DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़
Showing posts with label बीएड. Show all posts
Showing posts with label बीएड. Show all posts

Monday, August 10, 2020

लापरवाही : बीएड प्रवेश परीक्षा में हिंदी का सवाल रिपीट, अभ्यर्थियों ने दर्ज कराई आपत्ति

लापरवाही : बीएड प्रवेश परीक्षा में हिंदी का सवाल रिपीट, अभ्यर्थियों ने दर्ज कराई आपत्ति

 
बीएड प्रवेश परीक्षा का पेपर तैयार करने में हुई लापरवाही सामने आई है। पहली पाली में सामान्य ज्ञान और हिंदी के पेपर में हिंदी का सवाल दो बार पूछ लिया गया। अभ्यर्थियों के बीच असमंजस की स्थिति है कि अब मार्किंग किस आधार पर की जाएगी। हालांकि, अभ्यर्थियों को पेपर सामान्य और संतुलित लगा, लेकिन तर्कशास्त्र के सवालों ने अभ्यर्थियों को उलझाया।


पहली पाली में सामान्य ज्ञान के 50 सवाल और हिंदी अथवा अंग्रेजी में से किसी एक विषय के 50 सवाल यानी कुल 100 सवाल हल करने थे। दूसरी पाली की परीक्षा में तर्कशास्त्र और विषय के 50-50 सवाल थे। तीन-तीन घंटे की दो पालियों में कुल 100-100 सवाल हल करने थे। पहली पाली में हिंदी का एक सवाल रिपीट हुआ है।


बुकलेट संख्या - जे में 75वें और 88वें नंबर पर एक ही सवाल दो बार पूछा गया, ‘निम्नलिखित में रूढ़ शब्द कौन सा है?’ अभ्यर्थियों को समझ में नहीं आया कि दोनों सवालों का जवाब दें या एक ही बार उत्तर दें। कुछ ने दो तो कुछ ने एक बार ही उत्तर दिया। अभ्यर्थियों के बीच इस बात को लेकर असमंजस है कि मार्किंग किस आधार पर की जाएगी? 


सामान्य ज्ञान में कोरोना से जुड़ा कोई सवाल नहीं पूछा गया। अभ्यर्थी इस आधार पर अनुमान लगा रहा है कि पेपर सेटिंग काफी पहले ही तैयार कराया जा चुका था, क्योंकि पहले यह परीक्षा अप्रैल में प्रस्तावित थी लेकिन लॉकडाउन के कारण स्थगित हो गई थी। दौलत हुसैन इंटर कॉलेज केंद्र में परीक्षा देने जौनपुर से आईं सृष्टि ने बताया कि जो पढ़ा था, उसमें से बहुत कम सवाल पूछे गए। सोनी यादव ने बताया कि पेपर संतुलित था, वहीं नीतू यादव का कहना था कि पेपर कठिन आया। अभ्यर्थी नीतू और प्रतिभा के मुकाबले पिछले साल के मुकाबले इस बार तर्कशास्त्र से जुड़े सवाल ज्यादा कठिन थे। 

परीक्षा कक्ष में मानक से अधिक बैठाए गए अभ्यर्थी
परीक्षा केंद्रों के लिए अभ्यर्थियों को बैठाने के मानक तय किए गए थे। एक कक्ष में अधिकतम 24 अभ्यर्थियों को ही बैठाया जा सकता था, लेकिन डीपी गर्ल्स इंटर कॉलेज में एक-एक कमरे में 28-28 अभ्यर्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। वहीं, आर्य कन्या कॉलेज के ऊपरी तल पर स्थित कमरों में भी मानक से अधिक अभ्यर्थियों को बैठाया गया था।

बीएड परीक्षा में कोरोना से बचाव के निर्देशों के उल्लंघन पर नूतन ठाकुर ने की परीक्षा आयोजकों पर एफआईआर की मांग

बीएड परीक्षा में कोरोना से बचाव के निर्देशों के उल्लंघन व सोशल डिस्टेंसिंग के पालन न करने पर परीक्षा आयोजकों पर एफआईआर की मांग 

 
एक्टिविस्ट डॉ नूतन ठाकुर ने आज हुए बीएड परीक्षा में सोशल डिस्टेंस तथा कोरोना से बचाव के समस्त निर्देशों का पूरी तरह से खुलेआम उल्लंघन होने के संबंध में परीक्षा संचालक लखनऊ विश्वविद्यालय के अधिकारीगण के खिलाफ एफआईआर दर्ज किये जाने की मांग की है. 


प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे अपने पत्र में नूतन ने कहा कि जहाँ एक ओर केंद्र एवं राज्य सरकारें निरंतर कोरोना से बचाव के लिए नए-नए निर्देश दे रही है, वहीँ इस परीक्षा ने इन पूरे प्रयासों को मिटटी में मिला दिया, जहाँ लाखों की संख्या में अभ्यर्थी एवं अन्य लोग बहुत ही भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर एकसाथ एकत्र हुए तथा सोशल डिस्टेंस का नियम पूरी तरह दरकिनार हो गया और लोक स्वास्थ्य के साथ खुलेआम खिलवाड़ हुआ.


नूतन ने कहा कि परीक्षा संचालक इन तथ्यों से पूरी तरह भिज्ञ थे और उनसे हजारों अभ्यर्थियों से अनुरोध भी किया, इसके बाद भी वे जानबूझ कर इस ओर पूरी तरह लापरवाह रहे. 
अतः उन्होंने उत्तरदायी अधिकारीगण के विरुद्ध महानगर थाना, लखनऊ में एफआईआर की मांग की है. साथ ही उन्होंने 16 अगस्त 2020 को यूपी लोक सेवा आयोग द्वारा संपादित होने वाले बीईओ (खंड शिक्षा अधिकारी) प्रवेश परीक्षा को स्थगित किये जाने की भी मांग की है.

यूपी बीएड प्रवेश परीक्षा : हिंदी और रीजनिंग के प्रश्नों में उलझे परीक्षार्थी, सामान्य ज्ञान भी रहा टफ

यूपी बीएड प्रवेश परीक्षा : हिंदी और रीजनिंग के प्रश्नों में उलझे परीक्षार्थी, सामान्य ज्ञान भी रहा टफ


उत्तर प्रदेश संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा में प्रश्नपत्रों को लेकर अभ्यर्थियों ने सवाल उठाए। तर्कशास्त्र (रीजनिंग) के सवालों ने भी अभ्यर्थियों को खूब उलझाया। बीएड प्रवेश परीक्षा में पहली पाली में अंग्रेजी अथवा हिंदी के 50 सवाल पूछे गए थे। इसके अलावा सामान्य ज्ञान से 50 सवाल थे। हिंदी का पर्चा सामान्य जरूर था, लेकिन बुकलेट संख्या जे में प्रश्न संख्या 75 और 88 एक ही था। इसमें पूछा गया था कि निम्नलिखित में रूढ़ शब्द कौन सा है। दोनों में विकल्प भी एक थे।


अभ्यर्थियों ने बताया कि सभी बुकलेट में इस सवाल का दोहराव था। ऐसे में इसका मूल्यांकन कैसे होगा, इस पर भी सवाल उठ रहे हैं। इसके बाद दूसरी पाली में विषय से संबंधित 50 सवाल और तर्कशास्त्र के 50 सवाल पूछे गए थे। अभ्यर्थियों की मानें तो तर्कशास्त्र के सवालों ने उन्हें खूब उलझाया। कहा तो यह भी जा रहा है कि इसके पहले प्रस्तावित परीक्षा का जो पर्चा तैयार किया गया था उससे ही पेपर करा लिया गया। क्योंकि, कोरोना महामारी से जुड़े एक भी सवाल नहीं पूछे गए थे।


जीके के प्रश्नों ने किया परेशान
बीएड प्रवेश परीक्षा में जनरल नॉलेज के सवालों ने छात्रों को खासा परेशान किया। परीक्षार्थियों ने कहा कि कोरोना काल में परीक्षा को लेकर असमंजस रहा। इससे परीक्षा की तैयारी नहीं हो सकी। पेपर कठिन रहा। 


लूकरगंज परीक्षा केंद्र के संदीप ने कहा कि केंद्र पर सेनिटाइजर नहीं रहा। अमूमन प्रश्न सरल रहा लेकिन जनरल नॉलेज थोड़ा कठिन था। वहीं, प्रमोद कुमार ने कहा परीक्षा अच्छी रही। पहली पाली में अच्छा पेपर हुआ लेकिन दूसरी पाली में थोड़ा कठिन था। जनरल नॉलेज से कठिन प्रश्न पूछे गए थे।


सचिन मौर्य ने बताया कि डीवीएस जीपी गोविंदपुर परीक्षा केंद्र पर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई गई। परीक्षा मॉडल साधारण था, सबसे ज्यादा प्रश्न जनरल नॉलेज से पूछे गए। वहीं, धर्मेंद्र पटेल ने कहा कि दूसरी पॉली के प्रश्नपत्र में जनरल नॉलेज के प्रश्न काफी कठिन रहे। केंद्र पर कोविड-19 से निपटने के लिए उचित उपाय नहीं किए गए थे। 

यूपी बीएड प्रवेश परीक्षा : कई शहरों में उड़ी सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां, जान जोखिम में डालकर देने पहुंचे बीएड प्रवेश परीक्षा, न दिखी सोशल डिस्टेंसिंग न थर्मल स्कैनिंग

यूपी बीएड प्रवेश परीक्षा : कई शहरों में उड़ी सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां


जान जोखिम में डालकर देने पहुंचे बीएड प्रवेश परीक्षा, न दिखी सोशल डिस्टेंसिंग न थर्मल स्कैनिंग


लखनऊ समेत प्रदेश भर में  संयुक्त प्रवेश परीक्षा बीएड 2020 शुरू हो गई है। जैसे-तैसे परीक्षार्थियों को केंद्र में प्रवेश देकर परीक्षा शुरू कराई गई।


राजधानी लखनऊ में परीक्षा को लेकर किए गए  तमाम दावों की पोल रविवार सुबह खुल गई। कोरोना महामारी के बावजूद सामाजिक दूरी जैसे प्रोटोकॉल तक पूरे नहीं हो सके। केकेसी, केकेसी, ए पी सेन कॉलेज में ना तो थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था दिखी और ना ही अन्य व्यवस्थाएं। 


सिर्फ केंद्र में ही नहीं, बल्कि केंद्र तक पहुंचने में भी अभ्यर्थियों को काफी मेहनत करनी पड़ी। बाराबंकी से केकेसी पर परीक्षा देने आए सुरेश सिंह और सुल्तानपुर से अाई आयुषी ने बताया कि बस तक नहीं मिल रही है। पहुंचने के लिए प्राइवेट गाडियां करनी पड़ी है।


44 केंद्रों पर नियमों को भूले स्टूडेंट
मेरठ के 44 केंद्रों पर बीएड एंट्रेंस सुबह नौ बजे शुरू हो गया। प्रतिबंध के बीच हो रहे इस एंट्रेंस में स्टूडेंट और परिजन निजी वाहनों से केंद्रों तक पहुंचे। सभी केंद्रों पर कार और बाइक की लाइन लगी रही। मास्क और सेनेटाइजर साथ लाने के निर्देशों के बावजूद कुछ स्टूडेंट मास्क लगाकर नहीं पहुंचे। सभी केंद्रों पर ऐसे स्टूडेंट के लिए मास्क दिए गए। केंद्रों पर स्टूडेंट की एंट्री हाथों को सेनेटाइज कराने के बाद हुई। केंद्रों के बाहर स्टूडेंट दो गज की दूरी के नियमों को भी भूल गए।


 एडमिट कार्ड को फोटोकॉपी लेकर नहीं पहुंचने से स्टूडेंट को चक्कर काटने पड़े। हालांकि कुछ केंद्रों के आसपास फ़ोटो स्टेट की दुकानें देरी से खुलीं। यहां पर स्टूडेंट की एडमिट कार्ड की फोटोकॉपी कराने के लिए लाइन लगी रही। प्रशासन द्वारा प्रतिबंध में ई-रिक्शा और ऑटो संचालन की छूट देने से स्टूडेंट को राहत मिली। नौ से 12 और दो से पांच बजे की दो पालियों में हो  रहे इस एंट्रेंस में स्टूडेंट को इस बार अंतराल के बीच बाहर आने की अनुमति नहीं रहेगी। स्टूडेंट को सुबह नौ से शाम पांच बजे तक केंद्र के अंदर रहना होगा। मेरठ में 18 हजार 800 एंट्रेंस के लिए पंजीकृत हैं।



लखनऊ विश्वविद्यालय की ओर से रविवार को बीएड प्रवेश परीक्षा शहर के 74 केंद्रों पर कराई गई। प्रथम पाली में 84 और दूसरी पाली में 84.5 फीसदी अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। बीएड प्रवेश परीक्षा के नोडल अफसर एवं प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भय्या) विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार शेषनाथ पांडेय ने बताया कि परीक्षा में शामिल होने के लिए शहर में 25,366 अभ्यर्थी पंजीकृत रहे। पहली पाली में कुल 21,391 ने परीक्षा में हिस्सा लिया। जबकि, 3975 ने परीक्षा छोड़ दी। इस तरह पहली पाली में अभ्यर्थियों की उपस्थिति 84 फीसद रही। वहीं, दूसरी पाली में पांच अभ्यर्थी बढ़ गए। इस वजह से कुल 21,396 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए और 3970 ने परीक्षा छोड़ दी। 


रजिस्ट्रार ने बताया कि प्रयागराज में दो केंद्रों पर तीन अभ्यर्थियों को तेज बुखार की शिकायत मिली। ऐसे में गाइडलाइन के अनुपालन में तीनों को अलग कमरे में बैठाकर उनकी परीक्षा ली गई। हमीदिया कॉलेज में दो और आर्य कन्या में एक अभ्यर्थी में तेज बुखार की शिकायत मिली थी।


सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ी धज्जियां
बीएड प्रवेश में शामिल होने वाले अभ्यर्थी एवं अभिभावकों ने सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ाईं। इविवि के केपीयूसी गेट पर घंटों भीड़ जमा रही। इससे पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। वहीं परीक्षार्थियों का कहना है कि कुलभाष्कर इंटर कॉलेज में गेट देर से खुलने के कारण सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पाया। परीक्षार्थियों ने यह भी कहा कि गेट पर सुबह लगभग 8 बजे तक लिस्ट नहीं लगाई गई थी। इस कारण अचानक लगी लिस्ट में अपना नाम ढूंढने के लिए छात्र-छात्राओं की भीड़ उमड़ पड़ी।

Saturday, August 8, 2020

आक्रोश : B.Ed परीक्षा का विरोध, छात्रों ने जलाया प्रवेश पत्र

आक्रोश : B.Ed परीक्षा का विरोध, छात्रों ने जलाया प्रवेश पत्र।

कोरोना महामारी के बीच प्रदेशभर में रविवार को बीएड प्रवेश परीक्षा आयोजित किए जाने विरोध में छात्रों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। छात्रसंघ के सामने सैकड़ों छात्र उपस्थित होकर प्रवेश पत्र जलाकर विरोध दर्ज किया। वहीं, बिना परीक्षा प्रोन्नत किए जाने की मांग को लेकर छात्रों का क्रमिक अनशन जारी रहा। अनशन स्थल पर पहुंचकर छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष एवं एमएलसी रामवृक्ष यादव ने कहा कि स्वास्थ्य किसी भी युवा के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। सरकार बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करना चाहती है यह गंभीर विषय है। अगर सरकार ने इस पर अपना रवैया नहीं बदला इसका अर्थ होता है उसे करोड़ों युवाओं की चिंता नहीं है।



आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि छात्रों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ सरकार पर भारी पड़ेगा। जनतांत्रिक मूल्यों को छोड़कर तानाशाही पूर्ण रवैया अपनाया तो यह आंदोलन जन सैलाब में परिवर्तित हो जाएगा। इस अवसर पर राजेश शर्मा, राघवेन्द्र यादव, छात्रनेता अजय यादव सम्राट, शैलेश पासवान, अविनाश विद्यार्थी, रोहित सावन, मो. सलमान, नवनीत यादव, आयुष प्रियदर्शी, शक्ति रिजवान, सचिन पहलवान, जितेन्द्र धनराज, राहुल पटेल, कुंवर विकास, सुनील पटेल, विकास यादव, सलमान आदि मौजूद रहे।


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

बीएड प्रवेश परीक्षा कल : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से होगी अभ्यर्थियों की पहचान, 4 लाख से अधिक परीक्षार्थी देंगे परीक्षा

● 4,31,904 अभ्यर्थी देंगे परीक्षा 73 जिलों में बनाए 1089 परीक्षा केंद्र

● आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से होगी अभ्यर्थियों की पहचान

बीएड प्रवेश परीक्षा कल : वास्तविक अभ्यर्थी की जगह कोई और नहीं दे सकेगा परीक्षा आयोजनकर्ता लखनऊ विवि ने कहा- तैयारियां पूरी, तय समय पर ही होगी परीक्षा

● 4,31,904 अभ्यर्थी देंगे परीक्षा 73 जिलों में बनाए 1089 परीक्षा केंद्र



लखनऊ। प्रदेश में 9 अगस्त को प्रस्तावित बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा में अभ्यर्थियों की पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का प्रयोग किया जाएगा। साथ ही प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर वॉयस रिकॉर्डिंग वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। उधर, प्रवेश परीक्षा स्थगित करने की मांग पर लखनऊ विश्वविद्यालय ने स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा की तैयारियां हो चुकी हैं और परीक्षा शिड्यूल के अनुसार ही होगी।

पहले हुई प्रवेश परीक्षा में अक्सर अभ्यर्थी के स्थान पर किसी दूसरे के बैठने की शिकायत मिलती रही है। इसे रोकने के लिए लखनऊ विवि ने कई खास कदम उठाए हैं। इसके लिए प्रत्येक अभ्यर्थी के चेहरों के कुल 27 स्थानों की सूचनाओं को डिजिटल डाटा में बदलकर एई के जरिये जांच की जाएगी। इसमें अभ्यर्थी की 13 विशिष्ट व व्यक्तिगत विशेषताओं जैसे बाल, चश्मा, आयु, लिंग आदि को सम्मिलित किया जाएगा। इससे कोई भी गलत व्यक्ति वास्तविक अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा में


बीएड प्रवेश परीक्षा व एमईटी के दौरान होंगे सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध

लखनऊ। प्रदेश में शनिवार को मदन मोहन मालवीय प्रौद्यौगिकी विश्वविद्यालय गोरखपुर की प्रवेश परीक्षा (एमपी-2020) और रविवार को बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम होंगे। डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने कोविड-19 को लेकर जारी गाइडलाइन का अनुपालन करते हुए पुलिस कप्तानों को समुचित पुलिस प्रबंध करने और परीक्षा के दौरान शांति व यातायात व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।