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Saturday, September 19, 2020

यूपी बोर्ड के इंटरमीडिएट वाणिज्य में अब एनसीईआरटी पाठ्यक्रम, नए सत्र से लागू होगा बदलाव

यूपी बोर्ड के इंटरमीडिएट वाणिज्य में अब एनसीईआरटी पाठ्यक्रम, नए सत्र से लागू होगा बदलाव



उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के इंटरमीडिएट वाणिज्य में भी राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) का पाठ्यक्रम लागू हो गया है। नए शैक्षिक सत्र की कक्षा 11 में नए पाठ्यक्रम से पढ़ाई शुरू होगी। बता दें कि कुछ माह पहले ही अंग्रेजी विषय में भी एनसीईआरटी पाठ्यक्रम अपनाया गया था और कक्षा नौ से पढ़ाई शुरू हो चुकी है, जबकि वाणिज्य वर्ग की पढ़ाई अगले सत्र से होगी। शासन ने वाणिज्य वर्ग में पाठ्यक्रम बदलने पर मुहर लगा दी है।


यूपी बोर्ड में कक्षा 9 से 12वीं तक की पढ़ाई एनसीईआरटी पाठ्यक्रम पर हो रही है। कई विषयों में पहले ही यह पाठ्यक्रम लागू है तो अन्य विषयों में बोर्ड प्रशासन बदलाव करा रहा है। इस वर्ष हाईस्कूल में अंग्रेजी, व इंटर में अंग्रेजी व वाणिज्य विषय का पाठ्यक्रम एनसीईआरटी की तर्ज पर किया गया है। इसका प्रस्ताव काफी समय पहले भेजा गया था, कक्षा 9 व 11 के अंग्रेजी पाठ्यक्रम में बदलाव हो चुका है।

अब शासन ने वाणिज्य वर्ग में पाठ्यक्रम बदलने पर मुहर लगा दी है। असल में, वाणिज्य वर्ग में रेगुलेशन में संशोधन होना था इसलिए शासन के निर्देश का इंतजार किया जा रहा था। बोर्ड सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने बताया कि इस वर्ष पंजीकरण कार्य पूरा हो रहा है और पढ़ाई चल रही है इसलिए वाणिज्य वर्ग का नया पाठ्यक्रम नए सत्र से लागू होगा।


पहले का वाणिज्य पाठ्यक्रम

एक अनिवार्य विषय : हिंदी या सामान्य हिंदी
बहीखाता व लेखाशास्त्र
व्यापारिक संगठन व पत्र व्यवहार

निम्न में से कोई दो विषय
अर्थशास्त्र तथा वाणिज्य भूगोल
अधिकोषण तत्व
औद्योगिक संगठन
गणित तथा प्रारंभिक सांख्यिकी
कंप्यूटर
बीमा सिद्धांत एवं व्यवहार
मानविकी वर्ग के विषयों में से कोई एक विषय
क्रम एक अर्थशास्त्र व वाणिज्य भूगोल लेने वाले छात्र मानविकी वर्ग से अर्थशास्त्र विषय नहीं ले सकेंगे।
क्रम पांच कंप्यूटर विषय लेने वाले छात्र मानविकी वर्ग से कंप्यूटर विषय नहीं ले सकेगा।


अब ये पाठ्यक्रम
अनिवार्य विषय
1. सामान्य हिंदी
2. व्यवसाय अध्ययन
3. लेखाशास्त्र

ऐच्छिक विषय निम्न में से कोई दो लेने होंगे
1. अर्थशास्त्र
2. अंग्रेजी
3. गणित
4. कंप्यूटर

40 लाख देंगे तभी चेक होंगे प्रयागराज के 3732 शिक्षकों के प्रमाण पत्र, सत्यापन के लिए विवि के शुल्क

40 लाख देंगे तभी चेक होंगे प्रयागराज के 3732 शिक्षकों के प्रमाण पत्र, सत्यापन के लिए विवि के शुल्क

 
प्रयागराज : माध्यमिक शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों की जांच के लिए सिर्फ प्रयागराज में विभाग को करीब 40 लाख रुपये की जरूरत है। करीब दो महीने पहले भेजे गए 3732 शिक्षकों के शैक्षणिक प्रमाणपत्र का सत्यापन संबंधित विश्वविद्यालयों से नहीं हो सका है। विश्वविद्यालयों ने प्रपत्रों की जांच के लिए शुल्क मांगा है।

‘अनामिका’ प्रकरण सामने आने के बाद सभी माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की गई। प्रपत्रों की जांच कर संबंधित विश्वविद्यालयों को भी सत्यापन के लिए भेजा गया है। डीआइओएस कार्यालय के पास सत्यापन शुल्क के नाम पर कोई भी बजट न होने से यह कार्य अभी अधर में है। डीआइओएस आरएन विश्वकर्मा ने बताया कि जनपद में 378 राजकीय विद्यालय के शिक्षक हैं, इनमें 250 महिला व 128 पुरुष हैं। वित्तपोषित कॉलेजों के कुल 3286 अध्यापक हैं, इनमें 809 महिला व 2477 शिक्षक हैं। 68 संस्कृत विद्यालयों के भी शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों का सत्यापन करने के लिए विश्वविद्यालयों के पास भेजा गया है।


सत्यापन के लिए विवि के शुल्क

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में एक डिग्री के सत्यापन के लिए 500 रुपये, राजर्षि टंडन मुक्त विश्वद्यिालय में 500 रुपये, आइआइटी दिल्ली में 1000 रुपये, भारतीय खेल प्राधिकरण में दो हजार रुपये शुल्क देने पर ही डिग्री का सत्यापन संभव है।

Thursday, September 17, 2020

यूपी : नई शिक्षा नीति के लिए 7 फोकस ग्रुप का गठन

नई शिक्षा नीति, 2020 : स्कूलों के विद्यार्थी भी करेंगे इंडस्ट्री इंटर्नशिप, अंतर-विषयी पढ़ाई पर होगा जोर

 यूपी : नई शिक्षा नीति के लिए 7 फोकस ग्रुप का गठन


नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने सात फोकस ग्रुप का गठन कर दिया है। ये समूह पाठ्यक्रम, शिक्षकों के प्रशिक्षण, स्कूल प्रबंधन, सबके लिए शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा और शिक्षा में निजी निवेश को प्रोत्साहित करने जैसे विषयों पर प्रस्ताव तैयार करेंगे। नीति के क्रियान्वयन के लिए बनी स्टीयरिंग कमेटी की पहली बैठक की अध्यक्षता करते हुए अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला ने निर्देश दिए कि ये वर्किंग ग्रुप यदि चाहें तो बाहरी विशेषज्ञों की मदद ले सकते हैं।बैठक में नीति के कई पहलुओं पर चर्चा हुई और अलग-अलग समूहों का गठन किया गया। इन समूहों में विभागीय अधिकारियों को भी शामिल किया गया है। सभी विषयों पर विस्तार के चर्चा हुई और तय किया गया कि ये फोकस ग्रुप एक हफ्ते में बैठक कर रूपरेखा तैयार करेंगे और स्टीयरिंग कमेटी की बैठक एक हफ्ते बाद फिर होगी। 


इन फोकस ग्रुप का हुआ गठन

1-पाठ्यक्रम व शिक्षाशास्त्र-सीबीएसई के पूर्व अध्यक्ष अशोक गांगुली, उर्वशी साहनी, बेसिक शिक्षा निदेशक सर्वेन्द्र विक्रम बहादुर सिंह, जेडी भगवती सिंह, मशिप के सचिव दिव्यकांत शुक्ला व विशेष सचिव आर्यका अखौरी

 2-मूल्यांकन व आकलन, परीक्षा रिफार्म - पूर्व परीक्षा नियंत्रक पवनेश कुमार, दिव्यकांत शुक्ल, जेडी प्रदीप कुमार, विशेष सचिव जय शंकर दुबे 

3-शिक्षकों के क्षमता संवर्धन व भर्ती-पवनेश कुमार, राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान की निदेशक ललिता प्रदीप, चयन बोर्ड की सचिव र्कीति गौतम, सांत्वना तिवारी, जेडी अजय कु सिंह, डीडी विकास श्रीवास्तव, राजू राना, कुमार राघवेन्द्र सिंह

4-शिक्षा में टेक्नोलॉजी- एकेटीयू के कुलपति विनय पाठक, एचसीएल फाउण्डेशन के ऑपरेशन हेड योगेश कुमार, विवेक नौटियाल, सुधीर कुमार, आर्यका अखौरी

5-कौशल व कॅरिअर- एनआईओएस के पूर्व अध्यक्ष महेश चन्द्र पंत, एनएसडीसी के पूर्व सीईओ जयंत कृष्णा, कॅरिअर काउंसिलर अमृता दास, एडी मंजू शर्मा, हरवंश सिंह, बृजेश मिश्र, कमलेश तिवारी, उदयभानु त्रिपाठी

6-विद्यार्थी सपोर्ट सिस्टम- उर्वशी साहनी, ममता अग्रवाल, भगवत प्रसाद पटेल, एमपी सिंह, उदयभानु त्रिपाठी

7-स्कूल मैनेजमेंट सिस्टम व निजी निवेश- अशोक गांगुली, संध्या तिवारी, पूर्व सचिव बेशिप रूबी सिंह, ललिता प्रदीप, मनोज द्विवेदी, प्रेम चन्द्र यादव, जय शंकर दुबे


लखनऊ : माध्यमिक स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों को भी अब इंडस्ट्री में इंटर्नशिप कराई जाएगी, ताकि वे स्वरोजगार के लिए प्रेरित हो सकें। हर दो से तीन महीने में 10 दिन बैगलेस होंगे। विद्यार्थी इस दौरान बिना बस्ते के स्कूल आएंगे और इंडस्ट्री में जाकर ट्रेनिंग लेंगे। वहीं वोकेशनल एजुकेशन को बढ़ावा दिया जाएगा। तनाव रहित, खेल-खेल में और खुद प्रयोग कर विद्यार्थी सीखें, इस पर जोर दिया जाएगा।


नई शिक्षा नीति, 2020 को लागू करने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला की अध्यक्षता में बनाई गई स्टियरिंग कमेटी की बुधवार को हुई बैठक में कई प्रस्तावों पर विचार किया गया और इन्हें लागू कराने के लिए रोडमैप तैयार करने पर सहमति बनी। माध्यमिक स्कूलों के विद्यार्थियों की करियर काउंसिलिंग भी की जाएगी। सरकारी व सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों में ई-लर्निंग को और बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा। शिक्षकों के प्रशिक्षण और स्कूल मैनेजमेंट सिस्टम को मजबूत किया जाएगा। माध्यमिक स्कूलों के विद्यार्थी अपने कोर्स के साथ अन्य मनपसंद कोर्स भी आसानी से चुन सकेंगे। अंतर-विषयी पढ़ाई को बढ़ावा दिया जाएगा।

Sunday, September 13, 2020

कोरोना के चलते यूपी बोर्ड परीक्षा तैयारियों पर लगा ग्रहण

 कोरोना के चलते यूपी बोर्ड परीक्षा तैयारियों पर लगा ग्रहण

 
शैक्षिक सत्र आधा सत्र बीत रहा है, अभी कॉलेजों में प्रवेश चल रहा है। उत्तर प्रदेश माध्यमित शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के 27 हजार से अधिक संबद्ध कॉलेजों में कक्षा 9 व 11 में पंजीकरण और हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के परीक्षा फार्म भरे जाने से इम्तिहान की तैयारियां अधर में हैं। वजह, परीक्षार्थियों की संख्या तय नहीं है। जुलाई माह से चल रहे प्रवेश में छात्र-छात्राओं की संख्या पिछले वर्षों की अपेक्षा काफी कम है। इसीलिए पंजीकरण की तारीखें दो बार बढ़ाई जा चुकी हैं, फिर भी तय नहीं है कि अपेक्षित छात्र-छात्राएं प्रवेश ले लेंगे। 


यूपी बोर्ड में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं कराने का तय शेड्यूल रहा है। मुख्यालय में उसी के अनुसार वर्षभर कार्य चलता रहता है। सितंबर माह में आमतौर पर सभी कालेजों से आधारभूत सूचनाएं मांगी जाती रही हैं, ताकि उसी के अनुसार परीक्षा केंद्र निर्धारण किया जा सके। 2021 की परीक्षा के लिए अभी शुरुआत भी नहीं हो सकी है। यह जरूर है कि बोर्ड सचिव ने पिछले माह हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा कराने का अनुमानित माह घोषित किया है। उसके बाद से सारी प्रक्रिया ठप है। अक्टूबर में परीक्षा केंद्र निर्धारण नीति और नवंबर में केंद्र निर्धारण का कार्य पूरा होता रहा है।


अभी कंपार्टमेंट परीक्षा पर असमंजस : यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर परीक्षा 2020 में एक विषय में अनुत्तीर्ण होने वाले परीक्षार्थियों की कंपार्टमेंट परीक्षा होनी है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन लिए जा चुके हैं साथ ही शासन को परीक्षा तारीख तय करने के लिए प्रस्ताव भी भेजा गया है, अब तक तारीख का इंतजार हो रहा है।

तो दोगुने हो जाएंगे परीक्षा केंद्र : 2021 की हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा में यदि पिछले वर्ष की तरह ही परीक्षार्थी आवेदन करते हैं तो परीक्षा केंद्रों की तादाद दोगुनी हो जाएगी। शासन ने कुछ दिन पहले कोविड-19 को देखते हुए इस संबंध में सूचना मांगी थी। उसमें कहा गया कि पिछले वर्ष 7783 केंद्रों पर परीक्षा कराई गई थी, शारीरिक दूरी का अनुपालन करने में केंद्रों की संख्या दोगुनी करनी होगी।

इस माह के अंत तक पंजीकरण : यूपी बोर्ड प्रशासन फिलहाल कक्षा 9 से 12 तक प्रवेश व परीक्षा फार्म भरने में जुटा है। इस माह के अंत तक यह प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है। उसके बाद ही परीक्षा की तैयारी शुरू होगी। वहीं, पढ़ाई ऑनलाइन कराई जा रही है।

Saturday, September 12, 2020

यूपी के शिक्षक एनसीईआरटी के लिए हिन्दी में बनाएंगे वीडियो

यूपी के शिक्षक एनसीईआरटी के लिए हिन्दी में बनाएंगे वीडियो

 
अब माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षक एनसीईआरटी के लिए भी वीडियो बनाएंगे। इसके लिए एनसीईआरटी विषय और पाठ के नाम बताएगा और उसके मुताबिक विभाग शिक्षकों को चयनित कर वीडियो बना कर भेजेगा। इसे पीएम ई-विद्या चैनल पर चलाया जाएगा। अभी तक यूपी के शिक्षकों के वीडियो यूपी बोर्ड के विद्यार्थियों के लिए ही प्रसारित किए जा रहे हैं। 



हिन्दी में वीडियो बनाने के लिए यूपी से साधा संपर्कएनसीईआरटी लॉकडाउन में हर कक्षा के लिए ई-विद्या चैनल शुरू किया है और इस पर कक्षावार वीडियो का प्रसारण होता है। ये चैनल निशुल्क हैं और पूरे देश में प्रसारित किए जा रहे हैं। हिन्दी पट्टी के प्रदेशों के लिए पाठों के वीडियो हिन्दी में बनवाने के लिए एनसीईआरटी ने यूपी से संपर्क साधा है। दरअसल, ये ख्याल उन्हें यूपी के वीडियो देख कर आया है। 


लॉकडाउन के दौरान यूपी बोर्ड ने दूरदर्शन व स्वयंप्रभा (अब पीएम ई विद्या) चैनल पर स्लॉट लेकर प्रसार शुरू किया। इस चैनल पर वीडियो चलाने के लिए एनसीईआरटी का अनुमोदन लेना पड़ता है। इन वीडियो को देखने के बाद ही एनसीईआरटी ने यूपी से संपर्क से साधा।860 वीडियो एनसीईआरटी ने पास किएयूपी ने लॉकडाउन के दौरान ही वीडियो बनवाने की शुरुआत की और हजारों की संख्या में शिक्षकों ने वीडियो भेजे। इनमें से 860 वीडियो एनसीईआरटी ने प्रसारण के लिए पास कर दिए। 


निदेशालय स्तर पर एक टीम का गठन किया गया है जो वीडियो का परीक्षण कर एनसीईआरटी भेजती है या रिजेक्ट करती है। वीडियो बनाने वाले 134 शिक्षकों को शिक्षक दिवस के मौके पर ई प्रमाणपत्र भी दिए गए। 

Thursday, September 10, 2020

यूपी बोर्ड ने फिर बढ़ाई आवेदन और पंजीकरण की तारीखें, देखें अधिकृत विज्ञप्ति

यूपी बोर्ड ने फिर बढ़ाई आवेदन और पंजीकरण की तारीखें, देखें अधिकृत विज्ञप्ति

 
प्रयागराज : यूपी बोर्ड के 27 हजार से अधिक माध्यमिक कालेजों में बढ़ते कोरोना संक्रमण का असर दिख रहा है। पिछले वर्षो की अपेक्षा काफी कम संख्या में छात्र-छात्रओं ने 9 से 12वीं तक में प्रवेश लिया है। इससे बोर्ड प्रशासन को पंजीकरण व परीक्षा फार्म भरने की तारीखें दूसरी बार बढ़ाना पड़ा है।


यूपी बोर्ड सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा परिषद के कालेजों में कक्षा 9 व 11 में पंजीकरण और 10वीं व 12वीं के लिए परीक्षा फार्म भरने की तारीखें एक बार फिर बढ़ाई जा रही हैं। प्रधानाचार्य सभी संस्थागत व व्यक्तिगत छात्र-छात्रओं से 21 सितंबर तक पंजीकरण व परीक्षा शुल्क ले सकेंगे।


संशोधित परीक्षा फार्म कार्यक्रम


● कक्षा 10वीं व 12वीं में प्रवेश लेने व परीक्षा शुल्क लेने की अंतिम तारीख - 21 सितंबर

● प्रधानाचार्य की ओर से परीक्षा शुल्क को कोषागार में जमा कराने की अंतिम तारीख - 28 सितंबर

● कोषागार में जमा शुल्क की सूचना ऑनलाइन वेबसाइट पर अपलोड करने की अंतिम तारीख - 30 सितंबर

● प्रति छात्र 100 रुपये विलंब शुल्क के साथ कोषागार में जमा कराने की अंतिम तारीख - 21 सितंबर

● विलंब शुल्क के साथ जमा परीक्षा शुल्क की सूचना अपलोड कराने की अंतिम तारीख - 30 सितंबर

● वेबसाइट पर अपलोड छात्र-छात्रओं के विवरण की चेकलिस्ट - एक से पांच अक्टूबर

● जांच के बाद विवरण में संशोधन - छह से 15 अक्टूबर तक

● फोटो युक्त नामावली डीआइओएस कार्यालय भेजने की अंतिम तारीख - 25 अक्टूबर

● कक्षा 9वीं व 11वीं में प्रवेश लेने व पंजीकरण लेने की अंतिम तारीख - 21 सितंबर

● प्रति छात्र 50 रुपये विलंब शुल्क के साथ कोषागार में जमा कराने की अंतिम तारीख - 30 सितंबर

● विलंब शुल्क के साथ जमा पंजीकरण शुल्क की सूचना ऑनलाइन अपलोड कराने की अंतिम तारीख - 30 सितंबर

● वेबसाइट पर अपलोड छात्र-छात्रओं के विवरण की चेकलिस्ट - एक से पांच अक्टूबर

● जांच के बाद विवरण में संशोधन - छह से 15 अक्टूबर तक

●  फोटो युक्त नामावली डीआइओएस कार्यालय भेजने की अंतिम तारीख - 25 अक्टूबर


लखनऊ : यूपी बोर्ड परीक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के बोर्ड परीक्षा आवदेन की विलंब शुल्क के साथ अंतिम तिथि 21 सितंबर है। डीआइओएस ने यूपी बोर्ड से संचालित सभी राजकीय, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों को निर्देश दिए हैं कि जल्द से जल्द बचे हुए बच्चों का परीक्षा के लिए आवेदन कराएं। इसके साथ ही नौवीं और 11वीं के विद्यार्थियों के पंजीकरण कार्य में भी तेजी लाएं।



डीआइओएस ने बताया कि कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षा के लिए विलंब शुल्क के साथ एकमुश्त परीक्षा शुल्क कोषागार में जमा करने की अंतिम तिथि 21 सितंबर है। इन छात्र-छात्रओं का विवरण वेबसाइट पर अपलोड करने की अंतिम तिथि 24 सितंबर है। वेबसाइट पर छात्रों का ब्योरा चेक करने की तिथि 25 सितंबर से चार अक्टूबर निर्धारित की गई है। इन दिनों में विद्यार्थी अपने नाम, स्कूल, अभिभावकों के नाम, जन्मतिथि आदि एक बार चेक कर सकेंगे। किसी प्रकार की त्रुटि होने पर उसे पांच से 14 अक्टूबर के बीच संसोधित कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि नौवीं व 11वीं की कक्षा के विद्यार्थियों के पंजीकरण शुल्क कोषागार में जमा करने की अंतिम तिथि भी 21 सितंबर ही है।


Monday, September 7, 2020

दूरदर्शन उत्तर प्रदेश (DD UP) चैनल पर यूपी बोर्ड की कक्षा- 10 व 12 हेतु शैक्षणिक प्रसारण के तृतीय चरण की समय सारिणी


दूरदर्शन उत्तर प्रदेश (DD UP) चैनल पर यूपी बोर्ड की कक्षा- 10 व 12 हेतु शैक्षणिक प्रसारण के तृतीय चरण की समय सारिणी


Sunday, September 6, 2020

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग ने कार्यरत तदर्थ शिक्षकों को वेटेज देने व शिक्षक भर्ती के संबंध में शासन को भेजा प्रस्ताव

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग ने कार्यरत तदर्थ शिक्षकों को वेटेज देने व शिक्षक भर्ती के संबंध में शासन को भेजा प्रस्ताव

Friday, September 4, 2020

यूपी सरकार को SC का आदेश, 'एडहॉक शिक्षकों, लेक्चररों को परीक्षा लेकर भर्ती करें

सुप्रीम कोर्ट का फैसला : एडेड माध्यमिक के तदर्थ शिक्षकों को वेटेज देकर भरें खाली पद

 शिक्षकों के खाली पदों पर चयनित तदर्थ शिक्षकों की जुड़ेगी पुरानी सेवा

 यूपी सरकार को SC का आदेश, 'एडहॉक शिक्षकों, लेक्चररों को परीक्षा लेकर भर्ती करें'



उच्चतम न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार को दिए एक अहम आदेश में कहा है कि कॉलेजों में काम कर रहे लगभग 600 टीजीटी एडहॉक शिक्षकों/ लेक्चररों को परीक्षा लेकर नियमित रूप से भर्ती करें। अदालत ने कहा कि भर्ती की यह कवायद अगले शैक्षणिक सत्र जुलाई 2021 से पहले पूरी कर ली जाए। 


न्यायमूर्ति एस.के. कौल और के.एम. जोसेफ की पीठ ने इस संबंध में आई याचिकाओं का निस्तारण करते हुए कहा कि तदर्थवाद को यूं ही जारी रहने नहीं दिया जा सकता। क्योंकि इससे बच्चों की पढ़ाई का नुकसान होता है। पीठ ने कहा कि विशेष परीक्षा/ इंटरव्यू  लेकर भर्ती किए जाने वाले इन शिक्षकों को पिछली सेवा का पूरा वेटेज दिया जाएगा। उनकी यह सेवा रिटायरमेंट के लाभ के लिए भी गिनी जाएगी। इस बारे में सेवा आयोग जो भी फैसला करेगा, वह अंतिम होगा और उसके खिलाफ कोई अदालत नहीं जाएगा। 


इस मामले को पांच वर्षों से अदालत में लंबित रहने को देखते हुए पीठ ने कहा कि भविष्य में ऐसी स्थिति न आए, इसके लिए यूपी सरकार और सेवा आयोग को निर्देश दिया जाता है कि कॉलेजों में रिक्तियों के बारे में तय कार्यक्रम बनाएं और उसके हिसाब से परीक्षाएं आयोजित की जाएं। अदालत ने कहा, हम चाहते हैं कि आयोग न सिर्फ मौजूदा रिक्तियों को देखे बल्कि भविष्य में पैदा होने वाली रिक्तियों के हिसाब से भी काम करे। इसके लिए दिए गए निर्देशों पर सख्ती से अमल किया जाए। इसके अलावा सरकार ये भी देखे कि संस्थानों को वित्तीय सहायता दी जाए, ताकि शिक्षकों को वेतन दिया जा सके। सुनवाई के दौरान मौजूद एडवोकेट जनरल और अधिवक्ता राकेश मिश्रा ने कहा है कि वे यह सुनिश्चित करेंगे। 


अदालत ने कहा हम उम्मीद करते हैं कि इस तरह की स्थिति का सामना दोबारा नहीं करना पड़ेगा,  उम्मीद हमेशा बनी रहती है, हम बेहतर भविष्य की आशा करते हैं। ये टिप्पणी करते हुए पीठ ने सभी 600 याचिकाओं और अर्जियों का निपटारा कर दिया।



लखनऊ : अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों के खाली पदों पर भर्ती करने में हो रहे देर पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई है और इन्हें जल्द भरने के निर्देश दिए हैं। चयन आयोग को समय पर भर्ती न कर पाने पर सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई है। 


कोर्ट ने इन स्कूलों में वर्षों से पढ़ा रहे तदर्थ शिक्षकों को भर्ती में वेटेज देने और चयनित होने पर पुरानी सर्विसेज को जोड़ने के भी निर्देश दिए हैं, ताकि इन शिक्षकों को आगे पेंशन इत्यादि मिलने में दिक्कत न हो। जो तदर्थ शिक्षक चयनित नहीं हो पाएंगे वह बाहर कर दिए जाएंगे। जुलाई 2021 तक शिक्षकों के खाली सभी पद भरे जाने और तदर्थ शिक्षकों की व्यवस्था खत्म करने के निर्देश दिए गए हैं।


माध्यमिक स्कूलों में समय पर भर्ती न हो पाने के खिलाफ संजय सिंह व अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश संजय किशन और केएम जोजफ की खंडपीठ ने संविधान के अनुच्छेद 142 में दी गई असाधारण शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह फैसला सुनाया है। उन्होंने शिक्षकों के खाली पदों पर शीघ्र परीक्षा आयोजित कर उन्हें भरने के निर्देश दिए हैं। वहीं वहीं तदर्थ शिक्षकों की पुरानी सर्विस का सत्यापन कराने का जिम्मा राज्य सरकार का होगा। कहा, विद्यार्थियों के हितों के लिए शिक्षकों की पर्याप्त संख्या जरूरी है। ऐसे में जुलाई 2021 से पहले खाली पदों पर भर्ती कर ली जाए। अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा आराधना शुक्ला ने बताया कि फैसले का अध्ययन कर क्रियान्वयन किया जाएगा।


Monday, August 31, 2020

E -Gyan Ganga वर्चुअल स्कूल : कक्षा 9, 10 का स्वयंप्रभा 22 चैनल व कक्षा 11, 12 का दूरदर्शन DD UP के जरिये शैक्षणिक वीडियो के माध्यम से प्रसारण का द्वितीय चरण का TIME TABLE जारी

E -Gyan Ganga वर्चुअल स्कूल : कक्षा 9, 10 का स्वयंप्रभा 22  चैनल व कक्षा 11, 12 का दूरदर्शन DD UP के जरिये शैक्षणिक वीडियो के माध्यम से प्रसारण का द्वितीय चरण का TIME TABLE जारी

माध्यमिक : नवचयनित सहायक अध्यापकों को सितंबर में मिलेगी नियुक्ति, शासनादेश जल्द जारी होगा

नवचयनित सहायक अध्यापकों को सितंबर में मिलेगी नियुक्ति, शासनादेश जल्द जारी होगा


लखनऊ। माध्यमिक शिक्षा विभाग में नवचयनित सहायक अध्यापकों को नियुक्ति सितंबर में दी जाएगी। उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि नवचयनित शिक्षकों को ऑनलाइन नियुक्ति देने के साथे उनको ट्रेनिंग भी कराई जाएगी। ट्रेनिंग के लिए कार्यक्रम और पाठ्यक्रम तय किया जा रहा है। नियुक्ति और उसकी प्रक्रिया का शासनादेश जल्द जारी होगा। 


माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से वर्ष 2018 में सहायक अध्यापक के 10 हजार 768 पदों पर भर्ती निकाली गई थी। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने अब तक हिंदी, सामाजिक विज्ञान को छोड़कर शेष विषयों में चयनित 3457 अभ्यर्थियों को सूची विभाग को सौंप दी है। विभाग ने नवचयनित शिक्षकों को सितंबर में स्कूलों में नियुक्ति देने की तैयारी शुरू की है। रिक्त पदों की तुलना में 50 प्रतिशत से भी कम अभ्यर्थी चयनित होने के कारण नियुक्ति के मापदंड बनाए जा रहे हैं जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में भी आवश्यकतानुसार शिक्षकों की नियुक्ति की जा सके। अभ्यर्थियों को वरीयता के अनुसार नियुक्ति के लिए स्कूलों का विकल्प देना होगा।

Friday, August 28, 2020

माध्यमिक शिक्षा : फिर मांगी गई ऑनलाइन स्थानांतरण की सूचना

माध्यमिक शिक्षा : फिर मांगी गई ऑनलाइन स्थानांतरण की सूचना



प्रयागराज : अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के अध्यापकों के ऑनलाइन स्थानांतरण के लिए अब तक साफ्टवेयर नहीं तैयार हो सका है। इसके लिए 27 जनवरी 2020 को ही दिशा निर्देश जारी किए जा चुके हैं। 


गुरुवार को फिर शिक्षा निदेशक माध्यमिक की ओर से सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों तथा जिला विद्यालय निरीक्षकों को पत्र लिखा गया। इसमें निर्देशित किया गया कि शीघ्र ऑनलाइन स्थानांतरण संबंधी सूचना उपलब्ध कराई जाए। कई जिला विद्यालय निरीक्षकों ने उसे संज्ञान में नहीं लिया। पांचवी बार लिखे पत्र में कहा गया है कि 31 अगस्त तक सूचना उपलब्ध करा दी जाए।

Monday, August 24, 2020

कक्षा 09 से 12 दूरदर्शन - उ०प्र० तथा स्वयं प्रभा चैनल-22 के माध्यम से वीडियो / वर्चुअल कक्षाओं के संचालन के संबंध में


कक्षा 09 से 12 दूरदर्शन - उ०प्र० तथा स्वयं प्रभा चैनल-22 के माध्यम से वीडियो / वर्चुअल कक्षाओं के संचालन के संबंध में ।


Wednesday, August 19, 2020

यूपी बोर्ड कंपार्टमेंट परीक्षा 2020 के लिए आवेदन कल तक

यूपी बोर्ड कंपार्टमेंट परीक्षा 2020 के लिए आवेदन कल तक

 
 प्रयागराज : यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा 2020 में अनुत्तीर्ण परीक्षार्थियों के लिए अब कंपार्टमेंट परीक्षा में आवेदन पूरा होने जा रहा है। हाईस्कूल में दो और इंटर में एक विषय में अनुत्तीर्ण परीक्षार्थी इस परीक्षा को उत्तीर्ण करके पास हो सकेंगे।


बोर्ड की ओर से कहा गया है कि हाईस्कूल के छात्र-छात्रएं अपने कालेज के प्रधानाचार्य से संपर्क करके परीक्षा शुल्क 256.50 व प्रार्थना पत्र के साथ अंकपत्र की छायाप्रति संलग्न करके देंगे। इंप्रूवमेंट के तहत परीक्षार्थी अनुत्तीर्ण एक विषय और कंपार्टमेंट में परीक्षार्थी अपने अनुत्तीर्ण दो विषयों में से केवल किसी एक विषय में आवेदन कर सकता है। इसी तरह से इंटर की परीक्षा में मानविकी, विज्ञान व कामर्स वर्ग के परीक्षार्थी किसी एक विषय में, कृषि भाग एक व दो में निर्धारित विषयों में किसी एक प्रश्नपत्र में और व्यावसायिक वर्ग के लिए निर्धारित ट्रेड विषय के किसी एक प्रश्नपत्र में अनुत्तीर्ण परीक्षार्थी कंपार्टमेंट परीक्षा में शामिल होने के लिए अर्ह माने जाएंगे।


 इंटर की कंपार्टमेंट परीक्षा में शामिल होने का शुल्क 306 रुपये है। प्रार्थनापत्र के साथ अंकपत्र की छायाप्रति संलग्न कर प्रधानाचार्य को देना होगा। प्रधानाचार्य छात्रों से मिले परीक्षा शुल्क को एकमुश्त कोषागार में चालान के माध्यम से जमाकर शुल्क का विवरण व संबंधित छात्र-छात्र का अनुक्रमांक और उसके परीक्षा में शामिल होने वाले विषय-प्रश्नपत्र को 20 अगस्त की मध्यरात्रि तक कालेज की यूजर आइडी व पासवर्ड से वेबसाइट पर अनिवार्य रूप से अपलोड कर दें। सचिव यूपी बोर्ड दिव्यकांत शुक्ल ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन लिए जा रहे हैं लेकिन, परीक्षा की तारीख तय नहीं है।

माध्यमिक स्कूलों की पढ़ाई भी अब हुई ऑनलाइन, वाट्सएप ग्रुप व गूगल मीट के साथ साथ स्वयं प्रभा चैनल व दूरदर्शन पर भी शुरू हुई ऑनलाइन कक्षाएं

माध्यमिक स्कूलों की पढ़ाई भी अब हुई ऑनलाइन, वाट्सएप ग्रुप व गूगल मीट के साथ साथ स्वयं प्रभा चैनल व दूरदर्शन पर भी शुरू हुई ऑनलाइन कक्षाएं


 
प्रयागराज : कोरोना के संकट के चलते सभी स्कूलों में पढ़ाई ऑनलाइन चल रही है। विद्यार्थी घरों में रहकर ही पठन पाठन कर रहे हैं, हालांकि शिक्षकों को विद्यालय जाना पड़ रहा है। वे वहीं से वाट्सएप ग्रुप व गूगल मीट के जरिए कक्षाएं ले रहे हैं। माध्यमिक स्कूलों के विद्यार्थियों की ऑनलाइन पढ़ाई मंगलवार को दूरदर्शन व स्वयं प्रभा चैनल से भी शुरू हो गई।


स्वयं प्रभा चैनल पर कक्षा 9 व 11 के विद्यार्थियों के लिए पूर्वाह्न् 11 बजे से एक बजे तक प्रसारण हुआ। कक्षा 10 और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए दूरदर्शन पर अपराह्न् एक बजे से दो बजे, 2:30 से तीन बजे, 3:30 बजे से पांच बजे तक व 5:30 से 6:30 बजे तक प्रसारण हुआ। प्रतिदिन इसी समय पर शैक्षणिक कार्यक्रम प्रसारित होंगे। पहले दिन गणित और अंग्रेजी की कक्षाएं चलीं। बुधवार को अंग्रेजी, हंिदूी और विज्ञान की कक्षाएं चलेंगी। शिक्षा निदेशक माध्यमिक की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है कि टीवी पर जो भी कार्यक्रम प्रसारित हो रहे हैं, उन्हें शिक्षक भी अनिवार्य रूप से देखें।


ऐसा इसलिए कि विद्यार्थियों के प्रश्नों का जवाब दे सकें। संबंधित प्रश्न स्कूलों की तरफ से चलने वाले वाट्सएप ग्रुप में छात्र-छात्रएं पूछ सकते हैं।


जीआइसी के प्रधानाचार्य देवेंद्र सिंह ने बताया कि विद्यार्थियों ने अपने घरों से दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले शैक्षणिक कार्यक्रम देखे। हालांकि कॉलेज की तरफ से पहले से वाट्सएप ग्रुप पर समय सारिणी बनाकर आठ बजे से दो बजे तक सभी कक्षाएं चल रही हैं। उनमें शिक्षक नोट्स बनाकर दे रहे हैं। विद्यार्थियों के प्रश्नों के जवाब भी दिए जा रहे हैं। इसी तरह कर्नलगंज इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अजय कुमार ने बताया कि छोटी कक्षाओं में वाट्सएप ग्रुप के जरिए पढ़ाई हो रही है जब कि 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को गूगल मीट के जरिए पढ़ाया जा रहा है।


वीडियो बनाकर ग्रुप में पोस्ट कर रहे शिक्षक : ऑनलाइन पढ़ाई के क्रम में जीजीआइसी में शिक्षक कक्षा में पहले अपना वीडियो बना रहे हैं। उसके बाद उसे वाट्सएप ग्रुप में पोस्ट करते हैं।


विद्यार्थी उसे देखकर पाठ्य सामग्री को समझने की कोशिश कर रहे हैं। प्रधानाचार्य इंदू सिंह ने बताया कि यूट्यूब चैलन भी कॉलेज का है। उसपर भी छात्रएं अध्ययन सामग्री हासिल कर सकती हैं।


स्कूलों में नहीं है टेलीविजन

शिक्षा निदेशक की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है कि सभी अध्यापक दूरदर्शन से प्रसारित होने वाले शैक्षणिक कार्यक्रमों को जरूर देखें जिससे बच्चों के प्रश्नों का जवाब दे सकें। अब समस्या यह है कि किसी भी विद्यालय में टेलीविजन नहीं है। कर्नलगंज इंटर कॉलेज और जीआइसी के प्रधानाध्यापक ने कहा कि टीवी न होने के कारण विद्यालय में शिक्षक कार्यक्रम नहीं देख सकेंगे। इसी तरह की समस्या अन्य विद्यालयों के शिक्षकों के साथ भी है।


सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यो को कहा गया है कि वे विद्यालय के किसी भी मद से टीवी खरीद लें। बाद में उस धन का समायोजन कर लिया जाएगा। जिससे कि अध्यापक भी विद्यालय में रहते हुए शैक्षणिक कार्यक्रमों का प्रसारण देख सकें और छात्रों के प्रश्नों का भी जवाब दे पाएं। - आरएन विश्वकर्मा, डीआइओएस

Sunday, August 16, 2020

प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) एवं प्रवक्ता (पीजीटी) पद पर चयनित लेकिन कार्यभार ग्रहण न कर पाने वाले शिक्षकों से मांगा प्रत्यावेदन

प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) एवं प्रवक्ता (पीजीटी) पद पर चयनित लेकिन कार्यभार ग्रहण न कर पाने वाले शिक्षकों से मांगा प्रत्यावेदन


प्रयागराज :  उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के लिए प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) एवं प्रवक्ता (पीजीटी) पद पर चयनित लेकिन विभिन्न कारणों से कार्यभार ग्रहण न कर सकने वाले अभ्यर्थियों से अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक डॉ. महेन्द्र देव ने प्रत्यावेदन आमंत्रित किए हैं। 


वर्ष 2000 से 2013 तक के चयनित अभ्यर्थी ई-मेल आईडी secondaryedujoiningcomplain1@gmail.com  पर 21 अगस्त तक और 2016 के चयनित साक्ष्यों के साथ secondaryedujoiningcomplain2@gmail.com पर 7 सितंबर तक प्रेषित कर सकते हैं। आप यह खबर प्राइमरी का मास्टर डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं। साथ ही प्रत्यावेदन की मूल प्रति पंजीकृत डाक से कार्यालय अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक प्रयागराज को उपलब्ध कराएंगे।

Saturday, August 15, 2020

सात माह बाद डायट व अन्य संस्थाओं में वर्षों से कार्यरत राजकीय माध्यमिक प्रवक्ताओं की हुई वापसी


डायट में सम्बद्ध प्रवक्ताओं को वापस राजकीय विद्यालयों में दी तैनाती।







राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के अधीन जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) तथा उनकी इकाइयों में कार्यरत माध्यमिक संवर्ग के प्रवक्ताओं को उनके मूल पद पर कार्यमुक्त करते हुए राजकीय इंटर कॉलेजों में बालक/बालिकाओं में समायोजन कर दिया गया है। जो madhyamikshiksha.upsdc.gov.in पर अपलोड कर दिया गया है। महिला व पुरुष संवर्ग में क्रमश: 70 व 25 शिक्षकों को वापस उनके मूल पद पर तैनाती दी गई है। अपर शिक्षा निदेशक राजकीय डॉ. अंजना गोयल ने सभी प्रवक्ताओं को निर्देशित किया है कि उक्त वेबसाइट से अपने समायोजन के पत्र की प्रति को प्राप्त करते हुए समायोजित विद्यालय में कार्यभार करके निदेशालय को सूचित करें। हालांकि कुछ प्रवक्ताओं की याचिकाएं हाईकोर्ट में लंबित होने के कारण उनका समायोजन आदेश जारी नहीं हो सका है।


सात माह बाद डायट व अन्य संस्थाओं में वर्षों से कार्यरत राजकीय माध्यमिक प्रवक्ताओं की हुई वापसी


प्रयागराज : सात माह के लंबे इंतजार के बाद प्रदेश के राजकीय माध्यमिक कालेजों के लिए चयनित प्रवक्ता मूल पदों पर भेज दिए गए हैं। वर्षो से ये दूसरे संस्थानों से संबद्ध रहे हैं, उन्हें मूल पदों पर वापस जाने के निर्देश थे। अपर शिक्षा निदेशक राजकीय अंजना गोयल ने 96 प्रवक्ताओं को मूल पदों पर जाने का आदेश कर दिया है। वेबसाइट से प्रवक्ता पत्र की प्रति लेकर संबंधित कालेजों में कार्यभार ग्रहण करके शिक्षा निदेशालय को अवगत कराएं। 



प्रदेश के राजकीय इंटर कालेजों में नियुक्त प्रवक्ताओं को राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद उप्र (एससीईआरटी) व उसके नियंत्रण वाले जिला शिक्षा व प्रशिक्षण संस्थान (डायट) और अन्य संस्थानों में संबद्ध किया गया था। क्योंकि उप्र लोकसेवा आयोग में डायट प्रवक्ताओं का चयन लंबित था। आयोग ने डायट प्रवक्ताओं का चयन तेज किया तो उनके मूल पदों पर भेजने का आदेश हुआ।


शिक्षा निदेशक बेसिक डा. सर्वेद्र विक्रम बहादुर सिंह ने तीन जनवरी को शिक्षा निदेशक माध्यमिक विनय कुमार पांडेय को पत्र भेजकर प्रवक्ताओं को वापस भेजने को कहा था। आठ जनवरी को अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक डा. महेंद्र देव ने मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों को आदेश दिया कि उप्र अधीनस्थ शैक्षणिक सेवा प्रवक्ता संवर्ग महिला व पुरुष शाखा के प्रवक्ताओं को एससीईआरटी व उसके नियंत्रण वाली इकाइयों से उनके मूल पदों (राजकीय इंटर व बालिका इंटर कालेजों) में पदस्थापित करना है। सभी मंडलों में कार्यरत ऐसे प्रवक्ताओं की सूची 10 जनवरी तक मांगी गई थी।


प्रवक्ताओं को मूल पद पर भेजने का मामला शिक्षा निदेशालय में लटका रहा। असल में, एडी माध्यमिक ने मंडलों से सूची तलब की लेकिन, मूल पद पर भेजने का जिम्मा एडी राजकीय का था। एडी राजकीय ने अब इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। इनमें पुरुष वर्ग के 26 व महिला वर्ग की 70 प्रवक्ता विभिन्न जिलों की डायट, मनोविज्ञानशाला आदि में तैनात रही हैं, उन्हें मूल पदों पर भेजने का आदेश निर्गत किया गया है। प्रवक्ता अब सोमवार से संबंधित कालेजों में कार्यभार ग्रहण करेंगे।

Friday, August 14, 2020

माध्यमिक शिक्षा : सत्र 2020-21 का मासिक शैक्षिक पंचांग जारी, क्लिक करके करें डाउनलोड

माध्यमिक शिक्षा : सत्र 2020-21 का मासिक शैक्षिक पंचांग जारी,  क्लिक करके करें डाउनलोड


Sunday, August 9, 2020

राजकीय माध्यमिक कालेजों के लिए चयनित प्रवक्ता छह माह से अधर में फंसे

राजकीय माध्यमिक कालेजों के लिए चयनित प्रवक्ता छह माह से अधर में फंसे

 
प्रयागराज : राजकीय माध्यमिक कालेजों के लिए चयनित प्रवक्ता छह माह से अधर में फंसे हैं। शिक्षा निदेशालय में वे तैनाती मिलने की राह देख रहे हैं, जो कि वर्षो से दूसरे संस्थानों से संबद्ध रहे हैं। उन्हें मूल पदों पर वापस जाने के निर्देश हैं, जिनकी पत्रवली शिक्षा निदेशक माध्यमिक के यहां अटकी है।


राजकीय इंटर कालेजों में नियुक्त प्रवक्ताओं को राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद उप्र (एससीईआरटी) व उसके नियंत्रण वाले जिला शिक्षा व प्रशिक्षण संस्थान (डायट) और अन्य संस्थानों में संबद्ध किया गया था। दरअसल, उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग में डायट प्रवक्ताओं का चयन लंबित था।


आयोग ने डायट प्रवक्ताओं का चयन तेज किया तो उनके मूल पदों पर भेजने का आदेश हुआ। शिक्षा निदेशक बेसिक डा. सर्वेद्र विक्रम बहादुर सिंह ने तीन जनवरी को शिक्षा निदेशक माध्यमिक विनय कुमार पांडेय को पत्र भेजकर प्रवक्ताओं को वापस भेजने को कहा था। आठ जनवरी को अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक डा. महेंद्र देव ने मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों को आदेश दिया कि उप्र अधीनस्थ शैक्षणिक सेवा प्रवक्ता संवर्ग महिला व पुरुष शाखा के प्रवक्ताओं को एससीईआरटी व उसके नियंत्रण वाली इकाइयों से उनके मूल पदों (राजकीय इंटर व बालिका इंटर कालेजों) में पदस्थापित करना है। सभी मंडलों में कार्यरत ऐसे प्रवक्ताओं की सूची 10 जनवरी तक मांगी गई थी।


बहरहाल, करीब 200 से अधिक प्रवक्ताओं को मूल पद पर भेजने का मामला अभी शिक्षा निदेशालय में लटका है। एडी माध्यमिक ने मंडलों से सूची तलब की लेकिन, मूल पद पर भेजने का जिम्मा एडी राजकीय का है। एडी राजकीय को यह कार्य करने के लिए नियमावली में संशोधन होना है। प्रवक्ताओं की पत्रवली शिक्षा निदेशक माध्यमिक को भेजी गई है।


इन संस्थाओं से हटेंगे

एससीईआरटी लखनऊ, राज्य शिक्षा संस्थान, मनोविज्ञानशाला, आंग्ल भाषा शिक्षण संस्थान, राजकीय शिशु प्रशिक्षण महाविद्यालय प्रयागराज। इसके अलावा राजकीय शिशु प्रशिक्षण महाविद्यालय आगरा व सभी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान।

शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों की जांच की प्रक्रिया मामले में बोर्ड व विश्वविद्यालयों की आख्या का इंतजार

शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों की जांच की प्रक्रिया मामले में बोर्ड व विश्वविद्यालयों की आख्या का इंतजार

 
प्रयागराज : शासन की तरफ से सभी माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों की जांच की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को अध्यापकों ने अपने अंकपत्र व प्रमाणपत्र जैसे सभी अभिलेख उपलब्ध भी करा दिए हैं। इनका मूल प्रमाणपत्रों से मिलान भी किया जा चुका है। सभी शैक्षिक अभिलेखों को संबंधित बोर्ड और विश्वविद्यालयों को भेजा जा चुका है। विभाग को उनकी आख्या का इंतजार है। उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।


जिला विद्यालय निरीक्षक आरएन विश्वकर्मा ने बताया कि सभी विद्यालयों के अध्यापकों ने 25 जुलाई तक अपने शैक्षिक अभिलेख कार्यालय को उपलब्ध करा दिए हैं। उनका मूल प्रमाण पत्रों से मिलान भी किया जा चुका है। प्रथम दृष्टया सभी ठीक पाए गए, लेकिन इसकी पुष्टि संबंधित बोर्ड और विश्वविद्यालय ही करेंगे। सभी बोर्डो व विश्वविद्यालयों को अभिलेख पंजीकृत डाक से भेजे जा चुके हैं अब उनकी आख्या का इंतजार है।


इसी क्रम में कक्षा एक से आठवीं तक के विद्यालयों में तैनात ऐसे शिक्षक जिनकी नियुक्ति 2010 के बाद हुई है, उनके भी प्रपत्र जांचे जाने हैं। एडीआइओएस प्रदीप कुमार पांडेय ने बताया कि अध्यापकों ने खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालयों को अपने प्रपत्र भेज दिए हैं। उनका कम्प्यूटराइज्ड डाटा तैयार किया जा रहा है। जनपद में कुल 3137 विद्यालय हैं। अध्यापकों का डाटा कम्प्यूटर पर आने के बाद जिलास्तरीय कमेटी उसकी जांच करेगी।


शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों की जांच होनी है जिले में माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों ने ही कराए उपलब्ध जैसा कि जिला विद्यालय निरीक्षक आरएन विश्वकर्मा ने बताया।