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Sunday, March 28, 2021

प्रयागराज : बीईओ पर कमीशन मांगने का आरोप, जांच करेगी कमेटी

प्रयागराज : बीईओ पर कमीशन मांगने का आरोप, जांच करेगी कमेटी


प्रयागराज : खंड शिक्षाधिकारी (बीईओ) कौंधियारा अतुल दत्त तिवारी द्वारा मिड डे मील की अवशेष धनराशि न देने, स्कूल ड्रेस में कमीशन मांगने, वार्षिक वेतन वृद्धि बहाल न करने, जीपीएफ पेंशन आदि में रुपये मांगने के आरोप की जांच दो सदस्यीय कमेटी करेगी। बीएसए संजय कुमार कुशवाहा ने बीईओ करछना संतोष श्रीवास्तव और बीईओ चाका डॉ. संतोष यादव को एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट देने को कहा है।


कौंधियारा के प्राथमिक विद्यालय डाही (संविलियन) के प्रधानाध्यापक विनोद कुमार सिंह, प्राथमिक विद्यालय टिकरी के प्रधानाध्यापक कमल सिंह, प्राथमिक विद्यालय देवरी के प्रधानाध्यापक पुष्पराज केसरवानी, प्राथमिक विद्यालय सिटकहिया की प्रधानाध्यापिका कमलेश श्रीवास्तव, पूर्व माध्यमिक विद्यालय (संविलियन) बरौली की इंचार्ज प्रधानाध्यापिका प्रमिला सिंह और प्राथमिक विद्यालय ढोढरी की सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापिका पुष्पा देवी ने कैबिनेट सिद्धार्थनाथ सिंह से बीईओ के भ्रष्टाचार की शिकायत की थी।

Thursday, March 11, 2021

बीईओ परीक्षा का टॉपर निकला फर्जी, डीएलएड के प्रमाण पत्र को बीएड का बनाकर शामिल हुआ था परीक्षा में

BEO परीक्षा का टॉपर निकला फर्जी, डीएलएड के प्रमाण पत्र को बीएड का बनाकर शामिल हुआ था परीक्षा में


प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वार 30 जनवरी को घोषित किए गए खंड शिक्षाधिकारी परीक्षा (बीईओ) 2019 के रिजल्ट में टॉपर हो जालसाज निकला। खंड शिक्षाधिकारी परीक्षा में बिंदकी फतेहपुर का प्रणव पहले स्थान पर चुना गया था। उसके खिलाफ एक मार्च को एफआईआर दर्ज कराई गई थी। 


आयोग के सचिव जगदीश ने स्वीकार किया है कि बीईओ परीक्षा के टॉपर प्रणव ने फर्जीवाड़ा किया है। आयोग द्वारा प्रमाण पत्रों और मूल अभिलेखों के आठ, नौ एवं 10 फरवरी को कराए गए सत्यापन में पता चला कि प्रणव ने डीएलएड परीक्षा पास कौ थी, जबकि बीईओ परीक्षा में वह बीएड का फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर शामिल हुआ था। 


आयोग की ओर से प्रमाण पत्रों की जांच में बीएड का प्रमाण पत्र कूटरचित लगने पर उसकी जांच कराई गईं। पता चला कि प्रणव को बीएड का प्रमाण पत्र सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय मे जारी किया है,जबकि परीक्षा नियामक प्राधिकारी बीएड प्रमाण पत्र जारी ही नहीं करता।


उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की सक्रियता से जल्द ही जालसाज को पकड़ लिया गया। प्रमाण पत्रों की जांच में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद प्रणव का चयन निरस्त होना तय हो गया है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से 13 दिसंबर 2019 को खंड शिक्षा अधिकारी के 309 पदों के चयन के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। 


अभ्यर्थियों से 13 जनवरी 2020 तक ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। पांच लाख 28 हजार 314 आवेदन प्राप्त हुए थे। लिखित परीक्षा का परिणाम एक अक्तूबर को जारी हुआ। 309 पदों के लिए 4591 अभ्यर्थी परीक्षा में सफल हुए। 30 जनवरी को अंतिम परिणाम जारी किया गया। सभी से आवेदन पत्र व अभिलेख प्रमाण पत्र जमा करने के लिए 28 अक्तूबर से 23 नवंबर 2020 तक का समय दिया गया। फतेहपुर के अभ्यर्थी प्रणव ने भी आवेदन पत्र के साथ बीएड प्रमाण पत्र की प्रतिलिपि संलग्न की थी।

Wednesday, March 10, 2021

13 मार्च 2021 को नव चयनित खण्ड शिक्षा अधिकारियों का नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम अयोजित किये जाने के सम्बन्ध में

13 मार्च 2021 को नव चयनित खण्ड शिक्षा अधिकारियों का नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम अयोजित किये जाने के सम्बन्ध में।

बेसिक शिक्षा विभाग में नवचयनित BEO को 13 मार्च को दिया जाएगा समारोहपूर्वक नियुक्ति पत्र

271 नवचयनित बीईओ को आज मिलेंगे नियुक्ति पत्र

लखनऊ। बेसिक शिक्षा विभाग में नवचयनित 271 बखंड शिक्षा अधिकारियों को 13 मार्च को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे।

स्कूल शिक्षा महानिदेशक विजय किरन आनंद ने बताया कि लोक सेवा आयोग ने 309 पदों पर बीईओ भर्ती के लिए दिसम्बर 2019 में आवेदन मांगे गए थे। कोरोना काल के कारण परीक्षा दिसम्बर 2020 में आयोजित की गई। जनवरी 2021 में परीक्षा का परिणाम जारी किया गया। उन्होंने बताया कि 309 पदों पर बीईओ का चयन हुआ है। लेकिन 38 सफल अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन नही होने के कारण उन्हें 13 मार्च को नियुक्ति पत्र नही दिया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि 12 साल बाद बीईओ की भर्ती निकाली गई है। इससे पहले 2007 में बीईओ की भर्ती की गई थी।

लखनऊ। बेसिक शिक्षा विभाग में नवचयनित 271 खंड शिक्षा अधिकारियों को 13 मार्च को सीएम योगी आदित्यनाथ नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे। स्कूल शिक्षा महानिदेशक विजय किरन आनंद ने बताया कि लोक सेवा आयोग ने 309 पदों पर बीईओ भर्ती के लिए दिसम्बर 2019 में आवेदन मांगे गए थे। कोरोना काल के कारण परीक्षा दिसम्बर 2020 में आयोजित की गई।


 जनवरी 2021 में परीक्षा का परिणाम जारी किया गया। उन्होंने बताया कि 309 पदों पर बीईओ का चयन हुआ है, लेकिन 38 सफल अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन नहीं होने के कारण उन्हें 13 मार्च को नियुक्ति पत्र नहीं दिया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि 12 साल बाद बोईओ की भर्ती निकाली गई है।




Thursday, February 18, 2021

BEO द्वारा हेडमास्टर की मिशन प्रेरणा व ऑपरेशन कायाकल्प आधारित मासिक बैठक हेतु एजेंडा जारी, शतप्रतिशत एजेंडे आधारित बैठक का निर्देश

BEO द्वारा हेडमास्टर की मिशन प्रेरणा व ऑपरेशन कायाकल्प आधारित मासिक बैठक हेतु एजेंडा जारी, शतप्रतिशत एजेंडे आधारित बैठक का निर्देश



सभी BEOs कृपया ध्यान दें

 आप जानते हैं, मिशन प्रेरणा और ऑपरेशन कायाकल्प पर आधारित सभी BEOs को HMs के साथ मासिक बैठक की अध्यक्षता करनी हैं। इस  बैठक के लिए मीटिंग एजेंडा साझा किया जा रहा है (अजेंडा संलग्न)।

 इस एजेंडा को ध्यान से पढ़िए और सुनिश्चित करें कि आज से हर बैठक इस एजेंडा के आधार पर की जाए।  

अतः 100% BEO बैठक को एजेंडा के आधार पर रखवाएँ और मिशन प्रेरणा Feb Key Tasks पर DCF भरियें ।




Tuesday, February 16, 2021

बीईओ भर्ती का परिणाम निरस्त करने की मांग लेकर किया प्रदर्शन

बीईओ भर्ती का परिणाम निरस्त करने की मांग लेकर किया प्रदर्शन

प्रयागराज : खंड शिक्षा अधिकारी भर्ती में आरक्षण नियमों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए लोक सेवा आयोग के सामने सोमवार को धरना दिया। आयोग अफसरों को ज्ञापन सौंपते हुए परिणाम को निरस्त करने और दोषी कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।


बासुदेव यादव ने कहा कि 309 पदों के सापेक्ष अन्य पिछड़ा वर्ग के 83 की जगह मात्र 31 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। इससे शासन की नीयत में खोट नज़र आती है। निधि यादव ने कहा कि योगी सरकार पिछड़ों के साथ साज़िश कर रही है। संचालन नगर महासचिव रवीन्द्र यादव ने किया। प्रदर्शन करने वालों में इफ्तेखार हुसैन, कृपाशंकर बिन्द, राकेश वर्मा, सुषमा भारतीय, रीता मौर्या, दूधनाथ पटेल, संदीप यादव, आशीष पाल, दिनेश पाल, रोहित किसान, महबूब उसमानी, वज़ीर खान, कृष्ण कुमार कनौजिया, सैय्यद मो. अस्करी, पार्षद नितिन यादव, मो. ज़ैद, जयभारत यादव, लालजी यादव, विरेन्द्र, अमित, नितिन, कल्लू आदि रहे।

Thursday, February 4, 2021

हाथरस : बीईओ पर लगा शिक्षक से ड्रेस वितरण पर धन माँगने और अश्लील हरकत करने का आरोप, डीएम से शिकायत

हाथरस : बीईओ पर लगा शिक्षक से ड्रेस वितरण पर धन माँगने और अश्लील हरकत करने का आरोप, डीएम से शिकायत


जिले में तैनात एक खंड शिक्षा अधिकारी पर शिक्षिका ने अश्लील हरकत करने और यूनिफॉर्म वितरण में कमीशन मांगने का आरोप लगाया है। इसकी शिकायत शिक्षिका ने अपने नाम को छिपाते हुए डीएम से की है। शिकायत की विभागीय जांच चल रही है। इस बीईओ से एक शिक्षक की मिलीभगत होने का भी आरोप लगाया गया है।


शिकायत में शिक्षिका ने कहा है कि बीईओ ने एक शिक्षक को बिना किसी पद के और बिना संबद्घीकरण के बीआरसी पर लगा रखा है, जोकि शिक्षक-शिक्षिकाओं का उत्पीड़न करता है। शिक्षिका ने अपना नाम व पता छिपाते हुए आरोप लगाया है कि एक दिन उसी शिक्षक ने उसे बीआरसी पर यह कहकर बुलाया कि बीईओ उससे मिलना चाहते हैं।


वहां पहुंचकर शिक्षिका को पता चला कि बीआरसी पर यह शिक्षक और बीईओ बैठे थे। आरोप है कि शिक्षिका को देखकर बीईओ अश्लील हरकत करने लगे और यूनिफॉर्म के प्रति छात्र 140 रुपये मांगने लगे। इस पर शिक्षिका ने असमर्थता जताई। शिक्षिका का यह भी आरोप है कि रुपये न देने पर बीईओ ने शिक्षिका से अपने साथ एक दिन कहीं चलने को कहा। इस पूरे प्रकरण की शिकायत करते हुए संबंधित बीईओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग शिक्षिका द्वारा की गई है।


डीएम के माध्यम से एक शिकायत प्राप्त हुई है। इस संबंध में पहले भी शिकायत मिली थी। अब इस शिकायत की जांच कराई जा रही है, ताकि सही बात सामने आ सके। नोटिस जारी कर संबंधित बीईओ से स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। -मनोज कुमार मिश्र, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।


साभार - अमर उजाला

Wednesday, February 3, 2021

अंतर जिला तबादलों में धन उगाही का संदेश वायरल होने के बाद महिला खंड शिक्षा अधिकारी निलंबित, बीएसए गोंडा पर भी जांच की आँच

गोण्डा : अंतर्जनपदीय तबादला में धन उगाही के आरोप में खण्ड शिक्षा अधिकारी निलम्बित, देखें।


वाट्सएप ग्रुपों पर वायरल हुआ था गोंडा की बीईओ का धन उगाही का पर्चा अपर शिक्षा निदेशक ने की कार्रवाई बीएसए ने की पुष्टि । बीईओ (खंड शिक्षाधिकारी) को डायट दर्जीकुआं से संबद्ध करके जेडी अयोध्या को जांच सौंपी गई है।

अंतर जनपदीय स्थानांतरण प्राप्त करने वाले शिक्षकों को कार्यमुक्त करने से पूर्व रुपये वसूलने के आरोप में वजीरगंज की खंड शिक्षा अधिकारी ममता सिंह को निलंबित कर दिया गया है। बीईओ (खंड शिक्षाधिकारी) को डायट दर्जीकुआं से संबद्ध करके जेडी अयोध्या को जांच सौंपी गई है।

बेसिक शिक्षा परिषद ने शिक्षकों का अंतर जनपदीय स्थानांतरण किया था। यहां 1085 अध्यापकों को इसका लाभ मिला है। स्कूल से लेकर ब्लॉक संसाधन केंद्र व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से अध्यापकों को कार्यमुक्त आदेश प्राप्त करना था। इसके बाद ही वह स्थानांतरित जिले में कार्यभार ग्रहण कर सकते थे। 


संबंधित अध्यापक शिवशंकर सिंह से अधिकारियों ने बात की। आरोप है कि उन्होंने रुपये वसूलने की बात को सत्य बताया। साथ ही इसमें बीईओ की संलिप्तता की भी पुष्टि की। उक्त कार्य को कर्मचारी नियमावली के विपरीत मानकर खंड शिक्षा अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. इंद्रजीत प्रजापति ने बीईओ के निलंबन की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि नवाबगंज के खंड शिक्षाधिकारी को वजीरगंज का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

डेढ़ हजार से पांच हजार तक मांगे
वजीरगंज ब्लाक में शिक्षकों से कार्य मुक्ति के नाम पर करीब 48 हजार के वसूली की सूची जारी हुई थी। सूची जारी करने वाले ने लेखाकार पर ही वसूली का आरोप लगाया था। जिसमें 1500 रुपये से पांच हजार रुपये तक वसूले जाने की सूची थी।

प्रयागराज : बेसिक शिक्षकों के अंतर जिला तबादलों में धन उगाही करने का वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने गोंडा जिले की वजीरगंज की खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) ममता सिंह को निलंबित कर दिया है। इस मामले में शिक्षक ने भी बीईओ को धन देना स्वीकार किया है। 


बीएसए की रिपोर्ट पर अपर शिक्षा निदेशक बेसिक सरिता तिवारी ने बीईओ को निलंबित करते हुए उन्हें निलंबन अवधि में डायट से संबद्ध किया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी गोंडा ने अपर शिक्षा निदेशक बेसिक को रिपोर्ट भेजी कि जिले की वजीरगंज विकासखंड की बीईओ ममता सिंह ने अंतर जिला तबादलों में धन उगाही की है, वीडियो वायरल होने पर शिक्षक शिवशंकर सिंह से बात की गई तो धन उगाही को सही बताया और कहा कि बीईओ के निर्देश पर यह कार्य हुआ है। 




 

Tuesday, February 2, 2021

बीईओ की रेंडम चेकिंग पर लगाम, विभाग से तय विद्यालयों का करना होगा निरीक्षण

बीईओ की रेंडम चेकिंग पर लगाम, विभाग से तय विद्यालयों का करना होगा निरीक्षण


सुल्तानपुर : परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक तथा कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों का औचक निरीक्षण अब । खंड शिक्षाधिकारी नहीं कर सकेंगे। राज्य स्तर से विभागीय अधिकारियों की = ओर से उन्हें स्कूलों का नाम दिया । जाएगा। उसी दिन बीईओ को औचक निरीक्षण कर जांच रिपोर्ट देनी होगी। राज्य परियोजना निदेशक व स्कूली शिक्षा महानिदेशक विजयकिरन आनंद नेइस आशय का आदेश जारी किया है।


शिक्षा विभाग में ज्यादा सख्ती : डीजी स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने जारी आदेश में स्कूलों के निरीक्षण के मानक तय किया है। अब प्रार्थना पत्र देकर स्कूल से अवकाश मान लेने से काम नहीं चलेगा। सीएल विवरण नम्बर देना होगा। निरीक्षण के समय अनुपस्थित शिक्षकों को दो भागों में बांटे जाने का फरमान जारी किया है। इसमें निरीक्षण के समय स्कूलों से अवकाश प्राप्त अनुपस्थित शिक्षकों के बारे में निर्धारित प्रोफार्मा वाले कालम में शिक्षक के अवकाश के बारे में व्योरा लिखा जाएगा। इसमें अवकाश का रिफ्रेन्स नम्बर अंकित किया जाएगा।


इसके अलावा निरीक्षण के समय बिना अवकाश प्राप्त किए तथा बिना सूचना के स्कूल से अनुपस्थित मिलने वाले शिक्षकों का कालम अलग होगा। इस कालम में ईएचआरएमएस आईडी अंकित किया जाएगा। ताकि सम्बंधित के जिले के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के लॉगिन स्तर पर ऐसे अनुपस्थित शिक्षकों के नाम ईएचआरएमएस आईडी, विद्यालय, ब्लॉक आदि की सूची दिन के अनुपस्थित शिक्षकों जिनपर कार्यवाही की जानी है। इस लिंक पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय स्तर पर लॉगिन पर उपलब्ध होगी।


बीईओ पर धनउगाही का लगता था आरोपः शासन व जिला प्रशासन की ओर से समय-समय पर परिषदीय विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था को ठीक रखने तथा शिक्षकों की स्कूलों में उपस्थिति आदि को दुरुस्त करने के लिए खण्ड शिक्षाधिकारियों की ओर से स्कूलों की जांच की जाती रही है।


ऐसे मामलों में बीईओ निरीक्षण कर जांच तो कर लेते थे, लेकिन कार्रवाई करने का डर दिखाकर शिक्षकों से उगाही करते थे । इस तरह के कई आरोप लग चुके हैं। कुछ स्कूलों की जांच बीईओ खुद अपनी ओर से कर लेते थे। शासन पर इसको लेकर काफी समय से मंथन चल रहा था। राज्य परियोजना निदेशक विजय किरन आनंद की ओर से जारी आदेश के बाद बीईओ की मनमानी चेकिंग पर रोक लग जाएगी। हालांकि शिक्षकों को भी अब गलत अवकाश प्राप्त करने में काफी कठिनाई होगी इसके बाद भी और सख्ती की तैयारी चल रही है।


बेसिक शिक्षा विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों को अनुशासन और समय पालन के कड़े निर्देश दिए गए हैं। शासन स्तर से शिक्षकों के काम की निगरानी का तंत्र विकसित किया जा रहा है। ऐसा माना जारहा है प्रदेश की बदनाम प्राथमिक शिक्षा पटरी पर फिर लौटेगी।


Sunday, January 31, 2021

कई बेसिक शिक्षक भी बने खंड शिक्षा अधिकारी

कई बेसिक शिक्षक भी बने खंड शिक्षा अधिकारी


खंड शिक्षाधिकारी भर्ती में परिषदीय स्कूल के शिक्षक से लेकर आपूर्ति अधिकारी तक का चयन हुआ है। कौड़िहार द्वितीय ब्लॉक में कार्यरत शिक्षिका अंशु मालिनी शुक्ला का चयन खंड शिक्षाधिकारी पद पर हुआ है। उन्हें मेरिट में 17वां और महिलाओं में चौथा स्थान मिला है। इससे पहले उनका चयन रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर के पद पर भी हुआ था।




प्रतापपुर के सहायक अध्यापक राम पूजन पटेल, प्राथमिक विद्यालय बमैला हंडिया के प्रभारी प्रधानाध्यापक रवि शंकर उपाध्याय, कौंधियारा के राजित लाल रत्नाकर व शाहिन अंसारी, मऊआइमा की नीलम साक्यावर, शंकरगढ़ के शुभम कुमार, मांडा के शिक्षक मनोजीत राव, बहादुरपुर की शिक्षिका माधुरी मिश्रा व रवीन्द्र कुमार मिश्रा का भी चयन हुआ है। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति से जुड़े और सोरांव में तैनात शिक्षक दिनेश त्रिपाठी और समिति के पूर्व महासचिव सावन कुमार दुबे भी सफल हुए हैं।



फूलपुर के आपूर्ति निरीक्षक सुनील कुमार सिंह भी सफल हुए हैं। 2009 से आपूर्ति निरीक्षक के पद पर तैनात सुनील को 36वीं रैंक मिली है। सुनील सिंह ने शुरुआत में प्राथमिक शिक्षक के रूप में काम किया। उसके बाद डिप्टी जेलर, फिर आपूर्ति निरीक्षक और अब खंड शिक्षाधिकारी के पद पर चयन हुआ।

केपी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. योगेन्द्र सिंह की पुत्री प्रज्ञा सिंह का चयन खंड शिक्षाधिकारी के पद पर हुआ है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से शिक्षा शास्त्र विषय में जेआरएफ प्रज्ञा सिंह ने केपी ट्रेनिंग कॉलेज से बीएड और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एमएड किया है।

Saturday, January 30, 2021

प्रयागराज में बीईओ को कार्यालय में नकली पिस्टल दिखाकर धमकाया, आरोपी चतुर्थ श्रेणी कर्मी गिरफ्तार

प्रयागराज में बीईओ को कार्यालय में नकली पिस्टल दिखाकर धमकाया, आरोपी चतुर्थ श्रेणी कर्मी गिरफ्तार


मम्फोर्डगंज स्थित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में घुसकर खंड शिक्षाधिकारी को पिस्टल दिखाकर धमकाया गया। इससे पहले उनसे गालीगलौज भी की गई। शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने आरोपी चतुर्र्थ श्रेणी कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि ड्यूटी में लापरवाही पर नोटिस जारी किए जाने से खुन्नस खाकर उसने घटना की।


अर्जुन सिंह बेसिक शिक्षा विभाग में खंड शिक्षाधिकारी केपद पर तैनात हैं जिनकी वर्तमान तैनाती मुख्यालय स्थित कार्यालय में है। उन्होंने बताया कि शाम सात बजे केकरीब वह बीएसए कार्यालय स्थित अपने कक्ष में थे। आरोप है कि इसी दौरान बीआरसी कौड़िहार में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रामआशीष पांडेय उनकेकार्यालय में घुस आया और पिस्टल सटाकर गालीगलौज करने लगा। विरोध पर परिवार समेत जान से मारने की धमकी दी और मारपीट पर उतारू हो गया।


अन्य कर्मचारियों ने बीचबचाव की कोशिश की जिस पर आरोपी ने उनकेसाथ धक्कामुक्की की। किसी तरह खुद को कक्ष में बंद कर उन्होंने अपनी जान बचाई। इस दौरान आरोपी ने दरवाजा तोड़ने की कोशिश की और करीब आधे घंटे तक कार्यालय परिसर में हंगामा करता रहा। बाद में पुलिस को सूचना देने पर भाग निकला। भुक्तभोगी शिक्षाधिकारी ने बताया कि पिछले दिनों जिला प्रशासन की ओर से आरोपी कर्मचारी की ड्यूटी मेला क्षेत्र स्थित कार्यालय में डाटा फीडिंग केलिए लगाई थी। गैरहाजिर रहने पर जिला प्रशासन की रिपोर्ट पर बीएसए ने वेतन रोकते हुए उन्हें कार्रवाई के लिए निर्देशित किया।


इसी क्रम में उन्होंने उसे नोटिस जारी किया था, जिस बात को लेकर वह इतना नाराज हुआ कि धमकाने के लिए पिस्टल लेकर उनकेकार्यालय में चला आया। उनका यह भी आरोप है कि घटना के तुरंत बाद तहरीर देने के बावजूद पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने में 12 घंटे से ज्यादा का वक्त लगा दिया। 


नशे में नकली बंदूक लेकर गया था: पुलिस
इस मामले में पुलिस का कहना है कि आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई तो पता चला कि जिस पिस्टल को दिखाकर उसने भुक्तभोगी अफसर को धमकाया, वह नकली थी। बताया कि घटना वाले दिन उसने शराब पी थी और नशे में धुत होने केबाद ही वह बीएसए कार्यालय पहुंचा और हंगामा किया। कर्नलगंज इंस्पेक्टर विनीत सिंह ने बताया कि तहरीर केआधार पर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, लोकसेवक से मारपीट, गालीगलौज, धमकाने समेत अन्य आरोपों में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया,जहां से उसे जेल भेज दिया गया। आरोपी के पास लाइसेंसी असलहा होने की बात सही नहीं पाई गई।


खंड शिक्षा अधिकारी को पिस्टल सटा दी धमकी

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में तैनात खंड शिक्षा अधिकारी को धमकी देने का मामला सामने आया है। कर्मचारी ने कर्नलगंज थाने में आरोपी परिचालक के खिलाफ पिस्टल सटाकर जान से मारने की धमकी देना और सरकारी काम में बाधा पहुंचाने का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।

खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय में तैनात खंड शिक्षा अधिकारी अर्जुन सिंह ने कौड़िहार के राम आशीष पांडेय के खिलाफ मारपीट, धमकी, गाली गलौज और सरकारी काम में बाधा पहुंचाने का कर्नलगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप लगाया है कि 27 जनवरी की शाम 7:00 बजे वह बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में बैठकर सरकारी काम कर रहे थे। 

इस दौरान बीआरसी कौड़िहार से संबंध परिचालक राम आशीष पांडेय पहुंचे और गाली देने लगे। कार्यालय के चपरासी आमिर खान ने आकर उनको बताया कि एक व्यक्ति आपको गाली दे रहा है । आरोप है कि आशीष पांडे ने उनके कक्ष में आकर पिस्टल निकालकर जान से मारने की धमकी दी मारपीट करने लगे तथा सरकारी काम में बाधा पहुंचाया । किसी तरीके से खंड शिक्षा अधिकारी वहां से भाग कर अपनी जान बचाई। 

इस घटना से कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई । उस वक्त मौजूद स्टेनो अन्य कर्मचारियों ने आरोपी को समझाने की कोशिश की। सूचना मिलने पर पुलिस भी पहुंच गई। उस वक्त पुलिस ने मारपीट का मामला बताया था। अब लिखित शिकायत मिलने पर मुकदमा दर्ज करके पुलिस जांच कर रही है।

Sunday, January 24, 2021

शिक्षकों के बाद अब BEO के तबादले की तैयारी, तबादले को लेकर मची खलबली

शिक्षकों के बाद अब BEO के तबादले की तैयारी,  तबादले को लेकर मची खलबली




अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बीच शासन की ओर से अब वर्षों से एक ही जिले और विकास खंड में जमे खंड शिक्षाधिकारियों (बीईओ) के तबादले की तैयारी शुरू हो गई है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा की ओर से इस संबंध में निदेशक बेसिक शिक्षा से खंड शिक्षाधिकारियों के बारे में रिपोर्ट मांगी गई है। प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों की ओर से रिपोर्ट पहुंच गई है। शासन ने एक ही विकास खंड में तीन वर्ष तथा एक ही जनपद में 10 वर्ष से अधिक समय से तैनात खंड शिक्षा अधिकारियों का संपूर्ण विवरण मांगा गया है।


बीईओ की तबादले को लेकर चिंता बढ़ी
जिले में कई ऐसे विकास खंड हैं जहां खंड शिक्षाधिकारी कई वर्षों से एक ही ब्लाक में काम कर रहे हैं। शासन ने विकास खंड क्षेत्रों में तैनात ऐसे खंड शिक्षा अधिकारियों का ब्यौरा देने का निर्देश दिया है, जो एक ही विकास खंड में तीन वर्ष, एक ही जनपद में 10 वर्ष, 15 वर्ष व 20 वर्ष से अधिक समय से कार्यरत हैं।


इनकी तैनाती तिथि सहित तय प्रारूप पर महानिदेशक स्कूल शिक्षा को भेजने को कहा है। शासन की ओर से रिपोर्ट मांगे जाने पर जिले में लंबे समय से तैनात खंड शिक्षाधिकारियों में खलबली मची है। जिले के 20 ब्लॉकों में आधे से अधिक खंड शिक्षाधिकारी (बीईओ) शासन की ओर से तय समय सीमा पूरी कर चुके हैं। खंड शिक्षा अधिकारियों के संबंध में रिपोर्ट निदेशक बेसिक शिक्षा को भेज दी गई है।

Wednesday, January 20, 2021

बीईओ - बीआरसी पर एआरपी और शिक्षकों की परिक्रमा पर लगेगा अंकुश, नोटिस जारी कर मांगा जवाब

बीईओ - बीआरसी पर एआरपी और शिक्षकों की परिक्रमा पर लगेगा अंकुश, नोटिस जारी कर मांगा जवाब


बीएसए ने बीईओ और शिक्षकों को नोटिस जारी कर मांगा जवाब जिम्मेदारी से इतर काम करते मिले तो होगी कार्रवाई


सिद्धार्थनगर : खंड शिक्षा अधिकारियों की अब मनमानी नहीं चलने पाएगी। उनके आराम और शिक्षकों से काम लेने की प्रवृत्ति को बीएसए राजेंद्र सिंह ने आड़े हाथों लिया है। बीएसए कार्यालय में आने वाले शिक्षकों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। जो जहां नियुक्त है, उसे वहीं पर अपना योगदान देना होगा। ऐसा न करने वालों पर विभाग अब सख्ती से कार्रवाई का मन बना चुका है।

पिछले दिनों बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारियों बीईओ को निर्देश दिए थे कि वह अपना काम किसी अन्य से नहीं लेंगे। जिनकी जो ड्यूटी है, उसका पालन कड़ाई से किया जाए। लेकिन कुछ बीइओ आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं। खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में अपनी धाक जमाने के लिए कार्यालयी कार्यो में जुटे रहने वाले एआरपी (अकादमिक रिसोर्स पर्सन) व शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। बीएसए ने इटवा के एक एआरपी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। उन्होंने बीईओ को पत्र लिखकर चेताया है कि यदि उनके कार्यालय में एआरपी, केआरपी (की रिसोर्स पर्सन), एसआरजी (स्टेट रिसोर्स ग्रुप) या शिक्षक कार्यालय का कार्य करते पाए जाएंगे तो बीईओ का उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए कार्रवाई की जाएगी।


डुमरियागंज में कार्यरत एआरपी मुश्ताक अहमद के बीआरसी पर रहकर कार्य करने पर चेताया है। इटवा में कार्यरत शिक्षक अब्दुल फरीद का बीआरसी में कार्य करते फोटो बीएसए को प्राप्त हुआ। इस पर उन्हें नोटिस देते हुए जवाब तलब किया है।

कई एआरपी अपने पास रखे हैं विद्यालय का प्रभार: डुमरियागंज के अब्दुल मन्नान ने बीएसए को शिकायती पत्र देकर अवगत कराया है कि एआरपी पद पर चयनित शिक्षक नियम के विपरीत विद्यालयों का प्रभार संचालित कर रहे हैं। जबकि वह एआरपी बनने के बाद उस विद्यालय से कार्यमुक्त हो चुके हैं। इस संबंध में बीएसए राजेंद्र सिंह ने बताया कि नियम के तहत किसी भी एआरपी, केआरजी, एसआरजी और शिक्षकों से खंड शिक्षा अधिकारी काम नहीं ले सकते। ऐसी शिकायत मिल रही है कि कुछ बीईओ ऐसे लोगों से काम ले रहे हैं। जिन्हें कारण बताओ नोटिस दी गई है।

Tuesday, January 19, 2021

खंड शिक्षा अधिकारी नेतृत्व संवर्द्धन कार्यशाला के प्रथम चरण की हुई शुरुआत, 90 बीईओ 4 दिन लेंगे प्रशिक्षण BEO Leadership Workshop 2021

खंड शिक्षा अधिकारी नेतृत्व संवर्द्धन कार्यशाला के प्रथम चरण की हुई शुरुआत, 90 बीईओ 4 दिन लेंगे प्रशिक्षण 

BEO Leadership Workshop 2021


■ खंड शिक्षा अधिकारी नेतृत्व संवर्द्धन कार्यशाला
★ प्रथम दिवस 18 जनवरी 2021


मिशन प्रेरणा लक्ष्य प्राप्ति की दिशा में बढ़ते हुए, 880 खंड शिक्षा अधिकारियों में से नामांकित 90 अधिकारियों के प्रथम चरण के 30 BEOs के  समूह की 4 दिवसीय आवासीय कार्यशाला का आयोजन आज जोश और उत्साह के साथ आरम्भ हुआ। कार्यशाला का शुभारंभ श्री आंनद कुमार पांडेय, वरिष्ठ विशेषज्ञ-गुणवत्ता के माध्यम से सभी प्रशिक्षणार्थियों के स्वागत संबोधन के साथ किया गया।

 प्रथम सत्र- BEO as a Leader for Prerak Block में नेतृत्वकर्ता की भूमिका, प्रकार व उनके विभिन्न गुणों पर प्रकाश डाला गया । साथ ही ब्लॉक स्तर पर 5 विभिन्न प्रकार के घटकों पर चर्चा की गई, जिसे स्वयं महानिदेशक महोदय द्वारा संबोधित किया गया । इस सत्र के दौरान  एक उत्तम नेतृत्वकर्ता बनने के लिए क्या मूलभूत कदम उठाये जायें , इस सबन्ध में उदाहरणों के माध्यम से साझा किया गया। साथ ही मिशन की ताक़त को समझाते हुए सभी को मिशन से जुड़ने के लिए धन्यवाद ज्ञापन किया गया।

द्वितीय सत्र- इस सत्र में लीडरशिप के विभिन्न पहलुओं / स्टाइल पर Leadership Expert "दया कोरी" जी द्वारा  मार्गदर्शन एवम अनुभव साझा किये गये । इस सत्र में एक नेतृत्वकर्ता को परिस्थितियों के अनुसार अपनी लीडरशिप से कैसे सभी के साथ काम करना चाहिए इस पर विचार रखे गये।

तृतीय सत्र- इस सत्र का संचालन  प्रथम संस्था की CEO रुक्मणी बैनर्जी जी के माध्यम से किया गया  एवं इस सत्र में विद्यार्थियों के सीखने के अधिगम को लीडरशिप के माध्यम से कैसे बढ़ाया जाए , इस पर विशद चर्चा की गई।

चतुर्थ सत्र- यह सत्र बहुत ही रोचक एवं मनोरंजक था। यह सत्र चाय पर चर्चा के रूप में था, इसमें क्विज़ गतिविधि से शुरुआत की गई । इसके तत्काल बाद  महानिदेशक महोदय के माध्यम से धरातल पर आ रही समस्याओं एवं उनके समाधान को लेकर विचार विमर्श (open session) हुआ। 

अंत में  सभी प्रतिभागियों से प्रथम दिवस के फीडबैक पूर्ण कराकर आगामी दिवस की कार्ययोजना के साथ  प्रथम दिवस का कर्यक्रम सम्पन्न हुआ। 




वाराणसी : कायाकल्प के 14 पैरामीटर्स की पूर्ति में छह विकास खंड फेल, सभी BEO का वेतन रुका

वाराणसी : कायाकल्प के 14 पैरामीटर्स की पूर्ति में छह विकास खंड फेल, सभी BEO का वेतन रुका

 
■ जनपद के 332 विद्यालय ही अब तक सभी कसौटी पर उतरे खरे
■ कुल 14 में 11 से भी कम ¨बदुओं पर 18 विद्यालयों में हुए कार्य


वाराणसी : बेसिक शिक्षा विभाग आपरेशन कायाकल्प के तहत परिषदीय विद्यालयों का परिवेश बदलने की कोशिश की में जुटा हुआ है। इसके तहत विद्यालयों में 14 पैरामीटर में बनाए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों को 14वें वित्त आयोग या राज्य वित्त आयोग या ग्राम निधि से सभी ¨बदुओं पर कार्य कराने का निर्देश है। वहीं जनपद में 1143 विद्यालयों में अब तक महज 332 विद्यालयों में ही 14 बिंदुओं पर कार्य हुआ है। छह ब्लाकों में 11 बिंदुओं से भी कम कार्य हुए हैं। जिन ब्लाकों में 11 बिंदुओं से कम कार्य हुए हैं, विभाग ने उन्हें ‘शून्य’ की श्रेणी में रख दिया है।


बेसिक शिक्षा विभाग ने मार्च तक जनपद के सभी विद्यालयों में 14 ¨बदुओं पर कार्य कराने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए सभी विद्यालयों को निर्देश भी दिए जा चुके हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश सिंह ने बताया कि जनपद में 515 विद्यालयों में 13 बिंदुओं पर कार्य हो चुके हैं। वहीं 278 विद्यालयों में 12 बिंदुओं पर तथा 18 विद्यालयों में 11 पैरामीटर के नीचे कार्य हुए हैं।

इसे देखते हुए सभी ब्लाक के खंड शिक्षा अधिकारियों का वेतन फिलहाल अगले आदेश तक के लिए रोक दिया गया है। सभी खंड शिक्षाधिकारियों को नए सत्र से पहले सभी विद्यालयों में 14 पैरामीटर पर कार्य कराने का निर्देश दिया गया है। 14 पैरामीटर पर कार्य होने के बाद ही खंड शिक्षा अधिकारियों का वेतन जारी किया जाएगा।



★  11 पैरामीटर से कम यानी ‘शून्य’ वाले ब्लाक इस प्रकार है।

’बड़ागांव, चिरईगांव, चोलापुर, हरहुआ, पिंडरा, सेवापुरी

■ ये हैं 14 पैरामीटर

● ’हैंडपंपों की मरम्मत

● ’बालक के लिए शौचालय

● ’बालिकाओं के लिए शौचालय

● ’बालक व बालिकाओं के लिए अलग-अलग मूत्रलय व पानी की व्यवस्था

● ’शौचालय में टाइल्स

● ’हैंडवाश यूनिट का निर्माण

● ’रसोईघर का जीर्णोद्धार

● ’विद्यालयों में टाइल्स

● ’विद्युतीकरण का कार्य

● ’विद्युत संयोजन का कार्य

● ’ब्लैक बोर्ड

● ’विद्यालय की रंगाई-पुताई

● ’सबमर्सबिल पंप

● ’दिव्यांग शौचालय

Sunday, January 17, 2021

बेसिक शिक्षकों की सर्विस बुक की जवाबदेही बीईओ के जिम्मे देने से उपजी नाराजगी।

बेसिक शिक्षकों की सर्विस बुक की जवाबदेही बीईओ के जिम्मे देने से उपजी नाराजगी



प्रयागराज : बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों की सेवा पंजिका की निगरानी खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को सौंपी गई है। बीईओ को निर्देश दिए गए हैं कि किसी शिक्षक की सेवा पंजिका गायब न हो और उन्हें बिना वजह परेशान न किया जाए। हालांकि बीईओ इस निर्देश से सहमत नहीं है, उनका कहना है कि विभाग ने उनके कार्यालय में इस काम के लिए एक भी पद सृजित नहीं किया है, ऐसे में सेवा पंजिका की सुरक्षा कैसे संभव है। 



शिक्षा निदेशक की ओर से सहायक शिक्षा निदेशक नंदलाल ने सभी बीएसए को पत्र भेजा है कि यदि भविष्य में किसी शिक्षक की सेवा पंजिका गायब होती है तो बीईओ पर कार्रवाई की जाएगी। वे ही इसके लिए पूरी तरह से जवाबदेह होंगे। इस निर्देश से प्रदेश भर के बीईओ खासे नाराज हैं। खंड शिक्षा अधिकारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रमेंद्र कुमार शुक्ल कहते हैं कि आज तक बेसिक शिक्षा विभाग ने बीईओ कार्यालय में एक भी पद सृजित नहीं किया है।

Thursday, January 14, 2021

फतेहपुर : शिक्षा महानिदेशक तक पहुंचा बीईओ-शिक्षक विवाद

फतेहपुर : खंड शिक्षाधिकारी लामबंद तो शिक्षक भी भर रहे हुंकार, शिक्षकों ने बैठक कर बीइओ के खिलाफ बनाई रणनीति

▪️विद्यालय अवधि के बाद आज कलेक्ट्रेट में किया जाएगा प्रदर्शन

फतेहपुर : खजुहा विकास खंड के बीइओ (खंड शिक्षा अधिकारी ) और शिक्षकों के बीच उपजा विवाद शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। दोनों पक्ष एक दूसरे को शिकस्त देने के लिए रणनीति बना रहे हैं। बीइओ संगठन ने मामले को महानिदेशक के संज्ञान में डालकर न्याय की गुहार लगाई है तो बीइओ के पक्ष में शिक्षक कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करके आरोपों को निराधार बताया है। रविवार को शिक्षकों ने बैठक कर बीइओ के खिलाफ रणनीति बनाई है।


बीइओ खजुहा राजीव गंगवार और प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लाक अध्यक्ष बलराम सिंह के बीच तलवारे खिंची हुई हैं। ब्लाक में इसके चलते शैक्षिक माहौल पर  बुरा असर भी पड़ा है। खजुहा ब्लाक अध्यक्ष बलराम सिंह कहते हैं कि शिक्षकों की मांग है कि बीइओ के खिलाफ जांच हो। जब तक बीइओ को हटाया नहीं जाएगा तब तक न्याय नहीं मिलेगा । सोमवार को विद्यालय अवधि के बाद कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया जाएगा। शिक्षकों के मान-सम्मान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं बीइओ संघ मामले में पत्ते खोलने से खुद को मना किए हुए है।



फतेहपुर :  शिक्षा महानिदेशक तक पहुंचा बीईओ-शिक्षक विवाद 

फतेहपुर : बीआरसी खजुहा में बीईओ और शिक्षक संघ अध्यक्ष के बीच हुए विवाद को बीईओ (खंड शिक्षा अधिकारी ) संघ सुनियोजित साजिश बताते हुए मामले की निंदा की है। शिक्षक संघ अध्यक्ष व शिक्षकों पर बीईओ के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है। पूरे विवाद की जानकारी शिक्षा महानिदेशक व विद्यालय निरीक्षक संघ महामंत्री को भेजी है। बीआरसी खजुहा में मंगलवार को शिक्षक संघ अध्यक्ष बलराम सिंह व दो शिक्षिकाओं का बीईओ राजीव गंगवार से विवाद हो गया था। 


दोनों पक्षों ने कोतवाली में घटना की तहरीर दी थी हालांकि पुलिस ने मामला सरकारी कर्मचारियों के बीच का होने बात कहकर पूरे मामले से पल्ला झाड़ लिया था। इस मामले पर शिक्षक संघ अध्यक्ष संगठन के साथ बीएसए से मिलकर अपना पक्ष रख चुके हैं। इसके बाद अब बीईओ संघ ने भी बीएसए को पत्र लिखकर बीईओ खजुहा के साथ दुर्व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया है। बीईओ संघ ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच व कार्रवाई की मांग उठाई है। पत्र की प्रति महानिदेशक स्कूल शिक्षा लखनऊ व महामंत्री विद्यालय निरीक्षक संघ लखनऊ को भेजी गई है।




फतेहपुर : बीईओ खजुहा को लेकर दो हिस्सों में बंटे शिक्षक

फतेहपुर : प्राथमिक शिक्षक संघ खजुहा ब्लाक इकाई के खिलाफ शिक्षकों का दूसरा गुट खड़ा हो गया है। बीईओ खजुहा राजीव गंगवार के विरुद्ध संघ के मोर्चा खोलने के बाद शिक्षकों का दूसरा गुट बीईओ को पक्ष में खड़ा हो गया है।

शुक्रवार को शिक्षकों ने डीएम के समक्ष पेश होकर बीईओ की सफाई दी। बाद में ज्ञापन देकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया है कि 12 जनवरी को बीईओ खजुहा के खिलाफ निराधार आरोप लगाते हुए शिकायत की गई है।

बीईओ शासन के दिशा निर्देशों का ख्याल रखते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं। बता दें कि प्राथमिक शिक्षक संघ ने बीईओ पर महिला शिक्षकों से अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए उनके स्थानांतरण की मांग की थी।

ज्ञापन देने वालों में योगेश कुमार, ऊषा, उपमा, प्रियंका, रमेशचंद्र श्रीवास्तव, दिनेशचंद्र, अनीता रानी आदि शिक्षक शामिल रहे।




फतेहपुर : खजुहा ब्लॉक में तनातनी जारी, मामला पहुंचा बीएसए की चौखट पर।

■ बीईओ के स्थानांतरण न होने पर दी आंदोलन की धमकी

■ बीते दिन खजुहा बीईओ से हुई थी शिक्षकों की भिड़ंत

फतेहपुर : खजुहा ब्लाक के बीईओ (खंड शिक्षाधिकारी ) राजीव गंगवार और दो शिक्षिकाओं से हुए विवाद के बाद प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लाक अध्यक्ष की तीखी बहस और नोकझोक का मामला बीएसए की चौखट में जा पहुंचा है। दूसरे दिन दोनों पक्ष पेशबंदी करते हुए नजर आए।



शिक्षकों का पक्ष रखने के लिए ब्लाक अध्यक्षों में अनुराग मिश्रा, दिग्विजय सिंह, शैलेंद्र भदौरिया, धर्मेंद्र सिंह, धीरेंद्र सिंह तथा खजुहा ब्लाक अध्यक्ष बलराम सिंह बुधवार को बीएसए से मुलाकात की। बीएसए के सामने बीईओ पर जमकर आरोप जड़े। कहाकि अमर्यादित टिप्पणी की हद पार हो गई है। आए दिन ऐसी टिप्पणी करके शिक्षक-शिक्षिकाओं की मर्यादा तार- तार कर रहे हैं। विरोध करने पर वेतन रोकने, सस्पेंड करने जैसी धमकी दी जाती है। 


चाइल्ड केयर लीव मांगने का आवेदन करने वाली शिक्षिकाओं के आवेदन वेवजह निरस्त कर दिए गए। बीएसए ने मामले की जांच करने और कार्रवाई का आश्वासन देकर शिक्षकों का गुस्सा शांत किया। उधर खंड शिक्षाधिकारी संघ की आपात बैठक नगर संसाधन केंद्र गुप्त बैठक कर शिक्षकों द्वारा की जा रही पेशबंदी से निपटने की रणनीति बनाई।




फतेहपुर : बीआरसी में भिड़े शिक्षक और बीईओ, शिक्षक संघ अध्यक्ष ने बीईओ पर लगाया अमर्यादित भाषा बोलने का आरोप

फतेहपुर :  ब्लाक संसाधन केंद्र (बीआरसी) खजुहा में बीईओ (खंड शिक्षाधिकारी और महिला शिक्षिका के बीच जमकर वाद विवाद हुआ। इसमें शिक्षिका द्वारा ब्लाक शिक्षक संघ से शिकायत की बात रखी तो बीईओ की जुबान फिसल गई जिस पर भारी हंगामा शुरू हो गया। मौके पर ब्लाक शिक्षक संघ के अध्यक्ष भी साथियों के साथ जा पहुंचे। एक दूसरे पर जमकर आरोप मढ़े। जिससे बीआरसी परिसर झगड़े का अखाड़ा बना रहा।


ब्लाक के कंपोजिट विद्यालय दलेलखेड़ा में कार्यरत सहायक अध्यापिका बीना सिंह विद्यालय से संबंधित सूचनाएं मांगे जाने व कंपोजिट विद्यालय आलमगंज में तैनात शिक्षिका स्वाती दीक्षित सीसीएल अवकाश का प्रार्थना पत्र रिजेक्ट होने के बाबत बीआरसी खजुहा पहुंचीं। शिक्षिकाओं का आरोप है कि बीईओ राजीव गंगवार ने उन्हें अमर्यादित भाषा में बात की और गलत निगाह से देखा। आपत्ति करने पर सस्पेंड कराने की धमकी दी। इस पर शिक्षक संघ के अध्यक्ष बलराम सिंह से करने की बात कही तो बीईओ ने उनके खिलाफ भी अमर्यादित टिप्पणी की। शिक्षक संघ अध्यक्ष भी बीआरसी पहुंच गए। इस पर अध्यक्ष और बीईओ की भी बहस हो गई। उधर बीईओ राजीव गंगवार का आरोप है कि दोनों शिक्षिकाएं शिक्षक संघ अध्यक्ष के साथ कार्यालय आईं।


शिक्षिका बीना सिंह ने जो प्रार्थना पत्र उसे ले लिया। शिक्षिका स्वाती दीक्षित ने सीसीएल का आवेदन निरस्त होने की बात कही गई । शिक्षिका का आवेदन मावन संपदा पोर्टल में अपलोड न होने कारण निरस्त हो गया है। अवकाश उनके द्वारा सिर्फ उच्चाधिकारियों को अग्रसारित किया जाता है। इस पर तीनों शिक्षक अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगे। विवाद के बाद दोनों पक्ष थाने पहुंचे। ब्लाक अध्यक्ष श्री सिंह ने कहा कि बीईओ आए दिन अमर्यादित आचरण करते हैं। शिक्षक अध्यक्ष दोनों शिक्षिकाओं व बीईओ ने अलग-अलग तहरीर दी है। कोतवाली प्रभारी बिंदकी सत्येंद्र सिंह ने कहा इनके विभागाध्यक्ष को रिपोर्ट भेजी जाएगी।

जांच के बाद होगी कार्रवाई

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। जांच करवाई जाएगी और जिस पर दोष पाया जाएगा कठोर कारवाई होगी।

Friday, January 8, 2021

शिक्षा विभाग के समूह-ख संवर्ग में पदोन्नति से पहले ही राजकीय शिक्षक व निरीक्षक संवर्ग आमने सामने

शिक्षा विभाग के समूह-ख संवर्ग में पदोन्नति से पहले ही राजकीय शिक्षक व निरीक्षक संवर्ग आमने सामने।


प्रयागराज : शिक्षा विभाग के समूह-ख संवर्ग में पदोन्नति से पहले ही राजकीय शिक्षक व निरीक्षण शाखा संघ आमने-सामने है। दोनों अनुपात प्रतिशत अधिक पाने की पैरवी में जुटे हैं। हालांकि शिक्षा निदेशालय का दावा है कि पदोन्नति के लिए गोपनीय आख्या पुराने कोटे के तहत मांगी गई है, जिसमें पुरुष शाखा का 61, महिला शाखा का 22 व निरीक्षण शाखा का 17 अनुपात प्रतिशत है।



उप्र शैक्षिक (सामान्य शिक्षा संवर्ग) सेवा समूह ख के पदों पर पदोन्नति छह साल से नहीं हो सकी है। प्रदेश में इस संवर्ग के अब गिने-चुने अफसर बचे हैं, जबकि रिक्त पदों की तादाद करीब पांच सौ है। 2018 में भी विभागीय पदोन्नति समिति ने सूची फाइनल की थी लेकिन, उस पर कोर्ट ने रोक लगा दी। शासन ने इस संवर्ग के पदों को भरने के लिए पांच नवंबर को आदेश दिया। शिक्षा निदेशालय ने 23 दिसंबर को सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों से पदोन्नति के लिए गोपनीय आख्या मांगी। यह पत्र इंटरनेट पर वायरल हुआ और सूची के अनुसार यह कयास लगे कि निरीक्षण शाखा का कोटा बढ़ाया है। अपर शिक्षा निदेशक डा. महेंद्र देव ने स्पष्ट किया कि अनुपात प्रतिशत में कोई बदलाव नहीं है।


महिलाएं भी कोटे से असहज : पदोन्नति में महिला शाखा का कोटा सिर्फ 22 प्रतिशत होने से महिला शिक्षिकाएं भी असहज हैं। वे भी अपना कोटा बढ़ाने की मांग कर रही हैं। राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष डा. राजेश चंद्र गुप्ता का कहना है कि महिलाओं व पुरुषों का कोटा बराबर करने की मांग हो रही है।

गोंडा : भ्रष्टाचार की शिकायत पर BEO निलंबित, शिक्षक से रुपये मांगने का आरोप

गोंडा : भ्रष्टाचार की शिकायत पर BEO निलंबित, शिक्षक से रुपये मांगने का आरोप


गोंडा : भ्रष्टाचार के आरोप में खंड शिक्षा अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। इन पर एक शिक्षक ने रुपये मांगने का आरोप लगाया था।


जांच में प्रथम दृष्टया दोषी मिलने पर कार्रवाई की गई है। इटियाथोक के प्राथमिक विद्यालय अहिरौलिया के सहायक अध्यापक सुशील कुमार अग्रहरि ने बेसिक शिक्षा मंत्री स्वतंत्र प्रभार को शिकायती पत्र भेजा था। जिसमें बीईओ ओम प्रकाश पाल पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक विनय मोहन वन ने उनके निलंबन की पुष्टि की है।


Tuesday, December 22, 2020

रिश्वत लेते गिरफ्तार बीईओ को भेजा जेल, एंटी करप्शन टीम ने था पकड़ा


रिश्वत लेते गिरफ्तार बीईओ को भेजा जेल, एंटी करप्शन टीम ने था पकड़ा।


 शिक्षक से रिश्वत लेते गिरफ्तार प्रतापगढ़ के खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) सुनील कुमार को विशेष न्यायाधीश, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम ओम प्रकाश मिश्र ने बुधवार को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। सतर्कता अधिष्ठान, प्रयागराज की टीम ने उन्हें मंगलवार को गिरफ्तार किया था।

प्रतापगढ़ के मंगरौरा ब्लाक स्थित एक पूर्व माध्यमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक ने 18 दिसंबर, 2020 को पुलिस अधीक्षक उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान, प्रयागराज से खंड शिक्षा अधिकारी के रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। उन्होंने बताया था कि नवंबर, 2019 से मई, 2020 तक का 2.20 लाख रुपये उनका एरियर भुगतान होना है। औपचारिकता पूरी करने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी 20 हजार रुपये रिश्वत मांग रहे हैं।

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने मंगलवार को खंड शिक्षा अधिकारी को प्राथमिक विद्यालय मदाफरपुर के पास रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। बुधवार को आरोपित बीईओ को गोरखपुर में विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की अदालत में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।


प्रतापगढ़ में BEO को विजिलेंस टीम ने 10 हजार रुपये घूस लेते रंगेहाथ दबोचा।

घूसखोर बीईओ का विवादों से रहा है नाता, साल भर पहले भी गया था जेल

कोई भी हो काम, घूसखोर बीईओ ने तय कर रखे थे दाम


शिक्षक मुकेश कुमार दुबे ने इसकी शिकायत विजिलेंस प्रयागराज से की थी। इसके बाद विजिलेंस की टीम ने घेरेबंदी कर बीईओ सुशील कुमार कनौजिया को मंगरौरा बीआरसी कार्यालय से दबोच लिया। गिरफतार बीईओ कोंहड़ौर थाने लाया गया। जहां उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।

प्रतापगढ़ के कोंहड़ौर थाने में नीली कोट पहने घूस लेने का आरोपित खंड शिक्षा अधिकारी सुशील कुमार कनौजिया।


प्रयागराज । यूपी के प्रतापगढ़ जिले में मंगलवार दोपहर शिक्षा विभाग के एक अधिकारी का घूस लेते रंगेहाथ पकड़े जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। प्रयागराज विजलेंस की टीम खंड शिक्षा अधिकारी सुशील कुमार कनौजिया को 10 हजार रुपये घूस लेते हुए रंगेहाथ दबोच लिया। आरोपित खंड शिक्षा अधिकारी के खिलाफ कोंहड़ौर थाने में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।

शिक्षक से एरियर के एवज में बीईओ ने मांगा था बीस हजार रुपये

मंगरौरा के बी ई ओ सुशील कुमार कनौजिया को मंगलवार को दिन में तीन बजे 10 हजार रुपये के साथ विजिलेंश की टीम ने मंगरौरा के बीआरसी कार्यालय से गिरफ्तार किया। आरोप है कि बीईओ ने ब्‍लॉक के चंदीपुर पूर्व माध्यामिक स्‍कूल के सहायक अध्यपक मुकेश कुमार दुबे से एरियर निकालने के एवज बीस हजार रुपये की मांग की थी।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

शिक्षक मुकेश कुमार दुबे ने इसकी शिकायत विजिलेंस प्रयागराज से की थी। इसके बाद विजिलेंस की टीम ने घेरेबंदी कर बीईओ सुशील कुमार कनौजिया को मंगरौरा बीआरसी कार्यालय से दबोच लिया। गिरफतार बीईओ कोंहड़ौर थाने लाया गया। जहां उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। सुशील कुमार मूल रूप से ग्राम रसिकापुर, थाना महराजगंज जिला जौनपुर का रहने वाला है। विजिलेंस टीम के मुताबिक गिरफतार खंड शिक्षा अधिकारी की गोपनीय जांच कराई तो यह पाया कि बीईओ सुशील कुमार की आम शोहरत ठीक नहीं है। उसकी आम शोहरत एक घूसखोर अफसर के रूप में है।


साल भर पहले भी गया था जेल 
रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा खंड शिक्षाधिकारी सुशील कुमार कनौजिया मई 2019 में हरदोई जिले में तैनाती के दौरान जेल गया था। वह मल्लावां ब्लाक में तैनात था | वहां 19 मई 2019 को बच्चों के नामांकन को लेकर बैठक चल रही थी | बैठक में उसका बिलग्राम के बीइओ से विवाद और मारपीट हो गई थी। इस मामले में वहां के बीएसए हेमंत राव ने सुशील कुमार के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया था।



Monday, December 21, 2020

आगरा : बीएसए की बात नहीं सुन रहे खंड शिक्षा अधिकारी, रोकना पड़ रहा वेतन

आगरा : बीएसए की बात नहीं सुन रहे खंड शिक्षा अधिकारी, रोकना पड़ रहा वेतन


ब्लॉक के शिक्षण को बेहतर करने और शिक्षकों की समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी जिनके कंधों पर है, उन्हीं से विभाग के आलाअधिकारी परेशान हो गए हैं। स्थिति यहां तक आ गई है कि अब बेसिक शिक्षा अधिकारी को बैठकों में ना आने, सूचना ना देने जैसे कारणों पर खंड शिक्षा अधिकारी का वेतन तक रोकना पड़ रहा है।


बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार यादव ने खंड शिक्षा अधिकारी का वेतन रोका है। इसमें जो कारण दिए गए है, उससे पूरे विभाग की व्यवस्था ही सवालों के घेरे में आ गई है। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने खंड शिक्षा


शिक्षक संगठन भी खोल चुके हैं मोर्चा ा

परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों और शिक्षामित्रों को समय से वेतन और मानदेय ना मिलने के चलते संगठनों ने मोर्चा तक खोला था। शिक्षक संगठनों ने सीधे खंड शिक्षा अधिकारियों को कटघरे में खड़ा किया था। वेतन सहित कई समस्याओं के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया था।


अधिकारी सैंया का वेतन रोकने से पहले कारण बताओ नोटिस भी दिया था। बेसिक शिक्षा अधिकारी के अनुसार बीईओ लगातार विभागीय बैठकों में अनुपस्थित रहते हैं ।