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Friday, June 19, 2020

संकट : स्कूल खुलने की स्थिति स्पष्ट न होने से बढ़ी दुविधा, बिना फीस टीचरों की सैलरी काटने लगे राजधानी के निजी स्कूल!

संकट : स्कूल खुलने की स्थिति स्पष्ट न होने से बढ़ी दुविधा,  बिना फीस टीचरों की सैलरी काटने लगे राजधानी के निजी स्कूल!

लखनऊ कोरोना से बचाव के लिए स्कूल बंद चल रहे हैं। स्कूल खोलने को लेकर प्रबंधक सरकार के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच तीन महीने से स्कूल बंद होने और फीस न मिलने से आर्थिक संकट भी छाने लगा है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि जब फीस ही नहीं मिलेगी तो शिक्षकों व अन्य कर्मचारियों को वेतन कैसे देंगे। ऐसे में कई स्कूलों ने मई के वेतन में कटौती भी की है। 


60% मिली सैलरी
सेंट फ्रांसिस कॉलेज और सेंट पॉल जैसे मिशनरीज स्कूलों ने टीचिंग स्टाफ की सैलरी में 40 फीसदी कटौती की है। शहर में लखनऊ डायोसिस सोसायटी के तहत चलने वाले स्कूलों में सैलरी में कटौती कर दी गई है। सोसायटी के प्रवक्ता फादर डोनॉल्ड डिसूजा ने बताया कि स्कूलों में मई की सैलरी में कटौती का फैसला लिया गया है। हमने सभी स्कूलों में टीचिंग स्टाफ को 60 फीसदी और फोर्थ क्लास कर्मचारियों को 75 फीसदी सैलरी देने का फैसला लिया है। जुलाई में फीस आने के बाद बाकी बची राशि दी जाएगी। यह फैसला शहर में चल रहे हमारे 20 स्कूलों और बाकी 10 जिलों में चल रहे स्कूलों पर लागू होगा।


 बढ़ेगी दिक्कत
एसकेडी अकैडमी के निदेशक मनीष सिंह का कहना है कि उनके यहां 650 का स्टाफ है। मई की सैलरी तो दे दी गई, लेकिन वर्तमान हालात में जून की सैलरी में दिक्कत हो सकती है। बमुश्किल दस फीसदी अभिभावकों ने बच्चों की फीस जमा की है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि जुलाई में स्कूल खुलेंगे या नहीं। नए दाखिले भी नहीं हो रहे। खर्चों में की कटौती पायनियर मांटेसरी स्कूल की प्रिंसिपल शर्मिला सिंह के अनुसार स्कूल के दूसरे खर्चों में कटौती करके स्टाफ की सैलरी दी गई है। स्कूलों के लिए सबसे बड़ा रेवेन्यू फीस ही हैं। कई लोग 3 महीने की फीस माफी के लिए सरकार से अपील कर रहे हैं। सरकार को स्कूल, अभिभावक सभी की स्थिति पर विचार करते हुए कोई रास्ता निकालना चाहिए।


सक्षम हैं तो फीस दें
 दिल्ली पब्लिक स्कूल के मीडिया प्रवक्ता अर्चना मिश्रा के अनुसार सामान्य तौर पर फीस से सैलरी निकाली जाती थी। वर्तमान में मैनेजमेंट दे रहा है, लेकिन कब तक। सक्षम अभिभावक भी फीस नहीं दे रहे। स्थितियों को देखते हुए लोगों को फीस देनी चाहिए।

Thursday, June 18, 2020

लखनऊ : RTE में दूसरे चरण के आवेदन 10 जुलाई तक

आरटीई में दूसरे चरण के आवेदन 10 जुलाई तक।

लखनऊ: शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में दाखिले के दूसरे चरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जो अभिभावक पहले चरण में अपने बच्चों को दाखिला नहीं दिला पाए हैं, वह 10 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के अभिभावक ऑफलाइन आवेदन भी कर सकते हैं। 11 से 13 जुलाई तक आवेदनों का सत्यापन होगा और 15 जुलाई को लॉटरी के जरिए दाखिले के लिए बच्चों का चयन किया जाएगा।




चयनित बच्चों का 30 जुलाई तक निजी स्कूलों में दाखिला करवाना होगा। दूसरे चरण में बच्चों को उन्हीं सीटों पर आवंटित किया जाएगा जो सीटें पहले चरण में खाली रह गई हैं।





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लखनऊ : आठ प्राइमरी स्कूलों में चलेंगी स्मार्ट कक्षाएं

लखनऊ : आठ प्राइमरी स्कूलों में चलेंगी स्मार्ट कक्षाएं।


लखनऊ : आठ प्राइमरी स्कूलों में चलेंगी स्मार्ट कक्षाएं।


लखनऊ :  कार्यालय संवाददाता प्राइमरी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे अब किताबों में हंस की कहानी सिर्फ पढ़ेंगे नहीं बल्कि प्रोजेक्टर के जरिए स्मार्ट क्लास में हंस को उड़ते हुए देखेंगे। यही नहीं बच्चे हंस की कहानी को जीवंत रूप में देख कर काफी कुछ सीखेंगे। उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा अपने बजट से शहर के आठ स्कूलों को संवारने व उनको आधुनिक बनाने जा रहे हैं। जिससे यहां पढ़ने वाले बच्चे भी निजी स्कूलों की तरह बेहतर शिक्षा हासिल कर सकें। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक हर विधानसभा से एक स्कूल को चुना जाएगा। 





इसकी शुरुआत रहीमनगर के प्राथमिक विद्यालय से होगी। यहां पर बच्चों की कक्षाओं को खूबसूरत वॉलपेपर से सजाया जाएगा। कक्षाओं को स्मार्ट क्लासेज के रूप में तब्दील किया जाएगा। इसके अलावा शौचालय व खेल के मैदान को बेहतर बनाया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक स्कूल में बच्चों के खेलकूद के सामान की व्यवस्था भी की जाएगी। अधिकारियों की मानें तो आठ स्कूलों को उपमुख्यमंत्री अपने बजट से बनावा रहे हैं। उसे प्रोत्साहित होकर दूसरे जनप्रतिनिधि भी स्कूलों को गोद लेकर संवार सकते हैं। नगर शिक्षा अधिकारी वेतन के अनुसार लॉकडाउन की वजह से प्राथमिक विद्यालय रहीमाबाद में कार्य शुरू नहीं हो पाया था लेकिन अब काम शुरू हो गया है। स्कूल बहुत जल्द एक नए रंग में नजर आएगा। इससे यहां पर पढ़ने वाले बच्चों की प्रतिभा निखरेगी। उन्होंने बताया कि इसके बाद नगर क्षेत्र के अलग-अलग जोनों में स्कूलों को संवारने का काम किया जाएगा। जिससे शिक्षा का स्तर सुधरेगा।



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Wednesday, June 17, 2020

लखनऊ : ARP चयन हेतु आवेदन तिथि में हुआ संशोधन, अब 25 जून 2020 तक कर सकेंगे आवेदन


लखनऊ : ARP चयन हेतु आवेदन तिथि में हुआ संशोधन, अब 25 जून 2020 तक कर सकेंगे आवेदन






लखनऊ : ARP अवशेष पदों हेतु पुनः विज्ञप्ति जारी। 


लखनऊ : शिक्षकों के विरोध के बाद क्वारण्टाइन सेंटर बनाये गए विद्यालयों को सैनेटाइज कराने का बीएसए ने दिया आदेश।

लखनऊ :  शिक्षकों के विरोध के बाद क्वारण्टाइन सेंटर बनाये गए विद्यालयों को सैनेटाइज कराने का बीएसए ने दिया आदेश।





लखनऊ : स्कूल में न हुई साफ- सफाई और न ही सैनिटाइजेशन, क्वारंटीन सेंटर बने स्कूलों में बुलाने पर भड़के बेसिक शिक्षक।


क्वारंटीन सेंटर बने स्कूलों में बुलाने पर शिक्षक भड़के बेसिक शिक्षा।


लखनऊ : बाहर जिलों से आने वाले प्रवासी मजदूरों के लिए तीन दर्जन से अधिक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों को क्वारंटीन सेंटर बनाया गया था। प्रवासियों के जाने के बाद इन स्कूलों में न तो सैनिटाइजेशन हुआ और न ही सफाई। यहां तक के मजूदरों का इस्तेमाल किए गए कपड़े व अन्य सामान स्कूल में ही पड़ा हुआ है। इसके बाद भी मिड डे मील का पैसा बांटने के लिए शिक्षकों को स्कूल बुलाया जा रहा है। इसे लेकर शिक्षकों में रोष है।





स्कूल में न साफ-सफाई हुई और न ही सैनिटाइजेशन
बहुत से शिक्षक शहर के रेड जोन में रहते हैं। जो रोज आने जाने से कतरा रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि शासन के निर्देश पर मिड डे मील योजना के तहत दिए जाने वाली भोजन की 76 दिनों की कर्न्वजन कास्ट बच्चों को दी जाना है। ऐसे में बच्चों और उनको अभिभावकों को स्कूल बुला कर सत्यापन किया जाना है। इसमें उनको बैंक एकाउंट नम्बर, आधार कार्ड समेत अन्य जानकारियों का सत्यापन होना है। शिक्षकों के साथ बच्चों व अभिभावकों में संक्रमण का खतरा है।

प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन प्रान्तीय अध्यक्ष विनय कुमार सिंह बताते हैं कि स्कूलों को सैनिटाइज कराने के लिए मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भी भेजा गया है। स्कूलों में शिक्षकों को संक्रमण होने का खतरा है।


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Tuesday, June 16, 2020

लखनऊ : फर्जी शिक्षिकाओं की नियुक्ति का मामला उजागर होने के बाद सत्यापन को 26 शिक्षिकाओं ने जमा कराए दस्तावेज



जागरण। फर्जी शिक्षकों की नियुक्ति का मामला उजागर होने के बाद राजधानी में अब कस्तूरबा गांधी विद्यालयों की शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच शुरू कर गई है। सोमवार को पहले दिन बीएसए दफ्तर में जिला समन्वयक बालिका शिक्षा विश्वजीत पांडेय और खंड शिक्षाधिकारी की उपस्थिति में शिक्षकों के दस्तावेज जमा कराए गए। पहले दिन मलिहाबाद कस्तूरबा गांधी विद्यालय की शिक्षिका गुंजन सक्सेना व पुष्पांजलि समेत कई शिक्षकाएं पहुंचीं। उन्होंने 10वीं, 12वीं, स्नातक, बीएड के वास्तविक दस्तावेज, आधार कार्ड, निवास प्रमाणपत्र, नियुक्ति पत्र समेत अन्य अहम प्रपत्र टीम के समक्ष प्रस्तुत किए। माल और मलिहाबाद कस्तूरबा गांधी विद्यालय की कुल 26 शिक्षकों ने शाम पांच बजे तक अपने दस्तावेज सत्यापन के लिए जमा किए। 16, 17 और 18 जून को बाकी के अन्य छह ब्लॉकों में स्थित छह विद्यालयों की शिक्षिकाओं के दस्तावेज जमा कराए जाएंगे। यह दस्तावेज कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में अनामिका शुक्ला के नाम से 25 शिक्षकों की फर्जी नियुक्ति का मामला उजागर होने के बाद जमा कराए जा रहे हैं।

👉शैक्षिक बोर्ड से होगा सत्यापन

 बीएसए दिनेश कुमार ने बताया कि सभी शिक्षकों के वास्तविक शैक्षिक दस्तावेज पड़ताल के बाद जमा कर लिए जाएंगे।संविदा शिक्षिका होने के कारण अभी तक इन लोगों के वास्तविक दस्तावेज विभाग में नहीं जमा हुए थे। इसके अलावा दस्तावेजों की एक कॉपी संबंधित शिक्षा बोर्ड को भेजी जाएगी। बोर्ड शिक्षकों के दस्तावेजों का सत्यापन करेगा। जिस किसी के भी दस्तावेज गलत मिलेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।