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Saturday, July 25, 2020

उपसचिव बेसिक शिक्षा परिषद से दुर्व्यवहार पर राज्य शिक्षा संस्थान के प्राचार्य से मांगा स्पष्टीकरण

उपसचिव बेसिक शिक्षा परिषद से दुर्व्यवहार पर राज्य शिक्षा संस्थान के प्राचार्य से मांगा स्पष्टीकरण


सरकारी काम से राज्य शिक्षा संस्थान के प्राचार्य से मिलने गए उप सचिव बेसिक शिक्षा परिषद के साथ दुर्व्यवहार एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने पर महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने प्राचार्य राज्य शिक्षा संस्थान आशुतोष दुबे से स्पष्टीकरण मांगा है। उप सचिव बेसिक शिक्षा परिषद अनिल कुमार 22 जुलाई को निदेशक बेसिक शिक्षा का एक आवश्यक पत्र लेकर प्राचार्य राज्य शिक्षा संस्थान का हस्ताक्षर करवाने गए थे।


राज्य शिक्षा संस्थान पहुंचने पर जब उप सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को प्राचार्य अपने कार्यालय में नहीं मिले तो उन्हें फोन किया। फोन करने के बाद नाराज राज्य शिक्षा संस्थान प्राचार्य आशुतोष दुबे ने अनिल कुमार के साथ अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया।


फोन पर अमर्यादित आचरण किए जाने से नाराज उप सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने तत्काल इस बात की शिकायत महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरण आनंद से की। शिकायत मिलने के दूसरे दिन ही 23 जुलाई को ही महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने आशुतोष दुबे से तीन दिन के भीतर उनके सामने उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने को कहा है।

बेसिक स्कूलों में भी बनाया जाए एकेडमिक कैलेंडर, परिषदीय स्कूलों में बच्चों के ड्रॉप आउट पर ध्यान देने की जरूरत: आनंदीबेन

● परिषदीय स्कूलों में बच्चों के ड्रॉप आउट पर ध्यान देने की जरूरत: आनंदीबेन

● बेसिक स्कूलों में भी बनाया जाए एकेडमिक कैलेंडर, बेसिक शिक्षा विभाग ने राज्यपाल को दिया प्रस्तुतीकरण

● दो साल में यूपी को टॉप 5 राज्यों की सूची में लाने का लक्ष्य निर्धारित - DGSE

● कहा- प्राथमिक स्कूल के बच्चों का भी शैक्षणिक कैलेंडर होना चाहिए

● वर्तमान परिवेश को देखते हुए शिक्षकों को भी प्रशिक्षित करने की जरूरत


लखनऊ : राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि प्रदेश के वेसिक स्कूल के बच्चों का भी शैक्षणिक कैलेंडर होना चाहिए, जिसमें पूरे साल पड़ने वाले राष्ट्रीय पर्व, महापुरुषों के जन्मदिन और त्योहारों का जिक्र हो। वच्चों का पाठ्यक्रम तैयार करने में इस वात का ध्यान रखना कि उसमें प्रस्तुतिकरण बच्चो के आसपास के परिवेश का हो। 


राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बेसिक शिक्षा से जुड़े अध्यापकों को इस तरह प्रशिक्षित करने को कहा है कि जिससे वे बच्चों को कम से कम समय में ज्यादा से ज्यादा अंक और अक्षर ज्ञान आसानी से सिखा सकें। उन्होंने बच्चों के ड्राप आउट पर विशेष रूप से ध्यान देने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने यह सुनिश्चित करने को कहा कि जिन बच्चों का नामांकन हुआ है, वे अगली कक्षा में भी रहें। इसके लिए बच्चों के साथ उन्होंने अभिभावकों को भी प्रेरित करने का सुझाव दिया।


राजभवन में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से परिषदीय विद्यालयों के संचालन को लेकर किये गए प्रस्तुतीकरण के दौरान राज्यपाल ने कहा कि एक से आठ तक की उम्र के बच्चों में सीखने की शक्ति ज्यादा होती है। उनमें सुधार की संभावना ज्यादा होती है। इसलिए बच्चों को आसानी से सिखाने के तौर-तरीके ईजाद किये जाने चाहिए।

पोस्टर व चित्रों से बच्चों को सिखाएं

राज्यपाल ने कहा कि छोटे बच्चों को पोस्टर व चित्रों से सिखाने पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। विद्यालय की दीवारों पर बच्चों की समझ के हिसाब से पोस्टर व चित्र बनाए जाएं जिन्हें देखकर बच्चे सीख लें। पोस्टर व चित्र बच्चों की लंबाई के हिसाब से लगाए जाएं। उन्होंने बच्चों के ड्रॉप आउट पर विशेष रूप से ध्यान देने को कहा। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि जिन बच्चों का नामांकन हुआ है, वे अगली कक्षा में भी रहें। इसके लिए बच्चों के अभिभावकों को भी प्रेरित करते रहना चाहिए।


दो साल में यूपी को टॉप 5 राज्यों की सूची में लाने का लक्ष्य निर्धारित - DGSE 

महानिदेशक स्कूली शिक्षा विजय किरण आनंद ने मिशन प्रेरणा के प्रस्तुतीकरण के माध्यम से केंद्र की रैंकिंग में सुधार लाने के लिए राज्य सरकार के उठाए गए कदमों की जानकारी दी।


 उन्होंने बताया कि अगले 2 वर्षों में यूपी को टॉप 5 राज्यों की सूची में लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उसी के अनुरूप सभी आवश्यक कदम उठाये जा रहे हैं। इस अवसर पर बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सतीश द्विवेदी, अपर मुख्य सचिव, राज्यपाल, महेश कुमार गुप्ता, अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा रेणुका कुमार भी मौजूद थीं।

Wednesday, July 22, 2020

फतेहपुर : बेसिक शिक्षा के अंतर्गत कार्यों की प्रगति की समीक्षा के सम्बन्ध में निर्देश जारी, देखें

फतेहपुर : बेसिक शिक्षा के अंतर्गत कार्यों की प्रगति की समीक्षा के सम्बन्ध में निर्देश जारी, देखें।





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Friday, July 3, 2020

माध्यमिक व बेसिक के 75 प्रतिशत बच्चे से रहे दूर, गांवों के बच्चों के लिए ऑनलाइन शिक्षा रही बेमकसद

माध्यमिक व बेसिक के 75 प्रतिशत बच्चे से रहे दूर, गांवों के बच्चों के लिए ऑनलाइन शिक्षा रही बेमकसद


गांवों के बच्चों के लिए ऑनलाइन शिक्षा साबित हो रही बेमकसद बेसिक में 25 प्रतिशत, माध्यमिक में 30 फीसद बच्चे ही ले रहे लाभ


फ़तेहपुर : कोरोना वायरस को लेकर लॉकडाउन के दौर में बेसिक व माध्यमिक विद्यालयों में ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कराई गई कि छात्र छात्राओं की शिक्षा प्रभावित न हो सके।लेकिन ऑनलाइन पढ़ाई का सच जमीनी हकीकत से दूर है। अभी तक नासिक में 75 प्रतिशत तो माध्यमिक में 70 प्रतिशत छात्र-छात्राएं ऑनलाइन शिक्षा से कोसों दूर नजर आ रहे हैं। 


खासकर ग्रामीणांचलों में स्थित विद्यालयों के बच्चों के लिए ऑनलाइन शिक्षा बेमकसद साबित हो रही है। इसका कारण है कि अधिकांश बच्चों के अभिभावकों के पास न ही एडायड फोन हैं और जहां मोबाइल हैं भी वहां गांवों में नेटवर्किंग की समस्या है। 


ऐसे अव्यवस्थाएं माध्यमिक शिक्षा विभाग ने बच्चों का ऑनलाइन शिक्षा देने के लिए व्हाट्सएप, फेसबुक समेत अन्य ऐपों के माध्यम से ग्रुप बनाकरबच्चों को जोड़ा गया। विद्यालयों के कक्षाध्यापकों को जिम्मेदारी दी गई कि वह अपने कक्षा के सभी बच्चों को ग्रुप में जोड़ कर प्रतिदिन निर्धारित समय में शिक्षण सामग्री प्रेषित करेंगे और उनके द्वारा पूछे जाने वाले सवालों का जवाब भी देंगे। 

Wednesday, June 24, 2020

बेसिक से उच्च शिक्षा तक के लिए शुरू होंगे शैक्षिक चैनल


बेसिक से उच्च शिक्षा तक के लिए शुरू होंगे शैक्षिक चैनल


लखनऊ : सूबे में प्राथमिक स्कूलों से लेकर उच्च शिक्षण संस्थाओं में पढ़ रहे विद्याíथयों को घर बैठे पढ़ाई कराने के लिए जल्द ही दो नए शैक्षिक चैनल शुरू किए जाएंगे। दरअसल कोरोना महामारी के चलते अभी स्कूलों को खोलने पर अनिश्चितता है। कब से स्कूलों में पढ़ाई शुरू होगी, यह तय नहीं है। ऐसे में विद्याíथयों को घर बैठे ही पढ़ाई के लिए कम्युनिटी रेडियो व एक कॉमन वेबसाइट बनाकर कम्युनिटी व्यूइंग की सुविधा दी जाएगी।


यह फैसला डिप्टी सीएम डॉ.दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को शिक्षा समिति की बैठक में लिया गया। विधानभवन स्थित उप मुख्यमंत्री के कक्ष में आयोजित इस बैठक में फैसला लिया गया कि योग्य शिक्षकों को विश्वस्तरीय ई-कंटेट तैयार करने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं एकेटीयू कुलपति प्रो.विनय कुमार पाठक की अध्यक्षता में गठित की गई कमेटी के सुझाव के अनुसार डेटा सíवसेज की दरों को कम करने के लिए एक विशेष वेबसाइट तैयार की जाएगी। इसमें 80 फीसद खर्च शासन व 20 प्रतिशत डेटा प्रोवाइडर कंपनी करेगी।


विवि सभी विश्वविवद्यालयों को उप मुख्यमंत्री डॉ.दिनेश शर्मा ने निर्देश दिए हैं कि वह नैक मूल्यांकन के लिए अपने संबद्ध कॉलेजों के मेंटर बनें। उनका मार्गदर्शन करें। वहीं नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैकिंग फ्रेमवर्क (एनआइआरएफ) रैकिंग में श्रेष्ठ स्थान लाएं।


डिप्टी सीएम की अध्यक्षता में हुई शिक्षा समिति की बैठक में फैसला, कम्युनिटी रेडियो व कम्युनिटी व्यूइंग से सामूहिक पढ़ाई को बढ़ावा मिलेगा

Monday, May 4, 2020

फतेहपुर : समस्याओं से घिरी बेसिक शिक्षा की ऑनलाइन पढ़ाई

समस्याओं से घिरी बेसिक शिक्षा की ऑनलाइन पढ़ाई।

बेसिक शिक्षा - फतेहपुर

कुल परिषदीय स्कूल- 2142

 गुप संचालित करने वाले स्कूल- 1085

कुल पंजीकृत छात्र- 2,15,970

कुल लाभान्तित वच्चे- 1,01,345


फतेहपुर : कोविड-19 के जिले में भी लॉकडाउन चल हा है। लॉकडाउन में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो इसके लिए ऑनलाइन पढ़ाई कराने के निर्देश बेसिक शिक्षा के महानिदेशक विजय किरण आनंद ने दिए गए हैं। निर्देश के पालन में बेसिक शिक्षा विभाग को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

बेसिक शिक्षा के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले गरीब बच्चों को वाट्सएप ग्रुप के माध्यम से आडियो, वीडियो और टेक्स्ट से पढ़ाई करना मुश्किल इसलिए हो हा है कि अभिभावकों के पास एंड्रायड मोबाइल नहीं है। एंड्रायड मोबाइल है तो रोजगार बंद हैं तो रिचार्ज की दिक्कत आ रही है। ऐसी दशा में जिले के 2142 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में 1085 विद्यालयों में इस हाईटेक पद्धति से पढ़ाई शुरू है। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह कहते हैं कि दिक्कतें तो हैं, उनसे हमें हार नहीं माननी है। इस कारण 1085 स्कूलों को इससे जोड़ा है।


स्कूल में 78 बच्चे पंजीकृत हैं जिसमें 38 को गुप से जोड़ा जा चुका है, प्रतिदिन बढ़ोतरी हो रही है। हिंदी, अंग्रेजी, गणित, सामान्य ज्ञान की पढ़ाई करवाई जा ही है। मॉनिटरिंग | वीईओ पुष्पराज पटेल करते हैं। सर्वेश कुमार अवस्थी, प्राथमिक स्कूल बाबूपुर, अमौली

वक्त की जरूरत ऑनलाइन पढ़ाई है। 71 में 35 बच्चे जुड़ चुके हैं। प्रधानाध्यापक गीता यादव के साथ जागरूक अभिभावकों की मदद से विषम परिस्थितियों में सफलता की डोर बढ़ती जा रही है।

आराधना, प्राथमिक स्कूल मुरारपुर, देवमई


ऑनलाइन पढ़ाई की शासन की मंशा बहुत ही महत्वपूर्ण रूप से कारगर है। ऑनलाइन गुप से जुड़ने वाले बच्चों में बहुत उत्साह दिखाई दे रहा है। जो बच्चे ऑनलाइन के गुप से नहीं जुड़े हैं। उन बच्चों को फोन कॉल करके पढ़ाया जा रहा है।

चंपा शर्मा, आदर्श विद्यालय, मस्तानी, नगर क्षेत्र

ऑनलाइन पढ़ाई में वीडियो, आडियो, टेक्स्ट मैसेज से ऑनलाइन पढ़ाई हो रही है। टप हुई पढ़ाई को प्रयासों के बाद से गति मिली है। अभिभावकों की मदद कारगर साबित हो रही है। आसिया फारूकी, प्राथमिक विद्यालय आरती. नगर क्षेत्र




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