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Saturday, January 16, 2021

यूपी के मदरसों में अब प्रबंधक नहीं कर सकेंगे सीधी भर्ती, मानव सम्‍पदा पोर्टल पर ऑनलाइन होगा शिक्षकों-कर्मचारियों का ब्‍यौरा

यूपी के मदरसों में अब प्रबंधक नहीं कर सकेंगे सीधी भर्ती, मानव सम्‍पदा पोर्टल पर ऑनलाइन होगा शिक्षकों-कर्मचारियों का ब्‍यौरा


उत्तर प्रदेश के मान्यता प्राप्त और अनुदानित मदरसों के प्रबंधकों व संचालकों की मनमानी अब नहीं चलने वाली। प्रदेश सरकार इन मदरसों के संचालन के लिए नियमावली तैयार करवा रही है। इसके साथ ही उ.प्र.मदरसा शिक्षा परिषद के अधीन 'मानव सम्पदा' पोर्टल भी विकसित किया जा रहा है। इस पोर्टल पर उक्त मदरसों के शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मियों का पूरा ब्यौरा उपलब्ध रहेगा। प्रदेश में कुल 560 मान्यता प्राप्त व अनुदानित मदरसे हैं और इनमें करीब नौ हजार शिक्षक तथा हजारों की तादाद में शिक्षणेत्तर कर्मचारी हैं।


यह जानकारी प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री मोहसिन रजा ने 'हिन्दुस्तान' से बातचीत में दी। श्री रजा ने बताया कि उक्त सभी मदरसों में कार्यरत कार्मिकों का पूरा ब्यौरा जब मानव सम्पदा पोर्टल पर सार्वजनिक कर दिया जाएगा तो साफ हो जाएगा कि कौन सा शिक्षक किस मदरसे में कार्यरत है और उसकी शैक्षिक योग्यता क्या है। उन्होंने बताया कि अभी ऐसी भी शिकायतें आती हैं कि एक शिक्षक कई मदरसों में पढ़ा कर एक नहीं बल्कि कई मदरसों से वेतन प्राप्त कर रहे हैं। मानव सम्पदा पोर्टल पर सारी जानकारी सार्वजनिक हो जाने के बाद इस फर्जीवाड़े पर भी अंकुश लगेगा। उन्होंने कहा कि अभी तक यह सारी लिखा पढ़ी मैनुअली होने की वजह से ऐसे फर्जीवाड़े पकड़े नहीं जा पा रहे थे।

मोहसिन रजा ने बताया कि इस बारे में मुख्यमंत्री ने अपनी सहमति जता दी है। उन्होंने बताया कि मदरसों के आलिम, फाजिल की योग्यता प्राप्त करने वालों को स्नातकोत्तर डिग्री के बराबर मान्यता दिये जाने पर भी विचार किया जा रहा है ताकि विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में उर्दू के प्रवक्ता व प्रोफेसर आदि के पदों पर ऐसे युवाओं को नौकरियां मिल सकें।


एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि राज्य अलपसंख्यक आयोग और राज्य हज कमेटी में चेयरमैन व कार्यकारिणी सदस्यों के खाली पदों पर जल्द ही मनोनयन कर दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि उ.प्र.सेण्ट्रल सुन्नी वक्फ बोर्ड और उ.प्र.शिया सेण्ट्रल वक्फ बोर्ड की सारी वक्फ सम्पत्तियों का विशेष आडिट भी करवाया जाएगा।

Monday, January 11, 2021

मदरसा बोर्ड की परीक्षाओं के लिए 31 जनवरी तक कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन

मदरसा बोर्ड की परीक्षाओं के लिए 31 जनवरी तक कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन


उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद की साल 2021 के सेकंडरी (मुंशी-मौलवी), सीनियर सेकंडरी (आलिम), कामिल और फाजिल की परीक्षाओं के लिये ऑनलाइन आवेदन सोमवार से किये जा सकेंगे। आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 जनवरी तय की गई है। ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।


उत्तर प्रदेश शिक्षा मदरसा परिषद द्वारा संचालित वर्ष 2021 की परीक्षाओं में भाग लेने वाले सेकंडरी, सीनियर सेकंडरी, कामिल और फाजिल के छात्र व छात्रएं 11 जनवरी से ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। आवेदन मदरसों के माध्यम से ऑनलाइन ही किए जा सकेंगे। इस बार किसी भी दशा में ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।


मदरसा बोर्ड के रजिस्ट्रार आरपी सिंह ने बताया कि इन आवेदनों से जुड़े परीक्षा शुल्क और जरूरी दिशा निर्देश मदरसा शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 जनवरी तय की गई है। चालान के जरिये परीक्षा शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 30 जनवरी तय की गई है। उन्होंने कहा कि ऑफलाइन आवेदन मंजूर नहीं किए जाएंगे।

Sunday, January 10, 2021

मदरसों शिक्षकों के नाम पर फर्जीवाड़े को लेकर सरकार सख्त, मानव सम्पदा में विवरण होगा फीड, तबादला नीति भी ला सकती है सरकार

अनुदानित मदरसा शिक्षकों डाटा होगा मानव सम्पदा पोर्टल पर फीड

मदरसों शिक्षकों के नाम पर फर्जीवाड़े को लेकर सरकार सख्त, मानव सम्पदा में विवरण होगा फीड, तबादला नीति भी ला सकती है सरकार


उत्तर प्रदेश सरकार मदरसा शिक्षकों की गड़बड़ियों को रोकने के लिए अहम कदम उठाने जा रही है। अब सरकार मदरसा शिक्षकों का विवरण मानव संपदा पोर्टल पर फीड करा रही है। इससे सभी मदरसा शिक्षकों का विवरण एक स्थान पर मिल जाएगा।


सरकार मदरसा शिक्षकों के लिए तबादला नीति भी ला सकती है। इससे न सिर्फ पारदर्शिता आएगी बल्कि मदरसा शिक्षा में भी सुधार होगा।


शिक्षकों का विवरण मानव संपदा पोर्टल पर होगा फीड
उत्तर प्रदेश में 560 अनुदानित मदरसे हैं। इनमें नौ हजार शिक्षक पढ़ाते हैं। इनका वेतन प्रदेश सरकार देती है। पहले चरण में अनुदानित मदरसा शिक्षकों का विवरण मानव संपदा पोर्टल पर फीड किया जाएगा।


इसके बाद दूसरे चरण में मान्यता प्राप्त अन्य मदरसा शिक्षकों के विवरण ऑनलाइन किए जाएंगे। इससे वे मदरसा शिक्षक भी पकड़ में आ जाएंगे, जो एक साथ कई मदरसों में काम कर रहे हैं। कई बार मदरसा प्रबंधक मान्यता लेने के लिए दूसरे मदरसों के शिक्षकों को अपने यहां दिखा देते हैं। इस पर भी नई व्यवस्था में लगाम लग सकेगी।


लखनऊ : प्रदेश सरकार मदरसा शिक्षकों की गड़बड़ियां रोकने के लिए अहम कदम उठाने जा रही है। अब सरकार मदरसा शिक्षकों का विवरण मानव संपदा पोर्टल पर फीड करा रही है। इससे सभी मदरसा शिक्षकों का विवरण एक स्थान पर मिल जाएगा। सरकार मदरसा शिक्षकों के लिए तबादला नीति भी ला सकती है। इससे न सिर्फ पारदर्शिता आएगी, बल्कि मदरसा शिक्षा में भी सुधार होगा।




प्रदेश में 560 अनुदानित मदरसे हैं। इनमें नौ हजार शिक्षक पढ़ाते हैं। इनका वेतन प्रदेश सरकार देती है। पहले चरण में अनुदानित मदरसा शिक्षकों का विवरण मानव संपदा पोर्टल पर फीड किया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में मान्यता प्राप्त अन्य मदरसा शिक्षकों के विवरण ऑनलाइन किए जाएंगे। इससे वे मदरसा शिक्षक भी पकड़ में आ जाएंगे, जो एक साथ कई मदरसों में काम कर रहे हैं। कई बार मदरसा प्रबंधक मान्यता लेने के लिए दूसरे मदरसों के शिक्षकों को अपने यहां दिखा देते हैं।

Monday, January 4, 2021

सहूलियत : बोर्ड परीक्षाओं से पहले मदरसा परिषद कम करेगा 30 फीसद कोर्स

सहूलियत : बोर्ड परीक्षाओं से पहले मदरसा परिषद कम करेगा 30 फीसद कोर्स

उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड की ओर से संचालित मदरसों में कोरोना महामारी की वजह से कोर्स घटाने का निर्णय लिया गया है। मदरसा बोर्ड से पहले यूपी बोर्ड, सीबीएससी और आईसीएसई बोर्ड भी कोविड-19 की वजह से शैक्षिक सत्र 2020-21 के पाठ्यक्रम से 30 फीसद तक घटा चुके हैं। मदरसा बोर्ड की शैक्षिक सत्र 2020-21 की परीक्षाएं यूपी बोर्ड की परीक्षाओं के साथ ही होंगी। इसलिए मदरसा बोर्ड ने हायर सेकेण्ड्री, सीनियर सेकेण्ड्री के साथ ही कामिल और फाजिल के पाठ्यक्रम को 30 फीसद कम करने का निर्णय लिया है। कुछ महीनों बाद ही परीक्षाएं संभावित हैं। कोरोना के दौर में अन्य बोर्ड की तरह मदरसा बोर्ड में भी ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की गई थीं। जिसके माध्यम से 60 से 70 फीसद तक पाठ्यक्रम पढ़ाया जा चुका है। अब मदरसा बोर्ड की तरफ से कोर्स कम करने की घोषणा कर दी गई है। जो मदरसा छात्र-छात्राओं के लिए राहत वाली खबर है। अब परीक्षाओं की तैयारी छात्र-छात्राओं को कम पाठ्यक्रम के साथ करनी होगी। परीक्षाओं के लिए प्रश्न पत्र भी कम कोर्स के साथ ही बनाए जाएंगे।


कौन से पाठ हटेंगे कौन से रहेंगे
यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई की ओर से काफी पहले ही न सिर्फ 30 प्रतिशत कोर्स कम करने की घोषणा कर दी गई थी। बल्कि कौन-कौन से पाठ हटाए जाएंगे ये भी साफ कर दिया गया। अब मदरसा बोर्ड ने वर्तमान शैक्षिक सत्र के लिए कोर्स कम करने की घोषणा की है लेकिन किस पाठ्यक्रम से कौन-कौन से पाठ हटाए जाएंगे ये निर्णय होना बाकी है। यह फैसला विषय विशेषज्ञों की स्क्रीनिंग कमेटी करेगी। कमेटी के निर्णय पर ही तय किया जाएगा कि मदरसा बोर्ड के पाठ्यक्रम से किस-किस पाठ को हटाया जा सकता है।

कोरोना की वजह से लिया फैसला
मदरसा बोर्ड के रजिस्ट्रार आरपी सिंह ने कहा कि अन्य बोर्ड की तरह मदरसा बोर्ड ने भी 30 प्रतिशत कोर्स घटाने का निर्णय शैक्षिक सत्र 2020-21 के लिए लिया है। घटाए गए कोर्स के आधार पर ही परीक्षाएं होगी। कोरोना महामारी की वजह से ही यह निर्णय लिया है।

मदरसा बोर्ड से जुड़ी अहम बातें एक नजर में-
प्रदेश में अनुदानित मदरसों की संख्या- 558
प्रदेश में मान्यता प्राप्त मदरसों की संख्या-16500
वर्ष 2020 बोर्ड परीक्षा में शामिल परीक्षार्थियों की संख्या- 1,82,259
वर्ष-2020 में उत्तीर्ण छात्राओं की संख्या-55,457
वर्ष-2020 में उत्तीर्ण छात्रों की संख्या- 60,175

Thursday, December 31, 2020

जनवरी में भरे जाएंगे अनुदानित व मान्यता प्राप्त मदरसों के वार्षिक परीक्षाओं के फॉर्म

जनवरी में भरे जाएंगे अनुदानित व मान्यता प्राप्त मदरसों के वार्षिक परीक्षाओं के फॉर्म


लखनऊ : प्रदेश के अनुदानित एवं मान्यता प्राप्त मदरसों की वार्षिक परीक्षाओं के फॉर्म जनवरी में भरे जाएंगे। हालांकि, उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद ने ऑनलाइन फार्म भरने की तिथि अभी घोषित नहीं की है। साथ ही मदरसा बोर्ड की परीक्षाएं कब आयोजित होंगी, इस पर भी अभी कोई निर्णय नहीं हो सका है।




मदरसा बोर्ड को यूपी बोर्ड व सीबीएसई के फैसले इंतजार है। इनके अनुरूप ही मदरसों में भी वार्षिक परीक्षाएं कराई जाएंगी।

Thursday, November 19, 2020

मदरसे और विद्यालय में उर्दू पढ़ने वाले बच्चों का ब्योरा तलब, सभी जिलों के बीएसए को शिक्षा निदेशक ने भेजा आदेश

मदरसे और विद्यालय में उर्दू पढ़ने वाले बच्चों का ब्योरा तलब, सभी जिलों के बीएसए को शिक्षा निदेशक ने भेजा आदेश

शिक्षा विभाग : सभी जिलों के बीएसए को शिक्षा निदेशक ने भेजा आदेश, मदरसे और विद्यालय में उर्दू पढ़ने वाले बच्चों का ब्योरा मांगा।

प्रयागराज :  सरकारी स्कूलों और मदरसों में कितने बच्चे एक विषय के रूप में उर्दू पढ़ रहे हैं, यह जानने के लिए शिक्षा विभाग डाटा तैयार करेगा। शिक्षा निदेशक (बेसिक) डॉ. सर्वेश विक्रम बहादुर सिंह ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर उर्दू पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की कक्षावार संख्या उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। सूचना को निर्धारित प्रारूप में भरकर प्रदेश के पाठ्य पुस्तक अधिकारी को ई- मेल करना है। चार शैक्षिक सत्रों की सूचना मांगी गई है।


शिक्षा निदेशक ने प्रदेश में संचालित परिषदीय, उच्च माध्यमिक विद्यालयों, राजकीय विद्यालयों, अशासकीय सहायत प्राप्त प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों, समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित राजकीय व सहायता प्राप्त विद्यालयों एवं सहायता प्राप्त मदरसों में शैक्षिक सत्र 2017-18, 2018-19, 2019-20 तथा 2020-21 में कक्षा एक से आठ तक उर्दू माध्यम एवं एक विषय के रूप में उर्दू पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की कक्षावार संख्या उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुशवाहा ने बताया कि जिले विद्यालयों और मदरसों में बच्चे उर्दू विषय पढ़ रहे हैं। इसका विवरण जुटाया पढ़ जा रहा है। निदेशायल से उर्दू पढ़ने वाले छात्र-छत्राओं को ब्योरा क्यों मांगा गया है इसकी जानकारी नहीं है लेकिन सभी विद्यालयों को ब्योरा उपलब्ध कराने के निर्देश दे दिये गए हैं।