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Wednesday, March 3, 2021

एडेड जूनियर हाईस्कूल शिक्षक भर्ती में शिक्षक बनने के लिए बढ़ी दावेदारों की तादाद

एडेड जूनियर हाईस्कूल शिक्षक भर्ती में शिक्षक बनने के लिए बढ़ी दावेदारों की तादाद


एडेड जूनियर हाईस्कूलों में रिक्त शिक्षकों के 1894 पदों की भर्ती प्रक्रिया शुरू है। इसके लिए उच्च प्राथमिक स्तर की शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण होना जरूरी है। प्रदेश की यूपीटीईटी उत्तीर्ण करीब चार लाख से अधिक हैं, जबकि सीटीईटी के अभ्यर्थी अलग से हैं। इसी बीच केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने जनवरी 2021 की सीटीईटी का परिणाम घोषित किया है। इससे दावेदारों की संख्या में और इजाफा हो गया है। 


प्रदेश में हर साल एक व केंद्र की ओर से दो बार शिक्षक पात्रता परीक्षा कराई जाती है। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर की दो परीक्षाएं होती हैं। अर्हता परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थी ही प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों की भर्तियों में शामिल हो सकते हैं, इधर उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा उत्तीर्ण करने वालों को मौका नहीं मिल पा रहा था। 


हर वर्ष परीक्षा उत्तीर्ण करने वालों की संख्या अधिक रही है। सरकार ने युपीटीईटी 2020 कराने से पहले ही एडेड जूनियर हाईस्कूल भर्ती प्रक्रिया शुरू की है, ताकि सालों से नियुक्ति पाने का इंतजार करने वालों को अवसर मिल सके। वर्ष 2013 में विज्ञान व गणित के 29334 शिक्षकों की भर्ती बेसिक शिक्षा परिषद के उच्च प्राथमिक स्कूलों में हुई थी। इस बार भर्ती में पदों को संख्या 1894 ही है लेकिन, एक पद पर दावेदारों की संख्या कई गुना हो सकती है।

Tuesday, February 23, 2021

बीटेक डिग्री वाले नहीं बन सकते गणित के शिक्षक, हाईकोर्ट ने शिक्षक बनने की योग्यता में छूट देने से किया इंकार, जाने पूरा मामला

बीटेक डिग्री वाले नहीं बन सकते गणित के शिक्षक, हाईकोर्ट ने शिक्षक बनने की योग्यता में छूट देने से किया इंकार, जाने पूरा मामला



बीटेक (इंजीनियरिंग) की डिग्री वाले व्यक्ति गणित के शिक्षक (टीजीटी) नहीं बन सकते। उच्च न्यायालय ने केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) द्वारा बीटेक की डिग्री धारक महिला को गणित विषय के शिक्षक नियुक्त करने से इनकार किए जाने को सही ठहराते हुए यह फैसला दिया है। न्यायालय ने कहा कि गणित विषय के टीजीटी बनने के लिए स्नातक में सभी वर्षों में गणित विषय का अध्ययन जरूरी है।



जस्टिस मनमोहन और आशा मेनन की पीठ ने कहा कि बीटेक में एक या दो सेमेस्टर में गणित पढ़ाई जाती है। ऐसे में बीटेक की डिग्री को गणित में स्नातक नहीं माना जा सकता है। उच्च न्यायालय ने इसके साथ ही सुभाश्री दास की ओर से दाखिल याचिका को खारिज कर दिया। उन्होंने लिखित परीक्षा में उतीर्ण होने के बाद भी केवीएस द्वारा गणित के टीजीटी के लिए पर्याप्त योग्यता नहीं होने के आधार पर साक्षात्कार में शामिल होने से वंचित किए जाने के फैसले को चुनौती दी थी। उच्च न्यायालय ने शिक्षक बनने की योग्यता में किसी तरह की छूट देने से इनकार कर दिया। साथ ही कहा कि इससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होगी।


याचिकाकर्ता सुभाश्री दास की उन दलीलों को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि राष्ट्रीय शैक्षणिक शिक्षा परिषद ने 2015 में बीटेक की डिग्री के आधार पर बीएड करने की अनुमति दी है। ऐसे में केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा उन्हें गणित का टीजीटी बनने से अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता है। याचिका में कहा गया था कि केवीएस को ऐसा करने का अधिकार नहीं है। याचिका में यह भी कहा गया था कि केवीएस ने इस पद के लिए केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा और बीएड अनिवार्य योग्यता बताया था। ऐसे में बीटेक की डिग्री के आधार पर बीएड करने वाले को गणित का टीजीटी बनने से नहीं रोका जा सकता।


एनसीटीई का निर्देश बाध्यकारी नहीं
उच्च न्यायालय ने कहा है कि याचिकाकर्ता ऐसा कोई नियम बताने में पूरी तरह से नाकाम रहा है जिसमें यह कहा गया हो कि राष्ट्रीय शैक्षणिक शिक्षा परिषद द्वारा बीएड पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए तय मानदंड सभी सरकारों, संस्थानों और संगठनों के लिए बाध्यकारी हो। पीठ ने याचिकाकर्ता की उन दलीलों को सिरे से ठुकरा दिया, जिसमें कहा गया था कि कई राज्य सरकारों ने बीटेक की डिग्री के आधार पर बीएड करने वालों को शिक्षक नियुक्ति के लिए योग्य माना है।

दखल नहीं देगा अदालत
उच्च न्यायालय ने कहा कि यह मामला केवीएस में शिक्षा के गुणवत्ता से जुड़ा है, जहां शिक्षा के उच्च मानदंड को पूरा करना है। न्यायालय ने कहा कि जहां योग्यता का उच्च मानक स्थापित करना है, ऐसे मामलों में न्यायालय हस्तक्षेप नहीं करेगा।

2018 में निकली थी भर्ती
केवीएस ने 2018 में शिक्षकों की भर्ती निकाली थी। इसमें याचिकाकर्ता सुभाश्री ने भी आवेदन किया था। उन्होंने लिखित परीक्षा में सामान्य श्रेणी में 83वां स्थान प्राप्त किया था। लेकिन, केवीएस ने पर्याप्त योग्यता नहीं होने के आधार पर उन्हें साक्षात्कार से वंचित कर दिया। इसके खिलाफ उन्होंने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण में याचिका दाखिल की। न्यायाधिकरण ने भी मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी।

Wednesday, February 17, 2021

अल्पसंख्यक अशासकीय महाविद्यालयों और माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक भर्ती अटकी

अल्पसंख्यक अशासकीय महाविद्यालयों और माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक भर्ती अटकी



प्रयागराज। प्रदेश में अल्पसंख्यक अशासकीय महाविद्यालयों और अल्पसंख्यक माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक भर्ती अटकी हुई है। शासन ने भर्ती पर रोक लगा रखी है। हालांकि कुछ कॉलेजों ने शासन से विशेष अनुमति लेकर अपने यहां भर्तियां की हैं, लेकिन ज्यादातर कॉलेजों में भर्तियां नहीं हुईं हैं। अब नए शिक्षा सेवा आयोग के गठन के बाद अल्पसंख्यक अशासकीय महाविद्यालयों एवं विद्यालयों में भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।


दरअसल, अल्पसंख्यक अशासकीय महाविद्यालयों और अल्पसंख्यक अशासकीय विद्यालयों में भर्ती की प्रक्रिया प्रबंधन के जिम्मे होती थी। भर्ती में मनमानी और गड़बड़ी के अक्सर आरोप लगते रहते थे। ऐसे में शासन को भर्ती पर रोक लगानी पड़ी। तैयारी थी कि भर्ती संस्थाओं के माध्यम से ऐसे महाविद्यालयों एवं विद्यालयों में भर्ती कराई जाएगी। फिलहाल, उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग अशासकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के 2003 पदों पर प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए नोटिफिकेशन भी जारी किया जा चुका है, लेकिन इसमें अल्पसंख्यक अशासकीय महाविद्यालय शामिल नहीं हैं। वहीं, माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड भी अशासकीय विद्यालयों में टीजीटी-पीजीटी भर्ती शुरू करने वाला हैं, लेकिन इसमें भी अल्पसंख्यक अशासकीय विद्यालय शामिल नहीं हैं।


प्रदेश में अल्पसंख्यक अशासकीय महाविद्यालयों की संख्या 21 है। इनमें से कुछ महाविद्यालयों की ओर से शासन में प्रार्थनापत्र देकर भर्ती की अनुमति मांगी गई थी। इन महाविद्यालयों में भर्ती भी हुई, लेकिन ज्यादातर अल्पसंख्यक अशासकीय महाविद्यालयों में अब भी असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती पर रोक लगी हुई है। सूत्रों का कहना है कि प्रदेश में नए शिक्षा सेवा आयोग का गठन होने वाला है। आयोग के गठन के बाद अल्पसंख्यक अशासकीय महाविद्यालयों और अल्पसंख्यक माध्यमिक विद्यालयों में भर्ती शुरू होने के पूरे आसार हैं।

Sunday, February 14, 2021

यूपी : बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा, 69000 शिक्षक भर्ती में खाली 1280 पदों पर केस-टू-केस विचार कर लिया जाएगा जल्द निर्णय

यूपी : बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा, 69000 शिक्षक भर्ती में खाली 1280 पदों पर केस-टू-केस विचार कर लिया जाएगा जल्द निर्णय

प्रदेश के सभी जिलों के बीएसए कार्यालय का होगा कायाकल्प

उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सतीश द्विवेदी ने शनिवार को अनुसूचित जनजाति बाहुल्य इलाकों में एकलव्य विद्यालय खोले जाने की घोषणा की। इसके तहत यूपी के लखनऊ, बिजनौर, सोनभद्र व श्रावस्ती जिले में ये विद्यालय खोले जाएंगे। यूपी में अभी तक बहराइच व लखीमपुर खीरी में दो विद्यालय संचालित हो रहे हैं। 


शनिवार को  69 हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के रिक्त पदों के सवाल पर कहा कि इसमें कुल 1280 पदों पर विभिन्न कारणों से नियुक्ति रोकी गई है। केस-टू-केस मामलों की सुनवाई कर जल्द से जल्द निस्तारण का निर्देश दिया गया है। परिषदीय स्कूलों में माननीय व अफसरों के बच्चों के पढ़ने के सवाल पर बोले कि योगी सरकार के प्रयास से समय बदल रहा है। अब नो एडमिशन का बोर्ड परिषदीय स्कूलों के बाहर भी लगने लगा है।  


प्रदेश के सभी जिलों के बीएसए कार्यालय का होगा कायाकल्प
शिक्षा मंत्री ने बताया कि जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालयों का कायाकल्प किया जाएगा। बस्ती से इसकी शुरुआत करते हुए बीएसए जगदीश शुक्ल के प्रयासों को सराहा और बोले कि जिस तरह सभी परिषदीय स्कूलों को भौतिक व आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है, उसी तर्ज पर बीएसए कार्यालय का भी नवीनीकरण व सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। वह बस्ती में मिशन प्रेरणा गोष्ठी एवं बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के भवन का लोकार्पण करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मिशन प्रेरणा की उपलब्धियों पर चर्चा के साथ ही जनपद के 100 से अधिक उत्कृष्ट शिक्षकों को बेहतर कार्य के लिए सम्मानित किया। 

Friday, February 5, 2021

69000 भर्ती : पति की जाति का प्रमाणपत्र लगाने पर नियुक्ति देने से इंकार पर जवाब तलब

69000 भर्ती :  पति की जाति का प्रमाणपत्र लगाने पर नियुक्ति देने से इंकार पर जवाब तलब


69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में चयनित ओबीसी अभ्यर्थी द्वारा अपने पति की जाति का प्रमाण पत्र लगाने पर उसे नियुक्ति से बाहर करने पर बेसिक शिक्षा परिषद और राज्य सरकार से जानकारी मांगी है। याची अभ्यर्थी का कहना है कि उसके पति भी ओबीसी हैं इसलिए उनकी जाति का प्रमाणपत्र लगाने से उसे आरक्षण के लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता है। 


मथुरा की सविता की याचिका पर न्यायमूर्ति अजय भनोट सुनवाई कर रहे हैं। याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि था याची का 69 हजार सहायक अध्यापक में चयन हो गया। 15 अप्रैल 20 को उसकी काउंसलिंग हो गई  और  उसे मथुरा में विद्यालय आवंटन भी कर दिया  गया। चार दिसंबर 20 को जारी शासनादेश के क्लाज 3(2) का हवाला देते हुए याची की नियुक्ति इस आधार पर निरस्त कर दी गई कि उसने अपने जाति प्रमाणपत्र में पति की जाति का प्रमाणपत्र न लगाकर पति की जाति का प्रमाणपत्र लगाया है।


अधिवक्ता का कहना था कि याची ओबीसी वर्ग की है और उसने ओबीसी से ही शादी की है। ऐसे में उसे ओबीसी कोटे के तहत आरक्षण का लाभ देने से इंकार नहीं किया जा सकता है। याची का यह भी कहना था कि उसका गुणांक सामान्य वर्ग की अंतिम चयनित महिला अभ्यर्थी से अधिक है। इस आधार पर वह सामान्य वर्ग में चयनित किए जाने योग्य है इसलिए उसकी नियुक्ति रद्द नहीं की जा सकती है। कोर्ट ने इस मामले में परिषद को जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

Monday, February 1, 2021

शिक्षकों के 1894 पदों के लिए 6.25 लाख उच्च प्राथमिक स्तर की टीईटी पास उम्मीदवार

शिक्षकों के 1894 पदों के लिए 6.25 लाख उच्च प्राथमिक स्तर की टीईटी पास उम्मीदवार


अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में प्रधानाध्यापक के 390 और सहायक अध्यापकों के 1504 पदों पर नियुक्ति के 6.25 लाख से अधिक उम्मीदवार हैं। उच्च प्राथमिक विद्यालयों में तकरीबन आठ साल बाद शिक्षक भर्ती शुरू होने से बेरोजगारों की फौज खड़ी हो गई है।



इससे पहले जुलाई 2013 में परिषदीय उच्च प्राथमिक स्कूलों में विज्ञान व गणित विषय के 29,334 सहायक अध्यापकों की भर्ती शुरू हुई थी। इसके बाद लगभग आठ साल बीतने के बाद कक्षा 6 से 8 तक के स्कूलों में भर्ती होने जा रही है। इस दौरान सात बार आयोजित उच्च प्राथमिक स्तर की टीईटी में 6,26,335 अभ्यर्थी पास हो चुके हैं।


इन अभ्यर्थियों को अब तक किसी भर्ती में मौका नहीं मिल सका है। इसमें केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) में सफल अभ्यर्थियों की संख्या शामिल नहीं है। यदि सीटीईटी पास अभ्यर्थियों की संख्या जोड़ लें तो उम्मीदवारों की कतार कहीं अधिक लंबी हो जाएगी। गौरतलब है कि विशेष सचिव शासन आरवी सिंह ने सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी को 18 जनवरी को भर्ती के संबंध में गाइडलाइन भेजते हुए जल्द भर्ती परीक्षा कराने के निर्देश दिए हैं। हालांकि अभी कुछ बिन्दुओं पर स्थिति स्पष्ट नहीं है लेकिन जल्द ही प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।

Sunday, January 3, 2021

69000 भर्ती मामले में पांच माह बाद भी नहीं सुलझा प्रश्नों के उत्तर का विवाद, विवादित प्रश्नों पर निर्णय की मांग को लेकर प्रदर्शन

69000 भर्ती : विवादित प्रश्नों पर निर्णय की मांग को लेकर प्रदर्शन

पांच माह बाद भी नहीं सुलझा प्रश्नों के उत्तर का विवाद


प्रयागराज : परिषदीय स्कूलों की 69,000 शिक्षक भर्ती में प्रश्नों के जवाब का विवाद सुलझने का नाम नहीं ले रहा है। प्रतियोगियों ने शनिवार को परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय का घेराव किया। उनकी मांग है कि जब तक विवाद का निस्तारण न हो, भर्ती के रिक्त पद न भरे जाएं। कोर्ट ने दो माह में निर्णय लेने का आदेश दिया था, लेकिन अब इसको भी पांच माह बीत चुके हैं।


शिक्षक भर्ती की अंतिम उत्तरकुंजी में तीन से चार प्रश्न ऐसे हैं, जिनके दो से अधिक उत्तर हैं। विवादित प्रश्नों को लेकर हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने तीन जून, 2020 को भर्ती प्रक्रिया पर रोक भी लगा दी थी, जबकि दो जजों की पीठ ने भर्ती पर लगी रोक को हटा लिया था। प्रकरण शीर्ष कोर्ट पहुंचा, वहां से उत्तरकुंजी से संबंधित सभी याचिकाओं को टैग कर जुलाई, 2020 में दो जजों की पीठ को विवादित प्रश्नों की जांच कर दो माह में उत्तरकुंजी के मामले निस्तारण करने का निर्देश दिया गया। इस पर अब तक कोई फैसला नहीं आया है, जबकि शिक्षक भर्ती अंतिम दौर में है। प्रतियोगियों ने ऐसे में निर्णय आने के बाद ही तीसरी काउंसिलिंग कराने की मांग की है। इसे लेकर शनिवार को अभिषेक श्रीवास्तव के नेतृत्व में परीक्षा संस्था का घेराव हुआ और सचिव को ज्ञापन सौंपा गया है। इसमें अमित यादव, अखिलेश, नवीन यादव, विवेक द्विवेदी, अनीता व कृष्णा सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।


प्रयागराज। 69000 सहायक अध्यापक भर्ती में जारी उत्तर कुंजी में बिवादित तीन से चार प्रश्नों पर निर्णय नहीं होने से परेशान शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों शनिवार को सचिव परीक्षा नियामक कार्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों का आरोप था कि हजारों की संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा नियामक प्राधिकारी की गलती की सजा भुगत रहे हैं। 




 अभ्यर्थियों का कहना था कि उत्तर कुंजी में विवादित प्रश्नों पर निर्णय नहीं होने से वह लगातार कोर्ट, बेसिक शिक्षा परिषद एवं सरकार का चक्कर लगा रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों का कहना था कि बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से दो बार भर्ती प्रक्रिया पूरी किए जाने के बाद भी आठ से 10 हजार सीटें खाली हैं। मांग की कि सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी विवादित प्रश्नों पर निर्णय लेकर तीसरी काउंसलिंग करवा खाली पदों को भरें।

Thursday, December 31, 2020

शिक्षकों की भर्ती में दोहरा मापदंड, 20 साल की सेवा के बाद देंगे परीक्षा दूसरी तरफ तीन साल में कर रहे स्थायी

शिक्षकों की भर्ती में दोहरा मापदंड,  20 साल की सेवा के बाद देंगे परीक्षा दूसरी तरफ तीन साल में कर रहे स्थायी


तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण के दोहरे मानकों से इन शिक्षकों में नाराजगी है। एक तरफ अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में 20 साल से पढ़ारहे तदर्थ शिक्षकों को नियमित होने के लिए परीक्षा और साक्षात्कार देना पड़ रहा है तो वहीं दूसरी तरफ राजकीय स्नातक एवं स्नातकोत्तर महाविद्यालयों में महज तीन साल की सेवा देने वाले प्रवक्ताओं को स्थायी करने के लिए प्रस्ताव मांगा जा रहा है।


सहायक निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. बीएल शर्मा ने 21 दिसंबर को सभी राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों को पत्र लिखकर अगस्त 2020 तक स्थायीकरण के लिए कितने प्रवक्ता बचे हैं इसकी सूचना मांगी है। यह भी पूछा है कि 2016 के पूर्व से कार्यरत कितनेप्रवक्ता स्थायी होना शेष हैं। इस बीच सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड तदर्थ शिक्षकों के लिए टीजीटी-पीजीटी 2020 भर्ती में लिखित परीक्षा और साक्षात्कार का प्रावधान कर रहा है।

30 दिसंबर 2000 के बाद नियुक्त तदर्थ शिक्षकों की मांगी सूचनाः अपर निदेशक माध्यमिक डॉ. महेन्द्र देव ने मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों और जिला विद्यालय निरीक्षकों से 30 दिसंबर 2000 के बाद नियुक्त तदर्थ शिक्षकों की सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

Tuesday, December 29, 2020

69000 शिक्षक भर्ती : पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा प्रदेश के सभी जिलों की चयन समितियों से मांगा गया जवाब

69000 शिक्षक भर्ती : पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा प्रदेश के सभी जिलों की चयन समितियों से मांगा गया जवाब


शाहजहांपुर : 69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण मानकों को लेकर राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग ने बीएसए समेत चयन समिति को तलब किया है। सदस्य सचिव के रूप में बीएसए ने आयोग के दिल्ली मुख्यालय पहुंचकर जवाब दाखिल किया है। शाहजहांपुर के अलावा बरेली, मुरादाबाद, आगरा तथा अलीगढ़ मंडल के सभी जिलाधिकारियों को भी चयन समिति समेत आयोग ने जवाब दाखिल करने के लिए नोटिस भेजा है।


इससे पूर्व सितंबर में 69 हजार शिक्षक भर्ती में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव, विशेष सचिव तथा परीक्षा नियामक प्राधिकरण सचिव को तलब किया था। 


अब प्रदेश के सभी जिलों से क्रमवार चयन समितियों से जवाब मांगा गया है। शाहजहांपुर मे 69 हजार शिक्षक भर्ती की चयन कमेटी में डायट प्राचार्य अध्यक्ष अचल कुमार मिश्र अध्यक्ष, बीएसए राकेश कुमार सदस्य सचिव समेत जिला विद्यालय निरीक्षक शौकीन सिंह यादव तथा जीजीआइसी प्रधानाचार्य विमला वर्मा सदस्य है। पिछड़ा वर्ग आयोग ने डीएम को संबोधित पत्र में चयन कमेटी को निर्धारित तिथि को आयोग पहुंचने का आदेश दिया था। जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने कमेटी के सदस्य सचिव के रूप में बीएसए को प्रकरण में जवाब के लिए नामित कर भेजा है।


राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने प्रदेश को तीन हिस्सों में बांटकर सबंधित डीएम को पत्र भेजकर जवाब के लिए बुलाया था। शाहजहांपुर से चयन समिति के सदस्य सचिव बीएसए राकेश कुमार को जवाब दाखिल करने के लिए भेज दिया गया है। जनपद की कमेटी ने शासन से मिली सूची का सिर्फ सत्यापन किया। आयोग को इससे अवगत करा दिया गया है। - इंद्र विक्रम सिंह, जिलाधिकारी

Sunday, December 20, 2020

69000 शिक्षक भर्ती घोटाले के मुख्य आरोपी को जमानत नहीं


69000 शिक्षक भर्ती घोटाले के मुख्य आरोपी को जमानत नहीं

शिक्षक भर्ती घोटाले के मुख्य आरोपी केएल पटेल की गैंगस्टर में जमानत खारिज


शिक्षक भर्ती परीक्षा में धोखाधड़ी करके फर्जी कागजात तैयार कर अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूलने के मामले के आरोपित केएल पटेल की गैंगस्टर मामले में जमानत अर्जी विशेष न्यायालय ने खारिज कर दी। यह आदेश प्रभारी विशेष न्यायाधीश अतीकउद्दीन ने आरोपित केएल पटेल उर्फ कृष्ण लाल पटेल की जमानत अर्जी पर उसके अधिवक्ता एवं गैंगस्टर मामले में शासन की ओर से नियुक्त विशेष लोक अभियोजक अतुल सिंह चौहान के तर्को तैयार करते हैं और अभ्यर्थियों से साठगांठ को सुन कर दिया।


अदालत ने कहा कि आरोपित एक संगठित गिरोह का मुखिया है जो कि आपराधिक प्रवृत्ति का है। मामले की परिस्थितियों एवं उच्चतम न्यायालय की दी गई नजीरों के प्रकाश में आरोपित को जमानत पर रिहा किए जाने का कोई पर्याप्त आधार नहीं है। लोक अभियोजक अतुल सिंह चौहान ने अदालत में तर्क दिया कि आरोपित ने एक संगठित गिरोह बना रखा है जिसका वह स्वयं लीडर है जो कि शिक्षक भर्ती घोटाला में फर्जी दस्तावेज तैयार कर के अभ्यर्थियों से मोटी रकम को वसूलता है और उसके कब्जे से फर्जी दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। 


मामला यह था कि सोरांव थाने पर थाना प्रभारी ने मुकदमा दर्ज किया था कि 13 अक्टूबर 2020 को दौरान क्षेत्र भ्रमण उन्हें सूचना मिली कि केएल. पटेल नाम  के व्यक्ति ने एक गैंग बनाया है जिसका वह स्वयं लीडर है। उसके गैंग में तमाम लोग अन्य जुड़े हुए हैं यह लोग सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी कागजात कर उनसे मोटी रकम वसूलते हैं, ऐसा करके अनुचित लाभ अर्जित करते हैं । आरोपित की ओर से तर्क दिया गया था कि वह 20 अक्टूबर 2020 से जेल में बंद है उसे फर्जी फंसा दिया गया है । उसके विरुद्ध सिर्फ एक मुकदमा पंजीकृत है जिसमें उसकी जमानत हो गई है।


जिला न्यायालय ने शिक्षक भर्ती घोटाले के मुख्य आरोपी केएल पटेल उर्फ कृष्ण लाल पटेल की गैंगेस्टर मामले में जमानत अर्जी खारिज कर दी है। यह आदेश स्पेशल जज गैंगस्टर एक्ट अतीकउद्दीन ने  विशेष लोक अभियोजक अतुल सिंह चौहान को सुन कर दिया है। प्रकरण सोरांव थाने का है। अभियुक्त पर आरोप है कि वह गैंग बनाकर गैंग के सदस्यों द्वारा सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी कागजात तैयार कर अनुचित लाभ कमाते थे।


अभियुक्त गैंग लीडर है। पुलिस ने अभियुक्त के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। अभियुक्त की ओर से प्रस्तुत जमानत अर्जी में कहा गया है कि उसे झूठा फंसाया गया है। उसकी कोई भूमिका नहीं है। जिस मुकदमे के आधार पर उसके ऊपर गैंगस्टर की कार्यवाही की गई है, उसमें  सत्र न्यायालय ने जमानत दे दी है।

Tuesday, December 15, 2020

शिक्षकों की नई भर्ती के इंतजार में डीएलएड / बीटीसी व टीईटी उत्तीर्ण प्रशिक्षु, भर्ती के लिए दबाव बनाने को 21 दिसम्बर को देंगे धरना

शिक्षकों की नई भर्ती के इंतजार में डीएलएड / बीटीसी व टीईटी उत्तीर्ण प्रशिक्षु, भर्ती के लिए दबाव बनाने को 21 दिसम्बर को देंगे धरना


डीएलएड/बीटीसी व टीईटी उत्तीर्ण प्रशिक्षु नई भर्ती की आस में एक साल से बैठे हैं। अभी तक बेसिक में 69,000 भर्ती चल रही है। बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री ने कई बार आश्वासन दिया कि 69,000 भर्ती पूर्ण होने के बाद नई भर्ती जारी करेंगे। 2019 प्रशिक्षुओं के लिए निराशाजनक रहा है। 


सोमवार को डीएलएड/बीटीसी के सभी संगठनों ने मिलकर प्रयागराज में बैठक कर निर्णय लिया कि 21 दिसंबर को लखनऊ में विशाल धरना देंगे, ताकि प्रदेश सरकार एक और भर्ती जारी करे। कहा गया कि बेसिक शिक्षा में बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं, तब भी सरकार आनाकानी कर रही है।

Tuesday, November 24, 2020

डीएलएड, बीटीसी प्रशिक्षुओं ने की नई शिक्षक भर्ती की मांग

डीएलएड, बीटीसी प्रशिक्षुओं ने की नई शिक्षक भर्ती की मांग



डीएलएड बीटीसी, प्रशिक्षण पूर्ण कर चुके प्रशिक्षुओं के लिए नई शिक्षक भर्ती शुरू करने की मांग को लेकर स्कूल शिक्षा महानिदेशक एवं बेसिक शिक्षा निदेशक को ज्ञापन सौंप।


डीएलएड 2017 बैच लगातार -ई शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर सरकार से व प्रशासन से गुहार लगा रहा है। नई शिक्षक भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों ने जिले स्तर पर विधायक, सांसद को ज्ञापन देकर भर्ती की मांग की है। मांग करने वालों में विकास सिंह, शिवम श्रीवास्तव, अमित कुमार ,गणेश यदुवंशी, देव शुक्ला आदि शामिल रहे।

Saturday, November 21, 2020

69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी के आवेदन की त्रुटि सुधारने का कोर्ट का निर्देश

69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी के आवेदन की त्रुटि सुधारने का कोर्ट का निर्देश


इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती की अभ्यर्थी डिंपल देवी के ऑनलाइन आवेदन में हुई त्रुटि सुधारने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि याची यदि काउंसिलिंग में शामिल होती है तो मूल प्रमाणपत्रों के मुताबिक उसके आवेदन की त्रुटि सुधारने की अनुमति दी जाए। ‌‌यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज भाटिया ने दिया है।


याचिका में कहा गया था कि याची ने ऑनलाइन आवेदन करते समय भूलवश गलत प्रविष्टियां कर दी थीं। इन त्रुटियों को सुधारने के लिए संबंधित अधिकारियों को प्रत्यावेदन दिया गया लेकिन इसकी अनुमति नहीं मिली। याचिका में सत्येंद्र कुमार शुक्ल के केस में हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देकर कहा गया कि इसी प्रकार के इस मामले में कोर्ट ने त्रुटि सुधारने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने इस केस के आलोक में याची को भी राहत दी है।
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आवेदन की त्रुटि सुधारने की अनुमति देने का निर्देश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 69000 सहायक अध्यापक भर्ती की अभ्यर्थी के आनलाइन आवेदन में हुई त्रुटि सुधारने की अनुमति देने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि याची यदि काउंसिलिंग में शामिल होती है तो उसके आवेदन की त्रुटि मूल प्रमाणपत्रों के अनुसार सुधारने की अनुमति दी जाए। डिंपल देवी की याचिका पर न्यायमूíत पंकज भाटिया ने सुनवाई की।


 याचिका में कहा गया कि याची ने आनलाइन आवेदन करते समय भूलवश गलत प्रविष्टियां कर दी थी। इसमें संशोधन के लिए संबंधित अधिकारियों को प्रत्यावेदन दिया था। लेकिन, उसकी अनुमति नहीं मिली। हाईकोर्ट द्वारा पारित सत्येंद्र कुमार शुक्ल केस का हवाला देकर कहा गया कि इस केस में ठीक इसी प्रकार के मामले में हाईकोर्ट ने त्रुटि सुधारने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने उक्त केस के आलोक में याची को भी राहत दी है।

Wednesday, November 18, 2020

बेसिक शिक्षा विभाग की 4000 उर्दू शिक्षकों की भर्ती में देरी के खिलाफ प्रदर्शन

बेसिक शिक्षा विभाग की 4000 उर्दू शिक्षकों की भर्ती में देरी के खिलाफ प्रदर्शन


अंबेडकरनगर। उर्दू शिक्षकों की भर्ती में लापरवाही बरते जाने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को पीस पार्टी कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के निकट प्रदर्शन किया। कहा गया कि 4 हजार उर्दू शिक्षकों की भर्ती होनी थी, लेकिन शासन द्वारा जानबूझकर भर्ती प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है। इससे उर्दू शिक्षक बनने की उम्मीद लगाए युवक-युवतियों को तगड़ा झटका लगा है। चेतावनी देते हुए कहा गया कि यदि शीघ्र ही भर्ती प्रक्रिया नहीं शुरू की गई, तो कलेक्ट्रेट के निकट अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।


जिलाध्यक्ष अफजाल अंसारी ने कहा कि प्रदेश में 4 हजार उर्दू शिक्षकों की भर्ती होनी थी। युवाओं ने इसके लिए आवेदन भी किया। इसके बाद से भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। आरोप लगाते हुए कहा कि शासन जानबूझकर भर्ती प्रक्रिया में विलंब कर रहा है। प्रदेश सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि इस प्रकार की उपेक्षा कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भाजपा ने सबका साथ, सबका विकास नारा दिया था, इसे अब भूल रही है।
अल्पसंख्यकों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। उनके हित की अनदेखी की जा रही है। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मांग करते हुए कहा कि उर्दू शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को अविलंब शुरू किया जाए। 


वक्ताओं ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया न शुरू होने से बड़ी संख्या में बेरोजगार युवक युवतियां को तगड़ा झटका लगा है। कहा कि वर्ष 2016 में इसे लेकर राष्ट्रीय आह्वान पर पीस पार्टी कार्यकर्ताओं ने 56 दिन का धरना दिया था।


उस समय भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक नहीं शुरू हो सकी। चेतावनी देते हुए कहा गया कि यदि शीघ्र ही भर्ती प्रक्रिया नहीं शुरू की गई, तो कलेक्ट्रेट के निकट अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा। बाद में राज्यपाल को संबोधित शिकायतीपत्र नायब तहसीलदार को सौंपा गया। इस दौरान हाजी वलीउल्लाह, गुलाम रसूल, मोहम्मद अख्तर, हाजी मुनीर, धर्मदेव, सरदार आलम आदि मौजूद रहे।

Sunday, November 15, 2020

जिला विद्यालय निरीक्षकों के खेल में प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों की शिक्षक भर्ती के पद कभी पूरे नहीं भर पाये

जिला विद्यालय निरीक्षकों के खेल में प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों की शिक्षक भर्ती के पद कभी पूरे नहीं भर पाये


■  घपलेबाजी

• माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की हर भर्ती में होता है खेल
• दो दशक की हर भर्ती में विज्ञापित पदों से कम पर हुआ चयन
• टीजीटी-पीजीटी 2016 के चयनित शिक्षक तैनाती को भटक रहे


जिला विद्यालय निरीक्षकों के खेल में प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों की शिक्षक भर्ती के पद कभी पूरे नहीं भर पाते। पिछले दो दशक में हुई भर्तियों पर गौर करें तो हर बार प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) और प्रवक्ता (पीजीटी) के विज्ञापित पदों की तुलना में कम चयन हो सका है।


डीआईओएस पहले तो रिक्त पदों की सूचना भेज देते हैं लेकिन उसके बाद पीछे से स्कूल प्रबंधकों से साठगांठ कर किसी न किसी बहाने पद भरने की अनुमति देते हैं और चयन बोर्ड को पत्र भेजकर सत्यापन निरस्त करने को कहते हैं। इसी का नतीजा है कि चयनित शिक्षक तैनाती के लिए अरसे तक दर-दर की ठोकरें खाते हैं।


टीजीटी-पीजीटी 2016 के 125 से अधिक चयनित शिक्षकों को तैनाती नहीं मिल सकी है। आप यह खबर प्राइमरी का मास्टर डॉट इन पर पढ़ रहे हैं। समायोजन की मांग लेकर ये चयनित शिक्षक स्कूल प्रबंधक, डीआईओएस कार्यालय, शिक्षा निदेशालय से लेकर चयन बोर्ड तक भटक रहे हैं। पूर्व में सुप्रीम कोर्ट भी चयन बोर्ड को फटकार चुका है।


कब-किस भर्ती में भरे कितने पद

2013 के टीजीटी में विज्ञापित 6028 पदों में से 4795 और पीजीटी के 1117 में से 922 पर चयन हो सका। 2011 के टीजीटी के 1479 पदों में से 1397 और पीजीटी के 393 में से 313, 2010 के टीजीटी के 5990 में से 5662 जबकि पीजीटी में 959 में से 843 पद भरे जा सके थे। टीजीटी 2004 के 3039 पदों में से 2808 और पीजीटी के 1359 पदों में से 1304 पर चयन प्रक्रिया पूरी हुई थी। 2002 के टीजीटी के 3787 पदों में से 3415 पद भरे गए थे। दो दशक में अपवाद रूप में 2010 की भर्ती रही जिसमें टीजीटी के 4038 व पीजीटी के सभी 892 पदों पर भर्ती हुई थी। 2016 की भर्ती अभी चल रही है।

Wednesday, November 4, 2020

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने विश्वविद्यालयों से मांगा ब्योरा, खाली पदों को भरने की तैयारी

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अमल में जुटा शिक्षा मंत्रालय, अब विश्वविद्यालयों में खाली नहीं रहेंगे अहम पद

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने विश्वविद्यालयों से मांगा ब्योरा, खाली पदों को भरने की तैयारी

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अमल में जुटे शिक्षा मंत्रालय ने बनाई योजना

केंद्रीय विश्वविद्यालयों में खाली पड़े अहम पदों को दिसंबर तक भरने की योजना



नई दिल्ली। ।विश्वविद्यालयों में कोई भी अहम पद अब लंबे समय तक खाली नहीं रहेगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अमल में जुटा केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने इसे लेकर एक विस्तृत योजना तैयार की है। इसके तहत कुलपति सहित खाली पड़े सभी अहम पदों को दिसंबर तक भरने की योजना बनाई गई है। आगे भी इन पदों के खाली होने से पहले ही इन पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।


फिलहाल इसको लेकर सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों से ब्योरा मांगा गया है। इसमें इलाहाबाद और हैदराबाद विश्वविद्यालय सहित करीब आधा दर्जन केंद्रीय विश्वविद्यालयों में कुलपति के खाली पड़े पदों को इस महीने के अंत तक भरने का संकेत भी दिया है।


विश्वविद्यालयों में खाली पड़े प्रमुख पदों को भरने को लेकर शिक्षा मंत्रालय ने यह गंभीरता उस समय दिखाई है, जब शिक्षा नीति के प्रभावी अमल के लिए संस्थानों में स्थायी नियुक्ति पर जोर दिया गया है। साथ ही हाल ही में दिल्ली विश्वविद्यालय में जो स्थितियां निर्मित हुई, उसके बाद शिक्षा मंत्रालय और भी ज्यादा सतर्क हुआ। वहां कुलपति के छुट्टी पर होने और दूसरे अहम पदों के खाली पड़े होने से राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अमल को लेकर ढिलाई बरती जा रही थी। बैठकों में विश्वविद्यालय की ओर से कोई हिस्सा भी नहीं ले रहा था। इसके साथ ही यह भी देखा गया कि अहम पदों के खाली रहने से वहां प्रशासनिक स्तर पर अनियमितताएं भी बढ़ गई थीं। हालांकि, मंत्रालय इन पदों को भरने के लिए विश्वविद्यालय से कई बार पत्राचार कर चुका था। बावजूद इसके इन पदों को नहीं भरा गया था।


फिलहाल मंत्रालय ने इन स्थितियों को देखते हुए केंद्रीय विश्वविद्यालयों से खाली पड़े सभी अहम पदों का ब्योरा मांगा है। साथ ही इन पदों को तय समय सीमा में भरने के लिए कहा है। मंत्रालय से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, खाली पड़े पदों को दिसंबर तक भरने की योजना बनाई गई है।


आधा दर्जन विश्वविद्यालयों में कुलपति के खाली पड़े पद 25 नवंबर से पहले भरने के संकेत

इनमें करीब आधा दर्जन विश्वविद्यालयों में कुलपति के खाली पड़े पद भी हैं, जिन्हें मंत्रालय ने 25 नवंबर से पहले भरने का संकेत दिया है। साथ ही राज्यों से भी अपने विश्वविद्यालयों में कुलपति सहित दूसरे खाली पड़े अहम पदों को भरने के लिए कहा है।


इलाहाबाद विश्वविद्यालय समेत छह विश्वविद्यालयों में कुलपति के पद खाली पड़े हैं

गौरतलब है कि मौजूदा समय में जिन प्रमुख केंद्रीय विश्वविद्यालयों में कुलपति के पद खाली पड़े हैं, उनमें इलाहाबाद विश्वविद्यालय, हैदराबाद विश्वविद्यालय, मौलाना आजाद उर्दू विश्वविद्यालय, गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, तमिलनाडु केंद्रीय विश्वविद्यलाय और झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय आदि शामिल हैं।

Tuesday, November 3, 2020

जम्मू-कश्मीर की डिग्री यूपी में शिक्षक नियुक्ति के लिए मान्य, बेसिक शिक्षा परिषद को हाईकोर्ट का निर्देश

जम्मू-कश्मीर की डिग्री यूपी में शिक्षक नियुक्ति के लिए मान्य, बेसिक शिक्षा परिषद को हाईकोर्ट का निर्देश

 
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है। इसलिए इस राज्य की डिग्री या डिप्लोमा धारक को नियुक्ति देने से इस आधार पर मना नहीं किया जा सकता है कि यह एक अलग और विशेष दर्जा प्राप्त राज्य की डिग्री है और एनसीटोई के निर्देश इस पर लागू नहीं. होते हैं। 


कोर्ट ने 68,500 सहायक अध्यापक भर्ती के मामले में जम्मू-कश्मीर से शिक्षक प्रशिक्षण की डिग्री लेने वाली याची सोनिया की नियुक्ति पर पुनः विचार करने का बेसिक शिक्षा परिषद को निर्देश दिया है। याचिका पर न्यायमूर्ति अजीत कुमार ने सुनवाई की। याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि याची ने जम्मू एंड कश्मीर बोर्ड ऑफ स्कूल एजूकेशन से एलीमेंट्री टीचर्स ट्रेनिंग का कोर्स किया था। 


उसे 68,500 सहायक अध्यापक भर्ती में 18 अप्रैल 2019 को बागपत में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति भी दे दी गई। मगर बाद में 23 मार्च 2020 को उसकी नियुक्ति यह कहते हुए रदूद कर दी गई कि याची ने जम्मू एंड कश्मीर राज्य से टीचर्स ट्रेनिंग का डिप्लोमा लिया है, जो एक विशेष दर्जा प्राप्त राज्य है और वहां पर एनसीटीई एक्ट लागू नहीं होता है। अधिवक्ता ने पूर्व में भूपेंद्र नाथ त्रिपाठी व अन्य के मामले में इसी हाईकोर्ट द्वारा पारित निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर के नागरिकों को इस आधार पर नहीं रोका जा सकता है कि एनसीटीई एक्ट उस राज्य में लागू नहीं होता है।

Wednesday, October 28, 2020

69000 शिक्षक भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े के मास्टर माइंड चंद्रमा यादव समेत आठ अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

69000 शिक्षक भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े के मास्टर माइंड चंद्रमा यादव समेत आठ अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

 
प्रयागराज : परिषदीय स्कूलों में 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े के मास्टर माइंड चंद्रमा यादव समेत आठ अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो गई है। स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) ने मंगलवार शाम को सभी के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया। एसटीएफ ने करीब एक हजार पन्ने की केस डायरी तैयार की है।


जून 2020 को इस फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ था। पहले सोरांव पुलिस ने इसकी विवेचना शुरू की, लेकिन प्रकरण ने तूल पकड़ा तो विवेचना एसटीएफ को दे दी गई। गिरोह के सरगना पूर्व जिपं सदस्य डॉ. केएल पटेल, तीन अभ्यर्थी समेत 12 लोगों को पहले गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। उन सभी के विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। इसी मामले में स्कूल प्रबंधक चंद्रमा को करीब 20 दिन पहले गिरफ्तार किया गया था। उसके कई और साथियों को भी पकड़कर जेल भेजा गया। 


चंद्रमा यादव पुत्र बर्फी लाल धूमनगंज थाना क्षेत्र के टीपी नगर गंगा बिहार कॉलोनी का रहने वाला है। वह टीपी नगर में पंचम लाल आश्रम इंटर कॉलेज का संचालन चंद्रमा यादव करता है। लगभग सभी प्रतियोगी परीक्षाओं का सेंटर उसके स्कूल में बनाया जाता है। ज्यादा पैसा कमाने के लालच में वह कुछ साल पहले ललित त्रिपाठी के जरिए गिरोह के सरगना डॉ. केएल पटेल और मायापति से मिला था। फिर गिरोह के साथ मिलकर फर्जीवाड़ा करने लगा। सोरांव में जब उसके खिलाफ मुकदमा लिखा गया तो फरार हो गया था।


 एडिशनल एसपी एसटीएफ नीरज पांडेय का कहना है कि विवेचना पूरी होने के बाद चंद्रमा यादव, भदोही के मायापति दुबे, प्रतापगढ़ के दुर्गेश पटेल व प्रयागराज के शिवदीप सिंह, सत्यम, शैलेष, संदीप पटेल, दुर्गेश सिंह और अर¨वद पटेल के खिलाफ भी कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है।

Tuesday, October 20, 2020

69000 भर्ती : त्रुटि संशोधन के लिए घेरा परिषद मुख्यालय, नहीं हुआ अब तक आदेश

69000 भर्ती :  त्रुटि संशोधन के लिए घेरा परिषद मुख्यालय, नहीं हुआ अब तक आदेश
 

प्रयागराज : परिषदीय स्कूलों की 69000 सहायक अध्यापक भर्ती का विवाद थम नहीं रहा है। लिखित परीक्षा के आवेदन फार्म में संशोधन की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने सोमवार को परिषद मुख्यालय का घेराव किया। उनका कहना है कि परिषद सचिव ने वादे के मुताबिक दो दिन बाद भी निर्देश जारी नहीं किया है। देर रात तक अभ्यर्थी परिसर में ही जमे रहे और पुलिस के समझाने पर भी वहां से जाने का तैयार नहीं हुए।


ज्ञात हो कि न्याय मोर्चा के अमर बहादुर गौतम ने 16 अक्टूबर से जो 69 घंटे की भूख हड़ताल पर शुरू की थी। उनकी मांग थी कि आनलाइन आवेदन में संशोधन का मौका दिया जाए। शनिवार को बेसिक शिक्षा परिषद सचिव ने आश्वासन दिया था कि वे आवेदन फार्म में त्रुटि करने वाले सभी अभ्यíथयों को संशोधन का मौका देंगे, लेकिन सोमवार तक सचिव की ओर से कोई भी लिखित आदेश जारी हुआ तो कई जिलों के अभ्यर्थियों ने परिषद मुख्यालय पर पहुंचकर आंदोलन शुरू कर दिया है। 


सोमवार को हजारों अभ्यर्थी त्रुटि सुधार के लिए परिषद के प्रांगण में ही आंदोलन कर रहे हैं, कुछ लोग भूख हड़ताल पर भी बैठे हुए हैं उनकी मांग है कि संशोधन का मौका भूख हड़ताल जारी रखेंगे। यहां लखनऊ की प्रीति कुमारी, रायबरेली की सरस्वती, बागपत की पूजा वर्मा, गाजीपुर की रीना चौहान, अयोध्या की रीता, चित्रकूट की सोनम, आगरा के राजमणि आदि रहे।

नई शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर सड़क पर उतरे डीएलएड प्रशिक्षु

नई शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर सड़क पर उतरे डीएलएड प्रशिक्षु

 
प्रयागराज। डीएलएड 2017 बैच के प्रशिक्षुओं ने प्राथमिक विद्यालयों के लिए नई शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर सोमवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।


डीएलएड प्रशिक्षुओं का कहना हे कि 2018 के बाद से कोई शिक्षक भर्ती घोषित नहीं की गई। ऐसे में डीएलएड पास करने बाद से 2017 बैच के दो लाख प्रशिक्षु बेकार बैठे हैं। उनका कहना था कि हम सभी उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा और केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा पास कर चुके हैं। ऐसे में सरकार तत्काल शिक्षक भर्ती की घोषणा करे।