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Thursday, August 13, 2020

फर्रुखाबाद : शिक्षकों के सत्यापन का कार्य जल्द पूर्ण कराने का निर्देश, फर्जी नियुक्तियों पर नकेल कसने के लिए हो रही कार्रवाई

5758 शिक्षको के सत्यापन का कार्य पूर्ण करने के निर्देश

फर्रुखाबाद : शासन के निर्देश के बावजूद परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत शिक्षामित्रों और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में तैनात अंशकालिक अनुदेशकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों और आधार के सत्यापन का काम सुस्त गति से चल रहा है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया है कि सत्यापन 31 अगस्त तक पूरा कर लिया जाए।




प्राथमिक स्कूलों में 2596 शिक्षको और 1668 शिक्षा मित्र व पूर्व माध्यमिक स्कूलों के 1230 शिक्षकों, 264 अनुदेशकों की तैनाती है। फर्जी नियुक्तियों पर नकेल कसने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग इनके सेवा विवरण को मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करा रहा है। साथ ही, उनके शैक्षिक प्रमाणपत्रों और आधार का सत्यापन भी करा रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग ने 27 जून को शासनादेश जारी कर शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का सेवा विवरण मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करने के साथ उनके डाटा और अभिलेखों का सत्यापन कराने का निर्देश दिया था। इसके क्रम में सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना कार्यालय ने विगत तीन जुलाई को शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का आधार सत्यापन और फिंगर प्रिंट स्कैनर खरीदने के बारे में निर्देश जारी किए थे।


हाल ही में सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना कार्यालय की ओर से की गई समीक्षा में शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के प्रमाणपत्रों और आधार सत्यापन की स्थिति को असंतोषजनक पाया गया। इस पर माहानिदेशक ने नाराजगी व्यक्त की है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने 31 अगस्त की मियाद तय करते हुए बीएसए और डायट प्राचार्य को इसकी निगरानी करने का निर्देश दिया है। बीएसए लालजी यादव ने बताया कि सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों को 31 अगस्त तक सत्यापन कार्य पूर्ण करने के निर्देश दे दिए गए है।

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Thursday, August 6, 2020

फतेहपुर : मानव सम्पदा पोर्टल पर शिक्षकों को प्रति सेवा वर्ष मिलने वाला एक दिन का उपार्जित अवकाश दर्ज करने के सम्बन्ध बीएसए का आदेश जारी, देखें

फतेहपुर : मानव सम्पदा पोर्टल पर शिक्षकों को प्रति सेवा वर्ष मिलने वाला एक दिन का उपार्जित अवकाश दर्ज करने के सम्बन्ध बीएसए का आदेश जारी, देखें।



▪️ 👉🏻 यहां क्लिक करके देखें शिक्षा निदेशक (बेसिक) द्वारा जारी आदेश 👈🏻





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Thursday, July 30, 2020

मानव सम्पदा पोर्टल की तकनीकी खामियों एवं डाटा अपलोडिंग में समस्याओं के सम्बन्ध में शिक्षा निदेशक (उच्च शिक्षा) का पत्र

शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए परेशानी खड़ी कर रहा ‘मानव संपदा’ पोर्टल

 
प्रयागराज : मानव संपदा पोर्टल में राज्य विद्यालय, राजकीय व अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) डिग्री कालेजों में कार्यरत शिक्षक व शिक्षणोतर कर्मचारियों के दस्तावेजों का सत्यापन करके अपलोड करने का निर्देश है। यह काम 24 जुलाई तक पूरा हो जाना था। लेकिन, वेबसाइट के सही से काम न करने के कारण अभी तक ब्योरा अपलोड नहीं हो पाया। उच्च शिक्षा निदेशक ने विशेष सचिव उच्च शिक्षा को इस संबंध में पत्र भी लिखा है।


शासन के निर्देशानुसार शिक्षक व कर्मचारियों पोर्टल व वेबसाइट में शिक्षक व कर्मचारियों का समस्त अंक पत्र, प्रमाणपत्र, आधार व पैन नंबर, जीपीएफ नंबर, नियुक्ति की तारीख, कहां और किस रूप में कार्यरत हैं जैसे डाटा को अपलोड करना है। लेकिन वेबसाइट की काम न करने से ब्योरा अपलोड नहीं हो पा रहा है।

उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. वंदना शर्मा का कहना है कि शिक्षक व कर्मचारियों का ब्योरा अपलोड करने में थोड़ी दिक्कत आ रही है। लेकिन, सारा काम जल्द पूरा कर लिया जाएगा।



मानव सम्पदा पोर्टल की तकनीकी खामियों एवं डाटा अपलोडिंग में समस्याओं के सम्बन्ध में शिक्षा निदेशक (उच्च शिक्षा) का पत्र

मानव संपदा पोर्टल पर विवरण संसोधन व दस्तावेज अपलोड करने की तिथि बढ़ाने की मांग

लखनऊ। प्रदेश के महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों व कर्मचारियों का डाटा मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड किए जाने की अंतिम तिथि बढ़ाने के लिए निदेशक उच्च शिक्षा ने शासन को पत्र लिखा है। महाविद्यालयों के शिक्षकों व कर्मियों का डाटा मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करने के लिए 31 जुलाई की तिथि निर्धारित की गई थी। निदेशक ने अपने पत्र में पोर्टल पर डाटा अपलोड करने में आ रही सभी दिक्कतों का उल्लेख करते हुए लिखा है कि इन समस्याओं के कारण निर्धारित तिथि तक कार्य कराने में कठिनाई आ रही है।



Saturday, July 25, 2020

उच्च शिक्षा : शासन के पास होगा शिक्षकों का डाटा बैंक, मानव सम्पदा पोर्टल पर अपलोड होगा शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का विवरण

समय सीमा पूरी, 40% शिक्षक कर्मचारियों का हुआ सत्यापन, मानव सम्पदा पोर्टल पर एडेड डिग्री कॉलेजों के शिक्षक- कर्मचारियों का ब्योरा होना है अपलोड।

प्रयागराज : शिक्षक व कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने, तैनाती में होने वाली गड़बड़ी को रोकने के लिए शासन ने सबका ब्योरा एकत्र करने का निर्णय लिया है। इसके मद्देनजर अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) डिग्री कालेजों में कार्यरत शिक्षक व कर्मचारियों के दस्तावेजों का सत्यापन करने की प्रक्रिया 24 जुलाई को पूरी करनी थी। लेकिन, समयसीमा बीतने के बाद सिर्फ 40 प्रतिशत शिक्षक व कर्मचारियों के दस्तावेजों का सत्यापन किया जा सका है।

शासन ने मानव संपदा पोर्टल पर सूबे के एडेड डिग्री कालेजों के शिक्षक व कर्मचारियों ब्योरा अपलोड करके सत्यापन करना था। उच्च शिक्षा निदेशालय की निदेशक डॉ. वंदना शर्मा ने बताया कि ब्योरा अपलोड का कार्य लगभग पूरा हो गया। नेटवर्क में दिक्कत आ रही है। इसके बावजूद सभी प्राचार्यों को निर्देश दिया गया है कि वह जितना जल्दी हो सके, सत्यापन का कार्य पूरा करके उसकी रिपोर्ट निदेशालय को भेजें।

प्राचार्य को करना है सत्यापन : उच्च शिक्षा निदेशक सभी जिलों के एडेड डिग्री कालेजों के प्राचार्यों को निर्देश दिया था कि वह अपने यहां के सभी कर्मचारियों व शिक्षकों का ब्योरा मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करें। साथ ही उसका सत्यापन करके रिपोर्ट निदेशालय को भेजें।

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शासन के पास होगा शिक्षकों का डाटा बैंक।

 प्रयागराज  ::  प्रदेश के राजकीय और सहायता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों में तैनात शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का विवरण मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड किया जाना है, ताकि सभी शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का डाटा बैंक तैयार किया जा सके।


शिक्षकों एवं कर्मचारियों की तैनाती में डुप्लीकेसी रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। इस बाबत उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से सभी क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती को लेकर व्यापक पैमाने पर हुई गड़बड़ी सामने आने के बाद शासन की ओर से अब उच्च शिक्षण संस्थानों में भी शिक्षकों की तैनाती को लेकर जांच कराई जा रही है। इस बारे में सभी राजकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों से शिक्षकों के बारे में विवरण मांगा गया है।





इसी क्रम में सभी क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर निर्देश दिए गए हैं कि राकीय एवं सहायता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों में तैनात शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का पूरा विवरण मानव संपदा पोर्टल पर तत्काल अपलोड कर दिया जाए। विवरण अपलोड किए जाने के बाद संबंधित कर्मचारी का डाटा सत्यापित किया जाएगा।

मानव संपदा पोर्टल पर कर्मचारी की व्यक्तिगत सूचना, सेवा प्रारंभ करने की सूचन अपलोड की जानी है। साथ ही प्रत्येक कर्मचारी को अपने कोड के आधार पर लॉगिन करके अपना हाईस्कूल का प्रमाणपत्र और पैन कार्ड की स्कैन कॉपी मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करनी है। इसके अलावा जिन कर्मचारियों को जीपीएफ या प्रान नंबर आवंटित नहीं हुआ है, वे ई-सैलरी कोड के कॉलम में ट्रेजरी कोड अंकित करेंगे।

उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. वंदना शर्मा ने बताया कि डुप्लीकेसी को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। मानस संपदा पोर्टल पर सभी कर्मचारियों का विवरण अपलोड होने के बाद शासन एवं निदेशालय के पास कर्मचारियों का पूरा डाटा बैंक होगा, जिसके माध्यम से किसी भी वक्त ऑनलाइन माध्यम से किसी भी कर्मचारियों के बारे में जानकारी हासिल की जा सकेगी। इससे शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियेां की तैनाती को लेकर पारदर्शिता बढ़ेगी।



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Tuesday, July 21, 2020

ठीक से काम नहीं कर रहा मानव संपदा पोर्टल, महाविद्यालय शिक्षक परेशान, जुलाई का वेतन रोके जाने के आदेश से मची खलबली

ठीक से काम नहीं कर रहा मानव संपदा पोर्टल, महाविद्यालय शिक्षक परेशान, जुलाई का वेतन रोके जाने के आदेश से मची खलबली  


राज्य मुख्यालय प्रदेश के सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों व कर्मचारियों का विवरण दर्ज करने के लिए बनाया गया मानव संपदा पोर्टल ठीक से काम नहीं कर रहा है। सर्वर धीमा चलने से मांगी गई सूचनाएं और अभिलेख अपलोड करने में महाविद्यालयों को खासी दिक्कतें आ रही हैं। इस बीच विवरण अपलोड न होने पर जुलाई का वेतन रोकने के आदेश से खलबली मच गई है। शिक्षक इसकी समय सीमा बढ़ाए जाने की मांग कर रहे हैं।

 मानव संपदा मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली के लिए कार्मिक विवरण नाम से उच्च शिक्षा निदेशालय ने 15 पेज का प्रोफार्मा जारी किया है। शिक्षकों व कर्मचारियों को यह प्रोफार्मा भरकर अपने महाविद्यालय में जमा करना है। यह प्रोफार्मा इतना विस्तृत है कि इसमें मांगी गई सूचनाएं जुटाने में ही पसीना छूट जा रहा है। इसमें दर्ज विवरण के साथ उससे संबंधित साक्ष्य भी पोर्टल पर अपलोड करने हैं। सर्वर धीमा चलने से काम पूरा करने में खासी दिक्कतें आ रही हैं। 


प्रोफार्मा में नियुक्तियों व शैक्षिक विवरण से अलावा छुट्टियों, प्रोन्नतियों, प्राप्त पुरस्कारों, सेवा में आने के बाद प्राप्त प्रशिक्षण, परिवार के सदस्यों का विवरण, लिए गए लोन का विवरण, विभागीय कार्रवाई व वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट का भी ब्योरा देना है। इसमें कुछ सूचनाएं महाविद्यालय के स्तर से ही भरी जाएंगी। प्रदेश के 331 सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में लगभग 21 हजार शिक्षक व कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें शिक्षकों की संख्या 10 हजार के आसपास है। 


फर्जीवाड़ा रोकने के लिए शासन ने यह कवायद शुरू की है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों से कहा है कि वे मानव संपदा पोर्टल पर विवरण फीड करा दिए जाने का प्रमाणपत्र लेने के बाद ही संबंधित सहायता प्राप्त महाविद्यालय का जुलाई का वेतन जारी करें। इसी फरमान से शिक्षकों में आक्रोश है। कारोना संकट को देखते हुए वे समय सीमा बढ़ाए जाने की मांग कर रहे हैं। शिक्षक संगठनों से इस संबंध में शासन से लेकर उच्च शिक्षा निदेशालय तक को ज्ञापन भेजा है।

Sunday, July 19, 2020

फतेहपुर : मानव सम्पदा पोर्टल पर सुस्त फीडिंग से लटकी पगार, 12 हजार शिक्षक-कर्मचारियों का डाटा फीड करने में छूट रहा पसीना, 22 जुलाई तक होगी फीडिंग तब मिलेगा दो माह का वेतन

फतेहपुर : मानव सम्पदा पोर्टल पर सुस्त फीडिंग से लटकी पगार, 12 हजार शिक्षक-कर्मचारियों का डाटा फीड करने में छूट रहा पसीना, 22 जुलाई तक होगी फीडिंग तब मिलेगा दो माह का वेतन।

फतेहपुर : बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की पगार जून माह के तीसरे सप्ताह में भी नहीं मिल पाई। ऐसा 12,345 शिक्षक, शिक्षामित्र, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का ऑनलाइन डाटा फीड न होन के कारण हुआ है। सूत्रों की माने तो शिक्षक और कर्मचारियों की फीडिंग में विभाग टॉपटेन में शामिल है जबकि शिक्षामित्रों के मामले में आंकड़ा 50 वें स्थान पर पहुंच पर है। बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वह 22 जून तक हरहाल में डाटा फीडिंग का काम पूरा कराएं। शासन के निर्देश पर मानव संपदा पोर्टल पर विभाग के शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और शिक्षामित्रों की ऑनलाइन कुंडली बन रही है। 12 हजार से अधिक लोगों की फीडिंग विभाग के लिए मुसीबत बनी हुई है। सर्वर के काम न करने से काम में तेजी नहीं आ पा रही है। शिक्षा महानिदेशक ने इस काम को पूरा करने के लिए 15 जुलाई का समय दिया था। पूरे प्रदेश में काम सुस्त होने के चलते इसे बढ़ाकर अब 31 जुलाई कर दिया है। यह भी साफ कर दिया है कि बिना संपूर्ण डाटा फीडिंग के वेतन नहीं जारी किया जाएगा। ऑनलाइन सॉफ्टवेयर में पगार का विकल्प तभी काम करेगा जब फीडिंग पूरी होगी।




22 जुलाई तक होगी फीडिंग तब मिलेगा दो माह का वेतन ::  ऑनलाइन फीडिंग न होने के चलते जून माह की पगार नहीं मिल पाई है, अगर 22 जुलाई तक फीडिंग का काम पूरा हो जाता है है तो 26 जुलाई तक वेतन बिल बन जाएंगे और रुकी हुई पगार दो माह की एकसाथ आ सकेगी।

फीडिंग के काम में तेजी नही है यह बात सही है। असल में दिन भर ब्लाकों में सर्वर की दिक्कत रहती है। सभी खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वह प्रतिदिन वीडियो की मानीटरिंग करें और उसे जल्द पूरा कराएं, जिससे कि वेतन निर्गत हो सके। शिवेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए


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