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Thursday, October 29, 2020

यूपी : बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा को एक मंच पर लाने का सुझाव

यूपी :  बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा को एक मंच पर लाने का सुझाव

 
लखनऊ। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के लिए गठित टास्क फोर्स ने प्रदेश में बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा और प्राविधिक शिक्षा विभाग को एक मंच पर लाने का सुझाव दिया है। टास्क फोर्स ने स्नातक और स्नातकोत्तर में एक समान पाठ्यक्रम लागू करने और एकेडमिक क्रेडिट बैंक की स्थापना का सुझाव दिया है।


बुधवार को उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित टास्क फोर्स की बैठक में शिक्षा नीति के क्रियान्वयन को लेकर आए सुझावों पर मंथन किया गया। बैठक में उच्च शिक्षा, प्राविधिक शिक्षा एवं व्यावसायिक शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षा को सहज, सरल, सर्वसुलभ एवं रोजगारपरक बनाने के लिए तैयार कार्ययोजना का प्रस्तुतीकरण किया गया।


 उच्च शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव मोनिका एस. गर्ग ने स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम निर्धारण, प्रवेश प्रक्रिया तथा एकेडमिक क्रेडिट बैंक की स्थापना, कौशल विकास को उद्योगों से जोड़ने, संबद्धता की व्यवस्था समाप्त कर महाविद्यालयों को स्वायत्तता देने और नैक का मूल्यांकन पर सुझाव दिए। डॉ. निशी पांडेय ने बहुभाषोय विवि को स्थापना के लिए तैयार मसौदे का प्रस्तुताकरण दिया। बैठक में राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष डॉ. गिरीशचंद्र त्रिपाठी, प्राविधिक एवं व्यवसायिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव एस. राधा चौहान, माध्यमिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला उपस्थित थे।

Wednesday, October 14, 2020

NEP 2020 STARS Project : नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्टार्स प्रोजेक्ट को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी

NEP 2020 STARS Project : नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्टार्स प्रोजेक्ट को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी।


NEP 2020 STARS Project : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत नए ‘स्ट्रेंथनिंग टीचिंग-लर्निंग एंड रिजल्ट्स फॉर स्टेट्स’ (STARS), यानी स्टार्स कार्यक्रम को मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इसकी घोषणा की है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विश्व बैंक से सहायता प्राप्त इस प्रोजेक्ट के तहत 5,718 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस कार्यक्रम का क्रियान्वयन केंद्र सरकार के स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा नए केंद्र पोषित कार्यक्रम के तौर पर किया जाएगा।





केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि यह कार्यक्रम महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, केरल और ओडिशा में लागू होगा। उन्होंने कहा कि अब छात्रों को रट्टा लगाकर पढ़ाई नहीं करनी होगी, बल्कि समझते हुए इसे सीखना होगा। स्टार्स कार्यक्रम से शिक्षा के स्तर में मूलभूत सुधार के मार्ग प्रशस्त होंगे। छात्रों के भाषा ज्ञान में वृद्धि होगी और माध्यमिक शिक्षा पूर्ण करने की दर में भी सुधार होगा। सूचना और प्रसारण मंत्री ने आगे कहा कि इस निर्णय से राज्यों के बीच आपसी सहयोग बढ़ेगा। शिक्षकों की ट्रेनिंग होगी और परीक्षा में सुधार होने के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धाओं में भारत पूरी तैयारी के साथ हिस्सा ले सकेगा।

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Thursday, October 1, 2020

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर छात्रों के सवालों और जिज्ञासाओं पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री निशंक देंगे जवाब

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर छात्रों के सवालों और जिज्ञासाओं पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री निशंक देंगे जवाब

 
 नई दिल्ली: राष्ट्रीय शिक्षा नीति को तेजी से आगे बढ़ाने में जुटी केंद्र सरकार अब इससे जुड़े छात्रों के भी सवालों का जवाब देगी। खासकर ऐसे सवाल जो नीति के आने के बाद से ही उनकी ओर से किए जा रहे है। इसमें नीति के अमल, नया परीक्षा पैटर्न, रोजगार, फीस जैसे विषय शामिल हैं।


फिलहाल इसकी शुरुआत राष्ट्रीय स्तर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक करेंगे। जो गुरुवार यानी एक अक्टूबर को नीति से जुड़े छात्रों के ऐसे सभी सवालों को जवाब देंगे। यह सारे जवाब सोशल मीडिया के जरिये लिखित में दिए जाएंगे। नीति के आने के बाद ही छात्रों की ओर से किए जा रहे सवालों को देखते हुए शिक्षा मंत्रलय ने पिछले दिनों ही देश भर के छात्रों से नीति से जुड़े सवाल मांगे थे। मंत्रलय से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक वैसे तो सवाल बड़ी संख्या में आए हैं, लेकिन इन्हें विषयवार अलग-अलग करके जवाब दिया जाएगा। ऐसे में केंद्रीय मंत्री निशंक गुरुवार को करीब सौ सवालों का जवाब देंगे।


मंत्रलय का मानना है कि नीति के मुख्य लाभार्थी छात्र ही है। ऐसे में इन्हें इससे मिलने वाले फायदे और बदलावों को पूरी जानकारी देना जरूरी है। योजना के तहत नीति को लेकर छात्रों के साथ संवाद का यह क्रम आगे भी जारी रखा जाएगा। इस दौरान छात्रों के सवालों का जवाब भी उसी सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिए दिए जाएंगे, जिस पर उनकी ओर से सवाल किए गए थे। शिक्षा मंत्रलय की वैसे भी पूरी कोशिश यही है कि नीति को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाया जाए।


साथ ही इसे लेकर उठने वाला कोई भी सवाल अनुत्तरित न रहे। नीति को लेकर इससे पहले शिक्षकों, देश के प्रमुख शिक्षाविदों, विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, सभी राज्यों के राज्यपालों और शिक्षा मंत्रियों के साथ चर्चा हो चुकी है। मंत्रलय इसके साथ ही हाल ही में नीति के क्रियांवयन को लेकर आठ सिंतबर से 25 सितंबर तक शिक्षक पर्व भी मना चुका है। छात्रों की हर जिज्ञासा शांत करने के लिए मंत्रलय सभी तरह की तैयारियां कर चुका है।


केंद्रीय शिक्षा मंत्री निशंक देंगे उनके सवालों का जवाब, आज से होगी शुरुआत, सोशल मीडिया के जरिए दिए जायेंगे जवाब

Friday, September 25, 2020

माध्यमिक शिक्षा : मनचाहे विषय चुनने की मिलेगी छूट, बस्ते का बोझ होगा कम

माध्यमिक शिक्षा : मनचाहे विषय चुनने की मिलेगी छूट,  बस्ते का बोझ होगा कम

 
 लखनऊ : माध्यमिक स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों का बस्ता अब हल्का होगा। इसके लिए पाठ्यक्रम घटाया जाएगा और विद्यार्थियों को मनचाहे विषय चुनने की आजादी होगी। वह साइंस के साथ आट्र्स, कार्मस व संगीत इत्यादि विषय चुन सकेंगे। ऑनलाइन टीचिंग को भी अधिक बढ़ावा दिया जाएगा।


 नई शिक्षा नीति लागू करने के लिए बनी स्टियरिंग कमेटी की बैठक गुरुवार को माध्यमिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला की अध्यक्षता में हुई। बैठक में निजी निवेश को माध्यमिक शिक्षा में बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने स्कूल मैनेजमेंट सिस्टम को मजबूत करने और विद्यार्थियों के लिए पारदर्शी व्यवस्था बनाने का सुझाव दिया।