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Wednesday, November 18, 2020

महराजगंज : खण्ड शिक्षा अधिकारियों के कार्यालय में सम्बद्ध चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को कम्प्यूटर प्रशिक्षण में प्रतिभाग करने के सम्बन्ध में बीएसए ने किया निर्देशित

महराजगंज : खण्ड शिक्षा अधिकारियों के कार्यालय में सम्बद्ध चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को कम्प्यूटर प्रशिक्षण में प्रतिभाग करने के सम्बन्ध में बीएसए ने किया निर्देशित।



Thursday, November 12, 2020

शामली : 50 हजार रुपये रिश्‍वत लेते रंगे हाथ पकड़ी गईं खंड शिक्षा अधिकारी, हिरासत में लेकर मुकदमा दर्ज करने की तैयारी

शामली : 50 हजार रुपये रिश्‍वत लेते रंगे हाथ पकड़ी गईं खंड शिक्षा अधिकारी, हिरासत में लेकर मुकदमा दर्ज करने की तैयारी

शामली : यूनिफॉर्म के लिए रिश्वत लेते बीईओ गिरफ्तार


शामली । शामली में मेरठ से आई विजिलेंस की 10 सदस्य टीम ने 50 हज़ार रुपए की रिश्वत लेते हुए खंड शिक्षा अधिकारी कैराना को रंगे हाथों उनके आवास से हिरासत में लिया। खंडी शिक्षा अधिकारी से टीम ने सदर कोतवाली में पहुंचकर पांच घंटे तक पूछताछ की। टीम खंड शिक्षा अधिकारी के खिलाफ विभिन्न संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी कर रही है।


इनकी थी शिकायत

कैराना क्षेत्र के गांव तितरवाड़ा निवासी सत्यपाल रुहेला के पास सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए ड्रेस का कपड़ा देने का ठेका था। सत्यपाल रुहेला ने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी राज लक्ष्मी द्वारा प्रति बच्चा सौ रुपये रिश्वत की बात कहीं जा रही थी। सत्यपाल रुहेला ने कुछ दिन पूर्व मेरठ की विजिलेंस टीम को मामले की शिकायत की थी। इस दौरान सत्यपाल रुहेला ने खंड शिक्षा अधिकारी से पैसे की लेन-देन की बात कर ली थी।


विजिलेंस टीम ने ऐसे बिछाया था जाल

बुधवार की सुबह करीब आठ बजे सत्यपाल के साथ मेरठ से आई तीन महिला समेत दस सदस्य टीम सदर कोतवाली क्षेत्र के काका नगर में पहुंची। सत्यपाल रुहेला ने खंड शिक्षा अधिकारी के घर के अंदर जाकर 2-2 हजार रुपये के 25 नोट कुल पचास हजार रुपये सौंपे। सत्यपाल के घर से बाहर निकलते ही टीम ने घर के अंदर जाकर खंड शिक्षा अधिकारी राज लक्ष्मी को रंगे हाथों पकड़कर हिरासत में ले लिया।


सुबह आठ बजे से ही सदर कोतवाली में सुबह आठ बजे से ही खंड शिक्षा अधिकारी से विजिलेंस टीम पूछताछ कर रही है। विजिलेंस की टीम द्वारा खंड शिक्षा अधिकारी कैराना के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।

इन्होंने कहा...

खंड शिक्षा अधिकारी को विजिलेंस टीम ने हिरासत में लिया है, यह मामला मेरे संज्ञान में नही है। यदि उन्होंने गलत किया होगा, तभी टीम ने उन्हें हिरासत में लिया है। - गीता वर्मा, जिला बेसिक अधिकारी शामली


मेरठ से आई टीम सुबह से खंड शिक्षा अधिकारी से पूछताछ कर रही है। अभी टीम कुछ नही बताया है। फिलहाल खंड शिक्षा अधिकारी से टीम पूछताछ कर रही है। - सत्यपाल सिंह, कोतवाली प्रभारी शामली  

Wednesday, October 7, 2020

फतेहपुर : लक्ष्य के सापेक्ष कम निरीक्षण किए जाने के कारण जिला समन्वयक एवं खण्ड शिक्षाधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब, देखें

फतेहपुर : लक्ष्य के सापेक्ष कम निरीक्षण किए जाने के कारण जिला समन्वयक एवं खण्ड शिक्षाधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब, देखें।

Saturday, September 26, 2020

हाथरस : बीईओ कार्यालय पर सम्बद्ध कर्मचारियों को कंप्यूटर प्रशिक्षण प्रदान किये जाने के सम्बन्ध में

हाथरस : बीईओ कार्यालय पर सम्बद्ध कर्मचारियों को कंप्यूटर प्रशिक्षण प्रदान किये जाने के सम्बन्ध में




Thursday, September 24, 2020

फतेहपुर : अब बीईओ को हर माह करने होंगे 40 विद्यालयों के निरीक्षण

फतेहपुर : अब बीईओ को हर माह करने होंगे 40 विद्यालयों के निरीक्षण।

फतेहपुर : कोरोना संक्रमण काल में भले ही परिषदीय विद्यालय बंद चल रहे हों लेकिन बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा देने के लिए शासन के निर्देशों पर विभागीय कवायद जारी है। आनलाइन शिक्षा समेत विद्यालयों में चल रही अन्य योजनाओं के सही क्रियान्वयन के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को भी जिम्मेदारी दी गई है। प्रत्येक बीईओ को हर माह कम से कम 40 विद्यालयों का निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपे जाने की जिम्मेदारी तय की गई है। 


अब बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं में खंड शिक्षा अधिकारियों का उत्तरदायित्व और बढ़ा दिया गया है क्योंकि योजनाओं में खास प्रगति नहीं नजर आ रही है । ऐसे में सभी बीईओ को महीने में 40 स्कूलों के निरीक्षण की जिम्मेदारी दी गई है। शिक्षकों के शैक्षणिक कार्यों की गुणवत्ता पर भी उन्हें नजर रखनी होगी। ऑनलाइन पठन पाठन को और दुररस्त रखने का प्रयास होगा। कोरोना के चलते मार्च से

परिषदीय स्कूल के अलावा अन्य शिक्षण संस्थान बंद है। परिषदीय स्कूलों के बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है। मगर उसकी गुणवत्ता मजबूत नहीं है। संसाधनों के अभाव में बच्चे भी शिक्षा की मुख्य धुरी से दूर हैं।


शिक्षा के लिए तलाशे जा रहे विकल्प

बेसिक शिक्षा विभाग क ओर से सीमित संख्या में बच्चों के अभिभावकों को स्कूल बुलाने और पाठ्य सामग्री को घर तक पहुंचाने जैसे विकल्प भी तलाशने के प्रयास शुरू किए गए हैं। बीईओ को निर्देश दिए गए हैं कि 40 स्कूलों का निरीक्षण करना शुरू करें। स्कूली शिक्षा महानिदेशक की ओर से भी इसको लेकर निर्देश दिए गए हैं। बीईओ बेसिक शिक्षा विभाग में संचालित विभिन्न योजनाओं पर नजर रखेंगे।

बीईओ को हर महीने 40 स्कूलों का निरीक्षण करना होगा विभिन्न बिंदुओं की गम्भीरता से क्रियान्वयन के लिए ऐसा किया जा रहा है। खंड शिक्षा अधिकारियों के अलावा स्वयं और जिला समन्वयक भी समय समय पर निरीक्षण करेंगे। जिससे विद्यालयों के आनलाइन शिक्षा से दूर बच्चों को भी शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ा जा सके।-शिवेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए

Sunday, September 20, 2020

आगरा : रिश्वत के आरोप में बेसिक शिक्षा मंत्री ने BEO और 2 शिक्षक सस्पेंड किए

आगरा : रिश्वत के आरोप में बेसिक शिक्षा मंत्री ने BEO समेत 2 शिक्षक सस्पेंड किए


बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री सतीश द्विवेदी ने बीईओ और दो शिक्षकों को सस्पेंड किया.


आगरा. बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री सतीश द्विवेदी ने शनिवार को आगरा मंडल समीक्षा बैठक में बीईओ सहित तीन को सस्पेंड कर दिया. शनिवार को हुई इस मीटिंग में जनप्रतिनिधि और अन्य लोगों की शिकायत करने पर बीईओ और दो शिक्षकों को सस्पेंड कर दिया. बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री ने इस मामले की जांच करने के आदेश दिए.


आगरा के सर्किट हाउस में हुई इस मीटिंग में बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री सतीश द्विवेदी ने आगरा मंडल के सभी जनपदों में यूनिफॉर्म वितरण और दूसरी योजनाओं की समीक्षा की. इस मीटिंग में लोगों की शिकायत करने पर खंड शिक्षाधिकारी अकोला ओमप्रकाश यादव और दो शिक्षकों को संस्पेंड कर दिया. बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि खंड शिक्षा अधिकारी अकोला ओमप्रकाश यादव के खिलाफ जनप्रतिनिधियों ने शिकायत की थी. अकोला ओमप्रकाश यादव पर बरौली अहीर का भी अतिरिक्त आभार था.


सतीश द्विवेदी ने कहा कि बरौली अहीर में तैनात दो शिक्षक उमेश यादव और प्रदीप यादव के खिलाफ भी लोगों ने शिकायत की. इन पर शिक्षकों के साथ अभद्रता करने और काम के लिए पैसे मांगने के आरोप थे. तीनों को तत्काल प्रभाव के साथ सस्पेंड कर दिया गया है और मामले की जांच की भी जाएगी.


इस समीक्षा बैठक में बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी ने ऑपरेशन कायाकल्प को आगे बढ़ाने, रिटायर्ड शिक्षकों को समय पर जीपीएफ और पेंशन का भुगतान करने, फर्जी शिक्षकों के खिलाफ जांच और यूनीफॉर्म-किताब वितरण को समय से पूरा करने के निर्देश दिए. इस मीटिंग में आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी के बेसिक शिक्षा अधिकारी, लेखा अधिकारी, आगरा मंडल के एडी बेसिक और डाइट प्राचार्य भी मौजूद रहे.

Thursday, September 17, 2020

गोण्डा : NIC में थूकने पर 12 BEO फंसे, एक शिक्षाधिकारी की करनी से विभाग हुआ शर्मिंदा, ठोका गया जुर्माना


गोण्डा : NIC में थूकने पर 12 BEO फंसे, एक शिक्षाधिकारी की करनी से विभाग हुआ शर्मिंदा, ठोका गया जुर्माना


गोंडा। बेसिक शिक्षा विभाग मंगलवार को एक खंड शिक्षा अधिकारी की करतूत से शर्मसार हो गया। एनआईसी में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान वहां पर पान मसाला खाकर किसी शिक्षा अफसर ने जगह-जगह थूक दिया। एनआईसी के प्रभारी ने इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी। जिलाधिकारी डॉ. नितिन बसंल ने इस तरह की हरकत को गंभीरता से लिया और कार्रवाई के निर्देश बीएसए को दिए। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. इन्द्रजीत प्रजापति ने दुख जताया और कहा कि ऐसी हरकत से वह शर्मिंदा हैं। उन्होंने मीटिंग में आए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों पर 500-500 रुपये का जुर्माना लगा दिया है। इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी है।



खंड शिक्षा अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एनआईसी में थी, जहां बीएसए भी मौजूद रहे। एनआईसी के भीतर ही किसी एक खंड शिक्षा अधिकारी ने पान मसाला खाकर थूक दिया, यहीं नही एक गुटखे का रैपर भी पड़ा मिला। ऐसे में माना जा रहा है कि गुटखा खाया और फिर थूका। वैसे तो पान मसाला खाना मना है लेकिन कोविड को देखते हुए थूकने पर ही मनाही है कि यहां वहां कोई न थूके। इसके बावजूद शिक्षा अफसर की ऐसी करतूत शर्मिंदा करने वाली रही। इसके पहले भी एक घटना हो चुकी है। फिलहाल किसी एक के खता की सजा अन्य शिक्षा अफसरों को भी मिली है। सभी पर जुर्माना लगा है और जवाब तलब हुआ है। जिलाधिकारी ने इस मामले में कड़े तेवर अपनाए हैं।


Monday, September 7, 2020

हरदोई : लापरवाह बीईओ से बीएसए ने किया जवाब-तलब

सुरसा ब्लॉक के लापरवाह बीईओ से जवाब-तलब

हरदोई  : बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में व्यवस्थाएं सुधारने के लिए तैनात किए गए खंड शिक्षा अधिकारी अपने दायित्वों का पालन करने में घोर लापरवाही बरत रहे हैं। इससे बेलगाम शिक्षक व कर्मचारी मनमानी करके अव्यवस्था फैलाए हैं। इसकी एक झलक शनिवार को स्कूलों के औचक निरीक्षण के दौरान बीएसए ने खुद देखी। नाराजगी जताई। बीईओ से स्पष्टीकरण मांगा। वहीं एक अनुचर का वेतन रोकने के निर्देश दिए।



शनिवार को सुबह 11 बजे बीएसए हेमन्तराव अचानक बीआरसी सुरसा में पहुंच गए। जमीनी हकीकत का निरीक्षण किया तो कमियां देखकर दंग रह गए। अनुचार कुसुमा देवी 21 अगस्त से बिना किसी सूचना के अनुपस्थित पाई गईं। बीआरसी परिसर में चौतरफा गंदगी फैली मिली। छानबीन करने पर पता चला कि प्राथमिक विद्यालय एवं उच्च प्राथकिम स्कूल तुर्तीपुर, उच्च प्राथमिक स्कूल फर्दापुर, प्राथमिक विद्यालय सुरसा, प्राइमरी स्कूल ओदरा में कार्यरत अध्यापकों ने बालक व बालिकाओ को दो-दो सेट मुफ्त ड्रेस वितरण के लिए कपड़ा के संबंध में निविदा में 9 अगस्त की तिथि प्रकाशित कराई। जबकि इस दिन रविवार था।

बीएसए का कहना है कि खंड शिक्षा अभिकारी भगवान राव को निर्देश दिए गए हैं कि वे उक्त कमियों के संबंध में अपना स्पष्टीकरण समुचित साक्ष्यों के साथ तीन दिन के अंदर बीएसए कार्यालय में दें। ऐसा प्रतीत होता है कि बीईओ की लापरवाहीपूर्ण पर्यवेक्षण के कारण उपरोक्त विज्ञप्ति निविदा खोलने का दिन गलत तरीके से रविवार अंकित किया गया। ऐसा करके टेंडर के नियमों का पालन नहीं किया गया। इस मामले में अभी तक बीईओ ने कोई उचित कार्रवाई नहीं की। न ही उन्हें मामले की जानकारी दी। जिलाधिकारी को भी निरीक्षण आख्या भेजी गई है।

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Wednesday, August 26, 2020

खंड शिक्षा अधिकारियों को प्रथम निरीक्षक-शिक्षा अधिकारी के समकक्ष वेतन और भत्ते देने की मांग

खंड शिक्षा अधिकारियों को प्रथम निरीक्षक-शिक्षा अधिकारी के समकक्ष वेतन और भत्ते देने की मांग

 

लखनऊ। उत्तर प्रदेशीय विद्यालय निरीक्षक संघ ने खंड शिक्षा अधिकारियों को केंद्र सरकार के विद्यालय प्रथम निरीक्षक-शिक्षा अधिकारी के समान वेतन और भत्ते देने की मांग की है। संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. सतीश द्विबेदी से मुलाकात कर लंबित मांगों पर बात की। 


साथ ही 32 सालों से प्रोन्नति नहीं मिलने से अधिकारियों का मनोबल कमजोर होने का भी मुद॒दा उठाया। मंत्री ने उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया। प्रतिनिधि मंडल में राज्य अत कर्म परिषद के अध्यक्ष एसपी तिवारी, संघ के महामंत्री वीरेंद्र , उपाध्यक्ष संजय शुक्ल, संयुक्त मंत्री आरपी यादव व अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

Friday, August 14, 2020

बुलंदशहर में वायरल मारपीट की घटना पर बेसिक शिक्षा मंत्री का कड़ा रुख, घटना में शामिल BEO व शिक्षक को तत्काल निलंबित कर विभागीय जांच कराने का दिया निर्देश

बुलंदशहर में वायरल मारपीट की घटना पर बेसिक शिक्षा मंत्री का कड़ा रुख, घटना में शामिल BEO व शिक्षक को तत्काल निलंबित कर विभागीय जांच कराने का दिया निर्देश। 


नया अपडेट 👇

लखनऊ। बुलंदशहर के सिकंदरा ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी नरेंद्र कुमार सिंह और राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, थपरावली के व्यायाम शिक्षक पंकज यादव को आपस में मारपीट के मामले में निलंबित कर दिया गया है।

शुक्रवार को न्यूज चैनल और सोशल मीडिया पर मारपीट की ख़बरें चली थीं। बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री सतीश चंद्र द्विवेदी ने इसका संज्ञान लेते हुए दोनों को निलंबित कर विभागीय जांच के निर्देश दिए हैं।



हफ्ते भर बाद पुराना वीडियो हुआ वायरल जिसमे 👇
BEO साहब के बिगड़े बोल, प्राइमरी का मास्टर से बोले रहो औकात में, आपत्ति जताने पर की हाथापाई, हो रहा वीडियो वायरल




दिनांक 11 अगस्त
सीसीटीवी फुटेज के बाद बीएसए साहब हुए बैकफुट 👇 
दर्ज एफआईआर को पुंजित करने का पत्र 


दिनांक 13 अगस्त
शिक्षक के पत्र के जरिये सीसीटीसी फुटेज को संज्ञान में लेने की मांग 👇

■ दिनांक : 7 अगस्त
घटना बाद कई बीईओ की शिकायत पर तुरन्त केवल शिक्षक को किया निलंबित 👇 

Tuesday, August 11, 2020

प्रतापगढ़ : प्राइमरी स्‍कूल में जांच के लिए पहुंचा खंड शिक्षाधिकारी निकला फर्जी, ग्रामीणों ने जम कर की धुनाई

प्रतापगढ़ : प्राइमरी स्‍कूल में जांच के लिए पहुंचा खंड शिक्षाधिकारी निकला फर्जी, हुई पिटाई।

ग्रामीण फर्जी बीईओ से परिचय पत्र मांगने लगे तो वह सकपका गया। इतने में ग्रामीणों ने उसे पीटना शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस उसे पकड़कर थाने ले गई।

प्रयागराज :: पडोसी जनपद प्रतापगढ़ में एक प्राथमिक स्‍कूल में जांच के लिए पहुंचे खंड शिक्षाधिकारी ही फर्जी निकले। जब यह राज खुला तो शिक्षिका ने ग्रामीणों को बुला लिया। इसके बाद खंड शिक्षाधिकारी ग्रामीणों ने जमकर धुनाई कर दी। इसके बाद आरोपित को पुलिस के हवाले कर दिया। शिक्षिका ने मामले में संग्रामगढ़ पुलिस को तहरीर दी है।




 यह था मामला

संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के चुभकी गांव निवासी सुशीला यादव अपने ही गांव के प्राइमरी स्कूल में सहायक अध्यापिका पद पर तैनात है। उनके विद्यालय में तीन दिन पहले एक युवक पहुंचा और खुद को खंड शिक्षाधिकारी बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ शिकायत हुई है, उसी की जांच करने आए हैं। अगर दस हजार रुपये दे देंगी तो सब कुछ मैनेज कर लिया जाएगा।  बातचीत के दौरान सुशीला को शक हो गया कि जो युवक खुद को खंड शिक्षाधिकारी बता रहा है, वह जालसाज है। क्योंकि उनके यहां के खंड शिक्षाधिकारी मोहम्मद रिजवान हैं। यह पूछने पर वह कहने लगा कि मैंने जल्द ही चार्ज लिया है। बातचीत करने के बाद शिक्षिका का फोन नंबर लेकर वह युवक स्कूल से चला गया। उसी दिन से वह युवक सुशीला देवी को फोन करके पैसा देने का दबाव बनाने लगा।




घूस की रकम लेने पहुंचे फर्जी खंड शिक्षाधिकारी की ग्रामीणों ने की पिटाई

आजिज आकर शिक्षिका सुशीला देवी ने उसे सोमवार को पैसा देने के लिए स्कूल बुलाया। यही नहीं उन्होंने पूरे प्रकरण की जानकारी ग्रामीणों को भी दे दी। सोमवार को सुबह स्कूल खुलते ही करीब साढ़े नौ बजे वह जालसाज युवक पैसा लेने के लिए पहुंच गया। इतने में स्कूल पर नजर गड़ाए ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उसे घेर लिया। ग्रामीण उससे परिचय पत्र मांगने लगे तो वह सकपका गया। इतने में ग्रामीणों ने उसे पीटना शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस युवक को पकड़कर थाने ले गई।


पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

थाने में पूछताछ में पकड़े गए जालसाज ने अपना नाम राजेंद्र कुमार यादव पुत्र छेदीलाल यादव भिटारी गांव का निवासी बताया। शिक्षिका सुशीला देवी की तहरीर पर पुलिस ने राजेंद्र यादव के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया। संग्रामगढ़ एसओ आशुतोष तिवारी ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करके राजेंद्र यादव को गिरफ्तार कर  लिया गया है।


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Monday, August 10, 2020

बीईओ बोलीं, 10 हजार से नीचे नहीं हो पाएगा काम, वायरल वीडियो के खलबली मचाने के बाद दी प्रतिकूल प्रविष्टि, बीएसए ने बताया आरोपों को निराधार



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बीईओ बोलीं, 10 हजार से नीचे नहीं हो पाएगा काम,  वायरल वीडियो के खलबली मचाने के बाद दी प्रतिकूल प्रविष्टि, बीएसए ने बताया आरोपों को निराधार


हरदोई: बेसिक शिक्षा विभाग में वायरल वीडियो ने खलबली मचा दी है। खंड शिक्षा अधिकारी शाहाबाद शुचि गुप्ता की एक सेवानिवृत्त अध्यापक से बातचीत के वायरल वीडियो के अनुसार..मास्टर साहब, हम क्या बताएं इसमें, हमें तो बीएसए को भी देना पड़ता है। बीएसए साहब को क्या हम पैसे अपने पास से देंगे। आप से तो कोई ज्यादा मांगे भी नहीं हैं, केवल 10 हजार रुपये की बात हुई है। आप पता कर लो कि हम बाकी का कितने में कर रहे हैं। जितना बीएसए को देना है उतना तो पूरा हो जाए हमारा।. .नहीं मास्टर साहब इससे कम हम क्या कर लें। आप हमारे घर आए थे तो हमने आपकी बात रख ली। बात यह है कि हमें तो फाइलें गिनकर बीएसए को हिसाब देना पड़ता है। कम से कम उनके खर्चा भर को तो निकल आए। बीएसए को पता होता है कि इतने लोग रिटायर हो रहे हैं। दस हजार रुपये में हम क्या उन्हें देंगे और क्या खुद रखेंगे। दस में भी चलो उनके भर का मिल जाए हमें नहीं मिल रहा है तब भी कोई बात नहीं। ..हालांकि यह वीडियो पुराना बताया जा रहा है और इसके चर्चा में आने पर 31 जुलाई को बीएसए, बीईओ को कारण बताओ नोटिस जारी कर चुके थे, लेकिन शनिवार रात सोशल मीडिया पर छाए वीडियो ने खलबली मचा दी है।


वायरल वीडियो के अनुसार खंड शिक्षा अधिकारी शुचि गुप्ता से कोई सेवानिवृत्त अध्यापक अपनी फाइल निस्तारण की बात कहता है। उससे पूर्व में 10 हजार रुपये की बात हुई और रुपयों के लिए ही वह बीईओ से मिलने आया। फोन पर किसी से बात करने के बाद बीईओ सेवानिवृत्त अध्यापक से मुखातिब होती हैं और 10 हजार रुपये से कम में काम न हो पाने की बात कहती हैं। इतना ही नहीं वह अन्य सेवानिवृत्त अध्यापकों का भी हवाला देती हैं कि किसी ने कोई सिफारिश नहीं लगवाई। सभी आए और अपना हिसाब कर काम करा ले गए। 


भाजपा जिलाध्यक्ष के गांव के एक सेवानिवृत्त अध्यापक की भी वह नजीर देती हैं। कहती हैं कि वह तो अध्यक्ष जी के रिश्तेदार थे, लेकिन कोई सिफारिश नहीं कराई, रुपये दिए और काम करवाया। वह खंड शिक्षा अधिकारी और अध्यापक के बीच आपसी रिश्तों का भी हवाला देती हैं। करीब छह मिनट 28 सेकेंड के वीडियो में अध्यापक कुछ अन्य के लिए भी पूछता है तो वह कहती हैं कि उनसे 18 हजार रुपये लिए, अपनी जल्दी फाइल करवा लो। शाहाबाद में किसी भी दिन चले आना और चुपचाप रुपये देना बस। बीईओ के रुपये मांगने के वीडियो की बात संज्ञान में आने पर 31 जुलाई को ही बीईओ शुचि गुप्ता को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा गया था। बीईओ उनका नाम लेकर जो भी बात कह रही हैं वह पूरी तरह निराधार है। रुपये मांगने के वीडियो पर बीईओ शुचि गुप्ता को प्रतिकूल प्रविष्टि देते हुए कार्रवाई के लिए शासन को लिखा गया है।


वीडियो पुराना है, पूरी साजिश करके आवाज बदलकर इसे बनाया गया है और इसके नाम पर ब्लैकमेलिग की भी कोशिश की गई। पत्रावली निस्तारण के नाम पर कोई रुपये नहीं मांगे, उनके ऊपर लगाए गए आरोप गलत हैं। - हेमंतराव, बीएसए


नया अपडेट ☝️
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पुराना अपडेट 👇

हरदोई : फाइलें गिनकर बीएसए को पहुंचाना होता है हिस्सा, वायरल वीडियो में बीईओ का खुलासा, बीएसए ने थमाया नोटिस




● काम में लापरवाही पर भरखनी बीईओ को नोटिस
● बीएसए ने तीन दिन में मांगा जवाब, कार्रवाई की चेतावनी
● सोशल साइट पर वायरल वीडियो में पेंशन के पैसे मांगने का भी आरोप



हरदोई। शिक्षा विभाग के कामों में लापरवाही बरतने और सोशल साइट पर पेंशन की धनराशि मांगने के आरोप के बाद बीएसए ने भरखनी खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के अंदर जवाब मांगा है। बीएसए ने चेतावानी दी कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।  बीएसए हेमंत राव ने बताया कि भरखनी बीईओ शुचि गुप्ता के पास शाहाबाद का भी अतिरिक्त प्रभार है। 


मिशन प्रेरणा से संबंधित कार्य, कंपोजिट ग्रांट से कराए गए कामों की फीडिंग, एमडीएम डाटा आदि की फीडिंग में दोनों ब्लाक पिछड़े हुए हैं। इसके अलावा विकास खंड भरखनी में विद्युतीकरण भी कम है। मानव संपदा के तहत अपलोडिंग भरखनी 53 प्रतिशत, नगर पंचायत पाली 29 प्रतिशत और शाहाबाद में सिर्फ 43 प्रतिशत हुई है। बार-बार पत्र लिखने के बाद भी अगर काम में प्रगति नहीं आ रही है, तो यह अनुशासन हीनता की श्रेणी में आता है। 


इसी तरह सोशल साइट पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें पेंशन से रुपये भी मांगे जा रहे हैं, इन सब आरोपों के बाद उनको कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। तीन दिन का समय दिया गया है, यदि तीन दिन के बाद मिले स्पष्टीकरण से संतुष्टी न हुई तो उनके कार्रवाई करने की बात कही।


● खंड शिक्षा अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी

● हरदोई विकास खंड भरखनी-शाहाबाद का एक वीडियो वायरल हुआ है. जिसमें रुपये मांगने की बात कही गई है।...



हरदोई : विकास खंड भरखनी-शाहाबाद का एक वीडियो वायरल हुआ है,. जिसमें रुपये मांगने की बात बताई जा रही है। बीएसए ने वीडियो के साथ ही कार्यों में उदासीनता पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है।


बीएसए हेमंत राव ने खंड शिक्षा अधिकारी भरखनी/शाहाबाद शुचि गुप्ता को जारी पत्र में कहा गया है कि 31 जुलाई 2010 को सोशल मीडिया पर पेंशनर से धनराशि मांगे जाने का वीडियो वायरल हुआ है, जो अत्यंत निदाजनक व आपकी अनुशासनहीनता का प्रतीक है। इस कृत्य से विभाग की छवि खराब हुई है। ऐसा प्रतीत होता है कि आपके द्वारा जानबूझ कर विभाग की छवि धूमिल की गई। इसके अलावा मिशन प्रेरणा से संबंधित कार्यो के संबंध में दिशा निर्देश जारी किए गए थे। मगर विकास खंड भरखनी और शाहाबाद का कार्य पूर्ण नहीं कराया गया, जो आदेशों की अवहेलना है। बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी से तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।


खबर साभार :  दैनिक जागरण / अमर उजाला

निरंकुश खंड शिक्षा अधिकारी, अध्यापक परेशान, शिक्षक संघ की चुप्पी भी कर रही हैरान

निरंकुश खंड शिक्षा अधिकारी, अध्यापक परेशान, शिक्षक संघ की चुप्पी भी कर रही हैरान

 
प्रकरण एक- बीएसए ने बीईओ भरावन को फर्जी अध्यापक के विरुद्ध एफआइआर दर्ज कराने का आदेश दिया। बीईओ ने न केवल उसे मानने से मना किया बल्कि बीएसए के लिए भी खरी खोटी सुनाईं। जिसका वीडियो खूब वायरल हुआ, अब जांच हो रही है।


प्रकरण दो: बीईओ हरपालपुर पर विकास खंड क्षेत्र के ही अध्यापक ने उत्पीड़न का आरोप लगाया। मामला बेसिक शिक्षा मंत्री तक पहुंचा, जिसकी जांच का आदेश दिया गया, लेकिन धीरे धीरे फाइलों में खो गया। अध्यापक शिकायत करते घूम रहा है। 


 हरदोई: खंड शिक्षा अधिकारियों की विद्यालयों पर अंकुश लगाने की जिम्मेदारी होती है, लेकिन देखा जाए तो वही निरंकुश होते जा रहे हैं। खबर में शामिल दो मामले तो लिखापढ़ी में हैं। बीएसए के नाम पर रुपये मांगने का वायरल वीडियो बीईओ की निरंकुशता की गवाही दे रहा है और इसका खामियाजा अध्यापक भुगत रहे हैं। अध्यापकों का कहना है कि सीसीएल, प्रसूति अवकाश के तो रेट ही निर्धारित हैं। अध्यापकों को जरा जरा सा काम के लिए बीआरसी बुलाया जाता है।



 पाठ्य पुस्तकों को विद्यालयों तक पहुंचाने की धनराशि आती है, लेकिन अध्यापकों को निजी संसाधनों से किताबें ले जानी पड़ती हैं। जिले के 19 विकास खंडों में कई बीईओ सराहनीय काम कर रहे हैं, लेकिन कुछ पूरी व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा देते। निरीक्षण के नाम पर शोषण किया जाता है। बीईओ के चहेते अध्यापक स्कूल नहीं जाते, लेकिन अन्य कोई देर से पहुंचे तो कार्रवाई निश्चित।



शिक्षक संघ भी साधे बैठा चुप्पी

शिक्षकों की परेशानी के आए दिन मामले सामने आते रहते हैं। देखा जाए तो बीएसए कार्यालय से लेकर बीआरसी तक शिक्षक-शिक्षिकाएं परेशान रहते हैं और उन्हें टरकाया जाता है, लेकिन शिक्षक संघ चुप्पी साधे बैठा है। जूनियर शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष योगेश त्यागी का कहना है कि जो भी मामला सामने आता है उसे उठाया जाता है और अध्यापकों का उत्पीड़न स्वीकार नहीं किया जाएगा।  प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष व प्रांतीय कोषाध्यक्ष शिवशंकर पांडेय का कहना है कि संघ अध्यापकों के साथ है। 


बीईओ की जहां भी लापरवाही सामने आती है। कार्रवाई होती, उन्हें नोटिस जारी किया जाता है। किसी भी अध्यापक को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। अगर कोई परेशानी है तो विद्यालय के समय के बाद अध्यापक उन्हें मिलकर या फोन कर अपनी परेशानी बता सकता है। जो बीईओ निरंकुशता कर रहे हैं, उन पर भी कार्रवाई हो रही है। -हेमंतराव, बीएसए

Thursday, August 6, 2020

उन्नाव : बीआरसी से सर्विस बुक खोने के मामले ने पकड़ा तूल, बीईओ की तीन सदस्यीय टीम से जांच कराएंगे बीएसए

उन्नाव : बीआरसी से सर्विस बुक खोने के मामले ने पकड़ा तूल, बीईओ की तीन सदस्यीय टीम से जांच कराएंगे बीएसए।

उन्नाव :  बीआरसी (ब्लॉक संसाधन केंद्र) में सर्विस बुक न होने से शिक्षक का नाम राज्य पुरस्कार के लिए न भेजे जाने के मामले ने तूल पकड़ा है। बीएसए अब बीईओ की तीन सदस्यीय टीम गठित कर इसकी जांच कराएंगे। इसमें जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।





बेसिक स्कूलों में अच्छा काम करने वाले शिक्षकों को हर साल राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। साल 2020-21 में जिले के पांच शिक्षकों में नवाबगंज ब्लॉक से सोहरामऊ अंग्रेजी स्कूल की शिक्षिका स्नेहिल पांडेय, नानाटीकुर उच्च प्राथमिक स्कूल के शिक्षक विनय त्रिपाठी, बिछिया की शिक्षिका रश्मि पांडेय, सिकंदपरपुर सरोसी ब्लॉक से ज्योति नगर क्षेत्र से सुनील गुप्ता ने ऑनलाइन आवेदन किया था। इसमें चार शिक्षकों के नाम तो बीएसए ने भेज दिए थे। जबकि सहायक शिक्षक विनय त्रिपाठी की फाइल में बीईओ (खंड शिक्षाधिकारी) ने बीआरसी पर सर्विस बुक न होने की रिपोर्ट लगाकर बीएसए को फाइल भेजी थी। जिससे उनका आवेदन निरस्त हो गया था। शिक्षक ने बीईओ पर आरोप लगाया था कि उनकी सर्विस बुक वहीं से गायब करा दी गई है। उन्होंने कभी सर्विस बुक ली ही नहीं। उन्होंने बीएसए के साथ डीएम को भी प्रार्थना पत्र देकर इसकी जांच कराने की मांग की थी। जबकि बीईओ का कहना था कि उन्होंने खुद सर्विस बुक बीआरसी से ली है। इसकी हकीकत जानने के लिए अब मामले की जांच होगी। बीएसए प्रदीप कुमार पांडेय ने बताया कि मामले की सच्चाई जानने के लिए इसकी जांच कराई जाएगी। इसमें जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।


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Wednesday, August 5, 2020

कौशाम्बी : खण्ड शिक्षाधिकारी सिराथू निकले कोरोना पॉजिटिव, बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित समस्त खण्ड शिक्षाधिकारी हुए होम क्वारन्टीन

कौशाम्बी : खण्ड शिक्षाधिकारी सिराथू हुए कोरोना पॉजिटिव, बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित समस्त खण्ड शिक्षाधिकारी हुए होम क्वारन्टीन।

मंझनपुर : दोआबा में कोरोना का संक्रमण रफ्तार पकड़ने लगा है। मंगलवार को चायल विधायक और खंड शिक्षाधिकारी सिराथू समेत 14 लोग कोरोना पॉजिटिव निकले।





सीएमओ डॉ. पीएन चतुर्वेदी ने बताया कि एंटीजन की जांच में आठ लोग संक्रमित मिले हैं। संक्रमितों में चायल क्षेत्र के विधायक समेत तीन सिराथू क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारी समेत चार व मूरतगंज के एक व्यक्ति समेत आठ लोग शामिल हैं। विधायक व खंड शिक्षा अधिकारी को होम आइसोलेशन की इजाजत दे दी गई है।


खंड शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट पॉजिटिव होने की खबर पर बेसिक शिक्षा अधिकारी समेत जिलेभर के सभी बीईओ ने खुद को होम क्वारंटीन कर लिया है। खंड शिक्षा अधिकारी ने हाल ही में संपर्क में आए लोगों से जल्द से जल्द कोविड जांच कराने के साथ ही होम क्वारंटीन की सलाह दी है।

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Monday, August 3, 2020

कानपुर में तैनात बीईओ ने कोरोना पॉजिटिव आने पर लगाई फांसी

पांच दिन बाद भी नहीं आई बीएसए कार्यालय के 20 कर्मचारियों की रिपोर्ट

पांच बीई ओ पॉजिटिव एक लिपिक भी गंभीर



कानपुर  : बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के पांच खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ), एक लिपिक और एक शिक्षक व इनके परिवार के सदस्यों के कोरोना पॉजिटिव निकलने से हड़कंप मच गया है। कोरोना पॉजिटिव निकले किदवई नगर, सदर और तीन दिन पहले तक मुख्यालय का भी कार्यभार संभालने वाले बीईओ सुरेश कुमार ने रविवार को उन्नाव में आत्महत्या कर ली। वह शुक्रवार को कार्यालय आए थे और कई कर्मचारियों से मिले थे। बीईओ सदर कार्यालय के एक कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव होने के बाद नारायणा के आईसीयू में भर्ती हैं। बीएसए कार्यालय में जिन 20 की पांच दिन पहले जांच हुई थी, उनकी रिपोर्ट अब तक नहीं आ सकी है। बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय और खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में कोरोना को लेकर हुई लापरवाही अब सामने आने लगी है।





बीएसए ने माना, स्थिति गंभीर

बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. पवन कुमार तिवारी ने कहा कि स्थितियां ठीक नहीं हैं। हमारे 50 फीसदी खंड शिक्षा अधिकारी संक्रमित हो चुके हैं। कर्मचारी भी संक्रमित हैं। उन्होंने बताया कि काम अधिक है। अभी चार-पांच दिन पहले बीईओ सुरेश कुमार से उनके आग्रह पर बीईओ मुख्यालय का काम हटाया था। किदवई नगर और तहसील का काम उनके पास था। उन्होंने कहा कि स्थितियों को देखते हुए जो भी सुरक्षा को लेकर कदम उठाए जा सकते हैं, वह उठाएंगे।

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उन्नाव में खंड शिक्षाधिकारी ने कोरोना पॉजिटिव होने पर फांसी लगा कर दे दी जान।

उन्नाव :  कानपुर नगर में तैनात खंड शिक्षाधिकारी ने कोरोना रिपोर्ट पॉजीटिव आने के बाद शनिवार देर रात घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। पत्नी ने शव लटकता देखा तो होश उड़ गए। परिजन व पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंचे चौकी प्रभारी ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।





शहर कोतवाली क्षेत्र के कल्याणी देवी निवासी सुरेश कानपुर में खंड शिक्षाधिकारी (बीईओ) के पद पर तैनात थे। एक पखवाड़ा पहले तबीयत खराब होने पर 27 जुलाई को उर्सला में टायफाइड और कोरोना की जांच कराई थी। शनिवार दोपहर 2.30 पर उर्सला से फोन पर जानकारी दी गई कि जांच में सुरेश कोरोना से संक्रमित है। परिजनों ने उन्हें समझाया कि चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। जल्दी ही ठीक हो जाएंगे। रात परिवार के सभी सदस्य खाना खाने के बाद अपने अपने कमरों में सोने के लिए चले गए। इसी दौरान सुरने ने पंखे से लटककर जान दे दी।





रविवार सुबह पत्नी हेमलता ने सुरेश को फंदे से लटकता देखा को सन्न रह गईं। बेटे सुमित ने बताया कि पिता की कानपुर में तैनाती थी। उनके पास तीन ब्लॉक सदर बाजार, किदवईनगर और मुख्यालय था। तबीयत खराब होने पर छुट्टी ले रखी थी। टायफाइड व कोरोना की जांच कराई थी। शनिवार दोपहर उर्सला से फोन पर उनके कोरोना पॉजिटिव होने की जानकारी दी गई थी।








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Tuesday, July 28, 2020

संत कबीरनगर : मध्याह्न भोजन और कन्वर्जन कास्ट का वितरण समय से नहीं कराए जाने पर सभी खंड शिक्षाधिकारियों के वेतन पर तत्काल प्रभाव से बीएसए ने लगाई रोक

संत कबीरनगर : मध्याह्न भोजन और कन्वर्जन कास्ट का वितरण समय से नहीं कराए जाने पर सभी खंड शिक्षाधिकारियों के वेतन पर तत्काल प्रभाव से बीएसए ने लगाई रोक।

कबीरनगर : लॉकडाउन की अवधि में परिषदीय और सहायताप्राप्त विद्यालयों के बच्चों को मध्याह्न भोजन की प्रतिपूर्ति के लिए राशन और धनराशि दिया जाना था। यह कार्य विद्यालय स्तर से पूरा किया जाना था। अद्यतन कार्य पूरा नहीं होने को लेकर बीएसए सत्येंद्र कुमार सिंह ने सोमवार को जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया है।




जारी पत्र में बीएसए ने लिखा है कि जून माह में ही मध्याह्न भोजन और कन्वर्जन कास्ट उपलब्ध करवा दिया गया था। इसका वितरण समय अनुसार नहीं हो सका। इससे अनुश्रवण की लचर स्थिति सामने आती है। उन्होंने जिले के नौ ब्लाकों के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों का वेतन बाधित करते हुए 30 जुलाई तक अनिवार्य रूप से लाभान्वित छात्रों की संख्या का विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिये हैं।


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फतेहपुर : बेसिक शिक्षा में बनेगा एकेडमिक कैलेंडर, बीएसए ने खण्ड शिक्षाधिकारियों को दिया निर्देश

फतेहपुर : बेसिक शिक्षा में बनेगा एकेडमिक कैलेंडर, बीएसए ने खण्ड शिक्षाधिकारियों को दिया निर्देश।

फतेहपुर : बेसिक शिक्षा विभाग ने एकेडमिक कैलेंडर पर काम कराना भी शुरू करा दिया है। बीएसए ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वह प्राथमिक और जूनियर स्कूलों में एकेडमिक कैलेंडर बनवाएं।




राज्यपाल ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई सुझाव दिए हैं। आठ माह पूर्व जब उन्होंने जिले में रात्रि प्रवास के बाद सुबह थरियांव के परिषदीय स्कूलों का निरीक्षण करते हुए वहां पढ़ने वाले बच्चों से मिलकर जिले के शैक्षिक स्तर को परखा था। लखनऊ में बीते दिन हुए कार्यक्रम में उन्होंने शिक्षा पर चिता जताते हुए प्रदेश को देश के टॉप-5 में शामिल करने का आह्वान किया था। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि एकेडमिक कैलेंडर बनाए जाने के निर्देश मिले हैं। सभी खंड शिक्षाधिकारी इस काम में जुट गए हैं। कोरोना संकट की वजह से दिक्कत आ रही है। शैक्षिक कैलेंडर में कक्षावार कोर्स को माह वार बांटा जाएगा। वहीं साल भर में पड़ने वाले महापुरुषों के नाम जिनमें छुट्टियां नहीं होती हैं वह भी दर्ज होंगे। कैलेंडर के साथ ही राज्यपाल की मंशा के मुताबिक पढ़ाई को पोस्टर और चित्र के माध्यम से सुग्राही बनाया जाएगा। इस काम में अभिभावकों का सहयोग लिया जाएगा।


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Tuesday, July 14, 2020

फतेहपुर : शासनादेश को बीईओ ने दिखाया ठेंगा, जारी किया अपना "आदेश"

फतेहपुर : शासनादेश को ठेंगा, बीईओ का अपना "आदेश" जारी!


फतेहपुर : अपर मुख्य सचिव द्वारा दिए गए 27 जून के आदेश को ठेगा दिखाते हुए विजयीपुर ब्लॉक के सीईओ ने 13 जुलाई को अपना 'आदेश' जारी कर दिया। अपर मुख्य सचिव ने गत 27 जून को प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों एवं अंशकालिक अनुदेशकों का सेवा विवरण मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड कराने, डाटा सत्यापन एवं अभिलेखों के सत्यापन के सम्बन्ध में आदेश जारी किया था। इसमें सभी जिलों के बीएसए को कई निर्देश दिए गए थे। आदेश में शिक्षामित्रों व अनुदेशकों के अभिलेखों एवं सभी प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराने का निर्देश भी शामिल है। इस बारे में बिन्दुवार कई निर्देश दिए गए हैं। बिन्दु संख्या चार में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि समस्त शिक्षामित्रों एवं अंशकालिक अनुदेशकों के शैक्षिक अभिलेखों एवं समस्त प्रमाणपत्रों का ऑनलाइन, रजिस्टर्ड डाक या वाहक द्वारा संबंधित बोर्ड या विश्वविद्यालय से सत्यापन कराया जाएगा। इस सत्यापित कार्य में व्यय की गई धनराशि यथा स्टेशनरी, डाक व्यय का भुगतान समग्र शिक्षा के अन्तर्गत किया जाएगा।







लेकिन बीईओ ने जारी किया यह आदेश :: सोशल मीडिया में सामने आए आदेश में बीईओ विजयीपुर ने बिन्दु संख्या चार की अवेहलना कर दी। उन्होंने डाक व्यय का भार शिक्षामित्रों व अंशकालिक अनुदेशकों के कंधों पर डाल दिया। उन्होंने 13 जुलाई को एक आदेश जारी कर शिक्षकों को न्याय पंचायत वार प्रभारी बनाया है। रोस्टर जारी कर तारीख एवं समय भी तय कर दिया। आदेश में उन्होंने साफ लिखा है कि जांच के दौरान शिक्षा मित्र व अनुदेशक सभी प्रमाण पत्रों की दो सेट छायाप्रति एवं पांच सादे लिफाफे रजिस्ट्री टिकट के साथ लाएं। अब अंदरखाने विरोध यह है कि जब डाक व्यय का वहन समग्र शिक्षा के मद से किया जाएगा तो फिर इसे शिक्षामित्रों व अनुदेशकों से क्यों वसूला जा रहा है।

बोले जिम्मेदार :: परियोजना के गाइड लाइन के अनुसार ही सत्यापन कार्य कराया जारहा है। किसी गलतफहमी में बीईओ विजयीपुर ने पत्र जारी किया हो। जानकारी कराने के उपरांत उसे निरस्त कराया जाएगा। शिवेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए


▪️ यहां क्लिक करके देखें शासन द्वारा निर्गत आदेश👈🏻




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Sunday, July 12, 2020

फतेहपुर : मानव सम्पदा पोर्टल पर फीडिंग में लापरवाही पड़ेगी भारी, शिक्षकों के साथ बीईओ पर भी होगी कार्यवाई, 15 जुलाई तक काम न होने पर रुकेगा वेतन

फतेहपुर : मानव सम्पदा पोर्टल पर फीडिंग में लापरवाही पड़ेगी भारी, शिक्षकों के साथ बीईओ पर भी होगी कार्यवाई, 15 जुलाई तक काम न होने पर रुकेगा वेतन।


फतेहपुर : मानव संपदा पोर्टल पर डाटा अपलोड में लापरवाही पर अब शिक्षकों के साथ खंड शिक्षा अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। शिक्षा निदेशक बेसिक के निर्देश के बाद बीएसए ने सभी शिक्षकों को 15 जुलाई तक पोर्टल पर अपना डाटा अपलोड और सुधार करने के लिए अंतिम अवसर दिया है। स्पष्टकिया गया है कि 15 जुलाई तक आदिमानव संपदा पोर्टल पर डाटा अपलोड नहीं होता है तो शिक्षकों के साथ-साथ खंड शिक्षा अधिकारियों के भी वेतन बाधित करने की कार्रवाई होगी। शिक्षा विभाग में फर्जी शिक्षकों को बेनकाब करने और अवकाश आदि कार्यों के ऑनलाइन संचालन किए जाने की नीति को लागू करने के लिए विभाग ने मानव संपदा पोर्टल पर सर्विस बुक को ऑनलाइन किए जाने की योजना बनाई है। इससे एक प्रमाण पत्र पर कई जनपद में नौकरी करने वाले शिक्षकों का पर्दाफाश हो सकेगा। इस योजना के तहत सभी शिक्षकों को अपना डाटा पोर्टल पर अपलोड किया जाना था। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के आदेशों के बावजूद जिले के तमाम शिक्षकों ने पोर्टल पर डाटा अपलोड करने में रुचि नहीं दिखाई। अभी भी जिले में तमाम शिक्षकों का डाटा अधूरा है। कई दर्जन शिक्षकों ने तो अभी मानव संपदा पोर्टल पर लॉगइन ही नहीं किया है।




बीएसए सख्त : शिक्षकों के साथ बीइओ पर भी होगी कार्रवाई, तय समय 15 जुलाई तक काम न होने पर रुकेगा वेतन।

शिक्षक खुद कर सकते हैं डाटा अपलोड : बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि गूगल लिंक पर 15 जुलाई तक डाटा अपलोड करने एवं त्रुटियों के सुधार के लिए वक्त दिया गया है। इस काम को शिक्षक खुद ही कर सकते हैं। गूगल लिंक के माध्यम से कार्य किया जा सकता है। बताया कि जिले में करीब 98 प्रतिशत डाटा फीड हो चुका है। शेष को डाटा अपलोड करने के साथ साथ त्रुटियों का संशोधन भी करने के लिए सख्ती के साथ कहा गया है। अन्यथा की स्थिति में शिक्षकों के साथ साथ सम्बंधित बीईओ के भी वेतन रोकने की कार्यवाही की जाएगी।



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