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Wednesday, November 18, 2020

बीएड-बीटीसी पाठ्यक्रम में फिलहाल शुल्क भरपाई नहीं

बीएड-बीटीसी पाठ्यक्रम में फिलहाल शुल्क भरपाई नहीं


लखनऊ। शासन ने पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग को पूर्व दशम (कक्षा 9 व 10) छात्रवृत्ति योजना के तहत 135 करोड़ रुपये खर्च करने की अनुमति दे दी है। लेकिन बीएड और बीटीसी पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों के भुगतान पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया गया है। 


बीएड-बीटीसी कॉलेजों को पिछले वर्षों में किए गए भुगतान की जांच चल रही है। इसलिए यह फैसला किया गया है। इन पाठ्यक्रमों के मामले में जांच रिपोर्ट आने के के बाद ही निर्णय लिया जाएगा। वहीँ, दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत बीएड- पाठ्यक्रम के लिए दी गई राशि को छोड़ शेष राशि निदेशक के निवर्तन पर रखने का आदेश दिया गया है।

Thursday, October 29, 2020

कानपुर विवि : बीएड व एमएड प्रथम वर्ष के 20 हजार छात्र छात्राएं होंगे प्रमोट

कानपुर विवि : बीएड व एमएड प्रथम वर्ष के 20 हजार छात्र छात्राएं होंगे प्रमोट

 
कानपुर : छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय परिसर व संबद्ध महाविद्यालयों में पढ़ने वाले बीएड व एमएड प्रथम वर्ष के छात्र छात्रएं इस वर्ष प्रमोट किए जाएंगे। इसके लिए महाविद्यालयों से छात्र छात्रओं के आंतरिक परीक्षा के अंक मंगाए जाएंगे। उन अंकों को जोड़कर विश्वविद्यालय से संबद्ध 260 से अधिक बीएड व एमएड कॉलेजों प्रथम वर्ष के करीब 22 हजार छात्र छात्रओं को प्रमोट किया जाएगा।


इन छात्र छात्रओं को प्रमोट करने के बाद इनका मूल्यांकन द्वितीय वर्ष की परीक्षा के आधार पर होगा। बीएड व एमएड द्वितीय व अंतिम वर्ष की परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर उन्हें औसत अंक देकर उनकी डिवीजन तय होगी। कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता की अध्यक्षता में बुधवार को हुई परीक्षा समिति की बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। कोरोना वायरस से बचाव के लिए हुए लॉक डाउन के कारण बीएड व एमएड प्रथम वर्ष की परीक्षा नहीं हो पाई थीं। पिछले सात माह से बीएड व एमएड प्रथम वर्ष के छात्र छात्रएं अगली कक्षा में जाने का इंतजार कर रहे थे।

Friday, October 23, 2020

बीएड और डीएलएड प्रशिक्षण को एकीकृत करने का यूपी के बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री ने दिया सुझाव

बीएड और डीएलएड प्रशिक्षण को एकीकृत करने का यूपी के बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री ने दिया सुझाव 

कक्षा 1 से 8 तक के लिए बीएड डिग्रीधारी शिक्षक ही उचित : सतीश द्विवेदी

 
लखनऊ। बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी ने बीएड एवं डीएलएड की ट्रेनिंग को एक करने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि कक्षा 1 से 8 तक के लिए बीएड डिग्रीधारी शिक्षक ही उचित रहेंगे।


उन्होंने उच्च शिक्षा में सेवारत शिक्षकों के लिए ओरिएंटेशन और रिफ्रेशनल कोर्स की तरह बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के शिक्षकों के लिए भी कोर्स चलाने का सुझाव दिया। वे केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को हुई एनसीईआरटी की 57वीं जनरल काउंसिल में बोल रहे थे। 


द्विवेदी ने प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग में किए जा रहे सुधारों एवं नवाचारों की जानकारी देते हुए उपलब्धियां बताईं। कहा, गवर्नेंस एवं अनुश्रवण की व्यवस्था को सुधारने के लिए विभाग का एकीकृत प्रेरणा पोर्टल एवं मानव संपदा पोर्टल विकसित कर पूरे प्रदेश में लागू किया गया है। एससीईआरटी की जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थानों एवं परिषद के नियंत्रणाधीन इकाइयों में प्रबक्‍ताओं की नियुक्ति की गई है। जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थानों एवं राज्य स्तरीय संस्थानों में नवनियुक्त प्रवक्ताओं का ऑनलाइन कंप्यूटर प्रशिक्षण कराया गया।

Thursday, October 1, 2020

छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति अनियमितता की जांच के दायरे में आये निजी व एडेड बीएड व बीटीसी कालेज

छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति अनियमितता की जांच के दायरे में आये निजी व एडेड बीएड व बीटीसी कालेज


 लखनऊ : निजी क्षेत्र के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आइटीआइ) में दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की अनियमितताएं सामने आने पर शासन ने अब प्रदेश में संचालित निजी और एडेड बीएड व बीटीसी कालेजों में भी इसकी जांच कराने का निर्णय किया है। शासन ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है।



वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने निर्देश दिया है कि निजी व एडेड बीएड और बीटीसी कॉलेजों में विभिन्न वर्गों के छात्र-छात्रओं को दी जा रही छात्रवृत्ति का लाभ पात्र लाभार्थियों को ही मिल रहा है या नहीं, इसकी सघनता से जांच करायी जाए। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर एक टीम बनाकर संबंधित जिले के जिलाधिकारी के साथ इन पाठ्यक्रमों को संचालित करने वाले कॉलेजों की जांच की जाए।

बुधवार को विधान भवन में समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण और दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के तहत छात्रवृत्ति योजना को लेकर वह बैठक कर रहे थे।

वित्त मंत्री ने ली बैठक, निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित

Tuesday, September 15, 2020

बीएड : निजी संस्थानों की फीस तय न होने से बढ़ सकती हैं छात्रों की मुसीबतें

बीएड : निजी संस्थानों की फीस तय न होने से बढ़ सकती हैं छात्रों की मुसीबतें।

निजी संस्थानों के लिए चालू शिक्षण सत्र में बीएड की फीस निर्धारित नहीं होने से छात्रों की मुसीबतें बढ़ सकती हैं। फीस का निर्धारण न होने से निजी संस्थानों के विद्यार्थियों को राज्य विश्वविद्यालयों में पाठ्यक्रम की न्यूनतम फीस के बराबर भुगतान करना होगा।



राज्य विश्वविद्यालयों और निजी संस्थानों की फीस में भारी अंतर है। निजी बीएड शिक्षण संस्थानों के लिए वर्ष 2016-17 से 2018-19 तक प्रथम वर्ष में 51,250 रुपये और द्वितीय वर्ष में 30,000 रुपये फीस थी। इसके बाद 2019-20 के लिए भी इसी दर से शुल्क निर्धारित किया गया। चालू सत्र में निजी संस्थानों के लिए सक्षम स्तर से बीएड की फीस निर्धारित नहीं की गई है।

समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति व जनजाति के विद्यार्थियों के लिए पूरी फीस की भरपाई करती है, जबकि बीएड  में अन्य वर्गों के लिए अधिकतम 50 हजार रुपये की प्रतिपूर्ति की कैपिंग लगाई गई है। इस साल कोरोना संकट के कारण ऑनलाइन क्लासेज ही चल रही हैं। इसलिए प्रदेश सरकार शुल्क भरपाई में कटौती करने पर भी विचार कर रही है। इसके पीछे तर्क है कि ऑनलाइन क्लासेज से संस्थानों का व्ययभार कम हुआ है।


 सक्षम स्तर से बीएड में ली जाने वाली फीस का निर्धारण जरूरी

अधिकारियों का कहना है कि 2 अक्तूबर को शुल्क प्रतिपूर्ति की जानी है। इसलिए सक्षम स्तर से बीएड में ली जाने वाली फीस का निर्धारण जरूरी है। चाहें इसकी राशि कम या ज्यादा हो, क्योंकि किसी भी स्थिति में यह राज्य विश्वविद्यालय में ली जाने वाली फीस से अधिक ही निर्धारित होगी।

अनुसूचित जाति की छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति मद का एक चौथाई बजट बीएड पाठ्यक्रम में दाखिला लेने वाले छात्रों पर व्यय होता है। कुल दो हजार करोड़ रुपये के सालाना बजट में से करीब 450 करोड़ रुपये बीएड के विद्यार्थियों को दिया जाता है। सामान्य वर्ग में आवेदन करने वाले पात्र विद्यार्थियों की संख्या करीब 25000 रहती है।


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Sunday, August 30, 2020

बीएड में प्रवेश हेतु काउंसलिंग और परीक्षा के लिए नई गाइडलाइन जारी

बीएड में प्रवेश हेतु काउंसलिंग और परीक्षा के लिए नई गाइडलाइन जारी



कोरोना काल में बीएड के प्रवेश से लेकर वार्षिक परीक्षा कराने की गाइडलाइन नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन एनसीटीई ने जारी कर दी है। एहतियात के साथ कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया पूरी कराई जाए, जबकि पढ़ाई के 200 दिन पूरे होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन परीक्षा करा सकते हैं। 


बीएड की संयुक्त प्रवेश परीक्षा हो चुकी है। अब पांच सितंत्र को परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। इसके बाद काउंसिलिंग व कॉलेजों में प्रवेश देने का सिलसिला शुरू होगा। बीएड कॉलेजों में प्रवेश के मद्देनजर एनसीटीई ने गाइडलाइन बनाई है। यह गाइडलाइन कॉलेज में काउंसिलिंग के लिए आने वाले उम्मीदवारों के लिए है। कोरोना संक्रमण से बचने के लिए सभी के दूर-दूर बैठने की व्यवस्था की जाएगी। 



यह हैं प्रवेश की गाइडलाइन

● एक कक्ष में एक ही काउंटर होगा। प्रत्येक काउंटर के सामने दो गज की
● दूरी पर सफेद गोले बनाए जाएं। उनगोलों में ही छात्र-छात्राओं को खड़ा किया जाए।
● ऐसे में मास्क का उपयोग करना जरूरी है।
● टोकन से छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिया जाए।
● प्रवेश के दौरान उनकी थर्मल स्क्रीनिंग हो।
● शौचालय, पेजयल वाले स्थलों को सैनिटाइज किया जाए।
● काउंसलिंग के दौरान दस्तावेज सत्यापन के स्थान सैनिटाइज किए जाए।
● कॉलेजों में कर्मचारियों की रोटेशन में झ्यूटी लगाई जाए।


छात्रों को वार्षिक परीक्षा का इंतजार
सीएसजेएमयू के विद्यार्थी बीएड की वार्षिक परीक्षा का इंतजार पांच महीने से कर रहे हैं। नियमानुसार प्रवेश से 200 दिन पढ़ाई पूरी होने के बाद वार्षिक परीक्षा हो जानी चाहिए। पढ़ाई प्रारंभ हुए नौ महीने बीत चुके हैं, जबकि जो परीक्षा कराने की जो गाइडलाइन एनसीटीई की है, उसके अंतर्गत मानक के अनुसार कक्षाएं लगे पांच महीने से ऊपर बीत चुका है। स्ववित्तपोषित महाविद्यालय एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय त्रिवेदी का कहना है कि एनसीटीई से संपर्क किए जाने पर बताया गया कि परीक्षा कराना विवि की जिम्मेदारी है। अगर कक्षाएं पूरी लग चुकी है तो परीक्षा आयोजित कराई जा सकती हैं।

Monday, August 10, 2020

लापरवाही : बीएड प्रवेश परीक्षा में हिंदी का सवाल रिपीट, अभ्यर्थियों ने दर्ज कराई आपत्ति

लापरवाही : बीएड प्रवेश परीक्षा में हिंदी का सवाल रिपीट, अभ्यर्थियों ने दर्ज कराई आपत्ति

 
बीएड प्रवेश परीक्षा का पेपर तैयार करने में हुई लापरवाही सामने आई है। पहली पाली में सामान्य ज्ञान और हिंदी के पेपर में हिंदी का सवाल दो बार पूछ लिया गया। अभ्यर्थियों के बीच असमंजस की स्थिति है कि अब मार्किंग किस आधार पर की जाएगी। हालांकि, अभ्यर्थियों को पेपर सामान्य और संतुलित लगा, लेकिन तर्कशास्त्र के सवालों ने अभ्यर्थियों को उलझाया।


पहली पाली में सामान्य ज्ञान के 50 सवाल और हिंदी अथवा अंग्रेजी में से किसी एक विषय के 50 सवाल यानी कुल 100 सवाल हल करने थे। दूसरी पाली की परीक्षा में तर्कशास्त्र और विषय के 50-50 सवाल थे। तीन-तीन घंटे की दो पालियों में कुल 100-100 सवाल हल करने थे। पहली पाली में हिंदी का एक सवाल रिपीट हुआ है।


बुकलेट संख्या - जे में 75वें और 88वें नंबर पर एक ही सवाल दो बार पूछा गया, ‘निम्नलिखित में रूढ़ शब्द कौन सा है?’ अभ्यर्थियों को समझ में नहीं आया कि दोनों सवालों का जवाब दें या एक ही बार उत्तर दें। कुछ ने दो तो कुछ ने एक बार ही उत्तर दिया। अभ्यर्थियों के बीच इस बात को लेकर असमंजस है कि मार्किंग किस आधार पर की जाएगी? 


सामान्य ज्ञान में कोरोना से जुड़ा कोई सवाल नहीं पूछा गया। अभ्यर्थी इस आधार पर अनुमान लगा रहा है कि पेपर सेटिंग काफी पहले ही तैयार कराया जा चुका था, क्योंकि पहले यह परीक्षा अप्रैल में प्रस्तावित थी लेकिन लॉकडाउन के कारण स्थगित हो गई थी। दौलत हुसैन इंटर कॉलेज केंद्र में परीक्षा देने जौनपुर से आईं सृष्टि ने बताया कि जो पढ़ा था, उसमें से बहुत कम सवाल पूछे गए। सोनी यादव ने बताया कि पेपर संतुलित था, वहीं नीतू यादव का कहना था कि पेपर कठिन आया। अभ्यर्थी नीतू और प्रतिभा के मुकाबले पिछले साल के मुकाबले इस बार तर्कशास्त्र से जुड़े सवाल ज्यादा कठिन थे। 

परीक्षा कक्ष में मानक से अधिक बैठाए गए अभ्यर्थी
परीक्षा केंद्रों के लिए अभ्यर्थियों को बैठाने के मानक तय किए गए थे। एक कक्ष में अधिकतम 24 अभ्यर्थियों को ही बैठाया जा सकता था, लेकिन डीपी गर्ल्स इंटर कॉलेज में एक-एक कमरे में 28-28 अभ्यर्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। वहीं, आर्य कन्या कॉलेज के ऊपरी तल पर स्थित कमरों में भी मानक से अधिक अभ्यर्थियों को बैठाया गया था।

बीएड परीक्षा में कोरोना से बचाव के निर्देशों के उल्लंघन पर नूतन ठाकुर ने की परीक्षा आयोजकों पर एफआईआर की मांग

बीएड परीक्षा में कोरोना से बचाव के निर्देशों के उल्लंघन व सोशल डिस्टेंसिंग के पालन न करने पर परीक्षा आयोजकों पर एफआईआर की मांग 

 
एक्टिविस्ट डॉ नूतन ठाकुर ने आज हुए बीएड परीक्षा में सोशल डिस्टेंस तथा कोरोना से बचाव के समस्त निर्देशों का पूरी तरह से खुलेआम उल्लंघन होने के संबंध में परीक्षा संचालक लखनऊ विश्वविद्यालय के अधिकारीगण के खिलाफ एफआईआर दर्ज किये जाने की मांग की है. 


प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे अपने पत्र में नूतन ने कहा कि जहाँ एक ओर केंद्र एवं राज्य सरकारें निरंतर कोरोना से बचाव के लिए नए-नए निर्देश दे रही है, वहीँ इस परीक्षा ने इन पूरे प्रयासों को मिटटी में मिला दिया, जहाँ लाखों की संख्या में अभ्यर्थी एवं अन्य लोग बहुत ही भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर एकसाथ एकत्र हुए तथा सोशल डिस्टेंस का नियम पूरी तरह दरकिनार हो गया और लोक स्वास्थ्य के साथ खुलेआम खिलवाड़ हुआ.


नूतन ने कहा कि परीक्षा संचालक इन तथ्यों से पूरी तरह भिज्ञ थे और उनसे हजारों अभ्यर्थियों से अनुरोध भी किया, इसके बाद भी वे जानबूझ कर इस ओर पूरी तरह लापरवाह रहे. 
अतः उन्होंने उत्तरदायी अधिकारीगण के विरुद्ध महानगर थाना, लखनऊ में एफआईआर की मांग की है. साथ ही उन्होंने 16 अगस्त 2020 को यूपी लोक सेवा आयोग द्वारा संपादित होने वाले बीईओ (खंड शिक्षा अधिकारी) प्रवेश परीक्षा को स्थगित किये जाने की भी मांग की है.

यूपी बीएड प्रवेश परीक्षा : हिंदी और रीजनिंग के प्रश्नों में उलझे परीक्षार्थी, सामान्य ज्ञान भी रहा टफ

यूपी बीएड प्रवेश परीक्षा : हिंदी और रीजनिंग के प्रश्नों में उलझे परीक्षार्थी, सामान्य ज्ञान भी रहा टफ


उत्तर प्रदेश संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा में प्रश्नपत्रों को लेकर अभ्यर्थियों ने सवाल उठाए। तर्कशास्त्र (रीजनिंग) के सवालों ने भी अभ्यर्थियों को खूब उलझाया। बीएड प्रवेश परीक्षा में पहली पाली में अंग्रेजी अथवा हिंदी के 50 सवाल पूछे गए थे। इसके अलावा सामान्य ज्ञान से 50 सवाल थे। हिंदी का पर्चा सामान्य जरूर था, लेकिन बुकलेट संख्या जे में प्रश्न संख्या 75 और 88 एक ही था। इसमें पूछा गया था कि निम्नलिखित में रूढ़ शब्द कौन सा है। दोनों में विकल्प भी एक थे।


अभ्यर्थियों ने बताया कि सभी बुकलेट में इस सवाल का दोहराव था। ऐसे में इसका मूल्यांकन कैसे होगा, इस पर भी सवाल उठ रहे हैं। इसके बाद दूसरी पाली में विषय से संबंधित 50 सवाल और तर्कशास्त्र के 50 सवाल पूछे गए थे। अभ्यर्थियों की मानें तो तर्कशास्त्र के सवालों ने उन्हें खूब उलझाया। कहा तो यह भी जा रहा है कि इसके पहले प्रस्तावित परीक्षा का जो पर्चा तैयार किया गया था उससे ही पेपर करा लिया गया। क्योंकि, कोरोना महामारी से जुड़े एक भी सवाल नहीं पूछे गए थे।


जीके के प्रश्नों ने किया परेशान
बीएड प्रवेश परीक्षा में जनरल नॉलेज के सवालों ने छात्रों को खासा परेशान किया। परीक्षार्थियों ने कहा कि कोरोना काल में परीक्षा को लेकर असमंजस रहा। इससे परीक्षा की तैयारी नहीं हो सकी। पेपर कठिन रहा। 


लूकरगंज परीक्षा केंद्र के संदीप ने कहा कि केंद्र पर सेनिटाइजर नहीं रहा। अमूमन प्रश्न सरल रहा लेकिन जनरल नॉलेज थोड़ा कठिन था। वहीं, प्रमोद कुमार ने कहा परीक्षा अच्छी रही। पहली पाली में अच्छा पेपर हुआ लेकिन दूसरी पाली में थोड़ा कठिन था। जनरल नॉलेज से कठिन प्रश्न पूछे गए थे।


सचिन मौर्य ने बताया कि डीवीएस जीपी गोविंदपुर परीक्षा केंद्र पर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई गई। परीक्षा मॉडल साधारण था, सबसे ज्यादा प्रश्न जनरल नॉलेज से पूछे गए। वहीं, धर्मेंद्र पटेल ने कहा कि दूसरी पॉली के प्रश्नपत्र में जनरल नॉलेज के प्रश्न काफी कठिन रहे। केंद्र पर कोविड-19 से निपटने के लिए उचित उपाय नहीं किए गए थे। 

यूपी बीएड प्रवेश परीक्षा : कई शहरों में उड़ी सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां, जान जोखिम में डालकर देने पहुंचे बीएड प्रवेश परीक्षा, न दिखी सोशल डिस्टेंसिंग न थर्मल स्कैनिंग

यूपी बीएड प्रवेश परीक्षा : कई शहरों में उड़ी सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां


जान जोखिम में डालकर देने पहुंचे बीएड प्रवेश परीक्षा, न दिखी सोशल डिस्टेंसिंग न थर्मल स्कैनिंग


लखनऊ समेत प्रदेश भर में  संयुक्त प्रवेश परीक्षा बीएड 2020 शुरू हो गई है। जैसे-तैसे परीक्षार्थियों को केंद्र में प्रवेश देकर परीक्षा शुरू कराई गई।


राजधानी लखनऊ में परीक्षा को लेकर किए गए  तमाम दावों की पोल रविवार सुबह खुल गई। कोरोना महामारी के बावजूद सामाजिक दूरी जैसे प्रोटोकॉल तक पूरे नहीं हो सके। केकेसी, केकेसी, ए पी सेन कॉलेज में ना तो थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था दिखी और ना ही अन्य व्यवस्थाएं। 


सिर्फ केंद्र में ही नहीं, बल्कि केंद्र तक पहुंचने में भी अभ्यर्थियों को काफी मेहनत करनी पड़ी। बाराबंकी से केकेसी पर परीक्षा देने आए सुरेश सिंह और सुल्तानपुर से अाई आयुषी ने बताया कि बस तक नहीं मिल रही है। पहुंचने के लिए प्राइवेट गाडियां करनी पड़ी है।


44 केंद्रों पर नियमों को भूले स्टूडेंट
मेरठ के 44 केंद्रों पर बीएड एंट्रेंस सुबह नौ बजे शुरू हो गया। प्रतिबंध के बीच हो रहे इस एंट्रेंस में स्टूडेंट और परिजन निजी वाहनों से केंद्रों तक पहुंचे। सभी केंद्रों पर कार और बाइक की लाइन लगी रही। मास्क और सेनेटाइजर साथ लाने के निर्देशों के बावजूद कुछ स्टूडेंट मास्क लगाकर नहीं पहुंचे। सभी केंद्रों पर ऐसे स्टूडेंट के लिए मास्क दिए गए। केंद्रों पर स्टूडेंट की एंट्री हाथों को सेनेटाइज कराने के बाद हुई। केंद्रों के बाहर स्टूडेंट दो गज की दूरी के नियमों को भी भूल गए।


 एडमिट कार्ड को फोटोकॉपी लेकर नहीं पहुंचने से स्टूडेंट को चक्कर काटने पड़े। हालांकि कुछ केंद्रों के आसपास फ़ोटो स्टेट की दुकानें देरी से खुलीं। यहां पर स्टूडेंट की एडमिट कार्ड की फोटोकॉपी कराने के लिए लाइन लगी रही। प्रशासन द्वारा प्रतिबंध में ई-रिक्शा और ऑटो संचालन की छूट देने से स्टूडेंट को राहत मिली। नौ से 12 और दो से पांच बजे की दो पालियों में हो  रहे इस एंट्रेंस में स्टूडेंट को इस बार अंतराल के बीच बाहर आने की अनुमति नहीं रहेगी। स्टूडेंट को सुबह नौ से शाम पांच बजे तक केंद्र के अंदर रहना होगा। मेरठ में 18 हजार 800 एंट्रेंस के लिए पंजीकृत हैं।



लखनऊ विश्वविद्यालय की ओर से रविवार को बीएड प्रवेश परीक्षा शहर के 74 केंद्रों पर कराई गई। प्रथम पाली में 84 और दूसरी पाली में 84.5 फीसदी अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। बीएड प्रवेश परीक्षा के नोडल अफसर एवं प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भय्या) विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार शेषनाथ पांडेय ने बताया कि परीक्षा में शामिल होने के लिए शहर में 25,366 अभ्यर्थी पंजीकृत रहे। पहली पाली में कुल 21,391 ने परीक्षा में हिस्सा लिया। जबकि, 3975 ने परीक्षा छोड़ दी। इस तरह पहली पाली में अभ्यर्थियों की उपस्थिति 84 फीसद रही। वहीं, दूसरी पाली में पांच अभ्यर्थी बढ़ गए। इस वजह से कुल 21,396 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए और 3970 ने परीक्षा छोड़ दी। 


रजिस्ट्रार ने बताया कि प्रयागराज में दो केंद्रों पर तीन अभ्यर्थियों को तेज बुखार की शिकायत मिली। ऐसे में गाइडलाइन के अनुपालन में तीनों को अलग कमरे में बैठाकर उनकी परीक्षा ली गई। हमीदिया कॉलेज में दो और आर्य कन्या में एक अभ्यर्थी में तेज बुखार की शिकायत मिली थी।


सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ी धज्जियां
बीएड प्रवेश में शामिल होने वाले अभ्यर्थी एवं अभिभावकों ने सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ाईं। इविवि के केपीयूसी गेट पर घंटों भीड़ जमा रही। इससे पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। वहीं परीक्षार्थियों का कहना है कि कुलभाष्कर इंटर कॉलेज में गेट देर से खुलने के कारण सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पाया। परीक्षार्थियों ने यह भी कहा कि गेट पर सुबह लगभग 8 बजे तक लिस्ट नहीं लगाई गई थी। इस कारण अचानक लगी लिस्ट में अपना नाम ढूंढने के लिए छात्र-छात्राओं की भीड़ उमड़ पड़ी।

Saturday, August 8, 2020

आक्रोश : B.Ed परीक्षा का विरोध, छात्रों ने जलाया प्रवेश पत्र

आक्रोश : B.Ed परीक्षा का विरोध, छात्रों ने जलाया प्रवेश पत्र।

कोरोना महामारी के बीच प्रदेशभर में रविवार को बीएड प्रवेश परीक्षा आयोजित किए जाने विरोध में छात्रों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। छात्रसंघ के सामने सैकड़ों छात्र उपस्थित होकर प्रवेश पत्र जलाकर विरोध दर्ज किया। वहीं, बिना परीक्षा प्रोन्नत किए जाने की मांग को लेकर छात्रों का क्रमिक अनशन जारी रहा। अनशन स्थल पर पहुंचकर छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष एवं एमएलसी रामवृक्ष यादव ने कहा कि स्वास्थ्य किसी भी युवा के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। सरकार बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करना चाहती है यह गंभीर विषय है। अगर सरकार ने इस पर अपना रवैया नहीं बदला इसका अर्थ होता है उसे करोड़ों युवाओं की चिंता नहीं है।



आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि छात्रों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ सरकार पर भारी पड़ेगा। जनतांत्रिक मूल्यों को छोड़कर तानाशाही पूर्ण रवैया अपनाया तो यह आंदोलन जन सैलाब में परिवर्तित हो जाएगा। इस अवसर पर राजेश शर्मा, राघवेन्द्र यादव, छात्रनेता अजय यादव सम्राट, शैलेश पासवान, अविनाश विद्यार्थी, रोहित सावन, मो. सलमान, नवनीत यादव, आयुष प्रियदर्शी, शक्ति रिजवान, सचिन पहलवान, जितेन्द्र धनराज, राहुल पटेल, कुंवर विकास, सुनील पटेल, विकास यादव, सलमान आदि मौजूद रहे।


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बीएड प्रवेश परीक्षा कल : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से होगी अभ्यर्थियों की पहचान, 4 लाख से अधिक परीक्षार्थी देंगे परीक्षा

● 4,31,904 अभ्यर्थी देंगे परीक्षा 73 जिलों में बनाए 1089 परीक्षा केंद्र

● आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से होगी अभ्यर्थियों की पहचान

बीएड प्रवेश परीक्षा कल : वास्तविक अभ्यर्थी की जगह कोई और नहीं दे सकेगा परीक्षा आयोजनकर्ता लखनऊ विवि ने कहा- तैयारियां पूरी, तय समय पर ही होगी परीक्षा

● 4,31,904 अभ्यर्थी देंगे परीक्षा 73 जिलों में बनाए 1089 परीक्षा केंद्र



लखनऊ। प्रदेश में 9 अगस्त को प्रस्तावित बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा में अभ्यर्थियों की पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का प्रयोग किया जाएगा। साथ ही प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर वॉयस रिकॉर्डिंग वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। उधर, प्रवेश परीक्षा स्थगित करने की मांग पर लखनऊ विश्वविद्यालय ने स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा की तैयारियां हो चुकी हैं और परीक्षा शिड्यूल के अनुसार ही होगी।

पहले हुई प्रवेश परीक्षा में अक्सर अभ्यर्थी के स्थान पर किसी दूसरे के बैठने की शिकायत मिलती रही है। इसे रोकने के लिए लखनऊ विवि ने कई खास कदम उठाए हैं। इसके लिए प्रत्येक अभ्यर्थी के चेहरों के कुल 27 स्थानों की सूचनाओं को डिजिटल डाटा में बदलकर एई के जरिये जांच की जाएगी। इसमें अभ्यर्थी की 13 विशिष्ट व व्यक्तिगत विशेषताओं जैसे बाल, चश्मा, आयु, लिंग आदि को सम्मिलित किया जाएगा। इससे कोई भी गलत व्यक्ति वास्तविक अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा में


बीएड प्रवेश परीक्षा व एमईटी के दौरान होंगे सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध

लखनऊ। प्रदेश में शनिवार को मदन मोहन मालवीय प्रौद्यौगिकी विश्वविद्यालय गोरखपुर की प्रवेश परीक्षा (एमपी-2020) और रविवार को बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम होंगे। डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने कोविड-19 को लेकर जारी गाइडलाइन का अनुपालन करते हुए पुलिस कप्तानों को समुचित पुलिस प्रबंध करने और परीक्षा के दौरान शांति व यातायात व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

बीएड प्रवेश परीक्षा की तैयारी : 8 फुट की दूरी पर बैठेंगे परीक्षार्थी

बीएड प्रवेश परीक्षा की तैयारी : 8 फुट की दूरी पर बैठेंगे परीक्षार्थी


कोरोना संक्रमण के बीच छात्रों एवं सामाजिक संगठनों की मांग को दरकिनार करते हुए प्रशासन ने लखनऊ विवि की ओर से रविवार को होने वाली बीएड प्रवेश परीक्षा की तैयारी पूरी कर ली है। बीएड प्रवेश परीक्षा कोरोना काल की सबसे बड़ी परीक्षा होगी। परीक्षा में लगभग चार लाख परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। परीक्षा की तैयारी चाक-चौबंद करने के लिए शुक्रवार को जिलाधिकारी भानुचंद गोस्वामी की अध्यक्षता में  बैठक हुई। बैठक के दौरान बताया गया कि सोशल डिस्टेंशिंग का पालन करने के लिए दो परीक्षार्थियों के बीच आठ फिट की दूूरी रखी जाएगी। एक परीक्षा कक्ष में मात्र 24 परीक्षार्थी और एक कक्ष निरीक्षक होंगे।


सेंट एंथोनी गर्ल्स इंटर कॉलेज में हुई बैठक के दौरान लखनऊ विवि की ज्योत्सना सिंह, डॉ. फाजिल हॉशमी, डॉ. विद्यानंद तिवारी और प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भय्या) विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार शेष नाथ पांडेय और सभी केंद्र व्यवस्थापक मौजूद रहे। रजिस्ट्रार शेषनाथ पांडेय ने बताया कि प्रवेश परीक्ष की तैयारी पूरी कर ली गई है।


सोशल डिस्टेंसिंग के पालन के लिए परीक्षा केंद्र पर एक कमरे में चौबीस छात्रों की परीक्षा होगी। परीक्षा केंद्रों पर सैनिटाइजिंग की व्यवस्था होगी। साथ ही केंद्र व्यवस्थापकों को कहा गया है कि परीक्षा केंद्र पर पहुंचे वाले अभ्यर्थी को यदि बुखार है तो उसे बिना परीक्षा दिए वापस न लौटाया जाए। उसके लिए अलग कमरे में परीक्षा कराई जाए। जनपद के केंद्र व्यवस्थापकों को परीक्षा सामग्री उपलब्ध कराई गई। रजिस्ट्रार शेषनाथ पांडेय ने बताया कि प्रयागराज के 74, प्रतापगढ़ में सात, कौशाम्बी में तीन और फतेहपुर में दो केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की जाएगी। प्रयागराज में  लगभग 22 हजार परीक्षार्थी प्रवेश परीक्षा में शामिल होंगे। मंडल के चारों जिलों में लगभग 25 हजार परीक्षार्थी  86 केंद्रों पर परीक्षा देंगे।


केसर विद्यापीठ कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव, बीएड परीक्षा में संक्रमण का खतरा

केसर विद्यापीठ इंटर कॉलेज के एक कर्मचारी की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने के बाद से विद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों को अपने संक्रमण की चिंता सता रही है। शिक्षकों एवं कर्मचारियों की ओर से चिता व्यक्त किए जाने के बाद  प्रधानाचार्य की ओर से एक पत्र जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला प्रशासन को पूरे मामले की जानकारी दी गई है। पत्र में इस बात को लेकर चिंता व्यक्त की है कि चार दिन पहले कोरोना जांच से पहले यह कर्मचारी लगातार विद्यालय आ रहा था, ऐसे में इसके संपर्क के चलते दूसरे शिक्षकों एवं कर्मचारियों को संक्रमण हो सकता है। शिक्षकों ने कर्मचारी के संपर्क में रहने वाले दूसरे कर्मचारियों, शिक्षकों को क्वारंटीन करने की मांग की।


शिक्षकों का कहना है कि परीक्षा के दौरान भीड़ बढ़ने पर संक्रमण के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन उचित व्यवस्था करे। परीक्षा केंद्र पर 300 परीक्षार्थियों का केंद्र बनाया गया है। ऐसे में भीड़ के दौरान संक्रमण का खतरा बढ़ेगा। इससे पहले विद्यालय के प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं प्रबंध समिति के सदस्य और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पहले भी कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं। ऐसे में शिक्षकों ने जिला प्रशासन से आवश्यक उपाय करने की मांग की है। इस संबंध में अपर जिला अधिकारी नगर अशोक कुमार कनौजिया का कहना है कि स्कूल को सेनेटाइज करवाने के बाद परीक्षा कराई जाएगी। परीक्षा की दोनो पालियों में सैनिटाइजेशन की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों, कर्मचारियों को चिंतित होने की जरूरत नहीं है, परीक्षा के दौरान स्वास्थ्य विभाग की ओर से पूरी व्यवस्था की जाएगी।

Sunday, August 2, 2020

बीएड प्रवेश परीक्षा 09 अगस्त को, तैयारियां हुई तेज

बीएड प्रवेश परीक्षा 09 अगस्त को,  तैयारियां हुई तेज

 
लखनऊ : बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा को सकुशल कराने के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। नौ अगस्त को प्रदेश भर में लिखित परीक्षा कराई जाएगी। विवि की ओर से परीक्षा केंद्रों को सैनिटाइज कराया जाएगा।


बीएड परीक्षा की राज्य समन्वयक प्रो. अमिता बाजपेई के मुताबिक परीक्षार्थियों को कोई असुविधा न हो, इसके लिए जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित किया गया है। नौ और 10 अगस्त को सभी प्रकार के यातायात के साधन सुचारु रुप से चालू रहेंगे। प्रवेश पत्र के साथ समुचित आवागमन की अनुमति सरकार की ओर से प्रदान की गई है। परीक्षार्थियों की सुरक्षा को लेकर सभी जागरूक हैं और इस संबंध में समुचित प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं। इस बार चार लाख 31 हजार 904 अभ्यर्थी शामिल होंगे।



09 अगस्त को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत होगी बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा 2020, परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए 8 और 9 को चलेंगे सभी सार्वजनिक साधन।

Thursday, July 30, 2020

आगरा : आगरा विवि के फर्जी घोषित करने के बाद फर्जी प्रमाणपत्र वाले 171 शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई का रास्ता साफ

आगरा : आगरा विवि के फर्जी घोषित करने के बाद फर्जी प्रमाणपत्र वाले 171 शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई का रास्ता साफ 


आगरा। जिले के परिषदीय प्राथमिक और उप प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत और एसआईटी की सूची में शामिल 171 और शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की ओर से अपना पक्ष रखने वाले 12 अभ्यर्थियों को फर्जी घोषित किए जाने से बेसिक शिक्षा विभाग का काम आसान हो गया है। अब सूची प्राप्त होने का इंतजार है। बेसिक शिक्षा विभाग ने विवि के बीएड सत्र 2004-05 को एसआईटी की ओर से तैयार फर्जी एवं टेम्पर्ड प्रमाण पत्रों की सूची से जिले में 249 शिक्षकों को चिह्नित किया था।


इसमें से 195 का नाम फर्जी प्रमाणपत्र और फर्जी घोषित किए सूची में शामिल गए 812 अभ्यर्थियों की सूची में नाम प्रशासन ने सात होने की उम्मीद 54 का नाम टेपर्ड प्रमाणपत्रों की फरवरी 2020 को एसआईटी की सूची में शामिल 2823 अभ्यर्थियों को फलों घोषित कर दिया इन अभ्यर्थियों में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से ललित 195 में से 24 शिक्षकों के नाम थे। इनको बर्खास्त कर दिया गया है। का 171 अभ्यर्थियों का वेतन रोका गया है। इनके खिलाफ खस्तगी की कार्रवाई के लिए विवि में अपना पक्ष रखने वाले 814 अभ्यर्थियों पर निर्णय लिए जाने का इंतजार किया जा रहा था। बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार यादव ने सूची के लिए विवि के अधिकारियों से संपर्क भी किया था। इनका कहना है कि सूची मिलने के साथ बाकी चिन्हित शिक्षकों के नाम से मिलान करने के बाद बास्तगी की कार्रवाई की जाएगी।

Wednesday, July 29, 2020

कोरोना संक्रमण की स्थिति में बीएड की प्रवेश परीक्षा आयोजन पर अभ्यर्थियों ने उठाए सवाल

कोरोना संक्रमण की स्थिति में  बीएड की प्रवेश परीक्षा पर अभ्यर्थियों ने उठाए सवाल

 
कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इस हालात में 9 अगस्त को प्रस्तावित बीएड प्रवेश परीक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय की ओर से प्रवेश पत्र जारी करने के बाद अभ्यर्थियों ने आपत्ति जताई है। 


अभ्यर्थी शक्ति राजभर ने सोशल मीडिया पर अपना प्रवेश पत्रसाझा किया है। वह कहते हैं कि उन्होंने प्रयागराज, कानपुर और लखनऊ के परीक्षा केन्द्रों पर पेपर देने का विकल्प भरा था। उन्हें 250 किमी दूर बलरामपुर में एमएलके पीजी कॉलेज में परीक्षा केन्द्र आवंटित किया गया है। 


प्रयागराज के बृजेश सिंह लिखते हैं कि उन्होंने प्रयागराज में परीक्षा केन्द्र का विकल्प भरा था। केन्द्र इटावा में दिया गया है। कोरोना संक्रमण के मौजूदा हालात में परीक्षा देने जाने का मतलब जान जोखिम में डालना है। प्रति आजाद लखनऊ विश्वविद्यालय को अपनी आपत्ति टैग करते हुए सोशल मीडिया में लिखा है कि कोरोना के केस लगातार बढ़ रहे हैं। विवि प्रशासन को व्यवहारिक सोच के साथ इस परीक्षा पर फैसला लेना चाहिए। अंकित गौर लिखते हैं कि इन हालात में अभ्यर्थी न तो परीक्षा केन्द्र तक पहुंचेंगे.


तैयारियों पर वीडियो जारी किया 
बीएड प्रवेश परीक्षा करा रहे लविवि की ओर से तैयारियों को लेकर एक वीडियो जारी किया गया है। इसमें, राज्य समन्वयक प्रो. अमिता बाजपेई का कहना है कि प्रथम, द्वितीय और तृतीय वरीयता के आधार पर केन्द्र आवंटित करने के बाद भी बहुत अधिक संख्या में अभ्यर्थी बच गए हैं। उनको अन्य शहरों में भेजा गया है। दावा है कि अभ्यर्थियों की सुविधा प्राथमिकता रही है। | से अपील है कि वह निश्चित होकर केन्द्रों पर जाकर परीक्षा दें। और न ही परीक्षा दे पाएंगे। 


अभ्यर्थी रानू कुमार ने लिखा है कि परीक्षा केन्द्रों पर भीड़भाड़ के माहौल में अगर सिर्फ एक सैनिटाइजर की बोतल और मास्क काफी होता तो देश में इस बीमारी को लेकर इतनी खतरा न बढ़ता।

Tuesday, July 14, 2020

बीएड प्रवेश परीक्षा के लिए सभी जिलों में नोडल अधिकारी, 09 अगस्त को प्रदेश भर में होगी प्रवेश परीक्षा

बीएड प्रवेश परीक्षा के लिए सभी जिलों में नोडल अधिकारी, 09 अगस्त को प्रदेश भर में होगी प्रवेश परीक्षा
 

लखनऊ : बीएड कोर्स में दाखिले के लिए नौ अगस्त को होने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा के लिए नोडल अधिकारी तैनात कर दिए गए हैं। कमेटी में डीआइओएस व डीएम द्वारा नामित एक अधिकारी भी शामिल होगा।


बीएड की संयुक्त प्रवेश परीक्षा की जिम्मेदारी लखनऊ विश्वविद्यालय को दी गई है। प्रमुख जिलों में जिन्हें नोडल अधिकारी बनाया गया है, उनमें राजधानी में लविव के प्रोफेसर ध्रुव सेन सिंह, कानपुर में डॉ.संदीप कुमार सिंह, आगरा में डॉ.संजीव कुमार, नोएडा में डॉ.दिव्यानाथ, मेरठ में डॉ.पीके मिश्र, प्रयागराज में डॉ.चंद्र प्रकाश, डॉ.सुनील कुमार सरोज व डॉ.आनंद शेखर सिंह और वाराणसी में प्रो.आरपी सिंह व डॉ.अवधेश कुमार को नोडल अधिकारी बनाया गया है।

Saturday, June 6, 2020

बीएड प्रवेश परीक्षा में तीन केंद्रों का विकल्प

बीएड प्रवेश परीक्षा में तीन केंद्रों का विकल्प


लखनऊ :  कोरोनाकाल में परिवहन की परेशानियों के बीच बीएड प्रवेश परीक्षा में अभ्यर्थियों को तीन परीक्षा केंद्रों के चयन का विकल्प दिया गया है। 


एलयू की ओर से होने वाली इस परीक्षा के अभ्यर्थी 8 से 14 जून तक इच्छानुसार नए केंद्र का चयन कर सकेंगे। इसके लिए रजिस्ट्रेशन संख्या से लॉग-इन करना होगा।

बीएड की फर्जी डिग्री की स्क्रीनिंग को कमेटी बनी, अब माध्यमिक शिक्षा विभाग ने भी सख्ती शुरू कर दी

बीएड की फर्जी डिग्री की स्क्रीनिंग को कमेटी बनी,  अब माध्यमिक शिक्षा विभाग ने भी सख्ती शुरू कर दी



06 Jun 2020
आगरा विश्वविद्यालय की 2004-05 सत्र की फर्जी बीएड डिग्री के आधार पर नौकरी पाने वाले परिषदीय शिक्षकों पर कार्रवाई के बाद अब माध्यमिक शिक्षा विभाग ने भी सख्ती शुरू कर दी है।


अपर निदेशक माध्यमिक डॉ. महेन्द्र देव ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों से ऐसे शिक्षकों की सूचना मांगी थी जिन्होंने आगरा विवि के 2004-05 सत्र की बीएड डिग्री के आधार पर नियुक्ति प्राप्त की है। इसी के साथ शिक्षा निदेशालय में कार्यरत दो अधिकारियों रामचेत और शिव सेवक सिंह की दो सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है जो ऐसे प्रकरणों की जांच करेंगे।


जानकारी के मुताबिक अब तक 60 जिलों से 150 से अधिक ऐसे शिक्षकों की जानकारी प्राप्त हो चुकी है। अन्य 15 जिलों से भी जानकारी मिलने के साथ ही जांच प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।


जून अंत तक सभी प्रकरणों का निस्तारण होना है। अपर निदेशक माध्यमिक डॉ. महेन्द्र देव ने बताया कि दो सदस्यीय कमेटी प्रकरण की जांच कर रही है। एसटीएफ की ओर से उपलब्ध कराई गई फर्जी और टेम्पर्ड डिग्री से मिलान करते हुए आगे की कार्रवाई होगी। गौरतलब है कि परिषदीय स्कूलों में फर्जी डिग्री के आधार पर नियुक्त एक हजार से अधिक शिक्षकों की सेवा समाप्त की जा चुकी है।

Thursday, May 28, 2020

मुविवि : बीएड के लिए आवेदन की तिथि बढ़ी

मुविवि : बीएड के लिए आवेदन की तिथि बढ़ी।


मुविवि : बीएड के लिए आवेदन की तिथि बढ़ी

प्रयागराज : उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मक्त विश्वविद्यालय (मुविवि) ने बीएड एवं बीएड विशिष्ट शिक्षा सत्र 2020 प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन की तिथि फिर बढ़ा दी है। कोरोना महामारी की वजह से देशव्यापी लॉकडाउन 31 मई तक बढ़ाए जाने के कारण कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने यह निर्णय लिया है। बीएड-बीएड विशिष्ट शिक्षा प्रवेश परीक्षा-2020 के समन्वयक प्रो. प्रेम प्रकाश दुबे ने बताया कि अंतिम तिथि 12 जून तक बढ़ा दी गई है। वहीं ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 15 जून कर दी गई है। मीडिया प्रभारी डॉ प्रभात चंद्र मिश्र ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन पत्र की हार्ड कॉपी विश्वविद्यालय में प्रेषित करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 20 जून कर दी गई है।





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