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Wednesday, August 5, 2020

मदरसों में फर्जीवाड़ा की आशंका, नहीं जमा कर रहे प्रमाण पत्र

मदरसों में फर्जीवाड़ा की आशंका, नहीं जमा कर रहे प्रमाण पत्र

 
 प्रयागराज : फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्रों के आधार पर कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में नौकरी पाने वाली अनामिका शुक्ला प्रकरण का राजफाश होने के बाद मदरसों में भी जांच शुरू हुई है। जांच टीम ने 15 दिन में सभी शिक्षकों के प्रमाण पत्र मांगे है, लेकिन समय पूरा होने के बाद भी कइयों ने दस्तावेज नहीं उपलब्ध कराए।



जिले में 124 मदरसे हैं और इनमें 400 से अधिक शिक्षक तैनात हैं। इनकी जांच के लिए 17 जुलाई को अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर 15 दिन का समय दिया गया। कमेटी ने सभी मदरसों से शिक्षकों के योग्यता संबंधी मूल प्रमाण पत्र मांगे थे, लेकिन अभी तक सभी शिक्षकों के प्रमाण पत्र नहीं मिले हैं। करीब आधे शिक्षकों के ही प्रमाण पत्र कमेटी के पास आए हैं। जिन मदरसों से प्रमाण पत्र नहीं आ रहे हैं उनमें फर्जीवाड़ा की आशंका है। 


जांच कमेटी के सदस्य और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने बताया कि दस्तावेजों के सत्यापन से स्पष्ट हो जाएगा कि कौन फर्जी है। उन्होंने बताया कि अभी तक 19 मदरसों ने अपने यहां कार्यरत शिक्षकों के योग्यता संबंधी प्रमाण पत्र नहीं सौंपे हैं। उन्हें तीन दिन का समय और दिया गया है। इस अवधि में दस्तावेज नहीं जमा हुए तो कार्रवाई की जाएगी।

Tuesday, July 21, 2020

मदरसों के शिक्षकों के दस्तावेजों का किया जाएगा सत्यापन

मदरसों के शिक्षकों के दस्तावेजों का किया जाएगा सत्यापन



प्रयागराज। सहायता प्राप्त मदरसों के अध्यापकों के दस्तावेजों का भी सत्यापन कराया जाएगा। इसके लिए एडीएम वित्त एवं राजस्व की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। समिति को 15 दिन में रिपोर्ट शासन को भेजनी है। 


कस्तूरबा गांधी विद्यालय समेत अन्य संस्थानों में फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर वेतन लिए जाने के मामले सामने आए हैं। इसे देखते हुए मदरसों में मॉडिफिकेशन के अंतर्गत नियुक्ति शिक्षकों के प्रमाण पत्रों के भी सत्यापन का निर्णय लिया गया है।

Thursday, July 16, 2020

सूबे के 25 हजार मदरसा शिक्षकों को 50 माह से नहीं मिला मानदेय


सूबे के 25 हजार मदरसा  शिक्षकों को 50 माह से नहीं मिला मानदेय



 रामपुर: केंद्र सरकार ने मदरसों की हालत सुधारने के लिए मदरसा आधुनिकीकरण योजना चलाई है। इसके तहत दीनी तालीम के साथ ही दुनियाबी तालीम भी दी जाती है। इसी के लिए हिदी, अंग्रेजी, गणित और साइंस पढ़ाने के लिए शिक्षक लगाए गए हैं। प्रदेशभर में 25500 शिक्षक हैं। स्नातक शिक्षकों को आठ हजार रुपये मानदेय मिलता है। इसमें दो हजार प्रदेश सरकार और छह हजार केंद्र सरकार देती है। परास्नातक शिक्षकों को 15 हजार मानदेय मिलता है। इसमें 12 हजार केंद्र सरकार और तीन हजार प्रदेश सरकार देती है। प्रदेश सरकार अपने हिस्से का मानदेय तो दे रही है। लेकिन, केंद्र सरकार ने 50 माह से मानदेय नहीं दिया है। इससे मदरसा शिक्षकों के सामने आर्थिक समस्या खड़ी हो गई है।



संयुक्त मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक समूह उत्तर प्रदेश के प्रदेशाध्यक्ष शहजादे अली अंसारी कहते हैं कि मदरसा आधुनिकीकरण योजना केंद्र सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश के 8584 आच्छादित मदरसों में कार्यरत 25500 शिक्षक हैं। जिनमें जनपद रामपुर के 98 आच्छादित मदरसों में 32 स्नातक शिक्षक तथा 231 परास्नातक शिक्षक कार्यरत हैं। इस तरह यहां कुल 263 शिक्षक हैं। पिछले 50 माह से केंद्र सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने केंद्रांश की धनराशि नहीं दी है, जबकि प्रदेश सरकार अपनी ओर से राज्यांश निरंतर दे रही है।ऐसी स्थिति में शिक्षक भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। इस संबंध में कई आला अफसरों और मंत्रियों को भी अवगत कराया। लेकिन अभी तक मानदेय नहीं मिल सका है।

Thursday, July 2, 2020

मदरसा बोर्ड रिजल्ट : वार्षिक परीक्षाओं में बालिकाओं ने मारी बाजी, टॉपर छात्र-छात्राओं को मिलेंगे एक लाख रुपए, टैबलेट, मेडल और प्रशस्ति पत्र

मदरसा बोर्ड : वार्षिक परीक्षाओं में बालिकाओं ने मारी बाजी, टॉपर छात्र-छात्राओं को मिलेंगे एक लाख रुपए, टैबलेट, मेडल और प्रशस्ति पत्र।


रिजल्ट

लखनऊ  :: उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद की वर्ष 2020 की वार्षिक परीक्षाओं में बालिकाओं ने बाजी मारी है। इन परीक्षाओं में उत्तीर्ण परीक्षार्थियों में बालिका परीक्षार्थियों की संख्या 55,457 है और पास होने वाली बालिकाओं का प्रतिशत 84.42 है। कल पास होने वाले बालक परीक्षार्थियों की संख्या-60175 है और पास हुए बालकों का प्रतिशत 79.86 रहा है। टॉपर छात्र-छात्राओं को एक लाख रुपये की धनराशि, टैबलेट, मेडल व प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।





प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने लखनऊ में समाज कल्याण निदेशालय के सभागार में उ.प्र. मदरसा शिक्षा परिषद के शैक्षिक सत्र 2019 20 की वार्षिक परीक्षा के परिणाम घोषित किए। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार श्रेष्ठ शिक्षा और संसाधनों के साथ मदरसों के आधुनिकीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा उद्देश्य है की मदरसा छात्रों को रोजगारपरक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो, जिससे वे राष्ट्र की प्रगति में अपना योगदान सुनिश्चित कर सकें।

उन्होंने कहा कि मदरसा शिक्षा परिषद लखनऊ की वर्ष 2020 की सेकंडरी (मुंशी-मौलवी), सीनियर सेकंडरी (आलिम), कामिल एवं फाजिल की परीक्षा में उत्तीर्ण होने प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त मेधावी छात्र-छात्राओं को एक लाख रुपये की राशि के चेक, टैबलेट, मेडल एवं प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाएगा। इस सम्मान राशि का व्यय अरबी-फारसी मदरसा विकास निधि से किया जाएगा। सेकंडरी और सीनियर सेकंडरी के गणित एवं विज्ञान विषय में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को 51,000 रुपये का चेक, एक टैबलेट, मॉडल एवं प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। मदरसा शिक्षा परिषद लखनऊ की सेकंडरी (मुंशी-मौलवी) सीनियर सेकंडरी (आलिम), कामिल व फाजिल की वर्ष 2020 की बोर्ड परीक्षाएं इस वर्ष 25 फरवरी से शुरू होकर पांच मार्च तक प्रदेश के 552 परीक्षा केन्द्रों में हुई थीं।

प्रमुख बातें : परीक्षार्थियों में कुल 1,38,241 छात्र-छात्राएं संस्थागत तथा 44,017 छात्र-छात्राएं व्यक्तिगत परीक्षार्थी के रूप में सम्मिलित हुए। परीक्षा वर्ष में कुल सम्मिलित परीक्षार्थियों ( 1,82,259) में कुल 41,207 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। कुल 1,15,650 परीक्षार्थी उत्तीर्ण तथा कुल 25,402 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए।

उत्तीर्ण परीक्षार्थियों का कुल प्रतिशत 81.99

टॉपर छात्र-छात्राओं को एक लाख रुपये मिलेंगे, प्रोत्साहन के लिए टैबलेट, मेडल और प्रशस्ति पत्र मिलेगा।


01 लाख 82 हजार 259 परीक्षार्थी मदरसा वार्षिक परीक्षा में सम्मिलित हुए

97 हजार 348 छात्र तथा 84 हजार 911 छात्राएं शामिल हुए





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Friday, June 26, 2020

अनुदानित मदरसों के शिक्षकों के प्रमाण-पत्रों की होगी जांच

अनुदानित मदरसों के शिक्षकों के प्रमाण-पत्रों की होगी जांच।


राज्य मुख्यालय : शिक्षकों की नियुक्तियों में हुए घोटाले की नित नयी परत खुलने के साथ ही प्रदेश सरकार ने राज्य के अनुदानित मदरसों के शिक्षकों के प्रमाण-पत्रों की भी जांच करवाए जाने का फैसला किया है। प्रदेश सरकार के विशेष सचिव जे.पी.सिंह ने इस बारे में उ.प्र.मदरसा शिक्षा परिषद के रजिस्ट्रार को एक पत्र लिखा है।









इस पत्र में प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री के 16 जून को लिखे पत्र का हवाला देते हुए कहा गया है कि प्रदेश में कार्यरत सभी स्तर के शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की विधिवत जांच कराए जाने के बाबत एक सप्ताह में कार्ययोजना बना कर मुख्यमंत्री कार्यालय को अवगत करवाने को कहा गया है। इसी क्रम में राज्य के अनुदानित अरबी-फारसी मदरसों के शिक्षकों के प्रमाण-पत्रों की जांच करवाए जाने के संबंध में एक कार्ययोजना बनाकर शासन को दो दिनों में अवगत करवाएं। उधर, परिषद के रजिस्ट्रार आर.पी.सिंह ने बताया कि यह कार्ययोजना शुक्रवार तक शासन को उपलब्ध करा दी जाएगी।

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Wednesday, May 20, 2020

प्रदेश में 2864 मदरसे पाए गए फर्जी, मान्यता पर लगी रोक

प्रदेश में 2864 मदरसे पाए गए फर्जी, मान्यता पर लगी रोक।



प्रदेश में 2864 मदरसे पाए गए फर्जी, मान्यता पर लगी रोक।

शिकंजा : मानके पूरे न होने पर मदरसा वेब पोर्टल का नहीं हो सका पंजीकरण।
पहले 19123 को मिल रहा था लाभ, अब 116277 को मिल सकेगा


प्रदेश में 2846 मदरसे फर्जी निकले हैं। इसका पर्दाफाश तब हुआ, जब इनका मानक पूरे नहीं होने पर मदरसा वेब पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नहीं हो सका। जिसके बाद मदरसों की मान्यता देने पर ही रोक लगी है। पहले 19123 मदरसे पंजीकृत थे, लेकिन मदरसा वेब पोर्टल पर 16277 मदरसे ही पंजीकृत हो पाए हैं। रामपुर में भी 321 मदरसे संचालित हैं, जबकि 100 से ज्यादा मदरसे ऐसे हैं, जिनका पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नहीं हो सका है। रामपुर में मदरसों में 40 हजार छात्र पढ़ते हैं, जबकि प्रदेशभर में 20 लाख छात्र पढ़ते हैं। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मोहम्मद खालिद का कहना है कि मान्यता के लिए मदरसा शिक्षा परिषद ने मानक तय कर रखे हैं। प्राइमरी स्तर के मदरसे के लिए तीन कमरे, जूनियर हाई स्कूल सत्र के लिए छह कमरे और हाईस्कूल स्तर के मदरसे के लिए 10 कमरे होना अनिवार्य हैं। इसके साथ ही प्राइमरी स्तर के मदरसे में कम से कम 60 छात्र होने चाहिए। नए मदरसों की मान्यता पर जुलाई 2016 से रोक है, इसलिए मान्यता नहीं दी जा रही है। फर्जीवाड़े को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद ने 2017 में मदरसा वेब पोर्टल लांच किया। परिषद ने यह अनिवार्य कर दिया कि सभी मदरसों को मदरसा वेब पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन कराना है।





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