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Saturday, November 21, 2020

69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी के आवेदन की त्रुटि सुधारने का कोर्ट का निर्देश

69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी के आवेदन की त्रुटि सुधारने का कोर्ट का निर्देश


इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती की अभ्यर्थी डिंपल देवी के ऑनलाइन आवेदन में हुई त्रुटि सुधारने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि याची यदि काउंसिलिंग में शामिल होती है तो मूल प्रमाणपत्रों के मुताबिक उसके आवेदन की त्रुटि सुधारने की अनुमति दी जाए। ‌‌यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज भाटिया ने दिया है।


याचिका में कहा गया था कि याची ने ऑनलाइन आवेदन करते समय भूलवश गलत प्रविष्टियां कर दी थीं। इन त्रुटियों को सुधारने के लिए संबंधित अधिकारियों को प्रत्यावेदन दिया गया लेकिन इसकी अनुमति नहीं मिली। याचिका में सत्येंद्र कुमार शुक्ल के केस में हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देकर कहा गया कि इसी प्रकार के इस मामले में कोर्ट ने त्रुटि सुधारने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने इस केस के आलोक में याची को भी राहत दी है।
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आवेदन की त्रुटि सुधारने की अनुमति देने का निर्देश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 69000 सहायक अध्यापक भर्ती की अभ्यर्थी के आनलाइन आवेदन में हुई त्रुटि सुधारने की अनुमति देने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि याची यदि काउंसिलिंग में शामिल होती है तो उसके आवेदन की त्रुटि मूल प्रमाणपत्रों के अनुसार सुधारने की अनुमति दी जाए। डिंपल देवी की याचिका पर न्यायमूíत पंकज भाटिया ने सुनवाई की।


 याचिका में कहा गया कि याची ने आनलाइन आवेदन करते समय भूलवश गलत प्रविष्टियां कर दी थी। इसमें संशोधन के लिए संबंधित अधिकारियों को प्रत्यावेदन दिया था। लेकिन, उसकी अनुमति नहीं मिली। हाईकोर्ट द्वारा पारित सत्येंद्र कुमार शुक्ल केस का हवाला देकर कहा गया कि इस केस में ठीक इसी प्रकार के मामले में हाईकोर्ट ने त्रुटि सुधारने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने उक्त केस के आलोक में याची को भी राहत दी है।

Wednesday, November 18, 2020

बेसिक शिक्षा विभाग की 4000 उर्दू शिक्षकों की भर्ती में देरी के खिलाफ प्रदर्शन

बेसिक शिक्षा विभाग की 4000 उर्दू शिक्षकों की भर्ती में देरी के खिलाफ प्रदर्शन


अंबेडकरनगर। उर्दू शिक्षकों की भर्ती में लापरवाही बरते जाने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को पीस पार्टी कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के निकट प्रदर्शन किया। कहा गया कि 4 हजार उर्दू शिक्षकों की भर्ती होनी थी, लेकिन शासन द्वारा जानबूझकर भर्ती प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है। इससे उर्दू शिक्षक बनने की उम्मीद लगाए युवक-युवतियों को तगड़ा झटका लगा है। चेतावनी देते हुए कहा गया कि यदि शीघ्र ही भर्ती प्रक्रिया नहीं शुरू की गई, तो कलेक्ट्रेट के निकट अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।


जिलाध्यक्ष अफजाल अंसारी ने कहा कि प्रदेश में 4 हजार उर्दू शिक्षकों की भर्ती होनी थी। युवाओं ने इसके लिए आवेदन भी किया। इसके बाद से भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। आरोप लगाते हुए कहा कि शासन जानबूझकर भर्ती प्रक्रिया में विलंब कर रहा है। प्रदेश सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि इस प्रकार की उपेक्षा कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भाजपा ने सबका साथ, सबका विकास नारा दिया था, इसे अब भूल रही है।
अल्पसंख्यकों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। उनके हित की अनदेखी की जा रही है। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मांग करते हुए कहा कि उर्दू शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को अविलंब शुरू किया जाए। 


वक्ताओं ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया न शुरू होने से बड़ी संख्या में बेरोजगार युवक युवतियां को तगड़ा झटका लगा है। कहा कि वर्ष 2016 में इसे लेकर राष्ट्रीय आह्वान पर पीस पार्टी कार्यकर्ताओं ने 56 दिन का धरना दिया था।


उस समय भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक नहीं शुरू हो सकी। चेतावनी देते हुए कहा गया कि यदि शीघ्र ही भर्ती प्रक्रिया नहीं शुरू की गई, तो कलेक्ट्रेट के निकट अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा। बाद में राज्यपाल को संबोधित शिकायतीपत्र नायब तहसीलदार को सौंपा गया। इस दौरान हाजी वलीउल्लाह, गुलाम रसूल, मोहम्मद अख्तर, हाजी मुनीर, धर्मदेव, सरदार आलम आदि मौजूद रहे।

Sunday, November 15, 2020

जिला विद्यालय निरीक्षकों के खेल में प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों की शिक्षक भर्ती के पद कभी पूरे नहीं भर पाये

जिला विद्यालय निरीक्षकों के खेल में प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों की शिक्षक भर्ती के पद कभी पूरे नहीं भर पाये


■  घपलेबाजी

• माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की हर भर्ती में होता है खेल
• दो दशक की हर भर्ती में विज्ञापित पदों से कम पर हुआ चयन
• टीजीटी-पीजीटी 2016 के चयनित शिक्षक तैनाती को भटक रहे


जिला विद्यालय निरीक्षकों के खेल में प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों की शिक्षक भर्ती के पद कभी पूरे नहीं भर पाते। पिछले दो दशक में हुई भर्तियों पर गौर करें तो हर बार प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) और प्रवक्ता (पीजीटी) के विज्ञापित पदों की तुलना में कम चयन हो सका है।


डीआईओएस पहले तो रिक्त पदों की सूचना भेज देते हैं लेकिन उसके बाद पीछे से स्कूल प्रबंधकों से साठगांठ कर किसी न किसी बहाने पद भरने की अनुमति देते हैं और चयन बोर्ड को पत्र भेजकर सत्यापन निरस्त करने को कहते हैं। इसी का नतीजा है कि चयनित शिक्षक तैनाती के लिए अरसे तक दर-दर की ठोकरें खाते हैं।


टीजीटी-पीजीटी 2016 के 125 से अधिक चयनित शिक्षकों को तैनाती नहीं मिल सकी है। आप यह खबर प्राइमरी का मास्टर डॉट इन पर पढ़ रहे हैं। समायोजन की मांग लेकर ये चयनित शिक्षक स्कूल प्रबंधक, डीआईओएस कार्यालय, शिक्षा निदेशालय से लेकर चयन बोर्ड तक भटक रहे हैं। पूर्व में सुप्रीम कोर्ट भी चयन बोर्ड को फटकार चुका है।


कब-किस भर्ती में भरे कितने पद

2013 के टीजीटी में विज्ञापित 6028 पदों में से 4795 और पीजीटी के 1117 में से 922 पर चयन हो सका। 2011 के टीजीटी के 1479 पदों में से 1397 और पीजीटी के 393 में से 313, 2010 के टीजीटी के 5990 में से 5662 जबकि पीजीटी में 959 में से 843 पद भरे जा सके थे। टीजीटी 2004 के 3039 पदों में से 2808 और पीजीटी के 1359 पदों में से 1304 पर चयन प्रक्रिया पूरी हुई थी। 2002 के टीजीटी के 3787 पदों में से 3415 पद भरे गए थे। दो दशक में अपवाद रूप में 2010 की भर्ती रही जिसमें टीजीटी के 4038 व पीजीटी के सभी 892 पदों पर भर्ती हुई थी। 2016 की भर्ती अभी चल रही है।

Wednesday, November 4, 2020

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने विश्वविद्यालयों से मांगा ब्योरा, खाली पदों को भरने की तैयारी

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अमल में जुटा शिक्षा मंत्रालय, अब विश्वविद्यालयों में खाली नहीं रहेंगे अहम पद

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने विश्वविद्यालयों से मांगा ब्योरा, खाली पदों को भरने की तैयारी

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अमल में जुटे शिक्षा मंत्रालय ने बनाई योजना

केंद्रीय विश्वविद्यालयों में खाली पड़े अहम पदों को दिसंबर तक भरने की योजना



नई दिल्ली। ।विश्वविद्यालयों में कोई भी अहम पद अब लंबे समय तक खाली नहीं रहेगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अमल में जुटा केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने इसे लेकर एक विस्तृत योजना तैयार की है। इसके तहत कुलपति सहित खाली पड़े सभी अहम पदों को दिसंबर तक भरने की योजना बनाई गई है। आगे भी इन पदों के खाली होने से पहले ही इन पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।


फिलहाल इसको लेकर सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों से ब्योरा मांगा गया है। इसमें इलाहाबाद और हैदराबाद विश्वविद्यालय सहित करीब आधा दर्जन केंद्रीय विश्वविद्यालयों में कुलपति के खाली पड़े पदों को इस महीने के अंत तक भरने का संकेत भी दिया है।


विश्वविद्यालयों में खाली पड़े प्रमुख पदों को भरने को लेकर शिक्षा मंत्रालय ने यह गंभीरता उस समय दिखाई है, जब शिक्षा नीति के प्रभावी अमल के लिए संस्थानों में स्थायी नियुक्ति पर जोर दिया गया है। साथ ही हाल ही में दिल्ली विश्वविद्यालय में जो स्थितियां निर्मित हुई, उसके बाद शिक्षा मंत्रालय और भी ज्यादा सतर्क हुआ। वहां कुलपति के छुट्टी पर होने और दूसरे अहम पदों के खाली पड़े होने से राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अमल को लेकर ढिलाई बरती जा रही थी। बैठकों में विश्वविद्यालय की ओर से कोई हिस्सा भी नहीं ले रहा था। इसके साथ ही यह भी देखा गया कि अहम पदों के खाली रहने से वहां प्रशासनिक स्तर पर अनियमितताएं भी बढ़ गई थीं। हालांकि, मंत्रालय इन पदों को भरने के लिए विश्वविद्यालय से कई बार पत्राचार कर चुका था। बावजूद इसके इन पदों को नहीं भरा गया था।


फिलहाल मंत्रालय ने इन स्थितियों को देखते हुए केंद्रीय विश्वविद्यालयों से खाली पड़े सभी अहम पदों का ब्योरा मांगा है। साथ ही इन पदों को तय समय सीमा में भरने के लिए कहा है। मंत्रालय से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, खाली पड़े पदों को दिसंबर तक भरने की योजना बनाई गई है।


आधा दर्जन विश्वविद्यालयों में कुलपति के खाली पड़े पद 25 नवंबर से पहले भरने के संकेत

इनमें करीब आधा दर्जन विश्वविद्यालयों में कुलपति के खाली पड़े पद भी हैं, जिन्हें मंत्रालय ने 25 नवंबर से पहले भरने का संकेत दिया है। साथ ही राज्यों से भी अपने विश्वविद्यालयों में कुलपति सहित दूसरे खाली पड़े अहम पदों को भरने के लिए कहा है।


इलाहाबाद विश्वविद्यालय समेत छह विश्वविद्यालयों में कुलपति के पद खाली पड़े हैं

गौरतलब है कि मौजूदा समय में जिन प्रमुख केंद्रीय विश्वविद्यालयों में कुलपति के पद खाली पड़े हैं, उनमें इलाहाबाद विश्वविद्यालय, हैदराबाद विश्वविद्यालय, मौलाना आजाद उर्दू विश्वविद्यालय, गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, तमिलनाडु केंद्रीय विश्वविद्यलाय और झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय आदि शामिल हैं।

Tuesday, November 3, 2020

जम्मू-कश्मीर की डिग्री यूपी में शिक्षक नियुक्ति के लिए मान्य, बेसिक शिक्षा परिषद को हाईकोर्ट का निर्देश

जम्मू-कश्मीर की डिग्री यूपी में शिक्षक नियुक्ति के लिए मान्य, बेसिक शिक्षा परिषद को हाईकोर्ट का निर्देश

 
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है। इसलिए इस राज्य की डिग्री या डिप्लोमा धारक को नियुक्ति देने से इस आधार पर मना नहीं किया जा सकता है कि यह एक अलग और विशेष दर्जा प्राप्त राज्य की डिग्री है और एनसीटोई के निर्देश इस पर लागू नहीं. होते हैं। 


कोर्ट ने 68,500 सहायक अध्यापक भर्ती के मामले में जम्मू-कश्मीर से शिक्षक प्रशिक्षण की डिग्री लेने वाली याची सोनिया की नियुक्ति पर पुनः विचार करने का बेसिक शिक्षा परिषद को निर्देश दिया है। याचिका पर न्यायमूर्ति अजीत कुमार ने सुनवाई की। याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि याची ने जम्मू एंड कश्मीर बोर्ड ऑफ स्कूल एजूकेशन से एलीमेंट्री टीचर्स ट्रेनिंग का कोर्स किया था। 


उसे 68,500 सहायक अध्यापक भर्ती में 18 अप्रैल 2019 को बागपत में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति भी दे दी गई। मगर बाद में 23 मार्च 2020 को उसकी नियुक्ति यह कहते हुए रदूद कर दी गई कि याची ने जम्मू एंड कश्मीर राज्य से टीचर्स ट्रेनिंग का डिप्लोमा लिया है, जो एक विशेष दर्जा प्राप्त राज्य है और वहां पर एनसीटीई एक्ट लागू नहीं होता है। अधिवक्ता ने पूर्व में भूपेंद्र नाथ त्रिपाठी व अन्य के मामले में इसी हाईकोर्ट द्वारा पारित निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर के नागरिकों को इस आधार पर नहीं रोका जा सकता है कि एनसीटीई एक्ट उस राज्य में लागू नहीं होता है।

Wednesday, October 28, 2020

69000 शिक्षक भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े के मास्टर माइंड चंद्रमा यादव समेत आठ अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

69000 शिक्षक भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े के मास्टर माइंड चंद्रमा यादव समेत आठ अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

 
प्रयागराज : परिषदीय स्कूलों में 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े के मास्टर माइंड चंद्रमा यादव समेत आठ अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो गई है। स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) ने मंगलवार शाम को सभी के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया। एसटीएफ ने करीब एक हजार पन्ने की केस डायरी तैयार की है।


जून 2020 को इस फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ था। पहले सोरांव पुलिस ने इसकी विवेचना शुरू की, लेकिन प्रकरण ने तूल पकड़ा तो विवेचना एसटीएफ को दे दी गई। गिरोह के सरगना पूर्व जिपं सदस्य डॉ. केएल पटेल, तीन अभ्यर्थी समेत 12 लोगों को पहले गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। उन सभी के विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। इसी मामले में स्कूल प्रबंधक चंद्रमा को करीब 20 दिन पहले गिरफ्तार किया गया था। उसके कई और साथियों को भी पकड़कर जेल भेजा गया। 


चंद्रमा यादव पुत्र बर्फी लाल धूमनगंज थाना क्षेत्र के टीपी नगर गंगा बिहार कॉलोनी का रहने वाला है। वह टीपी नगर में पंचम लाल आश्रम इंटर कॉलेज का संचालन चंद्रमा यादव करता है। लगभग सभी प्रतियोगी परीक्षाओं का सेंटर उसके स्कूल में बनाया जाता है। ज्यादा पैसा कमाने के लालच में वह कुछ साल पहले ललित त्रिपाठी के जरिए गिरोह के सरगना डॉ. केएल पटेल और मायापति से मिला था। फिर गिरोह के साथ मिलकर फर्जीवाड़ा करने लगा। सोरांव में जब उसके खिलाफ मुकदमा लिखा गया तो फरार हो गया था।


 एडिशनल एसपी एसटीएफ नीरज पांडेय का कहना है कि विवेचना पूरी होने के बाद चंद्रमा यादव, भदोही के मायापति दुबे, प्रतापगढ़ के दुर्गेश पटेल व प्रयागराज के शिवदीप सिंह, सत्यम, शैलेष, संदीप पटेल, दुर्गेश सिंह और अर¨वद पटेल के खिलाफ भी कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है।

Tuesday, October 20, 2020

69000 भर्ती : त्रुटि संशोधन के लिए घेरा परिषद मुख्यालय, नहीं हुआ अब तक आदेश

69000 भर्ती :  त्रुटि संशोधन के लिए घेरा परिषद मुख्यालय, नहीं हुआ अब तक आदेश
 

प्रयागराज : परिषदीय स्कूलों की 69000 सहायक अध्यापक भर्ती का विवाद थम नहीं रहा है। लिखित परीक्षा के आवेदन फार्म में संशोधन की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने सोमवार को परिषद मुख्यालय का घेराव किया। उनका कहना है कि परिषद सचिव ने वादे के मुताबिक दो दिन बाद भी निर्देश जारी नहीं किया है। देर रात तक अभ्यर्थी परिसर में ही जमे रहे और पुलिस के समझाने पर भी वहां से जाने का तैयार नहीं हुए।


ज्ञात हो कि न्याय मोर्चा के अमर बहादुर गौतम ने 16 अक्टूबर से जो 69 घंटे की भूख हड़ताल पर शुरू की थी। उनकी मांग थी कि आनलाइन आवेदन में संशोधन का मौका दिया जाए। शनिवार को बेसिक शिक्षा परिषद सचिव ने आश्वासन दिया था कि वे आवेदन फार्म में त्रुटि करने वाले सभी अभ्यíथयों को संशोधन का मौका देंगे, लेकिन सोमवार तक सचिव की ओर से कोई भी लिखित आदेश जारी हुआ तो कई जिलों के अभ्यर्थियों ने परिषद मुख्यालय पर पहुंचकर आंदोलन शुरू कर दिया है। 


सोमवार को हजारों अभ्यर्थी त्रुटि सुधार के लिए परिषद के प्रांगण में ही आंदोलन कर रहे हैं, कुछ लोग भूख हड़ताल पर भी बैठे हुए हैं उनकी मांग है कि संशोधन का मौका भूख हड़ताल जारी रखेंगे। यहां लखनऊ की प्रीति कुमारी, रायबरेली की सरस्वती, बागपत की पूजा वर्मा, गाजीपुर की रीना चौहान, अयोध्या की रीता, चित्रकूट की सोनम, आगरा के राजमणि आदि रहे।

नई शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर सड़क पर उतरे डीएलएड प्रशिक्षु

नई शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर सड़क पर उतरे डीएलएड प्रशिक्षु

 
प्रयागराज। डीएलएड 2017 बैच के प्रशिक्षुओं ने प्राथमिक विद्यालयों के लिए नई शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर सोमवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।


डीएलएड प्रशिक्षुओं का कहना हे कि 2018 के बाद से कोई शिक्षक भर्ती घोषित नहीं की गई। ऐसे में डीएलएड पास करने बाद से 2017 बैच के दो लाख प्रशिक्षु बेकार बैठे हैं। उनका कहना था कि हम सभी उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा और केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा पास कर चुके हैं। ऐसे में सरकार तत्काल शिक्षक भर्ती की घोषणा करे।

69000 शिक्षक भर्ती मामला : अभ्यर्थियों की मांग, शिक्षक भर्ती की त्रुटियां हों दूर

69000 शिक्षक भर्ती मामला : अभ्यर्थियों की मांग, शिक्षक भर्ती की त्रुटियां हों दूर 

69000 शिक्षक भर्ती: सुप्रीम कोर्ट का फैसला घोषित कराए सरकार, तीन माह से इंतजार

प्रयागराज : 69000 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में हुई त्रुटियों को सुधारने की मांग के समर्थन में प्रदेशभर से आए अभ्यर्थियों ने सोमवार को शिक्षा निदेशालय में धरना प्रदर्शन किया।


अभ्यर्थियों का आरोप है कि 69000 शिक्षक भर्ती के तहत जारी की गई सूची में कई तरह की गड़बड़ियां की गई हैं। इसमें आरक्षण नियमों की अनदेखी की गई है। साथ ही पिछली लिस्ट में शामिल हाईमेरिट वालों का अभ्यर्थन निरस्त कर दिया गया है। इसकी तुलना में कम मेरिट वालों का चयन कर लिया गया है। इसे सुधारा जाना चाहिए।

 
बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में 69000 सहायक अध्यापक भर्ती के 37339 पदों को लेकर असमंजस बना है। शीर्ष कोर्ट ने 24 जुलाई को सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित कर लिया है। 


करीब तीन माह से इंतजार कर रहे प्रतियोगी प्रदेश सरकार से मांग कर रहे हैं कि फैसले के लिए सरकार पहल करे। परिषदीय स्कूलों की शिक्षक भर्ती में शीर्ष कार्ट ने 21 मई को आदेश दिया था कि प्रदेश सरकार 31661 पदों पर नियुक्ति कर सकती है, जबकि 37339 पदों पर नियुक्ति करने से रोका था। कोर्ट ने मामले में 24 जुलाई को सुनवाई पूरी करके फैसला सुरक्षित कर लिया। 


इस बीच प्रदेश सरकार ने 31661 पदों के सापेक्ष 31277 पढ़ों की अनंतिम सूची जारी की और 30235 पदों पर नियुक्तियां कर दी हैं। अभिषेक, बद्री नारायण शुक्ल, अभय राज आदि ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मांग की है कि प्रदेश सरकार सुरक्षित आदेश जारी कराने के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल करे, ताकि दीपावली के पहले नियुक्तियां की जा सकें।


Sunday, October 18, 2020

69000 शिक्षक भर्ती विरोध : वार्ता के बाद भूख हड़ताल खत्म

69000 शिक्षक भर्ती विरोध : वार्ता के बाद भूख हड़ताल खत्म

 
प्रयागराज : 69000 शिक्षक भर्ती के विरोध में प्रतियोगियों की भूख हड़ताल दूसरे दिन खत्म हो गई है। अनशनकारी अमर बहादुर गौतम से बेसिक शिक्षा परिषद सचिव प्रताप सिंह बघेल ने फोन कर वार्ता की। उन्होंने त्रुटि संशोधन करने की मांग को पूरा करने और अन्य मुद्दों पर कार्रवाई करने का भरोसा दिया। जिसके बाद शिक्षक संघ के सचिव प्रेम सागर व इंसाफ मंच के संयोजक डा आरपी गौतम ने जूस पिलाकर भूख हड़ताल खत्म कराया।


69000 शिक्षक भर्ती एक साथ पूरी करने, भर्ती में आरक्षण का पालन करने, फार्म में हुई मानवीय त्रुटि सुधार का मौका देने व भ्रष्टाचार में लिप्त सभी दोषियों को दंडित करने के लिए सीबीआइ जांच कराने की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुक्रवार को परिषद मुख्यालय के सामने शुरू हुई थी। अमर बहादुर गौतम ने कहा कि भर्ती के अन्य सवालों पर उनकी लड़ाई जारी रहेगी। यहां अनिल कुमार, रामनिवास गौतम, इनौस के प्रदेश सचिव सुनील मौर्य, न्याय मोर्चा के सह संयोजक सुमित गौतम, अनिल यादव आदि थे।

Monday, October 12, 2020

69000 शिक्षक भर्ती मामले में नहीं थम रहा जिला आवंटन सूची का विवाद

69000 शिक्षक भर्ती मामले में नहीं थम रहा जिला आवंटन सूची का विवाद

 
प्रयागराज : 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती की जिला आवंटन सूची को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। बेसिक शिक्षा परिषद मुख्यालय से प्रतियोगियों के प्रतिनिधि मंडल को बैरंग लौटना पड़ा।


परिषद की ओर से कहा गया कि उनके पास कोई जिला आवंटन सूची नहीं है। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग शिक्षक भर्ती में आरक्षण का सही तरीके से पालन न करने के आरोप की सुनवाई कर रहा है। इसको लेकर के बनी सहमति थी कि 11 अक्टूबर को उक्त मामले में वार्ता करके स्थिति स्पष्ट की जाएगी। 


इसको लेकर प्रतियोगियों का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल रविवार को परिषद मुख्यालय पर पहुंचा। लेकिन, उन्हें लिस्ट नहीं दी गई। कहा गया कि इस मामले पर विचार चल रहा है। प्रतियोगियों का कहना है कि संयुक्त सचिव विजय शंकर मिश्र ने कोई भी लिस्ट नहीं होने की बात कही है।


युवा मंच के अध्यक्ष अनिल सिंह का कहना है कि सरकार की मनमानी व अधिकारियों की मिलीभगत से भर्ती पूरी नहीं की जा रही है। मुख्यालय पर लोहा सिंह, सतेंद्र सिंह सीटू, प्रशांत पाल, शोभित सूर्या, अनिल यादव, सौरभ यादव उपस्थित रहे। इस मामले को लेकर बेसिक शिक्षा परिषद के संयुक्त सचिव विजय शंकर मिश्र को कॉल किया गया। लेकिन, उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।

69000 शिक्षक भर्ती को लेकर बेमियादी धरना आज से

69000 शिक्षक भर्ती को लेकर बेमियादी धरना आज से

69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी बेसिक शिक्षा परिषद मुख्यालय पर करेंगे सत्याग्रह

 
प्रयागराज : परिषदीय विद्यालयों के लिए निकली 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती के आवेदन में त्रुटि करने वाले सैकड़ों अभ्यर्थियों ने सुधार का मौका न मिलने पर आंदोलन करने का निर्णय लिया है। अभ्यर्थियों ने सरकार से त्रुटियों में सुधार करने का मौका मांगा था। लेकिन, बेसिक शिक्षा परिषद ने उन्हें मौका नहीं दिया। इससे नाराज अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा परिषद मुख्यालय पर सोमवार से अभ्यर्थी अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू करने का निर्णय लिया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि उनकी मांग पर जल्द गौर न किया गया तो वे आत्मदाह करने को मजबूर होंेगे।

अभ्यर्थियों का कहना है कि एनआइसी के सर्वर में तकनीकी खराबी के कारण आवेदन में कुछ त्रुटि हुई है। सुधार का मौका न मिला तो अच्छी मेरिट हासिल करने के बाद भी वह गुणांक के प्रभावित होने से चयन से बाहर हो जाएंगे। तर्क दिया कि त्रुटि सुधारने का मौका उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग जैसी संस्था भी अभ्यर्थियों को देती है। लेकिन, परिषद ऐसा नहीं कर रहा है।

 
69 हजार शिक्षक भर्ती से जुड़े कई सवालों को लेकर अभ्यर्थी 12 अक्तूबर से बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय में क्रमिक अनशन और बेमियादी धरना-प्रदर्शन करने जा रहे हैं। 


आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमर बहादुर गौतम ने कहा कि जब तक अभ्यर्थियों की मांगें पूरी नहीं होती हैं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। अभ्यर्थी मांग कर रहे हैं कि 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया में अअेदन करते समय फॉर्म में हुईं त्रुटि को संशोधित करने का अवसर दिया जाए।

Sunday, October 11, 2020

बेसिक शिक्षा में 1.37 लाख पदों पर भर्ती, लिखित परीक्षा के जरिये हो रही भर्तियां

बेसिक शिक्षा में 1.37 लाख पदों पर भर्ती,  लिखित परीक्षा के जरिये हो रही भर्तियां


बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में सहायक अध्यापक भर्ती में शैक्षिक मेरिट पर चयन होता रहा है। इसमें बह अभ्यर्थी भी आसानी से शिक्षक बनने में सफल हो जाते रहे, जो नकल या फिर अन्य माध्यम से अच्छे अंकों हासिल कर लेते थे। इससे योग्य युवाओं में निराशा होती थी। सरकार ने निर्णय लिया कि बेसिक शिक्षकों की भर्ती के लिए उन्हें अब लिखित परीक्षा देनी होगी। 


पहली बार 68500 सहायक अध्यापक भर्ती के लिए प्रदेश में लिखित परीक्षा कराई गई। यह परीक्षा ओएमआर आधारित नहीं थी, बल्कि हर परीक्षार्थी को उसका लिखकर जबाब देना पड़ा। इससे यह देखा गया कि प्रतियोगी में लिखने की कितनी क्षमता है। इस भर्ती में अब तक 47 हजार से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति हो चुकी है और सैकड़ों अभ्यर्थी नियुक्ति पाने की दौड़ में हैं। 


अगले वर्ष 2019 में सरकार ने 69000 सहायक अध्यापकों की भर्ती की लिखित परीक्षा कराई। भर्ती में कटऑफ अंक के मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आना शेष है। 


इसके अलावा 12460 भर्ती में एक तिहाई पदों पर चयन हो चुका है। 1.37 लाख पदों की भर्ती शिक्षामित्रों के समायोजित शिक्षक पद से हटाने के बाद घोषित की गई थी। शासन अब रिक्त पदों का ब्योरा जुटा रहा है।

Friday, October 9, 2020

31661 शिक्षक भर्ती की सूची समानुपात से जारी करने की मांग

31661  शिक्षक भर्ती की सूची समानुपात से जारी करने की मांग


परिषदीय विद्यालयों के लिए 69000 शिक्षक भर्ती की मेरिट में शामिल बड़ी संख्या में अभ्यर्थी बृहस्पतिवार को सचिव बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय पहुंचे। इन अभ्यर्थियों ने सचिव से मांग की कि 31661 शिक्षकों की भर्ती की मेरिट तैयार करते समय यह ध्यान दिया जाए कि अधिक अंक वाले अभ्यर्थियों को कम सीट वाला जिला आवंटित न कर दिया जाए। कम सीट वाला जिला आवंटित करने पर उनके चयन से बाहर हो जाने का खतरा है।


 इन अभ्यर्थियों का कहना था कि अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा का आदेश था कि आरक्षण एवं जनपद को ध्यान में रखते हुए समानुपात रूप में चयन सूची जारी की जाए। जिससे कम सीट वाले जिले में अधिक मेरिट वाला अचयनित हो जाएगा एवं ज्यादा सीटों वाले जिलों में निम्न गुणांक वाले चयनित हो जाएंगे। बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय पहुंचे छात्रों का कहना था कि सचिव प्रताप सिंह बघेल कह रहे थे कि जब तक शासन से कोई आदेश नहीं आएगा हम कुछ नहीं कर सकते। सचिव से मिलने वालों में राहुल तिवारी, आयुष दुबे, आकाश पांडेय, दिनेश कुमार यादव शामिल रहे।

Thursday, October 8, 2020

69000 शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़े के आरोपियों की तलाश में लगातार धरपकड़

69000 शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़े के आरोपियों की तलाश में लगातार धरपकड़

 
प्रयागराज। शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़े के तीन आरोपियों की तलाश में बुधवार को दबिश दी गई। पेपर आउट कराने के आरोपी रहे चंद्रमा सिंह यादव की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब इन तीनों को पकड़ने की कवायद में जुट गई है। तीनों के घर कुर्की का नोटिस भी चस्पा किया गया है। उधर, एक अन्य आरोपी मायापति दुबे को अदालत से राहत मिलने की खबर है।


69 हजार शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़ा के आरोपी चंद्रमा सिंह यादव को एसटीएफ ने दो दिन पहले गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। चंद्रमा की गिरफ्तारी के बाद अब एसटीएफ को शिवदीप, सत्यम और शैलेश की तलाश है। कुछ दिन पहले ही इन तीनों और चंद्रमा के घर पर 82 की कार्रवाई (कुर्की का नोटिस) की गई थी। चंद्रमा की गिरफ्तारी के बाद अब एसटीएफ इन तीनों को पकड़ने में जुट गई है। हालांकि, तीनों केएल पटेल के छोटे मोहरें ही हैं।
एसटीएफ अधिकारियों ने बताया कि भदोही के रहने वाले मायापति दुबे को अदालत से गिरफ्तारी से छूट की राहत मिल गई है। इस कारण उसकी तलाश में दबिश नहीं दी जा रही है। शिवदीप, सत्यम और शैलेश की तलाश में आज गंगापार के कई इलाकों में दबिश दी गई। उनके रिश्तेदारों के साथ ही केएल पटेल के करीबियों के घर भी उनकी तलाश की गई। घटना के बाद से ही वे मोबाइल का प्रयोग नहीं कर रहे हैं। इस कारण और भी परेशानी हो रही है। गुरुवार को भी दबिश जारी रहेगी। एसटीएफ सूत्रों ने यह भी बताया कि चंद्रमा सिंह और बचे आरोपी साथ में नहीं थे। चंद्रमा रिपोर्ट दर्ज होने के बाद फरार हो गया था। वह अन्य आरोपियों से संपर्क में नहीं था। एसटीएफ मानकर चल रही है कि केएल पटेल ही मुख्य सरगना है, उसी ने बचे आरोपियों के रहने का इंतजाम किया है। इसी कारण उसके रिश्तेदारों और करीबियों पर नजर रखी जा रही है।
शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़ा करने के आरोपियों (बचे हुए) की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। एक दो दिन में सभी को पकड़ लिया जाएगा। नीरज पांडेय, एएसपी एसटीएफ

Thursday, October 1, 2020

69000 शिक्षक भर्ती आवेदन फॉर्म में हुई मामूली त्रुटि को सुधारने का हाईकोर्ट ने दिया आदेश

69000 शिक्षक भर्ती आवेदन फॉर्म में हुई मामूली त्रुटि को सुधारने का हाईकोर्ट ने दिया आदेश

 
प्रयागराज : हाईकोर्ट ने 69000 सहायक अध्यापक भर्ती आवेदन फॉर्म में अभ्यर्थियों की ओर से की गई मामूली त्रुटि को सुधारने का मौका दिया है। कोर्ट ने इस बावत सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को निर्देश दिया है। यह आदेश


न्यायमूíत अजीत कुमार ने सरिता की याचिका पर दिया है। याची के अधिवक्ता गोपाल खरे का कहना था कि याची ने आवेदन फॉर्म भरते समय इंटरमीडिएट का रोल नंबर और बीएड का प्राप्तांक भरने में गलती कर दी। इन मामूली त्रुटियों की वजह से उसका अभ्यर्थन स्वीकार नहीं किया जा रहा है। अधिवक्ता का कहना था कि हाईकोर्ट ने ऐसे ही कुछ मामलों में त्रुटि सुधार का अवसर देने का निर्देश दिया है। साथ ही अर्चना चौहान केस में सुप्रीम कोर्ट ने भी मानवीय भूल को सुधारने का मौका दिया है। कोर्ट ने सचिव से कहा कि वह याची की ओर से त्रुटि सुधारने के आवेदन पर विचार कर निर्णय लें। याची को एक सप्ताह में अपना प्रत्यावेदन सचिव को देने का निर्देश दिया है।

Wednesday, September 30, 2020

69000 भर्ती में त्रुटि सुधार का मौका देने की मांग के लिए शिक्षामित्रों ने दिया धरना

69000 भर्ती में त्रुटि सुधार का मौका देने की मांग के लिए शिक्षामित्रों ने दिया धरना


69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में आवेदन पत्र में हुई त्रुटि के कारण चयन से वंचित रह रहे शिक्षा मित्रों ने सोमवार को बेसिक शिक्षा निदेशालय पर धरना प्रदर्शन किया।


शिक्षामित्रों ने निदेशक सर्वेंद्र विक्रम सिंह और महानिदेशक विजय किरन आनंद से मौका देने की मांग की। शिक्षामित्रों ने बताया कि 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में शिक्षामित्रों ने 65 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर परीक्षा उत्तीर्ण की। नियमानुसार उन्हें अधिकतम 25 भारांक का लाभ मिलना चाहिए। लेकिन परीक्षा के आवेदन पत्र में त्रुटिवश विशिष्ट बीटीसी की जगह बीटीसी फीड होने से उन्हें शिक्षामित्रों को मिलने वाले भारांक से वंचित किया जा रहा है। 


प्रदर्शन में शिक्षा मित्र संघ के अध्यक्ष अभय कुमार सिंह, अनुभा वर्मा, शशि वर्मा, देवेश त्रिपाठी और रागिनी सिंह शामिल थे व्यूरो

Monday, September 28, 2020

उच्च शिक्षा : नए निदेशक पर रहेगी शिक्षक भर्ती का अधियाचन जारी कराने की चुनौती

नए निदेशक पर रहेगी शिक्षक भर्ती का अधियाचन जारी कराने की चुनौती

 प्रयागराज : उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. वंदना शर्मा 30 सितंबर को सेवानिवृत्त हो जाएंगी। नए निदेशक के रूप में संयुक्त सचिव उच्च शिक्षा डॉ. अमित भारद्वाज का नाम सुर्खियों में है। माना जा रहा है कि वही नए निदेशक बनेंगे। वैसे, निदेशक चाहे जो बने, उसे तमाम चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। सबसे बड़ी चुनौती असिस्टेंट प्रोफेसर पद की भर्ती का अधियाचन जारी कराने का है। अगस्त में निदेशालय ने 1303 पदों का अधियाचन जारी किया था। लेकिन, क्षैतिज आरक्षण का मानक तय न होने के कारण भर्ती फंस गई है। वहीं, नई भर्ती का अधियाचन भी तैयार कराना होगा।


उच्च शिक्षा की मौजूदा निदेशक डॉ. वंदना शर्मा ने अपने एक साल के कार्यकाल में व्यवस्था दुरुस्त करने का प्रयास किया था। पटलों में व्याप्त भ्रष्टाचार को दूर करने में असमर्थ रहीं। पटल पर्वितन को लेकर शासन में शिकायत हुई है। शासन ने डॉ. अमित जांच अधिकारी बनाकर निदेशालय भेजा था। लेकिन, जांच रिपोर्ट गुमनामी में खो गई। अभी तक उसके अनुरूप कोई कार्रवाई नहीं हुई। नए निदेशक को पटलों की व्यवस्था दुरुस्त करनी होगी। इसके साथ डिग्री कालेजों में 27 शिक्षकों की नियुक्ति में गड़बड़ी मिली है। इसमें से दो के खिलाफ कार्रवाई हुई है। बचे 25 के खिलाफ कुछ नहीं किया गया। यह मामला भी निस्तारित करना होगा।


पठन-पाठन कराना होगा दुरुस्त

कोरोना के कारण घोषित लॉकडाउन से राज्य विश्वविद्यालय व डिग्री कालेजों का पठन-पाठन पटरी से उतर चुका है। नए निदेशक के समक्ष पठन-पाठन व्यवस्था दुरुस्त करने की चुनौती होगी।

Sunday, September 27, 2020

ओबीसी अभ्यर्थियों ने शिक्षा निदेशालय का घेराव किया, पिछड़ा वर्ग आयोग की रोक के बावजूद भर्ती की कोशिश पर उपजा आक्रोश

ओबीसी अभ्यर्थियों ने शिक्षा निदेशालय का घेराव किया, पिछड़ा वर्ग आयोग की रोक के बावजूद भर्ती की कोशिश पर आक्रोश


ओबीसी एससी अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा निदेशालय के बाहर किया जबरदस्त प्रदर्शन, पुलिस प्रशासन को छकाया


लखनऊ।   69000 शिक्षकों की भर्ती में अनिमियता का आरोप लगाते हुए ओबीसी, एससी व एसटी के अभ्यर्थियों ने शनिवार को बेसिक शिक्षा निदेशालय का घेराव किया। अभ्यर्थियों ने जोरदार नारेबाजी की तथा शिक्षा निदेशालय के पास रोड जाम करने का प्रयास किया। उनकी संख्या ज्यादा देख प्रशासन ने इन्हें ईको गार्डेन धरना स्थल खदेड़ा। 


अभ्यर्थियों ने कहा कि वह अब तभी वापस जाएंगे जब मुख्यमंत्री उन्हें न्याय का आश्वासन देंगे। उनका कहना था कि भर्ती में ओबीसी व एसी के छात्रों के साथ नाइंसाफी की गयी है। अभ्यर्थियों ने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग ने भर्ती प्रक्रिया में घोर अनियमितायें की हैं। 


भर्ती प्रक्रिया पर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने जुलाई 2020 में में ही रोक लगा दी थी। फिर किस आधार पर भर्ती की जा रही है। आयोग ने ओबीसी के साथ नाइंसाफी की जानकारी पर ही रोक लगायी थी। अभ्यर्थियों ने कहा कि जब सब कुछ पारदर्शी तरीके से हुआ है तो शिक्षक भर्ती की मूल चयन सूची, शैक्षिक गुणांक सहित वर्गवार इसकी सूची क्यों नहीं जारी की जा रही है। क्यों नहीं आयोग को इसकी पूरी सूचना दी जा रही है।


 एमआरसी की आड़ में ओबीसी व एससी का आरक्षण छीना जा रहा है। इसे अभ्यर्थी बर्दास्त नहीं करेंगे। कोर्ट व आयोग में मूल चयन सूची उपलब्ध करायी जाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात नहीं होगी, मुख्यमंत्री से न्याय का आश्वासन नही मिलेगा तब तक वह नहीं जाएंगे। उनका धरना अनवरत जारी रहेगा। अभ्यर्थियों का कहना था कि आयोग का फैसला आने के बाद हो भर्ती की जाए। सरकार जल्दबाजी क्यों कर रही है? 


प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक मांग नहीं मानी जाएगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। हंगामे के बाद बेसिक शिक्षा निदेशक सर्वेद्र विक्रम बहादुर सिंह, बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव प्रताप सिंह बघेल तथा संयुक्त निदेशक गणेश कुमार अभ्यर्थियों से मिलने धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने आश्वासन दिया कि अभ्यर्थियों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। अभ्यर्थियों ने अधिकारियों से लिखित आश्वासन मांगा। लेकिन अधिकारियों ने लिखित आश्वासन देने में असमर्थता जताई।

Monday, September 21, 2020

पिछड़ा वर्ग आयोग के निर्णय के खिलाफ 69000 शिक्षक भर्ती करने पर आंदोलन की चेतावनी

पिछड़ा वर्ग आयोग के निर्णय के खिलाफ 69000 शिक्षक भर्ती करने पर आंदोलन की चेतावनी

 
लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद में 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती के ओबीसी अभ्यर्थियों ने 67 हजार 887 चयनित अभ्यर्थियों में से 31 हजार 361 को नियुक्ति देने के सरकार के निर्णय को राष्ट्रीय ओबीसी आयोग को अवमानना बताया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि आयोग ने भर्ती पर स्थगन आदेश दे रखा है, उसके बाद सरकार नियुक्ति कैसे कर सकती है।


 अभ्यर्थियों ने आगामी दिनों में लखनऊ में आंदोलन की चेतावनी दी है। उधर, विभाग का दावा है कि आयोग को वस्तुस्थिति से अवगत करा दिया गया है, नियुक्ति सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के तहत ही दी जा रही है। आरक्षण एवं एमआरसी लीगल टीम के प्रवक्ता विजय यादव का कहना है कि ओबीसी आयोग के उपाध्यक्ष लोकेश प्रजापति ने 7 जुलाई को भर्ती पर रोक लगाई थी। 


आयोग ने स्पष्ट किया था कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय होने के बाद भी आयोग की ओर से मामले में निर्णय देने तक भर्ती पर रोक रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने आयोग के आदेश के तहत अभी तक सरकार इस 69000 सहायक शिक्षक भर्ती की वर्ग बार शैक्षिक गुणांक सहित मूल चयन सूची उपलब्ध नहीं कराई है।