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Thursday, November 19, 2020

डिग्री कॉलेजों को ऑनलाइन संबद्धता 15 अप्रैल तक, नए सत्र की समय-सारिणी जारी

डिग्री कॉलेजों को ऑनलाइन संबद्धता 15 अप्रैल तक, नए सत्र की समय-सारिणी जारी
 

सूबे के डिग्री कॉलेजों को नए शैक्षिक सत्र 2021-22 में ऑनलाइन संबद्धता दी जाएगी। यह पहला मौका है जब नए डिग्री कॉलेज खोलने, स्नातक व परास्नातक के नए कोर्स शुरू करने और कोर्सेज की सीट बढ़ाने के लिए ऑनलाइन संबद्धता दी जाएगी। उच्च शिक्षा विभाग ने बुधवार को नए सत्र में संबद्धता के लिए समय-सारिणी घोषित कर दी है।


उच्च शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव मोनिका एस गर्ग के अनुसार एनआइसी द्वारा तैयार सॉफ्टवेयर की मदद से ऑनलाइन संबद्धता की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। नए कोर्स शुरू करने की एनओसी हासिल करने के लिए डिग्री कॉलेज 31 दिसंबर तक विश्वविद्यालय के समक्ष आवेदन कर सकेंगे। ऐसे कॉलेज जो सारी अर्हताएं पूरी करते हैं, वे एनओसी व संबद्धता के लिए एक साथ आवेदन कर सकेंगे। जमा भूमि के अभिलेखों की राजस्व विभाग द्वारा 31 जनवरी तक जांच होगी। 

अभिलेख सही होने पर ऑनलाइन एनओसी जारी होगी। फिर संस्थान 25 फरवरी तक संबद्धता के लिए निरीक्षण मंडल गठित करने के लिए आवेदन करेंगे। विश्वविद्यालय पांच मार्च तक निरीक्षण मंडल का गठन करेंगे। निरीक्षण मंडल 30 मार्च तक अपनी रिपोर्ट विश्वविद्यालय को देंगे। विवि रिपोर्ट के आधार पर 15 अप्रैल तक विवि डिग्री कॉलेजों को ऑनलाइन संबद्धता दे सकेंगे।

Monday, August 31, 2020

यूपी बोर्ड : 412 स्कूलों को मिली इंटर की मान्यता

यूपी बोर्ड : 412 स्कूलों को मिली इंटर की मान्यता।

यूपी बोर्ड : 2022 की बोर्ड परीक्षा के लिए 412 स्कूलों को इंटर की मान्यता मिली है। विशेष सचिव आर्यका अखौरी ने 29 अगस्त को इंटरमीडिएट स्तर पर नवीन, अतिरिक्त विषय एवं अतिरिक्त वर्ग की मान्यता के आदेश जारी कर दिए। हालांकि हाईस्कूल की मान्यता के आदेश अभी जारी नहीं हो सके। नियमानुसार यह आदेश एक अप्रैल को सत्र शुरू होने से पहले ही जारी हो जाना चाहिए था, लेकिन कोरोना के कारण पांच महीने का समय लग गया। इन स्कूलों में वर्तमान सत्र में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राएं 2021 में 11वीं की परीक्षा देंगे और 2022 में बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित किया जाएगा।





आदेश के मुताबिक सर्वाधिक 142 मान्यता प्रयागराज क्षेत्रीय कार्यालय के अधीन स्कूलों को मिली है। मेरठ के 95, वाराणसी के 92, गोरखपुर के 59 और बरेली क्षेत्रीय कार्यालय के 24 स्कूलों को मान्यता दी गई है। सूत्रों के अनुसार मानक पूरा न करने के कारण कुछ स्कूलों को मान्यता जारी नहीं की गई है। जल्द ही यूपी बोर्ड की वेबसाइट पर स्कूलों के मान्यता आदेश अपलोड कर दिए जाएंगे ताकि स्कूल प्रबंधकों को चक्कर न काटना पड़े। गौरतलब है कि इस साल महज 173 स्कूलों ने नवीन मान्यता के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है। इनमें हाईस्कूल के 82 और इंटर के 91 स्कूलों ने नवीन मान्यता के लिए आवेदन किया है। 42 स्कूल ऐसे हैं जो पूर्व से संचालित हैं और जिन्होंने नये विषय या वर्ग की मान्यता के लिए आवेदन किया है।


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Saturday, August 29, 2020

यूपी बोर्ड : मान्यता पर निर्णय नहीं, दांव पर छात्रों का भविष्य

यूपी बोर्ड : मान्यता पर निर्णय नहीं, दांव पर छात्रों का भविष्य।

यूपी बोर्ड की मंजूरी के बाद 767 नए स्कूलों को मान्यता के लिए शासन की अनुमति का इंतजार

- 31 अगस्त है नौवीं-ग्यारहवीं में पंजीकरण कराने वाले छात्रों के प्रवेश की अंतिम तिथि।


प्रयागराज : यूपी बोर्ड की ओर स्कूलों की मान्यता पर निर्णय नहीं होने से हजारों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है। बोर्ड की ओर से मंजूरी के बाद स्कूलों की मान्यता की फाइल शासन के पास लंबित होने से परेशानी बढ़ी है। 767 स्कूलों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं का भविष्य दांव पर लगा है। 31 अगस्त को 9वीं व 11वीं कक्षा में पंजीकरण के लिए आवेदन की अंतिम तिथि है, ऐसे में मान्यता पर निर्णय नहीं होने से इन विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चे परेशान हैं।




प्रदेश भर के 767 विद्यालयों में को मान्यता के लिए शासन की मंजूरी के लिए यूपी बोर्ड की ओर से फाइल जनवरी 20 में ही भेज दी गई थी। शासन की ओर से नए स्कूलों की मान्यता पर फैसला मार्च के अंत और अप्रैल तक लिया जाता रहा है। लेकिन, इस बार फैसला लेने में देरी से स्कूल प्रबंधन और इन विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चों की परेशानी बढ़ी है।


31 अगस्त तक बढ़ाई प्रवेश की तिथि

यूपी बोर्ड ने नौवीं एवं ग्यारहवीं में पंजीकरण करवाने वाले छात्र-छात्राओं को स्कूल में फीस जमा करने के साथ प्रवेश लेने की अंतिम तिथि 31 अगस्त तय की है। इससे पहले बोर्ड ने पांच अगस्त प्रवेश की तिथि तय की थी। प्रवेश की गति धीमी होने और कोरोना की बात कहकर शासन की अनुमति पर बोर्ड ने प्रवेश की तिथि तो बढ़ा दी लेकिन 31 अगस्त तक मान्यता पर फैसला नहीं हुआ तो वहां पढ़ रहे छात्रों का क्या होगा।


1864 स्कूलों ने मान्यता के लिए किया था आवेदन
यूपी बोर्ड ने शासन को मान्यता के कुल 984 प्रकरण शासन को भेजे हैं। हाईस्कूल की नवीन मान्यता के 354, इंटर की नवीन मान्यता के 292, हाईस्कूल एवं इंटर नवीन मान्यता के 121 कुल मिलाकर 767 और इसके साथ इंटर अतिरिक्त वर्ग के 203 और इंटर अतिरिक्त विषय के 14 केस हैं। मान्यता के लिए प्रदेश भर के 1864 स्कूलों ने ऑनलाइन आवेदन किया था।


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Monday, August 24, 2020

अब प्राथमिक विद्यालय और जूनियर हाईस्कूल की मान्यता 60 दिनों में

अब प्राथमिक विद्यालय और जूनियर हाईस्कूल की मान्यता 60 दिनों में

 
लखनऊ : प्रदेश में अब प्राथमिक विद्यालय और जूनियर हाईस्कूल स्थापित करने के लिए अधिकतम 60 कार्य दिवसों में मान्यता मिल जाएगी।


प्राथमिक विद्यालयों और जूनियर हाईस्कूलों का तय समय में मान्यता दिए जाने संबंधी बेसिक शिक्षा विभाग की इन दो सेवाओं को राज्य सरकार ने उप्र जनहित गारंटी अधिनियम, 2011 में शामिल करते हुए इसके लिए समय सीमा निर्धारित कर दी है।राजनैतिक पंशन विभाग की दो सेवाएं भी जनहित गारंटी अधिनियम में शामिल की गई हैं।

Wednesday, August 12, 2020

यूपी बोर्ड : मान्यता पर निर्णय नहीं होने से हजारों छात्रों का दांव पर लगा भविष्य

यूपी बोर्ड : मान्यता पर निर्णय नहीं होने से हजारों छात्रों का दांव पर लगा भविष्य।

यूपी बोर्ड की ओर स्कूलों की मान्यता पर निर्णय नहीं होने से इन स्कूलों में पढ़ रहे हजारों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है। बोर्ड की मंजूरी के बाद स्कूलों की मान्यता की फाइल शासन के पास लंबित होने से परेशानी बढ़ी है। शासन की मंजूरी नहीं मिलने से मान्यता का इंतजार कर रहे 767 स्कूलों में नौवीं-ग्यारहवीं के छात्र-छात्राएं अग्रिम पंजीकरण का आवेदन नहीं कर पा रहे हैं।



प्रदेश भर के 767 विद्यालयों में प्रति छात्र 100 विद्यार्थी भी मानें तो लगभग 76 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को बोर्ड की अनुमति का इंतजार है। शासन की मंजूरी के लिए यूपी बोर्ड की ओर से मान्यता की फाइल जनवरी में ही भेज दी गई थी। नए स्कूलों की मान्यता पर फैसला मार्च के अंत या अप्रैल तक लिया जाता रहा है।

यूपी बोर्ड ने 31 अगस्त तक बढ़ाई है प्रवेश की तिथि।

 यूपी बोर्ड ने नौवीं एवं ग्यारहवीं में पंजीकरण करवाने वाले छात्र-छात्राओं को स्कूल में फीस जमा करने के साथ प्रवेश लेने की अंतिम तिथि 31 अगस्त तय की है। इससे पहले बोर्ड ने पांच अगस्त प्रवेश की तिथि तय की थी। प्रवेश की गति धीमी होने और कोरोना की बात कहकर शासन की अनुमति पर बोर्ड ने प्रवेश की तिथि तो बढ़ा दी परंतु 31 अगस्त तक मान्यता पर फैसला नहीं हुआ तो वहां पढ़ रहे छात्रों का क्या होगा। मान्यता को लेकर शासन में फाइल लंबित होने के चलते बोर्ड में कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है।

1864 स्कूलों ने मान्यता के लिए किया था आवेदन।

यूपी बोर्ड ने शासन को मान्यता के कुल 984 प्रकरण शासन को भेजे हैं। हाईस्कूल नवीन मान्यता के 354, इंटर नवीन मान्यता के 292, हाईस्कूल एवं इंटर नवीन मान्यता के 121 कुल मिलाकर 767 और इसके साथ इंटर अतिरिक्त वर्ग के 203 और इंटर अतिरिक्त विषय के 14 केस हैं। मान्यता के लिए प्रदेशभर के 1864 स्कूलों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। स्क्रीनिंग के बाद बोर्ड ने 984 प्रकरणों की संस्तुति शासन को भेजी है।


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Tuesday, August 11, 2020

फतेहपुर : यू-डायस प्रपत्र न भरने वाले मान्यता प्राप्त विद्यालयों की जाएगी मान्यता, बीएसए ने अंतिम अवसर देते हुए जारी की चेतावनी

फतेहपुर : यू-डायस प्रपत्र न भरने वाले मान्यता प्राप्त विद्यालयों की जाएगी मान्यता।

मान्यता प्राप्त जिन विद्यालयों ने यू-डायस पर प्रपत्र अपलोड नहीं किए हैं उनकी मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई की जाएगी। इन विद्यालयों को अब अंतिम अवसर देते हुए शीघ्र ही प्रपत्र अपलोड करने की बेसिक शिक्षा विभाग ने चेतावनी दे दी है। अन्यथा उन पर मान्यता प्रत्याहरण कार्रवाई की जाएगी। जिले में ऐसे करीब आधा सैकड़ा विद्यालय हैं जिन्होंने यू-डायस पर प्रपत्र अपलोड नहीं किए हैं।



बीएसए शिवेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि बीएसए, डीआईओएस, समाज कल्याण विभाग व अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधीन संचालित परिषदीय शासकीय सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त विद्यालयों को कई बार डाटा कैप्चर फार्मेट भरने के लिए निर्देशित किया जा चुका है। इसके बाद भी इस कार्य में लापरवाही बरती जा रही है। अभी भी जिले 50 विद्यालय ऐसे हैं जिन्होंने यह विवरण अपलोड नहीं किया है। अंतिम चेतावनी जारी करते हुए इन विद्यालयों से कहा गया है कि शीघ्र ही डीसीएफ भर दें। अन्यथा की स्थिति में उनकी मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई की जाएगी।





इसके लिए विद्यालयों से बीआरसी से संपर्क करके यह प्रक्रिया तत्काल पूरी करने के लिए कहा गया है। बीएसए ने साफ कहा है कि कई बार कहने के बाद भी यह कार्य नहीं किया गया है। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और कार्रवाई की जाएगी।


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