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Friday, July 31, 2020

माध्यमिक : राज्य अध्यापक पुरस्कार को आवेदन की तिथि बढ़ी

माध्यमिक : राज्य व मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार के लिए आवेदन तिथि बढ़ी


माध्यमिक : राज्य अध्यापक पुरस्कार को आवेदन की तिथि बढ़ी

 

प्रयागराज : राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए आवेदन की तिथि बढ़ा दी गई है। इच्छुक प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता एवं सहायक अध्यापक चार अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।


 सभी राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय एवं संस्कृत माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता एवं सहायक अध्यापक इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। पहले आवेदन की तारीख 30 जुलाई तय की गई थी अब इसे परिवर्तित कर चार अगस्त कर दिया गया है।


लखनऊ :  माध्यमिक शिक्षा के राज्य व मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार के लिए आखिरी तारीख बढ़ा दी है। अब 4 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा। राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए जनपदीय समिति मंडलीय समिति को 13 अगस्त तक आवेदन बढ़ाएगी।





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Thursday, July 23, 2020

माध्यमिक शिक्षकों के स्थानांतरण पर निर्णय लेने का आदेश, हाईकोर्ट ने अपर निदेशक को चार सप्ताह में निर्णय लेने को कहा

माध्यमिक शिक्षकों के स्थानांतरण पर निर्णय लेने का आदेश, हाईकोर्ट ने अपर निदेशक को चार सप्ताह में निर्णय लेने को कहा।

प्रयागराज :: माध्यमिक शिक्षा विभाग के अशासकीय सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों के शिक्षकों के स्थानांतरण पर हाईकोर्ट ने चार सप्ताह में निर्णय लेने के लिए कहा है। कोर्ट ने अपर निदेशक से कहा है कि वह नियमानुसार शिक्षकों के स्थानांतरण प्रार्थना पत्र पर निर्णय लेकर निस्तारित करें। महेंद्र कुमार और दर्जनों अन्य की याचिकाओं पर यह आदेश न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्र ने दिया है।




याची का कहना है कि उन्होंने एक कॉलेज से दूसरे कॉलेज में स्थानांतरण के लिए आवेदन किया था। स्थानांतरण की सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। मगर उनकी पत्रावलियां जून 2019 से शिक्षा निदेशालय माध्यमिक प्रयागराज में लंबित हैं। याचीगण ने कई बार अपर निदेशक माध्यमिक को प्रत्यावेदन भी दिया मगर उनकी पत्रावलियां का निस्तारण नहीं हो रहा है। कोर्ट ने इस मामले में सरकारी वकील से जानकारी मांगी थी। बुधवार को सुनवाई के दौरान वीडियो कांफ्रेंसिंग का लिंक भेजने के बावजूद सरकारी वकील सुनवाई के समय जानकारी नहीं दे सके। इस पर अदालत ने याचिका निस्तारित करते हुए अपर निदेशक को चार सप्ताह में याचीगण की पत्रावलियों पर नियमानुसार निर्णय लेने का निर्देश दिया है।




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Monday, June 29, 2020

एक प्रश्नपत्र लागू करने से हुआ नुकसान, NCERT पैटर्न के कारण यूपी बोर्ड परीक्षा के परिणाम में आई गिरावट

एक प्रश्नपत्र लागू करने से हुआ नुकसान, NCERT पैटर्न के कारण यूपी बोर्ड परीक्षा के परिणाम में आई गिरावट।

प्रयागराज : एनसीईआरटी पैटर्न अपनाए जाने के बाद से यूपी बोर्ड की लगातार तीन परीक्षाओं में इंटरमीडिएट के परिणाम में कमी देखी जा रही है। भले ही 2019 की परीक्षा की अपेक्षा अबकी बार परिणाम में चार फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है, लेकिन पूर्व में 2015 में 88.83 फीसदी परिणाम की अपेक्षा यह बहुत कम है।






इंटरमीडिएट में दो और तीन प्रश्नपत्रों के स्थान पर एकल प्रश्न पत्र की व्यवस्था लागू करने के बाद परीक्षा फल में गिरावट दर्ज की जा रही है। बोर्ड के अधिकारी भी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि बदलाव परीक्षाफल पर भारी पड़ा। यूपी बोर्ड की ओर से जारी आंकड़ों पर यदि नजर डालें तो 2015 में इंटरमीडिएट का परिणाम 88.83 फीसदी, 2016 में 87.99 फीसदी, 2017 में 82.62 फीसदी था। 2018 की परीक्षा से यूपी बोर्ड की ओर से एनसीईआरटी पैटर्न अपनाया जाने लगा था, 2019 की परीक्षा में इसे पूरी तरह लागू कर दिया गया। 2018 में रिजल्ट 72.43 फीसदी तो 2019 में यह गिरकर 70.06 फीसदी पहुंच गया। 2020 में रिजल्ट 74.63 फीसदी पहुंच गया। इस प्रकार बोर्ड की ओर से इंटरमीडिएट में भौतिकी, रसायन, गणित सहित मानविकी के विषयों नागरिक शास्त्र, भूगोल, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र विषय में एनसीईआरटी का पैटर्न अपनाए जाने के बाद परिणाम में गिरावट दर्ज की गई। हाई स्कूल में पहले से ही कल प्रश्न पत्र की व्यवस्था लागू होने से परीक्षार्थियों ने यहां बदलाव को स्वीकार कर लिया। परिणाम पिछले वर्ष 80.07 फीसदी रहा।



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Saturday, June 13, 2020

ऐडेड माध्यमिक विद्यालयों में प्रबंध संचालकों की नियुक्ति पर अपर शिक्षा निदेशक ने मांगी रिपोर्ट, तीन साल पहले ही प्राविधान खत्म फिर तैनाती क्यों?

ऐडेड माध्यमिक विद्यालयों में प्रबंध संचालकों की नियुक्ति पर अपर शिक्षा निदेशक ने मांगी रिपोर्ट, तीन साल पहले ही प्राविधान खत्म फिर तैनाती क्यों?।


प्रयागराज : प्रदेश के एडेड माध्यमिक कालेजों में लंबे समय से प्रबंध संचालक तैनात हैं शिक्षा महकमे के अफसर ही इन पदों पर नियुक्त हैं जिससे वे ही प्रबंधन संचालन समितियों के गठन में बाधा बने हैं नियमानुसार मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों (जेडी) को नवीन प्रबंध संचालन समितियों का गठन कराया था लेकिन, वे इसकी अनदेखी कर रहे हैं। अब अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक डॉ.महेंद्र देव ने सभी जेडी से इस संबंध में तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है। शिक्षा निदेशालय ने एक नवंबर । 2019 को अशासकीय सहायता प्राप्त र माध्यमिक कालेजों में प्रशासन र योजना के तहत नियुक्त प्राधिकारी 5 नियंत्रक के संबंध में सूचना मांगी गई थी। शासन ने रिपोर्ट लेने के बाद निर्देश दिया था कि जिन कालेजों में नियमित प्रबंधन समिति किन्हीं कारणों से नहीं है, वहां नियमानुसार कार्यवाही करके नवीन प्रबंधन समिति गठित कराई जाए। शासन ने इसके लिए नोडल अधिकारी नामित किए और उनसे आख्या मांगी। उसमें सामने आया है कि एडेड माध्यमिक कालेजों में बड़े पैमाने पर प्रबंध संचालक या प्राधिकारी नियंत्रक तैनात हैं। अपर निदेशक ने जेडी से पूछा है कि उनके अधीनस्थ जिलों के एडेड माध्यमिक कालेजों में शासन से नियुक्त हैं या फिर उनके स्तर पर नियुक्ति दी गई है? साथ ही ऐसे कालेजों में नवीन प्रबंध समिति बहाल करने के लिए क्या प्रयास किए गए हैं?







कई जेडी ने अपनी आख्या में लिखा है कि कालेजों में प्रबंध संचालक नियुक्त हैं। अपर निदेशक का कहना है कि यह व्यवस्था सरकार तीन जनवरी 2017 को ही समाप्त कर चुकी है। ऐसे में किन परिस्थितियों में प्रबंध संचालक नियुक्त किए गए?

ऐसे कालेजों में चुनाव क्यों नहीं कराया गया है, जबकि 2017 के शासनादेश में प्राविधान है कि जहां प्रबंध संचालक नियुक्त है वहां तीन माह के अंदर प्रबंधन समिति का गठन करा दिया जाए। साथ ही कालेज के संबंध में सॉफ्टवेयर बनाकर भूमि, भवन, चल-अचल संपत्तियों व कोष आदि का विवरण अपलोड कराया जाए। सूत्रों के अनुसार प्रदेश के करीब 500 से अधिक एडेड माध्यमिक कालेजों में प्रबंध संचालक तैनात हैं, इनमें से लगभग एक सैकड़ा शासन ने नियुक्त किया है, बाकी जेडी स्तर पर ही तैनाती दी गई है। यह रिपोर्ट शासन को भेजी जानी है इससे अफसरों में खलबली मची है।

असमंजस : अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक ने सभी जैसे तीन दिन मांगी रिपोर्ट

तीन साल फ्लेही की नियुक्ति का प्रावधान खत्म तैनाती क्यों?

500 से अधिक कॉलेजों में तैनात हैं पञ्च संचालक


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Thursday, June 11, 2020

अब NCERT की किताबों से ही होगी पढ़ाई, माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने डीआईओएस को भेजा निर्देश

अब NCERT की किताबों से ही होगी पढ़ाई, माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने डीआईओएस को भेजा निर्देश।

अब NCERT की किताबों से ही होगी पढ़ाई, माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने डीआईओएस को भेजा निर्देश।


सभी प्रकार के माध्यमिक स्कूलों में में निजी प्रकाशकों की किताबों को पूरी तरह दूरी बनाने के निर्देश दिए हैं। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने डीआइओएस को निर्देशित किया है कि वह जिले के सभी स्कूल-कॉलेज में एनसीईआरटी की किताबों का संचालन करें। एनसीईआरटी (राष्ट्रीय शैक्षिक और अनुसंधान परिषद) की किताबों की गुणवत्ता को सराहा है। सस्ती किताबों की राहत अभिभावकों को दी जाए। और अनुसंधान के बाद बोधगम्य भाषा में लिखी गई 55 पुस्तकें लिखी गई है इनको कक्षा 9 से 12 तक में संचालन का कड़ाई से अनुपालन किया जाए। एनसीईआरटी की जिन किताबों से पढ़ाई कराने का निर्देश दिया गया है उसमें कक्षा 9 में अंग्रेजी, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, गणित में। कक्षा 10 में विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, गणित, कक्षा 11 में अंग्रेजी, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, गणित, इतिहास, भूगोल, शारीरिक शास्त्र, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, व्यवसाय अध्ययन, लेखा शास्त्र शामिल हैं। कक्षा 12 में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, गणित, इतिहास, भूगोल, नागरिक शास्त्र, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र शामिल हैं। प्रकाशित और शिक्षण संस्थानों का गठजोड़ निजी प्रकाशकों और शिक्षण संस्थान किताबों के संचालन के लिए गठजोड़ करते हैं। इस गठजोड़ में अभिभावक पिसते आए हैं। गठजोड़ के तहत किताबों का मूल्य खाना ज्यादा होता है। प्रकाशक से हाथ मिलाए स्कूल दूसरे संचालक या फिर एनसीईआरटी की किताबें को दरकिनार कर देते हैं। कई बार अभिभावकों ने आवाज उठाई तो उसका खामियाजा भी स्कूल प्रशासन के द्वारा दिया गया तो उसे भुगता।




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Thursday, June 4, 2020

मानव संसाधन मंत्री ने जारी किया 11वीं-12वीं का एकेडमिक कैलेंडर, इस वैकल्पिक कैलेंडर से लॉकडाउन में छात्र घर बैठे कर सकेंगे पढ़ाई

मानव संसाधन मंत्री ने जारी किया 11वीं-12वीं का एकेडमिक कैलेंडर, इस वैकल्पिक कैलेंडर से लॉकडाउन में छात्र घर बैठे कर सकेंगे पढ़ाई।



मानव संसाधन मंत्री ने जारी किया 11वीं-12वीं का एकेडमिक कैलेंडर, इस वैकल्पिक कैलेंडर से लॉकडाउन में छात्र घर बैठे कर सकेंगे पढ़ाई।


नई दिल्ली। मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने बुधवार को 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए वैकल्पिक शैक्षणिक कैलेंडर जारी किया। इससे लॉकडाउन के कारण शिक्षण संस्थान बंद होने से छात्रों को घर बैठे पढ़ाई करने में मदद मिलेगी। मंत्रालय के निर्देश पर एनसीईआरटी द्वारा तैयार इस कैलेंडर में दिए गए दिशा निर्देश से शिक्षकों को विभिन्न

तकनीकों और सोशल मीडिया तंत्र के जरिये पढ़ाई के तरीकों को रोचक बनाने में मदद मिलेगी। निशंक ने कहा कि इस कैलेंडर के माध्यम से अध्यापक घर से ही बच्चों को अभिभावकों की देख रेख में पढ़ा सकते हैं। कुछ लोगों के पास मोबाइल फोन, इंटरनेट की सुविधा नहीं होने पर उन्हें टीवी और रेडियो से मुफ्त में जोड़ा जा रहा है। ऐसे छात्रों के लिए एसएमएस या फोन के माध्यम से सारी जानकारी मुहैया करायी जाएगी। इंटरनेट होने पर शिक्षक व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर, गूगल मेल आदि के जरिये छात्रों व अभिभावकों से जुड़कर पढ़ाई करा सकते हैं।









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