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Tuesday, April 6, 2021

यूपी बोर्ड नई तकनीक के साथ कर रहा कदमताल, कॉलेजों को ऑनलाइन मान्यता देने की प्रक्रिया जल्द

यूपी बोर्ड नई तकनीक के साथ कर रहा कदमताल, कॉलेजों को ऑनलाइन मान्यता देने की प्रक्रिया जल्द


प्रयागराज : यूपी बोर्ड लगातार नई तकनीक के साथ कदमताल कर रहा है। नए कालेजों को कक्षा 9 से 12वीं तक की मान्यता देने की प्रक्रिया में इस बार बदलाव हो रहा है। अब वेबसाइट पर ही कालेजों के संबंध में आपत्तियां ली जाएंगी और उसी पर संबंधित विभागों को निस्तारण भी करना होगा। इसके लिए वेबसाइट में बदलाव किया जा रहा है, इसीलिए आवेदन अभी तक शुरू नहीं हो सका है। इसी माह से ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे।


माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) में नए कालेजों को मान्यता देने के लिए ऑनलाइन आवेदन इधर कई वर्ष से लिए जा रहे हैं। साथ ही बोर्ड की वेबसाइट पर मान्यता पाने वाले कालेजों की सूची का प्रकाशन भी होता रहा है लेकिन, संबंधित कालेजों के संबंध में मिलने वाली आपत्तियां व उनका निस्तारण पिछले वर्ष तक ऑफलाइन ही होता रहा है। शासन को गड़बड़ियों की शिकायतें भी मिलीं, इसे देखते हुए निर्णय लिया गया कि इस प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी कर दिया जाए। आवेदन वाली वेबसाइट पर ही आपत्तियां प्रदर्शित होंगी और सभी विभाग कालेजों के संबंध में मिली आपत्तियों का निस्तारण भी ऑनलाइन करेंगे। बदलाव का जिम्मा बोर्ड प्रशासन व एनआइसी को दिया है, दोनों इन दिनों वेबसाइट में संशोधन कर रहे हैं।


बोर्ड सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने बताया कि इसी माह से बदली व्यवस्था के तहत ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे, साथ ही मान्यता देने की नई समय सारिणी जारी की जाएगी।

Monday, April 5, 2021

यूपी बोर्ड के 100 साल पुराने अधिनियम में संशोधन के बाद नये स्कूलों को जारी की जाएगी मान्यता

एक्ट में संशोधन के बाद देंगे नए स्कूलों को मान्यता

यूपी बोर्ड के 100 साल पुराने अधिनियम में संशोधन के बाद नये स्कूलों को जारी की जाएगी मान्यता।

प्रयागराज : यूपी बोर्ड के 100 साल पुराने अधिनियम में संशोधन के बाद नये स्कूलों को मान्यता जारी की जाएगी। संशोधन नहीं होने की वजह से ही सभी शर्तें पूरी करने एवं आवश्यक संसाधन होने के बावजूद पिछले साल 100 से अधिक नये स्कूलों को हाईस्कूलों को मान्यता नहीं दी जा सकी थी।


शासन के निर्देश पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक विनय कुमार पांडेय ने 24 अगस्त 2020 को चार कमेटियां गठित करते हुए इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम 1921 में संशोधन का प्रस्ताव मांगा था। लेकिन अब तक संशोधन नहीं हो सका है। नये स्कूलों की मान्यता को लेकर हाईकोर्ट ने मंजू अवस्थी बनाम उत्तर प्रदेश सरकार के मामले में 6 नवंबर 2012 को निर्देश दिए थे।

हालांकि उसके बाद से अफसर आदेश की अनदेखी करते हुए नये स्कूलों को मान्यता देते आ रहे थे। सूत्रों के अनुसार पिछले साल शासन इसे लेकर गंभीर हो गया, यही कारण है कि नये स्कूलों को मान्यता नहीं दी गई। पहले से संचालित जिन स्कूलों ने अतिरिक्त विषय, कक्षा या 12वीं की मान्यता के लिए आवेदन किया था सिर्फ उन्हें मान्यता दी गई थी।

एक-दो दिन में जारी होगा संशोधित टाइम टेबल


यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का संशोधित कार्यक्रम एक-दो दिन में जारी होने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार बोर्ड ने संशोधित टाइम टेबल तैयार कर शासन को भेज दिया है। अगले सप्ताह किसी भी जारी हो सकता है।

Saturday, April 3, 2021

यूपी बीएड सत्र 2021-22 हेतु कॉलेजों की संबद्धता के लिए ऑनलाइन आवेदन अब 15 अप्रैल तक

यूपी बीएड सत्र 2021-22 हेतु कॉलेजों की संबद्धता के लिए ऑनलाइन आवेदन अब 15 अप्रैल  तक


शासन ने सत्र 2021-22 में बीएड पाठ्यक्रम के अलावा महाविद्यालयों में स्नातक व स्नातकोत्तर स्तर पर नए विषय की पढ़ाई शुरू करने तथा नए महाविद्यालय खोले जाने से संबंधित प्रस्तावों के निस्तारण की संशोधित समय-सारिणी जारी कर दी है। इसके तहत अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) एवं संबद्धता के लिए ऑनलाइन आवेदन अब 15 अप्रैल तक किया जा सकेगा। पहले यह तिथि 15 जनवरी थी।


उच्च शिक्षा विभाग के विशेष सचिव श्रवण कुमार सिंह की तरफ से जारी शासनादेश के अनुसार नए पाठ्यक्रमों के लिए विश्वविद्यालय में एनओसी प्रस्ताव ऑनलाइन जमा करने की अंतिम तिथि 15 जनवरी से बढ़ाकर 15 अप्रैल, विश्वविद्यालय में ऑनलाइन जमा किए गए प्रस्तावों के भूमि संबंधी अभिलेखों का राजस्व विभाग से सत्यापन कराए जाने की अंतिम तिथि पांच फरवरी से बढ़ाकर 30 अप्रैल तथा एनओसी ऑनलाइन जारी किए जाने की तिथि 31 मार्च से बढ़ाकर 10 मई 2021 कर दी गई है।


इसी तरह महाविद्यालयों की जांच के लिए निरीक्षण मंडल के गठन की अंतिम तिथि 15 अप्रैल से बढ़ा कर 20 मई, निरीक्षण मंडल द्वारा निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल से बढ़ाकर पांच जून, विश्वविद्यालय द्वारा संबद्धता ऑनलाइन दिए जाने की अंतिम तिथि 10 मई से बढ़ाकर 15 मई, शासन में अपील करने की अंतिम तिथि 20 मई से बढ़ाकर 30 जून तथा शासन स्तर पर अपील निस्तारित करने की अंतिम तिथि 10 जून से बढ़ाकर 10 जुलाई 2021 कर दी गई है।

Tuesday, February 9, 2021

बेसिक शिक्षा परिषद से निजी विद्यालयों को मिलेगी ऑनलाइन मान्यता

बेसिक शिक्षा : ऑनलाइन विद्यालय मान्यता प्रणाली पोर्टल का हुआ शुभारंभ


बेसिक शिक्षा परिषद से निजी विद्यालयों को मिलेगी ऑनलाइन मान्यता


लखनऊ : बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों को मान्यता देने की प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है। मान्यता के लिए स्कूल प्रबंधतंत्र को अब ऑनलाइन आवेदन करना होगा। मान्यता भी ऑनलाइन दी जाएगी। सब ठीक रहा तो स्कूल प्रबंधतंत्र की ओर से आवेदन करने के 37 दिन के अंदर मान्यता मिल जाएगी।


स्कूलों को ऑनलाइन मान्यता दिए जाने को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग ने गुरुवार को शासनादेश जारी कर दिया है। मान्यता के लिए आवेदन एक अप्रैल से 31 दिसंबर के बीच किया जाएगा। बीएसए तीन कार्यदिवस में उसे खंड शिक्षा अधिकारी को स्कूल के निरीक्षण के लिए भेजेंगे। निरीक्षण का निर्देश मिलने के 10 दिन के अंदर खंड शिक्षा अधिकारी स्कूल का मुआयना कर अपनी निरीक्षण रिपोर्ट बीएसए को सौंपेंगे।


लखनऊ। बेसिक शिक्षा विभाग से निजी विद्यालयों को ऑनलाइन मान्यता मिलेगी। बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. सतीश द्विवेदी ने मंगलवार को बापू भवन स्थित अपने कार्यालय में ऑनलाइन विद्यालय मान्यता प्रणाली का शुभारंभ किया।

उन्होंने कहा कि निजी विद्यालयों की मान्यता के प्रकरण को जनहित गारंटी योजना के तहत सम्मिलित किया गया है। इसके तहत विद्यालय की मान्यता आवेदन मिलने की तिथि से एक माह के भीतर निस्तारित किया जाना अनिवार्य है।

उन्होंने बताया कि सबसे पहले निजी प्रबंधन को प्रेरणा पोर्टल पर मान्यता के लिए निर्धारित प्रारूप पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी आवेदन की ऑनलाइन जांच कर अपनी रिपोर्ट मान्यता समिति के समक्ष ऑनलाइन ही प्रस्तुत करेंगे। इस पर समिति भी ऑनलाइन निर्णय करेगी। इसके बाद विद्यालय मान्यता प्रमाण पत्र पोर्टल से ही ऑनलाइन उपलब्ध किया जाएगा। इस अवसर पर निदेशक बेसिक शिक्षा डॉ. सर्वेद्र बहादुर विक्रम सिंह, एडी बेसिक शिक्षा सुत्ता सिंह और संयुक्त शिक्षा निदेशक गणेश कुमार मौजूद थे।


लखनऊ :  उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. सतीश चन्द्र द्विवेदी ने मंगलवार को बापू भवन स्थित अपने कार्यालय में ऑनलाइन विद्यालय मान्यता प्रणाली पोर्टल का शुभारंभ किया. इसकी मदद से बेसिक शिक्षा विभाग के तहत निजी प्रबन्धन की तरफ से स्थापित किए जाने वाले विद्यालयों की मान्यता को ऑनलाइन किया जा सकेगा.


ऑनलाइन होगा मान्यता आवेदन
इस अवसर पर डॉ. द्विवेदी ने बताया कि उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग के तहत निजी प्रबंधन द्वारा स्थापित किए जाने वाले विद्यालयों की मान्यता ऑनलाइन किए जाने का प्रावधान किया गया है. मान्यता के प्रकरण को जनहित गारंटी योजना के तहत सम्मिलित किया गया है. इसमें सभी कार्रवाई एक माह में पूर्ण किए जाने का प्रावधान है. इस प्रकार निजी प्रबंधन द्वारा विद्यालय की मान्यता आवेदन करने की तिथि से 1 माह के अंदर निस्तारित किया जाना, अनिवार्य किया गया है.


प्रेरणा पोर्टल पर करें आवेदन
उन्होंने बताया कि ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया में सबसे पहले निजी प्रबंधन प्रेरणा पोर्टल पर मान्यता हेतु निर्धारित प्रारूप पर ऑनलाइन आवेदन करें. इसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा ऑनलाइन जांच की जाएगी. जांच के बाद जांच आख्या मान्यता समिति के समक्ष ऑनलाइन ही प्रस्तुत की जाएगी.


सभी कार्रवाई होगी ऑनलाइन
समिति द्वारा मान्यता प्रकरणों पर निर्णय ऑनलाइन किया जाएगा. निर्णय के पश्चात विद्यालय मान्यता प्रमाण पत्र पोर्टल से ही ऑनलाइन उपलब्ध किया जाएगा. इस प्रकार विद्यालय मान्यता की सभी कार्रवाई ऑनलाइन प्रेरणा पोर्टल के माध्यम से की जाएगी. इस अवसर पर निदेशक बेसिक शिक्षा डॉ. सर्वेन्द्र बहादुर विक्रम सिंह, एडी बेसिक शिक्षा श्रीमती सुत्ता सिंह, संयुक्त शिक्षा निदेशक गणेश कुमार उपस्थित रहे.

Tuesday, January 19, 2021

सीबीएसई ने स्कूलों को मान्यता देने की प्रणाली में किया बदलाव

CBSE Affiliation Rules Under NEP
सीबीएसई ने मान्यता नियमों में किया बदलाव, अब साल में तीन बार ही मिलेगा ये खास मौका

सीबीएसई ने स्कूलों को मान्यता देने की प्रणाली में किया बदलाव

सीबीएसई की स्कूल संबद्धता प्रणाली की प्रक्रिया होगी पूरी तरह डिजिटल

नई दिल्ली। सीबीएसई ने स्कूलों को मान्यता देने की प्रणाली में बदलाव करते हुए इस प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल कर दिया है। डाटा विश्लेषण के आधार पर इसमें मानवीय हस्तक्षेप की कम से कम गुंजाइश छोड़ी गई है। बोर्ड ने कहा है कि वह जल्द ही इस बदलाव के विस्तृत दिशानिर्देश के साथ सामने आएगा।

नई प्रणाली 1 मार्च से प्रभावी होगा। दरअसल नई शिक्षा नीति के तहत कई सिफारिशों के आधार पर इस प्रणाली में बदलाव किया गया है। सीबीएसई के सचिव अनुराग त्रिपाठी ने बताया | कि मान्यता प्रणाली हालांकि 2006 से ही ऑनलाइन है, लेकिन अब यह पूरी तरह डिजिटल होगी। 


न्यू एजुकेशन पॉलिसी की सिफारिशों को लागू करने के नजरिए से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने स्कूलों की संबद्धता से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब संबद्धता के लिए साल में तीन बार ही ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा। बोर्ड का आदेश गोरखपुर में संचालित स्कूलों में पहुंच गया है।


पुराने नियम के मुताबिक पूरे वर्ष संबद्धता के लिए आवेदन किए जाने की स्कूलों को छूट दी गई थी। मगर सत्र 2021-22 में संबद्धता के नियमों को और पारदर्शी बनाने और आंकड़ों में स्पष्टता लाने के नजरिए से बोर्ड ने नियमों में बदलाव करने का फैसला किया है।


व्यवस्था में बदलाव से चरण वार तरीके से स्कूलों के संबद्धता से जुड़े मामलों को जल्द निपटाने में आसानी होगी। वहीं संबद्धता से जुड़े काम को पूरा करने का दबाव भी बनेगा। हालांकि बोर्ड ने अतिरिक्त विषय, वर्गवार वृद्धि, स्कूल में नाम में परिवर्तन के लिए ऑनलाइन आवेदन एक मार्च से शुरू होकर वर्ष पर्यंत जारी रखने की छूट स्कूल प्रबंधन को दी है।
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इन तीन चरणों में होगा आवेदन
नए स्कूल की मान्यता के लिए नियमों में बदलाव के साथ बोर्ड ने कार्यक्रम भी जारी कर दिया है। तीन चरणों में आवेदन की प्रक्रिया मार्च एक से 31, जून 1-30 और सितंबर 1-30 तक चलेगी। ऑनलाइन आवेदन जमा कराने के बाद से स्कूलों का भौतिक निरीक्षण सीबीएसई के अधिकारियों की ओर से किया जाएगा। उनकी रिपोर्ट के आधार पर स्कूल को मान्यता प्रदान की जाएगी।


संबद्धता के नवीनीकरण के लिए भी एक महीने का मौका
बोर्ड ने संबद्धता के नवीनीकरण की प्रक्रिया में भी बदलाव किया है। पुराने नियम के मुताबिक स्कूल प्रबंधन को एक जनवरी से 31 मार्च तक आवेदन का मौका दिया जाता था। मगर नए सत्र से एक मार्च से 31 मार्च तक ही आवेदन का मौका स्कूल प्रबंधन को मिलेगा।


गोरखपुर स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय शाही ने बताया कि नए स्कूलों की मान्यता के संदर्भ में बोर्ड ने नई एजुकेशन पॉलिसी के तहत बदलाव किया है। अब साल में तीन बार ही आवेदन किया जा सकेगा। बोर्ड की पहल से संबद्धता के लिए आवेदन करने वाले स्कूलों को आसानी होगी।

Saturday, January 2, 2021

सहारनपुर : अखिल भारतीय उर्दू शिक्षक संघ उ0प्र0 को शिक्षक समस्याओं के निराकरण हेतु कार्यालय से पत्राचार हेतु मान्यता प्रदान करने सम्बन्धी आदेश जारी, देखें

सहारनपुर : अखिल भारतीय उर्दू शिक्षक संघ उ0प्र0 को शिक्षक समस्याओं के निराकरण हेतु कार्यालय से पत्राचार हेतु मान्यता प्रदान करने सम्बन्धी आदेश जारी, देखें


 

Thursday, November 19, 2020

डिग्री कॉलेजों को ऑनलाइन संबद्धता 15 अप्रैल तक, नए सत्र की समय-सारिणी जारी

डिग्री कॉलेजों को ऑनलाइन संबद्धता 15 अप्रैल तक, नए सत्र की समय-सारिणी जारी
 

सूबे के डिग्री कॉलेजों को नए शैक्षिक सत्र 2021-22 में ऑनलाइन संबद्धता दी जाएगी। यह पहला मौका है जब नए डिग्री कॉलेज खोलने, स्नातक व परास्नातक के नए कोर्स शुरू करने और कोर्सेज की सीट बढ़ाने के लिए ऑनलाइन संबद्धता दी जाएगी। उच्च शिक्षा विभाग ने बुधवार को नए सत्र में संबद्धता के लिए समय-सारिणी घोषित कर दी है।


उच्च शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव मोनिका एस गर्ग के अनुसार एनआइसी द्वारा तैयार सॉफ्टवेयर की मदद से ऑनलाइन संबद्धता की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। नए कोर्स शुरू करने की एनओसी हासिल करने के लिए डिग्री कॉलेज 31 दिसंबर तक विश्वविद्यालय के समक्ष आवेदन कर सकेंगे। ऐसे कॉलेज जो सारी अर्हताएं पूरी करते हैं, वे एनओसी व संबद्धता के लिए एक साथ आवेदन कर सकेंगे। जमा भूमि के अभिलेखों की राजस्व विभाग द्वारा 31 जनवरी तक जांच होगी। 

अभिलेख सही होने पर ऑनलाइन एनओसी जारी होगी। फिर संस्थान 25 फरवरी तक संबद्धता के लिए निरीक्षण मंडल गठित करने के लिए आवेदन करेंगे। विश्वविद्यालय पांच मार्च तक निरीक्षण मंडल का गठन करेंगे। निरीक्षण मंडल 30 मार्च तक अपनी रिपोर्ट विश्वविद्यालय को देंगे। विवि रिपोर्ट के आधार पर 15 अप्रैल तक विवि डिग्री कॉलेजों को ऑनलाइन संबद्धता दे सकेंगे।

Monday, August 31, 2020

यूपी बोर्ड : 412 स्कूलों को मिली इंटर की मान्यता

यूपी बोर्ड : 412 स्कूलों को मिली इंटर की मान्यता।

यूपी बोर्ड : 2022 की बोर्ड परीक्षा के लिए 412 स्कूलों को इंटर की मान्यता मिली है। विशेष सचिव आर्यका अखौरी ने 29 अगस्त को इंटरमीडिएट स्तर पर नवीन, अतिरिक्त विषय एवं अतिरिक्त वर्ग की मान्यता के आदेश जारी कर दिए। हालांकि हाईस्कूल की मान्यता के आदेश अभी जारी नहीं हो सके। नियमानुसार यह आदेश एक अप्रैल को सत्र शुरू होने से पहले ही जारी हो जाना चाहिए था, लेकिन कोरोना के कारण पांच महीने का समय लग गया। इन स्कूलों में वर्तमान सत्र में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राएं 2021 में 11वीं की परीक्षा देंगे और 2022 में बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित किया जाएगा।





आदेश के मुताबिक सर्वाधिक 142 मान्यता प्रयागराज क्षेत्रीय कार्यालय के अधीन स्कूलों को मिली है। मेरठ के 95, वाराणसी के 92, गोरखपुर के 59 और बरेली क्षेत्रीय कार्यालय के 24 स्कूलों को मान्यता दी गई है। सूत्रों के अनुसार मानक पूरा न करने के कारण कुछ स्कूलों को मान्यता जारी नहीं की गई है। जल्द ही यूपी बोर्ड की वेबसाइट पर स्कूलों के मान्यता आदेश अपलोड कर दिए जाएंगे ताकि स्कूल प्रबंधकों को चक्कर न काटना पड़े। गौरतलब है कि इस साल महज 173 स्कूलों ने नवीन मान्यता के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है। इनमें हाईस्कूल के 82 और इंटर के 91 स्कूलों ने नवीन मान्यता के लिए आवेदन किया है। 42 स्कूल ऐसे हैं जो पूर्व से संचालित हैं और जिन्होंने नये विषय या वर्ग की मान्यता के लिए आवेदन किया है।


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Saturday, August 29, 2020

यूपी बोर्ड : मान्यता पर निर्णय नहीं, दांव पर छात्रों का भविष्य

यूपी बोर्ड : मान्यता पर निर्णय नहीं, दांव पर छात्रों का भविष्य।

यूपी बोर्ड की मंजूरी के बाद 767 नए स्कूलों को मान्यता के लिए शासन की अनुमति का इंतजार

- 31 अगस्त है नौवीं-ग्यारहवीं में पंजीकरण कराने वाले छात्रों के प्रवेश की अंतिम तिथि।


प्रयागराज : यूपी बोर्ड की ओर स्कूलों की मान्यता पर निर्णय नहीं होने से हजारों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है। बोर्ड की ओर से मंजूरी के बाद स्कूलों की मान्यता की फाइल शासन के पास लंबित होने से परेशानी बढ़ी है। 767 स्कूलों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं का भविष्य दांव पर लगा है। 31 अगस्त को 9वीं व 11वीं कक्षा में पंजीकरण के लिए आवेदन की अंतिम तिथि है, ऐसे में मान्यता पर निर्णय नहीं होने से इन विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चे परेशान हैं।




प्रदेश भर के 767 विद्यालयों में को मान्यता के लिए शासन की मंजूरी के लिए यूपी बोर्ड की ओर से फाइल जनवरी 20 में ही भेज दी गई थी। शासन की ओर से नए स्कूलों की मान्यता पर फैसला मार्च के अंत और अप्रैल तक लिया जाता रहा है। लेकिन, इस बार फैसला लेने में देरी से स्कूल प्रबंधन और इन विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चों की परेशानी बढ़ी है।


31 अगस्त तक बढ़ाई प्रवेश की तिथि

यूपी बोर्ड ने नौवीं एवं ग्यारहवीं में पंजीकरण करवाने वाले छात्र-छात्राओं को स्कूल में फीस जमा करने के साथ प्रवेश लेने की अंतिम तिथि 31 अगस्त तय की है। इससे पहले बोर्ड ने पांच अगस्त प्रवेश की तिथि तय की थी। प्रवेश की गति धीमी होने और कोरोना की बात कहकर शासन की अनुमति पर बोर्ड ने प्रवेश की तिथि तो बढ़ा दी लेकिन 31 अगस्त तक मान्यता पर फैसला नहीं हुआ तो वहां पढ़ रहे छात्रों का क्या होगा।


1864 स्कूलों ने मान्यता के लिए किया था आवेदन
यूपी बोर्ड ने शासन को मान्यता के कुल 984 प्रकरण शासन को भेजे हैं। हाईस्कूल की नवीन मान्यता के 354, इंटर की नवीन मान्यता के 292, हाईस्कूल एवं इंटर नवीन मान्यता के 121 कुल मिलाकर 767 और इसके साथ इंटर अतिरिक्त वर्ग के 203 और इंटर अतिरिक्त विषय के 14 केस हैं। मान्यता के लिए प्रदेश भर के 1864 स्कूलों ने ऑनलाइन आवेदन किया था।


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Monday, August 24, 2020

अब प्राथमिक विद्यालय और जूनियर हाईस्कूल की मान्यता 60 दिनों में

अब प्राथमिक विद्यालय और जूनियर हाईस्कूल की मान्यता 60 दिनों में

 
लखनऊ : प्रदेश में अब प्राथमिक विद्यालय और जूनियर हाईस्कूल स्थापित करने के लिए अधिकतम 60 कार्य दिवसों में मान्यता मिल जाएगी।


प्राथमिक विद्यालयों और जूनियर हाईस्कूलों का तय समय में मान्यता दिए जाने संबंधी बेसिक शिक्षा विभाग की इन दो सेवाओं को राज्य सरकार ने उप्र जनहित गारंटी अधिनियम, 2011 में शामिल करते हुए इसके लिए समय सीमा निर्धारित कर दी है।राजनैतिक पंशन विभाग की दो सेवाएं भी जनहित गारंटी अधिनियम में शामिल की गई हैं।

Wednesday, August 12, 2020

यूपी बोर्ड : मान्यता पर निर्णय नहीं होने से हजारों छात्रों का दांव पर लगा भविष्य

यूपी बोर्ड : मान्यता पर निर्णय नहीं होने से हजारों छात्रों का दांव पर लगा भविष्य।

यूपी बोर्ड की ओर स्कूलों की मान्यता पर निर्णय नहीं होने से इन स्कूलों में पढ़ रहे हजारों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है। बोर्ड की मंजूरी के बाद स्कूलों की मान्यता की फाइल शासन के पास लंबित होने से परेशानी बढ़ी है। शासन की मंजूरी नहीं मिलने से मान्यता का इंतजार कर रहे 767 स्कूलों में नौवीं-ग्यारहवीं के छात्र-छात्राएं अग्रिम पंजीकरण का आवेदन नहीं कर पा रहे हैं।



प्रदेश भर के 767 विद्यालयों में प्रति छात्र 100 विद्यार्थी भी मानें तो लगभग 76 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को बोर्ड की अनुमति का इंतजार है। शासन की मंजूरी के लिए यूपी बोर्ड की ओर से मान्यता की फाइल जनवरी में ही भेज दी गई थी। नए स्कूलों की मान्यता पर फैसला मार्च के अंत या अप्रैल तक लिया जाता रहा है।

यूपी बोर्ड ने 31 अगस्त तक बढ़ाई है प्रवेश की तिथि।

 यूपी बोर्ड ने नौवीं एवं ग्यारहवीं में पंजीकरण करवाने वाले छात्र-छात्राओं को स्कूल में फीस जमा करने के साथ प्रवेश लेने की अंतिम तिथि 31 अगस्त तय की है। इससे पहले बोर्ड ने पांच अगस्त प्रवेश की तिथि तय की थी। प्रवेश की गति धीमी होने और कोरोना की बात कहकर शासन की अनुमति पर बोर्ड ने प्रवेश की तिथि तो बढ़ा दी परंतु 31 अगस्त तक मान्यता पर फैसला नहीं हुआ तो वहां पढ़ रहे छात्रों का क्या होगा। मान्यता को लेकर शासन में फाइल लंबित होने के चलते बोर्ड में कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है।

1864 स्कूलों ने मान्यता के लिए किया था आवेदन।

यूपी बोर्ड ने शासन को मान्यता के कुल 984 प्रकरण शासन को भेजे हैं। हाईस्कूल नवीन मान्यता के 354, इंटर नवीन मान्यता के 292, हाईस्कूल एवं इंटर नवीन मान्यता के 121 कुल मिलाकर 767 और इसके साथ इंटर अतिरिक्त वर्ग के 203 और इंटर अतिरिक्त विषय के 14 केस हैं। मान्यता के लिए प्रदेशभर के 1864 स्कूलों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। स्क्रीनिंग के बाद बोर्ड ने 984 प्रकरणों की संस्तुति शासन को भेजी है।


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Tuesday, August 11, 2020

फतेहपुर : यू-डायस प्रपत्र न भरने वाले मान्यता प्राप्त विद्यालयों की जाएगी मान्यता, बीएसए ने अंतिम अवसर देते हुए जारी की चेतावनी

फतेहपुर : यू-डायस प्रपत्र न भरने वाले मान्यता प्राप्त विद्यालयों की जाएगी मान्यता।

मान्यता प्राप्त जिन विद्यालयों ने यू-डायस पर प्रपत्र अपलोड नहीं किए हैं उनकी मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई की जाएगी। इन विद्यालयों को अब अंतिम अवसर देते हुए शीघ्र ही प्रपत्र अपलोड करने की बेसिक शिक्षा विभाग ने चेतावनी दे दी है। अन्यथा उन पर मान्यता प्रत्याहरण कार्रवाई की जाएगी। जिले में ऐसे करीब आधा सैकड़ा विद्यालय हैं जिन्होंने यू-डायस पर प्रपत्र अपलोड नहीं किए हैं।



बीएसए शिवेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि बीएसए, डीआईओएस, समाज कल्याण विभाग व अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधीन संचालित परिषदीय शासकीय सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त विद्यालयों को कई बार डाटा कैप्चर फार्मेट भरने के लिए निर्देशित किया जा चुका है। इसके बाद भी इस कार्य में लापरवाही बरती जा रही है। अभी भी जिले 50 विद्यालय ऐसे हैं जिन्होंने यह विवरण अपलोड नहीं किया है। अंतिम चेतावनी जारी करते हुए इन विद्यालयों से कहा गया है कि शीघ्र ही डीसीएफ भर दें। अन्यथा की स्थिति में उनकी मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई की जाएगी।





इसके लिए विद्यालयों से बीआरसी से संपर्क करके यह प्रक्रिया तत्काल पूरी करने के लिए कहा गया है। बीएसए ने साफ कहा है कि कई बार कहने के बाद भी यह कार्य नहीं किया गया है। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और कार्रवाई की जाएगी।


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Wednesday, August 5, 2020

सिर्फ 173 स्कूलों ने मांगी यूपी बोर्ड से मान्यता

सिर्फ 173 स्कूलों ने मांगी यूपी बोर्ड से मान्यता।

प्रयागराज  : कोरोना काल में हर वर्ग आर्थिक तंगी से गुजर रहा है। इसका असर यूपी बोर्ड से मान्यता लेने वाले स्कूलों की संख्या पर भी पड़ा है। इस साल महज 173 स्कूलों ने मान्यता के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है। इनमें हाईस्कूल के 82 और इंटर के 91 स्कूलों ने आवेदन किया है। 42 स्कूल ऐसे हैं जो पूर्व से संचालित हैं और नए विषय या वर्ग की मान्यता के लिए आवेदन किया है।




इस वर्ष आवेदन करने वाले स्कूलों को 1 अप्रैल 2021 से मान्यता जारी होगी और इनके बच्चे 2023 की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित होंगे। इन स्कूलों के स्थलीय निरीक्षण की रिपोर्ट जिला विद्यालय निरीक्षक 20 अगस्त तक भेजेंगे। मान्यता प्रकरणों के समय से निस्तारण के लिए बोर्ड ने 2020-21 सत्र से एक अप्रैल से 31 मई तक ऑनलाइन आवेदन लेना शुरू किया है। पिछले साल 31 जुलाई तक मान्यता के आवेदन स्वीकार किए थे।


पिछले साल 2020 में स्कूलों ने नवीन मान्यता के अलावा विषय या वर्ग की मान्यता के लिए आवेदन किया था। इनमें से 984 स्कूलों को मान्यता देने की संस्तुति की गई है। इनमें से 767 स्कूलों ने नवीन मान्यता के लिए आवेदन किया था।


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Tuesday, August 4, 2020

यूपी बोर्ड के 700 कालेजों को मान्यता का इंतजार, कोरोना के चलते गड़बड़ाया टाइम टेबल

यूपी बोर्ड के 700 कालेजों को मान्यता का इंतजार, कोरोना के चलते गड़बड़ाया टाइम टेबल

 
प्रयागराज : यूपी बोर्ड इन दिनों हाईस्कूल व इंटर के परीक्षा फार्म भरवा रहा है और कक्षा 9 व 11 में पंजीकरण करा रहा है। नए शैक्षिक सत्र में मान्यता पाने के लिए माध्यमिक कालेजों ने आवेदन किया है लेकिन, उन्हें अब तक मान्यता निर्गत नहीं हुई है। प्रदेशभर के करीब 700 से अधिक कालेजों को हाईस्कूल, इंटर की 2020-21 शैक्षिक सत्र की मान्यता के लिए ऑनलाइन आवेदन किया, उसकी पत्रवली तैयार करके शासन को भेजी जा चुकी है।


यूपी बोर्ड हर साल शैक्षिक सत्र शुरू करने से पहले आवेदक कालेजों को कक्षा 9 से लेकर 12वीं तक व संकाय आदि की मान्यता निर्गत करता रहा है। पहले ऑफलाइन आवेदन लिए जाते थे लेकिन, इधर ऑनलाइन आवेदन हो रहे हैं, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। इस बार भी बोर्ड ने क्षेत्रीय कार्यालयों के परिक्षेत्र में आने वाले कालेजों की फाइलों पर बैठक की और पत्रवली फरवरी में ही शासन को स्वीकृति के लिए भेजी। तब से अब तक मान्यता निर्गत होने की राह देखी जा रही है। 


कहा जा रहा है कि कोरोना संक्रमण की वजह से मान्यता का टाइम टेबिल गड़बड़ा गया है। बोर्ड ने मान्यता निर्गत किए बिना ही छह जुलाई को प्रवेश शुरू करने का आदेश जारी कर दिया है। वहीं, हाईस्कूल व इंटर के परीक्षा फार्म भी भरवाए जा रहे हैं। आवेदन करने वाले कालेज प्रबंधक परेशान हैं, जो अभिभावक बच्चों का दाखिला करा चुके हैं उन्हें भी रास्ता नहीं सूझ रहा है। उधर, बोर्ड सचिव दिव्यकांत शुक्ल का कहना है कि इस मामले में शासन में मंथन चल रहा है, जल्द ही मान्यता निर्गत की जाएगी।

Saturday, July 18, 2020

यूपी बोर्ड से मान्यता मिली नहीं, 767 स्कूलों के हजारों छात्रों का क्या होगा

यूपी बोर्ड से मान्यता मिली नहीं, 767 स्कूलों के हजारों छात्रों का क्या होगा


यूपी बोर्ड से मान्यता पाने का इंतजार कर रहे प्रदेशभर के 767 स्कूलों के हजारों छात्रों के भविष्य को लेकर संशय की स्थिति पैदा हो गई है। 6 जुलाई से प्रवेश शुरू होने के साथ ही ये 767 स्कूल भी इस उम्मीद में दाखिला लेने लगे हैं कि मान्यता तो मिल ही जाएगी लेकिन 2020-21 सत्र के लिए प्रवेश की अंतिम तिथि यानि 5 अगस्त तक मान्यता आदेश जारी नहीं होता तो परेशानी हो सकती है। प्रति स्कूल कक्षा 9 व 11 के 100 बच्चे भी मान लिए जाएं तो 75 हजार से अधिक बच्चों के सामने संकट खड़ा हो जाएगा।


बोर्ड की नियमावली के अनुसार एक अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के पहले मान्यता आदेश जारी हो जाने चाहिए। बोर्ड ने क्षेत्रीय कार्यालयवार बैठकें कर सभी स्कूलों की फाइलें फरवरी में ही शासन को स्वीकृति के लिए भेज दी थी। लेकिन मान्यता आदेश जारी होने के पहले ही कोरोना ने सब अस्तव्यस्त कर दिया। देर होने के बावजूद 6 जुलाई को प्रवेश शुरू करने से पहले मान्यता की स्वीकृति जारी हो जानी चाहिए थी। लेकिन अब तक आदेश जारी नहीं हो सके हैं।


आज स्थिति यह है कि आवेदन करने वाले स्कूल प्रबंधकों से उन बच्चों के अभिभावक मान्यता का इंतजार कर रहे हैं जिन्होंने अपने बच्चों का दाखिला करा दिया है। इन 767 स्कूलों में 354 ने नवीन हाईस्कूल, 292 ने नवीन इंटर, 121 ने 10वीं-12वीं दोनों की नवीन मान्यता के लिए आवेदन किया है। इस साल कक्षा 9 व 11 में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राएं 2022 की 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा में सम्मिलति होंगे। मामला शासन के विचाराधीन होने के कारण कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है।

Sunday, June 28, 2020

प्राइवेट बेसिक स्कूलों की मान्यता में घपला, जांच मे दोषी पाए गए शिक्षा अधिकारियों को बचाने में जुटे है विभागीय अधिकारी

प्राइवेट बेसिक स्कूलों की मान्यता में घपला, जांच मे दोषी पाए गए शिक्षा अधिकारियों को बचाने में जुटे  है विभागीय अधिकारी

 

अयोध्या :  जिले के निजी जूनियर व प्राइमरी स्कूलों को नियमों को दरकिनार कर मान्यता देने के मामले में अब तक पटल निरीक्षक के निलंबन के आगे कार्रवाई नहीं बढ़ी है। साल 2018-19 और 2019-20 में हुए घोटाले में शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जगह एडी बेसिक और बीएसए के बीच दोषी बीईओ के नाम पता लगाने को लेकर खानापूरी ही चल रही है। इस मामले में हुई जांच में तत्कालीन बीएसए अमिता सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी और पटल लिपिक दोषी पाए गए थे। तीन सदस्यीय कमिटी ने 263 स्कूलों की जांच में 84 स्कूलों की मान्यता जारी करने में गंभीर वित्तीय और अन्य अनियमितताओं की बात कही थी।


डीएम एके झा के आदेश पर सितंबर-2019 में हुई जांच के बाद रिपोर्ट में तत्कालीन बीएसए, खंड शिक्षा अधिकारियों और लिपिक गया प्रसाद को निलंबित कर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की गई थी। इसके बाद 6 फरवरी 2020 को डीएम ने यह रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा को भेजी दी थी। रिपोर्ट के आधार पर डीजी (स्कूल शिक्षा) ने एडी बेसिक अयोध्या को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया था। हालांकि, अभी तक केवल लिपिक को ही सस्पेंड किया गया है। वहीं, सूत्रों का कहना है कि घोटाले में दोषी पाए गए बीईओ के नाम को लेकर अब लिखा-पढ़ी की जा रही है। बीएसए बीईओ का नाम एडी बेसिक को नही भेज पाएं है।


आरोपित अधिकारियों के नाम नहीं भेजे
एडी बेसिक अयोध्या रविन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि बीएसए से आरोपित बीईओ का नाम 6 फरवरी 2020 को मांगा गया है। 10 फरवरी को उन्होंने सभी बीईओ के नाम की सूची भेज दी लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि कौन-कौन से बीईओ आरोपित हैं। 19 मई को बीएसए दो रीमाइंडर भेजा गया है। बीएसए से रिपोर्ट मिलने के बाद आरोपपत्र बना कर पत्रावली शिक्षा महानिदेशक को भेज दी जाएगी।



मेरे स्तर से कोई कार्रवाई बाकी नहीं
इस मामले में बीएसए संतोष कुमार देव पांडेय ने बताया कि मान्यता को लेकर जांच बाकी स्कूलों की तीन सदस्यीय कमिटी कर रही है, जिसकी रिपोर्ट नहीं आई है। जिन 84 स्कूलों की मान्यता देने में अनियमितताओं की जांच रिपोर्ट आ चुकी है उस मेरे स्तर पर कोई कार्रवाई पेंडिंग नहीं है। दोषियों पर कार्रवाई करने का प्रकरण एडी बेसिक स्तर का मामला है। 

Thursday, May 28, 2020

प्रयागराज : आठवीं तक के 53 नए स्कूलों को मिली मान्यता

प्रयागराज : आठवीं तक के 53 नए स्कूलों को मिली मान्यता।


आठवीं तक के 53 नए स्कूलों को मान्यता


प्रयागराज : जिले में कक्षा एक से आठ तक के 53 नए स्कूलों को 2020-21 सत्र से मान्यता मिली है। इनमें 31 प्राथमिक व 17 उच्च प्राथमिक स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाने की मंजूरी दी गई है जबकि एक प्राथमिक व चार उच्च प्राथमिक स्कूलों ने हिन्दी माध्यम से मान्यता प्राप्त की है। इसकी सूचना शासन को भेज दी गई है।

बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुमार कुशवाहा ने बताया कि कुल 94 प्राथमिक एवं 38 उच्च प्राथमिक विद्यालयों ने अंग्रेजी माध्यम से जबकि छह प्राथमिक व पांच उच्च प्राथमिक विद्यालयों ने हिन्दी माध्यम से मान्यता के लिए 2019-20 सत्र में आवेदन किया था। 31 मार्च तक आवेदन का निस्तारण किया गया। इनमें से 68 प्राथमिक व 22 उच्च प्राथमिक स्कूलों के आवेदन मानक पूरे न होने के कारण निरस्त किए गए हैं। वर्तमान में जिले में चार हजार से अधिक मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूल हैं।





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Wednesday, May 20, 2020

प्रदेश में 2864 मदरसे पाए गए फर्जी, मान्यता पर लगी रोक

प्रदेश में 2864 मदरसे पाए गए फर्जी, मान्यता पर लगी रोक।



प्रदेश में 2864 मदरसे पाए गए फर्जी, मान्यता पर लगी रोक।

शिकंजा : मानके पूरे न होने पर मदरसा वेब पोर्टल का नहीं हो सका पंजीकरण।
पहले 19123 को मिल रहा था लाभ, अब 116277 को मिल सकेगा


प्रदेश में 2846 मदरसे फर्जी निकले हैं। इसका पर्दाफाश तब हुआ, जब इनका मानक पूरे नहीं होने पर मदरसा वेब पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नहीं हो सका। जिसके बाद मदरसों की मान्यता देने पर ही रोक लगी है। पहले 19123 मदरसे पंजीकृत थे, लेकिन मदरसा वेब पोर्टल पर 16277 मदरसे ही पंजीकृत हो पाए हैं। रामपुर में भी 321 मदरसे संचालित हैं, जबकि 100 से ज्यादा मदरसे ऐसे हैं, जिनका पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नहीं हो सका है। रामपुर में मदरसों में 40 हजार छात्र पढ़ते हैं, जबकि प्रदेशभर में 20 लाख छात्र पढ़ते हैं। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मोहम्मद खालिद का कहना है कि मान्यता के लिए मदरसा शिक्षा परिषद ने मानक तय कर रखे हैं। प्राइमरी स्तर के मदरसे के लिए तीन कमरे, जूनियर हाई स्कूल सत्र के लिए छह कमरे और हाईस्कूल स्तर के मदरसे के लिए 10 कमरे होना अनिवार्य हैं। इसके साथ ही प्राइमरी स्तर के मदरसे में कम से कम 60 छात्र होने चाहिए। नए मदरसों की मान्यता पर जुलाई 2016 से रोक है, इसलिए मान्यता नहीं दी जा रही है। फर्जीवाड़े को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद ने 2017 में मदरसा वेब पोर्टल लांच किया। परिषद ने यह अनिवार्य कर दिया कि सभी मदरसों को मदरसा वेब पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन कराना है।





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Thursday, March 19, 2020

यूपी बोर्ड : नए सत्र में 767 स्कूलों को मान्यता देगा यूपी बोर्ड,1864 स्कूलों ने मान्यता के लिए किया था आवेदन

यूपी बोर्ड : नए सत्र में 767 स्कूलों को मान्यता देगा यूपी बोर्ड,1864 स्कूलों ने मान्यता के लिए किया था आवेदन।





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Thursday, January 30, 2020

माध्यमिक : डीआईओएस 05 फरवरी तक अपलोड कर सकेंगे स्कूलों की मान्यता की रिपोर्ट

माध्यमिक : डीआईओएस 05 फरवरी तक अपलोड कर सकेंगे स्कूलों की मान्यता की रिपोर्ट।






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