन बर्खास्त, नियुक्त करने वालों को बचाने का आरोप


सहारनपुर : अनामिका शुक्ला के नाम पर हुए फर्जी नियुक्ति कांड में सहारनपुर के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की वॉर्डन को बर्खास्त कर दिया गया है। सहारनपुर के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रमेन्द्र कुमार सिंह ने बालिका शिक्षा के जिला समन्वयक और विद्यालय की वॉर्डन को नोटिस भेजकर जबाव मांगा था। जवाब मिलने पर पहली नजर में दोनों की ही लापरवाही सामने आई थी।


 इस पर वार्डन ललिता देवी को राजकीय कार्यों के प्रति लापरवाही और अनामिका शुक्ला के कार्यभार ग्रहण करने के समय नियुक्ति पत्र में अंकित निर्देशों का अनुपालन न करने और उच्चाधिकारियों के बिना मानदेय जारी करने को लेकर वार्डन की लापरवाही पर उसकी संविदा समाप्त कर दी गई। इसी तरह जिला समन्वयक के खिलाफ कार्यवाही को भी शासन को लिखा गया है। 


इस प्रकरण में वार्डन ललिता शर्मा का कहना है कि विभागीय अधिकारियों ने उसे बली का बकरा बनाया है। गलती केवल उसी की नहीं, बल्कि चयन समिति की भी है। जो नियुक्ति पत्र विद्यालय में आया था, उसमें जिन अधिकारियों के हस्ताक्षर हैं, उनके विरुद्ध भी कार्रवाई होनी चाहिए।

Wednesday, June 10, 2020

सीतापुर : फर्जी अभिलेखों से नौकरी कर रहे दो शिक्षकों की सेवा समाप्त

सीतापुर :  फर्जी अभिलेखों से नौकरी कर रहे दो शिक्षकों की सेवा समाप्त


■ कार्रवाई

◆ दोनों शिक्षक बेहटा विकासखंड के विद्यालयों में थे तैनात दोनों शिक्षकों के विरुद्ध होगी एफआईआर व वेतन रिकवरी


सीतापुर : फर्जी अभिलेखों के सहारे नौकरी पाना दो शिक्षकों को महंगा पड़ गया। इन दोनों शिक्षकों की सेवा समाप्ति के साथ साथ वेतन बिक्री तथा प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश दे दिए गए हैं। आगरा के अर्जुन नगर निवासी आकाश दीप पुत्र सियाराम सागर बेहटा विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय दारापुर में सहायक अध्यापक पद पर तैनात हैं। उनकी नियुक्ति वर्ष 2010 में गणित विज्ञान शिक्षक के पद पर हुई थी। 


आकाश दीप ने अपने प्रपत्रों में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी के बीएलएड 2010 का अंकपत्र लगाया था। विभाग द्वारा इन अंकपत्रों का सत्यापन कराया गया तो विश्वविद्यालय में डेटा नहीं मिला। वहीं मथुरा के नगला भरतिया निवासी पुष्पेंद्र सिंह पुत्र राघवेंद्र सिंह बेहटा के उच्च माध्यमिक विद्यालय हजरतपुर में तैनात हैं। उन्होंने अपने शैक्षिक प्रपत्रों में माध्यमिक विद्यालय परीक्षा 2005 व उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परीक्षा 2007 राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय का अंकपत्र लगाया था। 


विभाग द्वारा उनके प्रपत्रों की जांच कराई गई तो वह फर्जी पाए गए। प्रपत्र फर्जी पाए जाने पर दोनों की सेवा समाप्ति की नोटिस बीएसए द्वारा दी गई। बीएसए ने खण्ड शिक्षा अधिकारी को दोनों शिक्षकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने व वेतन बिक्री के निर्देश दिए हैं। बीएसएफ अजीत कुमार ने बताया दोनों शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया था लेकिन उसमें भी दोनों ने गलत साक्ष्य ही प्रस्तुत किए थे। जिसके कारण अब उनकी सेवा समाप्ति के आदेश दिए गए हैं।


Sunday, June 7, 2020

मैनपुरी : 4 बर्खास्त शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज, एसआईटी जांच में फर्जी डिग्रियों का हुआ था खुलासा

मैनपुरी : 4 बर्खास्त शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज, एसआईटी जांच में फर्जी डिग्रियों का हुआ था खुलासा।


4 बर्खास्त शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज।

मैनपुरी : एसआईटी जांच से जुड़े चार बर्खास्त शिक्षकों के खिलाफ कोतवाली मैनपुरी में एफआईआर करा दी गई। इन चारों शिक्षकों की वर्ष 2004-05 की बीएड डिग्रियां पूरी तरह से फर्जी पायी गईं। एसआईटी जांच में इन डिग्रियों का खुलासा हुआ था।

खास बात ये है कि इन चारों की डिग्रियों पर जो अनुक्रमांक है वह दूसरे लोगों के नाम है। लेकिन नियुक्ति इन चारों फर्जी शिक्षकों ने मैनपुरी में हासिल कर ली थी।


भगिया की प्रधानाध्यापिका का अंकपत्र फर्जी

मैनपुरी : घिरोर विकास खंड के ग्राम नगला भगिया में तैनात प्रधानाध्यापिका अनुराधा पुत्री राजेंद्र सिंह निवासी पांडेय पेट्रोल पंप के निकट जीटी रोड बेवर का बीएड अंकपत्र सत्र 2004-05 फर्जी पाया गया। इनके अंकपत्र के अनुक्रमांक पर विजय कुमार उपाध्याय पुत्र जेपी उपाध्याय तथा कॉलेज का नाम आदर्श कृष्णा कॉलेज ऑफ एजुकेशन भूपनगर मैनपुरी लिखा है। इस शिक्षिका पर पहले ही कार्रवाई करते हुए विभाग से बर्खास्त कर चुका है।

औडेन्य पड़रिया और दरबाह की शिक्षक फर्जी नीतू सिंह पुत्र सुघर सिंह निवासी रुड़ी फ्लोर मिल बिछिया रोड की बीएड सत्र 2004-05 की अंकतालिका फर्जी पायी गई। चयन समिति ने इस शिक्षिका को बर्खास्त कर दिया। इसके अंकपत्र की जांच एसआईटी ने की थी। जिसमें इसके स्थान पर अजय कुमार पुत्र रामदास तथा कॉलेज के नाम एकेडमी एंड एक्सीलेंट आगरा लिखा हुआ है। इसी के आधार पर उसने नौकरी हासिल कर ली। ये औडनीय पिपरिया में तैनात हो गई। घिरोर के ग्राम दरबाह पाठशाला में तैनात हेमलता पुत्री नेत्रपाल निवासी आजादनगर पुलिस लाइन मैनपुरी की बीएड डिग्री भी फर्जी पायी गई। इसे भी चयन समिति ने बर्खास्त कर दिया था।


औरैया का फर्जी शिक्षक मैनपुरी में पाई नौकरी करहल के ग्राम असरोही प्राथमिक पाठशाला में तैनात सहायक अध्यापक राजेश कुमार निवासी नगला बिहारी जनपद औरैया का अंकपत्र भी फर्जी पाया गया। से 29 अप्रैल को बर्खास्त किया गया था। एसआईटी की जांच में इसके अंकपत्र के अनुक्रमांक पर मनीष कुमार पुत्र राधेश्याम तथा कॉलेज का नाम कृष्णा कॉलेज ऑफ स्पोर्ट्स एजुकेशन बमरौली कटरा आगरा लिखा हुआ है। इसे भी चयन समिति ने बर्खास्त कर
दिया था।

संबंधित खंड शिक्षाधिकारियों की तहरीर पर एसआईटी जांच से जुड़े चार बर्खास्त शिक्षकों पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद अपनी जांच शुरू कर दी है। अभय नारायण राय, सीओसिटी






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Saturday, June 6, 2020

एक साथ 25 स्कूलों में नौकरी करने वाली शिक्षिका पर केस

एक साथ 25 स्कूलों में नौकरी करने वाली शिक्षिका पर केस

कार्रवाई : फर्जीवाड़ा कर रहीं पांच शिक्षिकाएं बर्खास्त


राज्य मुख्यालय  : डिजिटल तरीके से हाजिरी और मॉनिटरिंग से कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) में एक शिक्षिका के प्रमाणपत्र पर पांच जगह शिक्षिकाएं नौकरी करती पकड़ी गईं हैं। इन शिक्षिकाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करते हुए उन्हें बर्खास्त कर दिया गया है। मामले में अधिकारियों की संलिप्तता की जांच भी की जाएगी।


बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री डा. सतीश द्विवेदी ने कहा है कि मेरे संज्ञान में यह तथ्य आया है कि केजीबीवी में कई जगहों पर एक ही प्रमाणपत्र पर कई जगहों पर शिक्षक तैनात हैं। इनकी तुरंत जांच की जाए। बागपत में एक शिक्षिका अनामिका शुक्ला लंबे समय से अनुपस्थित चल रही थीं। जांच जारी थी कि सामने आया कि इन्हीं के प्रमाणपत्रों पर अलीगढ़, अमेठी, सहारनपुर और अम्बेडकर नगर में शिक्षिकाएं नौकरी कर रही है।


डा. द्विवेदी ने बताया कि अलीगढ़ में 93,530, अमेठी में 68,200, सहारनपुर में 1,16,300 और अम्बेडकरनगर में 2,31,331 रुपये यानी लगभग पांच लाख की धनराशि वेतन के रूप में निकाली गई है। इसकी गहनता से जांच की जा रही है कि पूरा मामला क्या है और कौन लोग दोषी हैं?


हालांकि सोशल मीडिया पर इस शिक्षिका के 25 जिलों से वेतन निकालने और लगभग एक करोड़ रुपये की चपत विभाग को लगाने की खबरें चलने के बाद विभाग ने अपने स्तर से इसकी जांच की तो अभी तक पांच जिलों में इसकी पुष्टि हो चुकी है। विज्ञान की अध्यापिका मूल रूप से बागपत में तैनात हैं। मामला संज्ञान में तब आया जब विभाग ने शिक्षकों का डाटाबेस प्रेरणा पेार्टल और मानव संपदा पोर्टल पर अपडेट करना शुरू किया।




लखनऊ। प्रदेश के 25 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में एक साथ शिक्षिका के पद पर काम कर रही अनामिका शुक्ला के खिलाफ बागपत में एफआईआर दर्ज कराई गई है। अनामिका की जगह उनके नाम पर अलग-अलग केजीबीवी में काम कर रही महिलाओं के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। 


प्रदेश में गरीब बालिकाओं के लिए लगभग हर ब्लॉक में केजीबीवी संचालित है। इनमें बच्चियों की पढ़ाई के साथ आवास की भी व्यवस्था है। इन विद्यालयों में 30 हजार रुपये महीने मानदेय पर संविदा पर शिक्षकों की नियुक्ति की जाती है।


 बीते दिनों मानव संपदा पोर्टल की व्यवस्था लागू होने के बाद केजीबीवी की भी सभी शिक्षकों को डाटा पोर्टल पर दर्ज किया गया बागपत में अनामिका शुक्ला का डाटा दर्ज करते ही पकड़ में आया कि अनामिका शुक्ला के नाम से ही मैनपुरी, अंबेडकरनगर, बागपत, अयोध्या, अलीगढ़, सहारनपुर और प्रयागराज के कुल 24 केजीबीवी में भी शिक्षक कार्यरत हैं। 


अनामिका को बीते 13 महीने में 25 केजीबीवी में करीब कुल एक करोड़ रुपये के मानदेय का भुगतान किया गया है। बेसिक शिक्षा महानिदेशक विजय किरण आनंद  ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अनामिका शुक्ला के खिलाफ एफआईआर दर्ज सभी 25 केजीबीवी से मानदेय एक ही बैंक खाते कराई गई है अयोध्या, अलीगढ़, सहारनपुर और में गया या अलग-अलग खातों में भुगतान किया अंबेडकरनगर में शनिवार को जांच पूरी होने के बाद गया, इसकी जांच की जा रही है। बागपत में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।


कासगंज में भी काम कर रही थी अनामिका 
कासगंज/अलीगढ़। प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में तलाश की जा रही अनामिका शुक्ला कासगंज के फरीदपुर के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में तैनात हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने उनको नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा है। इसके साथ ही उन्हें प्रमाणपत्रों की मूल प्रति जमा करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने मई माह के वेतन आहरण पर भी रोक लगा दी है। शासन से भेजे गए अनामिका शुक्ला पुत्री सुभाष चंद्र निवासी रजपालपुर, लखनपुर फर्रुखाबाद के नाम पते का मिलान हो जाने के बाद विभाग में खलबली मच गई। 


विभाग ने उनको नोटिस देकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मई माह से अग्रिम आदेश तक उनके वेतन आहरण पर रोक लगा दी है। उधर मैनपुरी निवासी अनामिका शुक्ला ने अलीगढ़ में भी जालसाजी की है। ज्वाइनिंग लेकर 95 हजार रुपये बतौर तनख्वाह उठाने वाली इस महिला के खिलाफ बीएसए ने मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।


4.57 लाख रुपये ले चुकी है वेतन : शिक्षिका अनामिका शुक्ला अगस्त 2018 से कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में पूर्णकालीन विज्ञान शिक्षिका के रूप तैनात हैं। अब तक वे कासगंज के विद्यालय से 4 लाख 57 हजार 32 रुपये वेतन के रूप में ले चुके हैं।

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Sunday, March 8, 2020

आजमगढ़ : अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में नियुक्ति में फर्जीवाड़े पर 85 शिक्षक बर्खास्त, गिरफ्तारी से बचने के लिए निलंबित बीएसए पहुंचे कोर्ट

आजमगढ़ : अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में नियुक्ति में फर्जीवाड़े पर 85 शिक्षक बर्खास्त, गिरफ्तारी से बचने के लिए निलंबित बीएसए पहुंचे कोर्ट।






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Friday, January 24, 2020

फिरोजाबाद : फर्जी डिग्री से नौकरी पाने वाले तीस शिक्षक बर्खास्त, SIT जांच के बाद बीएसए ने की कार्रवाई

फिरोजाबाद : फर्जी डिग्री से नौकरी पाने वाले तीस शिक्षक बर्खास्त, SIT जांच के बाद बीएसए ने की कार्रवाई।





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