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Saturday, April 3, 2021

यूपी बीएड सत्र 2021-22 हेतु कॉलेजों की संबद्धता के लिए ऑनलाइन आवेदन अब 15 अप्रैल तक

यूपी बीएड सत्र 2021-22 हेतु कॉलेजों की संबद्धता के लिए ऑनलाइन आवेदन अब 15 अप्रैल  तक


शासन ने सत्र 2021-22 में बीएड पाठ्यक्रम के अलावा महाविद्यालयों में स्नातक व स्नातकोत्तर स्तर पर नए विषय की पढ़ाई शुरू करने तथा नए महाविद्यालय खोले जाने से संबंधित प्रस्तावों के निस्तारण की संशोधित समय-सारिणी जारी कर दी है। इसके तहत अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) एवं संबद्धता के लिए ऑनलाइन आवेदन अब 15 अप्रैल तक किया जा सकेगा। पहले यह तिथि 15 जनवरी थी।


उच्च शिक्षा विभाग के विशेष सचिव श्रवण कुमार सिंह की तरफ से जारी शासनादेश के अनुसार नए पाठ्यक्रमों के लिए विश्वविद्यालय में एनओसी प्रस्ताव ऑनलाइन जमा करने की अंतिम तिथि 15 जनवरी से बढ़ाकर 15 अप्रैल, विश्वविद्यालय में ऑनलाइन जमा किए गए प्रस्तावों के भूमि संबंधी अभिलेखों का राजस्व विभाग से सत्यापन कराए जाने की अंतिम तिथि पांच फरवरी से बढ़ाकर 30 अप्रैल तथा एनओसी ऑनलाइन जारी किए जाने की तिथि 31 मार्च से बढ़ाकर 10 मई 2021 कर दी गई है।


इसी तरह महाविद्यालयों की जांच के लिए निरीक्षण मंडल के गठन की अंतिम तिथि 15 अप्रैल से बढ़ा कर 20 मई, निरीक्षण मंडल द्वारा निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल से बढ़ाकर पांच जून, विश्वविद्यालय द्वारा संबद्धता ऑनलाइन दिए जाने की अंतिम तिथि 10 मई से बढ़ाकर 15 मई, शासन में अपील करने की अंतिम तिथि 20 मई से बढ़ाकर 30 जून तथा शासन स्तर पर अपील निस्तारित करने की अंतिम तिथि 10 जून से बढ़ाकर 10 जुलाई 2021 कर दी गई है।

Thursday, March 25, 2021

नई शिक्षा नीति : 2022 से ही लागू हो सकता है चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड प्रोग्राम, जानिए कोर्स के बारे में

नई शिक्षा नीति : 2022 से ही लागू हो सकता है चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड प्रोग्राम, जानिए कोर्स के बारे में


वर्ष 2030 के बाद केवल चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड प्रोग्राम की पढ़ाई करने वाले ही शिक्षक भर्ती के लिए योग्य अभ्यर्थी होंगे। यह प्रावधान नई शिक्षा नीति में दिया गया है। नई शिक्षा नीति लागू करने के लिए गठित उच्च शिक्षा विभाग की स्टीयरिंग कमेटी यह कोर्स वर्ष 2022 से लागू करने पर विचार कर रही है। ऐसे में आपके लिए यह जानना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि इस चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड प्रोग्राम क्या-क्या होगा। पढ़िए...


इंटीग्रेटेड बीएड प्रोग्राम के चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम से आपको अपने विषय के साथ-साथ बीएड के विषयों को पढ़ने का भी मौका मिलेगा। उदाहरण के तौर पर अगर कोई विद्यार्थी केमिस्ट्री (रसायन विज्ञान) से बीएससी ऑनर्स के साथ बीएड करना चाहता है तो वह स्नातक के दौरान बीएससी के साथ बीएड के सेक्शन भी पढ़ पाएगा। तीन साल में बीएससी ऑनर्स की पढ़ाई पूरी होने पर चौथे साल में उसे बीएड के बचे सेक्शन पढ़ने होंगे। साथ ही इंटर्नशिप भी करनी होगी। इस तरह 5 साल में मिलने वाली डिग्री अब चार साल में इंटीग्रेटेड बीएससी-बीएड के नाम से मिल जाएगी और विद्यार्थियों का एक साल भी बच जाएगा।


वहीं क्रेडिट सिस्टम अभ्यर्थियों को बीच में ही कोर्स छोड़नी की भी अनुमति देता है। दाखिला लेने के बाद अगर किसी विद्यार्थी को बीएड की पढ़ाई नहीं करनी है, तो उसे तीन साल बाद स्नातम की डिग्री मिल जाएगी। साथ ही इन तीन सालों में विद्यार्थी ने बीएड कोर्स से संबंधित जिन भी विषयों की पढ़ाई की होगी, उसे उन विषयों का सर्टिफिकेट भी मिल जाएगा। आप यह खबर प्राइमरी का मास्टर डॉट इन पर पढ़ रहे हैं। यह सर्टिफिकेट विद्यार्थी के एकेडमिक बैंक क्रेडिट में जमा हो जाएगा। अगर भविष्य में कभी विद्यार्थी फिर से बीएड की पढ़ाई करना चाहेगा तो यह क्रेडिट उसके काम आएगा।


बता दें सबसे पहले बीएड प्रोग्राम एक साल का हुआ करता था और वर्तमान में यह दो वर्ष का है। अब यह जल्द ही चार वर्ष (इंटीग्रेटेड) का होने जा रहा है। हालांकि अभी तक यह एक संभावित मॉडल है, जिसे जल्द ही अंतिम स्वरूप दिया जा सकता है।

Thursday, March 11, 2021

बीएड : बढ़ाई जा सकती है प्रवेश परीक्षा के आवेदन की अंतिम तिथि

बीएड : बढ़ाई जा सकती है प्रवेश परीक्षा के आवेदन की अंतिम तिथि


उत्तर प्रदेश संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की कम संख्या को देखते हुए लखनऊ विश्वविद्यालय आवेदन की अंतिम तिथि को बढ़ाने पर विचार कर रहा है। आवेदन की अंतिम तिथि 15 मार्च निर्धारित है, जिसे 31 मार्च तक किया जा सकता है। पंजीकरण तो काफी संख्या में हुए हैं लेकिन फीस जमा कर आवेदन पक्का करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या काफी कम है।


आवेदन करने में अभ्यर्थियों को कई तरह की समस्याएं आ रही हैं। विवि द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर पर अभ्यर्थियों ने समस्याएं बताई हैं। प्रमाण पत्र न बन पाने की समस्या ज्यादा है। आवेदन प्रक्रिया को लेकर सोमवार को एडवाइजरी कमेटी की बैठक होगी।


बताया जा रहा है कि उसमें आवेदन की तिथि 31 मार्च तक बढ़ाने पर विचार किया जाएगा ताकि ज्यादा से ज्यादा अभ्यर्थी आवेदन कर सकें। आवेदन प्रक्रिया 18 फरवरी से शुरू हुई थी। 19 मई को प्रवेश परीक्षा प्रस्तावित है। अभी तक 3,35,543 छात्रों ने पंजीकरण कराया है लेकिन शुल्क जमा कर आवेदन पक्का करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या महज 1,58,617 है।
 
गत वर्ष करीब 4,32,000 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। निर्धारित तिथि के अनुसार अब महज 10 दिन ही शेष हैं। बीएड की राज्य प्रवेश समन्वयक प्रो. अमिता बाजपेयी ने बताया कि छात्रों द्वारा हेल्पलाइन नंबर पर बताई गई समस्याओं के आधार पर फ्रिक्वेंटली आस्क्ड क्वेश्चन बनाया गया है, जिससे संबंधित उत्तर भी दिए गए हैं। इसमें ईडब्लूएस प्रमाण पत्र, स्नातक अंतिम वर्ष के अंक, रोल नंबर आदि से संबंधित जानकारी दी गई है। विवि ने इसे वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। वहीं आवेदन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद भी अभ्यर्थी लिंग, परीक्षा केंद्र, विषय वर्ग और भरांक में संसोधन कर सकेंगे।

Saturday, March 6, 2021

IGNOU BEd admission 2021: बीएड जनवरी सेशन के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू, 11 अप्रैल को होगी परीक्षा, क्लिक करके करें आवेदन

IGNOU BEd admission 2021: बीएड जनवरी सेशन के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू, 11 अप्रैल को होगी परीक्षा

GNOU BEd admission 2021: इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी, इग्नू
IGNOU BEd admission 2021 इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी इग्नू ने जनवरी 2021 सत्र के लिए बीएड प्रोगाम के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी है। ऐसे में इस प्रोगाम में दाखिले के लिए उम्मीदवार आधिकारिक पोर्टल पर मौजूद के इस लिंक पर क्लिक करके आवेदन कर सकते हैं।




IGNOU BEd admission 2021: इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी, इग्नू (Indira Gandhi National Open University) ने जनवरी 2021 सत्र के लिए बीएड प्रोगाम के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी है। ऐसे में इस प्रोगाम में दाखिले के लिए उम्मीदवार आधिकारिक पोर्टल पर मौजूद htps:// sedservices.ignou.ac.in/ entrancebed/ के इस लिंक पर क्लिक करके आवेदन कर सकते हैं। वहीं इस सेशन के लिए रजिस्ट्रेशन करने की आखिरी तारीख 2 20 मार्च, 2021 है। वहीं बीएड की परीक्षा 11 अप्रैल, 2021 को विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। इग्नू बीएड प्रोगाम की न्यूनतम अवधि 2 वर्ष है। वहीं इस शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी और हिंदी दोनों में होगा।

IGNOU BEd admission 2021: इन तिथियों का रखें ध्यान

ऑनलाइन आवेदन शुरू करने की तारीख: 2 मार्च 2021

इग्नू बीएड एंड ओपनमैट 2021 के आवेदन करने की आखिरी तारीख- 20 मार्च, 2021


इग्नू बीएड एंड ओपनमैट 2021 के लिए लिखित परीक्षा: 11 अप्रैल 2021


एजुकेशन क्वालिफिकेशन

बीएड प्रोगाम में दाखिले के लिए इच्छुक उम्मीदवारों को किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, वाणिज्य या मानवता में मास्टर डिग्री होना चाहिए। वहीं उम्मीदवारों के अंक 50% अंक होने चाहिए। इसके अलावा बैचलर इन इंजीनियरिंग या टेक्नोलॉजी में स्पेशल साइंस और मैथ्स में 55 फीसदी अंक लाने वाले भी आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा इग्नू ने हाल ही में बीएड एंड ओपेनमेट 2021 (BEd & OPENMAT 2021) प्रोगाम के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया भी हाल ही में शुरू किए गया था। ओपनमेट एमबीए कोर्स में अप्लाई करने वाले सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को 50 प्रतिशत अंकों के साथ संबंधित विषय में ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए। इसके अलावा अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति / अन्य पिछड़ा वर्ग / पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों को केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार छूट प्रदान की जाएगी।

ये होगी फीस

बीएड प्रोगाम के लिए अप्लाई करना चाहते हैं उन्हें 55000 रुपये का शुल्क देना होगा। इसके अलावा ओपेनमेट प्रोगाम के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को 2000 रुपये प्रति पाठ्यक्रम शुल्क देना होगा

Saturday, February 27, 2021

बी.एड- 2021 के छात्र-छात्राओं को मिलेगा छात्रवृत्ति और फीस भरपाई का लाभ

बी.एड- 2021 के छात्र-छात्राओं को मिलेगा छात्रवृत्ति और फीस भरपाई का लाभ

प्रदेश में बी.एड. के अनुसूचित जाति व सामान्य वर्ग, अल्पसंख्यक तथा पिछड़ा वर्ग के गरीब व जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति और फीस भरपाई का लाभ दिये जाने के आदेश जारी हो गये हैं। बीएड और बीटीसी के छात्र-छात्राओं को पूर्व में दी गई छात्रवृत्ति और फीस भरपाई की राशि के मामलों की जांच के चलते बीएड की छात्रवृत्ति और फीस भरपाई की राशि के वितरण पर रोक लगी हुई थी जबकि बीटीसी का सत्र कोरोना संकट की वजह से इस बार शून्य घोषित कर दिया गया है। गुरुवार को इस बार में समाज कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव बी.एल.मीणा की ओर से एक आदेश जारी किया गया।


इस आदेश में कहा गया है कि वित्त विभाग के 5 नवम्बर 2020 के शासनादेश के जरिये बीएड / बीटीसी की छात्रवृत्ति और फीस भरपाई भुगतान के सम्बंध में लगी रोक हटाए जाने के सम्बंध में निर्णय लिया गया है। इस शासनादेश में आगे कहा गया है कि एसोसिएशन आफ माइनारिटीज इंस्टीट्यूटशन प्रयागराज बनाम उ.प्र.राज्य व अन्य के मामले में हाईकोर्ट के 15 दिसम्बर 2020 को पारित आदेश के अनुपालन के क्रम में बीएड और बीटीसी व अन्य सभी पाठ्यक्रमों की छात्रवृत्ति और फीस भरपाई के मामलों की जांच जारी रहेगी।

इस जांच के लिए समाज कल्याण विभाग द्वारा जिलों के मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित जांच समिति, बीटीसी शिक्षण संस्थानों की मान्यता संबंधी जांच के लिए बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा गठित समिति जांच करती रहेगी। इसी तरह बीएड व अन्य उच्च शिक्षा संस्थानों की मान्यता से संबंधित प्रकरणों की जांच के लिए उच्च शिक्षा की जांच कमेटी द्वारा वर्तमान और आगामी वर्षों में की जाने वाली जांच जारी रहेगी।

मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता वाली कमेटी द्वारा यह जांच आठ बिन्दुओं पर की जाएगी। बताते चलें कि पिछले शैक्षिक सत्र 2019-20 में समाज कल्याण विभाग द्वारा बीएड के 1 लाख 123 और सामान्य वर्ग के गरीब 15 हजार 875 छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति और फीस भरपाई का लाभ दिया गया था जबकि पिछड़ा वर्ग के करीब 80 हजार बीएड छात्र-छात्राएं लाभान्वित हुए थे।

Sunday, February 21, 2021

बीएड - डीएलएड 2021: बीएड के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति देने व फीस भरपाई की मंजूरी, डीएलएड सत्र शून्य होने के कारण नहीं मिलेगी छात्रवृत्ति शुल्क प्रतिपूर्ति

बीएड - डीएलएड 2021: बीएड के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति देने व फीस भरपाई की मंजूरी, डीएलएड सत्र शून्य होने के कारण नहीं मिलेगी छात्रवृत्ति शुल्क प्रतिपूर्ति
BEd- BTC Scholorship and Fees Refund 2021



प्रदेश के बी.एड.पाठ्यक्रम में अध्ययनरत गरीब व जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को सरकारी छात्रवृत्ति और फीस भरपाई का लाभ मिलने का रास्ता खुल गया है। प्रदेश सरकार ने बी.एड.और बी.टी.सी. की सरकारी छात्रवृत्ति और फीस भरपाई के मामले में इन पाठ्यक्रमों को संचालित करने वाली शिक्षण संस्थाओं की जांच करने के आदेश दिये थे।


इसके लिए पिछले साल अक्तूबर में अल्पसंख्यक कल्याण निदेशक की अध्यक्षता में एक राज्य स्तरीय जांच कमेटी भी गठित की गयी थी मगर बीती 16 फरवरी को शासन से एक आदेश जारी करके इस राज्य स्तरीय कमेटी को निरस्त कर दिया गया और उसके स्थान पर जिलों के मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की गयी जिसमें जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी और सम्बंधित उप जिलाधिकारी को सदस्य बनाया गया।


इस जांच कमेटी को अपनी आठ बिन्दुओं पर जांच रिपोर्ट आगामी 10 मार्च को शासन को सौंपने के निर्देश दिये गये थे। मगर अब इस समय सीमा को घटाकर 26 फरवरी तक कर दिया गया है। 26 फरवरी तक समाज कल्याण निदेशालय और शासन को यह जांच रिपोर्ट जिलों से मिल जाएगी, उसके बाद जांच रिपोर्ट में जो शिक्षण संस्थाएं बी.एड., बी.टी.सी. व अन्य पाठ्यक्रमों छात्रवृत्ति तथा फीस भरपाई के फर्जीवाड़े में लिप्त पायी जाएंगी उन्हें छोड़कर बाकी अन्य सभी शिक्षण संस्थाओं के बी.एड.के पाठ्यक्रमों के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति और फीस भरपाई की राशि उनके बैंक खातों में हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।


चूंकि कोरोना संकट की वजह से मौजूदा शैक्षिक सत्र में बीटीसी का सत्र शून्य कर दिया गया है इसलिए बीटीसी पाठ्यक्रम में छात्रवृत्ति व फीस भरपाई नहीं दी जाएगी। यह जानकारी समाज कल्याण विभाग के छात्रवृत्ति अनुभाग से जुड़े अधिकारियों से मिली है। बी.एड.पाठ्यक्रम के छात्र-छात्राओं को प्रथम वर्ष 51 हजार 250 रूपये, और 30 हजार द्वितीय वर्ष में बतौर फीस भरपाई दी जाती है इसके अलावा हर साल दो वर्ष के इस पाठ्यक्रम में हर साल लगभग 9 हजार रूपये की छात्रवृत्ति मिलती है।


2019-20 के शैक्षिक सत्र में समाज कल्याण विभाग से बी.एड.पाठ्यक्रम के 1लाख 12 हजार और सामान्य वर्ग 15 हजार 875 छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति व फीस भरपाई का लाभ दिया गया था जिस पर अनुसूचित जाति के बच्चों पर 442 करोड़ और सामान्य वर्ग के बच्चों पर 45.86 करोड़ रूपये का व्यय आया था। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने भी पिछले शैक्षिक सत्र में करीब 80 हजार अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को बी.एड.पाठ्यक्रम में छात्रवृत्ति और फीस भरपाई का लाभ दिया था।