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Sunday, July 12, 2020

69000 भर्ती : नकल माफिया एसटीएफ को भी दे रहे मात, सुराग नहीं


69000 भर्ती : नकल माफिया एसटीएफ को भी दे रहे मात, सुराग नहीं

-चंद्रमा यादव समेत चार आरोपी महीने भर बाद भी पकड़ से दूर
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-पिछले महीने स्थानांतरित कर एसटीएफ को सौंपी गई थी विवेचना


प्रयागराज। 69 हजार शिक्षक भर्ती परीक्षा पास कराने वाले गिरोह में शामिल नकल माफिया एसटीएफ को भी मात दे रहे हैं। मामले में फरार चल रहे चंद्रमा यादव समेत चार आरोपी महीने भर बाद भी नही ंपकड़े जा सके हैं। शासन से सोरांव पुलिस से स्थानांतरित कर विवेचना पिछले महीने एसटीएफ को सौंपी थी। 69 हजार शिक्षक भर्ती परीक्षा पास कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ चार जून को हुआ था। सोरांव पुलिस ने मामले मेें महज छह दिन के भीतर 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसमें सरगना केएल पटेल भी शामिल था।


प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए नौ जून को शासन ने विवेचना एसटीएफ को स्थानांतरित कर दी। जिसके बाद टीईटी पेपर लीक मामले के आरोपी चंद्रमा यादव को भी मामले में वांछित किया गया। मायापति दुबे, आलोक उर्फ धर्मेंद्र व दुर्गेश समेत तीन आरोपी पहले से फरार थे। एसटीएफ की टीम ने शहर में विभिन्न स्थानों केअलावा कौशांबी, प्रतापगढ़, भदोही में दबिश दी लेकिन आरोपियों का अब तक कोई सुराग नहीं हासिल कर पाई है। मामले में एसटीएफ अफसरों का यही कहना है कि फरार आरोपियों के हरसंभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास लगातार जारी हैं। विवेचना प्रचलित है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।


शिवकुटी में दर्ज केस में भी नहीं हुई कार्रवाई
69 हजार शिक्षक भर्ती परीक्षा पास कराने वाले गिरोह के सरगना केएल पटेल पिछले साल रेलवे भर्ती परीक्षा में धांधली की कोशिश करते पकड़े गए गिरोह के भी संपर्क में था। जिस पर शिवकुटी थाने में दर्ज मामले मेें उसे आरोपी बनाया गया था। सोरांव मामले में गिरफ्तारी के बाद शिवकुटी पुलिस ने भी अपने मुकदमे में उसका रिमांड बनवाया था। हालांकि अब तक इस मामले में भी उसके खिलाफ कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी है। हालांकि पुलिस का कहना है कि उसके खिलाप साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं। साक्ष्यों के अनुसार कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।

Wednesday, June 24, 2020

69000 शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा : सरगना ने भाई-बहन को भी पास कराई परीक्षा


69000 शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा : सरगना ने भाई-बहन को भी पास कराई परीक्षा


प्रयागराज : सहायक शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा की जांच में जुटी स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) को नया सुराग मिला है। पता चला है कि गिरोह के सरगना डॉ. केएल पटेल की मदद से उसके एक भाई और बहन ने भी लिखित परीक्षा पास की है। शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा में दोनों को अच्छे अंक मिले हैं। इस आधार पर एसटीएफ छानबीन कर रही है।


कई छात्रों ने एसटीएफ को अलग माध्यम से दी गई शिकायतों में कई अभ्यर्थियों के नाम और अंक के बारे में भी जानकारी दी है। बताया गया कि प्रतापगढ़, भदोही, प्रयागराज, कौशांबी के अलावा दूसरे जिले के कई ऐसे अभ्यर्थी हैं जिन्होंने गिरोह के जरिए पैसा देकर लिखित परीक्षा उत्तीर्ण की है। हालांकि यह साफ नहीं हुआ है कि उन्हें कितने अंक मिले हैं लेकिन माना जा रहा कि 110 से ज्यादा नंबर मिले होंगे।


वहीं, भाई और उसकी बहन को भी करीब 120 से अधिक नंबर मिलने की बात कही गई है। लगातार मिल रही शिकायतों को एसटीएफ के अधिकारी तस्दीक कर रहे हैं। जिन अभ्यर्थियों के बारे में सूचनाएं अब तक मिली हैं, उनकी सच्चाई के बारे में भी पता लगाया जा रहा है। प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ होने और दो अभ्यर्थियों समेत 12 लोगों की गिरफ्तारी के बाद मामले की विवेचना एसटीएफ कर रही है। जांच शुरू करने के साथ ही एसटीएफ के पास शिकायतें आ रही हैं, जिसकी सच्चाई का पता अधिकारी लगा रहे हैं। हालांकि वह कुछ भी बोलने से अभी कतरा रहे हैं।


फरार अभियुक्तों की तलाश
मामले में फरार चल रहे स्कूल प्रबंधक चंद्रमा यादव, मायापति दुबे, दुर्गेश पटेल और संदीप पटेल समेत अन्य की तलाश में एसटीएफ की दो टीम काम कर रही है। उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी भी की जा रही है, मगर कोई पकड़ में नहीं आ सका है।

Tuesday, June 23, 2020

69000 भर्ती फर्जीवाड़ा : सरगना के स्कूल का ब्योरा जुटा रही है एसटीएफ


UP Shikshak Bharti News : सरगना के स्कूल का ब्योरा जुटा रही है एसटीएफ 


UP Shikshak Bharti News पड़ताल की जा रही है कि सरगना कितने स्कूलों का संचालक व प्रबंधक है। स्कूल में कौन-कौन सी प्रतियोगी परीक्षा हुई थी और वह किस विभाग से जुड़ी थी।...


प्रयागराज ।  सहायक शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा की तफ्तीश में जुटी स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) अब सरगना डॉ. केएल पटेल के स्कूलों के बारे में भी ब्योरा जुटा रही है। कतिपय छात्रों ने शिकायत की है केएल पटेल के गंगापार स्थित स्कूल को एक भर्ती परीक्षा का सेंटर बनाया गया था। उस परीक्षा में शामिल कुछ अभ्यर्थियों ने सरगना की मदद से लिखित परीक्षा पास की थी। हालांकि यह साफ नहीं हो सका है कि परीक्षा कब आयोजित हुई और किसकी थी। इस नए सुराग के आधार पर एसटीएफ पटेल के सभी स्कूलों की जानकारी खंगाल रही है।


सरगना के स्कूल में कौन-कौन सी प्रतियोगी परीक्षा हुई थी
एसटीएफ के अधिकारियों का कहना है डॉ. केएल पटेल काफी शातिर है। छानबीन में पता चला है कि उसके आइटीआइ व दूसरे स्कूलों में छात्र-छात्राओं की संख्या बहुत कम रहती है। ऐसे में यह माना जा रहा है स्कूल संचालन के पीछे पटेल की मंशा गलत भी हो सकती है। अब इसकी पड़ताल की जा रही है कि सरगना कितने स्कूलों का संचालक व प्रबंधक है। बीते दो साल में उन स्कूल में कौन-कौन सी प्रतियोगी परीक्षा हुई थी और वह किस विभाग से जुड़ी थी। पता लगाया जा रहा है कि परीक्षा केंद्र अगर बने तो कैसे। उनका पर्चा पटेल ने आउट या पैसा लेकर अभ्यर्थियों को पास तो नहीं कराया था। इन सभी बिंदुओं पर जांच चल रही है।


फरार चंद्रमा की तलाश में एसटीएफ
उधर, एसटीएफ की दो टीम मामले में फरार स्कूल प्रबंधक चंद्रमा यादव, भदोही के मायापति दुबे और प्रतापगढ़ के दुर्गेश पटेल, संदीप पटेल समेत अन्य की तलाश में जुटी है। मगर अब तक किसी अभियुक्त की गिरफ्तारी न होने से एसटीएफ के अधिकारी भी परेशान हैं। हालांकि दावा किया जा रहा है जल्द ही सभी को दबोच लिया जाएगा।

Sunday, June 21, 2020

69000 शिक्षक भर्ती में भ्रष्टाचार : अब STF करेगी अभ्यर्थियों की बातचीत के वायरल आडियो की जांच


69000 शिक्षक भर्ती में भ्रष्टाचार : अब STF करेगी अभ्यर्थियों की बातचीत के वायरल आडियो की जांच


शिक्षक भर्ती में सेटिंग का एक अन्य वीडियो भी हुआ था वायरल


प्रयागराज। शिक्षक भर्ती परीक्षा में रुपये लेकर पास कराने की बातचीत संबंधी वीडियो मिलने के बाद एसटीएफ ने जांच शुरू कर दी है। वैसे यह परीक्षा में सेटिंग चलने के आरोपों से संबंधित इकलौता वीडियो नहीं। परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद एक और ऐसा ही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हआ था। इसमें एक व्यक्ति किसी चयनित अभ्यर्थी से बात करते हुए सुनाई पड़ रहा था। 


खास बात यह है कि 140 नंबर पाकर सफल हुआ अभ्यर्थी बातचीत में जुगाड़ से परीक्षा पास करने की बात भी कबूलता सुनाई पड़ता है। दूसरे व्यक्ति ने जब उससे यह पूछा कि उसने परीक्षा पास करने के लिए कितने रुपये दिए, तो वह यह कहता सुनाई देता है कि इस बारे में चाचा ही बता पाएंगे। हालांकि वह चाचा का नाम नहीं बताता। अभ्यर्थी यह भी कहता सुनाई पड़ता है कि परीक्षा में उसकी बहन भी सफल हुई है।


69000 शिक्षक भर्ती में भ्रष्टाचार खंगाल रही एसटीएफ अब वायरल आडियो की भी जांच करेगी। परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव ने एसटीएफ के महानिदेशक को अनुरोध पत्र भेजा है।...


प्रयागराज। 69000 शिक्षक भर्ती में भ्रष्टाचार खंगाल रही एसटीएफ अब वायरल आडियो की भी जांच करेगी। परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव ने एसटीएफ के महानिदेशक को अनुरोध पत्र भेजा है। वायरल आडियो संदेश में दो कथित अभ्यर्थी परीक्षा पास कराने के लिए लेन-देन की चर्चा कर रहे हैं, इसकी फोरेंसिक जांच चल रही है। दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की गई है।


सोशल मीडिया पर फरवरी 2020 में एक आडियो संदेश खूब वायरल हुआ। इसमें दो लोग परीक्षा पास कराने के लेन-देन पर चर्चा कर रहे थे। महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने इसका संज्ञान लिया और 11 मार्च को सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी उप्र को आदेश दिया कि इस आडियो की फोरेंसिक जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की जाए। सचिव परीक्षा नियामक ने 12 मार्च को आडियो संदेश की सीडी फोरेंसिक जांच के लिए निदेशक राजकीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला महानगर लखनऊ भेजी।


कोरोना संक्रमण बढऩे से इस मामले की जांच रिपोर्ट परीक्षा संस्था को कई माह बीतने पर भी नहीं मिली। 11 मई को सचिव परीक्षा नियामक ने ईमेल पर पत्र भेजकर जांच आख्या मांगी, फिर भी कोई जवाब नहीं आया। सचिव ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा से जांच रिपोर्ट दिलाने का अनुरोध किया, डीजी को भी इसमें सफलता नहीं मिली, तब राज्य विज्ञान शिक्षा संस्थान प्रयागराज के प्रोफेसर राकेश कुमार श्रीवास्तव को जांच आख्या लेने भेजा, वह भी खाली हाथ लौट आए। सचिव ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा को इससे अवगत कराया।


डीजी के निर्देश पर सचिव परीक्षा नियामक अनिल भूषण चतुर्वेदी ने स्पेशल टास्क फोर्स के महानिरीक्षक को पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है कि 69000 शिक्षक भर्ती मामले के साथ वायरल आडियो संदेश की भी एसटीएफ जांच करके दोषियों पर कड़ी कार्रवाई कराए। असल में फोरेंसिक लैब पुलिस महकमे के अधीन है, उसे जांच रिपोर्ट जल्द मिल जाएगी। सचिव ने एसटीएफ को सारे रिकॉर्ड भेज दिए हैं।

Friday, June 19, 2020

शिक्षकों की ऐसी भी भर्ती जिसकी प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही पड़ा जांच का ‘जाल’, करीब 40 हजार पद खाली

शिक्षकों की एक भर्ती ऐसी भी है, जिसकी प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही जांच का ‘जाल’ 

करीब 40 हजार पद खाली, टास्क फोर्स की जांच पर पड़ा पर्दा

 

शिक्षकों की एक भर्ती ऐसी भी है, जिसकी प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही जांच का ‘जाल’ फेंका गया। प्रदेश के चार हजार से ज्यादा कालेजों में पदों के सत्यापन का जिम्मा टास्क फोर्स को मिला। एक साल हो रहा लेकिन, अब तक जांच के जाल में कितने पद हैं? ये सार्वजनिक नहीं हो सका है और न भर्ती का विज्ञापन जारी हुआ। एडेड माध्यमिक कालेजों में प्रवक्ता और प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक चयन की ये भर्ती पदों के हिसाब से अब तक की सबसे बड़ी है।


अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक कालेजों में प्रधानाचार्य, प्रवक्ता और प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक चयन उप्र माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड करता है। 2019 में चयन बोर्ड ने पहली बार जिला विद्यालय निरीक्षकों से ऑनलाइन अधियाचन (रिक्त पदों का ब्योरा) मांगा। जुलाई से सात अगस्त तक करीब 40 हजार अधियाचन मिले थे। उनमें से डीआइओएस ने कितने पदों को सत्यापित किया, ये स्पष्ट नहीं है। 


भर्ती का विज्ञापन जारी करने से पहले माध्यमिक शिक्षा विभाग ने पदों की संख्या ज्यादा होने पर सवाल उठाया, तर्क था कि कालेजों में पढ़ रहे छात्र-छात्रओं की संख्या से शिक्षकों के स्वीकृत पद अधिक हैं। जिलों से मिले अधियाचन का सत्यापन कराने के लिए टास्क फोर्स का गठन हुआ। जांच में सामने आया कि कई कालेजों में छात्रों की संख्या कम है और वहां कार्यरत शिक्षक ज्यादा हैं

Sunday, June 14, 2020

69000 : परीक्षा में धांधली की जांच से असंतुष्ट परीक्षार्थी खटखटाएंगे हाईकोर्ट का दरवाजा

69000 : परीक्षा में धांधली की जांच से असंतुष्ट परीक्षार्थी खटखटाएंगे हाईकोर्ट का दरवाजा


प्रयागराज। 69000 सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में धांधली की जांच को लेकर सवाल उठने लगे हैं। परीक्षा वाले दिन प्रयागराज के अलावा लखनऊ, कानपुर एवं मुरादाबाद से भी सॉल्वर गिरोह पकड़ा गया था, जांच सिर्फ प्रयागराज प्रयागराज तक ही सीमित है। एसटीएफ ने अभी तक इन तीन जिलों को जांच में शामिल नहीं किया है, इससे असंतुष्ट परीक्षार्थी अब हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं। 


छह जनवरी 2019 को में ही जबकि कानपुर समेत तीन शहरों में भी पकड़ी थी गड़बड़ी सहायक भर्ती परीक्षा के दौरान दूसरे की जगह परीक्षा देने में 29 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। प्रयागराज में भी नकल कराने वाला पूरा गिरोह पकड़ा गया था। गिरोह के इन लोगों के तार कौशाम्बी, प्रतापगढ़, जौनपुर, भदोही, बिहार के आरा जिले से जुड़े मिले थे, जबकि परीक्षार्थियों को झांसी, नैनी, करेली सहित दूसरे परीक्षा केंद्रों से पकड़ा गया था। 


वहीं इसी दिन दूसरी ओर लखनऊ में नकल कराने में एक प्रधानाचार्य, पांच कक्ष निरीक्षकों तथा दो परीक्षार्थियों को गिरफ्तार किया गया था। मिर्जापुर के एक स्कूल में परीक्षार्थी सॉल्व कॉपी के साथ पकड़ी गई थी। आजमगढ़ में दूसरे की जगह परीक्षा देते इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के साथ एक-एक अभ्यर्थी को पकड़ा गया था। आगरा में राजस्थान के अलवर से आए सॉल्वर को पुलिस ने पकड़ा था। 


परीक्षा के बाद से आंदोलन चला रहे आइसा के सुनील मौर्या का कहना है कि मुरादाबाद और मेरठ में सबसे अधिक गड़बड़ी हुई थी, एसटीएफ को वहां जांच पर फोकस करके जालसाजों को पकड़ना चाहिए। सरकार की जांच से असंतुष्ट परीक्षार्थी जल्द ही नकल के मामले में हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल करने जा रहे हैं। 

शिक्षक भर्ती घोटालाः नकल माफिया चंद्रमा यादव भी नामजद, चार लाख रुपये में 40 मिनट पहले व्हाट्सएप पर देता था पेपर


शिक्षक भर्ती घोटालाः नकल माफिया चंद्रमा यादव भी नामजद,  चार लाख रुपये में 40 मिनट पहले व्हाट्सएप पर देता था पेपर


शिक्षक भर्ती मामले में नकल माफिया चंद्रमा यादव को भी नामजद कर लिया गया है। वह चार लाख रुपये में व्हाट्सएप के माध्यम से पेपर लीक करता था। सोरांव पुलिस ने केएल पटेल के बयान के आधार पर उसे वांटेड बनाया है। चंद्रमा कुछ समय पहले ही जेल से छूटकर बाहर आया है।


अब उसकी तलाश की जा रही है। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) में नकल कराने के मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था। केएल पटेल तथा अन्य आरोपियों ने चंद्रमा को लेकर और भी कई खुलासे किए हैं। सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में नकल के मामले में पुलिस ने डॉक्टर केएल पटेल के गैंग का खुलासा किया तो दो गिरोहों के नाम और सामने आए थे।


इनमें एक भदोही का मायापती दुबे और दूसरा धूमनगंज का रहने वाला चंद्रमा यादव था। मायापती को पुलिस ने पहले ही वांटेड कर दिया था। बाद में सरगना केएल पटेल और राजापुर के रहने वाले मेडिएटर ललित त्रिपाठी के बयान के आधार पर चंद्रमा यादव को भी इस मामले में नामजद कर लिया गया।


केएल पटेल राजापुर के ललित त्रिपाठी के माध्यम से ही चंद्रमा से पेपर मंगवाता था। आरोपियों के बयान के मुताबिक चंद्रमा यादव एक पेपर के चार लाख रुपये लेता था। वह परीक्षा शुरू होने से 40 मिनट पहले ललित त्रिपाठी को व्हाट्सएप कर देता था। ललित ने बयान दिया था कि वह केएल पटेल से छह लाख रुपये लेता था।


दो लाख खुद रख कर चार लाख चंद्रमा को दे देता था। चंद्रमा यादव के स्कूल में जिस भी परीक्षा का सेंटर जाता था, वह किसी भी रिस्क पर पेपर आउट कराने के लिए राजी हो जाता था। पुलिस अब चंद्रमा की तलाश कर रही है। उसके पकड़े जाने के बाद यह भी पता चलेगा कि उसने शिक्षक भर्ती में केएल पटेल और मायापती के अलावा और कितने गिरोहों को पेपर दिया था।
 

चंद्रमा यादव प्रयागराज का बड़ा नकल माफिया माना जाता है। टेट में नकल कराने के मामले में वह गिरफ्तार होकर नैनी जेल गया था। वहां से कुछ समय पहले वह जमानत पर रिहा हुआ है। पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही है।

Friday, June 12, 2020

शिक्षक भर्ती के मास्टरमाइंड के पास थे कई मुन्नाभाई, बुंदेलखंड के 100 से ज्यादा लोगों से साधा था संपर्क


शिक्षक भर्ती के मास्टरमाइंड  के पास थे कई मुन्नाभाई,  बुंदेलखंड के 100 से ज्यादा लोगों से साधा था संपर्क



झांसी। शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड डॉक्टर केएल पटेल ने पूरे बुंदेलखंड में अपना जाल फैला रखा था। सिंडिकेट से जुड़े गुर्गे सरकारी भर्तियां निकलते ही सक्रिय हो जाते थे और फॉर्म भरने वालों से संपर्क साधने लगते थे। डॉक्टर के पास कई मुन्नाभाई थे, जो परीक्षा में बतौर सॉल्वर बनाए जाते थे। पेपर आउट करने से लेकर नकल तक का ठेका लिया जाता था। बताया गया कि बुंदेलखंड के 100 से ज्यादा लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने के लिए डॉक्टर के गुर्गों ने संपर्क साधा था। इसमें झांसी के गरौठा क्षेत्र में रहने वाला एक युवक भी शामिल है।
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बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक विद्यालयों में 69000 शिक्षकों की भर्ती में फर्जीवाड़ा करने वाला मास्टरमाइंड झांसी के बंगरा ब्लॉक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नोटा में मेडिकल ऑफिसर के पद पर साल 2017 से तैनात था। पिछले तीन सालों में डॉक्टर और फर्जीवाड़ा करने वाले सिंडिकेट से जुड़े सदस्यों ने बहुत गहरी जड़ें कर ली थीं। शिक्षक भर्ती कराने के लिए गैंग के गुर्गों ने पूरे बुंदेलखंड के सौ से ज्यादा लोगों पर फंदा डालने की कोशिश की। इसमें से कई लोग गैंग के जाल में फंस भी गए। सूत्रों ने बताया कि इसमें गरौठा का रहने वाला केएल पटेल का जान-पहचान वाला युवक भी शामिल है। इससे भी शिक्षक बनाने के नाम पर लाखों रुपये वसूले गए थे। एक-एक सदस्य से सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 10 से 20 लाख रुपये तक ऐंठे गए। बताया गया कि आवेदक से अलग-अलग तरीके से सौदा तय होता था। सॉल्वर बैठाने, पेपर आउट और नकल कराने के लिए अलग-अलग दरें तय थीं। इसमें सबसे ज्यादा पैसा सॉल्वर बैठाने के लिए लिया जाता था।

शिक्षक भर्ती मामलाः जाली मार्कशीट बनाने वाले गिरोह से भी जुड़े डॉक्टर के तार


शिक्षक भर्ती मामलाः जाली मार्कशीट बनाने वाले गिरोह से भी जुड़े डॉक्टर के तार


झांसी में तैनात 69000 शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़े के मास्टर माइंड चिकित्सक केएल पटेल के तार जाली मार्कशीट बनाने वाले गिरोह से भी जुड़े होने की आशंका है। पता चला है कि सरकारी नौकरी लगवाने के लिए डॉक्टर कई विश्वविद्यालयों के जाली मार्कशीट व डिग्री तैयार करवाने का ठेका भी लेता था।


इसके लिए अभ्यर्थी से अलग से पैसे लिए जाते थे। बताया गया कि डॉक्टर बुंदेलखंड, प्रयागराज, कानपुर, वाराणसी, आगरा समेत देश-प्रदेश के कई विश्वविद्यालयों के जाली दस्तावेज तैयार करवाता था। फर्जी नियुक्तियां कराकर करोड़ पति बने केएल पटेल ने खुद को दूसरों की नजरों से बचाने के लिए भी तरीके अपनाए थे। किसी को शक न हो, इसलिए वह बहुत साधारण बना रहता था।


यहां तक की वो कार तक नहीं रखता था। प्रयागराज आने-जाने के दौरान वह ट्रेन में यात्रा करता था। क्षेत्रीय स्तर पर आने-जाने के लिए मोटरसाइकिल का उपयोग करता था। स्टाफ से भी कम बातचीत करता था। जैसे ही लोगों को उसके शिक्षक भर्ती का मास्टर माइंड होने की जानकारी हुई तो सब भौचक रह गए हैं।
पता चला है कि फूलपुर का रहने वाला केएल पटेल बार-बार अपने घर चला जाता था। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने बताया कि वह बहुत कम समय झांसी में रहता था। बिना बताए फूलपुर चला जाता था। फर्जीवाड़े सामने आने के बाद अब अंदर खाने से उससे जुड़ी जानकारियां सामने आने लगी हैं।


डॉक्टर की डिग्री पर भी लोगों को शक
फर्जीवाड़ा कर नियुक्ति कराने वाले डॉक्टर केएल पटेल की डिग्री, मार्कशीट पर भी कई लोगों को शक है। स्वास्थ्य विभाग में दिन भर इस बात को लेकर चर्चा होती रही कि कहीं डॉक्टर ने खुद भी फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर नौकरी तो नहीं पा ली है? जाहिर सी बात है कि एसटीएफ की जांच में इन बिंदुओं की भी पड़ताल होगी। ऐसे में डॉक्टर के शैक्षणिक दस्तावेजों का भी सत्यापन किया जा सकता है।

Sunday, June 7, 2020

69000 शिक्षक भर्ती : सेटिंग करके परीक्षा पास करने वाले तीन अभ्यर्थी पकड़े गए, 142 अंक पाने वाला टॉपर भी शामिल

69000 शिक्षक भर्ती : सेटिंग करके परीक्षा पास करने वाले तीन अभ्यर्थी पकड़े गए, 142 अंक पाने वाला टॉपर भी शामिल 

शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़ा कर पास हुए धर्मेन्द्र का हाल, 150 में से 142 नंबर मिले राष्ट्रपति को नहीं जानते


69000 सहायक शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़ा करने वाले शातिर अपराधियों की गिरफ्तारी के बाद सोरांव पुलिस ने शनिवार को तीन अभ्यर्थियों को पकड़ा, जिन्होंने सेटिंग करके परीक्षा पास की थी। पकड़े गए आरोपी में 142 अंक पाने वाला अभ्यर्थी भी शामिल है। इस गैंग से जुड़े आरोपी मायापति समेत अन्य की तलाश में भदोही, औरैया और जौनपुर में पुलिस छापेमारी कर रही है। 


एएसपी अशोक व्यंकटेश ने बताया कि भर्ती में फर्जीवाड़ा करने के आरोप में प्रतापगढ़ के राहुल सिंह ने सोरांव में पूर्व जिला पंचायत सदस्य डॉ. कृष्ण लाल पटेल समेत आठ के खिलाफ 7.5 लाख रुपये लेकर फर्जीवाड़ा करने की रिपोर्ट कराई थी। पुलिस ने मायावती को छोड़कर अन्य सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा कृष्णा पटेल की साथी ललित त्रिपाठी और भदोही के प्रधान श्रवण को भी पकड़ा गया। पुलिस को आरोपियों के पास से मिली डायरी में 20 अभ्यर्थियों के नाम व नंबर थे। 


इसकी तफ्तीश के बाद शनिवार को पुलिस ने जौनपुर निवासी अभ्यर्थी विनोद कुमार सरायममरेज के धर्मेंद्र कुमार और होलागढ़ के अमरनाथ को गिरफ्तार किया। पकड़े गए तीनों अभ्यर्थियों ने मायावती से 8 से 12 लाख रुपये में नौकरी पाने के लिए सेटिंग की थी। लाखों रुपए एडवांस भी दिया था। अब तक पुलिस कार्रवाई करते हुए लगभग 24 लाख रुपए और कई लग्जरी गाड़ी बरामद कर चुकी है।


ये पांच आज जाएंगे जेल
1 शशि प्रकाश सरोज 
2 हरि कृष्ण सरोज 
3 कमल पटेल 
4 धर्मेंद्र पटेल 
5 विनोद यादव


69000 शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़ा करने में तीन गिरफ्तार, टॉपरों की सूची में है शामिल राष्ट्रपति का नाम पता नहीं


69000 सहायक शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़ा करने वाले शातिर अपराधियों की गिरफ्तारी के बाद सोरांव पुलिस ने शनिवार को तीन अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया, जिन्होंने सेटिंग करके परीक्षा पास की थी। पकड़े गए आरोपी में 142 अंक पाने वाला अभ्यर्थी भी शामिल है। इस गैंग से जुड़े आरोपी मायापति समेत अन्य की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।


एएसपी अशोक वैंकट ने बताया कि शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़ा करने के आरोप में प्रतापगढ़ के राहुल सिंह ने सोरांव थाने में पूर्व जिला पंचायत सदस्य डॉ. कृष्ण लाल पटेल समेत आठ के खिलाफ 750000 रुपये लेकर फर्जीवाड़ा करने की एफआईआर कराई थी।


पुलिस ने मायापति को छोड़कर अन्य सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा कृष्णा पटेल की साथी ललित त्रिपाठी और भदोही के प्रधान श्रवण भी पकड़ा गया। पुलिस को आरोपियों के पास से मिली एक डायरी में 20 अभ्यर्थियों के नाम और नंबर थे। इसकी तफ्तीश के बाद शनिवार को पुलिस ने जौनपुर के विनोद कुमार फूलपुर के धर्मेंद्र कुमार और होलागढ़ के अमरनाथ को गिरफ्तार किया।


टॉपरों की सूची में है शामिल राष्ट्रपति का नाम पता नहीं

प्रयागराज। नाम: धर्मेंद्र कुमार पटेल। पता: सरायममरेज, प्रयागराज। काबिलियत: 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में टॉपरों की सूची में शामिल। कुल 150 में से 142 अंक हासिल किए। लेकिन देश के राष्ट्रपति का नाम उसे नहीं पता। यह हैरान करने वाली बात है, लेकिन यही सच है।

Saturday, June 6, 2020

69000 : सामान्य वर्ग की अभ्यर्थी को ओबीसी का अंकपत्र, परीक्षा संस्था का जवाब- परिणाम आने के बाद गलती को मढ़ने का प्रयास

सामान्य वर्ग की अभ्यर्थी को ओबीसी का अंकपत्र, परीक्षा संस्था का जवाब- परिणाम आने के बाद गलती को मढ़ने का प्रयास

राहुल उपाध्याय और अर्चना तिवारी का ओबीसी अभ्यर्थी के रूप में चयन

सामान्य वर्ग के लगने वाले इन नामों के अभ्यर्थियों की काउंसलिंग के बाद पता चलेगी हकीकत


69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में अब लगातार विसंगतियां सामने आ रही हैं। सामान्य वर्ग की अभ्यर्थी अर्चना तिवारी को शिक्षक भर्ती परीक्षा में ओबीसी का अंकपत्र जारी कर दिया गया। उसको सामान्य के कटऑफ 97 अंक से अधिक 114 अंक मिले हैं। उन्होंने सचिव बेसिक शिक्षा परिषद के पास आवेदन में संशोधन का आग्रह किया, लेकिन शासन एवं कोर्ट की अनुमति नहीं मिलने से आवेदन में बदलाव नहीं किया जा सका।


ओबीसी का अंकपत्र जारी होने से काउंसलिंग में अर्चना को दिक्कत हो सकती है। काउंसलिंग के दौरान ओबीसी का प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं करने की दशा में सामान्य के कटऑफ से अधिक अंक पाने के बाद भी अभ्यर्थी को चयन से बाहर किया जा सकता है। 


वहीं अभ्यर्थियों के बीच ऐसी भी चर्चा है कि बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से जारी मेरिट में अर्चना को जगह मिली होगी। काउंसलिंग के समय जनपदीय चयन समिति की ओर से ओबीसी का प्रमाणपत्र मांगे जाने पर वह आरक्षण का दावा छोड़कर सामान्य वर्ग में काउंसलिंग करवा सकती हैं। 


मामले में सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी अनिल भूषण चतुर्वेदी का कहना है कि इस अभ्यर्थी ने शिक्षक भर्ती के आवेदन के समय ही गलत फार्म भर दिया था। अब परिणाम आने के बाद अब वह परीक्षा संस्था पर गलती मढ़ने की कोशिश हो रही हैं।


सचिव ने बताया कि यही अभ्यर्थी रिजल्ट आने के बाद सचिव बेसिक शिक्षा परिषद के पास चक्कर लगा रहे थे कि उन्हें आवेदन में संशोधन की अनुमति दी जाए।

69000 : आवेदन में त्रुटि पर एक को मिली हाईकोर्ट से राहत

69000 : आवेदन में त्रुटि पर एक को मिली हाईकोर्ट से राहत


69000 : आवेदन में गलत रोल नंबर भरने वाली अभ्यर्थी को राहत, त्रुटि सुधारने का निर्देश


प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में चयनित ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थी को राहत देते हुए उसके आवेदन में हुई त्रुटि को सुधारने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि याची काउंसलिंग के समय कमेटी के समक्ष अपना प्रत्यावेदन दे और कमेटी उस पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर उचित निर्णय ले। झांसी की पिंकी की याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने दिया। 


याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि याची 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में सफल हुई है। उसे 150 में से 108 अंक मिले हैं। मगर ऑनलाइन आवेदन करते समय उसने अपना स्नातक का रोल नंबर गलत भर दिया। अधिवक्ता का कहना था कि ऐसा मानवीय त्रुटि की वजह से हुआ है। 


याची का गलत रोल नंबर भरने का कोई उद्देश्य नहीं था। इस पर कोर्ट ने कहा कि 69 हजार सहायक अध्यापकों की नियुक्ति 1981 की नियमावली के तहत हो रही है, जिसमें काउंसलिंग कमेटी गठित की जाती है।


06 Jun 2020
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 69 हजार सहायक अध्यापकों की भर्ती में चुनी गई अन्य पिछड़ा वर्ग की एक अभ्यर्थी को राहत देते हुए उसके आवेदन में हुई त्रुटि को सुधारने का निर्देश दिया है।


कोर्ट ने याची को काउंसिलिंग के समय कमेटी के समक्ष प्रत्यावेदन देने और कमेटी उसपर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर उचित निर्णय लेने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने झांसी की पिंकी की याचिका पर अधिवक्ता सीमांत सिंह को सुनकर दिया है।

सीएम योगी बोले- कुछ चंदाखोर पीआईएल दाखिल कर नौकरियों में अटका रहे हैं रोड़ा

जन्मदिन पर सीएम योगी Live : पूछे गए शिक्षक भर्ती व नियुक्ति पर सबसे अधिक सवाल


सीएम योगी बोले- कुछ चंदाखोर पीआईएल दाखिल कर नौकरियों में रोड़ा अटका रहे हैं, हम युवाओं के साथ


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 69000 सहायक शिक्षक भर्ती मामले में लगातार कोर्ट में लगातार पीआईएल दाखिल करने पर कहा कि कुछ लोगों ने इसे चंदा वसूली का माध्यम बना लिया है। उन्होंने कहा कि कुछ चंदाखोर पीआईएल दाखिल कर नौकरियों में रोड़ा अटका रहे हैं, हम युवाओं के साथ। यह बातें मुख्यमंत्री ने हिन्दुस्तान द्वारा आयोजित वेबिनार में कहीं। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि 69000 की भर्ती निकाली तो एनसीईटी ने बीएड को भी मेरिट को बढ़ाना पड़ा। पांच लाख लोगों ने आवेदन किया, हम लोगों ने मेरिट को आगे बढ़ाया। ये राज्य सरकार का दायित्व है कि मेरिट को किस रूप में रखें कि अच्छे लोग ही आएं। हाईकोर्ट की बेंच ने सही माना और सही मानने के बाद यह प्रक्रिया काउंसलिंग आगे बढ़ी तो उसे स्टे किया गया है। डिवीजन बेंच में वहीं रखने जा रहे हैं जो सुप्रीम कोर्ट ने कहा है वैसा ही हुआ है। 


कुछ लोगों को चंदा वसूली का माध्यम चाहिए। ये लोग चंदा वसूली कर पीआईएल करने का काम करते हैं। राज्य सरकार युवाओं के हित में लड़ाई लड़ेगी। कोई खामी नहीं हैं। जो तथ्य लाए जा रहे हैं, खैर कोर्ट के आगे इसे रखा जाएगा।


06 Jun 2020
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लाइव साक्षात्कार के दौरान फेसबुक पर साढ़े 7 हजार से भी ज्यादा कमेंट आए। सबसे अधिक टिप्पणियां शिक्षक भर्ती व शिक्षकों के अंतरजनपीय तबादले को लेकर की गयीं। बहुत से लोगों ने उन्हें जन्मदिन की बधाई भी दी। यही नहीं, बहुत से लोगों ने अपनी समस्याएं बताने के साथ ही सरकार के कामकाज की प्रशंसा भी की।


आरती सिंह ने कहा कि लम्बे समय से अंतरजनपदीय तबादले रुके हुए हैं, इन पर भी ध्यान दिया जाए। वहीं पूर्णिमा यादव ने एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती की तरफ ध्यान खींचा। रंजना गुप्ता, ओमकार यादव , अर्चना वर्मा, अश्विनी कुमार समेत कई लोगों ने 12460 शिक्षक भर्ती में 7 हजार अभ्यर्थियों के ज्वाइनिंग लेटर जल्द दिलवाने की बात कही। भर्ती के तीन साल से लटकने की शिकायत करते हुए कहा कि इसे जल्द पूरा करवाया जाए। 


वहीं मो अयूब ने 4000 उर्दू शिक्षक भर्ती को भी पूरा करने का अनुरोध किया। बहुत से लोगों ने अपना दर्द भी साझा किया है। पिंकी शर्मा ने कहा कि वह 40 वर्ष के पार हो चुकी हैं। तीन बच्चे हैं और बैंक वाले लोन नहीं दे रहे। क्या करें? पंकज कुमार ने इंडस्ट्री में आ रही दिक्कतों को बताते हुए कहा कि प्रशासन हमें सहयोग नहीं दे रहा।


 वहीं स्थानीय लोगों ने अपने शहरों से संबंधित समस्याएं भी बताई हैं। महेश अग्रवाल व अमेरश वर्मा कहते हैं कि आपकी ऊर्जा देख कर चकित हूं। आप रात-दिन काम कर रहे हैं और सरकार के प्रयासों से यूपी में कोरोना का संक्रमण कम है।

Wednesday, June 3, 2020

जज्बा: 69000 आवंटन सूची में 57 की उम्र वाले चार शिक्षामित्र, नियुक्ति की अधिकतम उम्र सीमा 40 साल, 5 साल के लिए बनेंगे शिक्षक

जज्बा: 69000 आवंटन सूची में 57 की उम्र वाले चार शिक्षामित्र, नियुक्ति की अधिकतम उम्र सीमा 40 साल,  5 साल के लिए बनेंगे शिक्षक


प्रयागराज | 03 Jun 2020
परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती के लिए सोमवार को जारी जिला आवंटन लिस्ट में कुछ शिक्षामित्र ऐसे भी पास हुए हैं, जो अब रिटायरमेंट के करीब हैं। नाती-पोते खिलाने की उम्र में पहले टीईटी और फिर इतनी कठिन शिक्षक भर्ती परीक्षा पास कर इन ‘चिरयुवाओं' ने साबित कर दिया है कि आसमान में सुराख करना नामुमकिन नहीं है। जिला आवंटन की सूची में शामिल 67,867 अभ्यर्थियों में से चार शिक्षामित्र ऐसे हैं जिन्होंने 57 साल की उम्र में सफलता पाई है। ये अलग बात है कि सेवानिवृत्ति की आयु 62 वर्ष होने के कारण इन्हें पांच साल ही शिक्षण का मौका मिलेगा।


वैसे तो सहायक अध्यापकों की नियुक्ति के लिए अधिकतम आयुसीमा 40 वर्ष है लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार शिक्षामित्रों को इससे छूट मिली है। सबसे उम्रदराज शिव कुमार (जन्मतिथि 20 फरवरी 1963) को अयोध्या जिला आवंटित हुआ है। बाबू राम (जन्मतिथि 15 जून 1963) को पीलीभीत, सुधीश सिंह (जन्मतिथि 1 जुलाई 1963) को फर्रुखाबाद और सुरेश चन्द्र (जन्मतिथि 7 जुलाई 1963) को रायबरेली जिला आवंटित हुआ है।


3-3 शिक्षामित्र 56 व 55 साल में हुए सफल 
 शिक्षक भर्ती में तीन-तीन शिक्षामित्र 56 व 55 साल की उम्र में जबकि 11 शिक्षामित्रों ने 54 साल की अवस्था में सफलता हासिल की है। ईश कुमार फिरोजाबाद, राजेन्द्र प्रसाद यादव प्रयागराज और शिव कुमार अमेठी ने 56 साल जबकि मो. फारूक आलम सीतापुर, हरेन्द्र सिंह फिरोजाबाद और मो. सलाहुद्दीन प्रयागराज 55 वर्ष की उम्र में शिक्षक बनने का गौरव हासिल करेंगे।


23 साल में पाई नौकरी, 39 साल पढ़ाएंगे
 यह भर्ती चयनितों के अंतर के लिहाज से भी याद की जाएगी। जहां 57 साल में शिक्षामित्रों का चयन हुआ वह 23 साल के सैकड़ों नौजवान भी लिस्ट में हैं। सेवानिवृत्ति आयु 62 साल होने इन्हें 39 साल पढ़ाने का अवसर मिलेगा।


केबीसी में 25 लाख जीतने वाली उषा बनेंगी मिर्जापुर में शिक्षक
प्रयागराज के मेजा तहसील के रामनगर की रहने वाली व केबीसी में 25 लाख की विजेता उषा यादव भी प्राथमिक शिक्षक बनने की कतार में शामिल हैं। शिक्षक भर्ती में उन्हें मिर्जापुर जिला अलॉट हुआ है।

Tuesday, June 2, 2020

69000 शिक्षक भर्ती की काउंसिलिंग संबंधी जनपदवार प्रेस विज्ञप्तियां करें डाउनलोड (क्रमशः लगातार अपडेट जारी)

69000 शिक्षक भर्ती की काउंसिलिंग संबंधी जनपदवार प्रेस विज्ञप्तियां करें डाउनलोड (क्रमशः लगातार अपडेट जारी)।
चित्रकूट



हमीरपुर

आजमगढ़
बलिया

कुशीनगर


लखीमपुर खीरी


अमेठी


भदोही


देवरिया 

फतेहपुर



सीतापुर



शामली


सहारनपुर

बदायूं

बरेली 

बिजनौर

प्रयागराज




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सीतापुर : 69000 शिक्षक भर्ती के काउंसिलिंग की प्रेस विज्ञप्ति जारी

सीतापुर : 69000 सहायक अध्यापक भर्ती की काउंसिलिंग हेतु शपथ पत्र, जांच प्रपत्र व मूल अभिलेखों की प्राप्ति रसीद का प्रारूप जारी

सीतापुर : 69000 सहायक अध्यापक भर्ती की काउंसिलिंग हेतु शपथ पत्र, जांच प्रपत्र व मूल अभिलेखों की प्राप्ति रसीद का प्रारूप जारी


■ क्लिक कर यह भी देखें : 









69000 : आवेदन में संशोधन के लिए अनशन शुरू, परीक्षा में सफलता के बाद भी अनशन के लिए मजबूर

69000 : आवेदन में संशोधन के लिए अनशन शुरू, परीक्षा में सफलता के बाद भी अनशन के लिए मजबूर


प्रयागराज। एक ओर बेसिक शिक्षा परिषद एवं एनआईसी 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती काउंसलिंग के लिए अभ्यर्थियों की मेरिट लिस्ट जारी करने की तैयारी में है. दूसरी ओर शिक्षक भर्ती आवेदन में संशोधन की मांग को लेकर सोमवार को अभ्यर्थी शिक्षा निदेशालय में जमे रहे। परीक्षा में सफल रोहित तिवारी एवं उनके कई दूसरे साधी सचिव, बेसिक शिक्षा परिषद मे है लेकिन वह कार्यालय पर अनशन पर बैठे। 


उनका कहना है कि अभ्यर्थी अभ्यर्थियों ने कहा, शपथ पत्र लेकर काउंसलिंग सचिव से मिलकर अपनी बात रखना चाहते में शामिल होने का उनसे नहीं मिल रहे। ऐसे में मांग पूरी होने तक उनका अनशन मौकादें सचिव जारी रहेगा। कौशांबी से आए आशुतोष श्रीवास्तव को प्राप्तांक, पूर्णांक में संशोधन कराना है, वह सचिव से मिलना चाहते हैं।


 सहारनपुर के सुमित कुमार यादव भी सचिव से मिलने आए थे लेकिन सचिव के न होने से मुलाकात नहीं हो सकी। उन्होंने गलती से ओबीसी की जगह एससी कैटेगरी भर दिया है। आजमगढ़ से आए मानिक चंद गुप्ता को बीएड के पूर्णाक में संशोधन कराना है। इन सभी अभ्यर्थियों का कहना है कि बेसिक शिक्षा परिषद सचिव उनसे शपथ पत्र लेकर काउंसलिंग में शामिल होने का मौका दें।

69000 : दिन भर परिणाम को लेकर परेशान रहे अभ्यर्थी, कटऑफ को लेकर देर रात लगता रहा गणित

69000 : दिन भर परिणाम को लेकर परेशान रहे अभ्यर्थी, कटऑफ को लेकर देर रात लगता रहा गणित


शिक्षक भर्ती में सफल अभ्यर्थी परिणाम को लेकर दिनभर परेशान रहे। अभ्यर्थी इस बात को लेकर ऊहापोह में रहे कि कोर्ट का निर्णय क्या होगा, इसके बाद मेरिट जारी होगी कि नहीं। शाम को जब कोर्ट ने तीन जून को फैसला सुनाने का निर्णय दिया तो मेरिट जारी होने की उम्मीद जगी। सोशल मीडिया पर भी परिणाम को लेकर अभ्यर्थियों की ओर से कयास लगाए जाते रहे। 


 बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से नाम एवं रोलनंबर के आधार पर अभ्यर्थियों की मेरिट जारी की तो उनके बीच देर रात तक उनके बीच यह चर्चा होती रही कि किस जिले में कटऑफ कितना रहा। कोई अधिक मेरिट के बाद भी अपने को जारी सूची में शामिल होने से इनकार करता रहा तो कोई सामान्य वर्ग में होते हुए भी अपने को मेरिट में शामिल बता रहा था।

Saturday, May 30, 2020

69000 : मिले संशोधन का मौका नहीं तो 1 जून से अनशन

69000 : मिले संशोधन का मौका नहीं तो 1 जून से अनशन



प्रयागराज। 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती काउंसलिंग के लिए आवेदन की तिथि खत्म होने बाद भी शुक्रवार को बड़ी संख्या में अभ्यर्थी सचिव बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय पहुंचे। अभ्यर्थियों का कहना है कि वह आवेदन संशोधन के लिए लगातार कार्यालय आ रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। 


अभ्यर्थी रोहित तिवारी ने कहा कि यदि उनकी सुनवाई नहीं हुई तो वह एक जून से परिषद कार्यालय पर अनशन करेंगे। आवेदन में संशोधन की मांग को लेकर बांदा से आईं प्रियंका सिंह का कहना है कि दसवीं का पूर्णांक गलत हो गया है, सचिव समस्या का निदान करें।