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Wednesday, January 13, 2021

रामपुर : गर्मी में विद्यालय खोलने पर शिक्षक संघ ने जताई आपत्ति

रामपुर : गर्मी में विद्यालय खोलने पर शिक्षक संघ ने जताई आपत्ति


रामपुर। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघने भीषण गर्मी में परिषदीयविद्यालय खोलने पर आपत्ति जताई है। बेसिक शिक्षा परिषद परिषद सचिव को ज्ञापन भेजकर समन्वय परिवर्तन पर पुनर्विचार करने की मांग की है।


सोमवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को ज्ञापन भेजा।ज्ञापन में कहा गया कि 6 जनवरी को जारी वर्ष 2021 की अवकाश तालिका में ग्रीष्मकालीन अवकाश 20 मई से 15 जून तक रखा गया हैं। 16 जून से 30 जून तक गर्मी अपनी चरम सीमा पर होती हैं। यह समय शिक्षण के लिये कतई उपयुक्त नहीं हैं।इसलिए ग्रीष्मकालीन अवकाश 1 जून से 30 जून तक किया जाना उचित रहेगा।


ज्ञापन में ग्रीष्मकालीन समयावधि पर भी आपत्ति की गयी हैं। दोपहर एक बजे के बाद पढ़ाई तो दूर कमरों में बैठना मुश्किल ही हो जाता है। ऐसी स्थिति में विद्यालय का समय पूर्ववतसुबह 8 बजे से दोपहर एक बजे तक रखना उचित होगा। ज्ञापन देने में जिला अध्यक्ष कैलाश बाबू पटेल और जिला मन्त्री आनन्द प्रकाश गुप्ता रहे।

Sunday, January 3, 2021

विधायक की शिकायत पर बीएसए रामपुर के खिलाफ जांच के आदेश, बनी संयुक्त जांच कमेटी को 15 दिन में करनी होगी जांच

विधायक की शिकायत पर बीएसए रामपुर के खिलाफ जांच के आदेश, बनी संयुक्त जांच कमेटी को 15 दिन में करनी होगी जांच

● संयुक्त शिक्षा निदेशक व मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक बरेली की बनी संयुक्त जांच कमेटी

● मिलक विधायक ने की थी शिकायत शासन ने दिए जांच के आदेश

शासन ने विधायक की इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। इस मामले में शासन ने दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है जिसमें जेडी और एडी बरेली को शामिल किया गया 


रामपुर। विधायक राजबाला की शिकायत पर बीएसए ऐश्वर्य लक्ष्मी के खिलाफ जांच बैठा दी गई है। इसके लिए बरेली के (जेडी) संयुक्त शिक्षा निदेशक एवं बरेली के ही (एडी) मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित की गई है। इसमें शासन ने कमेटी को पंद्रह दिनों के भीतर जांच पूरी करने के आदेश दिए हैं। मिलक विधायक राजबाला ने भी पिछले दिनों इसे लेकर मुख्यमंत्री से शिकायत की थी। इसमें उन्होंने तमाम गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि शिक्षकों के निलंबन एवं बहाली में खेल किया जा रहा है।


शिक्षकों को बिना समुचित कारण के निलंबित कर दिया जाता है और फिर उन्हें बहाल कर सुविधाजनक विद्यालय में पद स्थापित कर दिया जाता है। शिक्षकों के संबद्धीकरण में भी गड़बड़ी की जा रही है। आप यह खबर प्राइमरी का मास्टर डॉट इन पर पढ़ रहे हैं। महिला शिक्षिकाओं के सीसीएल के आवेदनों के निस्तारण में अनावश्यक देरी की जाती है। उन्होंने मृतक आश्रितों की नियुक्ति समेत एडेड विद्यालयों में नियुक्ति को लेकर भी तमाम गंभीर आरोप लगाए हैं।


कमेटी को पंद्रह दिनों के भीतर अपनी जांच पूरी करनी होगी। जेडी ने इस मामले में बीएसए को पत्र भेजकर जवाब तलब किया है। साथ ही शिकायत के विभिन्न विंदुओं पर बिंदुवार रिपोर्ट तलब की है।


Thursday, December 10, 2020

रामपुर : नवनियुक्त शिक्षकों से मेडिकल के नाम पर वसूली, तीन कर्मी नपे

रामपुर : नवनियुक्त शिक्षकों से मेडिकल के नाम पर वसूली, तीन कर्मी नपे


रामपुर 
शिक्षकों का मेडिकल कराने के नाम पर एक-एक हजार रुपये वसूली किए जाने का मामलातूल पकड़ गया है। मेडिकल के नाम पर एक-एक हजार रुपये वसूले जाने के मामले में स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आ गया है। सीएमओ ने इस मामले में अपने स्टेनों को मेडिकल के काम से हटा दिया है,जबकि दो संविदा कर्मियों की सेवा समाप्त कर दी है। इस प्रकरण की जांच बैठा दी गई है। साफ किया गया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


मुख्यमंत्री की मंशा भले ही भ्रष्टाचार मुक्त सरकारी नौकरी देनी की रही हो, लेकिन अफसरशाही सीएम की मंशा पर पानी फेर रहे हैं । हाल ही में बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से शिक्षकों की भर्ती की प्त्रिरया की गई है। इसके तहत रामपुर में नौ सौ से ज्यादा शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। काउंसलिंग के बाद उनको नियुक्ति पत्र भी जारी कर दिए गए थे। नियुक्ति पत्र जारी होने के बाद अब उनको स्कूलों का आवंटन होना है। इससे पहले नियमानुसार उनका मेडिकल भी कराया गया था सोमवार को मेडिकल कराने की कार्रवाई शुर की गई थी। इस बीच तमाम शिक्षकों ने मेडिकल सर्टिफिकेट के नाम पर एक- एक हजार रुपये वसूले जाने का भी आरोप लगाया। हालांकि इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग विभाग शुरू में इन आरोपों को नाकारता रहा। 


विभागीय अफसरों व कर्मियों पर एक-एक हजार रुपये वसूले जाने का मामला अब गर्मा गया है। मामला गर्माने पर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अमला स्त्रिरय हो गया है। जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह ने इस मामले में सीडीओ व मुख्य चिकित्साधिकारी डा.सकोच कुमार शर्मा ने भी इस मामले की जांच के लिए तीन उप मुख्य चिकित्साधिकारियों की कमेटी बनाई है। जांच के बाद कार्रवाई करने की बात कही है। देर शाम सीएमओ ने इस मामले में संविदा पर तैनात दो कर्मियों संजय और अरुण की सेवा समाप्त कर दी है. जबकि उन्होंने अपने स्टेनों नीरज को मेडिकल के काम से हटा दिया।


कोर्ट कर्मियों के मेडिकल में भी हुई घपलेबाजी

रामपुर। मेडिकल के नाम पर अवैध वसूली करने का मामला दीवानी न्यायालय कर्मचारी संघ भी उठा चुका है। संघ की ओर से पिछले दिनों संघ के अध्यक्ष संदेश कुमार व सचिव कुलदीप कुमार ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर शिकायत की थी कि कोर्ट में आशुलिपिक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियोंकी नियुक्ति की र्विरया चल रही है, इन पदों पर चयनित कर्मियों के मेडिकल कराने के नाम पर सीएमओ दफ्तरमें तैनात आशुलिपिक ने 1300 रुपये वसूले जा रहे हैं। मगर, कुछ दवाब डालने पर एक हजार रुपये वसूले गए हैं। चयनितकर्मियों ने इस तरह की शिकायत करते हुए सीएमओ की आशुलिपिक के खिलाफ कार्रवाई करने की।


आखिर किसकी शह पर हो रही वसूली

रामपुर। चयनित कर्मियों के मेडिकल के नाम पर आखिर किसकी शह पर वसूली हो रही है। यह सवाल बड़ा है क्योंकि पहले ही दिन कई शिक्षकों ने इस मामले की शिकायत स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अफसरों से की,लेकिन अफसर उस वक्त आरोपों को नकारते रहे। अब सवाल यह उठ रहा है कि जब मामला तूल पकड़ लिया तो अब जांच कर कार्रवाई की बात कर रहे हैं। सवाल यह भी है कि यह जांच सिर्फ कागजों तक ही सीमित रहेगी या फिर इसमें कोई ठोस कार्रवाई भी होगी।


वसूली करने वालों पर होकार्रवाई

रामपुर। नवनियुक्त शिक्षकों से मेडिकल प्रमाणपत्र के नाम पर सीएमओ कार्यालय के कर्मचारियों द्वारा घूस लेने पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने रोष जताया है। चेतावनी दी है कि अगर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं हुई तो राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ आंदोलन करेगा। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की बैठक में कहा गया कि अस्पताल के सीएमओ कार्यालय में तैनात कर्मचारियों द्वारा जिले में नवनियुक्त शिक्षकों से मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है शिक्षकों से वसूली करते हुए कर्मचारी का वीडियो भी वायरल हुआ है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। जिला संयोजक रवेन्द्र गंगवार ने कहा कि अगर घूसखोरी में लिप्त कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही ना हुई तो राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ आंदोलन करेगा। अहसान खान, लालता प्रसाद,गौरव गंगवार, विनीत कुमार, राजीव कुमार, दिनेश कुमार, सोनी गुप्ता, बबीता जोशी, सुरेश गंगवार, नरेंद्र रहे।

मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाए।

"स्वास्थ्य विभाग में मेडिकल के नाम पर एक-एक हजार वसूली की लिखित शिकायत नहीं मिली है,लेकिन सोशल मीडिया पर मिल रही शिकायतों के आधार पर सीडीओ व नगर मजिस्ट्रेट को जांच सौंप दी गई है।" -आन्जनेय कुमार सिंह, जिलाधिकारी


"मेडिकल के नाम पर शिक्षकों से वसूली की शिकायतें मिली हैं। इसके लिए एक जांच कमेटी बना दी गई है। प्रथम दृष्टया स्टेनों को मेडिकल के काम से हटा दिया गया है साथ ही दो संविदा कर्मियों की सेवा भी समाप्त कर दी गई है।जांच कमेटी रिपोर्ट देगी।" -डा.सुबोध कुमार शर्मा, सीएमओ

Tuesday, October 20, 2020

रामपुर : बेसिक शिक्षा में घपलेबाजी, बीएसए के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति

रामपुर : बेसिक शिक्षा में घपलेबाजी, बीएसए के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति


रामपुर : बेसिक शिक्षा विभाग में सरकारी योजनाओं में भी घपलेबाजी की जा रही है। जिलाधिकारी द्वारा बनाई गई कमेटी ने कई घपले पकड़े हैं। कमेटी ने बीएसए के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है। मुख्य विकास अधिकारी गजल भारद्वाज ने पिछले दिनों बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय का निरीक्षण किया था तब कई अनियमितताएं सामने आई थीं। उन्होंने व्यवस्था सुधारने के निर्देश देते हुए चेतावनी जारी की, लेकिन इसके बाद भी सुधार नहीं हुआ। 


मुख्य विकास अधिकारी ने दोबारा निरीक्षण किया तो फिर अनियमितताएं सामने आईं, इसके बाद जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह ने बेसिक शिक्षा विभाग की विस्तृत जांच कराने के लिए मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी बना दी। इस कमेटी में अपर जिलाधिकारी प्रशासन जगदंबा प्रसाद गुप्ता, दो इंजीनियर व कोषाधिकारी भी शामिल किए गए। इंजीनियरों द्वारा स्कूलों में कराए गए निर्माण कार्यों की जांच की गई। जांच पड़ताल के दौरान कई अनियमितताएं पकड़ में आईं। 


सीडीओ ने बताया कि स्कूलों की चाहरदीवारी कराने के लिए एक करोड़ रुपये मिले थे, जो डीएम के संज्ञान में लाए बिना ही वापस कर दिए गए। एडीएम के मुताबिक कई शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया और फिर उन्हें सवेतन बहाल कर दिया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि फर्नीचर बनवाने में भी अनियमितता बरती गई। लोहा कम लगाया गया। ड्रेस के वितरण में भी आनाकानी की गई। 


उन्होंने बताया कि बीएसए ऐश्वर्या लक्ष्मी के खिलाफ कार्रवाई के लिए अपर मुख्य सचिव को लिखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी और बाबू मनमानी कर रहे हैं। पिछले दिनों उन्होंने वित्त एवं लेखाधिकारी केएल साश्वत के खिलाफ भी शासन को लिखा था, जिस पर उन्हें निलंबित कर दिया गया था।

Monday, October 12, 2020

वित्त एवं लेखाधिकारी (बेसिक शिक्षा) रामपुर निलम्बित, जिलाधिकारी ने अन्य को सौंपा प्रभार, आदेश देखें

वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा रामपुर निलम्बित, जिलाधिकारी ने अन्य को सौंपा प्रभार, आदेश देखें

Wednesday, June 24, 2020

रामपुर : तैनात रहे फर्जी तीन शिक्षक, छह साल तक नौकरी की और फिर अंतरजनपदीय तबादला

रामपुर में भी तैनात रहे फर्जी तीन शिक्षक

 फर्जी डिग्रियों से प्राथमिक शिक्षक बने तीन लोग जनपद में तैनात रहे। तीनों ने लगभग छह साल तक नौकरी की और फिर अंतरजनपदीय तबादला कराकर चले गए। 

तीनों फर्जी शिक्षक 2008 के विशिष्ट बीटीसी के द्वितीय बैच के थे। इनमें से दो ने बिलासपुर एवं एक ने स्वार ब्लाक में नौकरी की थी। एसटीएफ की जांच में इसका खुलासा होने के बाद इन तीनों आरोपी शिक्षकों को बर्खास्त कर एफआईआर कराने की संतुति संबंधित जनपदों के बेसिक शिक्षाधिकारियों से की गई है।

 प्रदेश भर में फर्जी अभिलेखों के जरिये परिषदीय विद्यालयों में नियुक्त हुए 1332 शिक्षकों की जांच की रिपोर्ट एसटीएफ ने शासन को दी थी। इस पर बेसिक शिक्षा निदेशक ने प्रदेश भर के बीएसए को सेवा समाप्त कर एफआईआर कराने के निर्देश दिए थे।